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कफ सिरप तस्करी का आरोपी भोला जायसवाल पकड़ा गया, विदेश भागने की तैयारी कर रहा था

लखनऊ कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। मास्टर माइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को सोनभद्र की पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह कोलकाता से थाईलैंड की फ्लाइट में बैठने वाला था। जहां से वह सिंगापुर जा रहा था। भोला शैली ट्रेडर्स का मालिक है। उसे एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया है। शैली ट्रेडर्स ने 7,53,000 शीशियाँ बेची थी बता दें कि सोनभद्र जिले में कोडीनयुक्त के बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। यह खुलासा तब हुआ जब औषधि निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य की तरफ से गई जांच में सगे भाइयों की तरफ से संचालित दो मेडिकल स्टोरों की चौंकाने वाली भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि रांची स्थित फर्म शैली ट्रेडर्स ने सोनभद्र की मेसर्स मां कृपा मेडिकल एवं मेसर्स शिविक्षा फार्मा को कुल 7,53,000 शीशियाँ (7.53 करोड़ एमएल) कोडीनयुक्त सीरप बेची थीं। यह मात्रा न केवल संदिग्ध मानी गई, बल्कि दुकानों पर वास्तविक भंडारण या बिक्री का कोई साक्ष्य भी नहीं मिला। प्रकरण में कब तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल सहित दो फार्मा संचालकों (सगे भाइयों) के खिलाफ राबर्टसगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस को दी गई तहरीर में औसत निरीक्षक की तरफ से बताया गया है कि मुख्यालय लखनऊ से मिले निर्देशों पर वह 25 नवंबर को राबटर्सगंज शहर से सटे बरकरा तालाब स्थित दोनों फर्मों की जांच के लिए पहुंचे। दोनों दुकानें बंद मिलीं। मकान मालिकों व पड़ोसियों ने बताया कि दुकानें महीनों से बंद रहती हैं। बाद में मालिक द्वारा भेजी गई चाबी से दुकान खोली गई, तो दुकान पूरी तरह खाली मिली। न दवाइयों का कोई स्टॉक, न लाइसेंस की प्रति, न कोई रजिस्टर ही मिला।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से खाद्यान्न उत्पादन में यूपी अग्रणी राज्य के तौर पर पहचान को कर रहा पुख्ता

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां प्रदेश में कृषि के लिहाज से नए प्रतिमान स्थापित करने का मार्ग सुनिश्चित कर रही है। योगी सरकार ने किसानों की समृद्धि का ध्यान रखा तो प्रदेश की खेती उन्नत और किसान खुशहाल हुआ। वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश के किसानों ने सफलता के नए आयाम गढ़े। डबल इंजन सरकार के एमएसपी का लाभ उठाते हुए किसानों ने धान, गेहूं, श्रीअन्न आदि अपनी फसलों की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से अधिक की। वहीं, उत्तर प्रदेश ने खाद्यान्न उत्पादन में भी बड़ी सफलता हासिल की है। योगी सरकार के प्रयास व किसानों की मेहनत की बदौलत उत्तर प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी राज्य की अपनी स्थिति को और पुख्ता करता जा रहा है।  धान खरीद सत्र 2025-26 में 9.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई धान खरीद धान खरीद सत्र 2025-26 के लिए 5,73,633 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। 4227 क्रय केंद्रों के माध्यम से धान खरीद चल रही है। वहीं 1,51,077 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद भी हो चुकी है। वहीं अब तक 4227 क्रय केंद्र भी स्थापित किए जा चुके हैं।  एमएसपी में सुधार और समय पर किसानों को भुगतान डबल इंजन सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में सुधार व समय पर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। सरकार ने फसल की उपज व उत्पादकता को बढ़ावा दिया। सरकार के सार्थक व प्रभावी प्रयासों के फलस्वरूप कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिणाम भी आए। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही राष्ट्रीय उत्पादन में कृषि की हिस्सेदारी बढ़ी है। गेहूं-चावल उत्पादन समेत अधिकांश प्रमुख फसलों की उत्पादकता में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है।  उत्पादकता में रहा निरंतर सुधार उत्तर प्रदेश में 2001-02 से 2016-17 तक की अवधि में अधिकांश प्रमुख फसलों की उत्पादकता में औसतन 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 2016-17 से 2024-25 तक की अवधि में औसतन 42.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि रही। यह कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार के साथ तकनीकी उन्नति, बेहतर प्रबंधन व सरकारी प्रयासों का परिणाम है। 2025-26 खरीफ व रबी सीजन में भी पिछली सरकारों से अधिक प्रमाणिक बीजों का वितरण कराया गया। उप्र मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा दिया गया। श्रीअन्न के मिनीकिट का वितरण कराया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों का वितरण कराया जा रहा है।

अली ने फर्जी खाता खोलकर की बड़ी ठगी, मंत्री के बेटे बने साइबर फ्रॉड के शिकार

गोरखपुर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के बेटे डॉ. अमित कुमार निषाद साइबर जालसाजी का शिकार हो गए हैं। जालसाजों ने उनके मोबाइल नंबर की मदद से न सिर्फ फर्जी बैंक खाता खुलवा लिया बल्कि उस पर यूपीआई भी सक्रिय कर दी। इसके बाद से डॉ. अमित को भेजी जाने वाली सारी रकम जालसाजों के खाते में जाने लगी। मामला संज्ञान में आने के बाद जंगल सालिकराम निवासी डॉ. अमित की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने समरीन अली नाम के व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अली ने दिल्ली में खुलवाया फर्जी खाता प्रारंभिक जांच में पता चला कि समरीन ने दिल्ली में बैंक ऑफ बड़ौदा की मंडावली शाखा में यह फर्जी खाता खुलवा रखा है। शनिवार को पुलिस ने इस संदिग्ध खाते की डिटेल निकलवाई। पुलिस साइबर सेल की मदद से जांच कर रही है। जालसाज यह काम कई महीनों से कर रहे थे। उन्होंने अब तक कितनी रकम का फर्जीवाड़ा किया है यह पता नहीं चल सका है। 50 हजार के लेन-देन के बाद चला फर्जीवाड़े का पता डॉ. अमित की पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उनका मोबाइल नंबर कई महत्वपूर्ण संपर्कों, संगठन और अनुदानों से जुड़ा है। पिछले कुछ महीनों से कोई भी भुगतान उनके खाते में नहीं हो रहा था। किन्हीं कारणों से उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। पिछले हफ्ते उनके एक परिचित ने उनके अकाउंट में 50 हजार रुपये भेजे। उन्होंने जब इसके बारे में पूछा तो फोन में किसी लेनदेन का कोई मैसेज नहीं था। तब उन्होंने बैंक खाते की डिटेल निकलवाई। उससे पता चला कि समरीन अली नामक व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बैंक खाता और यूपीआई आईडी बना रखी है, जिसमें उनके नंबर की यूपीआई आईडी पर भेजी जाने वाली सारी रकम जा रही है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है। मामला किया गया दर्ज इस संबंध में शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय ने बताया कि डॉक्टर की तहरीर पर समरीन अली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच निरीक्षक अवधेश तिवारी को सौंपी गई है। जालसाज की पहचान के लिए साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का बयान डॉ. अमित कुमार निषाद की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। जल्द ही जालसाजों का पता लगा लिया जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी। -रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ

समय कम, जिम्मेदारियां बेहिसाब… BLO के दर्दनाक सुसाइड नोट में झकझोर देने वाला सच

मुरादाबाद  यूपी के मुरादाबाद में मतदाता विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे सहायक अध्यापक के पद पर तैनात बीएलओ सर्वेश सिंह ने फांसी लगाकर जान दी है। सहायक अध्यापक ने मरने से पहले दिल को झकझोर देने वाला तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है। इसमें उसने लिखा है कि समय कम है और टार्गेट ज्यादा दिया गया है। पहली बार बीएलओ बना हूं, रात दिन काम कर रहा हूं। इसके बाद भी टार्गेट हासिल नहीं कर पा रहा हूं। रात में दो-तीन घंटे भी सो नहीं पा रहा हूं। इसके कारण टेंशन में हूं।   लिखा कि मानसिक दबाव इतना ज्यादा है कि आत्मघाती कदम उठाने जा रहा हूं। अगर समय ज्यादा होता तो टार्गेट पूरा कर लेता। अपनी चार बेटियों को लेकर ऐसी बातें लिखीं जिसे पढ़कर कोई भी रो देगा। पिछले पांच दिनों में यूपी में तीसरे बीएलओ ने जान दी है। इससे पहले फतेहपुर में अपनी शादी से एक दिन पहले लेखपाल रामलाल कोरी ने जान दी। फिर गोंडा में सहायक अध्यापक विपिन यादव ने जहर खाकर मौत को गले लगाया था। बीएलओ ने लिखा कि जीना तो चाहता हूं लेकिन बहुत बेचैनी, घुटन और डरा हुआ महसूस कर रहा हूं। मेरी चार छोटी बेटियों हैं। दो की तबीयत बहुत दिनों से खराब है। मेरी बेटियां बहुत मासूम हैं, उनका ख्याल रखना। यह भी लिखा कि मेरी पूरी राशि मेरी पत्नी को मिलनी चाहिए, ताकि मेरी बेटियों की परवरिश ठीक से हो सके। मुझे पता है कि मेरे नहीं होने पर उनका जीवन बहुत खराब हो सकता है। लेकिन क्या करूं। आगे लिखा कि परिवार वालों ने तो मेरा बहुत हौसला बढ़ाया फिर भी काम का दबाव झेल नहीं पा रहा हूं। मुझे माफ कर देना। आगे लिखा कि कहने को बहुत कुछ बाकि है लेकिन समय कम है। मेरी मौत के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। मेरे परिवार को कोई अधिकारी परेशान न करें। कंपोजिट विद्यालय पर थी तैनाती सुसाइड करने वाले सहायक अध्यपक सर्वेश सिंह की तैनाती करीब आठ साल से जाहिदपुर कम्पोजिट विद्यालय में थी। भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बहेडी ब्रहमनान निवासी सर्वेश सिंह के भाई प्रमोद कुमार के अनुसार शनिवार की रात किसी समय सर्वेश ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह घर वालों ने उनका शव फंदे से लटकता देखा तो कोहराम मच गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो जेब से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कुछ घंटे बाद आई समय बढ़ाने की सूचना एसआईआर का कम समय और ज्यादा टार्गेट की बात कहते हुए बीएलओ सर्वेश सिंह ने जान दे दी। उनकी मौत के कुछ घंटे बाद ही एसआईआर का समय बढ़ाने की खबर आ गई। चुनाव आयोग ने यूपी समेत 12 राज्यों में एसआईआर की डेडलाइन को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। पहले 4 दिसंबर तक इसे पूरा करना था। अब 12 दिसंबर की नई तारीख दी गई है।  

अनाधिकृत विद्युत उपयोग सहित पुरानी देनदारियों का होगा समाधान, ब्याज में 100% माफी और मूलधन में 25% राहत

आसान किस्तें, औसत खपत के आधार पर बिल समायोजन और स्थानीय कैंपों के माध्यम से हर उपभोक्ता तक पहुंचाने की तैयारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर से प्रारंभ हो रही बिजली बिल राहत योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का वह महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों और छोटे बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बोझ से राहत देना और उन्हें एक सरल, सम्मानजनक समाधान प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उपभोक्ता एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक उठा सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत पहली बार 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज माफी और मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। 2 किलो वाट तक छोटे घरेलू उपभोक्ता तथा एक किलोवाट तक के कनेक्शन वाले व्यावसायिक ग्राहकों को विशेष लाभ मिलेगा। इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन स्पष्ट होता है कि बिजली उपभोक्ताओं के साथ सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार स्थापित किया जाए। यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने समीक्षा बैठक में कहा कि आम जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए सरकार बकाया बिलों के समाधान के लिए यह व्यापक राहत योजना लेकर आयी है। आसान किस्तों की सुविधा और बढ़े हुए बिलों को औसत खपत के आधार पर स्वचालित रूप से समायोजित करने की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को वास्तविक आर्थिक राहत मिलेगी। विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए यह योजना बड़ी राहत का माध्यम बनेगी जो पूर्व में अनाधिकृत विद्युत उपयोग से जुड़े प्रकरणों में उलझे थे। इस योजना के अंतर्गत ऐसे प्रकरणों में चल रहे मुकदमों का निस्तारण कराया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा।  इस योजना में पंजीकरण सरल प्रक्रिया से होगा, जिसे www. uppcl.org के माध्यम से ऑनलाइन या अपने स्थानीय बिजली खंड कार्यालय में जाकर पूरा किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को विस्तृत सूचना उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें नोटिस, पंपलेट, सूचना पत्र और गांव तथा शहरी क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह योजना गरीब परिवारों, छोटे दुकानदारों, किसान उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बिजली ग्राहकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। ब्याज माफी और मूलधन में छूट तत्काल राहत देती है, वहीं आसान किस्तों का विकल्प मासिक आर्थिक दबाव कम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह प्रयास न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा बल्कि राज्य की विद्युत व्यवस्था में अनुशासन और विश्वास की नई नींव भी स्थापित करेगा। सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि हर उपभोक्ता को न्यायपूर्ण, सुलभ और सरल ऊर्जा व्यवस्था मिले, जिससे प्रदेश के नागरिक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक राहत का लाभ समान रूप से प्राप्त कर सकें।

SIR सर्वेक्षण में बाधा: महिला BLO और लेखपाल पर हमला, आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी

रायबरेली  उत्तर प्रदेश के रायबरेली के पाल्हीपुर गांव में मतदाता सूची के एसआईआर का कार्य कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान और उसके साथी पर एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और एक लेखपाल को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का आरोप है। इसके बाद सरकारी प्रपत्र फाड़ने और तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित महिला बीएलओ आरती यादव और लेखपाल अविनाश भारती पाल्हीपुर गांव में एसआईआर का कार्य कर रहे थे। ग्राम प्रधान दीपक यादव अपने साथी नोखई के साथ मौके पर पहुंचा और कार्य में बाधा डालने लगा। इसके बाद बीएलओ ने ग्राम प्रधान को समझाने का प्रयास किया तो प्रधान बीएलओ से अभद्रता करने लगे। मामले बढ़ने पर लेखपाल अविनाश भारती के बीच-बचाव करने पर प्रधान और भड़क उठा। इसके बाद उसने जनगणना प्रपत्र फाड़ दिया और गालियां देने लगा। इसके बाद ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद दोनों कर्मी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। मामला बढ़ने पर पीड़ित सरकारी कर्मचारियों ने इसकी जानकारी उपजिलाधिकारी सलोन, चन्द्र प्रकाश को दी। मामले की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल राघवन कुमार सिंह को तुरंत मामले की जांच करने और आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया है। क्षेत्राधिकारी सलोन यादवेंद्र बहादुर ने बताया कि तहरीर मिली थी कि लेखपाल और बीएलओ की ओर से पाल्हीपुर गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम किया जा रहा है, जहां पर ग्राम प्रधान और उसके साथी ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिसके बाद उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया गया था। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों से भी पूरे मामले की पूछताछ की जा रही है। इस घटना में जो भी लोग शामिल थे, उनको गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान पर महिला बीएलओ और लेखपाल को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का आरोप लगा है। इसकी जांच की जा रही है।

प्रयागराज में बदलाव का संकेत: गंगा पर बन रहा 10 किलोमीटर लंबा सुपर पुल

प्रयागराज  संगम नगरी की सुबहें हमेशा से लोगों के लिए खास रही हैं- लेकिन आने वाले दिनों में शहर की पहचान में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गंगा की विशाल धारा के ऊपर बीते तीन वर्षों से तैयार हो रहा सिक्स लेन पुल अब लगभग अपने आखिरी पड़ाव पर है। लंबे समय से इस परियोजना का इंतज़ार कर रहे शहरवासियों के लिए यह खबर बड़ी राहत की है, क्योंकि यह पुल प्रयागराज के ट्रैफिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। 200 टन का सेगमेंट लगते ही निर्माण स्पीड में उछाल स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक फैले करीब 9.9 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण अब तेज़ रफ़्तार पकड़ चुका है। हाल ही में 200 टन का भारी सेगमेंट स्थापित किया गया, जिसके बाद तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्से अब लगभग पूरे हो चुके हैं। पुल में कुल 288 सेगमेंट लगाए जाने हैं, जिनमें से 120 से अधिक पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। निर्माण कंपनी ने श्रमिकों और भारी मशीनरी की संख्या बढ़ाकर काम को और तेज़ कर दिया है। गंगा की तेज धारा के बीच अस्थायी रास्ता बनाकर सेगमेंट रखने की प्रक्रिया लगातार जारी है। 1947 करोड़ रुपये की लागत, 67 पिलरों पर खड़ी हो रही विशाल संरचना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की निगरानी में बन रहे इस सिक्स लेन पुल की लागत 1947 करोड़ रुपये है। पुल की नींव 67 मजबूत पिलरोंपर तैयार की जा रही है, जो उच्च तकनीक और सटीकता का उदाहरण है। परियोजना की शुरुआत फरवरी 2021 में की गई थी। मूल समयसीमा 2024 थी, लेकिन तकनीकी व प्रशासनिक कारणों से इसे बढ़ाकर अब 2026 किया गया है। ट्रैफिक को मिलेगा बड़ा राहत कॉरिडोर इस पुल के तैयार होते ही प्रयागराज का यातायात तंत्र पूरी तरह बदल जाएगा। वर्तमान में पुराने पुल पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से लोगों को निजात मिलेगी। इसके अलावा:     लखनऊ     कानपुर     आगरा     दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। निर्माण एजेंसी को मिल रहे हैं तारीफ के संकेत हरियाणा की सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना को अंजाम दे रही है। अधिकारी बताते हैं कि सेगमेंट टेक्नोलॉजी हाई-कॉस्ट और हाई-प्रिसीजन होती है, इसलिए समय लगता है। लेकिन अब प्रोजेक्ट एक फाइनल रिदम में आ चुका है और आने वाले महीनों में इसका अंतिम रूप सामने आने की उम्मीद है। जल्द मिलेगी नई सौगात यदि सब कुछ निर्धारित गति से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले महीनों में प्रयागराज के लोगों को गंगा के ऊपर एक आधुनिक, मजबूत और हाई-टेक सिक्स लेन पुल की सौगात मिलेगी। यह न सिर्फ शहर की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की सड़क संरचना को भी और मजबूत करेगा।

मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी: 20 हजार नाम हटे, सपा सांसद ने उठाए SIR पर सवाल

