samacharsecretary.com

सीएम योगी के निर्देश पर जल सुरक्षा और बाढ़ नियंत्रण को मजबूत करने के लिए शुरू हुआ गेट बदलने का कार्य

लखनऊ योगी सरकार द्वारा प्रदेश में बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत राजधानी स्थित गोमती बैराज को आधुनिक और आदर्श बैराज सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। सीएम योगी के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने बैराज के पुराने और क्षतिग्रस्त वर्टिकल गेटों को बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। इससे राजधानी लखनऊ की पेयजल आपूर्ति और अधिक मजबूत होगी। इसके अलावा जल सुरक्षा, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरणीय संतुलन को नई तकनीक के माध्यम से और मजबूती मिलेगी।  बैराज के गेटों में जैविक एवं रासायनिक क्षरण बढ़ने से कार्यक्षमता होने लगी थी प्रभावित  प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग ने बताया कि वर्ष 1980 से 1983 के बीच निर्मित गोमती बैराज लंबे समय से राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है। यह बैराज कुड़िया घाट पंपिंग स्टेशन पर 105.6 मीटर का निर्धारित जल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे लाखों लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो पाता है। इसके साथ ही बारिश के मौसम में गोमती नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित कर शहर को बाढ़ जैसी स्थितियों से बचाने में भी यह अहम योगदान देता है। उन्होंने बताया कि समय के साथ नदी के पानी की गुणवत्ता और लगातार उपयोग के कारण बैराज के गेटों में जैविक एवं रासायनिक क्षरण बढ़ गया था। इससे गेटों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगी थी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चरणबद्ध तरीके से गेट बदलने के निर्देश दिये थे। इसी क्रम में वर्ष 2024 में दो गेट बदले गए थे, जबकि 2025 में चार अन्य गेटों को प्रतिस्थापित किया गया। अब अंतिम चरण में शेष चार गेटों के निर्माण और स्थापना का कार्य तेजी से किया जा रहा है। बरेली के आईएसओ प्रमाणित सिंचाई कार्यशाला में किया गया गेटों का निर्माण मुख्य अभियंता यांत्रिक उपेंद्र सिंह ने बताया कि इन गेटों का निर्माण बरेली स्थित आईएसओ प्रमाणित सिंचाई कार्यशाला में किया गया है। प्रत्येक गेट दो स्तरों में तैयार किया गया है, जिसमें ऊपरी हिस्से का वजन लगभग 16 टन और निचले हिस्से का वजन करीब 18 टन है। सभी दस गेटों की चौड़ाई 18 मीटर तथा ऊंचाई 4.95 मीटर निर्धारित की गई है। अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत संरचना वाले ये नए गेट लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती गेट बदलने के दौरान राजधानी की पेयजल आपूर्ति को प्रभावित न होने देना था। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने बैराज के ऊपरी हिस्से में कॉफरडैम का निर्माण कराया है, ताकि मरम्मत और प्रतिस्थापन कार्य के दौरान जल स्तर को नियंत्रित रखा जा सके। इस व्यवस्था से कुड़िया घाट पंपिंग स्टेशन तक पर्याप्त पानी पहुंचता रहेगा और शहरवासियों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बैराज को स्काडा तकनीक से स्वचालित रूप में संचालित करने की हो रही तैयारी  मुख्य अभियंता ने बताया कि मरम्मत और गेट प्रतिस्थापन कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए 8 मई से 15 जून तक कुल 45 दिनों की बंदी निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के कारण जल स्तर में गिरावट की संभावना को देखते हुए विभाग चौबीसों घंटे काम कर रहा है ताकि कार्य समय से पहले पूरा किया जा सके। इसके लिए इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की विशेष टीम लगातार निगरानी कर रही है। बैराज को स्काडा तकनीक से स्वचालित रूप में संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इससे बैराज के गेटों का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। जल स्तर की निगरानी, गेटों का नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया जैसी व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। इससे मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी और पूरी प्रणाली अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी होगी।

योगी सरकार की योजनाओं का गांव-गांव में दिख रहा असर, दुग्ध कारोबार के जरिए अवध क्षेत्र में बनीं 18 हजार लखपति दीदी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गांवों में अब महिलाएं केवल घरेलू काम और पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजी और संगठित दुग्ध व्यापार के जरिए सीधे बाजार से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की योजनाओं और प्रशिक्षण मॉडल का असर यह है कि केवल अवध क्षेत्र में दुग्ध कारोबार से 18 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। योगी सरकार द्वारा तैयार किए गए पारदर्शी दुग्ध नेटवर्क के जरिए गांवों में कारोबार करने वालों को बिचौलियों से मुक्ति मिल गई है। अब दूध की गुणवत्ता जांच से लेकर भुगतान और बिक्री तक का पूरा हिसाब तकनीक के जरिए संचालित हो रहा है। मोबाइल एप और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से महिलाएं गांव से ही सीधे बाजार व्यवस्था से जुड़ रही हैं। हाईटेक बन रहीं गांव की महिलाएं योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए दुग्ध क्षेत्र में बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की गईं। अवध क्षेत्र में सवा लाख से अधिक महिलाओं को आधुनिक दुग्ध उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन और डिजिटल भुगतान प्रणाली का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। महिला स्वामित्व वाली सामर्थ्या मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी के जरिए महिलाओं को कारोबार में तमाम सुविधाएं मिलने लगी हैं। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर दस दिन में सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और ग्रामीण महिलाओं का भरोसा भी मजबूत हुआ है। बढ़ती आर्थिक ताकत और संगठित दुग्ध क्रांति का संकेत मात्र तीन वर्षों के भीतर सवा लाख से अधिक महिला सदस्य इस नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग चार लाख लीटर से ज्यादा दूध का संग्रहण किया जा रहा है। यह आंकड़ा गांवों में महिलाओं की बढ़ती आर्थिक ताकत और संगठित दुग्ध क्रांति का संकेत माना जा रहा है। दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता और भुगतान से जुड़ी सूचनाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गांवों में पारंपरिक दुग्ध कारोबार अब आधुनिक व्यवसाय मॉडल में बदलता दिखाई दे रहा है। लखपति दीदी मॉडल से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था महिला स्वयं सहायता समूहों और दुग्ध समितियों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। दुग्ध व्यापार से जुड़ी महिलाएं अब अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ गांवों में रोजगार सृजन का भी माध्यम बन रही हैं। योगी सरकार की योजना गांव स्तर पर ऐसे नेटवर्क को और विस्तारित करने की है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। योगी सरकार का यह मॉडल अब ग्रामीण महिला सशक्तीकरण और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बनता जा रहा है।

लापरवाही और भ्रष्टाचार पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सख्त एक्शन

 लखनऊ  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लापरवाह और भ्रष्ट चिकित्सकों पर बड़ी कारवाई करते हुए पांच चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने पर एडीएम की जांच में दोषी पाए गए अंबेडकरनगर के सीएमओ डॉ. संजय शैवाल एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। हरदोई में संडीला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने अवैध रूप से संचालित प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों को बचाया। वरिष्ठ चिकित्साधिकारियों को नजरंदाज कर कनिष्ठों से काम लेने पर सीएमओ से जवाब-तलब किया गया है। लंबे समय से गैरहाजिर गोरखपुर जिला चिकित्सालय की डॉ. अलकनन्दा, कुशीनगर सीएमओ के अधीन डॉ. रामजी भरद्वाज, बलरामपुर सीएमओ के अधीन डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी स्थिति जगदीशपुर सीएचसी के डॉ. विकलेश कुमार शर्मा व औरैया दिबियापुर सीएचसी की डॉ. मोनिका वर्मा को बर्खास्त किया गया है। प्रयागराज मेजा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर कोरांव सीएचसी अधीक्षक रहते हुए प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही पर विभागीय कार्यवाही एवं तबादला किये जाने के आदेश दिये गये हैं। सुल्तानपुर के लम्भुआ सीएचसी में महिला के इलाज में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह (वर्तमान तैनाती-सीएचसी कादीपुर), डॉ. धर्मराज, चिकित्साधिकारी एवं सीएचसी-लम्भुआ में तैनात फार्मासिस्ट अवधनारायण के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही होगी। मथुरा जिला चिकित्सालय में तैनात इमर्जेन्सी मेडिकल अफसर डॉ. देवेन्द्र कुमार एवं सर्जन डॉ. विकास मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने गलत मेडिकोलीगल बनाया। उन पर विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही होगी। डिप्टी सीएम ने बलरामुर सीएमओ के अधीक्षक डॉ. अन्नू चन्द्रा, वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय के डॉ. शिवेश जायसवाल, बदायूं जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेश कुमार वर्मा, डॉ. अरुण कुमार, खीरी स्थित गोला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार, संयुक्त चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डा.अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, संभल के जिला संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. जानकीश चन्द्र शंखधर शामिल हैं। झांसी के मोठ ट्रामा सेंटर में आर्थोसर्जन डॉ. पवन साहू पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप सही पाए जाने पर दो वेतनवृद्धियां रोक दी गई हैं। बलरामपुर सीएमओ के अधीन डॉ. संतोष सिंह की चार, झांसी सीएमओ के अधीन डॉ. निशा बुन्देला की दो वेतनवृद्धियां रोकने के आदेश दिए गए हैं। हमीरपुर जिला महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लालमणि पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान प्रसूताओं से वसूली एवं अभद्रता करने पर तीन वेतनवृद्धियां स्थायी रूप से रोकी गई हैं। स्टेट हेल्थ एजेन्सी, साचीज की ओर से संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेश चिकित्सा योजना में प्रतिनियुक्ति पर तैनात डॉ. आदित्य पाण्डेय की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उन्हें मूल तैनाती स्थल रायबरेली सीएमओ के अधीन भेजा गया है। लापरवाही बरतने के मामले में बहराइच महसी सीएचसी की डॉ. प्रतिभा यादव व मथुरा राल सीएचसी के डॉ. राकेश सिंह को परिनिन्दा का दंड दिया गया। बदायूं राजकीय मेडिकल कालेज में हड्डी रोग विभाग में तैनात सह-आचार्य डॉ. रितुज अग्रवाल द्वारा एक महिला चिकित्साधिकारी एवं एक अन्य चिकित्साधिकारी से गाली गलौज एवं अभद्रता किये जाने के मामले पर उन पर विभागीय कार्यवाही की गई है।  

