samacharsecretary.com

अयोध्या राम मंदिर में विशेष मुहूर्त में ध्वजारोहण, पीएम मोदी के संग काशी के विद्वानों की रहेंगे उपस्थिति

अयोध्या  श्रीराम मंदिर का कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है. 25 नवंबर को शिखर पर ध्वजारोहण के साथ इसकी विधिवत घोषणा भी हो जाएगी. कार्य पूरा होने का संदेश देने के लिए ही पीएम मोदी मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे. इसके लिए पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने मुहूर्त निकाला है. ध्वजारोहण के लिए 30 मिनट का मुहूर्त निकाला गया है. ये वही गणेश्वर शास्त्री हैं, जिन्होंने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला था. पीएम मोदी 11:45 से लेकर 12:29 के बीच ध्वजारोहण करेंगे. मुहूर्त के मुताबिक इसी दौरान सारे अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे. जिसके लिए काशी से 19 नवंबर को ही विद्वानों का दल पहुंच चुका है. 20 नवंबर को शेष विद्वान वाराणसी और दक्षिण भारत से अयोध्या पहुंचे हैं. मंदिर में मुख्य शिखर के साथ-साथ ही 7 पताकाएं फहराई जाएंगी. एक पताका शेषावतार मंदिर में लगाया जा रहा है और 6 पताकाएं परकोटा के पंचायतन के 6 मंदिरों में लगाए जाएंगे. ये सभी 6 एक विशेष व्यवस्था के अंतर्गत हैं, इस तरह कुल सात पताकाएं लगाए जाएंगे. इसी प्रकार का कार्यक्रम बनाया गया है. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं बल्कि विकास की प्रयोगशाला बन चुका है. अयोध्या के ऐतिहासिक विकास ने युवाओं की ज़िंदगी में नई रोशनी, स्थानीय उद्योगों में नई सांसें और परंपरागत कला में एक नई दिशा दी है.

लाइफलाइन कंज्यूमर्स, रूरल शेडयूल्ड मीटर्ड घरेलू कंज्यूमर्स और प्राइवेट ट्यूबवेल्स को पिछले साल की तरह ही सब्सिडी

