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पानीपत में बुलडोजर एक्शन: अवैध कॉलोनियों पर चला प्रशासन का डंडा, 29 गलियां तोड़ी गईं

पानीपत. नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। कॉलोनियों में की गई कार्रवाई पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई। जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया। कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।

RTE दाखिला विवाद, निजी स्कूलों पर बीएसए की सख्ती बढ़ी

लखनऊ राजधानी के नामी विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2020 (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने राजधानी के करीब 55 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है, एक सप्ताह के अंदर प्रवेश न लेने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीएसए विपिन कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एल्डिको लखनऊ पब्लिक स्कूल की अपील को खारिज करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में 55 ऐसे विद्यालय हैं जो आरटीई के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विद्यालय में चयन होने के बाद भी बच्चों को प्रवेश नहीं देना चाहते हैं। इन विद्यालयों को नोटिस जारी करते हुए प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय के अनुसार, राजधानी के सिटी मॉन्टेंसरी, जयपुरिया, टीपीएस, एलपीएस, स्टडी हॉल सहित 35 से अधिक विद्यालयों को पहले से नोटिस जारी किया गया है। जबकि अन्य विद्यालयों को भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्चों को प्रवेश न देने पर विद्यालय की मान्यता रद्द करने की भी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का ये है आदेश हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से भेजे गए सभी बच्चों को प्रवेश देना निजी विद्यालयों का कर्तव्य है। आरटीई अधिनियम के तहत प्रत्येक विद्यालय में 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने पर सरकार को कार्रवाई का अधिकार है। 4500 बच्चे प्रवेश के इंतजार में बीएसए कार्यालय के अनुसार, राजधानी के 1600 निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेश होने हैं। अभी तक 12,000 विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया जारी है। करीब 4500 ऐसे बच्चे हैं जिनका आरटीई में चयन हुआ है लेकिन निजी विद्यालय प्रवेश देने में हीलाहवाली कर रहे हैं।  

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत भोपाल में महाराष्ट्र और गुजरात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन

एक भारत श्रेष्ठ भारत संकल्पना के तहत भोपाल में महाराष्ट्र और गुजरात स्थापना दिवस का भव्य आयोजन भोपाल  एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना के अंतर्गत आज लोकभवन, मध्यप्रदेश (भोपाल) में महाराष्ट्र एवं गुजरात स्थापना दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल आदरणीय  मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में गुजराती समाज एवं समग्र मराठी समाज के आई साहेब ग्रुप द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात “मी मराठी”, पारंपरिक गोंधळ, छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित “शिवकार्य”, भावपूर्ण प्रस्तुति “बिन जसे अंकुरते” एवं ऊर्जावान समापन “जय मल्हार” के साथ कार्यक्रम ने एक अद्भुत सांस्कृतिक यात्रा प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा, वीरता, भक्ति एवं सांस्कृतिक विविधता का सुंदर चित्रण किया गया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु राजभवन/लोकभवन प्रबंधन टीम के उत्कृष्ट समन्वय, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं समर्पण की सभी ने सराहना की। अंत में, अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए इस आयोजन को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना का सशक्त उदाहरण बताया।

पंजाब में रेल यात्रियों को झटका, एक महीने तक पैसेंजर ट्रेन सेवाएं बंद

रूपनगर/चंडीगढ़. जिला ऊना के दौलतपुर चौक और अंबाला छावनी जंक्शन के बीच वाया नंगल डैम, भानुपली, श्री आनंदपुर साहिब, किरतपुर साहिब, भरतगढ़, घनौली, रूपनगर, मियांपुर, कुराली, मोरिंडा जंक्शन, खरड़, साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), चंडीगढ़ जंक्शन आदि स्टेशनों पर ठहराव करते हुए चलने वाली ट्रेन नंबर 74991/74992 पैसेंजर रेलगाड़ी आगामी 31 मई तक रद्द रहेंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार चंडीगढ़ जंक्शन-न्यू मोरिंडा रेलवे सेक्शन पर तकनीकी कार्य प्रगति पर हैं जिसके कारण अंबाला मंडल द्वारा ये फैसला लिया गया हैं। इस ट्रेन के रद्द होने से निजी व सरकारी क्षेत्रों मे काम करने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं व्यापारी वर्ग को भी दिक्कत होगी।

CGPSC मेंस एग्जाम अपडेट: अब 6 जून से होंगी परीक्षाएं, बदला पूरा कार्यक्रम

रायपुर. सगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है। अभ्यर्थियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है, जिससे उम्मीदवारों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार मुख्य परीक्षा का आयोजन अब 06 जून से 09 जून 2026 तक किया जाएगा। परीक्षा राज्य के निर्धारित केंद्रों में आयोजित होगी और सभी व्यवस्थाएं आयोग की ओर से सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार- 06 जून 2026: भाषा एवं निबंध 07 जून 2026: सामान्य अध्ययन-I एवं II 08 जून 2026: सामान्य अध्ययन-III एवं IV 09 जून 2026: सामान्य अध्ययन-V एडमिट कार्ड 10 दिन पहले होंगे जारी आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि से लगभग 10 दिन पूर्व आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए जाएंगे। उम्मीदवारों को समय पर एडमिट कार्ड डाउनलोड करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्णय से मिली राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभ्यर्थियों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस फैसले से हजारों उम्मीदवारों को राहत मिली है, जो कम समय में तैयारी को लेकर चिंतित थे। जनप्रतिनिधियों ने उठाई थी मांग मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक और विधायक दल के स्थायी सचिव आशुतोष सुरेंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया था। तैयारी के लिए मिलेगा पर्याप्त समय हर वर्ष प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बीच लगभग 105 से 110 दिनों का अंतराल दिया जाता है, लेकिन इस बार यह समय कम था। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया, जिससे अभ्यर्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके। CM साय ने कही ये बात मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उन्हें निष्पक्ष व अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। इस निर्णय का अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा व्यापक स्वागत किया जा रहा है। अब उम्मीदवार बेहतर रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।

ईशांक श्रीवास्तव का कमाल, 9 घंटे 50 मिनट में समुद्र तैरकर रचा इतिहास

रांची कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों' ये पंक्तियां जब दुष्यंत कुमार ने लिखीं तो उन्हें नहीं पता था कि रांची का 7 साल का ईशांक श्रीलंका और भारत के बीच पड़ने वाले समुद्री रास्ते को इतनी कम उम्र में तैरकर पार कर देगा और इसके लिए महज 9 घंटे 50 मिनट की तैराकी करनी पडे़गी। ईशांक अब इस स्ट्रेट को तैरकर पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का रिकॉर्ड बना लिए हैं। कौन हैं ईशांक ईशान रांची के धुर्वा के रहने वाले हैं। बीते दिनों ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से भारत के धनुषकोडी तक के खतरनाक पाक स्ट्रेट को तैरकर पार किया। ईशांक ने 29 किलोमीटर की समुद्री दूरी को तय करने के लिए महज 9 घंटे 50 मिनट का समय लिया। इसके साथ ही अब ईशांक ऐसा करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 30 अप्रैल को ईशांक ने श्रीलंका के तलाईमन्नार से अपनी यात्रा शुरू की थी। अगले 9 घंटे और 50 मिनट में ईशांक ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक को इस उपलब्धि के लिए यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम की तरफ से यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाक स्ट्रेट स्विमर का वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट दिया गया है। ईशांक ने यह उपलब्धि कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और अपने पक्के इरादे से हासिल की है। क्या करते थे ईशांक पाक स्ट्रेट को सबसे तेज पार करने के लिए ईशांक रांची के धुर्वा डैम में रोजाना 4-5 घंटे प्रैक्टिस किया करते थे। अपने कोच अमन कुमार जयसवाल और बजरंग कुमार के मार्गदर्शन में ईशांक की मेहनत रंग लाई और उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। ईशांक की इस उपलब्धि ने ना सिर्फ रांची बल्कि देश का नाम विश्व स्तर पर किया है। तारीफों की बाढ़ ईशांक रांचीक के श्यामली डीएवी स्कूल की तीसरी कक्षा के छात्र हैं। इस उपलब्धि के लिए स्कूल की तरफ से भी ईशांक के लिए तारीफों की बाढ़ आ गई है। उनकी इस उपलब्धि पर प्रिंसिपल ने कहा कि ईशांक की यह उपलब्धि स्कूल के लिए, पूरे रांची शहर के लिए और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस कम उम्र में ईशांक का कठिन समुद्री परिस्थितियों में विश्व रिकॉर्ड बनाना असाधारण साहस और पक्के इरादे के चलते संभव हो पाया है। प्रिंसिपल ने ईशांक की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाना उनकी लगन और मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रिंसिपल ने कहा कि ईशांक की यह उपलब्धि बाकी छात्रों को भी प्रेरित करेगी।

कोचिंग सिटी कोटा में दर्दनाक घटना, नीट परीक्षा से एक दिन पहले छात्र ने किया सुसाइड

 कोटा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) के आयोजन से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के कोटा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीक्षित प्रसाद ने छत से कूदकर आत्महत्या (Dixit Prasad Suicide) कर ली. मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा का रहने वाला दीक्षित पिछले दो साल से कोटा में रहकर कड़ी मेहनत कर रहा था. पुलिस ने परिजनों को दी सूचना घटना की सूचना मिलते ही कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया. बताया जा रहा है कि दीक्षित ने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या छात्र कल होने वाली परीक्षा के तनाव में था या आत्महत्या के पीछे कोई और कारण था. पुलिस ने अल्मोड़ा में छात्र के परिजनों को सूचना दे दी है और उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी. रविवार को होने वाली परीक्षा से ठीक पहले उठाए गए इस खौफनाक कदम ने एक बार फिर कोचिंग सिटी में छात्रों के मानसिक दबाव और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गूगल मैप के भरोसे न रहें छात्र बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कल यानी 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. एजेंसी ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि वे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पूरी तरह गूगल मैप पर निर्भर न रहें. एनटीए के मुताबिक, कई परीक्षा केंद्रों की भौगोलिक स्थिति गूगल मैप पर स्पष्ट या सटीक नहीं है. ऐसे में किसी भी तरह की देरी या असुविधा से बचने के लिए छात्र अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए पते की पुष्टि पहले ही केंद्र पर जाकर कर लें. रिकॉर्ड 22.8 लाख उम्मीदवार इस साल नीट-यूजी 2026 के लिए रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन हुए हैं. कुल 22,79,743 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जिनमें महिला उम्मीदवारों की संख्या करीब 13.3 लाख और पुरुषों की संख्या 9.4 लाख है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में कोई कसर न छोड़ी जाए. छात्रों के लिए जरूरी सलाह और नियम एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से काफी पहले केंद्र पर पहुंचें और अपने साथ जरूरी दस्तावेज व एडमिट कार्ड रखें. गूगल मैप वाली चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भी छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भागदौड़ से बचें.

स्टेशन पर अब नहीं करनी होगी कुली से मोलभाव, ऑनलाइन बुकिंग से तय होगा फिक्स चार्ज

प्रयागराज रेलवे स्टेशनों पर अब आपको कुली के लिए इधर-उधर भटकने या उनके साथ रेट को लेकर मोलभाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तर मध्य रेलवे का प्रयागराज मंडल देश में पहली बार कुलियों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस पहल से यात्रियों को ओवर चार्जिंग की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यात्री रेलवे के अधिकृत एप या वेबसाइट के माध्यम से अपनी ट्रेन के आगमन या प्रस्थान के समय के अनुसार कुली को पहले से ही बुक कर सकेंगे। जैसे ही यात्री स्टेशन पहुंचेगा, बुक किया गया कुली निर्धारित स्थान पर मौजूद रहेगा। इस सेवा के लिए एक पारदर्शी डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे यात्रियों को पहले से पता होगा कि उन्हें कितना शुल्क देना है। मनमाना किराया वसूलने की अक्सर रहती है शिकायत अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों या भीड़भाड़ के समय कुछ कुली यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं, जिससे यात्रियों और कुलियों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा होती है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम शुरू होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। वाणिज्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा, बल्कि कुलियों के काम में भी अनुशासन और पारदर्शिता आएगी। जंक्शन, छिवकी से होगी शुरुआत यह सुविधा शुरुआत में मंडल के प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, कानपुर सेंट्रल, मिर्जापुर, इटावा, अलीगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर लागू की जाएगी। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे अन्य मंडल के स्टेशनों में विस्तार देने की योजना है। सीनियर डीसीएम हरिमोहन का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देना ही हमारा लक्ष्य है। यात्री कुलियों की ऑन लाइन बुकिंग कर सके इस दिशा में तैयारी की जा रही है।  

5 वर्षीय शानवी वस्त्रकार ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई प्रतिभा

5 वर्षीय शानवी वस्त्रकार ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई प्रतिभा कत्थक नृत्य में प्रथम स्थान से बढ़ाया मान बिलासपुर/ जबलपुर मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।इस प्रेरणादायक कथन को बिलासपुर के मोपका क्षेत्र की नन्हीं प्रतिभा शानवी वस्त्रकार ने साकार कर दिखाया है। महज 5 वर्ष की आयु में शानवी ने अपनी लगन, मेहनत और कला के प्रति समर्पण के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।         जबलपुर में आयोजित रेवा महोत्सव के अंतर्गत आदिदेव कला संस्थान द्वारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्तर संगीत, नृत्य एवं वाद्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित मंच पर देशभर से आये प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया जहां प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊँचा रहा।         इसी प्रतियोगिता के कत्थक नृत्य की शिशु वर्ग श्रेणी में शानवी वस्त्रकार ने एकल प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में भाव-भंगिमा, तालमेल, लय और मंच पर आत्मविश्वास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इतनी कम उम्र में उनके नृत्य की शुद्धता और अभिव्यक्ति ने ना केवल दर्शकों का मन मोह लिया बल्कि निर्णायक मंडल को भी प्रभावित कर दिया। परिणामस्वरूप शानवी को प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया।       कार्यक्रम के आयोजक एवं निदेशक अखिलेश पटेल ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर की उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और भारतीय शास्त्रीय कला को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने शानवी की प्रस्तुति को अत्यंत प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर की प्रस्तुति दुर्लभ है। प्राचार्या वर्षा चौहान ने भी शानवी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और अनुशासन भविष्य में उन्हें और ऊँचाइयों तक ले जायेगा वहीं निर्णायक मंडल में शामिल पियूष मोटघरे और अंकिता गिनारा झा ने शानवी की नृत्य शैली, भाव-प्रदर्शन और मंच पर पकड़ को उत्कृष्ट बताते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।             इस उपलब्धि पर आदिदेव कला संस्थान परिवार ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए शानवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है वहीं शानवी की इस सफलता से उनके परिजनों और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस नन्हीं प्रतिभा की उपलब्धि को गौरव का विषय बताया है। कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर शानवी वस्त्रकार ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन सच्ची हो और मेहनत निरंतर, तो सफलता जरूर कदम चूमती है। उनकी यह सफलता आने वाले समय में अन्य बच्चों के लिये भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल

मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में तबादला आदेश पर उठे सवाल वर्षों से जमे बाबुओं का नाम सूची से गायब मनेन्द्रगढ़  वनमण्डल कार्यालय में हाल ही में जारी किये गये कर्मचारियों के नवीन कार्य आबंटन (तबादला) आदेश के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। आदेश जारी होते ही जहां कई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदले गये वहीं वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे कुछ बाबुओं का नाम सूची से गायब होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।            विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जिन बाबुओं का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है वे लंबे समय से विभाग की कथित “मलाईदार” कुर्सियों पर काबिज हैं। बताया जा रहा है कि इनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ है और वे अधिकारियों के भी खास माने जाते हैं जिसके चलते इन पर कार्यवाही नहीं हो पाती। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि यदि इन कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाये तो विभाग में करोड़ों रुपयों के संभावित भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं। यही कारण है कि इनके नाम को सूची से बाहर रखा गया है।           गौरतलब है कि कुछ समय पहले मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल में कथित घोटालों को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने ही जोरदार तरीके से मुद्दा उठाया था। हालांकि अब मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है।             ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वनमण्डल के डीएफओ इन आरोपों पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष कार्यवाही करेंगे या फिर पूर्व की तरह प्रभावशाली बाबुओं को संरक्षण मिलता रहेगा। विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर अब आम लोगों की निगाहें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।