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मध्य प्रदेश में 10 जिलों में गर्म हवाओं का कहर, 21 से 23 अप्रैल तक लू का यलो अलर्ट, खजुराहो में तापमान 43 डिग्री

भोपाल   मध्यप्रदेश में बादल और बारिश की वजह से गर्मी में भले ही थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन एक बार फिर लोगों को जबरदस्त गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने भोपाल सहित 10 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों के अलावा बाकी जिलों में भी अधिकतम तापमान में 3 डिग्री तक का उछाल देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक 4 दिन बाद एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।  अब रात में भी नहीं मिलेगा आराम 21 अप्रेल को प्रदेश के 10 जिलों में दिन के तापमान से ज्यादा रात के तापमान में बढ़त की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी में न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी होगी. 22 अप्रेल को 16 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।  23 अप्रैल को इन जिलों में चलेगी लू 23 अप्रेल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. 24 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में हीट वेव चल सकती है।  24 से फिर बदल सकता है मौसम मौसम वैज्ञानिक ई सुरेंद्रन ने बताया, '' अभी एक वेस्टर्न डिस्टनवेंस जम्मू कश्मीर और निकटवर्ती क्षेत्रों में बना हुआ है. उत्तर दक्षिण ट्रफ पूर्वी बिहार से दक्षिण पश्चिम मध्यप्रदेश तक बनी हुई है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 23 अप्रेल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है. माना जा रहा है कि 24 अप्रैल के बाद एक बार फिर प्रदेश में मौसम करवट ले सकता है।  खजुराहो में 42.5 पहुंचा तापमान राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 39.8 और इंदौर में 39.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. उधर ग्वालियर, चंबल सहित करीबन 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक बना हुआ है. सबसे अधिक तापमान में खुजराहो में 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. ग्वालियर में अधिकतम तापमान 42.5 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम में 42.3, श्योपुर में 42 डिग्री, रीवा में 42 डिग्री, सीधी में 42 डिग्री, नौगांव में 41.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 41.4, धार में 40.4, गुना में 40.6, ग्वालियर में 42.5, नर्मदापुरम में 40.9, खंडवा में 40 डिग्री, रायसेन में 41.6, दमोह में 40.4, टीकमगढ़ में 40 डिग्री, उमरिया में 40.7 तापमान रिकॉर्ड किया गया। 

जनता को राहत: छत्तीसगढ़ सरकार शुरू करेगी CM हेल्पलाइन, 24×7 शिकायत दर्ज करने की सुविधा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में जल्द सीएम हेल्पलाइन नंबर शुरू होने जा रहा है. 24 घंटे सक्रिय रहने वाले इस हेल्पलाइन नंबर पर राज्य का कोई भी व्यक्ति समस्या या फिर शिकायत कर सकेगा. अफसरों को इन समस्याओं का तय सीमा में निराकरण करना होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह जानकारी जशपुर के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में दी. उन्होंने बताया की सीएम हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों या फिर समस्याओं के निराकरण के लिए समय निर्धारित होगा. अगर तय समय पर शिकायत या समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव के लिए आहुत विशेष सत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की महिलाओं के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है. प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जा रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया. इसे लेकर विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया है. वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विष्णुदेव साय ने कहा कि टीएमसी और ममता बनर्जी को लेकर वहां के लोगों में काफी आक्रोश है. मैने भी पश्चिम बंगाल का दौरा किया है. लोग बदलाव लाना चाहते हैं, भाजपा की सरकार वहां जरूर बनेगी.

ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: पश्चिम चंपारण में 500MW सोलर प्रोजेक्ट की तैयारी

बेतिया/पश्चिम चंपारण. जिले में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से रविवार को बेतिया में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की। इसमें दिल्ली से आई मंत्री कार्यालय की टीम, जिलाधिकारी तरनजोत सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कोल इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जिले के समग्र विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक का प्रमुख विषय जिले में 500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव था। इस परियोजना से ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर कोल इंडिया को सूचित किया जाएगा। प्रक्रिया को तेज करने के लिए अगले सप्ताह संयुक्त निरीक्षण का कार्यक्रम भी तय किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए गौनाहा के भितिहरवा में 50 बेड के आयुष अस्पताल की स्थापना पर सकारात्मक सहमति बनी। इससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की होगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर चर्चा हुई। जिससे जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। इसके अलावा, मंत्री ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत अन्य विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के विकास और अमृत सरोवरों के निर्माण व सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने बताया कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से इन योजनाओं को जमीन पर उतारा जा सकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने भी इन विकास योजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया।

IPL सट्टेबाजी पर बड़ा एक्शन: पंजाब के खन्ना में मनी ट्रेल सामने, ED की एंट्री

खन्ना/चंडीगढ़. खन्ना में आइपीएल सट्टेबाजी रैकेट के मामले में पुलिस जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां करोड़ों की अवैध कमाई के संकेत मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री तय मानी जा रही है, जिसकी जानकारी ईडी को भेज दी गई है। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों पर पुलिस ने आरोपितों के बैंक खातों में जमा करीब 42 लाख रुपये फ्रीज करवा दिए हैं। प्राथमिक जांच में यह रकम सट्टेबाजी से जुड़ी होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस रिमांड के दौरान सामने आया कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि खन्ना से बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। करोड़ों रुपये की अवैध कमाई के संकेत भी मिले हैं। मुख्य आरोपित पहले ही गिरफ्तार पुलिस इस मामले में सट्टा किंग दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा और दो साथियों महेंद्र सिंह राजा व नरेश कुमार बंटी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 12 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 44 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल और एक लैपटाप बरामद किया था। आरोपित लोगों को लालच देकर आनलाइन सट्टेबाजी के जाल में फंसाते थे। ईडी अब आरोपितों की संपत्तियों, बैंक लेन-देन और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर सकती है। ठोस सबूत मिलने पर मनी लान्ड्रिंग के तहत भी कार्रवाई संभव है।

राइस मिल के गोदाम में आग से बड़ा नुकसान, कांकेर में धान-बारदाना राख

कांकेर. कांकेर जिले के कुलगांव में मंगलवार को अजीबी एग्रो राइस मिल में भीषण आग लग गई. घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. घटना में बड़ी मात्रा में बारदाना और धान को नुकसान पहुंचा है. पूरी घटना कोतवाली थाना इलाके की है. जानकारी के मुतबाकि, सूचना के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची है. वहीं मालिक मोहम्मद आवेश भी राइस मिल पहुंचे हैं. आग पर काबू पाने के लिए जद्दोजहद जारी है. घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धान के बोरों में लगी भ्यावह आग का मंजर नजर आ रहा है. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका राइस मिल मालिक मोहम्मद आवेश ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है. चांवल, धान और खाली बोरे सभी कुछ जल गया है. नुकसान का अभी आकलन नहीं किया जा सकता है. 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री

fमहिला अधिकार के लिए सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिला आरक्षण पर विपक्ष के विश्वासघात के खिलाफ जन आक्रोश पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के नेता समेत पूरी सरकार के साथ शामिल हुए सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री  विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल, आक्रोशित महिलाएं दे रहीं सड़कों पर जवाब: सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के दोहरे चरित्र के विरुद्ध महिलाओं के जनाक्रोश को सीएम योगी ने दी आवाज तेज धूप भी नहीं रोक सकी आधी आबादी का आक्रोश, जनाक्रोश पदयात्रा में शामिल हुईं हजारों महिलाएं सपा-कांग्रेस की महिला-विरोधी राजनीति के खिलाफ राजधानी में सीएम योगी के नेतृत्व में उमड़ा जन-सैलाब आक्रोशित महिलाएं बोलीं, ‘सपा की पुरानी बीमारी-आधी आबादी से गद्दारी’ लखनऊ  नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लोकसभा में विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ ऐतिहासिक जनाक्रोश का साक्षी बना, जब महिला अधिकार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरे। उनके नेतृत्व में हजारों महिलाओं का हुजूम मुख्यमंत्री आवास से सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक उमड़ पड़ा। इस जनाक्रोश पदयात्रा में सीएम योगी के साथ पूरा मंत्रिमंडल सड़क पर उतरा दिखाई दिया। यह कोई साधारण पदयात्रा या रैली नहीं थी, यह नारी सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकारों पर हुए हमले का सीधा और बेहद तीखा जवाब था। विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं एवं लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, किंतु कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके सहित इंडी गठबंधन के दलों द्वारा इसे बाधित करने का प्रयास उनके अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी चेहरे  को उजागर करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इन दलों को अपनी नकारात्मक छवि सुधारने का अवसर दिया गया था, किंतु इन्होंने उसका दुरुपयोग करते हुए महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर में आधी आबादी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक ढंग से अपना आक्रोश प्रकट कर रही है। लखनऊ में प्रचंड गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के प्रति व्यापक जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जिसमें ‘महिला, गरीब, युवा और किसान’ इन चार जातियों को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश ने विकास और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। स्वच्छ भारत मिशन केवल स्वच्छता का अभियान नहीं, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा का सशक्त माध्यम है, वहीं उज्ज्वला योजना केवल ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वावलंबन को सुदृढ़ करने का माध्यम है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवारों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त आधार बन रही हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, घरौनी वितरण जैसे प्रयासों ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने का कार्य किया है। डबल इंजन की सरकार लगातार कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दल हर योजना का विरोध करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है और यह व्यवस्था वर्ष 2029 तक लागू हो जाए, इसको लेकर प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी ने सभी को आश्वस्त भी किया, इसके बावजूद इन विपक्षी दलों का जो आचरण रहा है, वह नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है। इसी कारण आज देशभर की महिलाएं इन दलों के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा युवा संबंधी अन्य योजनाएं इस दिशा में प्रभावी माध्यम बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने आक्रोश पदयात्रा में बड़ी संख्या में सहभागिता के लिए सभी महिलाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। तेज धूप भी नहीं रोक सकी संकल्प, हाथों में तख्तियां-होंठों पर प्रतिकार पूर्वाह्न लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा के समय भी चुभने वाली तेज धूप थी,  लेकिन महिलाओं का आक्रोश उससे कहीं अधिक धधक रहा था। हाथों में विपक्ष की कुत्सित राजनीति की निंदा करते हुए स्लोगन लिखी हुईं तख्तियां और ‘बहन- बेटियों का अपमान-नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार, कांग्रेस का हाथ-नारी शक्ति के खिलाफ, नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में’ जैसे गूंजते नारों के साथ यह रैली विपक्ष की कायरता और राजनीतिक स्वार्थ को बेनकाब करती हुई आगे बढ़ी। हर कदम पर महिलाओं का हुजूम साफ संदेश दे रहा था- आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों पर कोई समझौता नहीं, कोई चुप्पी नहीं, कोई माफी नहीं। जनाक्रोश पदयात्रा में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने साबित किया कि आधी आबादी इस मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पदयात्रा में केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। राजधानी लखनऊ के लिए यह एक अभूतपूर्व दृश्य था। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर अनुशासन और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। युवा, वृद्ध, छात्राएं और कामकाजी महिलाएं, हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक सामाजिक … Read more

चीता संरक्षण के लिए मंदसौर में ऐतिहासिक कदम, प्रभास और पावक ने हासिल किया बड़ा मील का पत्थर

मंदसौर भारत के महत्त्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता की कहानी में एक और ऐतिहासिक पन्ना जुड़ गया है। दक्षिण अफ्रीका की धरती से आए दो चीता भाई प्रभास और पावक ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में अपना एक साल यानी 365 दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। तारीखों की नजर से देखें 3 साल का गौरवशाली सफर ​इन दोनों भाइयों का भारत में अब तक का सफर किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं रहा है: -​18 फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से उड़ान भरकर भारत की मिट्टी पर कदम रखा। -​2 साल (कूनो नेशनल पार्क): भारत की जलवायु, शिकार और वातावरण को समझने के लिए कूनो में लंबा समय बिताया। -​1 साल (गांधीसागर): आज गांधीसागर में इनका एक साल पूरा होना इस बात पर मुहर लगाता है कि यह अभयारण्य चीतों के लिए एक आदर्श और सुरक्षित घर है। भाईचारे और शिकार का अनूठा तालमेल ​​इनकी साझेदारी ही गांधीसागर में इनकी सफलता का सबसे बड़ा राज है। फील्ड टीम की निगरानी में इनके गठबंधन की कुछ ऐसी बारीकियाँ सामने आई हैं जो हैरान कर देने वाली हैं। -​शिकार की रणनीति: जब ये शिकार पर निकलते हैं तो दोनों के बीच एक मूक संवाद होता है। एक भाई शिकार का पीछा कर उसे थकाता है तो दूसरा सटीक घात लगाकर उसे दबोच लेता है। -​सुरक्षा का पहरा: भोजन करते समय ये कभी लापरवाह नहीं होते। जब एक शिकार खाता है, तो दूसरा मुस्तैद होकर चारों तरफ पहरा देता है। आराम करते समय भी दोनों अपनी पीठ जोड़कर विपरीत दिशाओं में मुँह करके बैठते हैं, ताकि 360-डिग्री सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। -संकट में साथ: टीम ने देखा है कि अगर एक भाई सुस्त महसूस करता है, तो दूसरा उसे छोड़कर ओझल नहीं होता। वह उसके इर्द-गिर्द ही रहता है, मानो उसे हिम्मत दे रहा हो। एलोग्रूमिंग (सामाजिक साफ़-सफ़ाई) उद्देश्य: यह सामाजिक संबंधों को मज़बूत करता है, विशेष रूप से नर चीतों के समूहों (भाई या करीबी नर साथी) और कभी-कभी माँ और शावकों के बीच। संदर्भ: यह अक्सर भोजन के बाद देखा जाता है, जिससे चेहरे जैसे कठिन स्थानों से खून और गंदगी को हटाने में मदद मिलती है। व्यवहार: इसमें दूसरे चीते को चाटना, कुतरना और रगड़ना शामिल है, जो एक आरामदायक और जुड़ाव भरा अनुभव हो सकता है। जुड़ी हुई आवाज़े: इन ग्रूमिंग सत्रों के दौरान अक्सर उनके 'पुर्राने' (Purring) की आवाज़ सुनी जा सकती है। ऑटोग्रूमिंग (स्वयं की साफ़-सफ़ाई) उद्देश्य: चीते अपने शरीर को साफ़ करने के लिए अपनी जीभ का उपयोग करते हैं, जो गंदगी और परजीवियों को हटाने और उनके फर (रौएं) के रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण है। प्रक्रिया: उनकी जीभ पर विशेष 'केराटिनाइज्ड पैपिला' (छोटी, खुरदरी, कंघी जैसी संरचनाएं) होती हैं, जो एक स्क्रबर की तरह काम करती हैं और गंदगी व ढीले बालों को हटाने में मदद करती हैं। बेहद जरूरी: यह ग्रूमिंग व्यवहार चीतों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और उनके समूहों में आपसी एकता बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक हैं।

हाईकोर्ट का कड़ा रुख: दिव्यांग बच्चों को स्कूल से निकालने पर चीफ जस्टिस ने DEO से रिपोर्ट मांगी

जबलपुर जबलपुर के जबलपुर में दिव्यांग बच्चों को स्कूल से बाहर किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न सिर्फ गलत है, बल्कि किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। मामला शहर के विजडम वैली स्कूल और जीडी गोयनका स्कूल से जुड़ा है। इन पर आरोप है कि स्पेशल (दिव्यांग) बच्चों को स्कूल से बाहर किया जा रहा था। शिकायत सामने आने के बाद इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर की गई। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच ने तत्काल प्रभाव से दिव्यांग बच्चों को निकाले जाने पर रोक लगा दी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को आदेश दिया कि जबलपुर के सभी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष बच्चों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की गई है। कानून होने के बावजूद जमीनी हकीकत कमजोर याचिकाकर्ता सौरभ सुबैया की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि जबलपुर में करीब 50 सरकारी और 200 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र पढ़ते हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे हैं जो न बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं। ‘स्पेशल एजुकेटर’ नहीं, कानूनों का पालन अधूरा याचिका में यह भी बताया गया कि स्कूलों में आज भी विशेष शिक्षक नियुक्त नहीं हैं। जबकि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत यह अनिवार्य है। इन कानूनों का पालन न होना पूरी तरह अवैधानिक है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवेंद्र पाण्डेय ने कोर्ट को बताया कि निजी स्कूलों द्वारा स्पेशल बच्चों को बाहर करना सीधे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया। समावेशी शिक्षा पर बड़ा संदेश याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश कई मायनों में अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समावेशी शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि निजी स्कूलों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। साथ ही दिव्यांग बच्चों के अधिकारों की न्यायिक सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।  

बोरवेल से बचा ‘प्रिंस’ अब जवान: पोलो मैच देखने पहुंचा, सांसद नवीन जिंदल ने साझा किया वीडियो

कुरुक्षेत्र. सांसद नवीन जिंदल के सांवला फार्म हाउस पर रविवार को कुरुक्षेत्र-कैथल की टीमों के बीच पोलो मैच खेला गया। इस मैच से पहले सांसद ने एक वीडियाे बनाई और उसे अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा किया। इस वीडियो में सांसद प्रिंस से परिचय करा रहे हैं। प्रिंस जो हल्देहेड़ी गांव का रहने वाला है और वर्ष 2006 में चार साल की उम्र में 50 फुट गहरे बोलवेल में गिर गया था। सांसद वीडियो में बता रहे हैं कि 20 साल पहले प्रिंस नाम का छोटा बच्चा बोरवेल में गिर गया था, जिसे तीन दिन के सेना के अथक प्रयासों से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। वे आगे बता रहे हैं कि प्रिंस अब आईटीआई करके अप्रेंटिस कर रहा है। वे उसकी मसल्स भी दिखाते हैं और युवाओं को संदेश देते हैं कि नशे से दूर रहें तो प्रिंस जैसी मसल्स हासिल कर सकते हैं। फिर प्रिंस से बात करते हैं कि जब वह बोरवेल के अंदर था तो पूरा देश उसके लिए चिंतित था और दुआ कर रहा था तुम ठीक-ठाक बाहर निकल आओ। साथ ही कहते हैं कि हमने बिस्कुट भी भिजवाए थे और कुछ खाने-पीने का सामान भिजवाया था। फिर प्रिंस बीच में बोलता है कि चाकलेट भी भिजवाई थी। वीडियो में सांसद के पूछने पर प्रिंस ने बताया कि वह अंबाला से आईटीआई करके अब अप्रेंटिस कर रहा है। वह पोलो मैच पहली बार देखेगा। 3 मिनट 7 सेकंड की वीडियो में सांसद कहते हैं – उस समय छोटा था और कमजोर था और हमने गोदी में भी लिया था। युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश दरअसल सांसद नवीन जिंदल इस वीडियो के जरिए वह युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना चाहते थे और पोलो मैच खेलने का भी उनका यही उद्देश्य था कि युवा खेलों को अपनाएं ताकि वे नशे से दूर रहें और खेलों में अपना भविष्य बना सकें। वीडियो के अंत में सांसद पोलो मैच के बारे में बताते हुए कहते हैं कि कुरुक्षेत्र की धरती पर आज पोलो की छोटी सी महाभारत होगी। 21 जुलाई 2006 में कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद कस्बे के गांव हल्देहेड़ी में रहने वाला चार वर्ष का प्रिंस खेलते-खेलते 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसी दिन उसका 5वां जन्मदिन भी था। तीन दिन तक दिन-रात चले अभियान में सेना ने बोरवेल के साथ सुरंग बनाकर 23 जुलाई को प्रिंस को सुरक्षित निकाल लिया था। ""हरियाणा के कुरुक्षेत्र के हल्दाहेड़ी गांव में प्रिंस नाम का 5 वर्षीय बच्चा 21 जुलाई 2006 को खेलते समय 50-60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। 50 घंटे से अधिक चले भारतीय सेना के व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे 23 जुलाई 2006 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिसे देश में काफी…"" – Anku Chahar (@anku_chahar) April 19, 2026 

ईंधन सप्लाई पर बड़ा प्लान: CM साय और IOCL CGM के बीच अहम बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की. मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था और जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री से गत दिवसमुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।