लखनऊ यूपीईआरसी ने नए यूपीईआरसी (वितरण के लिए बहुवर्षीय टैरिफ) विनियम, 2025 के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य डिस्कॉम के लिए बिजली की दरें घोषित की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखा और लगातार छठे साल टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया।  लगातार छठे साल भी टैरिफ में कोई बदलाव नहीं  सभी कंज्यूमर कैटेगरी के लिए टैरिफ लगातार छठे साल भी वैसे ही रखे गए हैं। इसका मतलब ये है कि इस बार भी टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2029-30 तक के कंट्रोल पीरियड के लिए डिस्ट्रीब्यूशन लॉस का ट्रैजेक्टरी तय किया गया। यू०पी०पी०सी०एल० को कुल डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को वित्त वर्ष 24-25 के 13.78% से घटाकर वित्त वर्ष 29-30 में 10.74% करने का निर्देश दिया गया। सभी कंज्यूमर को ग्रीन एनर्जी टैरिफ का फायदा मिलेगा HV कैटेगरी के कंज्यूमर्स के लिए ग्रीन एनर्जी टैरिफ रु. 0.36 प्रति यूनिट से घटाकर रु. 0.34 प्रति यूनिट कर दिया गया है और LV कैटेगरी के कंज्यूमर्स के लिए रु. 0.17 प्रति यूनिट तय किया गया है। लाइसेंसी को उन कंज्यूमर्स के बिल में पावर फैक्टर बताना होगा जहां के वी.ए.एच. बिलिंग की जा रही है। यूपीपीसीएल को सिक्योरिटी डिपॉजिट पर दिए गए ब्याज से काटे गए इनकम टैक्स के लिए योग्य कैटेगरी के कंज्यूमर्स को टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया। यूपीइआरसी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स और टाउनशिप के लिए अलग कंसल्टेशन पेपर यूपीइआरसी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स और टाउनशिप से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए एक अलग कंसल्टेशन पेपर जारी करेगा। 5 राज्य डिस्कॉम के टैरिफ ऑर्डर को, जिसमें वित्त वर्ष 2023-24 का टू-अप, वित्त वर्ष 2024-25 का एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू (एपीआर) और वित्त वर्ष  2025-26 का वार्षिक रेवेन्यू रिक्वायरमेंट (एआरआर) शामिल है, UPERC ने स्टेकहोल्डर्स, पब्लिक और स्टेट एडवाइजरी कमेटी के ऑब्जेक्शन, कमेट्स और सुझावों को ध्यान में रखते हुए फाइनल कर दिया है। टैरिफ ऑर्डर की जरूरी बातें नीचे दी गई हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 5 राज्य डिस्कॉम का टू-अप आयोग द्वारा अनुमोदित 140,580.13 (मिलियन यूनिट) की खरीद के लिए 5 राज्य डिस्कॉम के वित्त वर्ष 21023-24 के लिए समेकित वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) 85,082.83 करोड़ रुपये है, जबकि वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) 90,328 62 करोड़ रुपये के लिए 141,931.68 एमयू की खरीद का दावा किया गया है। लाइसेंसधारियों ने 15.48% की वास्तविक वितरण घाटे का दावा किया है. जबकि आयोग ने 10 अक्टूबर 2024 के टैरिफ आदेश में अनुमोदित घाटे के मुकाबले वास्तविक वितरण घाटे के निचले स्तर के रूप में 14.69% की वितरण घाटे को मंजूरी दी है। आयोग ने राज्य सरकार की सब्सिडी को राज्य सरकार से राज्य डिस्कॉम द्वारा प्राप्त 17,093.73 करोड़ रुपये माना है। कमीशन ने 60,235.65 करोड़ रुपये (डीम्ड रेवेन्यू सहित) तय किया है। इस वजह से वित्त वर्ष 2023-24 के लिए रेगुलेटरी अकाउंट में 1,246.55 करोड रुपये का सरप्लस है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 राज्य डिस्कॉम का एआरआर आयोग ने हाल ही में अधिसूचित यूपीईआरसी (वितरण के लिए एमवाईटी) विनियम, 2025 के अनुरूप वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 राज्य डिस्कॉम के एआरआर को मंजूरी दे दी है, आयोग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 163,778.24 एमयू की खरीद के लिए 1,10,993.33 करोड़ रुपये की समेकित वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) को मंजूरी दी है। जबकि राज्य डिस्कॉम द्वारा 164,592.49 एमयू की खरीद के लिए 1.12.865.33 करोड़ रुपये का अनुमानित वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) दायर किया गया था। आयोग ने राज्य डिस्कॉम द्वारा दावा किए गए 13.77% के मुकाबले 13.35% के वितरण घाटे को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा 17,100 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। आयोग ने कंज्यूमर्स द्वारा दिए जाने वाले 86.183.29 करोड़ रुपये के राजस्व को मंजूरी दे दी है। इससे UPPCL/DISCOMS को कुल 1,03.283.29 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा। इसके चलते लाइसेंसी के लिए FY 2025-26 में 7,710.04 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी गैप होगा। हालांकि, यह देखते हुए कि 1.4.2025 तक यूपीपीसीएल / डिस्कॉम के पास 18592.38 करोड़ रुपये का अनमानित जमा रेगलेटरी सरप्लस है इसलिए आयोग को FY 25-26 के लिए टैरिफ रेट बढ़ाने का कोई कारण नहीं मिला है।  वित्त वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ ऑर्डर की अन्य मुख्य विशेषताएं 1. UPPCL/DISCOMS के लिए UPERC द्वारा FY 24-25 के लिए तय टारगेट और कंट्रोल पीरियड FY 25-26 से FY 29-30 के लिए तय DL ट्रैजेक्टरी टारगेट के मुकाबले डिस्ट्रीब्यूशन लॉस की स्थिति का सारांश आगे है। ये टारगेट अगले पांच सालों अर्थात 2029-30 के लिए रखा गया है जो प्रतिशत में है । DVVNL के लिए 3.70%, MVVNL के लिए 2.61%, PVVNL के लिए 1.92%, PuVVNL के लिए 4.28%, KESCO के लिए 1.18%, UPPCL के लिए 3.04% है।  2. सिर्फ मध्यांचल और पश्चिमांचल डिस्काम्स ही FY 24-25 के लिए डिस्ट्रीब्यूशन लॉस के लिए तय टारगेट हासिल कर पाए। सबसे खराब परफॉर्निंग PuVVNL की रही, उसके बाद DVVNL की रही। 3. यूपी सरकार लाइफलाइन कंज्यूमर्स (रूरल और अर्बन), रूरल शेडयूल्ड मीटर्ड घरेलू कंज्यूमर्स और प्राइवेट ट्यूबवेल्स को पिछले साल की तरह ही सब्सिडी देती रहेगी। 4. लाइसेंस होल्डर्स को निर्देश दिया गया है कि वे उन सभी कंज्यूमर्स की PAN डिटेल्स इकट्ठा करें और अपडेट करें, जहाँ भी सिक्योरिटी डिपॉजिट पर दिए जाने वाले इंटरेस्ट पर इनकम टैक्स एक्ट के प्रोविजन के अनुसार TDS काटा जाना है। लाइसेंस होल्डर्स काटे गए टैक्स को जमा करें और सिक्योरिटी डिपॉजिट पर इंटरेस्ट के पेमेंट के समय ऐसे कंज्यूमर्स को TDS सर्टिफिकेट जारी करें। कज्यूमर्स अपने ऑनलाइन अकाउंट में लॉग इन करके सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकें। 5. TOD टैरिफ कैटेगरी और टाइम पीरियड पिछले साल जैसे ही रहेंगे। 6. ओपन एक्सेस कंज्यूमर्स हेतु क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज को और रैशनलाइज किया गया है और कुछ कैटेगरी के लिए कम किया गया है। 7. FY 25-26 के लिए सप्लाई की औसत लागत 8.18 (Rs/KWh) होने का अनुमान है, जबकि औसत बिलिंग दर 7.61 (Rs/KWh) होने का अनुमान है। 8- पब्लिक हियरिंग के दौरान, मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और टाउनशिप में सिंगल पॉइंट कनेक्शन पर कंज्यूमर्स ने बिलिग में गड़बड़ियों, ट्रांसपेरेसी की कमी और दूसरी दिक्कतों के बारे में कई मुद्दे उठाए है। कमीशन जल्द ही स्टेकहोल्डर्स के कमेंट्स के लिए इन दिक्कतों और उन्हें हल करने के संभावित तरीकों पर … Read more