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम गायब होने का आरोप लगाया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मऊ सदर विधानसभा से 20 हजार नाम गायब हैं। राजीव राय ने मोबाइल फोन दिखाते हुए कहा, 'इसमें कहा गया है कि डिलीशन का एप्लिकेशन स्वीकार कर लिया गया है। आखिर यह डिलीशन कहां से आया, किस अज्ञात पते से आया? यह हमें नहीं बताया जा रहा है। मैंने सबूतों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को कल पत्र लिखा। हम लोग पूरे दिन इंतजार करते रहे कि समय मिलेगा मगर ऐसा नहीं हुआ।'   घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने कहा, 'मैंने जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखी। अभी फोन आया तो बताया गया कि डीएम को जांच कराने के लिए कहा गया है। ऐसा हाल हो गया है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।' उन्होंने कहा कि मऊ विधानसभा से 20 हजार नाम काटे गए हैं। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि डिलीशन का एप्लिकेशन किसने दिया है? क्या बीजेपी के वार रूम से यह बैठे-बैठे हो रहा है? सपा नेता ने कहा, 'मैं गलत भी हो सकता हूं लेकिन मुझे इसका जवाब चाहिए। ऐसा हो सकता है कि 20 हजार लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए गए हों। आखिर आपको बताने में क्या परहेज है।' SIR पर अखिलेश यादव भी उठा रहे सवाल बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी SIR को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। अखिलेश ने शनिवार को कहा कि एसआईआर को लेकर इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'शादियों के मौसम में सभी लोग व्यस्त हैं। इसी समय आयोग एसआईआर करवा रहा है। आख़िर भाजपा और आयोग के बीच क्या सेटिंग है। एसआईआर को लेकर कोई बड़ी साजिश रची जा रही है।' अखिलेश ने कहा है कि प्रदेश में लगातार शादियां हो रही हैं और शादियों के समय पर लोगों का एक दूसरे के यहां आना-जाना, शादी की तैयारी करना सब व्यस्त हैं। इतने कम समय में SIR कराना पूरे प्रदेश का और किस-किस को आपने जिम्मेदारी दी हैं।' अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा दोनों मिले हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसआईआर कराने की जल्दी क्यों है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को सहायक बनाया गया है।  

खेलते बच्चे पर भेड़ियों का हमला, परिजनों के पहुंचने तक हो चुकी थी त्रासदी

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच में उस वक्त हड़कंप मच गया जब घर के बाहर खेल रहे मासूम बच्चे को भेड़िए उठाकर गन्ने के खेत में ले गए। इसके बाद भेड़िओं ने मासूम को बुरी तरह चबाया। मामला जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र इलाके का है। बताया जा रहा है कि 5 वर्षीय मासूम बच्चा घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान अचानक दो भेड़िए आए और मासूम को उठा कर गन्ने के खेत में ले गए। सूचना मिलते ही परिजन दौड़े -दौड़े गन्ने के खेत पहुंचे, लेकिन जब तक भेड़ियों ने मासूम के दोनों हाथों को चबा डाला था। परिजनों को देखकर भेड़िए बच्चे को वहीं छोड़ कर भाग गए। आनन-फानन में मासूम को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे लखनऊ रेफर किया गया है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चों के दोनों हाथों को भेड़ियों ने खा लिया है। वहीं शरीर पर भी गहरे जख्म के निशान हैं जिसके बाद स्थिति गंभीर देखते हुए मासूम को लखनऊ रेफर किया गया है।  

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत शीर्ष प्राथमिकता हो : सीएम योगी

20 दिसंबर तक पूर्ण कर लें खिचड़ी मेले से जुड़े सभी कार्य : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत शीर्ष प्राथमिकता हो : सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की समीक्षा गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले से जुड़े सभी कार्य 20 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत प्राथमिकता होनी चाहिए। यह ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को कहीं कोई दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार पूर्वाह्न गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में खिचड़ी मेला की तैयारियों को लेकर महापौर और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले से न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश वरन बिहार, नेपाल से लगायत देश-दुनिया के सनातन मतावलंबियों की आस्था जुड़ी है। इसके दृष्टिगत मेले में सभी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाये जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। दूरदर्शन व आकाशवाणी के जरिए मेले का सजीव प्रसारण किया जाएगा ताकि वे लोग भी मेले में वर्चुअल सहभागी हो सकें जो किंचित कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हों। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की तरफ से खिचड़ी मेला को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि जो भी कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा कर लिया जाए। ध्यान रहे सभी कार्य 20 दिसंबर तक पूरे हो जाने चाहिए। सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खिचड़ी मेला में स्वच्छता और सफाई पर खास ध्यान देने के साथ इस मेले को जीरो वेस्ट इवेंट बनाने के लिए नगर निगम को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र मे पर्याप्त स्थायी एंव अस्थायी प्रकाश व्यवस्था भी कराएं। उन्होंने कहा कि समय रहते मंदिर मार्ग की सभी स्ट्रीट लाइट का परीक्षण कर कोई दिक्कत मिलने पर उसे दुरुस्त कर लिया जाए। खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का भी होगा संचलन बैठक में सीएम योगी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन किया जाएगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन से संवाद कर अलग-अलग स्टेशनों से मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। स्पेशल ट्रेनों के संबंध में व्यापक प्रचार, प्रसार भी किया जाए। शहर के ठहराव वाले स्टेशनों से इलेक्ट्रिक सिटी बसों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। खिचड़ी मेला को लेकर विशेष तैयारी करे परिवहन विभाग बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेला में आने के लिए श्रद्धालुओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्र तक परिवहन की सुविधा मिलनी चाहिए। परिवहन विभाग इसके लिए अभी से बसों के इंतजाम की तैयारी शुरू कर दे। किन स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा, इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए। पर्याप्त अलाव जलवाने के हों इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेला के समय शीतलहर का भी दौर रहता है। इस दौरान आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था के लिए उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया। चुस्त दुरुस्त रहे सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण पर हो पूरा फोकस सीएम योगी ने खिचड़ी मेला में सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा चुस्त दुरुस्त होनी चाहिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस की पर्याप्त संख्या में तैनाती और महिला हेल्प डेस्क की स्थापना सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कंट्रोल रूम से एकीकृत निगरानी करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मेले के दौरान पीए सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार जरूरी जानकारी भी देती रहे। इसके साथ ही मुख्य मेला दिन और भीड़ होने के अन्य दिनों पर भीड़ नियंत्रण पर पूरा फोकस होना चाहिए। उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए एनसीसी और सिविल डिफेंस की सेवा लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यातायात प्रबंधन पर भी दें ध्यान सीएम योगी ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त यातयात पुलिस और होमगार्ड्स की तैनाती के साथ लगातार सीसीटीवी मॉनिटरिंग की जाए। वाहनों की पार्किंग और डायवर्जन की तैयारी अभी से होनी चाहिए। ठीक कर लें सड़कें, स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट रहे बैठक में सीएम योगी ने निर्देश दिया कि नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी है कि वे सभी सड़कों को भी समयबद्ध ढंग से ठीक करायें जिससेे किसी को भी आवगमन में असुविधा न हो। सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मेला के दौरान विशेष तौर पर अलर्ट रहना होगा। मेला परिसर में हेल्थ कैम्प भी लगाया जाए। अस्पतालों को भी एलर्ट मोड पर रखने की आवश्यकता होगी ताकि आकस्मिक जरूरत पर किसी तरह की परेशानी न हो। रैन बसेरों में हों सभी जरूरी इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि खिचड़ी मेले में आने वाला कोई भी श्रद्धालु खुले में न सोये, उसे निकट के रैन बसेरों में सम्मानपूर्वक आवासित कराया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल तथा सफाई आदि की व्यवस्था बेहतर हो। सभी रैन बसेरों में जरूरी इंतजाम अभी से सुनिश्चित किए जाएं। श्रद्धालुओं के भोजन संबंधी सुविधा के लिए सीएम योगी ने कम्युनिटी किचन और भंडारों के आयोजन के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता भी जताई। दुकानों की इलेक्ट्रिक सेफ्टी की हो जांच, खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित हो मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेले में बहुत सी अस्थायी दुकानें भी लगती हैं। इन सभी दुकानों की समय रहते इलेक्ट्रिक सेफ्टी जांच हो जानी चाहिए। मेले में लग रहे झूलों की सुरक्षा की समय रहते परख कर ली जाए। इसके साथ … Read more