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लालू-नीतीश विवाद पर सम्राट चौधरी का बयान, पुराने मामलों का किया जिक्र

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि उनकी पाठशाला है। उन्हें सलाह है कि बपौती वाली सोच से से बाहर निकलिए। सत्ता किसी की बपौती नहीं है। मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारियों का आशीर्वाद है और इसीलिए आज मैं यहां बैठा हूं। नीतीश कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी जी, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जितनराम मांझी का आशीर्वाद प्राप्त है तब यहां बैठा हूं। किसी गलतफहमी में नहीं रहिए। इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा था कि सम्राट चौधरी लालू यादव की पाठशाला से निकले हैं। वे ऑरिजनल भाजपाई नहीं हैं इसलिए बीजेपी और आरएसएस के लोगों की नजर में खटक रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि 1994 में समता पार्टी का गठन हुआ। नीतीश कुमार जी का मुख्यमंत्री बनना था। मेरे पिताजी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं। मैं उसमें 1995 में सदस्य बना और लालू यादव जी ने मुझे जेल में डाल दिया। सिर्फ मुझे नहीं बल्कि मेरे परिवार के 22 लोगों को जबरदस्ती सलाखों के पीछे भेज दिया। मैं आधिकारिक रूप से कह रहा हूं कि मिलर स्कूल के मैदान में लाल यादव जी ने इसके लिए माफी मांगी थी कि गलती हो गई। नीतीश कुमार ने लालू जी को सीएम बनाया सम्राट चौधरी ने अपने ऊपर मुकदमा के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार नहीं होते तो लालू यादव कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाते। लालू जी को नीतीश कुमार जी ने ही मुख्यमंत्री बनाया। यह जानकारी इन लोगों को होना चाहिए। मेरी राजनीति में लालू यादव जी का अत्याचार नहीं होता तो मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बन पाता। कोई गलतफहमी में नहीं रहे उन्होंने कहा कि भाजपा के बारे में कोई बात नहीं करे। पार्टी ने मुझे विपक्ष का नेता बनाया, फिर पार्टी का अध्यक्ष बनाया, दो-दो बार डिप्टी सीएम बनाया और आज मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया। किसी गलतफहमी में ना रहें, पूरी पार्टी एक है। हमारे दल में कोई किसी के विरोध में नहीं है। पूरा एनडीए एक साथ मिलकर बिहार के विकास के लिए काम कर रहा है। आप काफी पीछे छूट गए… अपनी उम्र पर उठे विवाद को लेकर सम्राट चौधरी ने कहा कि 1995 में अगर मैं नाबालिग होता तो जेल नहीं भेजा जाता। मुझे बाल सुधार में रखा जाता। कानूनी मामलों में लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई हुई और कोर्ट ने जो आदेश दिया उसी के अनुकूल काम कर रहा हूं। अपनी पढ़ाई को लेकर मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि डिग्री में आप काफी पीछे छूट गए। मेरी डिग्री पर जब तक यूजीसी ने मान्यता नहीं दे दी तब तक एफिडेविट भी नहीं किया। लोग मेरे एफिडेविट बोलने पर भी आलोचना करते हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि बिहार में सामान्य बोलचाल में इसे हाफिडिफीट ही कहा जाता है।

मेरठ-करनाल हाईवे पर बाइक से गिरे नोट, पुलिस ने बरामद की बड़ी रकम

शामली उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मेरठ-करनाल हाईवे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क पर अचानक नोटों की बारिश होने लगी। इसकी पुलिस को मिली तो टीम ने तत्काल मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया। नोटों को सड़क के उठवाकर अपने कब्जे में ले लिया। गिनती कराई तो चार लाख रुपए थे। इनमें पांच सौ, दो सौ और सौ के नोट शामिल हैं। बताया जाता है कि यह नोट एक बाइक सवार के बैग से गिर रहे थे और उसे पता नहीं चल पाया। हालांकि वह बाइक सवार अभी तक अपने नोटों पर दावा करने भी नहीं पहुंचा है। नोट पर लगी स्लीप से पता चलता है कि उसे किसी बैंक से निकाला गया था। बाइक चलती रही, नोट बिखरते रहे यह वाकया गुरुवार देर शाम का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बाइक सवार युवक मेरठ-करनाल हाईवे से तेज रफ्तार में गुजर रहा था। उसकी पीठ पर एक काला बैग टंगा था, जिसकी चेन संभवतः सफर के दौरान खुल गई थी। युवक को इस बात की भनक नहीं लगी और बैग में रखी नोटों की गड्डियां सरककर गिरने लगीं। कुछ नोट बिखर गए तो कुछ गड्डी समेत सड़क पर गिर गए। बताया जाता है कि हाईवे पर करीब आधा किलोमीटर तक नोट बिखरते रहे और बाइक सवाल अपनी ही धुन में गाड़ी लेकर चलता रहा। राहगीर की ईमानदारी और पुलिस की फुर्ती उसी समय मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र के गांव खरड निवासी अमित कुमार वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने काबड़ौत पुल के पास जब नोट बिखरते देखे और बाइक सवार को दूर जाते देखा तो तुरंत पास ही चेकिंग कर रहे बलवा चौकी इंचार्ज मुकेश दिनकर को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाल लिया। सड़क पर बिखरी नोटों की गड्डियों को उठाना शुरू किया। पुलिस ने करीब 500 मीटर के दायरे में फैले नोटों को इकट्ठा किया। सड़क से चार लाख बरामद पुलिस ने कुल 4 लाख रुपये बरामद किए हैं। इनमें 500-500 के नोटों की 6 गड्डियां, 200-200 के नोटों की 4 गड्डियां और 100-100 के नोटों की 2 गड्डियां शामिल हैं। खास बात यह है कि इन गड्डियों पर एक बैंक की पर्ची और मोहर भी लगी हुई है, जिससे मालिक तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है। मालिक की तलाश में जुटी पुलिस अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुमित शुक्ला ने बताया कि बरामद की गई रकम को फिलहाल थाने के मालखाने में जमा करा दिया गया है। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस बाइक सवार की पहचान की जा सके। साथ ही, संबंधित बैंक से भी संपर्क किया जा रहा है जिसकी पर्ची गड्डियों पर लगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक जिले के किसी भी थाने में इतनी बड़ी रकम खोने की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने अपील की है कि जिस भी व्यक्ति के ये रुपये खोए हैं, वह उचित प्रमाण और बैंक संबंधी दस्तावेज पेश कर अपनी रकम वापस ले सकता है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन अमित जैसे ईमानदार नागरिक की भी सराहना कर रहे हैं, जिनकी सतर्कता से यह बड़ी रकम सुरक्षित पुलिस तक पहुंच गई।

बीसीसीएल एरिया में तीसरी बार भू-धंसान, कई घर जमीन में समाए

 धनबाद  झारखंड के धनबाद जिला के बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया संख्या-तीन के सोनारडीह  टंडाबाड़ी बस्ती में  रात को एक बार फिर तीसरी बार भू-धंसान हुआ. इस बार जोरदार आवाज के साथ जमीन करीब 15 फीट तक धंस गई और 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. कई घरों के भीतर 15 से 20 फीट तक गोफ बन गए. भू धंसान के कारण अब पूरा टंडाबाड़ी बस्ती ही प्रभावित हो गई है. अंधेरे और धुएं के बीच मची भगदड़ अंधेरे और धुएं बीच अफरा-तफरी मची गई सभी लोग अपना जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. क्षेत्र में तबाही का मंजर, देखने को मिला. एक घर में खड़ी मोटरसाइकिल और कैलाश हाड़ी की कार जमीन में समा गई. लोगों ने बोकारो राजगंज मुख्य मार्ग NH 32 सड़क को घंटों जाम कर दिया. घायलों का कराया जा रहा है इलाज बाघमारा की पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के घर समेत कई घर जमीन में समा गए. कई लोग अपने घरों में फंस गए. कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को निकाला गया, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. ये लोग पहुंचे घटनास्थल पर सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल एरिया 3 के जीएम विमला विजय कुमार, सेफ्टी जीएम संजय सिंह ,बाघमारा एसडपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह, बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू घटनास्थल पर पहुंचे.  घटनास्थल पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया बेघर हुए प्रभावित लोगों से मिले. देर रात ओर अंधेरा होने के कारण राहत कार्य नहीं हो पाया. पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं ज्ञात हो कि 31 मार्च की शाम 6.30 बजे टंडाबाड़ी बस्ती में तीन घर जमींदोज हो गए थे. पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 22 अप्रैल को हुई भू-धंसान में कई घर में दरार आई और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. लेकिन इस बार टंडाबाड़ी बस्ती में  भूधसान काफी भयावाह हुआ है  चारों तरफ तबाही का मंजर है.