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में “संध्या संवाद” से ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

लखनऊ  योगी सरकार के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के विजन को नई धार देने के लिए देवीपाटन मंडल में “संध्या संवाद कार्यक्रम” की शुरुआत शुक्रवार को श्रावस्ती से की गई। योगी सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासन को सीधे गांव-गांव तक ले जाने की इस पहल की शुरुआत श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।  संध्या संवाद में मंडलायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, शिविर लगाकर दिया गया योजना का लाभ देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती दौरे के दौरान “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत चयनित ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ में प्रतिभाग कर ग्रामीणों से खुली चौपाल में सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत में एक दिवसीय विशेष शिविर भी आयोजित किया गया, जहां विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ प्रदान किया गया। मंडलायुक्त ने बताया कि “संध्या संवाद कार्यक्रम” का उद्देश्य शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने का है। इसी के तहत प्रशासनिक अधिकारी सीधे गांवों में पहुंचे और लोगों से संवाद किया। इससे न केवल लोगों का योगी सरकार पर विश्वास मजबूत होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।  किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई की।  इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान कराया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके बाद  संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की तैयारियों की भी गहन समीक्षा की। आयुक्त ने राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता और विभागों के बीच समन्वय की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय और मजबूत रखी जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए  मंडलायुक्त ने कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं की भी सुनवाई की। कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने जीपीएफ, पेंशन और अन्य देयकों के लंबित भुगतान की शिकायत की, जिस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मालूम हो कि योगी सरकार लगातार वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर जोर दे रही है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। इसके बाद आयुक्त ने श्रावस्ती में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन और नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जांच की। इस दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग और इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित कई परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए।

यूपी में बूथ सत्यापन अभियान शुरू, दो हजार कार्यकर्ता मैदान में उतरे

 लखनऊ  बंगाल, असम और पुडुचेरी में प्रचंड जीत के बाद यूपी का चुनावी पारा चढ़ गया है। आत्मविश्वास की लहर पर सवार भाजपा ने प्रदेश पर पूरा फोकस कर दिया है। मिशन-2027 को भेदने के लिए बूथ कमेटियों के सत्यापन, सामाजिक समीकरण और जीत-हार के कारकों पर 15 दिन में रिपोर्ट बनाने के लिए दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारा गया है। उन्हें हर मंडल में दस दिन रहते हुए चुनावी धड़कन पकड़ना होगा गाजियाबाद, लखनऊ एवं कानपुर में बैठक कर पार्टी होमवर्क बना चुकी है। 12 मई को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन जिलाध्यक्षों के साथ लखनऊ में मीटिंग कर बूथ प्रबंधन को मथेंगे। 1981 मंडलों में बूथों सत्यापन के लिए पार्टी ने उतारे गए दो हजार कार्यकर्ता भाजपा ने प्रदेश के विधान सभा चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर बूथ प्रबंधन को बदले हुए तेवर के साथ जमीन पर उतारा है। प्रभारी रहते हुए वर्ष 2014 में अमित शाह ने विरोधी दलों को बूथ प्रबंधन के चक्रव्यूह में उलझाकर भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में भी माइक्रोमैनेजमेंट ने पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाया। 2019 लोकसभा एवं 2022 विधानसभा चुनाव में भी बूथों के राजनीतिक कौशल की भूमिका रही, लेकिन कमेटियों का भौतिक सत्यापन न होने से बाद में कई पदाधिकारी कागजों पर ही नजर आए। अब 2027 विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी ने बूथ प्रबंधन का गियर नए सिरे से लगाया है। जातीय समीकरण, विपक्षी दलों की स्थिति व जीत-हार पर भी देनी होगी रिपोर्ट प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों के 1981 मंडलों में बूथ कमेटियों एवं शक्ति केंद्रों (जिसमें पांच से सात बूथ होते हैं) की जांच के लिए पार्टी ने दो हजार अनुभवी कार्यकर्ताओं को जिम्मा दिया है, जो 10 दिन में प्रदेश संगठन को रिपोर्ट देंगे। उन्हें न सिर्फ बूथ अध्यक्षों, बूथ प्रभारियों एवं शक्ति केंद्रों का भौतिक सत्यापन करना है, बल्कि विपक्षी दलों एवं मतदाता सूची की स्थिति, सामाजिक-राजनीतिक समीकरण, जीत-हार के फैक्टर एवं कार्यकर्ताओं की स्थिति पर जमीनी रिपोर्ट बनाकर देनी होगी। कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे बूथ कमेटियों की रिपोर्ट तैयार होने के बीच योगी सरकार में छह नए मंत्रियों एवं प्रदेश और क्षेत्रीय इकाई घोषित करने की योजना है। लखनऊ में प्रदेश इकाई की जिलाध्यक्षों के साथ बैठक के बाद बूथों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज करते हुए कार्यकर्ता चुनावी कील कांटे दुरुस्त करने उतरेंगे। सालभर चले अभियानों की पड़ताल करने के साथ ही भाजपाइयों को हर विधानसभा सीट पर फीडबैक भी देना होगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को दी शुभकामनाएं

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी व सभी मंत्रियों को उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।  अब सिद्ध होगा 'सोनार बांग्ला' का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सुवेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! ​पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं आप (सुवेंदु अधिकारी) के ऊर्जावान नेतृत्व में 'सोनार बांग्ला' का संकल्प सिद्ध होगा और प्रदेश सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं आर्थिक उत्थान के अमृतकाल में प्रवेश करेगा। मुख्यमंत्री ने लिखा कि ​आपका कार्यकाल बंगाल के जन-जन की आकांक्षाओं की पूर्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बने, माँ काली से यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित मंत्रियों को भी दी बधाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को भी बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में मंत्री पद की शपथ लेने वाले समस्त माननीय को भी हृदयतल से बधाई! पूर्ण विश्वास है कि आप सभी जन-सेवा को सर्वोपरि मानकर 'सोनार बांग्ला' के गौरव को पुनर्स्थापित करेंगे।  ​माँ काली की कृपा से आप सभी का कार्यकाल यशस्वी और लोक-कल्याणकारी हो।

RO-ARO भर्ती: OBC अभ्यर्थियों को 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा पक्ष

