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जेल में बंद आज़म ख़ान को न्यायालय से राहत, अमर सिंह मामला हुआ खत्म

रामपुर  समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह के परिवार पर अमर्यादित बयान देने के आरोप में फंसे समाजवादी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। उधर, कोर्ट का निर्णय सुनते ही आजम खान ने अदालत का शुक्रिया अदा किया। मालूम हो कि आजम खान ने एक निजी चैनल को इंटरव्यू के दौरान राज्यसभा सदस्य रहे अमर सिंह की बेटियों को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी। इस मामले में अमर सिंह ने नोएडा से लखनऊ तक रैली निकाली और डीजीपी के आदेश पर लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। चूंकि, इंटरव्यू जौहर विवि में दिया गया था, लिहाजा लखनऊ से केस रामपुर के अजीमनगर थाने में ट्रांसफर हो गया था। पुलिस ने बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। जिसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है। मंगलवार को इस केस में अंतिम बहस पूरी हो गई थी। अदालत ने निर्णय के लिए 28 नवंबर की तारीख मुकर्रर की थी। इस मामले में जेल में बंद आजम खान को कोर्ट ने व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। शुक्रवार को जब सुनवाई शुरू हुई तो आजम खां को जेल प्रशासन पेशी पर लाने लगा। बताया जाता है कि आजम खान ने कैदियों को पेशी पर लाने वाली जेल की बड़ी गाड़ी में बैठने से इंकार कर दिया, जिस पर वीसी के जरिए आजम की पेशी हुई। जहां अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आजम को बरी कर दिया। कोर्ट में आजम ने जेल प्रशासन की शिकायत की। साथ ही अदालत का शुक्रिया अदा किया।  

पिछले साल से ज्यादा जली पराली—निगरानी के बावजूद नहीं थम रही आग, ये जिले सबसे आगे

लखनऊ  सरकार की लगातार कोशिशों और सख्ती के बाद भी उत्तर प्रदेश में फसल अवशेष जलाने (स्टबल बर्निंग) के मामले कम होने के बजाय बढ़ते दिख रहे हैं। 15 सितंबर से 26 नवंबर के बीच प्रदेश में 6284 घटनाएं दर्ज हुई हैं, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 1000 अधिक हैं। इससे साफ है कि जागरूकता अभियान, जुर्माना और सैटेलाइट निगरानी जैसी पहलें इच्छित परिणाम नहीं दे पा रही हैं। महाराजगंज सबसे ज्यादा प्रभावित फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में महाराजगंज इस बार भी सबसे आगे है, जहां 661 मामले सामने आए हैं। झांसी – 448 जालौन – 359 कानपुर देहात – 275 गोरखपुर – 192 जिले प्रमुख रूप से प्रभावित रहे। लगातार प्रयास, पर असर कम राज्य सरकार पिछले कई वर्षों से इस समस्या पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही किसानों को जागरूक करने के लिए 3920 कार्यक्रम आयोजित किए गए। 1304 मामलों में कुल 27.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। हर 50–100 किसानों पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए। कम्पोस्टिंग, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें और बायो-डीकंपोजर जैसी तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया गया। IARI (पूसा) की ओर से सैटेलाइट डेटा भी साझा किया जा रहा है। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि जलाने की घटनाओं में गिरावट के बजाय बढ़ोतरी हो रही है। कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी के अनुसार, सैटेलाइट डेटा में कुछ बाहरी आग की घटनाएं भी शामिल हो जाती हैं, लेकिन 5968 पुष्ट मामले भी पिछले वर्ष से अधिक हैं। उन्होंने बताया कि इस बार कई किसानों ने बारिश के बाद खेत सुखाने के लिए भी आग लगाई है।    जहां से राहत के संकेत वाराणसी – 3 मामले संत रविदास नगर – 4 चंदौली, सोनभद्र, फर्रुखाबाद, ललितपुर, आगरा – 5-5 कासगंज – 8 इसके अलावा प्रयागराज, अमरोहा, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में पिछले साल की तुलना में घटनाएं कम हुई हैं। सरकार के प्रयास जारी हैं, लेकिन बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि अभी भी जागरूकता, तकनीकी सहायता और निगरानी को और प्रभावी बनाने की जरूरत है ताकि फसल अवशेष जलाने जैसी प्रदूषणकारी और मिट्टी को क्षति पहुंचाने वाली प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।

