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हरियाणा में नहीं थम रही पराली जलाने की घटनाएं, आदेश के बावजूद 7 गुना बढ़े केस

चंडीगढ़. हरियाणा-पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में किसानों को फाने (गेहूं के फसल अवशेष) जलाने से रोकने के आदेश 'धुएं' में उड़ने लगे हैं। एक अप्रैल से अब तक पंजाब में 1759, हरियाणा में 1709, दिल्ली में 28, उत्तर प्रदेश में 13 हजार 378 और मध्य प्रदेश में 32 हजार 369 स्थानों पर गेहूं के फसल अवशेष जलाए जा चुके हैं। शुक्रवार को ही पंजाब में 341, हरियाणा में 144, दिल्ली में छह, उत्तर प्रदेश में 70 और मध्य प्रदेश में 158 स्थानों पर फाने जलाने के मामले सामने आए। हरियाणा में वर्ष 2023 के मुकाबले इस बार फसल अवशेष जलाने के मामले सात गुणा बढ़ गए हैं। धान सहित अन्य फसलों की बुआई के लिए खेतों को खाली करने की आपाधापी में किसान फसल अवशेषों को आग लगा रहे हैं। यह स्थिति तब है, जबकि फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर दो एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ तक 10 हजार रुपये तथा इससे ज्यादा जमीन पर 30 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है। साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। प्रदेश सरकार ने अब तक मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 552 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की है, जिससे यह किसान दो सीजन तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे। इन्हें सब्सिडी का लाभ भी नहीं मिलेगा और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली छूट रोक दी जाएगी। फसल की कटाई के उपरांत बचे हुए अवशेषों में आग लगाना एक गंभीर पर्यावरणीय संकट है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। फसल अवशेषों को जलाने से हवा में हानिकारक गैसें फैलती हैं जिससे सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। सूक्ष्म जीवों और केंचुओं की संख्या कम हो जाती है जिससे मिट्टी की उर्वरता घटती है।

SCERT की नई पहल: परिषदीय विद्यालयों में शुरू होगा दैनिक गतिविधि आधारित शिक्षण ‘अरुणोदय’

लखनऊ प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 से बच्चों को हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने पूरे वर्ष के लिए दैनिक गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया है, जिसे जल्द ही सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह पहल अपने आप में अनोखी मानी जा रही है। नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार इस कैलेंडर को ‘अरुणोदय’ नाम दिया गया है। इसके तहत हर दिन किसी न किसी विषय जैसे पर्यावरण, स्वास्थ्य, महापुरुषों की जयंती, नदियां, शब्द ज्ञान, कला, कहानी-कविता, देशभक्ति और स्वतंत्रता से जुड़े प्रसंग पर बच्चों को जानकारी दी जाएगी। यह गतिविधियां सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित होंगी। संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक बच्चों को विषय की जानकारी देंगे और उससे जुड़ी गतिविधियां भी कराएंगे। खास बात यह है कि प्रत्येक विषय के साथ क्यूआर कोड भी जोड़ा गया है, जिससे शिक्षक अतिरिक्त जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। कैलेंडर को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अनुसार अलग-अलग तैयार किया गया है, ताकि बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप सामग्री मिल सके।   विविध विषयों से होगा सर्वांगीण विकास कैलेंडर में बच्चों से छुट्टियों के अनुभव साझा कराने से लेकर मौसमी फल-सब्जियों के लाभ, वर्णमाला, शब्द निर्माण, विलोम शब्द, कहानी-कहानी, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक सेंस, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा वर्षा जल संरक्षण, पौधरोपण, बाढ़ से बचाव, संचारी रोगों की रोकथाम, विद्यालय शिष्टाचार, वाद्ययंत्र और लोकगीतों की जानकारी भी दी जाएगी। बच्चों को अच्छी आदतें, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, जीवन मूल्य, प्रकृति, आपदा प्रबंधन, ऋतुओं का ज्ञान और खेल-खेल में विज्ञान भी सिखाया जाएगा।   अखबारों से भी जोड़ने की पहल एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के अनुसार, सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए बच्चों को अखबारों से भी जोड़ा जाएगा। उन्हें नए और पुराने अखबारों की उपयोगिता, समाचारों की समझ और उनसे जुड़ी चर्चाओं के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। साथ ही गणित के डर को दूर करने के लिए खेल, पहेलियां, गणित किट और भारतीय गणितज्ञों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों का बहुमुखी विकास करना है, ताकि वे विभिन्न विषयों की समग्र जानकारी प्राप्त कर सकें। इसे जल्द ही प्रदेशभर के स्कूलों में लागू किया जाएगा।  