RO-ARO भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों को मिला 42% प्रतिनिधित्व, आयोग कोर्ट में रखेगा मजबूत पक्ष – 419 अभ्यर्थियों का हुआ था चयन, 176 ओबीसी वर्ग से चयनित – हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले के आधार पर कोर्ट में पक्ष रखेगा यूपी लोक सेवा आयोग – चयनित अभ्यर्थियों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन शुरू – रिजल्ट के बाद एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थी कर चुके हैं ज्वाइन – त्रिस्तरीय प्रक्रिया के तहत हुई थी RO-ARO भर्ती परीक्षा – आयोग का दावा- आरक्षण नियमों के तहत हुई पूरी चयन प्रक्रिया – कोर्ट में भर्ती प्रक्रिया के समर्थन में मजबूती से रखा जाएगा पक्ष – RO-ARO भर्ती में सामाजिक न्याय और मेरिट दोनों का संतुलन – ओबीसी युवाओं की बढ़ी भागीदारी बनी चर्चा का केंद्र प्रयागराज/लखनऊ समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े समान मामले और उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का गहन अध्ययन कर रहा है। आयोग का कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा केवल 'सूटेबिलिटी एग्जाम' होती है, जिसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, जबकि आरक्षण का अंतिम निर्धारण फाइनल चयन चरण में किया जाता है। आयोग के सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अंतरिम रोक दे चुका है और आयोग हाईकोर्ट में इन्हीं स्थापित कानूनी सिद्धांतों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। 419 चयनितों में 176 ओबीसी अभ्यर्थियों का चयन आयोग द्वारा बताया गया कि 5 अप्रैल 2026 को घोषित अंतिम परिणाम में कुल 419 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें 176 अभ्यर्थीओबीसी वर्ग से हैं। यानी कुल चयन में ओबीसी वर्ग की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही, जबकि सामान्य वर्ग का प्रतिशत 28.16 रहा। आयोग का कहना है कि यह परिणाम पूरी तरह समावेशी चयन प्रक्रिया को दर्शाता है, जिसमें मेरिट और नियमबद्ध आरक्षण व्यवस्था दोनों का संतुलन सुनिश्चित किया गया। नियमों और विज्ञापन के अनुरूप हुई पूरी प्रक्रिया आयोग सचिव गिरिजेश त्यागी ने कहा कि RO-ARO भर्ती प्रक्रिया में आयोग ने विज्ञापन की शर्तों और 1994 तथा 1986 की स्थापित नियमावलियों का पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय परीक्षा प्रणाली में प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग और उपयुक्तता तय करने के लिए होती है, जबकि अंतिम चयन मुख्य परीक्षा, टंकण परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाता है। ऐसे में फाइनल रिजल्ट में ओबीसी वर्ग को मिला 42 प्रतिशत प्रतिनिधित्व यह साबित करता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सामाजिक न्याय के अनुरूप रही है। हाईकोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे हैं सवाल कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अंतिम चयन सूची को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाओं में आरक्षण और माइग्रेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि आयोग का कहना है कि अदालत में पूरी प्रक्रिया का कानूनी और तथ्यात्मक पक्ष विस्तार से रखा जाएगा। हरियाणा मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर फोकस आयोग अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम आदेशों और कानूनी टिप्पणियों को अपने पक्ष के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है। आयोग का मानना है कि आरक्षण और माइग्रेशन से जुड़े मुद्दों पर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट संकेत दे चुका है कि प्रारंभिक परीक्षा स्तर पर आरक्षण लागू करने के प्रश्न पर विस्तृत कानूनी परीक्षण आवश्यक है। इसी आधार पर आयोग हाईकोर्ट में यह पक्ष रखेगा कि पूरी चयन प्रक्रिया नियमबद्ध, पारदर्शी और स्थापित संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी या नुकसान न हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सुवेंदु अधिकारी को बधाई दी और उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। सीएम योगी ने सुवेंदु अधिकारी को मंच पर भगवा अंगवस्त्र भी पहनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, क्षुदीराम टुडू, निशीथ प्रमाणिक को भी बधाई दी। शपथ ग्रहण के पश्चात पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंच पर मौजूद प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर सबके प्रति आभार प्रकट किया। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवा अंगवस्त्र पहनाकर उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया था। इसके उपरांत उनके चरणों में शीश नवाकर अपनी श्रद्धा भी निवेदित की थी।

जनगणना 2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर भागीदारी दर्ज की

जनगणना-2027: मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार ग्राम स्तर तक चलाएगी जागरूकता अभियान, हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को किया था जनगणना-2027 के प्रथम चरण का शुभारंभ नागरिकों से जनगणना पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की अपील डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों के पालन का भरोसा लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार जनगणना- 2027 को पारदर्शी, तकनीक आधारित और सटीक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप के सरकारी आवास पर जनगणना-2027 के अंतर्गत स्वगणना सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्वगणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। 22 मई से मकान सूचीकरण होगा आरंभ स्वगणना की इस पहल से नागरिकों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी जनगणना पोर्टल http://se.census.gov.in पर ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इसको लेकर प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वह जनगणना-2027 में उत्साहपूर्वक भाग लें और स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य डेटा संकलन की प्रक्रिया को तेज करना और त्रुटिहीन एवं सटीक आंकड़े प्राप्त करना है। जनगणना-2027 के प्रथम चरण यानी स्वगणना प्रक्रिया में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वगणना की 15 दिनों की अवधि पूर्ण होने के बाद 22 मई से औपचारिक मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।  ग्राम स्तर तक चलेगा जागरूकता अभियान स्वगणना-2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए योगी सरकार प्रदेश स्तर से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाएगी। साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए जाने के लिए भी कहा गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नरेंद्र कश्यप ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अपने-अपने स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही अधिक से अधिक नागरिकों को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को मिलेगी नई दिशा मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनगणना 2027 के माध्यम से स्वगणना प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। इससे प्राप्त आंकड़े राज्य की विकासपरक योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में अत्यन्त सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उच्चाधिकारी एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने दी शुभेंदु अधिकारी को बधाई

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी है। इस संबंध में सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, शुभेंदु अधिकारी जी को बंगाल के बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। सीएम योगी के इस पोस्ट पर लोगों ने कमेंट कर भाजपा के इस फैसले की सराहना की है। गौरतलब है कि शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया।