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रायपुर में मौसम का डबल अटैक, अंधड़-बारिश के बाद फिर अलर्ट जारी

रायपुर. राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में शनिवार को आषाढ़ जैसी झमाझम बारिश हुई. तेज अधड़ और गरज-चमक का असर देखने को मिला. कुछ स्थानों पर बड़े पेश धराशाई हो गए, जिससे आवागमन बाधित रहा. इसके कारण वाहनें क्षतिग्रस्त भी हुई. रविवार सुबह तक पेड़ नहीं हटाए गए हैं. छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग को छोड़कर प्रदेश के शेष हिस्से में सोमवार को मौसम साफ होने लगेगा. आसमान अपेक्षाकृत साफ होगा और दिन के तापमान में वृद्धि होगी. वहीं मई के आखिरी सप्ताह तक कुछ इलाकों पर लू चलने की स्थिति बन सकती है. पूर्व-पश्चिम द्रोणिका पश्चिमी मध्य प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक बनी द्रोणिका और कुछ अन्य सिस्टमों के कारण पिछले दिनों समुद्र  से बड़ी मात्रा में नमी आई. ज्यादा नमी आने और प्रदेश में दोपहर में पड़ने वाली तेज गर्मी के कारण लोकल सिस्टम बनने से कहीं-कहीं बारिश की स्थितियां बनीं. रविवार तक इन हिस्सों में से कुछ जगहों पर हल्की बारिश और गरज-चमक पड़ सकती है. सोमवार से यहां मौसम साफ होने लगेगा. 20 मई के बाद पूरे प्रदेश में एक बार फिर से तापमान में बढ़ने पर गर्मी महसूस होगी. मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थियां अनुकूल  मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि निकोबार द्वीप समूह और उससे लगे अंडमान द्वीप क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर लगातार वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं. साथ ही इस क्षेत्र में पश्चिमी हवाएं 35 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से चल रही हैं, जो वातावरण में लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित हैं. इसके अलावा, धरती से उत्सर्जित दीर्घ तरंग विकिरण इन इलाकों में 200 वॉट प्रति वर्ग मीटर से कम दर्ज किया गया है. इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है. दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चिन्हित निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है. इसके प्रभाव से जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. दूसरी ओर, एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और उससे लगे उत्तर पाकिस्तान क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है. इसके साथ ही उत्तर-पूर्व विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में भी 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. प्रदेश में रविवार को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. अंधड़ और वज्रपात के भी आसार हैं. वहीं अधिकतम तापमान में अब बढ़ोतरी का दौर शुरू हो सकता है. कई इलाकों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है. नारायणपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, में यलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने रायपुर में आज 17 मई को आसमान में बादल छाएंगे. बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

आमजन को बड़ी राहत: 31 मई तक हर जिले और सब-डिवीजन में होगी प्री-लोक अदालत

होशियारपुर.  सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में 21, 22 और 23 अगस्त, 2026 को लगने वाली स्पेशल लोक अदालत को देखते हुए जिला और सब-डिवीजन लेवल पर प्री-लोक अदालतें शुरू हो गई हैं। CJM-कम-सेक्रेटरी डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी नीरज गोयल ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज राजिंदर अग्रवाल की लीडरशिप में जिले में ये प्री-लोक अदालतें लग रही हैं। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने 21 अप्रैल, 2026 से समाधान सेरेमनी शुरू की है, जो अगस्त 2026 में एक स्पेशल लोक अदालत के साथ खत्म होगी। इस बारे में, पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी के मेंबर सेक्रेटरी के डायरेक्शन में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी को सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केसों को आपसी समझौते से सुलझाने के लिए प्री-लोक अदालतें लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी को SAS नगर में अपने हेड ऑफिस के ज़रिए होशियारपुर ज़िले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केसों की लिस्ट मिली है। इन केसों में दोनों पार्टियों को नोटिस और समन जारी किए गए हैं ताकि आपसी समझौते से झगड़ों को सुलझाया जा सके। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज राजिंदर अग्रवाल की लीडरशिप में 31 मई, 2026 तक लगातार प्री-लोक अदालतें लगाएगी। इन कोर्ट में दोनों पार्टियों के बीच समझौता होने के बाद, 21, 22 और 23 अगस्त, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली स्पेशल लोक अदालत में मामलों के फाइनल निपटारे के लिए SAS नगर में हेड ऑफिस में रिपोर्ट भेजी जाएगी। अथॉरिटी ने जिले के उन लोगों से अपील की है जिनके मामले सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग हैं कि वे प्री-लोक अदालतों का ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाएं। आपसी समझौते से मामलों को सुलझाने से समय और पैसा बचता है और पार्टियों के बीच अच्छा रिश्ता और भाईचारा भी बढ़ता है।

लखनऊ कचहरी में बवाल: बुलडोजर कार्रवाई के बीच वकीलों पर पुलिस का लाठीचार्ज

लखनऊ राजधानी लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर रविवार को बुलडोजर चला। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई। नगर निगम, पुलिस व जिला प्रशासन की टीमों ने सुबह से ही इन्हें तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस-प्रशासन से उनकी बहस भी हुई। इस दौरान हंगामा कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं दूसरी तरफ एक वकील ने खुद को चैंबर में बंद कर लिया। उसने कहा कि हमे कोई नोटिस नहीं मिली है। सिर्फ चैंबर तोड़े जा रहे हैं। उसने चैंबर के अंदर फांसी लगाने की कोशिश की।   एक महिला वकील ने कहा कि कुछ कुछ लोगों की मिलीभगत से यह सब गलत हो रहा है। जिस जगह पर हमारे वकील बैठते थे, उस जगह को हटाया जा रहा है। अगर वे सभी चैंबर्स को गिराने से पहले बैठने के लिए कोई दूसरी जगह दे देते, तो यह ज़्यादा सही होता। उन लोगों के चैंबर्स भी गिरा दिए, जिन्हें गिराने के लिए निशान भी नहीं लगाए गए थे। 72 चैंबर्स की पहचान की गई थी। उन्हें गिराने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था। लेकिन, उन्होंने उन खास चैंबर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय, आम लोगों के चैंबर्स हटा दिए।   बताते चलें कि हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन व कचहरी के आसपास बने वकीलों के 240 अवैध चैंबर तोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस चस्पा किए थे। वकीलों को खुद अवैध चैंबर हटाने के लिए वक्त भी दिया था। इसकी मियाद पूरी होने के बावजूद इन चैंबरों को नहीं हटाया गया। इस पर बुलडोजर चलाया गया। वकीलों के हंगामे के आसार के मद्देनजर पीएसी बल भी तैनात की गई है।   इससे पहले नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे की सड़क पर, सदर तहसील व निबंधन कार्यालय, रेजिडेंसी से सीएमओ, स्वास्थ्य भवन से जिला सत्र न्यायालय की ओर सड़क पर अवैध चैंबर बनाए गए हैं। इन पर कार्रवाई होगी। हालांकि, इससे पहले ही कुछ वकीलों ने कब्जा छोड़ दिया है। जिन लोगों ने सड़क, फुटपाथ, नाले-नालियों पर कब्जा कर चैंबर व फोटो कॉपी की दुकानें बनाई हैं, उनमें अधिकतर प्रभावी लोग हैं। गत वर्ष अक्तूबर में भी नगर निगम व पुलिस ने यहां 20 अवैध चैंबर तोड़े थे, लेकिन बाद में इन्हें फिर बना लिया गया।

अस्थाई कर्मचारियों पर सरकार की नजर, हरियाणा में विभागों से तलब किया गया पूरा डेटा

जालंधर. हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (HR Department) ने एक नया आदेश जारी कर प्रदेश के महकमों में हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने उन संविदा (Contractual) कर्मचारियों की कुंडली मांगी है जो मोटा वेतन ले रहे हैं। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर निम्नलिखित जानकारी 30 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से मांगी है। वे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन ₹50,000 से अधिक है। जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक अपनी सेवा के 5 साल पूरे कर लिए हैं। पद का नाम, काम की प्रकृति, स्वीकृत पद के विरुद्ध नियुक्ति है या नहीं, और वेतन का पूरा ब्यौरा। क्या होगा इन कर्मचारियों का? सरकार के इस कदम के बाद गलियारों में चर्चा तेज है। क्या सरकार इन उच्च वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए किसी विशेष नीति (Policy) पर विचार कर रही है? लेकिन असली सवाल तो उन लाखों कच्चे कर्मचारियों का है जो वर्षों से मामूली वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। क्या सरकार सिर्फ ₹50,000 से ऊपर वालों का डेटा जुटाएगी, या कम वेतन वाले 'कच्चे' कर्मचारियों के घर भी कभी 'पक्का' होने की खुशखबरी आएगी?

DMRC का नया प्लान: यात्रियों के लिए बढ़ेंगी मेट्रो सेवाएं, 24 अतिरिक्त फेरे जोड़ने का फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा की बचत और सुविधाजनक यातायात को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीएमआरसी 18 मई 2026 से अपनी सेवाओं के विस्तार की रणनिति बना रही है। डीएमआरसी की ओर से यात्रियों की संख्या और सड़क परिवहन के बढ़ते रुझान को देखते हुए, हर सोमवार को 6 अतिरिक्त ट्रेनों के माध्यम से 24 अतिरिक्त फेरे (ट्रेन यात्राएं) संचालित की जाएंगी। इस विस्तार का उद्देश्य बढ़ती यात्रियों की संख्या के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करना है। डीएमआरसी यात्रियों की संख्या में किसी भी संभावित वृद्धि पर लगातार निगरानी रखेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर मांग के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जा सकें। डीएमआरसी उठा रही ये कदम     अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती     अतिरिक्त टिकट काउंटरों का संचालन     अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) एवं बैगेज स्कैनर सक्रिय करना     फ्रिस्किंग प्वाइंट्स पर प्रतीक्षा समय कम करना     व्यस्त अवधि के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना गंतव्य स्थलों तक आसान संपर्क सुविधा दिल्ली मेट्रो का विस्तृत नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT), एयरपोर्ट टर्मिनलों, नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के साथ सीधी एवं निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान कर एक महत्वपूर्ण परिवहन जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रहा है।  

Census 2027: लुधियाना में तेज़ हुआ पहला फेज़, 13 जून तक चलेगा फील्ड सर्वे

लुधियाना. Census 2027 का पहला फेज़, जिसमें हाउस लिस्टिंग का काम और घरों की गिनती शामिल है, 15 मई से शुरू हो गया है और पूरे ज़िले में 13 जून, 2026 तक चलेगा। इस दौरान, गिनती करने वाले और सुपरवाइज़र घर-घर जाकर लोगों से जनगणना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करेंगे। पहले फेज़ में, गिनती करने वाले 15 मई से 18 मई तक अपने दिए गए हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLOs) के लिए इमेजिनरी मैप (साइट मैप) तैयार कर रहे हैं। इसके बाद, 19 मई से हाउस लिस्टिंग का काम शुरू होगा, जिसमें घरों की हालत, घरों की संपत्ति और बेसिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की जाएगी। इस बीच, चल रहे फील्ड वर्क का एडिशनल डिप्टी कमिश्नर-कम-डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर पूनम सिंह ने इंस्पेक्शन किया। इंस्पेक्शन के दौरान, एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र को निर्देश दिया गया कि वे जनगणना की गाइडलाइन और प्रोसेस का सख्ती से पालन करते हुए मेहनत और अच्छे से काम करें। अधिकारियों को यह भी सलाह दी गई कि वे अभी की गर्मी में ज़रूरी सावधानी बरतें और सुरक्षा के लिए सुबह और शाम के समय फील्ड वर्क को प्राथमिकता दें। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से जनगणना टीमों के साथ पूरा सहयोग करने और सही जानकारी देने की भी अपील की। ​​उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा दिया गया सही डेटा ही डेवलपमेंट प्लान, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और सरकारी सेवाओं में सुधार के प्रोसेस को और असरदार बना सकता है। जिले में जनगणना 2027 की एक्टिविटी को आसानी से, असरदार तरीके से और समय पर पूरा करने के लिए काम की प्रोग्रेस और क्वालिटी का भी रिव्यू किया गया।

ED की जांच का दायरा बढ़ा, GMADA के Chief Administrator तलब

जालंधर. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के मुख्य प्रशासक को सोमवार को अपने सामने पेश होने के लिए समन भेजा है। यह समन दो बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए 'ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव' (CLU) की मंज़ूरियों में कथित तौर पर हुई भारी अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के सिलसिले में जारी किया गया है। ED द्वारा जारी समन में मुख्य प्रशासक या उनके किसी अधिकृत प्रतिनिधि (जो गजटिड अधिकारी के पद से नीचे का न हो) को जालंधर स्थित ED कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। ग्रेटर मोहाली के रियल एस्टेट जगत में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि अब ED की जांच सीधे तौर पर गमाडा और आवास विभाग के उच्च अधिकारियों पर केंद्रित हो गई है। वही अथॉरिटी जो इन विवादित मंज़ूरियों को जारी करता है जल्द ही ED के शिकंजे में होगी। 

पत्थरों पर उकेरे गए रहस्यमयी निशान, मध्यप्रदेश में पुरातत्वविद भी हैरान

रायसेन   मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के जंगलों में पुरातत्वविदों को एक बेहद प्राचीन और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। रायसेन के जामगढ़ गांव में पथरीले रास्तों के बीच करीब 800 मीटर के दायरे में फैले पत्थरों पर उकेरी गई प्राचीन पदचिन्हों (पैरों के निशान) की खोज की गई है। ये पदचिन्ह किसी महान संत के हो सकते हैं इसके साथ ही वहां शुरुआती 'नागरी लिपि' में लिखा एक शिलालेख भी मिला है, जोकरीब 10वीं-11वीं शताब्दी (परमार काल) का माना जा रहा है। इतिहासकारों का मानना है कि पत्थरों पर बने ये कदम किसी महान संत या जैन मुनि के हो सकते हैं, जो एक हजार साल पहले इस क्षेत्र से गुजरे थे।  

गोमती नगर एक्सटेंशन केस में बड़ी कार्रवाई, होटल-सैलून और संपत्ति पहले ही सीज

गोमती नगर लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह सुसाइड केस में प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बिजनेसमैन शरद सिंह के अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाया। अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। इससे पहले प्रशासन शरद सिंह के होटल, सैलून और तीन कारों को भी सीज कर चुका है। मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया था गोरखपुर निवासी रत्ना सिंह ने 12 मई को गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो बनाया था, जिसमें बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी सिंह, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। रत्ना ने वीडियो में कहा था कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी वजह से वह यह कदम उठाने को मजबूर हो रही है। पुलिस अभी तक एक आरोपी को दबोचा रत्ना के पिता सुधीर सिंह की शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी मंगलनाथ यादव को गिरफ्तार किया, जो शरद सिंह के होटल में काम करता था। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। सीएम योगी से मिले थे पीड़िता के पिता 15 मई को रत्ना के पिता ने सीएम योगीसे मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद 16 मई को उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बच रहा है और पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और उनकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की गईं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

सरकारी अस्पतालों में दवा प्रबंधन होगा डिजिटल, एक्सपायरी दवाओं पर लगेगी रोक

रांची राज्य के सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में कौन-सी दवा कब एक्सपायर होगी, यह जानकारी सरकार के पास रहेगी। इसकी नियमित रूप से जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर सी-डैक के माध्यम से सिस्टम तैयार करा रहा है। पहले चरण में यह व्यवस्था मेडिकल कालेजों व जिला अस्पतालों में शुरू होगी। बाद में इसे अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी अपनाया जाएगा। वर्तमान में राज्य स्तर पर मेडिकल हेल्थ एंड इंफ्रस्ट्राक्चर डवलपमेंट कारपोरेशन द्वारा या जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से जो भी दवा की खरीदारी होती है, उसकी खपत की निगरानी के लिए कोई ठोस और पुख्ता तंत्र नहीं है। कई बार दवाइयां उपयोग नहीं होने से एक्सपायर्ड हो जाती है। राज्य में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें आवश्यकता से अधिक दवाइयां खरीदी गईं, जिससे बाद में उनका उपयोग नहीं होने से बेकार हो गईं। कई बार अस्पतालों में एसपायर्ड दवाइयां फेंके जाने जलाए जाने की भी शिकायतें आती हैं। अब दवाइयाें की ऑनलाइन निगरानी होने से ऐसे मामलों पर रोक लगेगी। ऑनलाइन निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदार भी तय की जाएगी। दवा एक्सपायर्ड होने के एक-दो माह पहले आनलाइन नोटिस भी संबंधित अधिकारियों या चिकित्सा प्रभारियों को मिलेगा ताकि वे अलर्ट हो सकें। स्वास्थ्य में डिजिटल को दिया जा रहा बढ़ावा स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए डिजिटल को लगातार बढ़ावा दे रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भी राज्य में कई कार्य किए जा रहे हैं। लैब रिपोर्ट ऑनलाइन मिलने की भी व्यवस्था की जा रही है। मरीजों या उनके परिजनों को उनके मोबाइल पर भी रिपोर्ट आ जाएगी। हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम (एचएमआइएस) के तहत भी अस्पतालों की सभी व्यवस्था को ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर राजधानी रांची में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित करने की भी तैयारी है। निजी अस्पतालों के लिए भी अनिवार्य राज्य सरकार राज्य के सभी निजी अस्पतालों में भी एबीडीएम (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) आधारित एचएमआइएस शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वैसे सभी निजी अस्पताल जो आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना या झारखंड अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, उनमें इसे अनिवार्य किया गया है।