शराब ठेकों पर एक्साइज विभाग का बड़ा कदम, लाइसेंस फीस में कमी

जालंधर/चंडीगढ़  पंजाब में शराब के ठेकों की अलॉटमेंट प्रक्रिया के तहत एक्साइज विभाग ने पेंडिंग 25 में से 8 शराब ग्रुप (लिकर ग्रुप) अलॉट कर दिए हैं, जबकि 17 ग्रुप अभी भी बाकी हैं, जिन्हें ई-टेंडर प्रक्रिया के तहत भरा जाएगा। विभाग ने सभी ग्रुप की बिक्री यकीनी बनाने के लिए एक बार फिर लाइसेंस फीस में 3 परसेंट की कटौती की है। इस ताजा कटौती के बाद अब तक कुल 13 फीसदी लाइसेंस फीस घटाई जा चुकी है। ठेकेदारों का कहना है कि पिछले वित्त वर्ष में उन्हें इन ग्रुपों से भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जिसके कारण इस बार वे नए ग्रुप लेने में ज्यादा रूची नहीं दिखा रहे।      उनका मानना ​​है कि मौजूदा नीतियों और मुकाबले के कारण कारोबार में लाभ की संभावना कम हो गई है। एक्साइज विभाग फिर से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के शराब ग्रुप के लिए ई-टेंडर जारी करेगा। इनमें चंडीगढ़ के नए इलाके, भारतगढ़, सिटी सेंटर, टांडा, दसूहा, जालंधर के B.M.C. चौक और सोढल चौक, बलाचौर सिटी, कपूरथला-2, फगवाड़ा-2, बेगोवाल, पठानकोट बस स्टैंड, जुगियाल, परमानंद, बठिंडा-2 भारत नगर, फिरोजपुर कैंट और अबोहर सिटी-2 शामिल हैं। ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है कि राज्य में अंग्रेजी शराब की बिक्री को कंट्रोल किया जाए और सिर्फ देसी शराब के दायरे में ही कारोबार को सीमित किया जाए।  

बरनाला में मिसाल बनी संस्था, 6800 महिलाओं तक पहुंचाए 3 महीने के सेनेटरी पैड

बरनाला. न कोई सरकारी बजट, न कोई बड़ा दफ्तर, न कोई राजनीतिक मंच बस एक संकल्प कि बरनाला की एक भी बेटी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पीछे न रहे। यही संकल्प है मिट्टी फाउंडेशन का, जिसने आज तक 6800 महिलाओं और बेटियों तक तीन-तीन महीने के सेनेटरी पैड पहुंचाकर वो मुकाम हासिल किया है जो बड़ी-बड़ी सरकारी योजनाएं भी नहीं कर पाईं। आज इसी मिशन की अगली कड़ी के रूप में मिट्टी फाउंडेशन के संस्थापक एवं नगर पार्षद और हेमराज गर्ग के नेतृत्व में सर्वहितकारी उच्च विद्या मंदिर बरनाला में 200 जरूरतमंद छात्राओं को विशेष स्वास्थ्य किट भेंट की गईं। प्रत्येक किट में 28 सेनेटरी पैड, एक तौलिया, टूथब्रश और टूथपेस्ट शामिल थे। वो संख्या जो बताती है असली कहानी 6800 यह केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह 6800 उन महिलाओं और बेटियों की कहानी है जो पहले इस बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित थीं। यह उन परिवारों की मजबूरी है जहां सेनेटरी पैड को विलासिता समझा जाता था, जरूरत नहीं। और यह उस एक इंसान की जिद है जिसने तय किया कि यह हालात बदलेंगे। हेमराज गर्ग ने आज के कार्यक्रम में कहा कि जब उन्होंने यह मुहिम शुरू की थी तो लोगों ने कहा था कि इस विषय पर कौन बात करेगा, कौन साथ देगा। लेकिन आज मिट्टी फाउंडेशन की यह यात्रा 6800 महिलाओं तक पहुंच चुकी है और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। शर्म की दीवार तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती हेमराज गर्ग ने बेबाकी से कहा कि देश में सेनेटरी पैड के मुद्दे पर आज सबसे ज्यादा बात करने की जरूरत है, लेकिन शर्म और संकोच के कारण इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि यही शर्म हमारी बेटियों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी दुश्मन है। जब एक किशोरी को यह नहीं पता कि माहवारी के दौरान स्वच्छता कितनी जरूरी है तो वह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक भी पीड़ित होती है। गर्ग ने कहा कि मिट्टी फाउंडेशन केवल सेनेटरी पैड नहीं बांट रही, बल्कि उस चुप्पी को तोड़ रही है जो दशकों से हमारे समाज में घर किए हुए है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि इस विषय पर घर में, स्कूल में और समाज में खुलकर बात करें क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है। किट में था पूरे स्वास्थ्य का संदेश  इस बार वितरित की गई किट महज सेनेटरी पैड तक सीमित नहीं थी। 28 सेनेटरी पैड के साथ-साथ तौलिया, टूथब्रश और टूथपेस्ट देकर मिट्टी फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य केवल एक पहलू नहीं, यह एक समग्र जीवनशैली है। संस्था का मानना है कि जब बेटी स्वस्थ होगी तभी वह पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी और समाज को बदलेगी। विद्यालय प्रबंधन ने की सराहना सर्वहितकारी उच्च विद्या मंदिर के अध्यक्ष एडवोकेट जीवन मोदी,मैनेजर एडवोकेट अभय जिंदल और एडवोकेट सोमनाथ गर्ग ने मिट्टी फाउंडेशन की पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब समाज में ऐसी संस्थाएं काम करती हैं तो सरकारी तंत्र की कमियां भी भर जाती हैं। उन्होंने संस्था के इस निस्वार्थ कार्य को समाज के लिए अनुकरणीय बताया और कहा कि मिट्टी फाउंडेशन का यह मिशन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। कार्यक्रम में मिट्टी फाउंडेशन के अनेक समर्पित सदस्य उपस्थित रहे जिन्होंने छात्राओं को किट वितरित करने में उत्साहपूर्वक सहयोग दिया।

रमन अरोड़ा को मिली फिर से सुरक्षा, जालंधर में चल रही हैं कई तरह की अटकलें

जालंधर सत्ता की बाजी में दोस्त और दुश्मन कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता। बस वक्त और फायदा तय करता है कि कौन किसके साथ है। यह खेल ही ऐसा है, जहां चाल बदलते देर नहीं लगती। जालंधर सेंट्रल हलके की राजनीति में भी यही चल रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई राजनीतिक उठापठक के बाद सेंट्रल हलके की राजनीति गर्म हो गई है। भ्रष्टाचार के आरोपों में पिछले एक साल से विजिलेंस की कार्रवाई का सामना कर रहे विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने शुक्रवार को वापस कर दी। 354 दिन के बाद विधायक को सुरक्षाकर्मी वापस मिले हैं। राजनीति के हाशिए पर चल रहे विधायक को सुरक्षा वापस मिलने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सबके मन में बड़ा सवाल यही है कि क्या ये विधायक की सेंट्रल हलके की राजनीति में वापसी का संकेत है? अगर ऐसा है तो फिर रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद राजनीति के मैदान में सीधे तौर पर उतरे नितिन कोहली का क्या? जालंधर नगर निगम चुनाव के दौरान मित्तल की भूमिका अहम  वैसे भी राजनीति की बिसात पर मोहरों के रंग भी बदल जाते हैं। पिछले दिनों आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल ने राघव चड्ढा के साथ मिलकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। अशोक मित्तल की जालंधर में आप की राजनीति में अहम भूमिका रही है। नितिन कोहली के राजनीतिक गुरु अशोक मित्तल को ही माना जाता है। नितिन कोहली को आप में शामिल करवाने और उन्हें सेंट्रल हलके की कमान सौंपने के पीछे बड़ी भूमिका अशोक मित्तल की रही थी। यही नहीं जालंधर नगर निगम चुनाव के दौरान मित्तल की भूमिका अहम रही थी। मेयर के नाम के लिए अशोक मित्तल, वनीत धीर के साथ थे और बाद में धीर को ही मेयर बनाया गया था। अब अशोक मित्तल के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने से जालंधर में कई राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं। हालांकि एक दिन पहले ही नितिन कोहली व मेयर वनीत धीर दिल्ली में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से मिले थे लेकिन एक दिन बाद ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सेंट्रल हलके के विधायक की सुरक्षा वापस होने से राजनीति जरूर गर्म हो गई। 23 मई को विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार सुरक्षा वापस मिलने के बाद विधायक अरोड़ा के समर्थकों ने लड्डू बांटे। वहीं, विधायक ने भी पहली बार विधानसभा सत्र के दौरान की अपनी तस्वीर फेसबुक पर शेयर कर इस मामले को और हवा दी। गौरतलब है कि 12 मई, 2025 को विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने वापस ले ली थी। उनके पास नियमों से अधिक 14 सुरक्षाकर्मी होते थे। 23 मई, 2025 को विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। सितंबर, 2025 को उन्हें जमानत मिली थी। जेल से बाहर आने के बाद से अरोड़ा राजनीति में सक्रीय नहीं थे। हालांकि अब उन्हें एक गाड़ी और चार पुलिसकर्मी वापस मिले हैं। उधर सुरक्षा वापस मिली, शहर में उतार दिए होर्डिंग एक तरफ सरकार की ओर से विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा वापस करने की खबर चल रही थी वहीं, शहर में एक धार्मिक आयोजन को लेकर लगाए गए होर्डिंग जिनमें अरोड़ा की तस्वीर थी उन्हें उतरवा दिया गया। विधायक अरोड़ा श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर बाजार शेखां के तत्वावधान में साई दास स्कूल पटेल चौक की ग्राउंड में बालाजी का भव्य संकीर्तन 14 मई को करवाने वाले हैं। इसको लेकर शहर भर में होर्डिंग लगाए गए थे। शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने कई जगह से होर्डिंग उतार दिए। इसके बाद शहर में चर्चा और तेज हो गई कि एक तरफ सरकार सुरक्षा वापस कर रही है, वहीं शहर में उनके होर्डिंग उतारे जा रहे हैं। सेंट्रल हलके की राजनीति में खूब घमासान चल रहा है।     अभी में चंडीगढ़ में हूं। विधानसभा सत्र के लिए आया था। सूचना मिली है कि सरकार ने सुरक्षा वापस कर दी है। जालंधर लौटकर ही इस मुद्दे पर और अधिक बात कर पाऊंगा।     – रमन अरोड़ा, विधायक हलका सेंट्रल     विधायक रमन अरोड़ा को नियमों के तहत सुरक्षा दी गई है। एक गाड़ी और चार सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं।     – धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर जालंधर  

बिलासपुर में खेलों को बढ़ावा: सीएम साय करेंगे महिला हॉकी टूर्नामेंट का शुभारंभ

बिलासपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार 2 मई को बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जानकारी के अनुसार सीएम साय दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे. वे हेलीकाप्टर द्वारा दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड पहुंचेंगे. सीएम साय यहां बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई में आयोजित आल इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री ऑल इंडिया वुमेन हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होंगे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। जिले में आयोजित इस महिला हॉकी प्रतियोगिता को लेकर खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मैच का अवलोकन करेंगे और खिलाड़ियों से मुलाकात भी कर सकते हैं। यहां से वे 4 बजे स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई जाएंगे. यहां से वे शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे. यहां से 4 बजकर 55 मिनट पर वे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।  

पंजाब में मजदूर दिवस के मौके पर श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 15% बढ़ी, मान सरकार ने लिया बड़ा कदम

 चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा ने मई दिवस के अवसर पर शुक्रवार को 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बढ़ोतरी को श्रमिक वर्ग के योगदान के प्रति सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेस दर (मूल दर) आखिरी बार 2012 में संशोधित की गई थी। हालांकि, साल 2012 से अब तक महंगाई भत्ता बढ़ता रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी की बेस दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। शुरू करेंगे शुक्राना यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 लागू हो गया है। इस कानून के बनने के बाद अब वे 6 मई से श्री आनंदपुर साहिब से शुक्राना यात्रा शुरू करेंगे, जो 9 मई तक चलेगी। इस यात्रा के दौरान तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुक्राना किया जाएगा। जानिए अब कितनी मिलेगी न्यूनतम सैलरी सरकार की तरफ से बताया गया है कि अकुशल मजदूरों की सैलरी अब 13486 रुपये मिलेगा। प्रतिदिन 518.69 रुपये के हिसाब से देना होगा। अर्ध अकुशल मजदूरों को 14383 रुपये मिलेगा। इन्हें 553.19 रुपये प्रतिदिन दी दर से मजदूरी मिलेगी। कुशल मजदूरों को 15414 रुपये मिलेगा। इन्हें 638.50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा मिलेगा। उच्च कुशल मजदूरों को 16601 रुपये प्रति महीने न्यूनतम सैलरी मिलेगी।  वहीं, स्टाफ कैटगरी-ए के कर्मचारियों को न्यूनतम सैलरी 19431 रुपये प्रति महीने मिलेगी। इन्हें 747.34 रुपये प्रति दिन के हिसाब से वेतन मिलेगा। स्टाफ कैटगरी-बी के कर्मचारियों 17510 रुपये मिलेगा। इनको 673.46 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन मिलेगा। स्टाफ कैटगरी-सी वर्ग के कर्मचारियों को 15786 रुपये प्रति महीने वेतन मिलेगा। इन्हें 607.15 रुपये प्रति दिन की दर से सैलरी मिलेगी। स्टाफ कैटगरी-डी वर्ग के कर्मचारियों को 14406 रुपये वेतन मिलेगा। इन्हें 554.07 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पैसा मिलेगा। इस बदलाव से विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले पंजीकृत मज़दूरों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। स्टाफ कैटेगरी के बारें जानें स्टाफ कैटेगरी A: ऐसा व्यक्ति जिसके पास पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री/MBA/मार्केटिंग/फाइनेंस/ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट या कंपनी सेक्रेटरी या इसके बराबर या कोई प्रोफेशनल डिग्री हो। स्टाफ कैटेगरी B: किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट या अंडर ग्रेजुएट जिसके पास स्टेनोग्राफी में डिप्लोमा/सर्टिफिकेट कोर्स या कंप्यूटर एप्लीकेशन/अकाउंटेंसी में डिप्लोमा हो या सुपरवाइजरी स्टाफ जिसे खुद से फैसले लेने हों। स्टाफ कैटेगरी C: ऐसा व्यक्ति जो मैट्रिकुलेट से ऊपर हो लेकिन ग्रेजुएट या अंडरग्रेजुएट न हो और जिसके पास स्टेनो टाइपिस्ट/कंप्यूटर एप्लीकेशन/अकाउंटेंसी के डेटा एंट्री ऑपरेटर का सर्टिफिकेट हो, इसमें स्टाफ कीपर, सेल्समैन, असिस्टेंट और स्टोरकीपर शामिल हैं। स्टाफ कैटेगरी D: कोई भी क्लास-IV कर्मचारी (कैजुअल, कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए या कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर)  

यूपी पुलिस का एक्शन, आगरा धर्मांतरण गैंग के 4 सदस्य दबोचे, STF की मदद से कार्रवाई

आगरा यूपी के आगरा में सदर की सगी बहनों के धर्मांतरण में शामिल गैंग के चार और सदस्यों पर आगरा पुलिस ने शिकंजा कसा है। कार्रवाई में एसटीएफ की भी मदद ली गई। दिल्ली, राजस्थान में दबिश दी गई थी। पकड़े गए आरोपियों से तीन कलीम सिद्दीकी से भी जुड़े रहे हैं। धर्मांतरण के बाद सभी कागजात तैयार कराकर दिया करते थे। वर्ष 2025 में सदर की सगी बहनें नाटकीय अंदाज में घर से लापता हुई थीं। सदर थाने में अपहरण का मुकदमा लिखा गया था। मुकदमे में एक कश्मीरी छात्रा पर शक जाहिर किया गया था। पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो पुलिस के होश उड़ गए। मामला देशभर में फैले धर्मांतरण गैंग से जुड़ा हुआ था। गैंग में महिलाएं भी शामिल थीं। छह राज्यों में दबिश देकर एक महिला सहित 14 आरोपियों को पकड़ा गया था। गैंग का मास्टरमाइंड दिल्ली का अब्दुल रहमान निकला था। पुलिस ने पिछले दिनों कनाडा में रह रहे गैंग के एक फाइनेंसर के घर भोपाल में कुर्की की कार्रवाई की थी। पिछले साल जेल भेजे गए सभी 14 आरोपित जेल में बंद हैं। सबको सौंपे गए थे अलग काम पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि मुकदमे की विवेचना प्रचलित है। पुलिस को मोबाइल और लैपटॉप का डेटा खंगालने पर कई नाम और मिले। पुलिस ने उनके बार में साक्ष्य संकलन शुरू किया। पुलिस की छानबीन में पता चला कि चारों गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। सभी की अलग-अलग भूमिका है। कोई फर्जी कागजात तैयार करता है तो कोई धन मुहैया कराता है। कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है। ब्रेनवॉश करने में मदद करता है। कोई दिल्ली में रुकने के लिए ठिकाने मुहैया कराता है। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के बाद दिल्ली और राजस्थान में दबिश दी। चार आरोपियों को पकड़ा। कोर्ट ने रिमांड स्वीकृत करके आरोपियों को जेल भेज दिया है। धर्मांतरण गैंग को धन मुहैया कराता था परवेज आगरा में सदर की सगी बहनों के धर्मांतरण में शामिल गैंग के चार और सदस्यों को आगरा पुलिस ने पकड़ा है। पकड़े गए ईस्ट दिल्ली, जामिया नगर निवासी तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर (अहाता किदारा, नॉर्थ दिल्ली), जतिन कपूर (आदर्श नगर, वेस्ट दिल्ली) व हसन मोहम्मद (डींग, भरतपुर) को जेल भेजा गया है। हसन मोहम्मद गैंग से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। पहले कलीम सिद्दीकी के लिए काम करता था। अब्दुल रहमान के संपर्क में तभी से है। पुलिस का दावा है कि आरोपित निकाहनामा और धर्म परिवर्तन के कागजात तैयार किया करता था। गैंग की मांग पर भरतपुर से दिल्ली तक आता था। तलमीज उर रहमान भी अब्दुल रहमान से जुड़ा हुआ है। उसके साथ जमात में जाया करता था। परवेज अख्तर वह व्यक्ति है जो धर्म परिवर्तन के लिए किताबें तैयार कराता था। वे किताबें लोगों को ब्रेन वॉश के लिए पढ़ने के लिए दी जाती थीं। गैंग को धन भी मुहैया कराता था। जतिन कपूर गैंग को दिल्ली में ठिकाने दिया करता था।

पंजाब में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 7 मई तक बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी

लुधियाना. जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

समग्र शिक्षा 3.0 बैठक में बड़ा फैसला, KGBV शिक्षकों की सैलरी बढ़ाई गई

लखनऊ   शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के बाद अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पढ़़ाने वाले अंशकालिक शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। इन शिक्षकों की सैलरी (मानदेय) भी जल्द ही बढ़ेगी। इन्हें 17,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। गुरुवार को दिल्ली में हुई समग्र शिक्षा 3.0 की उच्चस्तरीय बैठक में अंशकालिक शिक्षकों के वेतन में वृद्धि का निर्णय किया गया है। वर्तमान में कस्तूरबा के अंशकालिक शिक्षकों को ईपीएफ काट प्रतिमाह 9961 रुपये मानदेय मिलते हैं, जो जल्द 17000 रुपये कर दिया जाएगा। इससे प्रदेश भर के करीब 2,000, देशभर के 5500 से अधिक अंशकालिक शिक्षक लाभांवित होंगे। इनके वेतन का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार, शेष 40 फीसदी राज्य सरकार देती है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत अंशकालिक शिक्षकों को परिषदीय विद्यालयों के अनुदेशक के समकक्ष माना जाता है और वेतन भी उन्हीं के बराबर दिया जाता था। अप्रैल 2026 से योगी सरकार ने अनुदेशकों का वेतन बढ़ाकर 17000 कर दिया है। अनुदेशकों का वेतन बढ़ने पर भी अंशकालिक शिक्षकों को लाभ नहीं मिला था। उनके लिए अब गुड न्यूज आई है। शिक्षा मित्रों-अनुदेशकों की कितनी बढ़ी है सैलरी यूपी सरकार ने एक अप्रैल से शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का वेतन बढ़ा दिया है। इस संबंध में योगी कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया था। शिक्षा मित्रों को 10 हजार की जगह 18 हजार रुपये वेतन मिलेगा। वर्तमान में यूपी के प्राथमिक विद्यालयों में 1 लाख 42 हजार 929 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आरटीई के तहत अनुदेशकों की तैनाती की गई है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संविदा पर 24 हजार 717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। उन्हें 9 हजार रुपये महीने मानदेय दिया जाता था। इसे बढ़ाकर अब 17 हजार रुपये कर दिया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल पांच सितंबर यानी शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया था। कस्तूरबा विद्यालयों की खासियत बता दें कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) मुख्य रूप से शैक्षिक रूप से पिछड़े विकासखंडों में वंचित और कमजोर वर्ग की बालिकाओं के लिए शिक्षा और आवासीय सुविधा प्रदान करते हैं। पहले ये विद्यालय कक्षा 6 से 8 तक के लिए थे, लेकिन अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से कक्षा 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। इन विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश में 746 ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। सभी को 12वीं कक्षा तक उच्चीकृत किया जा रहा है।