उत्तर प्रदेश की स्मृतियों को अपने-अपने क्षेत्र में ले जाकर युवा भारत व विश्व बंधुत्व के विजन को बढ़ाने का कार्य करेंगे : मुख्यमंत्री

भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली एवं 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का हुआ भव्य समापन लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को सीख दी कि अनुशासन जीवन की पहली आधारशिला है। अनुशासित युवा ही अदम्य साहस से राष्ट्र को नित नई बुलंदियों तक पहुंचाने में सहभागी हो सकता है। राजधानी लखनऊ पिछले पांच दिन से भारत की युवा ऊर्जा के अनुशासन, धैर्य व चुनौती को समझने के सामर्थ्य को देख रही है। सीएम ने आह्वान किया कि उत्तर प्रदेश, देश व दुनिया के कोने-कोने से आए युवा जंबूरी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की स्मृतियों को अपने-अपने क्षेत्र में ले जाकर भारत व विश्व बंधुत्व के विजन को बढ़ाने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में शुक्रवार को डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15 वृंदावन योजना में हुए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की डायमंड जुबली एवं 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के समापन समारोह को संबोधित किया।   प्रयागराज में हुआ था महाकुम्भ तो जंबूरी में भी युवा ऊर्जा का चल रहा महाकुम्भ सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवा ऊर्जा के प्रतीक ‘भारत के इन भविष्यों’ के 19वीं जंबूरी का कार्यक्रम इस बार यूपी की राजधानी लखनऊ में हुआ है। उत्तर प्रदेश को 61वर्ष बाद इसे आयोजित करने का अवसर प्राप्त हुआ। जंबूरी ने 2025 के प्रारंभ में आयोजित प्रयागराज महाकुम्भ का स्मरण करा दिया है। प्रयागराज में देश-दुनिया के 66 करोड़ श्रद्धालु आए थे तो जंबूरी में दुनिया के कई देशों व भारत के कोने-कोने से विश्व शांति, एकता व विश्व बंधुत्व के भाव को लेकर युवा आए हैं। दुनिया के अंदर कुछ नया करने के इच्छुक युवा ऊर्जा के प्रतीक इन युवाओं का यहां महाकुम्भ चल रहा है।   पीएम मोदी के विजन के अनुरूप जंबूरी की थीम सीएम योगी ने कहा कि जंबूरी की थीम पीएम मोदी के विजन के अनुरूप ‘विकसित भारत-विकसित युवा’ रहा है। पिछले पांच दिन से लगातार हर जुबान पर जंबूरी के कार्यक्रम, अनुशासन, आत्मसंयम, यहां चल रहे विभिन्न प्रकार के एडवेंचर व सकारात्मक गतिविधियों ने नई ऊर्जा का संचार किया है। सीएम ने जंबूरी के आयोजन से जुड़ी टीम का अभिनंदन किया और कहा कि टीम भावना की बदौलत स्काउट्स एंड गाइड्स का इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सीएम योगी ने युवाओं से कहा कि आप सभी ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के इन कार्यक्रमों से जुड़कर पीएम मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को जंबूरी के माध्यम से बढ़ाने का कार्य किया है। समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, यूपी के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह, राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त केके खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त प्रभात कुमार आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा: सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला

विश्वास वहीं टिकता है जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध होती हैं: राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा: सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला लखनऊ में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में बोलीं राष्ट्रपति  सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है: द्रौपदी मुर्मु लखनऊ  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) के राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह में भाग लेते हुए राजयोग के जरिए आध्यात्मिक चेतना के विकास पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वास वहीं टिकता है, जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है। राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, शांत और स्थिर मन समाज में शांति का बीज बोता है और वहीं से विश्व शांति और विश्व एकता की नींव बनती है। भारत की प्राचीन सभ्यता ने दिया वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने “ओम शांति” के संबोधन से अपने वक्तव्य की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति ने सदैव वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश विश्व को दिया है, जिसका भाव यह है कि सारा विश्व एक परिवार है। आज जब विश्व कई प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब यह विचार और अधिक प्रासंगिक बन जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस महान संकल्प को सिद्ध करने के लिए यह अभियान प्रभावी योगदान देगा। उन्होंने कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए ब्रह्मकुमारीज परिवार के सभी सदस्यों को बधाई दी। भारत सरकार ने समाज को अधिक समावेशी बनाने के लिए उठाए कदम राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार समाज को अधिक समावेशी, शांतिपूर्ण और मूल्य-आधारित बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। योग एवं ध्यान को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन का नेतृत्व भी इसी का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मूल्य-आधारित शिक्षा तथा जीवन पोषण जैसे तथ्यों का समावेशन इसी दिशा का प्रयास है। भारत सरकार ने मिशन लाइफ अभियान की शुरुआत की है, जो पर्यावरण के प्रति जागरूकता प्रसारित करने का अभियान है। महिला सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आध्यात्मिक चेतना से सुरक्षित होगा मानवता का भविष्य वर्ष 2023 में भारत में हुए जी-20 समिट के आयोजन का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समिट का थीम था वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर। उन्होंने कहा कि ये पहल इस महत्वपूर्ण संदेश को मजबूत करती हैं कि मानवता का भविष्य मानव-मूल्यों, संवाद, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना से सुरक्षित और उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में विज्ञान और तकनीक के बल पर मानवता ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज का युग सूचना, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अंतरिक्ष अनुसंधान का युग है। इन क्रांतिकारी परिवर्तनों ने मानव जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुगम तथा संसाधन-संपन्न बनाया है। तकनीकी उन्नति के साथ बढ़ रहा तनाव राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज का मानव पहले की अपेक्षा अधिक शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम है। उसके पास आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं, लेकिन समाज में तकनीकी उन्नति के साथ तनाव, असुरक्षा, अविश्वास और एकाकीपन भी बढ़ रहा है। आज आवश्यक है कि हम केवल आगे बढ़ने की ही नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने की भी यात्रा प्रारंभ करें। इसी ‘स्व’ से साक्षात्कार को सुगम बनाने का कदम ब्रह्मकुमारीज ने उठाया है, जिसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं। आनंद बाहरी वस्तु में नहीं, हमारे भीतर ही है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हर मनुष्य चाहता है कि वह दूसरों पर विश्वास करे, लेकिन विश्वास वहीं टिकता है जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध हों। उन्होंने कहा कि जब हम कुछ क्षण रुककर स्वयं से संवाद करते हैं, तो यह अनुभव होता है कि शांति और आनंद किसी बाहरी वस्तु में नहीं, बल्कि हमारे भीतर है। जब आत्मिक चेतना जागृत होती है, तो प्रेम, भाईचारा, करुणा और एकता स्वतः जीवन का हिस्सा बन जाते हैं। शांत और स्थिर मन समाज में शांति का बीज बोता है और वहीं से विश्व शांति और विश्व एकता की नींव रखी जाती है। सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है। भीतर की शांति को जगाने का आह्वान ब्रह्मकुमारीज संस्था द्वारा विश्व शांति, मानवीय मूल्य, नारी शक्ति, आत्मिक जागृति, शिक्षा और ध्यान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास वास्तव में प्रेरक और प्रशंसनीय हैं। इस सेवा के लिए सभी का हृदय से धन्यवाद। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, शांति को अपने भीतर जगाएं, विश्वास को अपने विचारों में उतारें और एकता को अपने कर्म में प्रकट करें। हम सभी एक बेहतर, शांतिपूर्ण और विश्वासपूर्ण विश्व के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वे जानती हैं कि ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय केवल लखनऊ और माउंट आबू में ही नहीं, बल्कि गांव-गांव में शिक्षा केंद्रों के माध्यम से सकारात्मकता का प्रसार कर रहा है। सभी समाज को सुख, शांति, आनंद, प्रेम और विश्वास का संवाहक बनकर जन-जन तक पहुंच रहे हैं। आज का कार्यक्रम एक सुंदर विश्व बनाने की दिशा में संवाहक की भूमिका निभाएगा। दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा लखनऊ में आयोजित विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) के राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। उन्होंने ब्रह्मकुमारियों को कलश सौंपा तथा भ्राताओं को ब्रह्मकुमारीज की ध्वजा प्रदान की। कार्यक्रम में छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य शैली में सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। इस दौरान ब्रह्मकुमारी राधा जी ने ईश्वरीय परिवार की ओर से स्वागत वक्तव्य दिया। भ्राता नथमल जी ने वैश्विक एकता और विश्वास को बढ़ावा देने के लिए राजयोग को अपनाने तथा विकारों को दूर करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर महासचिव ब्रह्मकुमारीज एवं अध्यक्ष (शिक्षा शाखा, माउंट आबू) राजयोगी डॉ. ब्रह्मकुमार मृत्युंजय, निदेशक उपक्षेत्र लखनऊ राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी राधा जी, राष्ट्रीय संयोजक … Read more

राष्ट्रपति जी की संघर्ष गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणाः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भारत ने राक्षसी वृत्ति को आतंकवाद के रूप में माना, उसके खिलाफ लड़ रहा लड़ाईः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ब्रह्माकुमारीज लखनऊ में विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) का राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह  राष्ट्रपति जी की संघर्ष गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणाः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  अपने कार्यक्रमों व राजयोग के माध्यम से सकारात्मक भाव का संचार कर रहा ‘ब्रह्माकुमारीज’- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा की मान्यता रही है कि मन, व्यक्ति के बंधन व मोक्ष का कारण है। सद्गुरु रविदास जी ने भी कहा कि मन चंगा तो कठौती मे गंगा यानी मन की बहुर्मुखी वृत्ति को जो व्यक्ति अंतर्मुखी कर लेगा, वह न केवल आत्मिक संतुष्टि का लाभ प्राप्त कर सकता है, बल्कि विश्व कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है। दुनिया में आज जो आतंकवाद, उपद्रव व अराजकता है, इसके पीछे मन की चंचल वृत्तियां हैं। जहां भी अराजकता देखने को मिलती है, उसके पीछे वह बहुर्मुखी वृत्तियां हैं, जो उसे नकारात्मकता की तरफ लेकर जाती है। जीवन का एक पक्ष सकारात्मकता की तरफ ले जाकर अच्छे कार्य की प्रेरणा देता है तो दूसरा पक्ष नकारात्मकता की तरफ लेकर जाता है। भारत की परंपरा ने राक्षसी वृत्ति को आतंकवाद के रूप में माना है और भौतिक-आध्यात्मिक रूप से उसके खिलाफ लड़ाई भी लड़ रहा है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में ब्रह्माकुमारीज लखनऊ में विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान (योग) के राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह में अपनी बातें रखीं।  ऋषि परंपरा के ‘प्रसाद’ योग विधा को पीएम मोदी ने दिलाई वैश्विक मान्यता  सीएम योगी ने कहा कि 2014 में मोदी जी ने प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व संभालने के बाद भारत की योग की विधा को यूएनओ से मान्यता दिलाकर 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता दिलाई थी। पूरा भारत प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभारी है कि उन्होंने ऋषि परंपरा के ‘प्रसाद’ योग विधा को वैश्विक मान्यता दिलाई।   राष्ट्रपति की संघर्ष गाथा हर भारतीय के लिए प्रेरणा  सीएम योगी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन शिक्षक के रूप में भी प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने अपना जीवन शिक्षक के रूप में आगे बढ़ाया, फिर जनसेवा के भाव से पार्षद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा की। उनकी यह यात्रा संघर्ष की बड़ी गाथा है, जो हर भारतीय के लिए नई प्रेरणा है।  कार्यक्रमों व राजयोग के माध्यम से सकारात्मक भाव का संचार कर रहा ‘ब्रह्माकुमारीज’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ी बहनों व पदाधिकारियों का अभिनंदन किया और कहा कि आज भी अपने कार्यक्रमों और राजयोग के माध्यम से निरंतर सकारात्मक भाव का संचार कर रहे हैं। सीएम योगी ने राजयोग के प्रशिक्षण की दृष्टि से लखनऊ के प्रशिक्षण केंद्र की सराहना भी की। कहा कि यह शानदार केंद्र लगभग बनकर तैयार हो चुका है। यह उत्तर प्रदेश का उत्तम प्रशिक्षण केंद्र बन सकता है। जहां से एक दिन, तीन दिन व साप्ताहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ समाज को जोड़ने का माध्यम प्राप्त होगा। सीएम ने आशा जताई कि ब्रह्माकुमारी इस थीम को वर्ष भर प्रदेश, देश व दुनिया में ले जाने में सफल होगा।  कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,  राजयोगी डॉ. ब्रह्मकुमार मृत्युंजय, निदेशक उपक्षेत्र लखनऊ राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी राधा जी, राष्ट्रीय संयोजक कटक (ओडिशा) राजयोगी डॉ. ब्रह्मकुमार नथमल जी समेत प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, प्रशिक्षक व साधक आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने किया राष्ट्रपति का स्वागत  लखनऊ में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को लखनऊ पहुंचीं। यहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

लखनऊ में 19वीं जम्बूरी के फिनाले में पहुंचे विदेशी प्रतिभागी, शहर की संस्कृति का लिया आनंद

लखनऊ 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले में भाग लेने आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने  लखनऊ शहर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दल में मालदीव, नेपाल, सऊदी अरब समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को निकट से जानने के उद्देश्य से विशेष रूप से लखनऊ पहुंचे। आयोजकों द्वारा प्रतिभागियों के लिए एक सुव्यवस्थित पर्यटन कार्यक्रम तैयार किया गया, जिसके तहत उन्हें लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों का अवलोकन कराया गया। अतिथियों ने बड़ा इमामबाड़ा, घड़ीघर (Clock Tower), लुलु मॉल तथा शहर के अन्य प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण किया। बड़ा इमामबाड़ा की भव्यता और घड़ीघर की ऐतिहासिक संरचना ने विदेशी मेहमानों को विशेष रूप से आकर्षित किया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने लखनऊ की नवाबी तहज़ीब, यहां की कला, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक माहौल का प्रत्यक्ष अनुभव किया। शहर के खानपान का स्वाद चखने के लिए उन्हें विशेष रूप से लखनऊ के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिनमें टुंडे कबाबी, दही-चाट, कुल्फी और अन्य प्रसिद्ध पकवान शामिल थे। विदेशी अतिथियों ने इन व्यंजनों की स्वादिष्टता और विशिष्टता की सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि लखनऊ की मेहमाननवाज़ी, यहां का सहज वातावरण और सांस्कृतिक समृद्धि उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। कई प्रतिभागियों ने शहर की सुंदरता और लोगों की सौहार्दपूर्ण भावना की प्रशंसा भी की। आयोजकों का कहना है कि इस भ्रमण का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और समृद्ध विरासत से परिचित कराना था, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी

बरेली के किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, भारी छूट पर मिलेंगे 1002 सोलर पंप खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी पीएम कुसुम योजना में बरेली में लगेंगे सोलर पंप-15 दिसंबर तक मौका, लाखों की मिलेगी सब्सिडी सिंचाई पर खत्म होगी बिजली-डीजल की मार, किसानों को मिलेंगे 2.5 लाख तक के सोलर पंप बरेली योगी सरकार ने बरेली के अन्नदाता किसानों को बड़ी सौगात दी है। किसानों की समृद्धि और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए इस बार बरेली जिले को विशेष प्राथमिकता में रखा है। पीएम कुसुम योजना के तहत जहां पूरे प्रदेश में 40,521 सोलर पंप वितरित किए जाएंगे, वहीं बरेली जनपद के लिए 1002 सोलर पंप का लक्ष्य तय किया गया है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि यह योजना बरेली के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिले में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें ई–लॉटरी के माध्यम से सोलर पंप आवंटित किए जाएंगे। आवेदन केवल कृषि विभाग की वेबसाइट पर किया जाएगा। बरेली के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ-महज पांच हजार में शुरू होगी प्रक्रिया पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन के समय किसानों को सिर्फ 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी। इसके बाद मोबाइल पर बुकिंग कन्फर्मेशन आएगा। अनुदान घटाने के बाद बची राशि किसान ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर किसान बैंक से ऋण लेकर भी किसान अंश जमा कर सकते हैं, जिस पर AIF योजना के तहत 6 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी। उपनिदेशक अमरपाल सिंह के ने बताया कि बरेली में पंप आवंटन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। तय नियमों के अनुसार बोरिंग और जमीन सत्यापन पूरा होने पर किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। बरेली में कौन-कौन से पंप सबसे ज्यादा मांग में बरेली में 2 एचपी सबमर्सिबल, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल, 5 एचपी सबमर्सिबल की मांग सबसे ज्यादा है। बरेली के ब्लॉकों में भोजीपुरा, मीरगंज, फतेहगंज, सेंथल, बहेड़ी और फरीदपुर में इन पंपों की सबसे अधिक मांग देखी जा रही है। गंगापुर, बिशारतगंज और नवाबगंज क्षेत्र में भी किसान तेजी से आवेदन कर रहे हैं। सोलर पंप के लिए बोरिंग को लेकर विभाग ने नियम स्पष्ट किए हैं। इसमें 2 एचपी पंप के लिये 4 इंच बोरिंग, 3 व 5 एचपी पंप के लिये 6 इंच बोरिंग, 7.5 व 10 एचपी पंप के लिये 8 इंच बोरिंग होना चाहिये। सत्यापन के समय बोरिंग न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन निरस्त माना जाएगा। बरेली के किसानों को कितना अनुदान मिलेगा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को भारी छूट दे रही है कि 2 एचपी सरफेस पंप : 98,593 अनुदान, 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,00,215 अनुदान, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,33,621 अनुदान,  5 एचपी एसी सबमर्सिबल : 1,88,038 अनुदान, 7.5-10 एचपी पंप : 2,54,983 तक का सर्वाधिक अनुदान मिलेगा। यह छूट सीधे किसानों की लागत को कम कर रही है और बिजली निर्भरता खत्म कर किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि इस योजना से बरेली जिले में सिंचाई पर आने वाली लागत में भारी कमी आएगी। डीजल और बिजली दोनों से किसानों को राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक अन्नदाता सोलर पंप का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन

अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता हैः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में किया मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में इलाज के लिए दिए गए 1300 करोड़ः मुख्यमंत्री  पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की गारंटी, गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का हकदारः सीएम योगी  नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया। सीएम ने निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जाना और इसे क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज का बेहतरीन सेंटर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल सुपर स्पेशियिलिटी हॉस्पिटल ही नहीं, बल्कि एक छत के नीचे ढेर सारा रोजगार व यूपी को बड़ा निवेश भी दे रहा है। सीएम ने मेदांता की तारीफ करते हुए कहा कि नाम ही काफी है। जब भी हम अपने परिश्रम, प्रयास से सही दिशा को चुनते हैं तो उसके परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छा प्रयास नाम के साथ ब्रांड बन जाता है और बेहतरीन-क्वालिटी हेल्थ सर्विसेज में मेदांता देश में ब्रांड बना है।  