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भारतमाला घोटाले पर सख्ती: हर खसरा नंबर की होगी जांच, प्रशासन ने बनाई अफसरों की स्पेशल टीमें

रायपुर. भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा फर्जीवाड़ा की जांच एक बार फिर अफसरों की टीम करेगी। इसके लिए संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने आला अफसरों को दो नई टीम बनाई है। इस बार यह टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी। भारतमाला प्रोजेक्ट में जितने खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है उन सभी की जांच होगी। चाहे उन खसरा नंबरों की शिकायत भी न मिली हो। सभी तरह की जांच को हर हाल में एक महीने में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संभाग कमिश्नर महादेव कांवरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में बनी टीम करेगी। इसी तरह धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी हाल में ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों की भी गंभीर भूमिका है। अभी तक इस मामले में केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में दावा किया गया है कि इस मामले में और अभी डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम दोषी हैं। इसके बाद ही तय किया गया कि अब एक-एक खसरा नंबर की जांच की जाएगी कि उसमें मुआवजा सही मिला है या नहीं। इस जांच टीम के पहले अफसरों की तीन टीम भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच कर चुकी है, लेकिन इस टीम ने केवल उन्हीं खसरा नंबरों की जांच की थी जिसकी शिकायत लोगों ने की थी। 

पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, 7 मई तक बारिश और धूलभरी तेज हवाओं का यलो अलर्ट

लुधियाना  जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

रायपुर में IPL का डबल धमाका: 10 और 13 मई को मुकाबले, टिकट बिक्री कल से होगी शुरू

रायपुर. राजधानी रायपुर में 10 और 13 मई को आईपीएल मैच होने जा रहा है। इसकी टिकट की बुकिंग कल यानि 3 मई से शुरू हो रही है। मैच के टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengr s.com/ticket और ऐप पर ही उपलब्ध होंगे। किसी अन्य वेबसाइट/ऐप से नकली टिकट न खरीदें। बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी। टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है। 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे। 

लखनऊ में मई का तापमान 2 साल के निचले स्तर पर, पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

लखनऊ दो दिन हल्की बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिन के साथ रात का तापमान भी नीचे आया। यूपी की राजधानी लखनऊ में मई माह के दौरान दो वर्ष बाद न्यूनतम तापमान इतना नीचे आया है। अधिकतम तापमान में भी ठीक गिरावट रही। मौसम विभाग के अनुसार अब पछुआ फिर जोर पकड़ेगी और तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद 4 से 5 मई को एक और पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश या बूंदाबांदी होगी। तेज हवा भी चलेगी। मौसम में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आए बदलाव ने न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री गिराया। न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार को मई माह में दो साल बाद न्यूनतम तापमान इतना नीचे आया। 2024 में इस माह के दौरान 20.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा था। पिछले वर्ष मई माह का न्यूनतम पारा 21.5 तक आया था। इस साल 0.2 डिग्री और नीचे आ गया। आईएमडी लखनऊ के अनुसार दो दिन बाद फिर मौसम बदलने के आसार हैं। वहीं आज अधिकतम तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री कम 33.3 दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने से शनिवार को हल्की तपिश बढ़ेगी । दिन का पारा 40 डिग्री से नीचे रहने का पूर्वानुमान है। फिर आंधी और बारिश का अलर्ट यूपी में आंधी, बारिश, ओलों की मार का सिलसिला खत्म होने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में भी ऐसा देखना पड़ेगा। मौसम विभाग ने फिर चेतावनी जारी की है। इसके मुताबिक सोमवार से फिर बदलाव की आहट है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार तक आसमान सामान्यत: साफ रहेगा। हालांकि बादलों की आवाजाही चलती रहेगी। इससे धूप और छांव का सिलसिला भी चलेगा। तापमान में अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन तीन मई से मौसम में बदलाव की शुरुआत हो सकती है। बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि चार और पांच मई को दोबारा तेज रफ्तार आंधी, तूफान, बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है। इस दौरान बिजली गरजने और गिरने का खतरा भी बताया गया है। लिहाजा इस दौरान बाहर निकलने की मनाही की गई है। लोगों को सुरक्षित और पक्के स्थानों में शरण लेने की सलाह दी गई है। पेड़ों, जर्जर भवन या दीवारों, बिजली के खंभों, पुलों, होर्डिंग्स, टिनशेड के नीचे शरण लेना खतरनाक साबित हो सकता है। विभाग के मुताबिक 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी आ सकती है। पश्चिम यूपी में 35.8 डिग्री रहा दिन का पारा गुरुवार को दिनभर हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में कमी आई है। पश्चिम यूपी में यह 35.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.0 डिग्री कम होकर 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रात का पारा कम होने के कारण शाम से रात तक नमी का एहसास हो रहा है। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 67 दर्ज किया गया। 13.7 एमएम रिकॉर्ड हुई बारिश मौसम विभाग ने गुरुवार से लेकर शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक हुई बारिश को 13.7 मिलीमीटर रिकॉर्ड किया है। दिन में कई बार तेज और मध्यम स्तर की बारिश होती रही। देर रात भी तेज रफ्तार बारिश हुई। हालांकि इससे कई स्थानों पर जलभराव हो गया। यह शुक्रवार सुबह तक भरा रहा। लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा

बरगी क्रूज़ दुर्घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुर्घटना की जांच करेगी उच्च स्तरीय जांच समिति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा नागरिकों की जान बचाने और सहयोग देने वाले प्रत्येक श्रमिक को दिए जाएंगे 51-51 हजार रूपए बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार करेगी सम्मानित क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से की समाप्त होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण किया निलंबित रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच की गई संस्थित क्रूज़ संचालन की बनाई जाएगी एसओपी मुख्यमंत्री ने घटनास्थल जाकर पीड़ित परिवारों से की भेंट, संवेदना जताकर दी सांत्वना जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में लापरवाही करने वाले दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। होटल मैकल रिसार्ट और मैनेजर बोट क्लब बरगी सुनील मरावी को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्र को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा। पीड़ित परिवारों की सरकार हरसंभव सहायता करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने व्यथित मन से कहा कि जिन परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। कठिन समय में पीड़ितों के परिजन खुद को कतई अकेला न समझें। सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दु:ख की इस घड़ी उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में घटनास्थल का मौका मुआयना करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के हर पहलू की गहनता से जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव मध्यप्रदेश शासन, आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल किए गए हैं। यह समिति तीन बिंदुओं पर दुर्घटना की बारीकी से जांच करेगी, जिसमें दुर्घटना के कारण, क्रूज संचालन के नियम सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि भविष्य में इस तरह की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत और बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को प्रोत्साहन स्वरूप 51-51 हजार रुपए की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। रेस्क्यू टीम की जीवटता और कर्मठता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। क्रूज बोट को खींचकर किनारे पर लाया गया है। कुछ लोग अभी लापता हैं, जिनकी हरसंभव तरीकों से तेजी से तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को रेस्क्यू कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना के बारे में बताया कि जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार को हुए दु:खद हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। क्रूज हादसे के दौरान डैम के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और जबलपुर सांसद आशीष दुबे तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए थे। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्परता से यहां राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उप-मुख्यमंत्री और जबलपुर जिले के प्रभारी जगदीश देवड़ा भी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना के गोताखोरों की भी मदद ली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्रूज़ में 4 से 5 घंटे तक पानी में फंसे रहे पीड़ित रियाज को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। पीड़ित रियाज को शायद उम्मीद भी नहीं थी कि वे जिंदा रह पाएंगे, लेकिन रेस्क्यू टीम के अथक परिश्रम से आज वे हमारे साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित रियाज सहित अन्य पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मुश्किल दौर में राज्य सरकार सभी परिवारों के साथ है। हमारी संवेदनाएं सभी के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रूज दुर्घटना में जान गंवाने वालों के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रूपए और राज्य सरकार ने 4-4 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज़ हादसे में दिन-रात काम करने वाले बचाव दल के सभी जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीयजनों और मीडिया बंधुओं के सहयोग की प्रशंसा की।  

जबलपुर क्रूज हादसा: डूबते वक्त लाइफ जैकेट्स बांटते हुए आया नया वीडियो

जबलपुर  बरगी डैम में डूबे एमपी टूरिज्म के क्रूज से सामने आया नया वीडियो अब इस हादसे को सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बुनियादी सुरक्षा तंत्र की भयावह विफलता के रूप में पेश कर रहा है. वीडियो अंदर की उस दहला देने वाली सच्चाई को दिखाता है, जब क्रूज के भीतर बैठे पर्यटक अचानक मौत के जाल में फंस गए. ये तस्वीरें बेहद परेशान करने वाली हैं. क्रूज के अंदर बैठे यात्री सामान्य स्थिति में नजर आते हैं, तभी अचानक तेज़ी से पानी भीतर घुसना शुरू हो जाता है. कुछ ही सेकंड में सन्नाटा चीखों में बदल जाता है. बच्चे रोते हैं, परिवार घबराकर इधर-उधर भागते हैं, और तूफानी पानी के बीच क्रूज बुरी तरह डगमगाने लगता है।  जब डूबने लगा क्रूज, तब बांटे गए लाइफ जैकेट  लेकिन सबसे चौंकाने वाला दृश्य इसके बाद सामने आता है. क्रूज स्टाफ उस समय बंधे हुए लाइफ जैकेट खोलते दिखाई देता है, जब नाव पहले ही डूबने लगी थी. यानी जब तक सुरक्षा उपकरण यात्रियों तक पहुंचते, तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी. कई यात्री बिना लाइफ जैकेट के नजर आते हैं. कुछ लोग सीलबंद स्टोरेज से खुद जैकेट निकालने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. बहुतों के लिए तब तक बहुत देर हो चुकी थी।  यह वीडियो उन गंभीर आरोपों की पुष्टि करता दिख रहा है, जो जीवित बचे लोगों ने लगाए कि बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हुआ, यात्रियों को समय रहते लाइफ जैकेट नहीं दी गईं और तूफान के बीच उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया. इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021 के तहत हर यात्री को यात्रा शुरू होने से पहले लाइफ जैकेट देना और पहनाना अनिवार्य है, लेकिन शुरुआती जांच में यह नियम बुरी तरह टूटता नजर आ रहा है।  क्रूज में 29 टिकट पर सवार थे 40 पर्यटक क्रूज में 40 से अधिक पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 यात्रियों के जारी किए गए थे. इससे भी अधिक गंभीर तथ्य यह है कि मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी की चेतावनी के बावजूद क्रूज को बरगी डैम में उतारा गया. अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं. चार लोग, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं, अब भी लापता हैं. बारिश के कारण शुक्रवार शाम सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा, जिसे शनिवार सुबह फिर शुरू किया गया है।  टूटे ढांचे और लोहे की छड़ों में फंसा रेस्क्यू ऑपरेशन इसके बावजूद पैरामिलिट्री टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी अब तक पांच शव बरामद किए हैं, जिनमें  महिला ने आखिरी समय तक अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुई थी. अब तक इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, पैरामिलिट्री फोर्स और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी रहीं।  हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कदम उठाए गए हैं. क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी गई हैं. वहीं होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित कर दिया गया है. रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।  बरगी क्रूज हादसे के तीन वीडियो ने खोली पूरी सच्चाई जांच में यह भी सामने आया है कि कई यात्रियों को शुरुआत में लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी. बाद में जब स्थिति बिगड़ने लगी, तब जैकेट बांटी गईं. इसी कारण कई लोगों को बचाने में सफलता मिली. तीनों वायरल वीडियो ने इस हादसे के कई पहलुओं को सामने रखा है. पहला वीडियो लापरवाही और अफरा-तफरी दिखाता है, दूसरा वीडियो सामान्य लगते हुए खतरे को नजरअंदाज करने की कहानी बताता है, जबकि तीसरा वीडियो हादसे के बाद की भयावह सच्चाई और रेस्क्यू की कठिनाइयों को उजागर करता है. यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की गंभीर चूक के रूप में देखा जा रहा है।  क्रूज पर चढ़ते समय नहीं दी गई थी लाइफ जैकेट 72 साल जीवित बचे यात्री रियाज हुसैन का बयान बेहद भयावह है. करीब चार घंटे तक पानी में फंसे रहे रियाज ने कहा कि किसी भी यात्री को चढ़ते समय लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी. जब क्रूज झुकने लगा, तब लोग लगभग आधे घंटे तक अफरा-तफरी में इधर-उधर भागते रहे, जबकि स्टाफ स्थिति संभालने में संघर्ष करता रहा।  दूसरे प्रत्यक्षदर्शियों ने भी दावा किया कि लाइफ जैकेट केबिन में बंद रखी गई थीं, जिन्हें यात्रियों को खुद ढूंढकर पहनना पड़ा।  इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर दिल्ली से आए परिवार की है. मरीना मैसी ने अपने चार वर्षीय बेटे त्रिशान को अपने ही लाइफ जैकेट में बांध लिया और अंतिम क्षण तक सीने से लगाए रखा. जब उनके शव निकाले गए, तब भी मां-बेटा एक-दूसरे से लिपटे हुए थे।  मरीना के पति प्रदीप मैसी, जो जीवित बच गए, ने दर्दनाक बयान दिया “क्रूज ऑपरेटर लगातार हमें सिर्फ बैठे रहने को कहते रहे. न लाइफ जैकेट दी गई, न कोई मदद. मुझे अचानक एक ट्यूब मिली, जिसकी मदद से मैं किनारे तक पहुंच सका. किनारे पर मौजूद लोगों ने रस्सियां फेंककर हमें बचाया।  दो घंटे बाद पहुंची रेस्क्यू टीम यह बयान पूरे संचालन तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है. हादसे के बाद बचाव कार्य में भी गंभीर देरी सामने आई. सूत्रों के मुताबिक, शाम 6:15 बजे सूचना मिलने के बावजूद पहली रेस्क्यू टीम 6:40 बजे तक रवाना नहीं हो सकी और उनका वाहन भी स्टार्ट नहीं हुआ. उपकरण दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करने पड़े. दूसरी टीम लगभग 7 बजे रवाना हुई. यानी शुरुआती दो घंटे की यह देरी कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती थी।  मछुआरे-किसान बने नायक सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि शुरुआती समय में स्थानीय मछुआरे, किसान और आसपास के लोग ही वास्तविक नायक बने, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 15 से अधिक लोगों को बचाया. बाद में NDRF और अन्य विशेषज्ञ टीमें पहुंचीं. राजनीतिक और प्रशासनिक असर तुरंत दिखा।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे मध्य प्रदेश में सभी क्रूज, मोटरबोट और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है. राज्यव्यापी सेफ्टी … Read more