हनुमान कथा में नीतीश भारद्वाज का संबोधन, कहा– “आज भी चल रही है महाभारत”

प्रयागराज संगम नगरी प्रयागराज में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा में आध्यात्म, संस्कृति और समकालीन मुद्दों का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर टीवी धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज भी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, सनातन धर्म, समाज की एकता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से बात की। साथ ही उनके बयान ने कार्यक्रम में खास चर्चा बटोरी, जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रेम उसी को देंगे जो हमसे प्रेम करेगा, और जो तलवार लेकर सामने खड़ा होगा, उसके सामने अहिंसा परमो धर्म: नहीं कहेंगे। बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, आज भी महाभारत चल रही है और हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गुरु-शिष्य परंपरा से की शुरुआत नीतीश भारद्वाज ने अपने उद्बोधन की शुरुआत 'सदाशिवसमारम्भां शंकराचार्यमध्यमाम्…' श्लोक के साथ की और कहा कि भारत की संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित है। उन्होंने प्रयागराज की पावन धरती को ऋषि परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह स्थान सदियों से ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पहली बार प्रयाग आने का अवसर मिला था और अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आमंत्रण पर दोबारा यहां आने का सौभाग्य मिला है। 'आज भी चल रही है महाभारत' उन्होंने वर्तमान समय को महाभारत काल से जोड़ते हुए कहा कि आज भी समाज एक प्रकार के संघर्ष से गुजर रहा है। उनके अनुसार, जैसे द्वापर युग में धर्म की रक्षा की आवश्यकता थी, उसी प्रकार आज कलयुग में भी धर्म और मूल्यों की रक्षा जरूरी हो गई है। आज के समय को देखते हुए कह सकता हूं कि आज भी महाभारत चल रही है, एक अलग तरह की महाभारत। धर्म की रक्षा की आवश्यकता फिर से आन पड़ी है। आज हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गीता के श्लोक से दिया प्रेरणा संदेश नीतीश भारद्वाज ने गीता का श्लोक 'कुतस्त्वा कश्मलमिदं…' उद्धृत करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह की शक्तियां सक्रिय हैं, लेकिन ऐसे समय में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। 'सनातन ही मूल आधार' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही इस देश की मूल पहचान है और इसकी सहिष्णुता के कारण ही अन्य धर्म यहां फल-फूल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आज इसी सहिष्णुता का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और सनातन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। समाज में एकता की जरूरत अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को लंबे समय तक जातियों और वर्गों में बांटा गया, लेकिन अब समय है कि सभी लोग एकजुट हों। उन्होंने गीता के 'चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टम्…' श्लोक का उल्लेख करते हुए बताया कि समाज का संतुलन सभी वर्गों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के समन्वय से ही संभव है और किसी एक हिस्से के कमजोर होने से पूरा ढांचा प्रभावित होता है। 'प्रेम का उत्तर प्रेम, लेकिन आक्रमण का जवाब भी' अपने संबोधन के अंत में नीतीश भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि प्रेम का उत्तर प्रेम से दिया जाएगा, लेकिन अगर कोई आक्रमण करेगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले हैं, लेकिन यदि कोई तलवार लेकर सामने खड़ा होगा तो हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज बनना भी आता है।' उन्होंने इसे धर्म की रक्षा का कर्तव्य बताते हुए कहा कि समय के अनुसार आचरण करना ही सच्चा धर्म है।