अगले महीने से 27 हजार उपभोक्ताओं की बिजली होगी बंद, जानें क्यों कार्रवाई में आई तेजी

कानपुर  कानपुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक 75,000 उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। निगेटिव बैलेंस में भी ले रहे बिजली सप्लाई सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 27 हजार उपभोक्ता ऐसे पाए गए, जिनका बैलेंस निगेटिव होने के बावजूद उन्हें लगातार बिजली मिल रही थी। हालांकि अब यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं चलेगी। केस्को एमडी सैमुअल पाल एन ने बताया कि उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत देने के लिए सप्लाई जारी रखी गई थी, लेकिन अब अगले 30 दिनों में ऐसे सभी कनेक्शन अपने आप बंद हो जाएंगे।   स्मार्ट मीटर में पूरी तरह प्रीपेड सिस्टम स्मार्ट मीटर प्रीपेड व्यवस्था पर काम करते हैं, जिसमें उपभोक्ता को पहले रिचार्ज कराना जरूरी होता है। रिचार्ज खत्म होते ही सप्लाई स्वतः बंद हो जाती है, लेकिन 27 हजार मीटरों में बैलेंस शून्य से भी नीचे चला गया, फिर भी बिजली मिलती रही। 6 महीने से भुगतान न करने वाले 48 उपभोक्ता भी चिन्हित विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 48 उपभोक्ताओं ने पिछले छह महीने से कोई भुगतान नहीं किया, फिर भी उन्हें स्मार्ट मीटर से सप्लाई दी जा रही थी। अब इन उपभोक्ताओं पर भी कार्रवाई होगी। उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी MD सैमुअल पाल एन ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था में पारदर्शिता और रियल टाइम खपत की सुविधा है। उपभोक्ता केस्को स्मार्ट बिल ऐप डाउनलोड कर बैलेंस, खपत और रिचार्ज की जानकारी तुरंत ले सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चेतावनी और मैसेज भेजने के बावजूद कई उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किया। इसलिए अगले 30 दिनों में निगेटिव बैलेंस वाले सभी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। एप डाउनलोड करने की अपील केस्को ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते केस्को स्मार्ट बिल ऐप या यूपीपीसीएल की वेबसाइट के जरिए रिचार्ज कर लें, ताकि कनेक्शन कटने से बचा जा सके।

योगी सरकार का बड़ा निर्देश: गरीबों और बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड पर मिलेगी प्राथमिकता

मऊ उत्तर प्रदेश सरकार एंव क्रेद्र सरकार की योजनाओं लाभार्थियों तक पहुचाने का जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है। जिला अधिकारी ने कहा कि अंत्योदयकार्ड धारक और 70 वर्ष के ऊपर बुजुर्गों का प्रमुखता से आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार जरुरत मंदों को सरकारी योजनओं का लाभ शतप्रतिसत मिले। कार्य में लापवाही पर करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा  मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जिले में आरबीएसके कार्यक्रम के तहत डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) स्थापित करने के लिए भूमि की तत्काल आवश्यकता है। इस सेंटर के बनने से जन्म से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों में पाई जाने वाली 4D श्रेणी (जन्मजात दोष, बीमारी, कमी और विकास विलंब/विकलांगता) से संबंधित उपचार जनपद में ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो  जिलाधिकारी ने डीईआईसी के लिए उपयुक्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसवों की समीक्षा में दोहलीघाट और फतेहपुर मंडाव के एमओआईसी को लक्ष्य सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने की हिदायत दी गई। उन्होंने कहा कि आशाओं को उनके बढ़ते कार्यों के अनुरूप मानदेय में वृद्धि संबंधित जानकारी देना भी आवश्यक है। अभियान चलाकर 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का बनाया जाय आयुष्मान कार्ड  अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की फीडिंग अनिवार्य है। लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अंत्योदय कार्ड धारकों और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए।   जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण किया जाय टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रह जाए। जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम और रोगी खोजी अभियान की समीक्षा करते हुए बेहतर रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। अपने दायित्वों का ईमानदारी निर्वहन करें अधिकारी  बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, आरबीएसके, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आभा आईडी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड, क्षय रोग और कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।  

अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह के लिए काशी से विशेष प्रतिनिधिमंडल रवाना, आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री रामलला मंदिर में ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। देश भर से रामभक्त एवं गणमान्य व्यक्ति इस आयोजन में शामिल होंगे, जिसमें काशी से सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर, अपना घर आश्रम के डॉ. के. निरंजन, डोमराजा परिवार के सिकंदर चौधरी, सुनील चौधरी, पवन चौधरी सहित कई लोग इस समारोह में शामिल होंगे। सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने  कहा कि काशी की पावन धरती से अयोध्या पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनना जीवन का एक अद्भुत क्षण होगा। डोमराजा परिवार के सुनील चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम में अटूट आस्था रखने वाले समाज के हर वर्ग के लोगों को आमंत्रित किया गया है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। श्री रामलला मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में काशी तथा आसपास के जिलों से भी कई लोगों को आमंत्रण भेजा गया है। काशी से सभी आमंत्रितजन 24 नवंबर को बस द्वारा अयोध्या के लिए रवाना होंगे। सभी के ठहरने की व्यवस्था कारसेवकपुरम में की गई है। काशी प्रांत के भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर, वाराणसी, कौशांबी, प्रयागराज सहित कई जिलों से लोग अयोध्या पहुंचेंगे। 25 नवंबर को ही राम मंदिर में क्यों हो रहा भव्य कार्यक्रम? जानें इसके पीछे की बड़ी वजह प्रभु राम की नगरी अयोध्या में 25 नवंबर को एक ऐतिहासिक कार्य होने जा रहा है, जिसके लिए खास तैयारियां चल रही हैं. अयोध्या में यह पहली बार होगा, जब राम जन्मभूमि परिसर में बने भव्य राम मंदिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना 25 नवंबर दिन मंगलवार को करेंगे. हर राम भक्त के मन में यह सवाल है कि आखिर 25 नवंबर को ऐसा क्या है कि इसी दिन यह शुभ घड़ी आई है. इस दिन का क्या महत्व है. 22, 23 अथवा 24 तारीख क्यों नहीं रखा गया.  दरअसल 25 नवंबर का दिन बेहद खास है. धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन विवाह पंचमी है और इसी दिन त्रेतायुग में प्रभु राम और माता जानकी का विवाह हुआ था. इस दिन किया गया कार्य शुभ माना जाता है. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि 25 नवंबर का दिन मंगलवार पढ़ रहा है और इस दिन चंद्रमा भी मकर राशि में विद्यमान है. पंडित जी ने दी खास जानकारी उन्होंने बताया कि मंगलवार दिन होने की वजह से हनुमान जी महाराज की भी विशेष कृपा इस दिन पर रहेगी. ऐसी स्थिति में इस दिन कई शुभ योग का निर्माण भी हो रहा है. जिस समय प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 11:45 से लेकर 12:29 के बीच राम मंदिर के शिखर पर ध्वज की स्थापना करेंगे, वह मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है और भगवान राम का जन्म भी दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था. यही वजह है कि यह दिन बेहद खास और ऐतिहासिक दिन है. ज्योतिषाचार्य ने इस शुभ दिन को ऐसे ही नहीं चुना. इसके लिए बहुत अध्ययन किया गया, जिसके बाद इस दिन को सर्वोत्तम दिन माना गया. 25 नवंबर को मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जिसे पूरे भारत में विवाह पंचमी के रूप में जाना जाता है. इस पावन तिथि पर त्रेतायुग में भगवान श्री राम और माता जानकी का विवाह भी हुआ था. ध्वज स्थापना अनुष्ठान में वेद सूक्तों के साथ ध्वज का पूजन व दिव्य औषधियों से स्नान के उपरांत समस्त देवों का आह्वान कर उनकी आधान किया जाएगा। इसके उपरांत निर्धारित मुहूर्त में ध्वज आरोहण के लिए मुख्य यजमान को सौंपा जाएगा। अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के प्रभारी व पुरातत्ववेत्ता डा संजीव कुमार सिंह बताते हैं कि ध्वज स्थापना से पूर्व श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के द्वारा बनाई गयी परिकल्पना समिति ने विभिन्न शास्त्रों का सम्यक अध्ययन कर एक वीडियो प्रजन्टेशन तैयार किया था। इस प्रजन्टेशन को लेकर अलग-अलग संतों एवं विद्वानों से विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप से ध्वज की परिकल्पना को साकार रुप दिया गया। उन्होंने ध्वज के प्रतीक चिह्नों को लेकर बताया कि कोविदार का वृक्ष त्रेतायुग के राजवंश का प्रतीक है। इसके अलावा भगवान राम सूर्यवंशी हैं और सूर्य भी ऊर्जा -प्रकाश व गति का सूचक है जो जीवन को जीवंतता प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का ध्वज विजय के साथ धार्मिकता-आध्यात्मिकता और सहनशीलता का प्रतीक है जो कि सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे भवन्तु निरामया का संदेश सम्पूर्ण विश्व को देखा। 5 साल में विशालकाय मंदिर तैयार ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 5 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के जन्म स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है. 5 अगस्त साल 2020 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के लिए शिलान्यास किया था. उसी के साथ मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ हुआ था. 5 वर्ष में एक विशालकाय मंदिर बनकर तैयार हो गया है. उन्होंने कहा कि 25 नवंबर दिन मंगलवार मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की शुभ विवाह के शुभ अवसर पर मंदिर के शिखर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म ध्वज की स्थापना करेंगे. यह अत्यंत शुभता का समय है. संपूर्ण सनातनियों के लिए यह अवसर मंगलकारी है, जीवन में ऐसा अवसर अब कभी नहीं आएगा.

माघ मेला शुरू, संगम तट पर आस्था का महापर्व; पवित्र स्नान तिथियों की जानकारी

 प्रयागराज संगम तट पर हर वर्ष लगने वाला माघ मेला बेहद खास है. आध्यात्मिक मेलों में से एक माना जाने वाला माघ मेला पूरे एक माह तक चलता है. यह मेला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है. इसे तप, साधना, संयम और जागरण का महापर्व कहा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि हर वर्ष मकर संक्रांति से लेकर पूरा माघ महीना लाखों श्रद्धालु संगम तट पर आकर स्नान, पूजा और साधना में लीन रहते हैं.  पुराणों में संगम को देवभूमि और पुण्यस्थल बताया गया है, जबकि अक्षयवट, सरस्वती कूप और त्रिवेणी क्षेत्र को प्राचीन काल से तपस्थली माना गया है. इतिहासकारों के अनुसार यह मेला कई हजार वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है. समय के साथ इसकी भव्यता में लगातार बढ़ोतरी हुई है. आइए जानते हैं 2026 में माघ मेला की शुरुआत कब होगी, यह कितने दिनों तक चलेगा और इस दौरान पवित्र स्नान की तिथियां क्या रहेंगी. माघ मेला 2026 कब से कब तक  पंचांग के मुताबिक, माघ मेला की शुरुआत पौष पूर्णिमा के दिन से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगी. यानी माघ मेला 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा. इस दौरान 6 प्रमुख माघ स्नान किए जाएंगे, जिसमें मौनी अमावस्या के स्नान को सबसे प्रमुख स्नान माना जाता है.  पौष पूर्णिमा – 3 जनवरी 2026 मेला का शुभारंभ पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान से होता है. इसी दिन कल्पवास भी प्रारंभ होता है. श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाकर अपने आध्यात्मिक तप की शुरुआत करते हैं.  मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2026 मकर संक्रांति को सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है. इसे अत्यंत पुण्यदायी स्नान तिथि माना गया है. इसी दिन दूसरा शाही माघ स्नान होता है.  लाखों श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाते हैं.  मौनी अमावस्या – 18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या माघ मेला का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण स्नान पर्व माना जाता है.  मौन साधना, दान और संगम स्नान इस दिन विशेष फलदायी होते हैं.  यह दिन तीसरे प्रमुख स्नान के रूप में मनाया जाएगा.  वसंत पंचमी – 23 जनवरी 2026 बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक वसंत पंचमी को चौथा प्रमुख स्नान आयोजित होगा.  यह दिन सरस्वती पूजा और नए उत्साह का प्रतीक माना जाता है.  माघी पूर्णिमा – 1 फरवरी 2026 यह तारीख कल्पवासियों के लिए विशेष महत्व रखती है. माघी पूर्णिमा पर संगम स्नान और दान को अत्यंत शुभ माना जाता है। यह मेला का पांचवां बड़ा स्नान है.  महाशिवरात्रि – 15 फ़रवरी 2026 माघ मेला का समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अंतिम स्नान के साथ होगा. भगवान शिव के ध्यान, उपवास और पूजा के साथ संगम स्नान करने का विशेष महत्व है.

UP SIR में राहत: पुरानी मतदाता सूची में नाम गायब तो भी बनेगा वोटर कार्ड, जानें जरूरी कागज़ात

महराजगंज जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की रफ्तार तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस महत्त्वपूर्ण अभियान के तहत जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। लाखों मतदाताओं के घरों तक फार्म पहुंचाए जा चुके हैं, और बीएलओ द्वारा लगातार फॉर्म भरवाने व सिस्टम पर अपलोड करने की प्रक्रिया की निगरानी भी की जा रही है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा अभियान की लगातार मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फॉर्म वितरण, संकलन और अपलोडिंग की प्रक्रिया में कहीं भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिले में कुल 19 लाख 92 हजार 459 मतदाताओं के लिए प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की तैनाती के साथ सुपरवाइजरों की अलग टीम भी सक्रिय है। इनकी जिम्मेदारी है, कि बीएलओ से समय-समय पर अपडेट लेकर उसे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाएं, ताकि जिले की प्रगति नियमित रूप से दर्ज होती रहे।   इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो फॉर्म अपलोडिंग की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। अभियान के दौरान यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई व्यक्ति दो अलग-अलग स्थानों पर फार्म जमा करता है, तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने बताया कि एसआइआर को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, कि इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है तो भी रहें बेफिक्र महराजगंज में एसआईआर अभियान को लेकर जिले में कई मतदाताओं के मन में संशय बना हुआ है, विशेष रूप से उन लोगों में जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है। लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 2003 की सूची में नाम न होने से किसी मतदाता का नाम स्वतः नहीं कटेगा। वर्तमान में सभी पात्र मतदाताओं से एसआईआर फार्म भरे जा रहे हैं। जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, वे मात्र फॉर्म भरकर जमा करें। आगे सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, जिसके जवाब में उन्हें 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इन दस्तावेजों के आधार पर ही उनका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रखा जाएगा। जिले के सभी बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नाम हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी तरीके से की जाए। किसी पात्र मतदाता का नाम न कटे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सक्रिय होकर फार्म भरें ताकि अंतिम मतदाता सूची तैयार करते समय किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए। एसआईआर प्रक्रिया में नाम बरकरार रखने के लिए नोटिस मिलने पर 13 में से कोई एक दस्तावेज देना होगा     आधार कार्ड     पासपोर्ट     पैन कार्ड     ड्राइविंग लाइसेंस     राशन कार्ड     बैंक/डाकघर की पासबुक     मनरेगा जाब कार्ड     किसान पासबुक /किसान क्रेडिट कार्ड     सरकारी पेंशन बुक /पेंशन आईडी     छात्र पहचान पत्र (मान्यता प्राप्त संस्थान)     बीमा पालिसी दस्तावेज     सरकारी विभाग /यूनियन द्वारा जारी आईडी कार्ड     जन्म प्रमाणपत्र /आयु प्रमाणपत्र  

रामनगरी अयोध्या बनेगी आर्थिक शक्ति, सालाना 4 लाख करोड़ का योगदान तय

लखनऊ अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम से रामनगरी का गौरव विश्व में अपने व्यापक स्वरूप में आलोकित होने लगेगा। श्रीराम मंदिर की ध्वजा पर भगवान सूर्यदेव विराजमान हैं। सूर्यवंशी प्रभु श्रीराम की नगरी में ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद पर्यटन में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। आध्यात्मिकता, प्राचीनता और दैवीय गुणों को समेटे हुए ध्वज की छटा देखने के लिए विश्व से बड़ी संख्या में पर्यटक अयोध्या पहुंचेंगे। इससे अयोध्या के पर्यटन में पहले से ज्यादा उछाल आने वाला है। अयोध्या में जनवरी-जून 2025 के बीच करीब 23 करोड़ पर्यटक आए थे। दिसंबर 2025 तक करीब 50 करोड़ पर्यटकों के शहर पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का पर्यटन 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने को लेकर एक व्यापक कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। अयोध्या का पर्यटन सीएम योगी के इस मिशन को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। अयोध्या उत्तर प्रदेश के जीएसडीपी में अभी 1.5 प्रतिशत योगदान कर रहा है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से अयोध्या की हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी। श्रीराम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में पर्यटकों का तांता लगा रहता है। राम मंदिर और उससे जुड़े निर्माण कार्य में अब तक लगभग 2150 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुकाे हैं।यहां के होटल, रेस्टोरेंट, दुकानें, टूर एंड ट्रैवेल्स, पूजा सामग्री और प्रसाद के कारोबार रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रहे हैं। अयोध्या में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 76 से ज्यादा होटल खुल चुके हैं। निजी क्षेत्र की होटल कंपनियां आईएचसीएल, मैरियट, रैडीशन, कामट, और लेमन ट्री बड़ी मात्रा में निवेश कर रही हैं। देश और दुनिया से आने वाले पर्यटकों की सुख-सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 2028 तक उत्तर प्रदेश का पर्यटन सेक्टर 70,000 करोड़ का उद्योग बन जाएगा। इसमें अकेले अयोध्या का योगदान लगभग 25 प्रतिशत होगा। अगर इसी तरह की ग्रोथ पर्यटन क्षेत्र में आगे देखने को मिलती है तो 4 लाख करोड़ राजस्व का टारगेट आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद तीर्थयात्रा से जुड़े उ‌द्योगों का वार्षिक कारोबार दिनों दिन बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में केवल आर्थिक विकास ही नहीं हुआ, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तर प्रदेश में मंदिर और उससे जुड़ी गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का योगदान किया है। अयोध्या सिर्फ धार्मिक केंद्र न रहकर आर्थिक क्रियाकलापों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। रामनगरी की पर्यटन वृद्धि केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक बहुआयामी आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की कहानी है। इससे अयोध्या विकास के नए मापदंड स्थापित कर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के पहले से ही सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में हो रहे दीपोत्सव ने साल दर साल नया कीर्तिमान स्थापित किया और देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या की तरफ आकर्षित किया। अब अयोध्या में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों के रोजगार में और वृद्धि होगी, बल्कि लघु उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के व्यापार को भी गति मिलेगी।

अवैध घुसपैठ पर बड़ी कार्रवाई: यूपी सरकार बनाएगी खास डिटेंशन सेंटर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करें और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करें। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता वाले अवैध प्रवासियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। दरअसल, नेपाल से खुली सीमा साझा करता हैं। जहां दोनों देशों के नागरिक बिना रोक-टोक आ-जा सकते हैं, लेकिन अन्य देशों के लोगों पर जांच लागू होती है। योगी आदित्यनाथ ने तीन नवंबर को बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में लौटता है, तो घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकाला जाएगा और उनकी संपत्ति गरीबों में बांटी जाएगी। योगी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रयागराज पहुंचे उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगामी माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा करने और गंगा पूजन करने प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों के साथ माघ मेले की तैयारी करने,गंगा पूजन और हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि नौ महीने के बाद मुझे यह अवसर फिर से प्राप्त हुआ है कि मां गंगा का पूजन कर माघ मेले की तैयारी को हम आगे बढ़ा सकें।  

23 से 29 नवंबर तक लखनऊ स्काउटिंग और गाइडिंग की बना रहेगा वैश्विक राजधानी

लखनऊ, 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी भारत स्काउट्स और गाइड्स कार्यक्रम की शुरूआत रविवार को लखनऊ में हो रही है। 61 वर्षों के अतंराल के बाद 23 से 29 नवंबर तक सात दिवसीय जम्बूरी के डायमंड जुबली कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अगले सात दिनों तक लखनऊ स्काउटिंग और गाइडिंग की वैश्विक राजधानी बना रहेगा। देश भर से आये हुए स्काउट्स और गाईड्स 23 नवंबर से जम्बूरी में एकत्रित हो शिविर की शुरूआत करेंगे, हालांकि जम्बूरी का औपचारिक उद्घाटन 24 नवंबर को किया जाएगा। रविवार के दिन देश के कोने-कोने से आये स्काउट्स एण्ड गाइड्स का रजिस्ट्रेशन करने के साथ-साथ उद्घाटन कार्यक्रम की रिहर्सल करेंगे एवं जम्बूरी के हॉस्पिटल व ब्लड डोनेशन कैम्प का उद्घाटन किया जाएगा।   जम्बूरी के पहले दिन होगी उद्घाटन समारोह की रिहर्सल राष्ट्रीय जम्बूरी स्काउट्स एण्ड गाइड्स की शुरूआत 23 नवंबर को सुबह 10 बजे से देशभर से आए हजारों स्काउट्स और गाइड्स के आगमन और पंजीकरण के साथ होगी। इसके बाद स्काउट्स अपनी-अपनी कलर पार्टी और बैंड का चयन कर उद्घाटन समारोह की रिहर्सल करेंगे। दोपहर में बजकर 15 मिनट से 2 बजकर 30 मिनट का समय दोपहर के भोजन के लिए निर्धारित किया गया है। दोपहर के भोजन के बाद, उद्घाटन समारोह की दूसरी रिहर्सल की जाएगी। शाम 5:30 बजे ग्रुप लीडर्स की बैठक आयोजित होगी, जहां कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद विंगवार प्रतियोगिताएं शुरू होगीं, जो स्काउट्स की रचनात्मकता और कौशल का परीक्षण करेंगी। 6:30 बजे जम्बूरी स्टाफ और उप-कैंप प्रमुखों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। 7:30 बजे रात्रि भोजन के बाद 8:30 बजे कैंप फायर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्काउट्स मिलकर मनोरंज करेंगे। रात 10 बजे लाइट्स ऑफ के साथ पहले दिन के कार्यक्रमों के समापन की योजना का निर्धारण किया गया है। जम्बूरी अस्पताल व ब्लड डोनेशन कैंप का किया जाएगा उद्घाटन राष्ट्रीय जम्बूरी के पहले दिन के दैनिक कार्यक्रमों के साथ जम्बूरी अस्पताल व ब्लड डोनेशन कैंप का उद्घाटन किया जाएगा। जम्बूरी अस्पताल व ब्लड डोनेशन कैंप का उद्घाटन दोपहर 1 बजे करने की योजना है। जिसमें जम्बूरी के सभी स्काउट्स एण्ड गाइड्स भाग लेंगे। ब्लड डोनेशन कैम्प में स्वेच्छा से भाग लेकर स्काउट्स सामाजिक भागीदारी का भी निर्वहन करेंगे। भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स की जम्बूरी न केवल कौशल विकास का मंच है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, नेतृत्व की क्षमता और सामुदायिक सेवा पर केंद्रित है। जम्बूरी का प्रमुख उद्देश्य न केवल स्काउट्स और गाइड्स के बीच एकता और दोस्ती को बढ़ावा देना है, बल्कि इसे "सशक्त युवा, विकसित भारत" की थीम के साथ देशभर में युवा शक्ति को सशक्त बनाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।19वां राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक स्काउट्स और गाइड्स का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता का विश्व मंच पर प्रदर्शन है।