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11 फर्जी एंट्री का दावा, विभागीय दस्तावेजों में गड़बड़ी से बढ़ा होमगार्ड घोटाले का मामला

चंडीगढ़ होमगार्ड वेलफेयर एवं भर्ती घोटाले की जांच में गृह रक्षी विभाग (होमगार्ड) से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि विभागीय रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर कुछ स्वयंसेवकों (होमगार्ड) का दोबारा नामांकन कराया गया। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितता की ओर संकेत किया गया है। हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी जांच प्रभावित होने का हवाला देते हुए आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य मुख्यालय ने अगस्त 2021 में 13 लोगों को दोबारा होमगार्ड के रूप में नामांकित करने की मंजूरी दी थी। बाद में रिकॉर्ड की जांच के दौरान पाया गया कि इनमें से 11 लोगों के नाम फर्जी तरीके से लॉन्ग रोल रजिस्टर में दर्ज किए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सेंटर कमांडर स्तर पर रिकॉर्ड में फ्लूड लगाकर और बाद में प्रविष्टियां कर हेराफेरी की गई। जांच टीम ने 18 और 19 अक्तूबर 2021 को संबंधित कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि जिन 11 लोगों के नाम दर्ज किए गए थे, उनके व्यक्तिगत नामांकन फॉर्म, सेवा रिकॉर्ड, ड्यूटी कॉल-आउट रजिस्टर, भुगतान प्राप्ति रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं थे। इतना ही नहीं, राज्य मुख्यालय को भेजी गई उनकी सेवा अवधि संबंधी रिपोर्ट भी संदिग्ध पाई गई। जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेने के साथ राज्य मुख्यालय को इन 11 लोगों की पुनर्नियुक्ति मंजूरी रद्द करने की सिफारिश की थी। इसके अलावा रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी रिपोर्ट भेजने और सरकारी दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है। रविवार को दर्ज मिली भर्ती की तारीख रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। कुछ होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की तारीख रविवार के दिन दर्ज मिली, जबकि कुछ की सेवा मुक्ति सरकारी अवकाश के दिन दर्शाई गई है। जांच अधिकारियों ने इसे रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी और सुनियोजित फर्जीवाड़े का संकेत माना है। उच्च अधिकारियों तक कब पहुंचेगी जांच की आंच एसीबी ने होमगार्ड विभाग के अज्ञात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब नहीं किया गया है। शिकायत के अनुसार अनियमितताओं का यह मामला वर्ष 2010 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जांच की आंच विभाग के उच्च अधिकारियों तक कब पहुंचेगी और इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होगी।  

पटना में बंगला विवाद गरमाया: राबड़ी देवी से सरकारी आवास खाली कराने की कार्रवाई तेज

पटना बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को पटना जिला प्रशासन ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर आवास खाली कर 39 हार्डिंग रोड स्थित आवंटित सरकारी आवास में स्थानांतरित होना होगा। जिला प्रशासन का कहना है कि पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड में शिफ्ट होने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर आवास खाली नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, शनिवार शाम को पटना पुलिस राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची थी। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी ने राबड़ी देवी से मुलाकात कर प्रशासन का पत्र और निर्देश सौंपा। मुलाकात के दौरान आवास खाली करने और नए आवास में स्थानांतरित होने को लेकर प्रशासन की ओर से औपचारिक जानकारी दी गई थी। इसके बाद सियासत गरमा गई। राजद और भाजपा नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमला बोला। जानिए भवन निर्माण ने क्या कहा? भवन निर्माण विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि 25 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या-39 आवंटित किया गया था। विभाग का कहना है कि नया आवास उपलब्ध कराए जाने के बावजूद राबड़ी देवी ने अब तक सर्कुलर रोड स्थित आवास संख्या-10 खाली नहीं किया है। राबड़ी आवास मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित विभागीय पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 27 मई 2026 को जारी आदेश के तहत उक्त आवास डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में नए आवंटन को प्रभावी बनाने के लिए आवास संख्या-10 को शीघ्र खाली कराना आवश्यक है। संयुक्त सचिव-सह-भू-संपदा पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है। विभाग ने नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से अनुरोध किया है कि आवास खाली कराने की कार्रवाई जल्द सुनिश्चित की जाए। राबड़ी देवी के किस बयान मचा दिया था बवाल शनिवार दोपहर पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान राबड़ी देवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि फोर्स बुलाकर खाली करा लें। अगर सरकार को जगह खाली करानी है तो प्रशासन और फोर्स का इस्तेमाल करे, लेकिन हम अपनी जगह खाली नहीं करेंगे। बता दें कि लालू प्रसाद अपने परिवार के साथ फिलहाल सर्कुलर रोड स्थित आवास संख्या-10 में रहते हैं

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, दूसरे स्कूल के UDISE कोड से दिलाई गई बोर्ड परीक्षा

रायपुर. डोंगरगढ़. शिक्षा के मंदिर में ऐसा खेल सामने आया है जिसने पूरे मामले को संदेह और सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. ग्राम ढारा में संचालित आदर्श पब्लिक स्कूल पर आरोप है कि उसने अपने विद्यार्थियों को पांचवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल कराने के लिए दूसरे विद्यालय के यूडीआईएसई कोड का उपयोग कर लिया. मामला सामने आने के बाद न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि यह आशंका भी गहराने लगी है कि कहीं बच्चों के भविष्य को दांव पर लगाकर नियमों को दरकिनार तो नहीं किया गया. शिकायत के अनुसार आदर्श पब्लिक स्कूल पिछले दो वर्षों से बिना वैधानिक अनुमति के संचालित हो रहा है. आरोप है कि जब बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के पंजीयन और परीक्षा प्रक्रिया के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय के यूडीआईएसई कोड की आवश्यकता पड़ी, तब संस्था ने ग्राम ढारा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के यूडीआईएसई कोड 22090612802 का कथित रूप से उपयोग कर विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठा दिया. सबसे गंभीर बात यह है कि सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन का दावा है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी तक नहीं थी और न ही उन्होंने इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति दी थी. यह भी आरोप लगाया गया कि विद्यार्थियों को जो अंकसूचियां जारी की गईं, उनमें न पेन नंबर हैं, न अपार आईडी (APAAR ID) और न ही संस्था प्रमुख के हस्ताक्षर और सील-मोहर. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये दस्तावेज किस आधार पर जारी किए गए और उनकी वैधता क्या है? पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि विद्यालय की मान्यता नहीं थी तो दो वर्षों तक उसका संचालन कैसे होता रहा? यदि दूसरे विद्यालय का यूडीआईएसई कोड उपयोग हुआ तो संबंधित ऑनलाइन और विभागीय सत्यापन प्रक्रिया में यह गड़बड़ी पकड़ में क्यों नहीं आई? और सबसे बड़ा सवाल यह कि यदि शिकायत सही है तो बच्चों के भविष्य के साथ हुए इस कथित खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन है? शिकायत के बाद भी कार्रवाई में देरी से नाराज सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन ने मामला जिले के प्रभारी मंत्री और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के संज्ञान में दिया है. प्राचार्य प्रकाश यादव ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर मंगलवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.  उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. अगर आरोप साबित होते हैं तो यह केवल एक स्कूल की अनियमितता नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला साबित हो सकता है. आखिर दूसरे स्कूल के नाम और पहचान पर परीक्षा दिलाने का यह खेल कैसे चला और किसकी नजरों के सामने चलता रहा, इसका जवाब अब शिक्षा विभाग को देना होगा.

धर्मांतरण के आरोप पर जबलपुर में बवाल, बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

जबलपुर. आधारताल थाना क्षेत्र के सुहागी इलाके में रविवार को मतांतरण की सूचना मिलने पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से लालच देकर मतांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मौके से दो महिलाओं तथा एक पुरुष को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों संदेहियों से मामले के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। अभी मामले की जांच प्रारंभिक स्तर पर है और सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच में प्राप्त साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में बढ़ी पुलिस की निगरानी वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। मामले की जांच जारी है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन बना सहारा, महासमुंद के किसान रतिराम को धनिया खेती से फायदा

महासमुन्द. जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील कृषक श्री रतिराम पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए अपनी आय में अच्छी वृद्धि की है। कृषक पटेल बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी एवं मसाला फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया। वर्ष 2025-26 में पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया फसल का उत्पादन किया। विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान किया गया। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी आई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। रतिराम पटेल बताते हैं कि पूर्व में धान की खेती से उन्हें कुल लाभ सीमित ही मिलता था। वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्हें लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा कुल लाभ लगभग 50,000 रुपए तक पहुंच गया। श्री रतिराम पटेल की सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान तथा उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।

शिक्षा और आबकारी विभाग में भी बदलाव, 30 जिलों में नए बीएसए और कई अधिकारी इधर से उधर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के काम काज को चुस्त-दुरुस्त और तेज बनाने के लिए योगी सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। इस बीच कई विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। परिवहन, शिक्षा, आबकारी विभाग में कई अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं। शासन ने 28 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) मनोज कुमार मिश्रा को एआटीओ (प्रशासन) गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात सोमलता यादव को एसआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) कानपुर नगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीरजापुर विजय प्रकाश सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) प्रयागराज, एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत वीरेंद्र सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर मो.अजीम को एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती, एआरटीओ (प्रशासन) बलिया अरुण कुमार राय को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीराजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) बिजनौर गौरी शंकर ठाकुर को एआरटीओ (प्रशासन) फिरोजाबाद, एआरटीओ (प्राविधिक) परिक्षेत्र लखनऊ हिमांशु जैन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मुख्यालय के साथ एआरटीओ (प्रशासन) विस्तार पटल लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती विनीत कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रवर्तन चतुर्थ दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) हमीरपुर अमिताभ राय को एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी अंकित शुक्ला को एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़ अतुल कुमार यादव को एआरटीओ (प्रशासन) देवरिया, एआरटीओ (प्रवर्तन) प्रतापगढ़ दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी, एआरटीओ (प्रवर्तन) अमरोहा महेश कुमार शर्मा को एआरटीओ (प्रशासन) बिजनौर, एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ प्रवेश कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) शामली, एआरटीओ (प्रशासन) शामली रोहित राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात, एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) फतेहपुर, एआरटीओ (प्रशासन) एटा सत्येन्द्र कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी शिवम यादव को एआरटीओ (प्रशासन) एटा, एआरटीओ (प्रवर्तन) फर्रुखाबाद सुभाष चंद्र राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़, एआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) वाराणसी सुधांशु रंजन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मेरठ, एआरटीओ (प्रवर्तन) सोनभद्र राजेश्वर यादव को एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन) मीरजापुर सुशील कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत, एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) प्रवीण कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) हमीरपुर तथा एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) सौम्या पांडेय को एआरटीओ (प्रशासन) उरई बनाया गया है। डिप्टी और असिस्टेंट रजिस्ट्रार भी बदले गए राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। उप्र राज्य विवि सेवा के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। वहीं डिप्टी व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली का और अमृत लाल को महाराजा सुहेलदेव विवि आजमगढ़ का रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार को बनाया गया है। कई डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण दूसरे विश्वविद्यालयों में किया गया है। लखनऊ समेत छह आबकारी उपायुक्त बदले शासन ने जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले के बाद शनिवार को उप आबकारी आयुक्तों को भी स्थानांतरित कर दिया। वाराणसी मंडल के उप आबकारी आयुक्त प्रदीप दुबे को लखनऊ, राकेश कुमार सिंह को लखनऊ से आगरा, विजय प्रताप सिंह को आगरा से देवीपाटन मंडल गोंडा, आलोक कुमार को देवीपाटन मंडल गोंडा से उप आबकारी आयुक्त (विधि) मुख्यालय, राकेश कुमार अग्रवाल को गोरखपुर से बरेली, शैलेंद्र प्रताप सिंह को बरेली से वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। 30 जिलों में तैनात किए गए नए बीएसए उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के 30 बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) का शनिवार को तबादला किया गया। इसके साथ ही 19 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के वरिष्ठ प्रवक्ता व राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में तैनाती दी गई है। संतोष कुमार शामली, राकेश सिंह आगरा, अनिल कुमार फिरोजाबाद, आलोक सिंह अलीगढ़, रणवीर सिंह हाथरस, अनुपम अवस्थी एटा, नवीन कुमार बदायूं, जय शंकर श्रीवास्तव शाहजहांपुर के बीएसए बनाए गए हैं। वीरेंद्र कुमार सिंह बुलंदशहर, दीपा भाटी हापुड़, देवव्रत सिंह प्रतापगढ़, प्रिंसी मौर्य फतेहपुर, भूपेंद्र सिंह वाराणसी, समीर जौनपुर, गोरखनाथ पटेल सीतापुर, डा. राम जियावन मौर्य देवरिया के बीएसए बनाए गए हैं। अनिल कुमार सिंह कुशीनगर, अमित सिंह मुरादाबाद, हरिओम सिंह कानपुर नगर, आशीष कुमार पांडेय कानपुर देहात, रत्नेश कुमार ललितपुर, पूनम मिश्रा अंबेडकरनगर, विकास चौधरी जालौन, पूनम कन्नौज, मुकेश खरवार हमीरपुर, जितेंद्र कुमार गौड़ झांसी, रंजना शुक्ला चित्रकूट, विकास चंद्र श्रीवास्तव बलरामपुर, सुरजीत सिंह महाराजगंज और विकास कुमार सिंह मैनपुरी के बीएसए बनाए गए हैं। स्वाती भारती व दिव्या गुप्ता को सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी बनाया गया है। विमलेश कुमार को बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्याल का विधि अधिकारी बनाया गया है। चंद्र प्रकाश को बेसिक शिक्षा निदेशालय का सहायक उप शिक्षा निदेशक बनाया गया है।

गुरिंदर सिंह ढिल्लों और CM सैनी की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

चंडीगढ़. डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके कैंप ऑफिस में मुलाकात की। इस मुलाकात से पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले संभावित चुनावी गठबंधनों को लेकर नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े लोगों ने इस मुलाकात के राजनीतिक महत्व को कम करके दिखाने की कोशिश की और इसे सामाजिक शिष्टाचार और धार्मिक नेताओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया, लेकिन इस मुलाकात सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सैनी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख चेहरों में से एक के तौर पर पेश किया जा रहा है। उन्हें चुनावों से पहले पंजाब में पार्टी की मौजूदगी और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने का काम सौंपा गया है। इस भूमिका में सैनी लगातार पंजाब का दौरा भी कर रहे हैं। सीएम ने शेयर की तस्वीरें हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स एकाउंट से तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी का आज संत कबीर कुटीर पधारने पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया।' इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इससे कुछ समय पहले ही बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पंजाब की एक जेल में पूर्व अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भेंट की थी। उस मुलाकात ने भी पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों को जन्म दिया था। राजनीतिक हलचल हुई तेज कैंप ऑफिस में की शिष्टाचार मुलाकात। सीएम कार्यालय ने इस सामाजिक शिष्टाचार से जुड़ी मुलाकात बताया। सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा, उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया। सीएम सैनी इन दिनों पंजाब में कई बार दौरा कर चुके हैं। इससे पहले बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भी मुलाकात की थी। साल 2027 के शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं।       बता दें कि डेरा ब्यास को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली धार्मिक संप्रदायों में से एक माना जाता है। पूरे उत्तर भारत में, विशेष रूप से पंजाब में, इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले, BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी विभिन्न डेरों और संप्रदाय प्रमुखों से जुड़ने के लिए एक विशेष टीम तैनात की थी।

Bargi Cruise हादसा: चश्मदीद का दावा- एम्बुलेंस में नहीं था मेडिकल स्टाफ, जांच टीम को दिए वीडियो सबूत

जबलपुर. मध्य प्रदेश के बहुचर्चित बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल रहे बरगी निवासी नीरज मिश्रा ने जांच आयोग के समक्ष कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस में चालक के अलावा कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था, जिसके कारण घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। इस संबंध में उन्होंने वीडियो, पेन ड्राइव और 14 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत शिकायत न्यायिक जांच आयोग को सौंपी है। नीरज मिश्रा ने न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपे गए दस्तावेजों में कहा है कि क्रूज डूबने के बाद कई लोगों को स्थानीय लोगों ने पानी से बाहर निकाला था। इनमें कुछ लोग जीवित थे और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। आरोप है कि मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में न तो कोई अटेंडर मौजूद था और न ही कोई प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, जिससे शुरुआती उपचार नहीं मिल पाया। उन्होंने आयोग को एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें कथित रूप से एम्बुलेंस चालक यह स्वीकार करता दिखाई दे रहा है कि वह अकेले मौके पर पहुंचा था। राहत और बचाव कार्य पर उठे सवाल शिकायत में दावा किया गया है कि हादसे के बाद प्रशासनिक प्रतिक्रिया अपेक्षित स्तर की नहीं थी। नीरज मिश्रा के अनुसार शाम 5:30 बजे से 6:15 बजे के बीच हुई घटना के बाद भी राहत और बचाव दल समय पर सक्रिय नहीं हो सके। SDRF और अन्य आपदा प्रबंधन संसाधनों के देर से पहुंचने के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मोटर बोट, प्रशिक्षित गोताखोर और आपदा राहत दल तत्काल सक्रिय हो जाते, तो जनहानि को कम किया जा सकता था। बीमा और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल शिकायत में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्रूज और यात्रियों के लिए बीमा व्यवस्था होना आवश्यक है। आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज और उसमें सवार पर्यटकों का कोई बीमा नहीं था, जबकि यात्रियों से टिकट शुल्क लिया गया था। इसके अलावा लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, आपातकालीन संचार व्यवस्था और मौसम संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी जांच की मांग की गई है। 13 लोगों की गई थी जान गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम बरगी बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में 41 लोगों को लेकर निकला क्रूज पानी में डूब गया था। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया था। 60 दिन में देनी है रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच समिति पर्यटन विभाग के अधिकारियों, रिसॉर्ट प्रबंधन और क्रूज चालक के बयान दर्ज कर चुकी है। आयोग को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। अब प्रत्यक्षदर्शी द्वारा प्रस्तुत नए साक्ष्यों और शिकायतों के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। हादसे की वास्तविक वजह, सुरक्षा मानकों की स्थिति और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर आयोग की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

PM मोदी के ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री साय ने जताई खुशी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत – सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, … Read more

झारखंड में झटका: डीजल-टोल बढ़ते ही बस किराया बढ़ा, झुमरीतिलैया से यात्रा हुई महंगी

कोडरमा आगामी एक जून से बस में सफर करना महंगा हो जाएगा। विभिन्न जगहों के लिए 15 से 30 प्रतिशत तक मूल्य में वृद्धि की गयी है। कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन की शनिवार को हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। झुमरीतिलैया स्थित बस स्टैंड के समीप हुई बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र उर्फ बंशी यादव ने जबकि संचालन सचिव संजय यादव ने किया। बैठक में मोहन यादव, गोरेलाल यादव, बैजू लाला, संतोष यादव समेत कई अन्य मौजूद थे। बैठक के बाद अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि इस महीने में डीजल के दर में चार बार वृद्धि के साथ ही मोटर पार्ट्स के सा, टायर, टोल टैक्स में वृद्धि हुई है, इससे किराया बढ़ाना हम लोगों की मजबूरी हो गई है। झुमरीतिलैया से खुलने वाली लगभग 55 बसों जिनमें 15 एसी और 30 नॉन एसी से यात्रा करने वाले लोगों का सफर महंगा होगा। झुमरीतिलैया से चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, गिरिडीह तथा बिहार के नवादा रजौली के लिए यात्रियों को लाने ले जाने एसी में 50 रूपया और नॉन एसी में 30 रूपया तक की वृद्धि एक जून से प्रभावी होगी। इस तरह यात्रियों को 15 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त भाड़ा देना होगा। इसके पूर्व 5 साल पहले किराए में बढ़ोतरी की गई थी। लिए गये निर्णय अनुसार, झुमरीतिलैया से रांची के लिए एसी में 350 की जगह 400, नॉन एसी में 300 की जगह 350, हजारीबाग के लिए एसी में 120 की जगह 150 और नॉन एसी में 120 की जगह 140, रामगढ़ के लिए एसी में 200 की जगह 250 और नॉन एसी में 200 की जगह 220, गिरिडीह के लिए नान एसी में 200 की जगह 250, नवादा के लिए एसी में 170 की जगह 200 और नॉन एसी में 150 की जगह 180 जबकि चतरा के लिए नॉन एसी में 200 की जगह 220 रुपए देने होंगे। इधर, ट्रांसपोर्टिंग किराया के भी बढ़ने से सामानों के मूल्य में वृद्धि होने वाली है जिसका आम से खास लोगों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।