samacharsecretary.com

रामगढ़ महोत्सव: कवि सम्मेलन और रामलीला ने बांधा समां

रायपुर.  सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समर्पित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के प्रथम दिवस में संस्कृति, साहित्य और लोककला का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव में प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नई दिल्ली के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय उदयपुर की छात्राओं द्वारा 'जटायु मोक्ष' की भावपूर्ण नृत्य-नाटिका तथा कवि सम्मेलन कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। नई दिल्ली से आए ख्याति प्राप्त कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का अत्यंत प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति कराई। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता को सशक्त अभिनय, प्रभावी संवाद, आकर्षक वेशभूषा, भव्य मंच सज्जा और मधुर संगीत के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक कलाकारों के अभिनय से अभिभूत नजर आए। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उदयपुर की बालिकाओं ने 'जटायु मोक्ष' पर आधारित मनमोहक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। भगवान श्रीराम और जटायु के प्रसंग को बालिकाओं ने अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली अभिनय तथा नृत्य के माध्यम से साकार किया। भावपूर्ण अभिव्यक्ति, उत्कृष्ट मंच संचालन, पारंपरिक वेशभूषा और सुमधुर संगीत के समन्वय ने प्रस्तुति को अत्यंत जीवंत बना दिया। बालिकाओं की इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की आंखें नम कर दीं और पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास ने सभी का मन मोह लिया। महोत्सव का एक अन्य प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओज, वीर, श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य एवं समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया, वहीं हास्य-व्यंग्य की रचनाओं ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। कवियों की दमदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। इसके अतिरिक्त लोकगीत, सरगुजिहा लोकनृत्य, करमा नृत्य, स्वागत गीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी महोत्सव को भव्यता प्रदान की। स्थानीय एवं क्षेत्रीय कलाकारों ने सरगुजा की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी कला का उत्कृष्ट परिचय दिया। रामगढ़ महोत्सव का उद्देश्य सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत एवं साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ना है। प्रथम दिवस के भव्य और सफल आयोजन ने इस उद्देश्य को सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया।

पेंशन बढ़ाने की मांग पर MP हाईकोर्ट का फैसला, एरियर और अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने से किया इनकार

जबलपुर  हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने वेतन पुनरीक्षण से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वेतन पुनरीक्षण के समय कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प बाद में बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने अतिरिक्त वेतनवृद्धि के आधार पर पेंशन और एरियर बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि स्वेच्छा से संशोधित वेतनमान स्वीकार करने वाला कर्मचारी बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था का लाभ नहीं मांग सकता। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका निरस्त मामले में पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिका में अतिरिक्त इंक्रीमेंट को आधार बनाकर पेंशन के पुनर्निर्धारण और एरियर भुगतान की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के नियम-नौ में कर्मचारियों को दो स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं। संशोधित वेतनमान स्वीकार करने के बाद पुरानी व्यवस्था का लाभ नहीं युगलपीठ ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने एक जनवरी, 2006 से संशोधित वेतनमान लागू करने का विकल्प चुना है तो वह बाद में पुरानी वेतन व्यवस्था में अतिरिक्त इंक्रीमेंट जोड़कर पेंशन पुनर्निर्धारण की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नियम कर्मचारियों को स्वतंत्र रूप से विकल्प चुनने का अधिकार देते हैं, लेकिन विकल्प चुनने के बाद उसके परिणामों से पीछे हटने की अनुमति नहीं दी जा सकती। नियम-नौ को कोर्ट ने माना वैध हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के नियम-नौ को वैध ठहराते हुए कहा कि कर्मचारी एक साथ दो वित्तीय लाभ का दावा नहीं कर सकते। इसी आधार पर कोर्ट ने पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका को खारिज कर दिया।