बेहतरीन सेवा से मेदांता ने लखनऊ में भी बनाई पहचान सीएम योगी ने कहा कि गुड़गांव के बाद जब लखनऊ में मेदांता का शुभारंभ होना था तो लोग पूछते थे कि क्या यह चल पाएगा, हमें तब भी संदेह नहीं था। मेदांता ने लखनऊ में भी बेहतरीन सेवा से पहचान बनाई है। कोविड के दौरान वह हॉस्पिटल यूपी वासियों के लिए बहुत उपयोगी साबित हुआ। सीएम ने कहा कि पश्चिम यूपी में बहुत दिनों से और भी अच्छे हॉस्पिटल की मांग होती थी। सीएम ने यहां की सर्विसेज की तारीफ की।  8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना होता था कठिन सीएम योगी ने कहा कि दुनिया काफी आगे बढ़ चुकी है, इसलिए बेहतरीन हेल्थ सर्विसेज में भी पीछे नहीं रह सकते। 8-10 वर्ष पहले गरीब के लिए उपचार कराना कठिन होता था। किडनी, कैंसर, लीवर सिरोसिस, बाईपास सर्जरी आदि के लिए गरीब के पास सामर्थ्य नहीं होता था। वह जमीन बेचता या महिलाओं के जेवर गिरवी रखता था। फिर हमारे पास भी हॉस्पिटल को पत्र लिखने और डॉक्टर से बात करने की सिफारिश आती थी। सीएम ने बताया कि पिछले छह-सात वर्ष में प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के अंदर 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य की फ्री सेवा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। यूपी में हमने उसके दायरे को बढ़ाया है। यूपी में जो तबका इसके दायरे में नहीं आ पा रहा था, लेकिन जरूरतमंद था। उसे भी राज्य की ओर से इस सुविधा से जोड़ने का कार्य किया गया।  मुख्यमंत्री राहत कोष से एक वर्ष में दिए गए 1300 करोड़  सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि देना शुरू किया। यह सुविधा हर वर्ष उपलब्ध करा रहे हैं। इस कोष से एक वर्ष में 1300 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवा के लिए गरीबों को उपलब्ध कराए गए। प्रदेश के इन्पैन्ल्ड हॉस्पिटल, जहां उसका उपचार हो रहा है, वहां धनराशि उपलब्ध कराई गई। सीएम योगी ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने का हकदार है। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यह गारंटी दी है।  उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 8 वर्ष में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बेहतर कदम बढ़ाए हैं। इससे पहले यूपी की पहचान वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया थी। हमने उस पहचान को हटाकर यूपी को वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज से जोड़ा है। हर जनपद में अच्छे हॉस्पिटल खुलें, इसके लिए पॉलिसी के दायरे में लाकर उन्हें सुविधा देना प्रारंभ किया। हाउसिंग के रूल में संशोधन किया। पहले हॉस्पिटल बनाने के लिए 18 मीटर की सड़क आवश्यक थी। हमने कहा कि 7 मीटर की सड़क में भी हॉस्पिटल बनाइए, हम नक्शा पास करेंगे और कनेक्टिविटी समेत सभी सुविधा देंगे। आज बड़े पैमाने पर लोग यूपी में आ रहे हैं।   तकनीक का उपयोग कर आमजन को उपलब्ध करा सकते अच्छी सर्विस  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में आज 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना के जरिए सुविधाओं से जोड़ रहे हैं। आज यूपी सरकार द्वारा आईआईटी कानपुर के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (मेडटेक) का कार्य हो रहा है। तकनीक का उपयोग करते हुए अच्छी सर्विस आमजन को उपलब्ध करा सकते हैं। एआई का बेहतर उपयोग करके कैथलेक को बेहतर बना सकते हैं। एक छत के नीचे सुविधाएं प्राप्त होना बड़ी बात है।  डॉक्टर पर मरीज का बहुत बड़ा विश्वास होता है सीएम योगी ने मेदांता गुड़गांव से जुड़ा संस्मरण सुनाते हुए कहाकि मरीज का डॉक्टर पर बहुत बड़ा विश्वास होता है। बताया कि मेरे गुरु की आयु लगभग 94 वर्ष थी। अस्वस्थ होने पर भी वे कहते थे कि हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा, तब मैं डॉ. प्रवीण चंद्रा को फोन करता था कि आप फोन करके गुरु जी को बुलवा लीजिए। इस पर गुरु जी हॉस्पिटल जाने को तैयार हो जाते थे। वहां एडमिट थे पर जब डॉ. नरेश त्रेहन व उनकी टीम, फिर डॉ. चंद्रा कहते थे कि आप स्वस्थ हैं तो गुरु जी छड़ी उठाकर कहते थे कि चलो, अब चला जाए। डॉक्टर ने कह दिया, अब मैं स्वस्थ हूं। 96 वर्ष में उनका शरीर शांत हुआ था। चिकित्सक ने कह दिया कि आप स्वस्थ हैं तो उस आयु में भी बेड से खड़े होकर छड़ी लेकर चल देते थे।  दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर  सीएम ने दूरदराज के क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। बताया कि कोविड के समय हब एंड स्पोक मॉडल पर वर्चुअल आईसीयू शुरू किया था। इस समय एसजीपीजीआई लखनऊ व मेदांता लखनऊ ने भी इस प्रक्रिया को दूरदराज के क्षेत्रों में अपनाया है। पहले चरण में वर्चुअल आईसीयू के माध्यम से टीम के प्रशिक्षण देने के साथ ही सर्विसेज दी जा रही है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 10-12 हजार लोग ओपीडी में आते हैं। सीएम ने कहा कि सर्दी-जुकाम, सामान्य वायरल फीवर वाले को टेलीकन्सलटेशन की सुविधा देकर उसके खर्चे को भी रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि 11 … Read more

गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी

पूर्वांचल गढ़ रहा प्रगति की नई मिसाल: CM योगी  गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग लगाने के लिए मिलने लगे निवेश प्रस्ताव एक्सप्रेसवे समीप होने से बड़े निवेशकों को भाने लगा गीडा का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट: CM योगी  एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से लिखी जाएगी औद्योगिक प्रगति की नई इबारत गोरखपुर  दशकों तक पिछड़ेपन का दंश झेलने को मजबूर रहा पूर्वांचल योगी सरकार की संकल्पशक्ति से प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है। और इस मिसाल की नई बानगी है गोरखपुर के दक्षिणांचल में बस रहा धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी से यहां औद्योगिक प्रगति की नई इबारत लिखी जाएगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के जरिये गोरखपुर के दक्षिणांचल हिस्से में एक बड़े ऊसर भूभाग में अब उद्योगों की फसल लहलहाएगी। गोरखपुर का दक्षिणांचल उद्योग नगरी की पहचान हासिल करेगा। इसकी शुरुआत दो बड़े निवेशकों को औद्योगिक भूमि आवंटन और एक बड़े निवेशक की तरफ से पसंद की गई भूमि के साथ हो भी गई है।  गोरखपुर के जिस दक्षिणांचल को सबसे पिछड़ा क्षेत्र मान लिया गया था, अब वह आने वाले समय में विकास और नई औद्योगिक पहचान की आभा से चहक उठेगा। इसका आधार बनेगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी के चलते योगी सरकार दक्षिणांचल के धुरियापार में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप की परिकल्पना को साकार कर रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को आकार देने की गति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री इस टाउनशिप को ग्रेटर गीडा के रूप में देखना चाहते हैं।  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को 6876 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र 17 अधिसूचित ग्रामों में विस्तृत है। यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप पूर्वांचल के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल लैंड बैंक वाली होगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के पहले फेज में गीडा द्वारा 800 एकड़ भूमि को अधिग्रहित कर उसे इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक के अनुसार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के औद्योगिक सेक्टर एस-5 में दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित कर दी गई है। टाउनशिप में एक अन्य बड़े निवेशक ने भी जमीन पसंद कर ली है। अडानी समूह ने अंबुजा सीमेंट की यूनिट के लिए 46.63 एकड़ जबकि श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड ने 60.48 एकड़ भूमि आवंटित कराई है। इन दोनों भूमि आवंटन के सापेक्ष 4200 करोड़ रुपये का निवेश आना और 6500 लोगों के लिए रोजगार सृजन प्रस्तावित है। इसके अलावा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये के निवेश से कैम्पा कोला कोल्ड ड्रिंक ब्रांड की यूनिट लगाने के लिए इसी इंडस्ट्रियल टाउनशिप में करीब 50 एकड़ जमीन पसंद की है। जल्द ही इसके आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा अन्य कई निवेशक यहां अपनी पसंद की जमीन देख रहे हैं।  गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक बताती हैं कि मूर्त रूप में आने के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही लेकिन आने वाले दिनों में इसकी ख्याति गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी।