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ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: मंत्री पटेल

पंचायतों को बनाए आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी : मंत्री पटेल ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे पंचायतों के श्रेणीकरण, जल संरक्षण, डिजिटल सेवाओं और अधूरे आवासों के प्रभावी उपयोग पर दिए निर्देश पंचायत दर्पण पोर्टल पर नागरिक सेवाओं का विस्तार, बिजली-पानी बिल एवं कर भुगतान की ऑनलाइन सुविधा पर जोर विकास भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश भोपाल ग्रामीण विकास योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सिर्फ आधारभूत सुविधाएं देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त और रोजगारोन्मुखी बनाना होगा। यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विकास भवन में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। मंत्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों का श्रेणीकरण उनके वास्तविक डाटा और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर किया जाए तथा इस प्रक्रिया में पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त और रोजगारोन्मुखी बनाना होना चाहिए। मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान, सामुदायिक शौचालयों की स्थिति तथा वीवीजी रामजी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत ऐसे कार्यों का चयन किया जाए, जिनसे रिचार्जिंग सिस्टम को मजबूती मिले और जल संरक्षण के स्थायी परिणाम प्राप्त हों। सामुदायिक भवनों के रखरखाव एवं स्वच्छता के लिए उपलब्ध राशि का उपयोग उसी परिसर में किया जाए तथा आवश्यकता अनुसार उपयुक्त स्थलों का चयन किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री पटेल ने अधूरे आवासों की स्थिति पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिन हितग्राहियों का निधन हो चुका है और उनके आवास अधूरे हैं, ऐसे मामलों में नियमानुसार पंचायतें भवनों को पूर्ण कर उन्हें आंगनवाड़ी, सामुदायिक भवन अथवा अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने भूमि संबंधी समस्याओं के कारण आवास निर्माण से वंचित पात्र परिवारों के प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत प्रदेश के 24 जिलों में भारत सरकार द्वारा प्राप्त 1.89 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत स्वीकृतियां प्रदान की जा चुकी हैं तथा 1.44 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। आवास पूर्णता के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए बहु-स्तरीय स्वीकृति व्यवस्था के स्थान पर सहज प्रणाली विकसित की गई है, जिससे पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि पूरे भूगोल और स्थानीय संसाधनों की संरक्षक है। उन्होंने पंचायत क्षेत्र के वृक्षों की जियो-टैगिंग कर उनकी जिम्मेदारी तय करने तथा पंचायत का डिजिटल नक्शा नागरिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में बिजली एवं पानी के बिलों का डिजिटल जनरेशन तथा भुगतान व्यवस्था विकसित होने से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी। बैठक में पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से नागरिक सेवाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सिस्टम विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से ऑनलाइन कर भुगतान, भवन निर्माण अनुमति, ग्रामीण संपत्ति कर सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त बिल जनरेशन एवं ऑडिट जैसी सुविधाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। मंत्री पटेल ने निर्देश दिए कि पंचायतों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए तथा योजनाओं से जुड़े अधिकारियों का पर्याप्त कार्यकाल सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने जन-जागरूकता गतिविधियों को भी गति देने पर बल दिया। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ने सहारनपुर से किया राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ

सहारनपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर (कंपोजिट) से राज्यव्यापी स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण (1 से 15 जुलाई) का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें। शिक्षा व्यक्ति, समाज व राष्ट्र की सुदृढ़ आधारशिला है। अच्छी शिक्षा ही सभ्य, संस्कारित नागरिक बनाती है और सही मार्ग दिखाती है। अच्छी शिक्षा से ही अच्छे समाजसेवी, शिक्षक, प्रधानाचार्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्यमी, इंजीनियर, चिकित्सक, न्यायिक अधिकारी आदि निकलेंगे। देश के भविष्य को बनाने वाली भावी पीढ़ी जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़े, शिक्षा के कारण वह आत्मविश्वास से भरपूर होकर समाज व राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन कर सकेगी। नीयत साफ थी तो परिणाम भी अच्छे आए सीएम ने कहा कि 2017 में पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने स्कूल चलो अभियान प्रारंभ किया। सरकार की नीयत साफ थी तो परिणाम भी अच्छे आए। शिक्षा के उन्नयन के लिए सरकार की नीति स्पष्ट थी। सरकार बिना भेदभाव हर बच्चे तक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ बढ़ी थी। 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद में केवल 36 फीसदी विद्यालय ही पूरी तरह संतृप्त माने जा रहे थे। उस समय टॉयलेट, पेयजल, फर्नीचर, लाइब्रेरी, लाइट, मिड डे मील आदि की समुचित व्यवस्था नहीं थी। तब ऑपरेशन कायाकल्प चलाकर मैंने जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, अधिकारियों से अपील की कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में व्यापक रूप से सुविधाएं उपलब्ध कराकर संतृप्तिकरण के लक्ष्य को पूरा किया जाए और उसके पैरामीटर तय किए जाएं।  5 वर्ष में 96 फीसदी से अधिक विद्यालयों का संतृप्तिकरण सीएम ने कहा कि हमने तय किया कि हर स्कूल में बालक/बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल और मिड डे मील में प्रतिदिन का भोजन तय हो। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, सरकार की ओऱ से हर बच्चे को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें आदि देकर सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जाए। विद्यार्थियों व शिक्षकों के अनुपात को ठीक किया जाए। इसके लिए अभियान प्रारंभ किया गया। इसका असर हुआ कि बेसिक शिक्षा विद्यालयों का 36 फीसदी का संतृप्तिकरण बढ़कर अगले पांच वर्ष में 96 फीसदी से अधिक हो गया। हर बच्चे को बैग, बुक, जूते-मोजे, स्वेटर, यूनिफॉर्म आदि मिलना प्रारंभ हुआ, परिणामस्वरूप नामांकन बढ़ा। 9 वर्ष में 60 लाख से अधिक बच्चे बेसिक शिक्षा परिषद में बढ़े और ड्राप आउट रेट 19-20 फीसदी से घटकर 3-4 फीसदी तक रह गया। बच्चा स्कूल नहीं गया तो समाज व राष्ट्र की क्षति मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक है कि कोई भी बच्चा स्कूल से जाने से वंचित न रहे। कोई भी बच्चा यदि शिक्षा से वंचित है तो यह केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज व राष्ट्र की भी क्षति है। इन्हीं बच्चों को समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व देना है। यहां बैठे जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक आदि भी कभी छात्र थे। सभी ने पढ़ाई की तो इस स्तर तक पहुंचे। यदि बच्चा पढ़ा-लिखा नहीं है तो समाज व राष्ट्र की अपूर्णीय क्षति करेगा और दिग्भ्रमित हो जाएगा। हमें ऐसी पीढ़ी खड़ी करनी है, जो राष्ट्र के कर्तव्यशील नागरिक के रूप में दायित्वों का निर्वहन कर सके। हर तबके का दायित्व- कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे सीएम ने विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर समृद्ध समाज बनाने वाले जागरूक नागरिकों से अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह दायित्व केवल उन्हीं परिवारों का नहीं है, जिन परिवारों में बच्चे हैं। राजनेता, सांसद, विधायक, पार्षद, ब्लाक प्रमुख, प्रधान, जिला पंचायत अध्य़क्ष, अधिकारी, शिक्षक, अधिवक्ता, व्यापारी, चिकित्सक समेत हर तबके का दायित्व है कि आसपास अवलोकन करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहने पाए। हर बच्चे को स्कूल पहुंचाना है, क्योंकि यह हमारा सामाजिक दायित्व व राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। राष्ट्रीय कर्तव्य जब सामूहिकता के साथ निर्वहन होता है तो राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है।  स्कूल चलो अभियान को जनांदोलन का हिस्सा बनाएं सीएम ने स्कूल चलो अभियान को अच्छी शुरुआत बताया। सीएम ने समाज के हर वर्ग से भी अपील की कि स्कूल चलो अभियान को जनांदोलन का हिस्सा बनाएं और हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं। बेसिक शिक्षा परिषद के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों का दायित्व है कि जिन बच्चों का एडमिशन हुआ है, उन्हें समय पर यूनिफॉर्म का पैसा, बैग, बुक्स, जूता-मोजा समेत आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हों और पठन-पाठन का बेहतरीन माहौल हो।  हर विद्यालय में सुविधाएं उपलब्ध करा रही सरकार सीएम योगी ने सरकार द्वारा बच्चों के लिए प्रारंभ किए गए विशेष अभियान का भी जिक्र किया। कहा कि सरकार हर विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, शिक्षकों को टैबलेट आदि तमाम सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद में डेढ़ लाख से अधिक दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण भी दिए गए। गत वर्ष 13 हजार से अधिक गंभीर व बहुदिव्यांग बच्चों को छह हजार रुपये प्रतिवर्ष एस्कॉर्ट अलाउंस, 23 हजार से अधिक दिव्यांग बालिकाओं को प्रतिवर्ष दो हजार रुपये स्टाइपेंड भी उपलब्ध कराया गया है।    शिक्षा क्षेत्र में यूपी सरकार सतत कार्यरत मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मोदी जी ने 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की है। 26 वर्ष के पश्चात भारत ने यह नीति घोषित की। लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को कौशल आधारित शिक्षा देना प्रारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार तथा अनुदेशकों के मानदेय को 9 हजार प्रतिमाह से बढ़ाकर 17 हजार किया है। हर शिक्षामित्र, शिक्षक, प्रधानाचार्य, रसोइया, अनुदेशक को पांच लाख रुपये वार्षिक कैशलेस इलाज की सुविधा घोषित की है।  शिक्षकों से बोले सीएम- अगले 15 दिन खूब मेहनत कीजिए सीएम ने शिक्षकों से अपील की कि अगले 15 दिन जमकर मेहनत कीजिए। ग्राम पंचायत, वार्ड में जाकर हर परिवार से मिलिए, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कीजिए कि किस स्कूल में अधिक से अधिक बच्चे आ सकते हैं। स्कूल में बेहतरीन माहौल दीजिए। बच्चों को प्यार से कविताओं, गानों, मुहावरों, लोकोक्तियों के माध्यम से सिखाने की नई पद्धति को जन्म देना होगा। यह शिक्षा बच्चों को जीवन भर याद रहेगी।  मां शाकंभरी की बरस रही विशेष कृपा  सीएम ने कहा कि स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ मां शाकंभरी … Read more

वीबी जीरामजी योजना के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर 261 से बढ़कर हुई 300 रुपए प्रतिदिन

रायपुर वीबी जी राम जी के लागू होने के पहले दिन ही श्रमिकों को बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। जहां भारत सरकार द्वारा विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें अधिसूचित की गई हैं। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।          नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर को 261 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके तहत मजदूरी दर में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अभूतपूर्व है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण आजीविका को और मजबूती मिलेगी।          भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के लिए अकुशल हस्त कार्य हेतु मजदूरी दर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकार द्वारा वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है ।         आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है। 2 जुलाई को ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से प्रदेश में शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।  अब 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी            इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था प्राप्त होगी। वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत, नए स्कूल भवन का किया लोकार्पण

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद  महेश कश्यप भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दोनों अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बच्चों को स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य वनमंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि शिक्षा एक मजबूत और विकसित समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर सकें। सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीक का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। बनियागांव में नए स्कूल भवन का लोकार्पण शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर ग्राम बनियागांव में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया गया। नए भवन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधायुक्त वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। स्मार्ट टीवी और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कार्यक्रम में विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। बच्चों के साथ किया सहभोज कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री  केदार कश्यप और सांसद  महेश कश्यप ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शाला प्रवेश उत्सव ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का नया संदेश दिया।

पटना में 36 BCS अधिकारियों का स्थानांतरण, सिवान और सहरसा में नए डीडीसी नियुक्त।

पटना  बिहार प्रशासनिक सेवा (Bihar Administrative Servie) के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, अपर समाहर्ता, उप सचिव और मूल कोटि स्तर के 36 पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें में पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे अमिताभ सिंह को सिवान को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बनाया गया है। वहीं सिवान के डीडीसी मुकेश कुमार को स्थानांतरित कर सहरसा का अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) नियुक्त किया गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहे अनिल कुमार को समाज कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव, गिरिधारी लाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में संयुक्त सचिव, सुरेंद्र प्रसाद को मुजफ्फरपुर बंदोबस्त पदाधिकारी बनाया गया है। श‍िवहर के अत‍िरि‍क्‍त प्रभार में रहेंगे मुजफ्फरपुर के बंदोबस्‍त पदाधिकारी उन्हें शिवहर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी की। नालंदा के अपर समहर्ता रहे अभिषेक श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव की जिम्‍मेदारी दी गई है। बिहार विकास मिशन के उप निदेशक विपिन कुमार राय को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशान विभाग में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रहे अनुराग कौशल सिंह को उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। सामान्‍य प्रशासन व‍िभाग में योगदान देंगे अन्‍य अधिकारी अधिसूचना के मुताबिक सभी स्थानांतरित पदाधिकारी नवपदस्थापन वाले पद पर अविलंब योगदान करेंगे और इसकी सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को देंगे। वैसे पदाधिकारी जिनका पदस्थापन नहीं हुआ है वे पदस्थापन की प्रतीक्षा में सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान करेंगे। गौरतलब है कि 1 जुलाई को बड़ी संख्‍या में पुलिस, प्रशासन से लेकर अन्‍य विभागों के पदाधिकारियों का तबादला किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री का महारानी अस्पताल में औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं के दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, 300 बिस्तर विस्तार और नई सुविधाओं को सुनिश्चित करने दिए निर्देश रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को बस्तर अंचल के महारानी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल की गौरवशाली पहचान के अनुरूप मानवीय संवेदनाओं के साथ मरीजों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर 300 शैयायुक्त करने के निर्देश देते हुए नए सेटअप तथा अस्पताल भवन उन्नयन का प्रस्ताव विभाग को भेजने कहा। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डायलिसिस सेंटर एवं कैंसर यूनिट के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की अंदरूनी सड़कों की मरम्मत भी शीघ्र करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट तथा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और उपचार के लिए आए मरीजों तथा उनके परिजनों से आत्मीयता से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक उपकरणों की शीघ्र स्थापना कर सभी 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर महारानी अस्पताल में केक काटकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से समर्पण और सेवा भाव के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने नौवें जी.एस.टी. दिवस पर किया करदाताओं का सम्मान

भोपाल राज्यपालमंगुभाई पटेल ने कहा कि जी.एस.टी. को लागू करना 'एक-राष्ट्र, एक-कर, एक-बाजार' की अवधारणा तक सीमित नहीं होकर, 'एक-राष्ट्र, एक-संकल्प और एक-साझा उत्तरदायित्व' का जीवंत प्रतीक है। जी.एस.टी. की नौ वर्षों की इस यात्रा से  देश को दशकों पुराने इंस्पेक्टर राज और  जटिल कर तरीकों के जाल से मुक्ति मिली है। यह ऐतिहासिक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि जब केंद्र और राज्य एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो आर्थिक सुधार केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह जाते, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लेते हैं। राज्यपालपटेल बुधवार को जी.एस.टी. के नौवें वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सी.जी.एस.टी. और सेंट्रल एक्साईज भोपाल द्वारा “सुगम कर–सशक्त भारत” थीम पर रविन्द्र भवन में किया गया। राज्यपालपटेल ने प्रदेश के उत्कृष्ट करदाता और संस्थाओं को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपालपटेल ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने कर व्यवस्था को सरल तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बना कर देश के छोटे, मझोले और बड़े उद्यमियों को व्यापार के एक समान और सुरक्षित अवसर प्रदान किए हैं। प्रधानमंत्रीमोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सहभागिता के लिए सी.जी.एस.टी. विभाग को उनके मूल मंत्र “सबका साथ-सबका विकास” का सतत रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने करदाता आधार के विस्तार, राजस्व संग्रह, टेक्नोलॉजी आधारित अनुपालन और पारदर्शी प्रशासन में नए मान दंड स्थापित करने की दिशा में सी.जी.एस.टी. भोपाल ज़ोन के प्रयासों की सराहना की। राज्यपालपटेल ने कहा कि यह आप सब की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि “सुगम कर व्यवस्था-सशक्त भारत" के सिद्धांत, विभागीय नीतियों और प्रशासनिक कार्यों में दिखाई दे। ऐसा व्यापक टैक्स आधार तैयार करें, जिसमें व्यवसायों के लिए समान अवसर के साथ ही स्वैच्छिक अनुपालन की संस्कृति को भी मजबूती मिले। टैक्स चोरी करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। किन्तु किसी भी ईमानदार करदाता को परेशानी अथवा उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़े। याद रहे कि कर दाताओं के पास नीति-निर्माताओं से सीधे संपर्क का माध्यम नहीं है, आप ही अपने ज़ोन में कर दाताओं के लिए सरकार का चेहरा हैं। राज्यपालपटेल ने कहा कि जी.एस.टी. दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने कार्यों में कार्य कुशलता, पारदर्शिता और उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। सहकारी संघवाद की भावना को और मजबूत करेंगे। एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे जो आर्थिक रूप से अधिक सक्षम, अधिक एकीकृत और अधिक समृद्ध हो। उन्होंने सभी कर अधिकारियों से लोकसेवा में सत्य निष्ठा, ईमानदारी और नैतिक आचरण के सर्वोच्च मानकों के पालन की अपील की। राज्यपालपटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका केन्द्रीय जी.एस.टी., कस्टम और आबकारी, भोपाल जोन के मुख्य आयुक्तमानस रंजन मोहंती ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।मोहंती ने सुगम कर व्यवस्था से सशक्त भारत के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार के प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आम आदमी के लिए टैक्स राहत और व्यापार सुगमता की दिशा में किए जा रहे सरकार के नवाचारों से अवगत किया। केन्द्रीय जी.एस.टी. की प्रधान आयुक्त श्रीमती एन. पद्मश्री ने जी.एस.टी. के 9 साल के क्रियान्वयन, परिवर्तन और उपलब्धियों की जानकारी दी। आभार अतिरिक्त महानिदेशक राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नार्कोटिक्स अकादमीलोकेश लिल्‍हारे ने व्यक्त किया। समारोह में केन्द्रीय जी.एस.टी. आयुक्तधीरेन्द्र मणि त्रिपाठी, विभाग के पूर्व चीफ कमिश्नरनवनीत गोयल, अपीलेट अथॉरिटी के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी उनके परिजन और कर दाता मौजूद थे।  

