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योगी सरकार की डिजिटल पहल को नई मजबूती, राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ीं यूपी की सभी 251 मंडियां

लखनऊ  किसानों को बेहतर बाजार सूचना उपलब्ध कराने और मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में योगी सरकार की डिजिटल पहल को नई मजबूती मिली है। उत्तर प्रदेश की सभी 251 कृषि उपज मंडियां अब देश के कृषि बाजार सूचना नेटवर्क 'एगमार्कनेट 2.0' से जुड़ गई हैं। उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के ई-मंडी पोर्टल का एगमार्कनेट 2.0 से एपीआई आधारित एकीकरण पूरा होने के साथ प्रदेश की सभी मंडियों से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो गई है। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मंडी परिषद की इस उपलब्धि की सराहना की है। योगी सरकार प्रदेश की मंडी व्यवस्था में तकनीक का अधिकतम उपयोग कर किसानों और व्यापारियों तक सेवाओं और बाजार सूचनाओं की पहुंच आसान बनाने की दिशा में काम कर रही है। ई-मंडी व्यवस्था के माध्यम से मंडियों की विभिन्न प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। अब इसे राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क से जोड़ने से उत्तर प्रदेश की मंडियों में दर्ज कृषि उपज के भाव और आवक के आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो रहे हैं। किसान जान सकेंगे कहां क्या भाव, बाजार में कितनी आवक सभी 251 मंडियों के एकीकरण का सबसे महत्वपूर्ण लाभ किसानों को बाजार की व्यापक जानकारी के रूप में मिलेगा। अलग-अलग मंडियों में किसी कृषि उपज के क्या भाव हैं और कितनी आवक हो रही है, इसकी जानकारी से किसान बाजार का रुख समझकर अपनी उपज के विपणन से जुड़े निर्णय बेहतर ढंग से ले सकेंगे। भाव और आवक के आंकड़ों की व्यापक उपलब्धता से कृषि बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। व्यापारियों को भी अलग-अलग बाजारों की स्थिति समझने में सुविधा होगी। वहीं कृषि बाजार के रुझानों के विश्लेषण और नीतिगत निर्णयों के लिए अधिक व्यवस्थित डेटा उपलब्ध होगा। भाव और आवक के तुलनात्मक आंकड़े उपलब्ध होने से किसानों को अलग-अलग बाजारों की स्थिति समझने में भी आसानी होगी। भाव और आवक की सूचनाओं का निर्बाध प्रवाह हुआ सुनिश्चित उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की मंडी व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से अधिक पारदर्शी और किसानोपयोगी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब किसान तक सही बाजार सूचना सही समय पर पहुंचे। सभी 251 मंडियों को एगमार्कनेट 2.0 से जोड़ने से भाव और आवक की सूचनाओं का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित हुआ है। इससे किसानों को बाजार की स्थिति समझने और अपनी उपज के विपणन से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। सभी 251 मंडियों से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग एगमार्कनेट 2.0 से तकनीकी एकीकरण के साथ प्रदेश की सभी 251 मंडियों से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित होना भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इतने बड़े मंडी नेटवर्क से नियमित और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित होना मंडी परिषद की डिजिटल व्यवस्था और फील्ड स्तर के समन्वय की प्रभावशीलता को दर्शाता है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव चिन्मय गोटमारे ने सभी 251 मंडियों के सफल एपीआई एकीकरण और शत-प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग की सराहना की है। उन्होंने इसे मंडी परिषद, मंडी समितियों, अधिकारियों, तकनीकी टीम और फील्ड स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया है। क्या है एगमार्कनेट 2.0? एगमार्कनेट यानी 'एग्रीकल्चरल मार्केटिंग इन्फॉर्मेशन नेटवर्क' कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यहां देश की कृषि मंडियों में विभिन्न कृषि जिंसों की आवक और बाजार भाव से संबंधित जानकारी एक स्थान पर उपलब्ध होती है। इसका उद्देश्य किसानों, व्यापारियों, नीति निर्माताओं और कृषि बाजार से जुड़े अन्य हितधारकों तक विश्वसनीय एवं समयबद्ध बाजार सूचना पहुंचाना है। उत्तर प्रदेश के ई-मंडी पोर्टल के एपीआई आधारित एकीकरण के बाद प्रदेश की मंडियों में दर्ज भाव और आवक का डेटा डिजिटल माध्यम से सीधे इस राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच रहा है।

