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Voter List Update: फॉर्म-6 से जुड़ी बड़ी बाध्यता खत्म, नए मतदाताओं के लिए आवेदन प्रक्रिया हुई आसान

 इटावा  मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने की प्रक्रिया अब पहले की तरह आसान हो जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक लोगों को फॉर्म संख्या-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र भरने की जरूरत नहीं होगी। अब पात्र नागरिक पूर्व की भांति ऑनलाइन या बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे। एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि माता-पिता और परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित विवरण भी मांगे जाते थे। इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए थे। घोषणा पत्र की अनिवार्यता और उसमें मांगी जा रही जानकारियों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने एसआइआर की प्रक्रिया पूरी हो चुके राज्यों में इसे हटाने का निर्णय लिया। आयोग के इस कदम से नए मतदाताओं को आवेदन करते समय अतिरिक्त जानकारी जुटाने की परेशानी से राहत मिलेगी। अतिरिक्त घोषणा पत्र में आवेदक के माता-पिता अथवा अभिभावक से संबंधित विवरण भरने का प्राविधान था। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी जाती थी। आवेदक या संबंधित परिजन का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं, इसकी जानकारी देनी होती थी। यदि नाम दर्ज था तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदेय स्थल (बूथ), भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या जैसी जानकारियां उपलब्ध करानी पड़ सकती थीं। माता-पिता अथवा अन्य संबंधित परिजन का मतदाता पहचान पत्र नंबर उपलब्ध होने पर उसका विवरण भी मांगा जाता था। इस अतिरिक्त प्रक्रिया के चलते ऐसे युवाओं और नए आवेदकों को परेशानी हो रही थी, जिनके पास अपने माता-पिता या परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की पूरी जानकारी नहीं थी। अब सामान्य प्रक्रिया से होगा आवेदन उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिला अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या निर्धारित पात्रता के तहत नए मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है। आवेदन में नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्य से संबंधित उपलब्ध विवरण और निर्धारित पहचान एवं आयु संबंधी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। आवेदन की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद पात्र आवेदक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाता है। आवेदन ऑनलाइन निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बीएलओ की मदद से ऑफलाइन फार्म भी जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में हुए बदलाव और अन्य निर्वाचन संबंधी जानकारियों से राजनीतिक दलों को अवगत कराया जा रहा है।

अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।   मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी।   सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।   माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।   सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।   जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता।   आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।   बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।   लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।   जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

यूपी की मंडियों में 15 दिन चलेगा विशेष सफाई अभियान, कूड़ा निस्तारण से जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम

प्रदेश की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान, साफ-सफाई से बदलेगी तस्वीर किसानों की सुविधा और स्वच्छता पर योगी सरकार का फोकस, मंडियों में सफाई से लेकर जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ से चमकेंगी यूपी की मंडियां, कूड़ा निस्तारण और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर लखनऊ,   योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने अक्टूबर, 2026 में प्रदेश की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर व्यापक स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में जमा कूड़े, बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी मंडियों में युद्धस्तर पर होगी साफ-सफाई इस अभियान के दौरान मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने सभी सफाई कर्मियों को लगाकर युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसर के प्रत्येक हिस्से की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से नालियों में फंसे अपशिष्ट तथा पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई कराई जाएगी।     धान की आवक को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर  अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की अधिक आवक तथा आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।  नीलामी चबूतरों, दुकानों और नालियों पर ज्यादा ध्यान इस अभियान के अंतर्गत मंडी परिसर में स्थित नीलामी चबूतरों के आसपास की नालियों में जमा कूड़े को हटाने तथा चबूतरों और उनसे संबंधित संरचनाओं की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थानों पर नमी रहती है, वहां कूड़ा हटाने के बाद निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा।  शौचालयों और किसान विश्राम गृहों में सुविधाओं पर रहेगा ध्यान मंडी परिसरों में बने शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ जलापूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों की विशेष सफाई कर वहां नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंडी परिसरों में जहां नए सिविल, विद्युत अथवा मरम्मत संबंधी कार्य चल रहे हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण कार्य के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को भी अभियान के दौरान हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।

वाराणसी में त्योहारों पर घर लौटना होगा महंगा, फ्लाइट टिकट ₹35 हजार तक पहुंचा; ट्रेनें भी फुल

बाबतपुर हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आगामी त्योहारी सीजन में यात्रा महंगी होगी। फ्लाइट का किराया इंटरनेशनल विमानों इतना हो गया है। दीपावली, छठ पर नवंबर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया दो से तीन गुना तक बढ़ गया है। अहमदाबाद और शारजाह से आने वाले विमानों में सीटें फुल हैं। लिहाजा यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उन्हें ज्यादा किराया देना होगा, साथ ही समय भी अधिक लगेगा। एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों का दबाव और बढ़ेगा तो किराये में भी इजाफा हो जाएगा। बड़े शहरों में रहकर नौकरी करने वाले लोग त्योहारों पर घर जाते हैं। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग लिस्ट है तो कई गाड़ियों में रिग्रेट (नो रूम) की स्थिति बन गई है। हालांकि दिल्ली, आगरा समेत बिहार और झारखंड के कई शहरों के लिए लग्जरी बसें भी चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के हिसाब से ये नाकाफी हैं। सामान्य दिनों में किराया बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस समय विजयवाड़ा, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, नवी मुंबई, गाजियाबाद, अहमदाबाद, चेन्नई,बेंगलुरु समेत अन्य शहरों के लिए विमान संचालित हो रहे हैं। गौर करें तो सामान्य दिनों में दिल्ली से आने के लिए हवाई किराया 4 से 5 हजार रुपये, मुंबई से 5 से 6 हजार रुपये, अहमदाबाद का 7 से 8 हजार रुपये, चेन्नई का 8 से 9 हजार रुपये और बेंगलुरु का 9 से 10 हजार होता है घरेलू, अंतरराष्ट्रीय विमानों से सफर महंगा चेन्नई से वाराणसी आने वाले विमान की 5 नवम्बर को सीटें फुल हैं। यात्रियों को 20 से 35 हजार खर्च कर कनेक्टिंग विमान का सहारा लेना पड़ेगा। अहमदाबाद से वाराणसी के विमानों में भी सीटें नहीं हैं। यहां से भी वापसी के लिए 21 से 28 हजार रुपये खर्चने होंगे। शारजाह से आने वाले एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान में भी यही स्थित है। इस अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए कनेक्टिंग विमान से आने पर 22 से 24 हजार रुपये देने होंगे। शारजाह से दिल्ली पहुंचकर वाराणसी आ सकेंगे। वाराणसी का किराया कितना? बेंगलुरु से वाराणसी 15 से 22 हजार रुपये मुंबई से वाराणसी 13 से 18 हजार रुपये दिल्ली से वाराणसी 12 से 16 हजार रुपये कोलकाता से वाराणसी 8 से 11 हजार रुपये विजयवाड़ा से वाराणसी 11 से 14 हजार रुपये ट्रेनें भी फुल पैक दिवाली-छठ के समय दिल्ली, मुबंई, पुणे, बेंगलुरु से आने वाली ट्रेनें भी फुल पैक हैं। कई ट्रेनों में सीट देखने पर रिग्रेट (Regret) शो हो रहा है। यानी उस ट्रेन में कंफर्म सीट, RAC और वेटिंग लिस्ट की सीमा पूरी तरह से भर चुकी है। अब ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट कराने का विकल्प बचता है।

राज्यसभा सांसद ने कहा- सपा अध्यक्ष चुनाव के समय मंदिर, तिलक और धर्म की बातें करते हैं, बाकी समय तुष्टिकरण की राजनीति

रायपुर  ईओडब्ल्यू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कोल लेवी घोटाले में सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 में खनिज विभाग की आनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया। इसके बिना डीओ जारी होना बंद कर दिया गया और परिवहन पर रोक लगा दी गई। इसी प्रशासनिक शिकंजे की आड़ में 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध कोयला लेवी की वसूली शुरू हुई। वसूली का मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ अफसरों के नाम का दुरुपयोग कर पूरा सिंडिकेट चला रहा था। किसे कितनी मिली अवैध रकम रामगोपाल अग्रवाल (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष): डायरियों में दर्ज 'भवन' और 'सी पार्टी' कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के जरिए कुल 104.20 करोड़ रुपये स्वीकार करने का आरोप। देवेंद्र सिंह यादव (पूर्व विधायक, भिलाई नगर): खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये लेने का विवरण। चंद्रदेव प्रसाद राय (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़): नकद रकम और चुनावी खर्च के अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा दिए गए लाखों रुपये के सोने के आभूषण प्राप्त किए। जयप्रकाश मौर्य (तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म):सिंडिकेट को मदद पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया। विनोद तिवारी व रामप्रताप सिंह (कांग्रेस नेता): राजनीतिक प्रभाव और समन्वय के लिए क्रमशः 2.12 करोड़ रुपये और अन्य लेन-देन में सहभागिता के साक्ष्य। शेल कंपनियों और अचल संपत्तियों में निवेश जांच में सामने आया कि अवैध वसूली की रकम को छिपाने के लिए रानू साहू के भाई पियूष साहू, सौम्या चौरसिया के रिश्तेदार अनुराग चौरसिया और कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल (इंद्रमणि समूह) व जोगेंदर सिंह का सहारा लिया गया। फर्जी लोन,राइस मिलों के खातों और शेल कंपनियों के जरिए 10.77 करोड़ से अधिक की बैंक एंट्री कराई गई तथा बेनामी जमीनें, वाशरी और फ्लैट खरीदे गए। व्हाट्सएप चैट व डायरियों से खुले राज ईओडब्ल्यू ने जब्त हस्तलिखित डायरियों, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट्स और आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को पुख्ता साक्ष्य बनाया है। डायरियों में दर्ज 'डी','आरपी', 'जेपी', 'चंद्रा', 'भगत' और 'एमयू' जैसे कोडवर्ड की पहचान जांच के दौरान उजागर हो चुकी है। चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका 1. राम गोपाल अग्रवाल राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं "C PARTY" के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है। 2. देवेन्द्र सिंह यादव भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है। 3. विनोद तिवारी विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है। 4. रामप्रताप सिंह जब्त डायरियों में "R P Singh" एवं "RP" नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। 5. चंद्रदेव प्रसाद राय तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है। 6. जयप्रकाश मौर्य तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है। 7. पियूष कुमार साहू पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। 8. जोगेन्दर सिंह जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को कराया अवगत

प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार है 'अन्नदाता': सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को कराया अवगत किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री 80 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान, ₹1,03,833 करोड़ से अधिक भुगतान: मुख्यमंत्री 2017 से पहले कर्ज में डूबा था किसान, अब मिल रही 'सम्मान निधि': सीएम योगी लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद कृषि क्षेत्र में आए अभूतपूर्व परिवर्तन से प्रदेशवासियों को अवगत कराया। उन्होंने अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार भी बताया।  किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली व लाचारी में डूबा रहता था और बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है। 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई कृषि विकास दर  मुख्यमंत्री ने बताया कि दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं। प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है। धान किसानों को किया गया ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान  मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।  किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उत्तर प्रदेश में ग्रीन एविएशन फ्यूल बनाने पर जोर, निवेशकों को 10 साल तक बिजली शुल्क में 100% छूट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में कृषि अवशेषों व कचरे से हवाई जहाज के लिए हरित ईंधन तैयार किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026 को लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। नीति के तहत कृषि अवशेषों से किसानों की आय बढ़ाने व विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही धान की भूसी, गेहूं का भूसा, गन्ने की खोई, तिलहन और कचरे का उपयोग कर विमानन ईंधन के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इकाइयों को मिलेंगी ब्याज सब्सिडी जैसी सुविधाएं नीति में निवेश के आधार पर एसएएफ विनिर्माण इकाइयों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 200 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक के पूंजी निवेश वाली इकाइयों को वृहद श्रेणी, 500 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली इकाइयों को मेगा और 1500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली इकाइयों को अल्ट्रा मेगा श्रेणी में रखा जाएगा। नीति के तहत इकाइयों को स्टांप शुल्क, भू-उपयोग परिवर्तन प्रभार और विकास शुल्क में छूट, राज्य वस्तु एवं सेवा कर की प्रतिपूर्ति, ब्याज सब्सिडी तथा कौशल विकास अनुदान जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। निवेशकों को बिजली शुल्क में मिलेगी शत-प्रतिशत छूट इसके अलावा, 10 वर्षों तक बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, पेटेंट पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति और भूमि आवंटन की स्थिति में शुरुआती भूमि सब्सिडी का भी प्रविधान किया गया है। गन्ने की खेती और एथेनाल उत्पादन में अग्रणी होने के कारण उत्तर प्रदेश में दूसरी पीढ़ी के जैव ईंधन और अल्कोहल से विमानन ईंधन बनाने वाली तकनीकों के विकास की व्यापक संभावना हैं। नीति के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। आवेदनों के मूल्यांकन के लिए निदेशक स्तर पर समिति गठित होगी। यह नीति पांच वर्षों तक या नई नीति लागू होने तक प्रभावी रहेगी।

महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, नवरात्रि में देवी मंदिरों की 24 घंटे CCTV और ड्रोन से निगरानी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र, छठ पर्व और विजय दशमी के दृष्टिगत कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने के साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में कहा कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नवरात्रि पर प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित किए जाने का निर्देश भी दिया। कहा कि ड्रोन से भी सघन निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व पुलिस अधीक्षक फील्ड में भ्रमण करें और गश्त में शामिल हों। अधिकारी लोगों से सीधा संवाद करें। संवेदनशील क्षेत्रों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 अक्तूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्तूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्ब्तूबर को महानवमी और 20 अक्तूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कहीं कोई चूक न हो। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी, मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी कैमरों के से 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है। सीएम के निर्देश- -मिशन शक्ति केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित हो -महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो -स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन अभियान चले -एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज की जाए -पीस कमेटियों की बैठकें समय से कर ली जाएं -पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो -डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो -प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार ही रहे -माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रहे -शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते व ढीले बिजली तार ठीक किए जाएं -प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक व नाव का प्रबंध रहे -विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन मौजूद रहें -सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे कड़ी नजर रखी जाए -शिकायतकर्ता को 24 घंटे में संतोषजनक जवाब मिले -निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में हो -किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता हो -कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगे -कोई सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे।

शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में उतरें वरिष्ठ अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री

जनशिकायतों का 24 घंटे में मिले संतोषजनक जवाब, निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिन में हो निस्तारण: मुख्यमंत्री शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक फील्ड में उतरें वरिष्ठ अधिकारी, जनता से सीधा संवाद करें: मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाएं, स्टंटबाजी पर कार्रवाई और एंटी रोमियो स्क्वॉड की सघन चेकिंग के निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, अतिवृष्टि प्रभावितों को तत्काल राहत, 48 घंटे में नुकसान और राहत वितरण की रिपोर्ट दें, क्षतिग्रस्त आवासों वाले पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिले नवरात्र, दशहरा और छठ पर होंगे सुरक्षा के व्यापक प्रबंध, प्रमुख मंदिरों में होगी 24×7 सीसीटीवी निगरानी शोभायात्रा मार्ग, पूजा पंडालों के समीप मांस-मदिरा की दुकानों पर होगा प्रतिबंध लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और उनके समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरें, जनता से सीधा संवाद करें और उसकी समस्याओं के समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। जनपद स्तर के साथ शासन स्तर पर भी जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए। दाखिल-खारिज, पैमाइश, वरासत तथा जाति और आय प्रमाणपत्र से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण हो। निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिन में किया जाए और प्रत्येक तहसील में लंबित प्रकरणों की सूची सार्वजनिक की जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। शुक्रवार को शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, सुगम यातायात और जनसुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीट आरक्षी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और ईमानदारी से निभाए। कस्बों और नगरों में यातायात जाम की स्थिति न बने और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक जोन और रेंज स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक स्वयं क्षेत्र में भ्रमण करें, गश्त में शामिल हों और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करें। संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक थाने में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के साथ उन्हें आवश्यक सहायता, परामर्श और विधिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने और एंटी रोमियो स्क्वॉड की कार्रवाई तेज करने को भी कहा, ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। कोई भी सहकारी समिति खाद के अभाव में स्टॉक विहीन न रहे। जिलाधिकारी स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप खाद आवंटन के लिए कृषि विभाग को समय से सूचित करें। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में समुचित व्यवस्था बनाए रखने, पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने और सड़क कटिंग से जुड़ी समस्याओं का 31 अक्टूबर तक समाधान करने के निर्देश भी दिए। अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अगले 48 घंटे के भीतर वर्षा से हुए नुकसान और राहत वितरण की पूरी जानकारी राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों के आवास पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा। आगामी पर्व-त्योहारों के शांति और सौहार्दपूर्ण आयोजन के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। विंध्याचल धाम (मीरजापुर), देवीपाटन शक्तिपीठ (बलरामपुर), सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी (सहारनपुर) और मां ललिता देवी शक्तिपीठ, नैमिषारण्य (सीतापुर) सहित सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात किए जाएं। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, यह प्रशासन और पुलिस की सामूहिक जिम्मेदारी है। थाना, चौकी और जिला स्तर पर पीस कमेटियों की बैठकें आयोजित कर धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। दुर्गा पूजा पंडालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो और डीजे का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। प्रतिमाओं की ऊंचाई सुरक्षित मानकों के अनुसार रखी जाए। विजयादशमी पर पुतला दहन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हों तथा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर झूलते एवं ढीले विद्युत तारों को ठीक कराने, जर्जर खंभों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों और गड्ढों की मरम्मत के निर्देश दिए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगर विकास एवं आवास विभाग नगरों में विशेष साफ-सफाई और साज-सज्जा कराए। प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, नाव, कुशल गोताखोर और जल पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा दल उपलब्ध रहें। मेलों एवं विसर्जन स्थलों पर खोया-पाया केंद्र, सहायता केंद्र और जन उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जाए। प्रमुख स्थलों की सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के साथ सोशल मीडिया पर भी सतर्क नजर रखी जाए। शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर मांस और … Read more

. Free Ration Update: राशन पाने के लिए मोबाइल खरीदना अनिवार्य नहीं, वायरल खबरों को विभाग ने बताया भ्रामक

मुफ्त राशन के लिए मोबाइल खरीदना जरूरी नहीं: खाद्य एवं रसद विभाग ने सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों का किया खंडन बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन ही मुख्य आधार, नहीं बदला नियम बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ओटीपी मात्र वैकल्पिक व्यवस्था, नया फोन लेना अनिवार्य नहीं लखनऊ सोशल मीडिया पर मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल खरीदने और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य किए जाने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने विराम लगा दिया है। विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए किसी भी लाभार्थी को नया मोबाइल खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभाग ने आमजन से ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है। बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन ही मुख्य आधार, नहीं बदला नियम खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, प्रदेश में उचित दर दुकानों पर स्थापित ई-पॉस मशीनों से इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल के जरिए तौलकर पहले की तरह ही पारदर्शी तरीके से राशन वितरित किया जा रहा है। यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट पहली बार में मैच नहीं होता, तो उसे उसी दिन दो अतिरिक्त मौके दिए जाते हैं। इसके बाद भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण न होने पर आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा, राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी अन्य सदस्य सत्यापन कराकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है। बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ओटीपी मात्र वैकल्पिक व्यवस्था, नया फोन लेना अनिवार्य नहीं विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण की सुविधा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से ही निरंतर प्रभावी है। यह सुविधा केवल उन अत्यंत वृद्ध, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार राशन कार्ड धारकों के लिए एक वैकल्पिक उपाय है, जिनका किसी भी तरह से बायोमेट्रिक या आइरिस मिलान संभव नहीं हो पाता। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक राशनकार्डों में से मात्र 83,093 कार्डों पर ही ओटीपी आधारित वितरण हुआ है, जो कुल लेनदेन का नगण्य हिस्सा है। अतः इसके लिए नया मोबाइल खरीदने की बात पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है।