पंजाब-चंडीगढ़ में गर्मी का कहर, बठिंडा रहा सबसे गर्म: 10 जिलों में पारा 40°C के पार, हीट वेव का खतरा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के अंत में ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को बठिंडा में 44.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री ज्यादा है और इस सीजन का अब तक का सबसे उच्च स्तर है। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 24 और 25 अप्रैल के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 26 अप्रैल से मौसम में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। बठिंडा बना सबसे गर्म जिला पंजाब में सबसे ज्यादा गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई, जहां तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.0 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री और रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 41.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लुधियाना, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में भी पारा 40 डिग्री के आसपास बना रहा। अमृतसर और चंडीगढ़ शहर में भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दिनभर तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। हीट वेव का असर और स्वास्थ्य चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी के चलते स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। चंडीगढ़ में रात के समय भी गर्मी बनी रहने की संभावना जताई गई है, जिसे वार्म नाइट कहा जाता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है। बिजली की मांग बढ़ी, कटौती शुरू गर्मी बढ़ने के साथ ही पंजाब में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। इस कारण बिजली विभाग ने कई जगहों पर मरम्मत के नाम पर शटडाउन शुरू कर दिए हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिन के समय बिजली कटौती हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर चलाने की जरूरत बढ़ने से बिजली पर दबाव साफ दिख रहा है। अस्पतालों के समय में बदलाव तेज गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है और यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खोल दिए जाते हैं ताकि भीड़ कम हो और इंतजार न करना पड़े। यह फैसला गर्मी और लू के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। बठिंडा गर्मी के मामले में टॉप पर पंजाब में 40 डिग्री से अधिक तापमान 10 जिलों में दर्ज किया गया, जबकि 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 7 जिलों में रहा। सबसे गर्म जिला बठिंडा (एयरपोर्ट) रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट 42.0 डिग्री, पटियाला 41.6 डिग्री, भाखड़ा डैम (रूपनगर) 41.1 डिग्री, लुधियाना 40.6 डिग्री, गुरदासपुर 40.5 डिग्री, फिरोजपुर 40.2 डिग्री, फाजिल्का 40.2 डिग्री, अमृतसर 40.1 डिग्री, चंडीगढ़ (सिटी) 40.0 डिग्री, एसबीएस नगर 39.5 डिग्री, चंडीगढ़ (एयरपोर्ट) 39.2 डिग्री, पटियाला (AWS) 39.0 डिग्री, पठानकोट 38.8 डिग्री, मोगा 38.7 डिग्री और रूपनगर (रोपड़) 38.5 डिग्री। बिजली की खपत बढ़ी, कट शुरू गर्मी बढ़ने की वजह से पंजाब में बिजली की खपत काफी बढ़ गई है। इस वजह से बिजली विभाग की तरफ से रिपेयर के नाम पर शटडाउन किया जा रहा है। दिन में शहरी से लेकर ग्रामीण एरिया में कट लग रहे हैं। इस वजह से परेशानी बढ़ी हुई है। अस्पतालों का समय बदला पंजाब में गर्मी के मौसम को देखते हुए 16 अप्रैल 2026 से सरकारी अस्पतालों की OPD टाइमिंग में बदलाव किया गया है। अब OPD सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चल रही। यह व्यवस्था 16 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। मरीजों की सुविधा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे ही खोल दिए जा रहे हैं, ताकि भीड़ कम हो और लोगों को इंतजार न करना पड़े। यह फैसला बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए लिया गया है, ताकि मरीजों और अस्पताल स्टाफ दोनों को राहत मिल सके। आगे मौसम में बदलाव के संकेत मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हीट वेव चल सकती है। 25 से 29 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। अगले चार दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिसके बाद इसमें करीब 2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। बारिश और आंधी का अलर्ट जारी 26, 27 और 28 अप्रैल को पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 24 और 25 अप्रैल को फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर और पटियाला में लू चलने का अनुमान है। वहीं 26 अप्रैल को पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और पटियाला समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 27 अप्रैल को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।

सरायकेला-खरसावां मैट्रिक रिजल्ट: 95.36% के साथ लड़कियों ने मारी बाजी

रांची झारखंड अधिविध परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया गया है. जिला का परीक्षा परिणाम 95.36 प्रतिशत रहा है. परीणाम में लड़कियों ने बाजी मारते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है. जिला में जहां लड़कियां 95.96 प्रतिशत सफलता हासिल किया है, वहीं लड़कों ने 94.70 प्रतिशत सफलता हासिल किया है. जिला में कुल मैट्रिक की परीक्षा में 11652 परिक्षार्थी शामिल हुए थे,  जिसमें से 11112 बच्चे पास हुए हैं बाकि 530 परीक्षार्थी मार्जिनल हुए हैं. परीक्षा में कुल लड़कियां 6095 शामिल हुई थी जिसमें से 3476 प्रथम श्रेणी, 2151 द्वितिय श्रेणी व 222 तृतिय श्रेणी में पास हुई है. वहीं लड़कों में 5557 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें से प्रथम श्रेणी में 2810 परीक्षार्थी पास हुए. द्वितिय श्रेणी में 2192 और तृतिय श्रेणी में 261 परीक्षार्थी पास हुए हैं. दो वर्षो में बेहतर रहा जिला का परीक्षा परिणाम, दस स्थान उपर लगाया छलांग सरायकेला खरसावां जिला में विगत दो वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष परीक्षा फल बेहतर रहा है. विगत दो वर्षो के आकड़ो को देखे तो जिला में मैट्रिक का परीक्षा फल 2025 में 85.03 प्रतिशत था. वहीं वर्ष 2024 में 89.6 प्रतिशत रिजल्ट रहा था जबकि इस वर्ष दस प्रतिशत अधिक रिजल्ट 95.36 प्रतिशत हुआ है और पूरे राज्य में सरायकेला खरसावां जिला का स्थान 12 वें स्थान में रहा है. रिजल्ट पर संतोष जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष के खराब रिजल्ट से सबक लेते हुए बेहतर करने का प्रयास किया गया और रिजल्ट में यह दिखा आगे और बेहतर करने का प्रयास रहेगा. जैक बोर्ड की परीक्षा में सरस्वती शिशु मंदिर का रहा शतप्रतिशत परिणाम सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय का जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम रहा है. परीक्षा में शामिल विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने सफलता हासिल किया है. जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने बताया कि जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में विद्यालय के 113 छात्र छात्राएं शामिल हुईं थी, जिनमें सभी ने सफलता हासिल किया है. उन्होंने बताया कि विद्यालय के 22 छात्र छात्राएं परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किया है, 67 छात्र छात्राओं ने 80 से 90 प्रतिशत में अपना जगह बनाया है,वहीं बाकी के सभी छात्र छात्राएं 60 से 70 प्रतिशत अंक को सूची में शामिल हैं. प्राचार्य ने सभी छात्र छात्राओं को उनकी सफलता पर अपनी शुभकामनाएं दी है. अरुण कुमार महतो बने स्कूल टॉपर विद्यालय के दसवीं के छात्र अरुण कुमार महतो 95.20% अंक प्राप्त कर स्कूल टॉपर बनने में सफलता पाई है. वहीं 94.80 % अंक के साथ अनिमा मुंडरी द्वितीय स्थान पर रही. तृतीय स्थान पर रुद्र कुमार सिंह 94.20%, चतुर्थ स्थान पर शिवम कुमार महतो 94%, पांचवे स्थान पर सुशील सोय 93.80%,छठवें स्थान पर अभिजीत महतो 93.60%, सातवें स्थान पर पृथ्वीराज रविदास 93.40%, आठवें स्थान पर ऋतु प्रामाणिक 93.20%, नौवें स्थान पर रंजीत महतो 93% और 92.40% अंक के साथ ऋषिकेश कुमार और कुलदीप कामिल विद्यालय के टॉप टेन में दसवें स्थान पर रहे हैं. बीते चार वर्षो का रिजल्ट प्रतिशत     वर्ष 2023: कुल 97.04 प्रतिशत     वर्ष 2024:कुल 95.35 प्रतिशत     वर्ष 2025:कुल 85.03 प्रतिशत     वर्ष 2026:कुल 95.36 प्रतिशत जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने मैट्रिक परीक्षा परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि बीते दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में जिले को 12वां स्थान प्राप्त हुआ है. आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे.

खंडपीठ का बड़ा फैसला: आरती डोगरा के खिलाफ जांच कार्यवाही स्थगित

जयपुर राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को स्थगित कर दिया है, जिसमें आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे. खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शोभा मेहता की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. कोर्ट ने न केवल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई बल्कि उस आदेश से जुड़ी सभी प्रोसीडिंग्स (कार्यवाहियों) को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है. जानें क्या था मामला दरअसल, इससे पहले एकल पीठ ने विभागीय जांच में हो रही अत्यधिक देरी और डीपीसी (DPC) से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए आईएएस आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश दिए थे. इसी आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी गई थी. सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने रखी दलीलें आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने कोर्ट में पैरवी की. उन्होंने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पहले से ही तीन विभागीय जांचें लंबित हैं और उन पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. वकील ने स्पष्ट किया कि यह मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता है. कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश पर रोक लगा दी है. कौन है IAS आरती डोगरा आरती डोगरा वैसे तो उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली है. लेकिन वह राजस्थान कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी है. वह राजस्थान में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुकी है जिसकी काफी चर्चा रही हैं. डोगरा ने कई जिलों में कलेक्टर पद की कमान संभाली और बदलाव के कई नए मॉडल पेश किये. आरती डोगरा बूंदी, अजमेर और बीकानेर की कलेक्टर की रहीं हैं. कई जिलों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहीं हैं. बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए उन्होंने खुले में शौच के खिलाफ शानदार अभियान चलाया था. 'बंको बिकाणों' के नाम से मशहूर इस अभियान ने देश भर में मिसाल कायम की थी. अशोक गहलोत जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा को अपना सचिव बनाया था.

भू-माफिया का खेल उजागर: फर्जी दस्तावेजों से बेचे गए प्लॉट, लोग परेशान

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में इन दिनों एक बड़ा सवाल हर आम आदमी के सामने खड़ा है- क्या सपनों का घर भी कभी अचानक “अवैध” घोषित हो सकता है? शहर के बाहरी इलाकों में लगातार चल रही कार्रवाई और जयपुर विकास प्राधिकरण के बुलडोजर ने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है. दरअसल, इसी महीने 17 अप्रैल को हाउसिंग बोर्ड की टीम ने बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक फैली करीब 42 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी. इस जमीन का अधिग्रहण साल 1989 में हाउसिंग बोर्ड ने कर लिया था, लेकिन बावजूद इसके यहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यहां कॉलोनी विकसित कर दी और प्लॉट बेच दिए. खरीददारों का कहना है कि जमीन के कागज देखकर भुगतान किया और जमीन का सौदा किया, हमारी क्या गलती. वहीं, प्रशासन की सलाह है कि खरीददारों को जमीन सौदे के वक्त लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. इस मामले में NDTV ने खरीददार, एक्सपर्ट्स और प्रशासन से बात की और हकीकत जानी. साथ ही जाना कि घर खरीदते वक्त क्या सावधानियां रखी जाएं. लोगों का दर्द- अब हम कहां जाएं? असल कहानी सिर्फ अवैध कॉलोनियों की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की है, जहां कई स्तरों पर चूक दिखाई देती है. जयपुर के आसपास तेजी से बस रही कॉलोनियां किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि भू-माफिया, प्रॉपर्टी डीलर्स और प्रशासनिक ढील का नतीजा है. नियमों के मुताबिक, जमीन का उपयोग बदलने के लिए 90-A के तहत भू-रूपांतरण जरूरी होता है. ऐसे में भू-माफिया बिना किसी दस्तावेज के प्लॉटिंग कर देते हैं तो प्रशासन पर भी सवाल खड़े होते हैं.     प्रेम और पार्वती जैसे कई लोगों की परेशानी यह है, "वो अपनी आंखों के सामने आशियान उजड़ता देख रही है. उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों से हम रह रहे हैं और जेडीए नोटिस चस्पा कर घरों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. अब हम कहां जाएं?"   प्रशासन की सलाह भी जान लीजिए वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर अरविंद पोसवाल ने भी दी. उन्होंने कहा कि वहीं रजिस्ट्री को वैध मान लेता है, इसके लिए पहले जो लैंड कन्वर्जन हो रखा है या नहीं, ये संबंधित विभाग में जाकर चेक करे. जेडीए या हाउसिंग बोर्ड से उस भूमि की जानकारी लेने के बाद जमीन का सौदा करे. क्या कहते हैं एक्सपर्ट? जमीन से संबंधित मामलों के जानकार और अधिकक्ता कुलदीप शर्मा ने बताया कि कोई भी प्रॉपर्टी या घर लेने से पहले जेडीए या RERA की वेबसाइट पर चेक करें. वेबसाइट पर जानकारी चेक करने के साथ ही उसके वैध डॉक्यूमेंट संबंधित ऑथोरिटी के मास्टरप्लान से वैरिफाई करवाएं.

स्वास्थ्य विभाग का अल्टीमेटम: 5 दिन में अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई रिपोर्ट

जयपुर राजस्थान में सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा एक्शन लिया है. जिसमें राज्य सरकार ने उन 697 'लापता' डॉक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो कागजों में तो तैनात हैं लेकिन सालों से अस्पताल की चौखट तक नहीं पहुंचे. स्वास्थ्य विभाग अब इन 'घोस्ट डॉक्टर्स' (Ghost Doctors) की सेवाएं स्थायी रूप से समाप्त करने की तैयारी में है. 5 दिन का अल्टीमेटम, CMHO को सख्त निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को कड़ा फरमान जारी किया है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी 5 दिनों के भीतर गायब डॉक्टरों के खिलाफ अलग-अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर भेजें. यह पूरी प्रक्रिया CCA नियमों के तहत अमल में लाई जाएगी ताकि लापरवाह सिस्टम को सुधारा जा सके. कोई 15 साल से गायब तो कोई 22 साल से 'लापता' रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. कुछ डॉक्टर तो ऐसे हैं जिन्होंने पिछली दो दशकों से अस्पताल का चेहरा नहीं देखा. उदयपुर में एक बाल रोग विशेषज्ञ जुलाई 2004 से और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ 2013 से ड्यूटी से नदारद हैं. वहीं अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ 2007 से गायब हैं. अजमेर जिला इस सूची में 41 गायब डॉक्टरों के साथ सबसे ऊपर है जबकि राजधानी जयपुर में भी 29 डॉक्टर वर्षों से गायब हैं. लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई इस मामले को लेकर चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि बड़ी संख्या में डॉक्टर बिना सूचना के अनुपस्थित हैं. इस पूरे मामले पर सीएमएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अनुपस्थित चिकित्सकों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जाए. इसमें पांच दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनुपस्थिति के पीछे क्या कारण हैं. रिपोर्ट आने के बाद जो भी कारण सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि लापरवाही या अनुशासनहीनता पाई जाती है तो संबंधित चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. मरीजों के हक पर डाका और नई भर्तियों में अड़ंगा इन डॉक्टरों की इस हरकत ने दोहरा नुकसान किया है. पहली बात तो यह कि स्त्री रोग, सर्जरी और रेडियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञों की कमी हो गई है और दूसरी यह कि कागजों में पद भरे होने के कारण सरकार नई भर्तियां नहीं कर पा रही थी. कई डॉक्टर पीजी करने के बाद विदेश चले गए या निजी प्रैक्टिस में मशगूल हो गए लेकिन सरकारी इस्तीफा नहीं दिया. बांड राशि की वसूली और सेवा समाप्ति सरकार अब सिर्फ नौकरी से नहीं निकालेगी बल्कि रिकवरी भी करेगी. जिन डॉक्टरों ने सरकारी कोटे से पीजी की पढ़ाई की और बांड की शर्तें पूरी नहीं की उनसे करोड़ों रुपये की बांड राशि वसूली जाएगी. विभाग ने साफ किया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और ड्यूटी से भागने वालों पर सख्त एक्शन लेकर नए डॉक्टरों के लिए रास्ते खोले जाएंगे.

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त कलेक्टर के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई   गैस रिफिलिंग का गोरखधंधा पकड़ा गया बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सीपत चौक में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और रिफिलिंग के खिलाफ बड़ी छापामार कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के मार्गदर्शन में एएफओ अजय मौर्य एवं विनीता दास के नेतृत्व में टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।        खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महामाया गैस चूल्हा सुधारक एवं विक्रेता तथा गर्ल्स हॉस्टल संचालक लव निमेष जायसवाल के कब्जे से 19 नग 14.2 किलोग्राम के भरे एवं आंशिक भरे घरेलू गैस सिलेंडर तथा 35 नग 5 किलोग्राम के घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर, इस प्रकार कुल 54 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। मौके से 7 नग रिफिलिंग बंशी (नोजल), एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन सहित अन्य उपकरण भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि बिना वैध अनुमति के गैस सिलेंडरों का भंडारण एवं रिफिलिंग कर अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने के साथ ही आमजन की जान-माल को खतरा बना हुआ था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी जब्त सामग्री को सुरक्षित किया और मौके से गुजर रही कोनी इंडेन की डिलीवरी वैन को रुकवाकर संबंधित एजेंसी के सुपुर्द किया। इसी क्रम में विजय स्टील नामक प्रतिष्ठान जिसके मालिक सनटी अग्रवाल है से भी 2 घरेलू गैस सिलेंडर, 3 रिफिलिंग बंशी एवं एक तौल मशीन जब्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।