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गुवा में फिर शुरू होगा लौह अयस्क खनन, हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

 गुवा  पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने टाटा स्टील को विजया-2 आयरन ओर माइंस संचालन की अनुमति दे दी है। करीब नौ महीने से बंद इस खदान के दोबारा शुरू होने से हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही सारंडा, गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। माइंस बंद होने से ठप पड़ गया था कारोबार विजया-2 माइंस बंद होने के बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे। ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद होने से सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों तक खड़े रहे। इसका असर गैरेज, ढाबा, होटल और छोटे दुकानदारों तक पर पड़ा था। अब खदान संचालन शुरू होने से ट्रकों और डंपरों का परिचालन फिर तेज होगा। इससे ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। टाटा स्टील को मिलेगा सीधा फायदा करीब 30 लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली इस माइंस के चालू होने से Tata Steel को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा। इससे कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और जमशेदपुर समेत आसपास के स्टील प्लांटों को फायदा मिलेगा। सरकार को होगा करोड़ों का राजस्व लाभ खनन शुरू होने के बाद झारखंड सरकार को रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी मद से हर महीने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। वहीं सालाना आय 35 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। बाजारों में लौटेगी रौनक खनन गतिविधियां बंद होने से सारंडा क्षेत्र के बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई थी। अब माइंस शुरू होने से स्थानीय बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और छोटे व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।  

स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर साफ, पंजाब निकाय चुनाव में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

चंडीगढ़. पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर स्क्रुटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी अनुसार नगर निगम नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए कुल 10809 आवेदन जमा हुए थे। मंगलवार शाम तक आवेदन वापस लेने की अंतिम सीमा रखी गई है। सोमवार यानी 18 मई को चुनाव आयुक्त की ओर से स्क्रुटनी के बाद 10096 उम्मीदवार ही अब मैदान में रह गए हैं। स्क्रुटनी में 713 आवेदनों को विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया गया है। जानकारी अनुसार आठ नगर निगम के चुनाव के लिए 2154 आवेदन आए जिसमें से 151 विभिन्न कारणों से कारण रद्द कर दिए गए । ऐसे में 2003 योग्य उम्मीदवार अब मैदान में रह गए हैं। उधर नगर कौंसिल की सीटों के लिए 7334 आवेदन जमा हुए जिसमें से 447 को रद्द कर दिया गया। अब चुनावी मैदान में 6887 उम्मीदवार ही बचे हैं। उधर नगर पंचायत के लिए कुल 1321 आवेदन आए जिसमें से 115 को रद्द कर दिया गया और अब मैदान में 1206 उम्मीदवार ही बचे हैं। मंगलवार को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद चुनाव में उम्मीदवारों की असली संख्या का पता चलेगा। आवेदन खारिज किए जाने को लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन भी जारी है। पंजाब में 26 मई को 105 सीटों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें 29 मई को मतदान के बाद मतगणना और रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से इन चुनाव में 35000 के करीब कर्मचारियों और साडे 35000 सुरक्षा कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार मतदान वैलेट पेपर से करने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर भी विपक्षी पार्टियों लगातार विरोध कर रही है।

CG के जंगल में सफेद भालू की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक ओर जहां दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू को देखकर ग्रामीण हैरान है, तो वहीं दूसरी ओर इस भालू के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। वही वन विभाग भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर है। दरअसल, मरवाही वनमंडल के आमादांड गांव के जंगलों में दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू देखने को मिला है। काले भालुओं के बीच दिखे सफेद भालू ने सबको हैरान कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इसके हमले ने इलाके के लोगों को डर को साए में जीने को मजबूर कर दिया है। सफेद भालू ने ड्राइवर पर किया हमला बताया जा रहा है कि सफेद भालू ने स्थानीय निवासी लल्लू ड्राइवर पर अचानक हमला कर दिया। भालू के इस जानलेवा हमले में लल्लू ड्राइवर के हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। रंग दोष के कारण सफेद हो जाता है रंग वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि भालू के शरीर में जीन परिवर्तन यानी रंग में दोष परिवर्तन के कारण इनका रंग काले की जगह पूरी तरह सफेद हो जाता है, जिसे विज्ञान की भाषा में एल्बिनो कहा जाता है। वहीं वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

दवा दुकानदारों का देशव्यापी बंद, 8 लाख मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद; ऑनलाइन बिक्री पर संग्राम

भोपाल  ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें बंद रहेंगे। हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं। दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है। देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। कारोबार हो रहा प्रभावित केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं। दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर? हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे।  सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।  ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं। इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

एमपी में खर्चों पर सख्ती, मोहन यादव ने निगम और मंडल अध्यक्षों को दिए बचत के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है। योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है। सेवा भावना से करें काम मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें। आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए। अनावश्यक चीजों से बचना है हमें सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।  

लिंगानुपात सुधार में लापरवाही पर गिरी गाज, SMO और MO सस्पेंड

 चंडीगढ़ हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में लिंगानुपात में सुधार से संबंधित प्रभावी निगरानी और नियमों के कड़े कार्यान्वयन में विफलता को लेकर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुमिता मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) और 1 मेडिकल ऑफिसर (MO) को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निगरानी और नियमों को लागू करने में रहे विफल मिली जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों पर लिंगानुपात में सुधार से जुड़े उपायों की प्रभावी ढंग से निगरानी न करने और संबंधित कानूनों को जमीन पर सही तरीके से लागू करने में नाकाम रहने का आरोप है। विभाग ने इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। ये अधिकारी हुए सस्पेंड एसीएम सुमिता मिश्रा द्वारा जारी निलंबन आदेश के तहत जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:     SMO डॉ. टीना आनंद     SMO विजय परमार     SMO सतपाल     MO प्रभा  

सिवाह नहर पुल हादसा: महिला का शव बरामद, पति की तलाश जारी

पानीपत  सिवाह नहर पुल पर सोमवार सुबह पूजा सामग्री प्रवाहित करते वक्त असंध निवासी दंपती का पैर फिसल गया और वह बह गए। महिला का शव करीब 20 किलोमीटर दूर सोनीपत के खूबड़ू झाल से बरामद किया, पति की देर शाम तक तलाश जारी रही। मृतक कमलेश (56) बेटे गौरव के बयान में सामने आया कि दंपती पूजा सामग्री प्रवाहित करने के दौरान हादसे का शिकार हुए। असंध निवासी 60 वर्षीय मुरारी लाल गोयल राइस मिलर थे। उनकी आढ़त की दुकान और फैक्ट्री भी है। सोमवार तड़के वह पत्नी कमलेश के साथ स्कूटी पर पानीपत पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने सिवाह नहर पुल के पास स्कूटी खड़ी की, चप्पलें उतारकर स्कूटी पर रखीं और नहर किनारे पहुंचे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बह गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। पंडित ने पूजा सामग्री प्रवाहित करने के लिए कहा था पुलिस को दिए बयान में गौरव ने बताया कि उनके माता-पिता को एक पंडित ने पूजा सामग्री पानीपत के पास नहर में प्रवाहित करने के लिए कहा था। इसी कारण दोनों सुबह घर से निकले थे। पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय उनका पैर फिसल गया और वे नहर के तेज बहाव में बह गए। गौरव ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार का विवाद या आर्थिक परेशानी नहीं थी। कारोबार भी सही चल रहा था। गौरव के अनुसार सोमवार सुबह जब बच्चे सैर के लिए उठे तो घर के बाहर स्कूटी नहीं थी। माता-पिता भी घर पर नहीं मिले। तलाश शुरू की और बाद में सूचना मिली कि उनकी स्कूटी पानीपत में नहर किनारे खड़ी है। इसराना के थाना प्रभारी हरिराम ने कहा कि लोगों को लगा था कि बुजुर्ग दंपती नहर में नहाने के लिए उतरे हैं, लेकिन बाद में परिवार की ओर से पूजा सामग्री प्रवाहित करने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। कमलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मुरारी लाल की तलाश जारी है।

देशभर में दवा संकट नहीं होगा, मेडिकल स्टोर हड़ताल पर सरकार का बड़ा बयान

चंडीगड़ देशभर में 20 मई को प्रस्तावित मेडिकल स्टोर हड़ताल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार और दवा नियामक एजेंसियों की ओर से साफ किया गया है कि आम लोगों को दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. कई राज्यों के रिटेल फार्मेसी संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली है और मेडिकल स्टोर खुले रखने का फैसला किया है. दरअसल, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का आह्वान किया है. AIOCD देशभर के करीब 12.4 लाख केमिस्ट, फार्मासिस्ट और दवा वितरकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है. संगठन का दावा है कि ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त निगरानी के काम कर रहे हैं, जिससे दवाओं की बिक्री और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर? हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे. सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी. क्यों हड़ताल पर मेडिकल स्टोर? AIOCD का मुख्य विरोध ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म को लेकर है. संगठन का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना सही प्रिस्क्रिप्शन जांच के दवाएं बेच रहे हैं. इसके अलावा AI से तैयार फर्जी पर्चियों के जरिए एंटीबायोटिक और दूसरी दवाओं के गलत इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, IOCD के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी अब स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन उनके लिए सख्त नियम जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों में खामियों की वजह से ई-फार्मेसी कानूनी ‘ग्रे जोन’ में काम कर रही हैं. गठन का कहना है कि इन प्रावधानों के चलते ऑनलाइन फार्मेसी को बिना स्पष्ट नियामक ढांचे के काम करने की छूट मिल गई है. AIOCD चाहता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी वही नियम लागू हों जो पारंपरिक मेडिकल स्टोर पर लागू होते हैं. क्या कह रही सरकार? वहीं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कहा है कि ई-फार्मेसी को लेकर उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, दवा नियामक ने AIOCD प्रतिनिधियों से बातचीत की है और उनके मुद्दों पर विचार जारी है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि मरीजों को दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार की हड़ताल या आपूर्ति बाधित होने से खासकर बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और नियमित दवाओं पर निर्भर लोगों को परेशानी हो सकती है. इसी वजह से कई संगठनों ने सार्वजनिक हित को देखते हुए बंद से दूरी बनाई है. स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि डिजिटल हेल्थ सेवाओं और ई-फार्मेसी का विस्तार भविष्य की जरूरत है, लेकिन इसके साथ मजबूत रेगुलेशन भी जरूरी है. फिलहाल सरकार और दवा नियामक एजेंसियां इस मुद्दे पर संतुलित समाधान निकालने की कोशिश कर रही हैं, ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के दवाएं मिलती रहें और दवा कारोबार में पारदर्शिता भी बनी रहे.

जंगल में गूंजीं गोलियां, झारखंड में पुलिस-नक्सली एनकाउंटर से इलाके में हड़कंप

चक्रधरपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में हुई है। सूचना है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली मारे गए हैं। हालांकि अभी तक अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने नक्सली मारे गए हैं। घटना सोनुवा थाना क्षेत्र के केड़ाबीर इलाके में हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान पिछले दो दिनों से सोनुवा, गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सर्च अभियान चला रहे थे। तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। रुक-रुक कर चली गोलीबारी में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूचना है कि पुलिस ने उसके पास से हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसपी ने की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इलाके में ऑपरेशन जारी है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मिसिर बेसरा के नेतृत्व में सक्रिय नक्सली सूत्रों के अनुसार इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली अब भी सक्रिय हैं। हाल ही में गोईलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद संकेत मिल रहे थे कि नक्सली सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट जंगल में आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इसके बाद 29 अप्रैल को सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नक्सलियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल जंगल क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। सुरक्षाबल हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

IAS अफसरों की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोबारा भेजा समन

चंडीगढ़  एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की और से पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मामले में तलब किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सीएमडी बसंत गर्ग और चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार निर्धारित तिथि पर एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो सके। अब दोनों अधिकारियों को 20 मई बुधवार को दोबारा पेश होने के लिए समन जारी किए गए है। बीती 18 मई को ईडी ने बसंत गर्ग को दिल्ली स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। वहीं गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार को न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, जमीन उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और मंजूरियों से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में समन जारी किया गया था। दाेनों अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं गए। हालांकि गमाडा मुख्य प्रशासक संदीप कुमार की ओर से चार गजटेड अफसरों को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय भेजा गया जो सीएलयू से संबंधित सारा रिकार्ड जमा करवा कर आए। इस रिकार्ड में न्यू चंडीगढ़ में विभिन्न प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और संबंधित प्रशासनिक फाइलों से जुड़ा रिकार्ड एजेंसी को दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इन दस्तावेजों के आधार पर कई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और विभागीय अनुमोदनों को लेकर जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी विशेष तौर पर उन फाइलों की पड़ताल कर रही है, जिनमें बड़े बिल्डरों को मंजूरी दी गई थी। अब तक क्या हुआ: मामले की टाइमलाइन संजीव अरोड़ा से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों को लेकर सबसे पहले 2023 में संदेह पैदा हुआ था, जब उनकी कंपनी एचएसआरएल पर कागजों में 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल बिक्री लेनदेन और दुबई में 102 करोड़ रुपये के कथित फर्जी निर्यात का मामला सामने आया। इसके बाद ईडी ने विदेशी लेनदेन और फंड रूटिंग को लेकर प्राथमिक जांच शुरू की। अप्रैल 2026 में ईडी ने फेमा के तहत पहली बार संजीव अरोड़ा और एचएसआरएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान विदेशी लेनदेन और निर्यात दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद 5 मई 2026 को दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के आरोपों के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नया केस दर्ज किया। ईडी ने कई जगहों पर रेड की 8 और 9 मई को ईडी ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान न्यू चंडीगढ़ से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और कुछ निजी कंपनियों के दस्तावेज जब्त किए गए। 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। 10 मई को विशेष अदालत ने उन्हें ईडी रिमांड पर भेजा। 18 मई को अरोड़ा को न्यायिक में हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान कई अधिकारियों व कारोबारियों को समन जारी किए गए। 16 और 17 मई को ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग, पावरकाम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर, कारोबारी हेमंत सूद, चंद्रशेखर अग्रवाल और गमाडा से जुड़े अधिकारियों को तलब किया। एजेंसी का फोकस न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और पूर्व मंत्री से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर रहा।