जीवाजी विश्वविद्यालय में एनएसएस के विश्वविद्यालय स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ

ग्वालियर, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सात दिवसीय विश्वविद्यालय स्तरीय नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। जिसमें ग्वालियर चंबल संभाग के सभी जिलों से 315 स्वयंसेवक/प्रतिभागी/कार्यक्रम अधिकारी/जिला संगठक महोदय शामिल हुए। जिसका 28 सितम्बर 2026 को शिविर का विधिवत उद्घाटन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर के प्रथम दिन का आरंभ प्रातः 5:00 बजे जागरण, प्रभात फेरी एवं शारीरिक प्रशिक्षण (पी.टी.) के साथ हुआ। तत्पश्चात स्वामी विवेकानंद केंद्र, ग्वालियर के संगठक श्री श्रवण जी ने स्वयंसेवकों को योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया। शिविर के सुचारू संचालन व नेतृत्व कौशल संवर्धन के उद्देश्य से प्रतिभागियों को 5 कार्यदलों में विभाजित कर विभिन्न दायित्व सौंपे गए। सत्र के मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन ग्वालियर के प्रमुख परम पूज्य स्वामी श्री कृष्णमित्रानंद पुरी जी महाराज ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक जीव की अंतर्निहित शक्ति को पहचानना ही जीवन का वास्तविक ध्येय है। उन्होंने युवाओं से चरित्र निर्माण, आत्मशक्ति और ध्यान के माध्यम से 'विकसित भारत' की कमान संभालने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि एनएसएस केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि चरित्र और राष्ट्र निर्माण की सुदृढ़ आधारशिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा विश्व के स्वाभाविक नेतृत्वकर्ता हैं और स्वामी विवेकानंद जी के विचारों का अनुसरण कर वैश्विक स्तर पर भारत का गौरव बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के क्षेत्रीय निर्देशालय (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के उप सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने शिविर को जीवन की वास्तविकता, सेवा, धर्म और अनुशासन का अद्भुत संगम बताया तथा स्वयंसेवकों को निरंतर समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य एडवोकेट भानु प्रताप सिंह एवं जीनियस इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर की डायरेक्टर श्रीमती रक्षणा सासोड़े विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सत्र के दौरान अतिथियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया तथा डॉ. हरिशंकर सिंह कंसाना जी द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।   कार्यक्रम के समापन पर डॉ. मनोज अवस्थी जी ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रशासन को दिया निर्देश- मृतकों के परिजनों व घायलों से निरंतर संवाद रखें, आवश्यक वस्तुएं कराएं मुहैया

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में सोमवार को हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने जनहानि पर शोक जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने मृतकों  के परिजनों व घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि जनपद फतेहपुर में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये व घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का भी ऐलान किया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने एवं घायलों के परिजनों से संवाद कर हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने का भी निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

आवासीय इलाकों में कारोबार की छूट! भोपाल के 80+ क्षेत्रों में बदलेंगे नियम

भोपाल भोपाल में आवासीय में कारोबार की छूट के लिए मास्टर प्लान में मार्केट स्ट्रीट का मास्टर स्ट्रोक मारा गया है। जिन मुख्य मार्गों की चौड़ाई 18 मीटर या उससे अधिक है और जहां अवैध निर्माण के शमन से जुड़े अधिकांश मामले निपटाए जा चुके है, उन्हें राज्य सरकार विचार-विमर्श के बाद मार्केट स्ट्रीट घोषित कर सकती है। अरेरा कॉलोनी, अवधपुरी, गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, संतनगर, करोद समेत शहरभर में 80 से अधिक क्षेत्रों में इसका असर होगा। सरकार और संबंधित अफसर के विवेक पर छोड़ दिया गया है कि यदि इस चौड़ाई की सड़क किनारे कारोबार करने वाले कई घर हो गए हैं तो बचे हुए घरों को भी कारोबार की छूट दे दी जाए। मार्केट स्ट्रीट घोषित होने के बाद उन सड़कों पर स्थित आवासीय प्लॉटों पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की कानूनी अनुमति होगी। यह छूट मुख्य सड़क से सटे मूल प्लॉट की गहराई तक ही मान्य रहेगी। सरकार ऐसी सड़कों को मार्केट स्ट्रीट के तौर पर अधिसूचित कर आगामी समय में कानूनी जामा पहना देगी। ऐसे समझें स्थिति मास्टर प्लान में इस प्रावधान को महज चार लाइन में लिखा गया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेस एंड अर्बन मैनेजमेंट के पूर्व डायरेक्टर डॉ. एचएम मिश्रा के अनुसार मार्केट स्ट्रीट के प्रावधान स्पष्ट करने चाहिए, ताकि पता चले इसमें किस तरह की मंशा है। गौरतलब है कि आवासीय क्षेत्र में अवैध तौर पर संचालित दुकानों वाले क्षेत्र को अचानक पूरी तरह से मार्केट स्ट्रीट बनाया जाता है तो व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेगी। गाड़ियों की आवाजाही बढ़ेगी, जाम और पार्किंग की दिक्कत के साथ इनके पास के आवासीय क्षेत्रों में लोगों की शांति भंग होगी। शोर-शराबा और भीड़भाड़ बढ़ेगी, जिससे वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों और परिवारों की निजता प्रभावित होगी। इतना ही नहीं, पानी की खपत् बिजली की मांग और कचरा प्रबंधन पर दबाव बढ़ जाएगा। यहां जमीनों के दाम तो काफी बढ़ जाएंगे, लेकिन ठीक पीछे की गलियों में रहने वाले लोगों के लिए शांति और सुरक्षा की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। बाजार इन गलियों से पीछे की अपेक्षाकृत कम चौड़ाई वाली गलियों में सहजता के साथ फैल जाएगा। आपत्ति सुझाव 25 अक्टूबर तक कार्यालयों में नक्शे ही नहीं मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2047 पर 25 अक्टूबर तक आपत्ति सुझाव की समय सीमा है। लोग ड्राफ्ट, नक्शे, खसरे देखने टीएंडसीपी कार्यालय समेत कलेक्ट्रेट, संभागायुक्त कार्यालय पहुंच रहे। स्थिति ये है कि ड्राफ्ट जारी किए तीन दिन का समय बीत गया, अब तक टीएंडसीपी में खसरों के पैनल नहीं लगे हैं। सिर्फ दो नक्शे लगाए हुए है। इन्हें समझाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की। लोगों को सबसे अधिक आपत्ति ऑनलाइन सुनवाई को लेकर है। कोरोना के समय ऑनलाइन सुनवाई हुई थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है। ऑफलाइन सुनवाई में बेहतर बात रखी जा सकती है। टीएंडसीपी की वेबसाइट पर अलग से विंडो ओपन कर आपत्ति देने का प्रावधान किया जा रहा है। गलियों में सड़कें छोटी की, ताकि निर्माण न टूटे स्थानीय सड़कें जिन्हें मास्टर प्लान में सब सेक्टर रोड का नाम दिया, मौजूदा ड्राफ्ट में इन्हें 15 मीटर से 25 मीटर किया गया, जबकि पिछले प्लान में ये 12 मीटर से 18 मीटर थी। इसका असर ये कि सड़क चौड़ाई बढ़ाने में होने वाली तोड़फोड़ को पूरी तरह खत्म कर सड़क किनारे के व्यावसायिक निर्माणों को बचाया जा सके। आर्किटेक्ट-प्लानर राजेश चौरसिया के अनुसार, मास्टर प्लान में बदलाव की जरूरत है। मिक्स्ड लैंडयूज होना चाहिए. लेकिन इसके लिए स्पष्ट तौर पर छोटे प्लॉट बनाने, अधोसंरचना से मजबूती से जुड़े प्रावधान करना जरूरी है। आवासीय और व्यवसायिक में किसी तरह का टकरान हो. इसपर योजना तय करना चाहिए। ड्राफ्ट पर इनकी बात बाघ भ्रमण क्षेत्र ग्राम बैरागढ़ व दौलतपुर की 425 हेक्टेयर भूमि राजस्व जंगल थी। पिछले साल ही इसे वन को ट्रांसफर की गई। चंदनपुरा में इसी तरह 357 हेक्टेयर जमीन मिलाकर 1200 एकड़ जमीन बनती है। ये पूरा बाघभ्रमण का क्षेत्र है, लेकिन यहां जिस तरह 60 मीटर 24 मीटर तक की सड़कें तय कर दी. उससे बाघ मानव संघर्ष का रास्ता खोल दिया है। मामले में मैंनें एनटीसीए को फोन पर व अब ईमेल से जानकारी दे रहा हूं। -प्रभाष जेटली, एक्सपर्ट बाघ संरक्षण व पर्यावरण पूरे ड्राफ्ट को पढ़कर सिर्फ इतना लग रहा है कि टीएंडसीपी के नियम कानून, प्रावधानों को मानने वाले पूरी तरह से ठगे गए हैं। जिन्होंने मनमर्जी की। तमाम तय नियम तोडे उन्हें इस ड्राफ्ट में उपकृत करने की कोशिश की है। आवासीय क्षेत्र की शांति के लिए कोई सौदा-समझौता कारोबार नहीं किया। 2005 में तय आवासीय क्षेत्र के रीडॅसिफिकेशन को तय कराने ये लेकर सड़कों की चौड़ाई कहीं घटाकर कहीं बढ़ाकर जो लाभदेने की मंशा स्पष्ट दिख रही है।- लवनीश भाटी, याचिकाकर्ता मास्टर प्लान के इस ड्राफ्ट ने रहवासी क्षेत्रों के साथ शहर के पर्यावरण को भारी चोट पहुंचाई है। असीमित एफएआर का क्या मतलब होता है? किसी शहर को नियोजित करने वाला ड्राफ्ट तो नहीं लग रहा है। कर्नाटक सरकार ने भी ऐसा ही प्लान तैयार किया था, जिसके प्रावधानों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। हम मॉनीटरिंग कर रहे हैं और ये मामला भी कोर्ट में मजबूती से रखेंगे। ग्रीन एरिया में अन्य गतिविधि तय की गई, स्पांज सिटी, रेंटल हाउसिंग जैसे शब्दों का उपयोग बता रहा है कि प्लानिंग में भोपाल से बाहर वालों की बड़ी भूमिका है।- पूर्णेदु शुक्ला, रहवासी गुलमोहर कॉलोनी में नौ मीटर की रोड पर होटल्स खुल हैं। 1800 घरों की कॉलोनी है सब परेशान हो रहे हैं। आवासीय प्लॉट में अस्पताल है, घरों में होटल है, रेस्टोरेंट है। रोजाना पार्किंग और अन्य विवाद बन रहे। असामाजिक तत्वों की आवाजाही हो रही है। मास्टर प्लान में इन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं किया। इन्हें नियमित करने के प्रावधान आवासीय में परेशानियां बढ़ाएंगे। 80 फीसदी या इससे चौड़ी सड़कों के किनारे प्रावधान करें तो ठीक होगा। अभी तो काफी गड़बड़ी प्लान है। सुधार होना चाहिए।- ललीत यावय, अध्यक्ष गुलमोहर समिति

कुशीनगर में ततवा टोला के पास टूटा बांध, देर रात तक पल-पल की जानकारी लेते रहे मुख्यमंत्री

गोरखपुर  कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी का कहर कई गांवों पर बरपा। यहां एपी तटबंध के ततवा टोला के पास बांध टूट गया, जिससे व्यापक हानि का अनुमान है। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात ही सक्रिय हो गए। उनके निर्देश पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन व राहत से जुड़ी टीमें राहत-बचाव कार्य में जुट गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही गोरखपुर के आयुक्त, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी आदि से  संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होंने तत्काल राहत-बचाव कार्य प्रारंभ कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा से जुड़ी टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि को भी मोर्चा संभालने का निर्देश देते हुए व्यापक स्तर पर बचाव कार्य करने को कहा।

CM भजनलाल का कांग्रेस पर हमला, EVM से नौकरी तक कई मुद्दों पर घेरा

जयपुर नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा। राजस्थान के खैरथल में CM भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसे। चुनावी हार से लेकर EVM, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, सहकारिता, पेपर लीक और बच्चों की ड्रेस तक के मुद्दे पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग हवा-हवाई बातें करते हैं और जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देने लगते हैं। ‘हार गए तो EVM दोषी!’ CM ने कसा तंज खैरथल के होटल ग्रीनलैंड में सभा को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने जनता से जुड़कर काम नहीं किया। अगर जनता से जुड़कर काम किया होता तो ऐसी दुर्गति नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम करती है। CM ने कहा कि कांग्रेस के लोग सेना पर भी आरोप लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हैं। जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देते हैं ‘गणित कमजोर है तो ट्यूशन लगा लो’ नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा। भजनलाल ने कहा कि अब तक 1.89 लाख नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, 1.22 लाख के पेपर हो चुके हैं और 1.25 लाख की वैकेंसी निकाली जा चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- ‘अगर इनका गणित कमजोर हो तो ट्यूशन लगा लें।’ ड्रेस में भी ‘कांटा’… CM का कांग्रेस पर हमला बच्चों की ड्रेस और छात्राओं की स्कूटी को लेकर भी CM ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बहनों को स्कूटी और बच्चों को ड्रेस दे रही है, लेकिन कांग्रेस के समय ड्रेस और स्कूटी में भी ‘कांटा’ लगाया जाता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह तय किया जाता था कि सामान कहां से खरीदना है और कहां से नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब स्कूटी और ड्रेस का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में डाल रही है। सहकारिता पर भी घेरा भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सहकारिता को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। उनके मुताबिक पहले सहकारिता की सदस्यता के लिए पोर्टल सीमित समय के लिए खोला जाता था और अपने लोगों को सदस्य बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सहकारिता की सदस्यता खोल दी है और हर ग्राम पंचायत में सहकारिता की समिति बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक राजस्थान में 10 लाख लोग सहकारिता के सदस्य बन चुके हैं। गहलोत-डोटासरा-जूली को भी घेरा हरियाणा से हुए समझौते को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में राजस्थान-हरियाणा समझौता रद्द करने की बात कही थी। CM ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा में उस घोषणा पत्र को लॉन्च किया था। भजनलाल ने सवाल उठाया कि अब कांग्रेस राजस्थान की जनता से किस मुंह से वोट मांग रही है। भूपेंद्र यादव बोले- ‘कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिले’ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस भाजपा की जीत को लेकर सवाल उठा रही थी, लेकिन अलवर के भिवाड़ी, किशनगढ़बास, गोविंदगढ़ और खेड़ली में उसे उम्मीदवार तक नहीं मिले। यादव ने कहा कि इन जगहों पर भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। उन्होंने सहकारिता बैंक का मुद्दा उठाते हुए भी कांग्रेस पर निशाना साधा। 117 करोड़ के 95 कामों का लोकार्पण-शिलान्यास इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ के लिए 117 करोड़ रुपए के 95 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। खैरथल में CM ने ईआरसीपी के तहत नीमराणा बांध के काम की शुरुआत, 45 मीटर मास्टर प्लान सड़क का विकास, तिजारा से फिरोजपुर हरियाणा सीमा तक सड़क सुदृढ़ीकरण और जिला मुख्यालय पर PHED के नए अधिशासी अभियंता पद सहित कई घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद खैरथल-तिजारा जिले में भजनलाल शर्मा का यह तीसरा दौरा है। भाजपा का बोर्ड बनने के बाद खैरथल में यह उनका पहला दौरा रहा।  

सीएम ने अधिकारियों को दिया निर्देश: बर्बाद हुई फसल का आकलन कर किसानों को दिलाएं मुआवजा

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में विगत दिनों अत्यधिक बारिश से नुकसान को लेकर पुनः जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गोरखपुर में शासन व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से हुई जनहानि पर परिजनों को तत्काल मुआवजा दिलाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं, वहां प्रशासन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान व समन्वय से पीड़ितों की मदद करे। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के अधिकारियों से कहा कि बारिश से जिन परिवारों के घर गिरे हैं और जिनके पशुओं की हानि हुई है, उनका तत्काल आकलन कराकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुआवजा वितरित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, वहां प्रशासन, कृषि विभाग, बीमा कंपनी फसलों का आकलन कर यथाशीघ्र मुआवजा दें। प्रभावित परिवारों की समय से यथोचित सहायता करें, इसमें हीलाहवाली कतई न हो।

प्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का महत्वपूर्ण योगदान है :- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर का बड़ा योगदान है। हमारा अनूपपुर जल संपदा से संपन्न है। जिले में केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में तकनीक और नवाचार से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता का विस्तार करना हमारा लक्ष्य है। प्रदेश में कुछ समय बाद किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जारी सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत किसान हितैषी योजनाओं की जानकारियां अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा की जायें। राज्य सरकार युवाओं, गरीबों, महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ-साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो गया है। उन्होंने किसान भाइयों से समय रहते पंजीयन कराने का आह्वान किया।  ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री निवास से अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसान बंधुओं से संवाद किया। राज्य सरकार हर कदम पर किसान भाईयों के साथ है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान चौपालें लगाकर किसान हितैषी योजनाओं का प्रसार-प्रचार किया जाए। किसान चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अनूपपुर में धान, गेंहू, दलहन और तिलहन के उत्पादन के साथ हमारे किसान नई तकनीक और नई फसलों को अपना रहे हैं। किसानों द्वारा मशरूम और स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाइयों को पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियां अपनाते हुए नवीन तकनीक और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्जव है, किसान भाई अपने बच्चों को कृषि उद्योगों से जोड़े। राज्य सरकार हर कदम पर किसान भाईयों के साथ है। ग्रामीण भाईयों को मिलेंगे सुगम परिवहन सेवा और नि:शुल्क रजिस्ट्री के लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आरंभ हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना का लाभ दूरदराज के गांव वालों को मिलेगा। ग्रामीण भाईयों के लिए नि:शुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई है। राज्य सरकार बच्चों की बेहतर पढ़ाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया किसान भाईयों से संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान भाईयों क्रमश: रमेश सिंह, अरूणकुमार चंद्रवंशी, प्रेमलाल केवट, रामभजन और माधव सिंह राठौर से उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक खेती, शासकीय योजनाओं और पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के संबंध में बातचीत की। अनूपपुर के कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश उपस्थित रहे

IIIT रांची के छात्र सक्षम का कमाल, ₹1.25 करोड़ में हुआ प्लेसमेंट

रांची भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची के सक्षम ने 1.25 करोड़ का पैकेज पाकर इतिहास रच दिया। सक्षम ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पढ़ाई की थी। उन्हें ग्लोबल आईटी कंपनी रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद पर यह नौकरी मिली है। संस्थान के मुताबिक, यह संस्थान के इतिहास में अब तक हुए प्लेसमेंट में सबसे अधिक का पैकेज है। इस तरह न केवल सक्षम ने बल्कि IIIT रांची ने भी एक नया इतिहास रच दिया है। पढ़ाई के साथ तकनीकी कौशल पर किया काम संस्थान के अनुसार, पढ़ाई के दौरान सक्षम ने तकनीकी कौशल के साथ समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने की क्षमता पर भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने व्यावसायिक कौशल भी विकसित किए। इन्हीं क्षमताओं के आधार पर प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद के लिए उनका चयन हुआ। सक्षम की इस उपलब्धि को संस्थान ने छात्रों के लिए उपलब्ध बेहतर करियर अवसरों से भी जोड़ा है। IIIT रांची का कहना है कि संस्थान में छात्रों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें तकनीकी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर दिया जाता है। इंटरव्यू और प्लेसमेंट की तैयारी में मिली मदद IIIT रांची के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से छात्रों को कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाता है। इसके तहत छात्रों को इंटरव्यू की तैयारी, तकनीकी कौशल और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है। संस्थान के शिक्षक और मेंटर्स भी छात्रों को जरूरी सलाह देते हैं। संस्थान के मुताबिक, इसी तरह की तैयारी से छात्रों को अलग-अलग कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। सक्षम की सफलता में उनकी मेहनत के साथ संस्थान की पढ़ाई और प्लेसमेंट से जुड़ी तैयारी को भी अहम माना गया है। सक्षम ने परिवार और शिक्षकों का जताया आभार अपनी सफलता पर सक्षम ने परिवार, दोस्तों और संस्थान के शिक्षकों व मार्गदर्शकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाली है। उन्होंने अपने पूरे सफर में साथ देने और उन पर विश्वास बनाए रखने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। वहीं, IIIT रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने सक्षम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सक्षम की सफलता संस्थान में विकसित की जा रही उत्कृष्टता की भावना का उदाहरण है।

दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के परिवारों का पूरा ध्यान रख रहे सीएम डॉ. मोहन, किस बात पर कर रहे फोकस?

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए राज्य के बच्चों की शिक्षा सर्वोपरि है। वे कई बार भगवान श्री कृष्ण का उदाहरण देकर शिक्षा के महत्व को दर्शा भी चुके हैं। इसलिए उन्होंने छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के विकास पर भी खासा ध्यान दिया है। उन्होंने नई शिक्षा नीति लागू कर इसकी व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार सुशासन की परिकल्पना को धरातल पर साकार करते हुए संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिक्षा विभाग के दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के परिवारों का भी ख्याल रख रहे हैं।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। विभाग ने लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई है। विभाग के इस कदम से पात्र परिवारों को उनके अधिकार समय पर मिलेंगे और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित होगा। सीएम डॉ. यादव के नेतृत्व में कर्मचारी कल्याण शिविर भी शुरू किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याएं ऑनलाइन मिल सकेंगी। साथ ही, उनका निराकरण भी जल्दी होगा। शिक्षा विभाग की सुदृढ़ व्यवस्था के चलते अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया। दो दिन पहले ही 251 और नियुक्ति आदेश जारी किए गए। इसके साथ ही पिछले 4-5 दिनों में कुल 851 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। यह पहल दिवंगत शिक्षकों-कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को सम्मानजनक जीवन का आधार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा को नई दिशा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, तकनीक आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया है। राज्य सरकार स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने, शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। सरकार के प्रयासों में विद्यार्थियों को फ्री किताबें, साइकिल, यूनिफॉर्म, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं जी जा रही हैं। सरकार ने सांदीपनि स्कूलों के जरिये आधुनिक सुविधाओं और शिक्षा का बेहतर वातावरण विकसित किया है। शिक्षा विभाग ने प्रवेश से लेकर अन्य प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 और स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। सरकार ने दिए लैपटॉप शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसी महीने 1.21 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने में मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा में 55 पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए गए हैं। इन संस्थानों में पारंपरिक विषयों के साथ रोजगारपरक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर जोर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र शुरू करने, विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने और नए पाठ्यक्रमों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की है। इससे विद्यार्थियों को अपने जिले में ही उच्च शिक्षा के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास दिखाई देता है। शिक्षकों की भूमिका पर फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ शिक्षकों को भी महत्वपूर्ण भागीदार माना है। इसी साल जनवरी में राज्य सरकार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकारी स्कूलों के बेहतर परिणाम और बढ़ते नामांकन में शिक्षकों के योगदान पर अहम चर्चा की। सितंबर में शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के युवा शिक्षकों से सीधे संवाद कर शिक्षा नीति, तकनीक और विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों पर उनके विचार जाने। शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ डिग्री नहीं, कौशल भी सरकार की शिक्षा नीति में अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिखाई देता है। स्कूल स्तर पर डिजिटल संसाधनों और प्रोत्साहन योजनाओं से लेकर कॉलेज स्तर पर रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तक किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों के बुनियादी ढांचे, डिजिटल व्यवस्था, विद्यार्थी प्रोत्साहन, शिक्षकों के संवाद और उच्च शिक्षा में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया है।