Chhattisgarh News: CM के विजन से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

रायपुर : मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर 250 सीटर अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र से युवाओं को मिलेगी महानगरों जैसी सुविधा 24 घंटे खुली रहने वाली लाइब्रेरी में डिजिटल संसाधन, ऑक्सी रीडिंग जोन और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष व्यवस्था रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह परिसर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री साय ने 21 जून 2025 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर जिले में जिला मुख्यालय जशपुर और कुनकुरी के सलियाटोली में ऐसे आधुनिक परिसर बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को विशाल पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और तकनीकी सुविधाओं से युक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुला रहेगा। ’आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर’     नालंदा परिसर में इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थी प्राकृतिक वातावरण के बीच विकसित ऑक्सी रीडिंग जोन में भी अध्ययन कर सकेंगे। परिसर को पर्यावरण अनुकूल अवधारणा के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा। ’ज्ञान के साथ स्वास्थ्य और नवाचार पर भी रहेगा फोकस’     परिसर में विद्यार्थियों की समग्र आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इसे स्वायत्त एवं स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। ’डिजिटल लाइब्रेरी और अत्याधुनिक प्रबंधन प्रणाली’     नालंदा परिसर की लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड वाई-फाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें तथा ई-लर्निंग संसाधनों की सुविधा भी रहेगी। परिसर में आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान, आरएफआईडी से पुस्तकों की ट्रैकिंग तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी।     यह नालंदा परिसर जशपुर जिले के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही महानगरों के समान आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की बेहतर तैयारी का सशक्त केंद्र बनेगा।

बिजली संकट से निपटने के लिए PSPCL का बड़ा कदम, पंजाब में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन शुरू

चंडीगढ़. पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने भीषण गर्मी और धान की रोपाई के सीजन को देखते हुए बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए राज्यभर में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम से 24 घंटे बिजली आपूर्ति पर नजर रखी जाएगी, ताकि कटौती की समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पावरकॉम ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 भी जारी किया है। उपभोक्ता बिजली सप्लाई ठप होने, बिल से जुड़ी परेशानी या अन्य शिकायतें इस नंबर पर दर्ज करवा सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए PSPCL कंज्यूमर सर्विस मोबाइल ऐप के जरिए भी शिकायत और फीडबैक दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। बिजली विभाग के अनुसार, सभी जोनल स्तरों पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि पटियाला स्थित मुख्य कार्यालय में भी एक विशेष कंट्रोल रूम काम कर रहा है। यहां से फील्ड स्टाफ और तकनीकी टीमों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तुरंत समाधान किया जा सके। गौरतलब है कि पंजाब में इन दिनों बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। भीषण गर्मी और धान की फसल के लिए लगातार सिंचाई की जरूरत के कारण बिजली खपत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में पावरकॉम पर निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को पंजाब में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया। दोपहर करीब 12 बजे राज्य में अधिकतम मांग 16,130 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक मांग है।  

ग्राम पंचायत परसोंडी, लखनपुर में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद, जनसेवा और विकास के संकल्प को दोहराया

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्रीअग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्रीअग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। मंत्रीअग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए। जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्रीराजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।