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: 6 IAS और 39 PCS अधिकारियों के ट्रांसफर, कई अहम विभागों में बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 आईएएस और 39 पीसीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। सरकार ने कई अहम विभागों और जिलों में नई तैनातियां करते हुए प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। इस फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक कसावट और विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। गृह, आवास एवं शहरी विकास, कृषि, परिवहन और राजस्व विभाग सहित कई महत्वपूर्ण महकमों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आईएएस अधिकारियों में नीलिमा को सचिव गृह नियुक्त किया गया है। मनीष राणा एमडी पीआरटीसी पटियाला नियुक्त साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के साथ अतिरिक्त तौर पर डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की जिम्मेदारी दी गई है। संदीप कुमार को मुख्य प्रशासक गमाडा बनाया गया है। अभिजीत कपलिश को डायरेक्टर माइनिंग एंड जियोलॉजी के साथ अतिरिक्त तौर पर चीफ एग्जीक्यूटिव पेड़ा नियुक्त किया गया है। मनीष राणा को एमडी पीआरटीसी पटियाला और लतीफ अहमद को अतिरिक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण के साथ पंजाब वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजेश कुमार शर्मा बने तलवंडी साबो के एसडीएम   पीसीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। संजीव शर्मा को एडीसी जनरल शहीद भगत सिंह नगर, रोहित गुप्ता को अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर एवं जनरल मैनेजर पंजाब भवन नई दिल्ली, अलका कालिया को एसडीएम अमृतसर-1 और एस्टेट ऑफिसर अमृतसर डेवलपमेंट अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। दीपज्योति कौर को एसडीएम बस्सी पठाना, हरप्रीत सिंह अटवाल को आरटीओ मोहाली, राजेश कुमार शर्मा को एसडीएम तलवंडी साबो और अतिरिक्त तौर पर आरटीओ बठिंडा लगाया गया है। लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया इसके अलावा मनजीत कौर को एसडीएम भवानीगढ़, अर्शदीप सिंह लुभाने को एडीसी जनरल पठानकोट, शुभ अग्रवाल को एसडीएम जालंधर-1, अंकिता कांसल को एसी जनरल मोहाली, मनदीप सिंह मान को एसडीएम पठानकोट, सुखजिंदर सिंह टिवाना को एसडीएम राजपुरा, तरुण गुप्ता को एसडीएम फतेहगढ़ साहिब, मनवीर सिंह ढिल्लों को एसडीएम लोपोके और लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया गया है। सरकार ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। प्रशासनिक हलकों में इस बड़े फेरबदल को आगामी चुनौतियों और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

पंजाब में होटल-रेस्टोरेंट्स में खाने की कीमतों में 20% तक बढ़ोतरी, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1380 बढ़ी

लुधियाना  अगर आप होटल-रेस्टोरेंट में खाने के शौकीन हैं तो अगले वीकेंड से आपको खाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के बाद होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने खाने के रेट बढ़ाने का फैसला कर लिया। पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह की मानें तो गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से कुकिंग कॉस्ट में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई। होटल रेस्टोरेंट्स मालिकों के लिए पुरानी कीमत पर खाना बनाना अब मुश्किल है। एसोसिएशन ने फैसला किया कि अगर सरकार ने गैस की कीमतों की कई गई बढ़ोत्तरी वापस नहीं ली तो अगले वीकेंड से खाने की कीमत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। उनका तर्क है कि गैस की कीमतें चार महीने में 1380 रुपए बढ़ गई। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल सोमवार को केंद्र सरकार के साथ बैठक कर रही है ताकि कमर्शियल गैस की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी पर लगाम लगाया जा सके। अमरवीर ने बताया कि सोमवार को होने वाली बैठक के बाद खाने के रेट बढ़ाए जाएंगे। कुकिंग कॉस्ट में 20% का उछाल: होटल मालिकों ने खड़े किए हाथ पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह का कहना है कि गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट के किचन का बजट पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिर्फ गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस वृद्धि के कारण खाने की कुकिंग कॉस्ट 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अमरवीर सिंह ने कहा, "हम पिछले कई महीनों से बढ़ती लागत को खुद सह रहे थे, लेकिन ₹1000 की एकमुश्त बढ़ोतरी ने हमारी कमर तोड़ दी है। अब हमारे पास खाने के रेट बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। यदि हम ऐसा नहीं करते, तो पंजाब का पूरा होटल उद्योग घाटे में डूब जाएगा।" जनवरी से मई तक तेजी से बढ़ी गैस की कीमतें इस साल की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई, जब नए साल के पहले ही दिन कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी की गई, जिससे सिलेंडर ₹1,691.50 का हो गया। इसके ठीक एक महीने बाद 1 फरवरी 2026 को फिर से ₹49 की मामूली वृद्धि हुई और कीमत ₹1,740.50 तक पहुंच गई। मार्च का महीना व्यापारियों के लिए दोहरी मार लेकर आया। पहले 1 मार्च को कीमतों में ₹30 का इजाफा हुआ और फिर ठीक 6 दिन बाद 7 मार्च 2026 को युद्ध और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस का हवाला देते हुए कीमतों में ₹115 की बड़ी छलांग लगाई गई, जिससे सिलेंडर ₹1,883 के करीब पहुंच गया। महंगाई का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। 1 अप्रैल 2026 को कीमतों में फिर से ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी हुई और सिलेंडर ₹2,078.50 के स्तर को पार कर गया। लेकिन सबसे बड़ा 'महा-झटका' 1 मई 2026 को लगा, जब अब तक की सबसे रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए केंद्र सरकार ने एक ही झटके में ₹993 बढ़ा दिए। अब कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है। यानी मात्र 120 दिनों के भीतर एक सिलेंडर पर करीब ₹1,380 का अतिरिक्त बोझ बढ़ चुका है। अगले वीकेंड से लागू होंगे नए रेट कार्ड एसोसिएशन ने अल्टीमेटम दिया है कि वे सोमवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ इस मसले पर बैठक करेंगे। बैठक में सरकार के सामने कीमतों को घटाने या कमर्शियल गैस पर सब्सिडी देने की मांग रखी जाएगी। अमरवीर सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने इस मामले में कोई राहत नहीं दी, तो अगले वीकेंड तक पूरे पंजाब के होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों और फास्ट फूड जॉइंट्स में खाने के दाम 15 से 20% तक बढ़ा दिए जाएंगे। पंजाब के 8000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स पर असर अमरवीर ने कहा कि पंजाब में छोटे ढाबों से लेकर फाइव स्टार होटलों तक करीब 8000 से ज्यादा इकाइयां काम कर रही हैं। रेट बढ़ने का असर न केवल आलीशान होटलों पर पड़ेगा, बल्कि उन आम लोगों पर भी पड़ेगा जो काम के सिलसिले में या छोटे फंक्शन्स के लिए ढाबों और मिड-रेंज रेस्टोरेंट्स पर निर्भर हैं। मिडिल क्लास परिवारों के लिए अब बाहर खाना एक लग्जरी बनता जा रहा है।

पंजाब में FIR, AAP छोड़कर BJP में गए संदीप पाठक के खिलाफ कार्रवाई

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती है। सूत्रों अनुसार उनके खिलाफ पंजाब के 2 अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं दोनों केस सूत्रों के अनुसार, संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जिससे पुलिस को किसी भी समय सख्त कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों केस पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं। सामने आया संदिप पाठक का बयान उधर, संदिप पाठक ने FIR की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “मुझे ऐसी किसी भी FIR की जानकारी नहीं है, और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने मुझे इसके बारे में सूचित किया है। मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा में लगाया है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है—मैं न कभी इसके साथ विश्वासघात करूंगा और न किसी और को ऐसा करने दूंगा। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, तो यह केवल उनके डर को दर्शाता है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।” हालांकि अभी तक पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन कानूनी स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे की अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।

अपैक्स बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने जबलपुर क्रूज हादसे पर जताया गहरा दुख

भोपाल  अपैक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव ने जबलपुर के बरगी डेम में क्रूज दुर्घटना पर गहन दुख व्यक्त किया है, उन्होने कहा कि यह अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने इस दु:खद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया तथा रेस्क्यू किए गए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।उन्होंने कहा कि मै ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना  है।