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निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण, 34 कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्रदेश में संचालित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा के लिए 20 मई को मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा भोपाल, मण्डला, अशोकनगर, खंडवा, रीवा, नीमच एवं निवाड़ी जिलों में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कुल 34 कार्यों का रेंडम आधार पर चयन कर परीक्षण किया गया। निरीक्षित कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं पुल), 6 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के भवन निर्माण, 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा एक कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम से संबंधित था। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल)  के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन)  एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बीडीसी)  अजय वास्तव, तकनीकी सलाहकार एमपीआरडीसी  आर.के. मेहरा सहित विभाग के समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे। समीक्षा में निवाड़ी जिले में सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय से रियारा धाम तेहरका तक 1.50 किलोमीटर लंबाई की निर्माणाधीन सड़क के संबंध में संबंधित मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग सागर परिक्षेत्र को पुनः निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त 19 अन्य कार्यों में आंशिक सुधार कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निरीक्षण प्रतिवेदनों में की गई अनुशंसाओं का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पूर्व में किए गए निरीक्षणों की लंबित कार्यवाहियों का निराकरण अगली समीक्षा बैठक से पूर्व पूर्ण किया जाए। समीक्षा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों के संतोषजनक और समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं को निराकरण की जानकारी देकर संतुष्टि प्राप्त करने तथा विभागीय रैंकिंग में सुधार के लिये निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्षा ऋतु से पूर्व सड़क, पुल एवं भवनों के संधारण कार्य पूर्ण करने, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट स्थलों के सुधार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने तथा लोक कल्याण सरोवर योजना के कार्य 30 जून 2026 तक पूर्ण कर विभागीय पोर्टल पर जियो-टैग्ड वाली फोटो अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त भास्कराचार्य संस्थान द्वारा विकसित किए जा रहे लोक कल्याण सूचकांक मॉड्यूल में समय पर प्रविष्टियां दर्ज करने, सड़क किनारे पौधारोपण करने तथा विभागीय नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।  

उज्जैन में शुरू हुआ खास आकाशीय अवलोकन, 20 रुपए में मिल रहा ग्रहों को करीब से देखने का मौका

उज्जैन  मध्य प्रदेश का उज्जैन अब विज्ञान और खगोल अध्ययन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है. शहर में मौजूद प्राचीन जीवजी वैधशाला, डोंगला स्थित वरामिहिर वैधशाला, तरामण्डल और विज्ञान केंद्र विज्ञान प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इसी क्रम में प्राचीन जीवजी वैधशाला में 21 मई से विशेष खगोलीय अवलोकन कार्यक्रम की शुरुवात हुई है जो 28 मई तक चलेगी।  इस आयोजन में देश-दुनिया से उज्जैन आने वाले पर्यटकों और विज्ञान में रुचि रखने वालों को 8 इंच टेलिस्कोप से अंतरिक्ष के अद्भुत नजारे दिखाए जा रहे हैं. पर्यटक टेलीस्कोप की मदद से चंद्रमा पर मौजूद गड्ढे, बृहस्पति ग्रह की पत्तियों और उसके उपग्रहों का नजदीक से अवलोकन कर रहे हो।  गाइड दे रहे रोचक जानकारी मौके पर मौजूद गाइड पर्यटकों के साथ वैज्ञानिक महत्व साझा कर रहे हैं और बड़ी रोचक जानकारियां भी दे रहे हैं. जिससे पहले ही दिन बड़ा उत्साह पर्यटकों में देखा गया. हालांकि इसमे 10 साल से कम उम्र के बच्चों को दूर रखा गया है. वहीं वैधशाला के अधीक्षक के अनुसार, ''शुक्र, बृहस्पति और बढ़ते चंद्रमा का अवलोकन भी करवाया जा रहा है. विज्ञान और आस्था का अनोखा संगम नगरी में पर्यटकों और विद्यार्थियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।  छात्र बोला- अभी तक चंद्रमा के बारे में किताबों में पढ़ा था अनुभव ले चुके पर्यटकों ने चर्चा की. पांचवी कक्षा के हनी ने कहा, ''यह बड़ा ही अद्भुत है, इसमें चंद्रमा की सतह पर गड्ढे, बृहस्पति पर पत्तियां और उसके उपग्रह को बड़ी आसानी से देखा जा रहा है. अभी तक सिर्फ किताबों में पड़ा था लेकिन आज पहली बार इसे करीब से देखकर महसूस किया, यह बहुत ही रोचक था।  कक्षा सातवीं में पढ़ने वाले प्रिंस ने कहा, ''इसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. जो भी कुछ मैंने देखा उसे में अपने दोस्तों से भी शेयर करूंगा और उन्हें भी यहां आने के लिए आग्रह करूंगा.'' वहीं पर्यटक विकास बोले टेलिस्कोप से 8 दिन के लिए दी गई सुविधा का हर किसी को फायदा उठाना चाहिए. यह बहुत ही अद्भुत और रोचक अनुभव रहा।  जीवजी वैधशाला अधीकक्ष ने कहा, ''वर्तमान में आकाश में सायं सूर्यास्त के बाद आप पश्चिम दिशा में लठ्ठू की तरह चमकदार शुक्र ग्रह को देख रहे हैं. पश्चिमी आकाश में लगभग 60 अशं पर चमकदार बृहस्पति ग्रह दिखाई दे रहा है. साथ ही शुक्ल पक्ष का प्रतिदिन बढ़ता हुआ हमारा चन्द्रमा तो आकाश में दिख ही रहा है. इस प्रकार तीन खगोलीय पिण्डों के अवलोकन के लिए एवं अपनी जिज्ञासा के समाधान का यह सबसे शानदार अवसर है।  इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय जीवाजी वैधशाला उज्जैन द्वारा उसे 8 दिन के लिए ग्रीष्मकालीन आकाशीय अवलोकन के नाम से शुरू किया है. हर रोज शाम 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक पर्यटक इसका लाभ उठा सकते हैं. सिर्फ शुक्र ग्रह नीचे की स्थिति में होने के कारण शाम 8:00 बजे के बाद टेलीस्कोप की परिधि से बाहर हो जायेगा. इसलिए इसे शाम 8:00 बजे तक ही दिखाया जा सकेगा. आकाशीय अवलोकन के लिये आकाश का खुला होना आवश्यक है. 20 प्रति व्यक्ति शुल्क रखा गया है। 

जानिए बिजली लाइनों से कितनी होनी चाहिए सुरक्षित दूरी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आम जनता से जागरुक होने की अपील की है। इस संबंध में कंपनी ने सुरक्षा संबंधी मापदंड जारी किए हैं। विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत लाईनों से धरातल, भवनों से सुरक्षित दूरी आदि के लिए केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा मापदंड निर्धारित किये हैं।  क्रं. विवरण एल.टी. लाईन 11 के.व्ही. लाईन 33 के.व्ही. लाईन 1. ऐसा क्षेत्र जहाँ वाहन, टैफिक न हो, वहाँ जमीन से कंडक्टर की दूरी। 4.6 मीटर 5.2 मीटर 5.2 मीटर 2. सड़क के समानांतर विद्युत लाईनों के निचले कंडक्टर से जमीन की दूरी। 5.5 मीटर 5.8 मीटर 5.8 मीटर 3. सड़क क्रॉसिंग करती विद्युत लाईनों के निचले कंडक्टर की जमीन से दूरी। 5.8 मीटर 6.1 मीटर 6.1 मीटर 4. किसी मकान के ऊपर से गुजरने वाली लाईन के निचले कंडक्टर एवं मकान के सबसे ऊँपर हिस्से के बीच की दूरी 2.5 मीटर 3.7 मीटर 3.7 मीटर   5. किसी मकान के पास से गुजरने वाली लाईन के सबसे नजदीकी कंडक्टर की मकान से दूरी। 1.2 मीटर 2 मीटर 2 मीटर   6. लाईन एवं पेड़ की डाली के बीच की दूरी 1.2 मीटर 2 मीटर 2 मीटर नागरिकों से अपील है कि अपने आवासीय परिसर अथवा स्थापनाओं से विद्युत लाइनो की दूरी निर्धारित मापदंड अनुसार रखें। निम्नदाब और मध्यदाब स्थापनाओं में प्रायः व्यक्ति विद्युतमय चालक के सीधे सम्पर्क में आता है, जबकि उच्च दाब स्थापनाओं में वह विद्युतमय चालक से सीधे सम्पर्क में आने के पूर्व ही फ्लेश ओव्हर डिस्टेंस में आने से स्पार्क हो कर झुलस जाता है। इस प्रकार दुर्घटना का घातक तथा गैर घातक होना दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के ‘‘डिग्री आफ बन्र्स’’ पर निर्भर रहता है। निम्नदाब अथवा मध्यदाब स्थापनाओं में सुरक्षा के लिए साधारण केवल फ्यूज लगाए जाते हैं। साधारण फ्यूज अपनी क्षमता से अधिक करंट बहने पर ही गर्म हो कर पिघल जाता है, इसमें कुछ समय लगता है और यही समय ‘‘दुर्घटनाग्रस्त’’ होने के लिए घातक सिद्ध होता है, परन्तु अर्थिंग सही हो तो फ्यूज अतिशीघ्र उड़ जाता है। इसी कारण से विद्युत स्थापनाओं में अर्थिंग व्यवस्था अति महत्वपूर्ण हो जाती है। घरेलू स्थापनाओं में विद्युत दुर्घटनाएं मुख्यतः वायरिंग एवं फिटिंग में खराबी आने से तथा उपकरणों में खराबी आने से लीकेज या शार्ट–सर्किट के कारण होती है। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे आई.एस.आई. मार्क के उपकरण ही उपयोग में लाएं। विद्युत सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान दें कंपनी ने आम लोगों को विद्युत सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देने अपील की है। भवन निर्माण, कॉलोनी के निर्माण और रोड के विस्तार के दौरान अक्सर यह देखने में आया है कि बिजली के खम्बों को सड़क के बीच में खड़ा कर दिया जाता है या कॉलोनी के विद्युतीकरण के दौरान कालोनाइज़र अपनी सुविधा से बिजली के खम्बों को लगा देता है तथा सड़क विस्तार के दौरान सड़क को ऊंचा कर दिया जाता है। इस दौरान विद्युत सुरक्षा के मापदण्डों का ध्यान नहीं रखा जाता है। कई बार यह पाया जाता है कि रोड ऊंची कर ली जाती है परन्तु बिजली के खम्बों से रोड के बीच का विस्तार और दूरी को ध्यान में नहीं रखा जाता तथा सुरक्षा के नियमों को अनदेखा कर दिया जाता है। फलस्वरूप दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और कभी–कभी दुर्घटनाएं हो भी जाती है। इस संबंध में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने मैदानी अधिकारियों से कहा है कि इस प्रकार के नियम विरूद्ध कार्यों की रोकथाम की जाए और मैदानी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में विद्युत सुरक्षा एवं विद्युत प्रदाय सुचारू रखने के लिए विद्युत अधिनियम 2003 में जो प्रावधान दिए गए हैं, उनके अनुसार कार्यवाही की जाए। भवन निर्माण और विस्तार के दौरान यदि कोई भवन निर्माता/संस्था निर्धारित प्रावधान के अनुसार काम नहीं करता है तो संबंधित संस्थाओं अथवा व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए। कंपनी ने अपने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विद्युत लाइनों की पेट्रोलिंग कराते समय यदि कहीं रोड, भवन, स्ट्रक्चर का निर्माण नियम विरूद्ध होता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उपभोक्ता, एजेन्सी और भवन स्वामी को विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार सुरक्षित अंतराल रखने के लिये रजिस्टर्ड नोटिस जारी करें तथा नोटिस की अवधि के दौरान सुरक्षित अंतराल बनाये रखने के लिये कार्यवाही नहीं किये जाने पर उसके विरूद्ध वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार त्वरित कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें। नई लाइनों के निर्माण के दौरान रोड, भवन या स्ट्रक्चर से उक्त नियमानुसार निर्धारित सुरक्षित अंतराल रखते हुए ही कार्य कराए जाएं। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बनने वाली सड़क मार्गों के ऊपर से गुजरने वाली लाइनों का अंतराल यदि प्रस्तावित सड़क के कारण कम हो रहा है तो विद्युत लाइन के खम्बों की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव कम्पनी के प्रचलित नियमानुसार संबंधित एजेन्सी को नोटिस के साथ भेजें और साथ ही सुनिश्चित करें कि निर्धारित सुरक्षित अंतराल मेन्टेन करने के बाद ही उस लोकेशन पर सड़क निर्माण हों। सड़कों की बार–बार मरम्मत से सड़कों की ऊंचाई बढ़ने से लाइनों और सड़क के बीच अंतराल कम होता जाता है। अतः इस ओर विशेष ध्यान देकर ऐसी लोकेशनों पर लाइन की ऊंचाई बढ़ाने हेतु संबंधित एजेन्सी से सम्पर्क कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। नवीन कॉलोनियों में विद्युत प्रदाय करने के लिए रोड, वाटर सप्लाई, सीवेज लाइन आदि के निर्माण के साथ–साथ उपकेन्द्र तथा लाइनों का विस्तार भी प्राथमिकता के आधार पर हो ताकि भवन निर्माण का कार्य लाइनों से सुरक्षात्मक दूरी (अंतराल) रखते हुए नियमानुसार हो सके।   

चुनावी रणनीति में जुटी BJP, पंजाब अध्यक्ष पद पर सिख नेता को मिल सकती है कमान

चंडीगढ़  पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। पार्टी जल्द ही पंजाब इकाई को नया अध्यक्ष दे सकती है और इस बार किसी सिख चेहरे को जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का तीन साल का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा मई के अंत या जून की शुरुआत में की जा सकती है। हालांकि, जाखड़ आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रचार अभियान में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। सूत्रों के अनुसार नायब सिंह सैनी भी पंजाब में लगातार सक्रिय हैं और पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। माना जा रहा है कि वह पंजाब भाजपा के लिए सिख चेहरे को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू प्रमुख माने जा रहे हैं। बिट्टू पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और पार्टी उन्हें सिख समुदाय में मजबूत चेहरा मानती है। इसके अलावा पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  अपने नजदीकी केवल ढिल्लों के नाम को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं फिरोजपुर के राय सिख नेता मंजीत राय का नाम भी चर्चाओं में है। संगठनात्मक स्तर पर लंबे समय से सक्रिय रहे मंजीत राय की मालवा क्षेत्र में मजबूत पकड़ बताई जा रही है। अमृतसर से जुड़े पूर्व नौकरशाह और भाजपा नेता जगमोहन राजू का नाम भी चर्चा में है। राजू 2022 में सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे और वर्तमान में पंजाब भाजपा के महासचिव हैं। पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी नजदीकियों की भी चर्चा है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद सतनाम संधू, पूर्व विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और फतेह जंग बाजवा के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि हिंदू चेहरे भी पूरी तरह दौड़ से बाहर नहीं हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ का नाम भी पार्टी में चर्चा में बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए भाजपा सिख नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में सिख समुदाय निर्णायक भूमिका में है और भाजपा 2027 चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटी है।

मध्यप्रदेश का ‘लग्जरी आम’ बना चर्चा में, एक आम की कीमत सुन रह जाएंगे हैरान

भोपाल  आम को फलों का राजा यूं ही नहीं कहा जाता। इसका गाढ़ा रस और मिठास हर किसी को लुभाता है। आमों के मामले में भी मध्यप्रदेश देश के प्रमुख राज्यों में हैं। प्रदेश की जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और विविध भौगोलिक परिस्थितियां आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि यहां दशहरी, लंगड़ा, चौसा, केसर, आम्रपाली, अल्फांसो और तोतापरी जैसी अनेक प्रसिद्ध किस्में मिलती हैं। एमपी की एक किस्म तो इतनी प्रसिद्ध है कि विदेशों में इसकी सबसे ज्यादा डिमांड है। यह विशेष किस्म है "नूरजहां'' आम। इसे "किंग ऑफ मैंगो" भी कहा जाता है। प्रदेश के जनजातीय बहुल आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में पैदा होने वाला नूरजहां आम अपने विशाल आकार, अद्वितीय स्वाद और आकर्षक स्वरूप के लिए प्रसिद्ध है। इसे दुनिया के सबसे बड़े आमों में गिना जाता है। सामान्यतः एक नूरजहां आम का वजन लगभग 2 से 5 किलोग्राम तक होता है। यह 3 हजार रुपए प्रति नग के रेट में बेचा जाता है। खूब महंगा होने के बाद भी लजीज नूरजहां को खरीदने के लिए विदेशों में लोग टूट पड़ते हैं। "नूरजहां'' आम केवल अपने आकार के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी दुर्लभता के कारण भी विशेष माना जाता है। इसके पेड़ों पर सीमित संख्या में फल आते हैं, इसलिए इसकी कीमत सामान्य आमों की तुलना में कई गुना अधिक होती है। एक ही फल ही हजारों रुपए में बिकता है। यही कारण है कि यह आम किसानों के लिए लाभकारी फसल के रूप में उभर रहा है। कट्ठीवाड़ा का मौसम और वातावरण नूरजहां आम के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है, जिससे यहां पैदा होने वाले फल विशेष गुणवत्ता वाले होते हैं। माना जाता है कि नूरजहां आम की यह प्रजाति वर्षों पहले अफगानिस्तान से भारत पहुंची और बाद में पांचवें – छठवें दशक में मध्यप्रदेश के मालवा तथा आदिवासी अंचल झाबुआ में विकसित हुई। आलीराजपुर जिले के ग्राम जूना कट्टीवाड़ा स्थित शिव (बावड़ी) आम फार्म के किसान भरतराजसिंह जादव बताते हैं कि उनके पिता स्वर्गीय रणवीरसिंह जादव लगभग 55 से 60 वर्ष पूर्व गुजरात के बनमाह क्षेत्र से नूरजहां आम का पौधा लेकर आए थे। उन्होंने अपने खेत में इस पौधे को लगाया और वर्षों की मेहनत से इसे संरक्षित किया। यही पौधा आगे चलकर पूरे क्षेत्र की पहचान बन गया। जादव के अनुसार उनके पिता ने ग्राफ्टिंग तकनीक से एक विशेष पौधा तैयार किया था, जिसकी वर्तमान आयु लगभग 20 से 25 वर्ष है। इसके साथ ही स्वयं भरतराजसिंह जादव द्वारा तैयार किए गए 11 ग्राफ्टेड पौधे आज 3 से 5 वर्ष की अवस्था में विकसित हो रहे हैं। नूरजहां आम अब मध्यप्रदेश की विशेष पहचान बन चुकी है। इसकी विशिष्टता को देखते हुए वर्ष 1999 तथा 2010 में इसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों ने न केवल किसानों का उत्साह बढ़ाया बल्कि आलीराजपुर जिले को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाई। धीरे-धीरे यह आम मध्यप्रदेश की उद्यानिकी पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया। नूरजहां आम का इतिहास मालवा और पश्चिमी भारत की सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि मुगलकाल में बड़े आकार और विशेष स्वाद वाले आमों को शाही बागों में विशेष महत्व दिया जाता था। इसी परंपरा से जुड़ी यह किस्म समय के साथ गुजरात और झाबुआ-आलीराजपुर अंचल तक पहुंची। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और तापमान नूरजहाँ के लिए अनुकूल सिद्ध हुए, जिसके कारण यह किस्म यहां अच्छी तरह विकसित हुई। झाबुआ और आलीराजपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में इसका संरक्षण किसानों द्वारा पीढ़ी दर पीढ़ी किया जाता रहा है। नूरजहां आम की मांग विशेष रूप से बड़े शहरों और विदेशों में अधिक है। यहां के बाजारों में एक आम की कीमत 1500 से शुरु होकर 3000 तक होती है। नूरजहां का आकार इतना बड़ा होता है कि एक ही आम पूरे परिवार के लिए पर्याप्त माना जाता है। इसका रंग, सुगंध और मिठास लोगों को पहली नजर में आकर्षित कर लेते हैं। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में भारतीय प्रीमियम आमों के रूप में इसकी अच्छी मांग विदेशों में नूरजहां आम की विशेष मांग है। खासतौर पर संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में भारतीय प्रीमियम आमों के रूप में इसकी अच्छी मांग रहती है। वहां बड़े आकार और आकर्षक स्वरूप वाले फलों को विशेष पसंद किया जाता है। इसके अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा तथा यूनाइटेड किंगडम में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी नूरजहां आम अत्यंत लोकप्रिय हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया के सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में भी इसकी विशेष पहचान बन रही है। हालांकि नूरजहां आम का उत्पादन सीमित मात्रा में होता है, इसलिए इसका निर्यात बड़े पैमाने पर नहीं हो पाता, लेकिन इसकी विशिष्टता और दुर्लभता इसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में “लक्ज़री मैंगो” की पहचान दिला रही है। विदेशी बाजारों में यह आम आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

सुशासन तिहार का मकसद हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना: CM विष्णु देव साय

सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बलौदाबाजार के करहीबाजार समाधान शिविर में हितग्राहियों को सौंपे लाभ, विभिन्न योजनाओं की दी जानकारी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सरकार को गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री साय ने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में समाधान शिविर में पहुंचे ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यह जानने के लिए गांवों तक पहुंच रही है कि लोगों को पानी, बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि रायपुर में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी तरह समझा नहीं जा सकता, इसलिए पूरी सरकार गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में  अब तक अनेक स्थानों पर शिविर संपन्न हो चुके हैं तथा आगामी दिनों में भी शिविरों का आयोजन जारी रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता के साथ पूरा किया है।  किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और दो वर्षों का बकाया बोनस भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस योजना से महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री साय  ने “लखपति दीदी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और आगे करोड़पति दीदी बनने की दिशा में बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश की 6000 से अधिक पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग और अन्य सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब रजिस्ट्री के साथ तत्काल नामांतरण की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कही कि सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं ऑनलाइन और टोल फ्री नंबर के जरिए दर्ज करा सकेंगे तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया तथा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की सुविधा और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

सोलर, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और गारमेंट सेक्टर में होगा हजारों करोड़ का निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने 17 बड़ी कंपनियों को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में आवंटन पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। खास बात यह है कि अधिकांश कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इन परियोजनाओं से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला राज्य नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक उद्योगों का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।  हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सोलर और हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सीईएससी ग्रीन पावर लि. द्वारा किया जा रहा है। आरपी-संजीव गोयनका समूह की यह कंपनी 100 एकड़ क्षेत्र में 3 गीगावाट क्षमता की सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में ₹3805 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. 25 एकड़ क्षेत्र में 4 गीगावाट क्षमता की सोलर पीवी सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में ₹1146 करोड़ का निवेश होगा और 500 रोजगार सृजित होंगे। इन दोनों परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और डाटा सेक्टर को नई ताकत सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटीईएस क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। आर्सेनल इन्फोसॉल्यूशंस प्रा. लि. ₹71.19 करोड़ निवेश कर आईटी/आईटीईएस इकाई स्थापित करेगी, जिससे 1140 रोजगार सृजित होंगे। कंपनी ने 40 प्रतिशत स्थानीय रोजगार देने की बात कही है। वर्चुअल एंप्लॉयी प्रा. लि. ₹48 करोड़ निवेश कर आईटी/आईटीईएस परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 600 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह एमॅड्यूस इंडिया प्रा. लि. ₹160 करोड़ की सूचना प्रौद्योगिकी परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 275 रोजगार सृजित होंगे। क्वार्क्स टेक्नॉसॉफ्ट प्रा. लि. डाटा प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करेगी। कंपनी इसके लिए ₹47.47 करोड़ निवेश कर लगभग 1800 युवाओं को रोजगार देगी। इससे प्रदेश में डाटा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। *इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी साइनाथ सेल्स एंड सर्विसेज प्रा. लि. इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करेगी। कंपनी इसमें ₹37.19 करोड़ निवेश कर 300 लोगों को रोजगार देगी। इसी तरह, समरकूल होम एप्लायंसेज लि. इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माण क्षेत्र में ₹46.13 करोड़ निवेश करेगी और 532 रोजगार उपलब्ध कराएगी। एंजिलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स प्रा. लि. इलेक्ट्रिकल कंट्रोल पैनल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स रिले निर्माण क्षेत्र में ₹35 करोड़ निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। अल्फ़ा कम्युनिकेशन एलएलपी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और वायर निर्माण क्षेत्र में ₹42.59 करोड़ निवेश कर 150 रोजगार सृजित करेगी। एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स प्रा. लि. पावर ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और ईवी चार्जर निर्माण क्षेत्र में ₹66 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। वेगा इंडस्ट्रीज प्रा. लि. घरेलू उपकरण, पर्सनल केयर उपकरण और इलेक्ट्रिकल उत्पाद निर्माण क्षेत्र में ₹91 करोड़ निवेश करेगी तथा 500 रोजगार उपलब्ध कराएगी। रेलवे, वस्त्र और पैकेजिंग उद्योग को भी बढ़ावा जेएमवी एलपीएस लि. रेलवे सिग्नलिंग उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹54.80 करोड़ की इस परियोजना से 405 लोगों को रोजगार मिलेगा और 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साहू इंटरनेशनल अटायर प्रा. लि. रेडीमेड वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹70 करोड़ की इस परियोजना से 1992 रोजगार सृजित होंगे। इसमें 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। ऋद्धि सिद्धि पेपर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण परियोजना स्थापित करेगी। ₹59.09 करोड़ की इस परियोजना से 172 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी ने 85 प्रतिशत स्थानीय रोजगार देने की प्रतिबद्धता जताई है। स्मार्ट ऊर्जा और आधुनिक तकनीक पर फोकस एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. स्मार्ट एनर्जी मीटर और डाटा एनालिसिस परियोजना स्थापित करेगी। ₹40.52 करोड़ की इस परियोजना से 217 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 90 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का प्रावधान रखा गया है। एमएए पेट प्रा. लि. हाई बैरियर एआई आधारित पीईटी शीट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹29.84 करोड़ की इस परियोजना से 68 लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा के अंतर्गत 17 निवेशकों को प्रदान किए भूमि आवंटन पत्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के अंतर्गत 17 निवेशकों को शुक्रवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। निवेशकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने अब टूरिज्म, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट के विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित किया है। आपने उत्तर प्रदेश के ब्रांड अंबेस्डर के रूप में प्रदेश की नई छवि को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। यूपी में निवेश करने वाले निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार के सहयात्री हैं। 9 साल पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र था सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने जिस जेवर क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया है और जिस क्षेत्र में आपको अलाटमेंट लेटर वितरित किए गए हैं, आज से 9 वर्ष पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र हुआ करता था। वहां गंभीर आपराधिक घटनाएं होती थीं। शाम पांच-साढ़े पांच बजे के बाद आवागमन बंद हो जाता था। लाइफ सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही हुआ करती थी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं था, लेकिन आज जेवर, यीडा क्षेत्र में जो परिवर्तन दिख रहा है, वह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, और यही हाल यूपी के हर जनपद का है। 2017 के पहले माफिया को वितरित किए गए थे जनपद सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सत्ता के सामानांतर माफिया का साम्राज्य हुआ करता था। हर जनपद में भय व दहशत का माहौल था। महिलाएं बाजार या रोजगार के लिए बाहर जाती थीं तो परिवार की चिंता होती थी कि वे सूर्यास्त के पहले वापस आ जाएं। व्यापारी 6 बजे के पहले प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर थे। सड़कें गड्ढों से भरी थीं। कनेक्टिविटी, बिजली की हालत बुरी थी। बमुश्किल 4-5 घंटे बिजली मिल जाए तो लोग खुद को भाग्यशाली मानते थे। हर माफिया को अलग-अलग जनपद वितरित किए गए थे। माफिया व आपराधिक गिरोह के लोग जनपद व थाने का संचालन करते थे। सरकार के पास नीति, नीयत, सुरक्षा व लैंडबैंक भी नहीं था।  विकास की पहली शर्त है सुरक्षा सुरक्षा को विकास की पहली शर्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए अनुकूल वातावरण बनाना पड़ता है। असुरक्षित वातावरण में कुछ भी नहीं हो सकता। आज यूपी में बिना रोकटोक, बिना लेनदेन, उद्योग-व्यापार अनुकूल नीतियों के लाभ दिखाई दे रहे हैं। अब यूपी का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बढ़िया है। देश में यदि प्रतिस्पर्धा हो तो यूपी टॉप राज्यों में होगा। एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा और चार लाख किमी. का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के पास है। हर जिला मुख्यालय फोर-लेन, तहसील या ब्लाक मुख्यालय फोर-लेन/टू-लेन से जुड़ा है। यूपी की एयरकनेक्टिविटी सबसे अच्छी है। 2017 से पहले यूपी में डेढ़ एक्सप्रेसवे, दो एयरपोर्ट संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, उसमें से पांच अंतरराष्ट्रीय हैं। छह एयरपोर्ट पर हम काम कर रहे हैं, एयरक्राफ्ट मिल जाएं तो इन्हें भी बहुत जल्द संचालित करेंगे। निवेश के स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध  निवेशकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 16 हजार किमी. का रेल कॉरिडोर है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईस्टर्न/वेस्टर्न) का जंक्शन भी यूपी में है। जिस क्षेत्र में आपका निवेश हो रहा है, वहां रोड, फ्रेट कॉरिडोर, विश्व स्तरीय एयर कनेक्टिविटी भी है। वह क्षेत्र लाजिस्टिक हब बनने जा रहा है। यूपी के पास पहली रैपिड रेल, पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी से हल्दिया) संचालित है। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यूपी में लंबी छलांग लगाई है। सात शहरो में मेट्रो का संचालन हो रहा है।  यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा मुक्त सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा से मुक्त है। यहां हर व्यक्ति, निवेशक को सुरक्षा की गारंटी है। हम निवेशक को केवल निवेशक नहीं मानते, बल्कि वह इन्वेस्टर पार्टनर के रूप में यूपी सरकार के साथ विकास में सहभागी बनकर कार्य करता है। यूपी में निवेश करने वाला निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार का सहयात्री है। वह यूपी के नौजवानों को रोजगार देता है, उन्हें स्किलफुल बनाता है। सरकार हर निवेशक का यूपी में स्वागत करती है। सीएम ने बताई यूपी की विकास गाथा सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 34 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। एफडीआई की डेडिकेटेड पॉलिसी, फॉर्चून 500 की पॉलिसी है। 25 हजार हेक्टेयर का बड़ा लैंडबैंक यीडा के पास विकसित करने जा रहे हैं। बीडा नए इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध होगी। यूपी बना देश की इकॉनमी का ब्रेकथ्रू सीएम ने बताया कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक यूपी में आए। यूपी कभी बीमारू नहीं था। राजनीतिक नेतृत्व की मानसिकता ने इसे बीमार बनाया था। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला राज्य था। गुंडों के पीछे दुम दबाकर चलने की प्रवृत्ति और माफिया के सामने नतमस्तक होने वाले राजनीतिक नेतृत्व ने यूपी को बीमारू बनाया था, जब स्वस्थ मानसिकता के साथ डबल इंजन सरकार आई तो यूपी आज देश का इकॉनमी का ब्रेकथ्रू बन चुका है। आज अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर यूपी में निवेश हो रहा है। 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू होगी घरेलू उड़ान सीएम योगी ने कहा कि फरवरी में प्रधानमंत्री जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसमें कार्गो व एमआरओ की भी सुविधा होगी। 15 जून से घरेलू उड़ान शुरू होगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाएं प्रारंभ होंगी। सीएम ने एयरपोर्ट को समय-सीमा के अंदर शुरू करने में सकारात्मक योगदान देने के लिए यमुना अथॉरिटी के सीईओ व उनकी टीम को धन्यवाद दिया।  जहां आपको भूमि आवंटित हो रही, वह सोने के भाव की है सीएम ने निवेशकों से कहा कि आपको जहां भूमि आवंटन किया जा रहा, वह भूमि सोने के भाव की है। यह केवल यूपी-भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में निवेश की सबसे उर्वर भूमि है। जो वहां जाएगा, वही संभावनाओं को समझ पाएगा। आज से 9 वर्ष पहले जब गोरखपुर में निवेश के लिए कहा जाता तो निवेशक हंसकर टाल देते थे, लेकिन पांच वर्ष में हुए निवेश से गोरखपुर में 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। यही हाल यूपी के हर क्षेत्र का है। देवरिया में पेपर मिल चल रही है। महिलाओं को … Read more

बालाघाट के सांदीपनि विद्यालय का छात्र जाएगा नासा, शैक्ष्रणिक भ्रमण के लिए हुआ चयन

भोपाल प्रदेश के बालाघाट जिले स्थित सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र  मयंक मात्रे ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। आईएसएससी 2026 में  मयंक मात्रे ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता के आधार पर उनका चयन प्रतिष्ठित नासा एजुकेशन टूर के लिए हुआ है।  मयंक की यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनकी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। “Grand Winner” घोषित मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसी क्रम में बालाघाट जिले के सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी के कक्षा 12वीं के छात्र मयंक मात्रे ने आईएसएससी (International Space Science Competition) में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर विद्यालय एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के साथ उन्हें “Grand Winner” घोषित किया गया तथा आगामी सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले नि:शुल्क नासा एजुकेशन टूर (USA) के लिये चयनित किया गया है। यह प्रतियोगिता Go4Guru द्वारा देशभर के स्कूल एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों को आईएसएससी 2026 प्रतियोगिता की जानकारी दिए जाने के बाद इच्छुक विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में मयंक ने 8 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया। 4 मई को घोषित परिणामों में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-5 प्राप्त कर देशभर के शीर्ष 17 विद्यार्थियों में स्थान बनाते हुए फाइनल राउंड के लिए चयनित हुए। इसके बाद 15 मई 2026 को जूम के माध्यम से आयोजित लाइव फाइनल राउंड में नासा से संबद्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रतिनिधियों एवं Go4Guru टीम की उपस्थिति में प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में त्वरित उत्तर आधारित विभिन्न क्विज राउंड हुए, जिनमें प्रतिभागियों को कुछ ही सेकंड में उत्तर प्रस्तुत करना था। देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के मध्य प्रतिस्पर्धा करते हुए मयंक ने सर्वाधिक 155 अंक प्राप्त किए और आईएसएससी 2026 के विजेता घोषित हुए। इस उपलब्धि के अंतर्गत मयंक का चयन आगामी नासा शैक्षणिक भ्रमण (NASA Educational Tour) के लिए किया गया है। इस दौरान उन्हें केनेडी स्पेस सेंटर, ऑरलैंडो का भ्रमण, अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय परिसर का अवलोकन, थीम पार्क अनुभव तथा डिज़्नी स्प्रिंग्स जैसी शैक्षणिक एवं प्रेरणादायक गतिविधियों में सहभागिता का अवसर प्राप्त होगा। मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी निरंतर मेहनत, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि वे नियमित अध्ययन के साथ ISRO, NASA एवं Space Science से संबंधित विषयों का लगातार अध्ययन करते रहे। गौरतलब है कि विद्यालय के उप प्राचार्य  हुमराज पटले के नेतृत्व में विद्यालय में विज्ञान, नवाचार एवं समग्र विकास आधारित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विद्यालय में नियमित अकादमिक संवाद, शिक्षक समीक्षा बैठकें, योजनाबद्ध शैक्षणिक गतिविधियाँ एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिये विभिन्न प्रक्रियाएँ संचालित की जाती हैं। साथ ही, पीपल संस्था द्वारा प्रदान किए जा रहे सतत शैक्षणिक सहयोग, प्रशिक्षण आधारित मार्गदर्शन, अकादमिक सुझावों एवं विभिन्न शिक्षण प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने विद्यालय में शिक्षण गुणवत्ता, अकादमिक संवाद एवं सीखने के वातावरण को और अधिक बेहतर एवं परिणामोन्मुख बनाया है। छात्र की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 निवेशकों को सौंपे आवंटन पत्र

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत 17 निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने प्रदेश में नए निवेश, रोजगार व औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने पर निवेशकों को बधाई दी। वहीं निवेशकों ने भी सीएम योगी के प्रति आभार जताया।  सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला भूमि आवंटन पत्र  सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. के एसके महाजन, सीईएससी ग्रीन पावर लि. के अंशुल खंडेलवाल, वेगा इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के संदीप जैन, साहू इंटरनेशनल अटायर प्रा. लि. के मनोज गोयल, क्वार्क्स टेक्नोसॉफ्ट प्रा. लि. के विपिन बिंदल, एमेड्यूज इंडिया प्रा. लि. की श्रेया अरोरा, वर्चुअल इम्प्लाई प्रा. लि. के कुमार हर्षवर्धन, समरकूल होम अप्लायंसेज लि. के संजीव कुमार गुप्ता, ऋद्धि सिद्धि पेपर्स के सुशील गुप्ता, जेएमवी एलपीएस प्रा. लि. के नीरज सैनी, अर्सेनल इंफोसाल्यूशन प्रा. लि. के विनोद पटानी, साईंनाथ सेल्स एंड सर्विसेज प्रा. लि. के मनीष मुद्गल, एमएए पेट प्रा. लि. के कामेश अग्निहोत्री, एजीलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स प्रा. लि. की प्रतिमा गर्ग-मुकेश गर्ग, एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के हरिशंकर सिंह, अल्फा कम्युनिकेशन एलएलपी के संदीप सिंह व एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स प्रा. लि. के सुरेश राज जैन को आवंटन पत्र प्रदान किया।  बोले निवेशक आधुनिक उत्तर प्रदेश के शिल्पकार हैं सीएम योगी आदित्यनाथः अंशुल सीईएससी ग्रीन पावर लि. के अंशुल खंडेलवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को आधुनिक उत्तर प्रदेश का शिल्पकार बताया। कहा कि सीएम योगी ने जिस दृढ़ संकल्प शक्ति के साथ एक दशक पहले उत्तर प्रदेश का पुनर्निर्माण शुरू किया था, उसी का फल है कि हम लोग यहां विश्व स्तरीय विकास देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश से अधिक अनुकूल वातावरण उद्योग के लिए कहीं नहीं है। यूपी निवेश व निवेशक की पूंजी के लिए सबसे अच्छी जगह है। उद्योग को गति, पारदर्शिता व मूलभूत व्यवस्था की जरूरत होती है, जो यहां है। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के पास प्राधिकरण की जो सुविधाएं हैं, उतनी फैसिलिटी अब चीन में भी नहीं है। यहां जमीन का आवंटन हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी कोशिश रहेगी कि यूनिट में 40-50 प्रतिशत महिला की सहभागिता हो। यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी करेंगे, साथ ही सोलर में यूपी का नाम सबसे ऊपर करेंगे।  मुख्यमंत्री ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया है कि हम उद्योग लगा सकेंः महाजन एसके महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया है कि हम उद्योग लगा सकें। पिछले पांच साल में तीन अलॉटमेंट लेटर लिया है और उसे इंडस्ट्री में कन्वर्ट कर चुका हूं। यूपी में काम करने का बेहतरीन माहौल है। पहले तो कठिनाई आती नहीं, यदि आती है तो उसका निराकरण भी होता है। दुनिया जब लॉकडाउन में थी, तब भी मुख्यमंत्री जी उद्योग लगाने की बात कर रहे थे। 24 अप्रैल 2020 को लखनऊ से मुझे फोन आया कि क्या आप उद्योग लगाना चाहते हैं। इसके लिए 5 मई 2020 को मुझे लेटर दिया गया। हम इंडस्ट्री लगाकर 500 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। ग्रेनो में फैक्टरी लगाकर 250 लोगों को रोजगार दिया है। यूपी सरकार की वजह से काफी सकारात्मक माहौल मिला।