छत्तीसगढ़ के 813 हज यात्रियों की सफल वापसी, राज्य हज कमेटी ने किया भव्य स्वागत

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य से हज कमेटी के माध्यम से हज यात्रा पर गए सभी हज यात्री हज की इबादत सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकुशल स्वदेश लौट आए हैं । राज्य के हाजियों का अंतिम जत्था आज मुंबई पहुंचा । मुंबई में एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्जा एजाज़ बेग ने अगवानी करते हुए समस्त हाजियों की गुलपोशी की । छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज 2026 के लिए राज्य गठन उपरांत से अब तक की सर्वाधिक संख्या में राज्य के 29 जिलों से हज यात्री प्रस्थान किये  कुल 813 हज यात्रियों की स्वदेश वापसी पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि, इस वर्ष राज्य से 417 पुरुष एवं 396 महिला हज यात्रियों ने हज 2026 की सआदत  हासिल की। राज्य के हज यात्रियों द्वारा चुने गये विकल्प अनुसार मुम्बई ईम्बारकेशन प्वाइंट से 451, नागपुर से 290, दिल्ली से 14, अहमदाबाद से 02, बैंगलोर से 06, हैदराबाद से 42, जयपुर से 01, लखनऊ से 05 एवं कोलकाता से 02 हाजियों की सकुशल स्वदेश वापसी संपन्न हुई। राज्य के हज यात्रियों का मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट पर आज अंतिम जत्था दिनांक 29/06/2026 को मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट पहुंचा। हज यात्रियों की वापसी के अवसर पर राज्य हज कमेटी द्वारा हाजियों का एयरपोर्ट में गुलपोशी से इस्तकबाल किया गया एवं लगेज उपरांत प्रत्येक हाजी को पवित्र जल ज़म ज़म उपलब्ध कराया गया।  सभी हाजियो ने राज्य हज कमेटी के द्वारा की गई बेहतरीन व्यवस्था के लिए देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी,प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, डॉ. श्याम बिहारी जायसवाल कैबिनेट मंत्री छ.ग.शासन का आभार व्यक्त किया। हज कमेटी के चेयरमैन बेग ने बताया कि, हज यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि करते हुए हज कमेटी द्वारा हज 2026 के हज यात्रियों को, 20 दिवस शाॅर्ट हज पैकेज, ऑनलाइन डाक्यूमेंट अपलोडिंग, पासपोर्ट जमा नहीं करने की सुविधा, प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण की सुविधा, संभाग स्तरीय विशेष हज प्रशिक्षण की सुविधा,  हज के दौरान बुलेट एवं मेट्रो ट्रेन से यात्रा की सुविधा, मीना में प्रत्येक हाजी का नाम एवं कवर नंबर युक्त सोफा कम बेड की सुविधा  उपलब्ध कराई गई जिससे हज यात्रियों की यात्रा  आरामदायक रही। राज्य के  हज यात्रियों के मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट के अंतिम जत्थे की वापसी के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग, हज कमेटी के सदस्य मौलाना अमीर बेग, कार्यपालन अधिकारी/सचिव डॉ. खुशबू उस्मान उपस्थित रहें।

सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का खुलासा, बिहार में 2 वीक्षक गिरफ्तार, 3 के खिलाफ FIR

हाजीपुर. केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना द्वारा बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) तथा तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में सिपाही (प्रचालक) पदों पर नियुक्ति के लिए 28 जून को आयोजित लिखित परीक्षा में बड़ी धांधली पकड़ी गई। नोबेल क्रिएटिव एकैडमी वासुदेवपुर चपुता केंद्र पर दो वीक्षक संदिग्ध गतिविधि करते पकड़े गए। मामले में स्टेटिक दंडाधिकारी ने केंद्र अधीक्षक सहित तीन के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सह स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार ने वीक्षक मुकुल कुमार, सचिन कुमार एवं केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर जांच में जुट गई है।   कमरा नंबर-1 में पकड़ी गई धांधली प्राथमिकी के अनुसार 28 जून को 12:00 से 02:00 बजे तक एकल पाली में परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा समाप्ति के बाद स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार, जोनल दंडाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता तनुजा एवं नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कुमार प्रमोद सिंह जब कमरा संख्या-1 में पहुंचे तो दो वीक्षकों को संदिग्ध गतिविधि करते देखा। पूछताछ में वीक्षकों ने अपना नाम मुकुल कुमार एवं सचिन कुमार बताया।   वीक्षक के हाथ में मिला 1 से 100 तक का सॉल्वड आंसर मुकुल कुमार के हाथ में एक कागज का टुकड़ा मिला, जिस पर क्रमांक 1 से 100 तक उत्तर लिखा था। प्रत्येक क्रमांक के सामने 1-A, 2-A, 3-B, 4-B से लेकर 99-B, 100-C तक लिखा हुआ पाया गया। उक्त उत्तर पत्र को जब्त कर लिया गया।  केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को भगाया इसी दौरान केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना भी कमरे में पहुंचीं। दोनों वीक्षकों को नोवेल क्रिएटिव एकेडमी के कार्यालय में बैठाकर पूछताछ शुरू की गई। इस बीच केंद्र अधीक्षक ने अधिकारियों से बकझक करते हुए दोनों वीक्षकों को भगा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर बुला दिया जाएगा। बार-बार कहने पर भी केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को नहीं बुलाया। प्राथमिकी दर्ज कराने से किया इनकार, मिलीभगत का आरोप स्टेटिक दंडाधिकारी के अनुसार, वीक्षक के पास से प्रश्न पत्र के हल जैसी आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक की थी, लेकिन उन्होंने थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया और घर वापस चली गईं। कई बार फोन करने पर भी उन्होंने वीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई से इनकार किया। इससे स्पष्ट है कि वीक्षकों की संदिग्ध गतिविधि में केंद्र अधीक्षक की मिलीभगत है। मुकुल कुमार, सचिन कुमार और केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना सहित अन्य के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

BSF की सराहनीय पहल, ओडिशा से भटके युवक को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया

अमृतसर. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए छह महीने से अपने परिवार से बिछड़े ओडिशा के एक युवक को खोजकर उसके परिजनों से मिलाया। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे युवक बिकाश देहुरी को सुरक्षित उसके पिता और भाई के सुपुर्द किया गया। युवक को लेने के लिए उसके परिजन ओडिशा के बालासोर से अमृतसर पहुंचे। लंबे समय बाद बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं। सीमा सुरक्षा बल की 100वीं बटालियन के अनुसार बिकाश देहुरी करीब छह महीने पहले अमृतसर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह रेलवे स्टेशन से भटक गया। इसके बाद कुछ लोग उसे अपने साथ ले गए और वह अमृतसर के गांव मुल्लाकोट में रहने लगा। परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वह लंबे समय से उसकी तलाश कर रहा था। BSF ने परिवार से साधा संपर्क मामले की जानकारी सीमा सुरक्षा बल की मुल्लाकोट चौकी को मिली तो जवानों ने इसे गंभीरता से लिया। युवक की पहचान स्थापित करने और उसके परिवार का पता लगाने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए गए। जांच के दौरान सीमा सुरक्षा बल की टीम गांव मुल्लाकोट में एक ग्रामीण के घर पहुंची, जहां युवक सुरक्षित मिला। पहचान की पुष्टि होने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने उसके परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर युवक के पिता और भाई ओडिशा के बालासोर से अमृतसर पहुंचे। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने युवक को उसके परिजनों के हवाले कर दिया।  BSF 100वीं बटालियन की मेहनत रंग लाई यह पूरा अभियान 100वीं बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार तिवारी के निर्देशन में चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट अमित पांडेय ने किया। उनके साथ दो अधीनस्थ अधिकारी, नौ जवान और यूनिट निरीक्षक (जी) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर युवक की पहचान, परिवार से संपर्क और सुरक्षित सुपुर्दगी की प्रक्रिया को सफल बनाया। सीमा सुरक्षा बल के निरीक्षक कुलवंत सांगरा ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। रेलवे स्टेशन से भटकने के बाद वह मुल्लाकोट क्षेत्र में पहुंच गया था। जैसे ही इसकी सूचना चौकी को मिली, तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। काफी प्रयासों के बाद युवक की पहचान स्थापित की गई और उसके परिवार तक सूचना पहुंचाई गई। जरूरतमंदों की सहायता करना भी कर्तव्य उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करता, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी पूरी संवेदनशीलता के साथ करता है। इस अभियान ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर की गई पहल किसी परिवार की बिछड़ी खुशियां वापस लौटा सकती है। छह महीने बाद बेटे को सुरक्षित पाकर परिवार ने सीमा सुरक्षा बल का आभार जताया और इस मानवीय प्रयास की सराहना की।

IAS अवनीश शरण ने 45 की उम्र में दिखाई गजब की फिटनेस, सोशल मीडिया पर साझा की प्रेरणादायक यात्रा

रायपुर. छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश शरण इन दिनों किसी प्रशासनिक फैसले नहीं, बल्कि अपनी प्रेरणादायक फिटनेस यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी पोस्ट हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। इसमें उन्होंने बताया है कि किस अनुशासित प्रयासों ने न सिर्फ उनके शरीर का कायाकल्प किया, बल्कि उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट भी पूरी तरह बदल दी। आईएएस अवनीश शरण ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि कोविड के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने फिटनेस की शुरुआत की थी। हालांकि नौकरी की व्यस्तता, पारिवारिक जिम्मेदारियों और वर्ष 2024 में हुई सर्जरी के कारण उनकी दिनचर्या बार-बार बाधित होती रही। लेकिन जून 2025 में उन्होंने एक बार फिर नई शुरुआत की। इस बार उनका लक्ष्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि खुद को पहले से अधिक स्वस्थ बनाना था। उन्होंने नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, संतुलित एवं उच्च-प्रोटीन आहार, कैलोरी ट्रैकिंग, रोजाना पैदल चलना, पर्याप्त नींद और रिकवरी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उन्होंने लिखा कि 1 जनवरी 2026 को उन्होंने अपनी बेटी वेदिका के 27 जून के जन्मदिन तक अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। इस पूरी यात्रा में उनकी पत्नी रुद्राणी ने हर कदम पर उनका साथ दिया। अवनीश शरण के मुताबिक इस अनुशासित जीवनशैली का असर केवल उनके शरीर पर ही नहीं, बल्कि उनकी ब्लड रिपोर्ट में भी साफ दिखाई दिया। सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच उनका कुल कोलेस्ट्रॉल 278 से घटकर 158, एलडीएल 205.2 से घटकर 83, एचडीएल 51 से बढ़कर 62.8 और ट्राइग्लिसराइड्स 109 से घटकर 61.9 पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि उनका बॉडी फैट 30 प्रतिशत से अधिक से घटकर सिंगल डिजिट में आ गया, जिससे हृदय रोगों का जोखिम भी काफी कम हुआ। अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि किसी भी बदलाव के लिए प्रेरणा से ज्यादा जरूरी अनुशासन और निरंतरता है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य का आकलन केवल वजन से नहीं, बल्कि ब्लड रिपोर्ट, शरीर की क्षमता और ऊर्जा के स्तर से भी होना चाहिए। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त प्रोटीन, अच्छी नींद और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की। पोस्ट के अंत में अवनीश शरण ने लिखा, “मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि वजन कम करना नहीं है, बल्कि 45 वर्ष की उम्र में 39 वर्ष की उम्र से अधिक स्वस्थ होना है। इस यात्रा ने मुझे सिखाया कि अनुशासन प्रेरणा से अधिक शक्तिशाली है, निरंतरता पूर्णता से अधिक मूल्यवान है और स्वास्थ्य से बड़ा कोई निवेश नहीं।”

उज्जैन: कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर पर किसान को रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप, जांच की मांग तेज

उज्जैन  उज्जैन जिले के ग्राम डेलचीबुजुर्ग में खेत के पास खाई खोदने का विरोध करने पर एक किसान और उसके परिवार को रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर ने किसान को धमकाया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। महिदपुर रोड पुलिस ने बताया कि डेलचीबुजुर्ग निवासी किसान गोविंद सेन व उसका भाई 18 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे ईसनखेड़ी तिराहे के पास स्थित खेत पर रखा सूकला भरने गया था। इसी दौरान कांग्रेस नेता प्रतापसिंह गुर्जर अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा और जेसीबी मशीन बुलाकर खेत के समीप खाई खुदवाने लगा। खेत के पास खाई खोदने का विरोध करने पर विवाद किसान का आरोप है कि उसने और उसके भाई ने खेत के पास खाई खोदने का विरोध किया तो प्रतापसिंह और उसके साथ आए लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां देना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने अपने स्वजनों को मोबाइल फोन से सूचना दी। कुछ देर में उसके पिता दिनेश सेन, चाचा राजाराम सेन, मुन्नालाल सेन तथा अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। शिकायत के अनुसार स्वजनों ने जब विवाद शांत कराने का प्रयास किया तो प्रतापसिंह गुर ने कमर से रिवाल्वर निकालकर उनकी ओर तान दी और कहा कि जेसीबी यहीं चलेगी, यहां से चले जाओ, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा। घटना के बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें प्रतापसिंह के हाथ में रिवाल्वर नजर आ रही है। वह किसान को धमकाते हुए भी दिखाई दे रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खेत का विवाद है। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किए गए हैं।

बहादुरगढ़ फुटबॉल लीग का रोमांच, 35 टीमों और 320 खिलाड़ियों ने मैदान में बिखेरा जलवा

बहादुरगढ़/चंडीगढ़. गांव लोवा खुर्द में सात सप्ताह तक चली लव कुश फुटबाल लीग का समापन हो गया। इस दौरान सभी आयु वर्गों के फाइनल मुकाबले खेले गए और विजेता टीमों को सम्मानित किया गया। इसमें चार आयु वर्गाें में 114 मैच खेले गए और 35 टीमों के 350 खिलाड़ियाें ने इसमें दम दिखाया। समापन पर मुख्य अतिथि विधायक राजेश जून रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में एचओए के उपाध्यक्ष अनिल खत्री और साई पटियाला के पूर्व चीफ कोच रोहित पाराशर उपस्थित रहे। फाइनल मुकाबलों में अंडर-8 वर्ग में चरखी ने बहादुरगढ़ सिटी को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। अंडर-11 वर्ग में भापड़ौदा और जसौरखेड़ी का 3-3 से मैच ड्रा रहा। पेनल्टी शूट में भापड़ौदा विजेता रहा। अंडर-13 में बहादुरगढ़ सिटी क्लब और जसौरखेड़ी का बिना गोल मैच ड्रा रहा। पेनल्टी शूट में बहादुरगढ़ सिटी विजेता रहा। अंडर-15 वर्ग के रोमांचक मुकाबले में सिटी बहादुरगढ़ ने लोवा खुर्द स्पोर्ट्स क्लब को 5-1 से हराकर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। लोवा खुर्द से प्रियांशु ने गोल किया, जबकि बहादुरगढ़ की तरफ से ध्रुव ने दो और रुद्र, आदित्य व समीर ने एक-एक गोल किए। मुख्य अतिथि राजेश जून ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्राफी, मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। विशिष्ट अतिथियों ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर उत्साहवर्धन किया। विधायक ने 50 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया। खेल समिति को भी राशि भेंट की। आयोजक एवं कोच सुदर्शन ने बताया कि यह प्रतियोगिता पूर्व कोच रोहित पराशर के मार्गदर्शन में हुई। उनकी तकनीकी गाइडलाइन के माध्यम से लोवा खुर्द में अब तक एक हजार से अधिक फुटबाल मैचों का सफल आयोजन हो चुका है। रेफरी की जिम्मेदारी अरमान, निखिल, अक्षित, सागर, ढीला, नमन, हर्षित ने निभाई। इस दौरान गांव के सरपंच विनोद जून, कमेटी प्रधान नरेश कुमार के साथ सभी अतिथियों, कोच, मैनेजरों और खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। मास्टर कुलदीप, सब इंस्पेक्टर बलवान कादयान, बिटु, कोच रितु रानी, कोच विनय, कोच आरती, संदीप, ललित मास्टर (भापड़ौदा), संदीप (खेड़ी जट), प्रमिल, लाला मास्टर, विक्की, बीजे, प्रदीप, लीलू फौजी, काला, संजय भी उपस्थित रहे।

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, ‘मावां धीयां दा सत्कार योजना’ के लिए 13,900 करोड़ का लोन लेगी सरकार

चंडीगढ़. पंजाब सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 13,900 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। रिजर्व बैंक आफ इंडिया की ओर से 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा मार्केट से कर्ज उठाने के लिए जारी इंडिकेटिव कैलेंडर में इसका जिक्र किया गया है। इससे पहले पंजाब ने पहली तिमाही के दौरान 9,500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने का प्लान बनाया था, लेकिन राज्य सरकार ने करीबन 7,800 करोड़ रुपये का ही कर्ज लिया। ध्यान रहे कि पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार हर स्कीम को फाइनेंशियली बूस्ट देना चाहती है। मावां धीया सत्कार योजना 1 जुलाई से शुरू हो रही है, जिसके लिए मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पंजाब में विपक्षी पार्टियों ने कर्ज के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और कर्ज को चुनावी मुद्दा बनाए जाने की संभावना है। दूसरी तिमाही में पंजाब सरकार उठाएगी करोड़ों का कर्ज जानकारी के मुताबिक दूसरी तिमाही में पंजाब सरकार जुलाई महीने के दौरान 5,500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। इसी तरह, सरकार अगस्त महीने में 3,500 करोड़ रुपये और सितंबर महीने में 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। यह कर्ज मुख्य रूप से योजनागत और विकास प्रोजेक्टों के लिए कैपिटल खर्च के तौर पर उठाया जा रहा है। आरबीआइ के मुताबिक दूसरी तिमाही के दौरान देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कुल 3.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने हैं, जिसमें पंजाब का हिस्सा 4.35 प्रतिशत है। आरबीआइ के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान पड़ोसी राज्य हरियाणा सरकार 19,000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार 2,100 करोड़ रुपये का लोन उठाएगी। ध्यान रहे कि वर्ष 2022 में पंजाब का कुल कर्ज 2.82 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था, जबकि 31 मार्च 2027 तक यह कर्ज 4.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा शुरू से कहते आ रहे हैं कि विरासत में मिले कर्ज को चुकाने के लिए ही कर्ज लिया जा रहा है। वह फाइनेंशियल सुधारों की भी बात करते हैं। यह भी तर्क दिया जाता है कि वह तय लिमिट में ही कर्ज ले रहे हैं। मावां धीयां सत्कार योजना के अलावा पंजाब सरकार मेरी रसोई स्कीम के तहत हर घर में फ्री राशन भी भेज रही है। 15 अगस्त से सरपंचों को सैलरी मिलना शुरू होने से करीब 158 करोड़ रुपये का सालाना खर्च और बढ़ने वाला है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मुलाकात, कई अहम विषयों पर हुई बातचीत

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल थावरचंद गहलोत के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सामाजिक विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कला को भी विशेष महत्व दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल गहलोत के छत्तीसगढ़ प्रवास का स्वागत करते हुए उनके प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं।