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मेरा गैंगरेप हुआ, पुलिस बचा रही है आरोपियों को’—पीड़िता की चीख सीधे DIG तक पहुंची

बुलंदशहर यूपी के बुलंदशहर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गुरुवार को डीआईजी कलानिधि नैथानी खुर्जा नगर कोतवाली का निरीक्षण कर रहे थे। तभी गाड़ी के सामने एक गैंगरेप पीड़िता आ गई और उसने डीआईजी को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया है।  पीड़िता ने डीआईजी को सुनाई आपबीती  मिली जानकारी के मुताबिक, डीआईजी नैथानी के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने उन तक किसी को पहुंचने से रोकने के लिए सड़क पर सुरक्षा घेरा बना रखा था। इसी दौरान खुर्जा क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता भी वहां पहुंची थी। उसे डीआईजी से मिलने से रोका गया था। जब निरीक्षण के बाद डीआईजी थाने से जा रहे थे, तब महिला अपने परिवार के साथ पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए उनकी गाड़ी के सामने दौड़ते हुए पहुंच गई। उसने अपनी आपबीती डीआईजी को सुनाई। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक सिर्फ चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। जिनमें एक महिला भी शामिल है।  थाना प्रभारी 'लाइन हाजिर'  पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि फरार आरोपी उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़िता की गुहार सुन डीआईजी ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच सीओ अनूपशहर को सौंपी और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मामले में लापरवाही के आरोप में खुर्जा थाना प्रभारी को 'लाइन हाजिर' कर दिया।  डीआईजी कलानिधि नैथानी के निरीक्षण के दौरान कोई फरियादी अपनी शिकायत न कर सके और खुर्जा पुलिस की पोल न खुले, इसके लिए सीओ समेत अन्य अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने शिकायत लेकर आए फरियादियों को जबरन गाड़ी में बैठाकर घर छोड़ दिया। जिसकी जानकारी चमन विहार कॉलोनी निवासी सुमित ने दी। जोकि अपने भाई की हत्या की जांच की मांग लेकर वहां पहुंचे थे। 

एनडीए की ऐतिहासिक विजय पर योगी का संदेश—समर्पित कार्यकर्ताओं पर जताया गर्व

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा और राजग को शानदार जीत मिलती दिख रही है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक एनडीए गठबंधन 200 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसे लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने भाजपा की जीत पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए गठबंधन की प्रचंड विजय की समर्पित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं जनता-जनार्दन का अभिनंदन!  हालांकि अभी तक कुछ सीटों पर फाइनल नतीजे चुनाव  आयोग ने घोषित किए है।  यह ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विकासोन्मुख मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों पर बिहार की जनता के अटूट विश्वास की मुहर है। यह जनादेश विकास, सुशासन, समृद्धि और स्थिरता के उस मार्ग का समर्थन है, जिस पर नया बिहार आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर बिहार में मिली हार को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी को ‘ट्रोल' करते हुए पोस्ट किए। पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं मतदान करने पहुंचीं थीं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उनके विश्वास तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति लगातार समर्थन को दर्शाता है। पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि केरल को बिहार के जनादेश से सीख लेनी चाहिए, जहां जनता ने “जंगल राज” को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एक “भ्रष्ट” सरकार को हटाया और कांग्रेस-राजद गठबंधन ने जाति कार्ड खेलने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। उन्होंने कहा, “मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी राजद–कांग्रेस गठबंधन ध्वस्त हो गया। यह राजग की स्पष्ट जीत है।” उन्होंने कहा कि केरल में, जहां धार्मिक अल्पसंख्यकों का प्रभाव अधिक है, बिहार का परिणाम एक स्पष्ट संदेश साबित होगा।   

प्रदेश में अब चैनमैन भी बन सकेंगे लेखपाल, नई नियमावली को मंजूरी

वृद्धावस्था पेंशन के लिए लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं, विभाग खुद करेगा सम्पर्क फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का होगा स्वतः चिन्हीकरण 10 वर्ष तक के किरायेदारी पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत बागपत में पीपीपी मोड पर बनेगा मेडिकल कॉलेज, निःशुल्क मिलेगी 5.07 हेक्टेयर भूमि अब चैनमैन भी बन सकेंगे लेखपाल, नई नियमावली को मंजूरी  प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान कानून में बड़ा संशोधन, अब पूरे प्रदेश में लागू होगा अधिनियम लखनऊ उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का स्वतः चिन्हीकरण होगा और उनकी सहमति मिलने पर पेंशन सीधे स्वीकृत की जाएगी। वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण पेंशन से बाहर रह जाते हैं। नया फैसला इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित है। नई व्यवस्था में फैमिली आईडी के आधार पर उन नागरिकों की सूची स्वतः तैयार होगी, जिनकी आयु अगले 90 दिनों में 60 वर्ष होने जा रही है। यह सूची एपीआई के माध्यम से समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेजी जाएगी। विभाग सबसे पहले एसएमएस, व्हाट्सऐप और फोन कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से पात्र नागरिकों से सहमति लेगा। जिनकी सहमति डिजिटल रूप से नहीं मिलेगी, उनसे ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर या विभागीय कर्मचारी भौतिक रूप से संपर्क करेंगे। दोनों स्तरों पर सहमति न मिलने पर ऐसे नाम प्रक्रिया से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सहमति मिलने के बाद योजना अधिकारी 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पेंशन स्वीकृत करेंगे और स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक से भेजा जाएगा। भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा और हर किस्त की जानकारी एसएमएस द्वारा उपलब्ध होगी। सरकार एक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराएगी, जिसमें लाभार्थी पासबुक की तरह अपने सभी भुगतान देख सकेंगे। 10 वर्ष तक के किरायेदारी पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत  प्रदेश सरकार ने राज्य में किरायेदारी को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने 10 वर्ष तक की अवधि के किरायानामा विलेखों पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मंजूर कर दी है। इसका उद्देश्य यह है कि भवन स्वामी और किरायेदार दोनों किरायानामा लिखित रूप में तैयार करें और रजिस्ट्री कराएं, जिससे विवाद कम हों और किरायेदारी विनियमन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार एक वर्ष से अधिक अवधि की किरायेदारी विलेख की रजिस्ट्री अनिवार्य है, लेकिन आमतौर पर अधिकांश किरायानामे मौखिक होते हैं या यदि लिखित होते भी हैं तो उनकी रजिस्ट्री नहीं कराई जाती। ऐसे मामलों का पता आमतौर पर जीएसटी विभाग और बिजली विभाग जैसी एजेंसियों की पत्रावलियों की जांच में चलता है और बाद में कमी स्टाम्प शुल्क की वसूली की कार्रवाई करनी पड़ती है। यह भी अनिवार्य है कि किरायेदारी विलेख की रजिस्ट्री हो या न हो, उस पर सही स्टाम्प शुल्क हर हाल में जमा होना चाहिए। सरकार का मानना है कि यदि शुल्क अधिक होता है तो लोग विलेख लिखने और रजिस्ट्री कराने से बचते हैं। इसी वजह से मानक किरायेदारी विलेख को बढ़ावा देने और 10 वर्ष तक की अवधि के रेंट एग्रीमेंट को औपचारिक बनाने के लिए शुल्क में व्यापक छूट देने की जरूरत महसूस की गई। इस छूट प्रणाली के तहत किरायेदारी विलेख पर अधिकतम स्टाम्प शुल्क और अधिकतम रजिस्ट्रेशन फीस अब निश्चित राशि से अधिक नहीं ली जाएगी। साथ ही औसत वार्षिक किराया तय करते समय अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये रखी गई है। टोल संबंधी पट्टे और खनन पट्टों को छूट से बाहर रखा गया है ताकि राजस्व हानि न हो। स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने बताया कि  नई व्यवस्था के अनुसार अधिकतम स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्री शुल्क की सीमा तय कर दी गई है। यह सीमा किरायेदारी की अवधि और औसत वार्षिक किराए के आधार पर लागू होगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा क्योंकि अब किरायेदारी विलेख पर भारी स्टाम्प शुल्क भरने की बाध्यता नहीं रहेगी और लोग अधिक सहजता से रजिस्ट्री करा सकेंगे। 10 वर्ष तक के किरायेदारी पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत •    औसत वार्षिक किराया ₹ 2,00,000 रुपये तक:- 01 वर्ष तक 500 रुपये, 1 से 5 वर्ष 1500 रुपये, 5 से 10 वर्ष 2000 रुपये •    औसत वार्षिक किराया ₹ 2,00,001 से ₹ 6,00,000 रुपये 01 वर्ष तक 1500 रुपये, 1 से 5 वर्ष 4500 रुपये, 5 से 10 वर्ष 7500 रुपये •    औसत वार्षिक किराया ₹ 6,00,001 से 10,00,000 रुपये 01 वर्ष तक 2500 रुपये, 1 से 5 वर्ष 6000 रुपये, 5 से 10 वर्ष 10000 रुपये   अब चैनमैन भी बन सकेंगे लेखपाल, नई नियमावली को मंजूरी   प्रदेश कैबिनेट ने लेखपाल सेवा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए चैनमैन के लिए लेखपाल पद पर पदोन्नति का मार्ग खोल दिया है। वित्त मंत्री सुरेशा खन्ना ने बताया कि पंचम संशोधन नियमावली 2025 के तहत अब लेखपाल के कुल पदों में से दो प्रतिशत पद योग्य चैनमैन को पदोन्नति के आधार पर दिए जा सकेंगे। यह पहली बार है जब चैनमैन को सीधी भर्ती व्यवस्था से बाहर निकलकर लेखपाल पद तक प्रमोशन का अवसर मिलेगा। वर्तमान में लेखपाल के सभी पदों पर भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से की जाती है। प्रदेश में कुल 30837 स्वीकृत पदों में से 21897 पर तैनाती है, जबकि 8940 पद रिक्त हैं। नई व्यवस्था के तहत वे चैनमैन पदोन्नति के लिए पात्र होंगे जो मौलिक रूप से इसी पद पर नियुक्त हों, भर्ती वर्ष के पहले दिन तक छह वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हों और इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा पास कर चुके हों। इन पात्र चैनमैन का चयन चयन समिति की सिफारिश पर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि अनुभवी चैनमैन को … Read more

योगी आदित्यनाथ ने महिला क्रिकेट टीम को विश्वकप विजय पर सराहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वनडे विश्वकप जीत पर बधाई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वनडे विश्वकप में मिली ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी गई। बैठक में टीम के जज़्बे, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा गया कि खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह जीत न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है बल्कि देश की युवा बेटियों के लिए प्रेरणा का भी स्रोत है। दिल्ली में हाल की आतंकी घटना की निंदा और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रदेश कैबिनेट ने दिल्ली में हाल ही में हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की है। बैठक में कहा गया कि यह घटना देश की शांति और सुरक्षा पर हमला है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट ने हमले में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी जानकारी अब व्हाट्सएप पर

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की पहल – व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा से अब परिवहन सेवाएं होंगी और आसान उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी जानकारी अब व्हाट्सएप पर उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की डिजिटल पहल: घर बैठे पाएँ सभी जरूरी सेवाएँ जनसुविधा के लिए तकनीक का नया उपयोग – परिवहन विभाग की स्मार्ट सेवा लखनऊ   मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश के आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। विभाग ने व्हाट्सएप आधारित चैटबॉट सेवा (मोबाइल नंबर: 8005441222) के माध्यम से अब लोग घर बैठे ही परिवहन संबंधी अनेक सेवाओं एवं सूचनाओं का लाभ सहजता और पारदर्शिता के साथ प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना है। इस चैटबॉट के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने मोबाइल पर ही ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, कर भुगतान, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, और अन्य सेवाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को किसी भी परिवहन कार्यालय में अनावश्यक रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल मोबाइल नंबर 8005441222 को अपने व्हाट्सएप में सेव करें और “Hi” या “नमस्ते” लिखकर संदेश भेजें। चैटबॉट स्वतः ही आगे की प्रक्रिया में सहायता करेगा और संबंधित जानकारी कुछ ही क्षणों में उपलब्ध करा देगा। परिवहन विभाग ने बताया कि यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहेगी और उपयोगकर्ताओं को डिजिटल माध्यम से तेज, सुरक्षित एवं विश्वसनीय जानकारी प्रदान करेगी। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के अनुरूप नागरिक सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस नई व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपने अनुभवों से विभाग को अवगत कराएं ताकि इस सेवा को और बेहतर बनाया जा सके।

ओडीओपी ने दिखाई ताकत, बरेली की जरदोजी की यूरोप और अरब देशों के बाजारों में बढ़ रही डिमांड

इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 2025 अंर्तराष्ट्रीय बाजार में चमकेगी बरेली की सुनहरी कढ़ाई, आईआईटीएफ में योगी मॉडल की धमाकेदार एंट्री ओडीओपी ने दिखाई ताकत, बरेली की जरदोजी की यूरोप और अरब देशों के बाजारों में बढ़ रही डिमांड योगी सरकार की लोकल टू ग्लोबल उड़ान: बरेली की जरी जरदोजी के हुनरमंद कारीगरों को मिला आसमान -दिल्ली में आयोजित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बरेली के हुनर को मिलेगा बाजार, लगेंगे स्टॉल बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की 'लोकल टू ग्लोबल' आर्थिक रणनीति तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। कभी गलियों तक सीमित रहने वाली बरेली की जरी-जरदोजी की सुनहरी कढ़ाई अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रही है। दिल्ली में होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश का झंडा गर्व से लहराएगा और इसी मंच पर बरेली की जरी-जरदोजी पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करेगी। सुनहरी कढ़ाई करने वाले बरेली के हुनरमंद कारीगरों की कला को यूरोप और अरब देशों के बाजारों में खूब पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि बरेली से 40 देशों को जरी-जरदोजी उत्पादों का निर्यात किया जाता है। योगी सरकार का विजन: 'लोकल टू ग्लोबल' की सफल उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने, कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने और निवेश को बढ़ाने के लिए ओडीओपी की शुरुआत की थी। बरेली की जरी-जरदोजी को इस योजना में शामिल किए जाने के बाद ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात-तीनों ही क्षेत्रों में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है। औद्योगिक उपायुक्त विकास यादव ने इस विषय में बताया कि आज बरेली का हुनर ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और खाड़ी देशों के बाजारों में अपनी जगह बना चुका है। लेदर जैकेट, बैग, क्लच, दुपट्टों और पार्टी वियर गाउन्स पर जरी–जरदोजी की कढ़ाई विदेशी ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही है। आईआईटीएफ दिल्ली में लगेंगे आकर्षक स्टॉल योगी सरकार के प्रोत्साहन और ओडीओपी के तहत मिलने वाली सुविधाओं के बाद बरेली के प्रमुख उद्यमी अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में धूम मचाने के लिए तैयार हैं। बरेली मंडल से नवाब जरी आर्ट, रश्मि जरी आर्ट, सनम जरी आर्ट, शिखा एंटरप्राइजेज, कमल ट्रेडर्स (शालू सक्सेना), अमन अटायर प्राइवेट लिमिटेड (आतिफ खान),  एमए इंटरनेशनल, कादरी एंड संस, साकिब जरी आर्ट, कुमकुम जरी-जरदोजी समेत इन सभी उद्यमियों ने अपने उत्पादों को ग्लोबल डिमांड के अनुसार तैयार कर लिया है। उम्मीद है कि इस वर्ष निर्यात के नए करार होंगे और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बरेली की पहचान और मजबूत होगी।

स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने वाले राज्यों में अग्रणी है उत्तर प्रदेश

विकसित उत्तर प्रदेश, समर्थ उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में डाटा आधारित गवर्नेंस व डिजिटल इनोवेशन रख रहे प्रशासनिक पारदर्शिता की नींव स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित करने वाले राज्यों में अग्रणी है उत्तर प्रदेश  प्रदेश में एसएमएस, व्हाट्सऐस व लाइव डैशबोर्ड जैसी पहले के माध्यम से शिकायतों का किया जा रहा है त्वरित निस्तारण योगी सरकार में सरकारी योजनाओं को लागू करने में भविष्य आधारित तकनीकों का प्रयोग कर पारदर्शिता के साथ प्रभावी निगरानी को किया जा रहा सुनिश्चित  लखनऊ  उत्तर प्रदेश को विकसित, समर्थ और सक्षम उत्तर प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार ने डाटा आधारित गवर्नेंस व डिजिटल इनोवेशन के माध्यम से प्रशासनिक पारदर्शिता की नींव रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां समावेशी विकास को भविष्य आधारित तकनीकों के इस्तेमाल से धरातल पर उतारा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चाहें बात स्मार्ट पुलिसिंग की हो, मेडिकल इनोवेशन की हो या फिर एग्रिकल्चरल व एजुकेशनल रिफॉर्म्स की, उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ ही आधुनिक तकनीक के समावेश से समाज के अंतिम पायदान पर स्थित लोगों तक सरकार की लाभदायक योजनाओं के प्रसार को सुनिश्चित कर रहा है।   प्रदेश में डाटा-आधारित प्रशासन ने सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, त्वरित और जवाबदेह बनाया है। वहीं, तकनीक के व्यापक उपयोग से सेवाओं की वास्तविक समय में निगरानी संभव हुई है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ सीधे और बिना देरी मिल रहा है। स्मार्ट गवर्नेंस ने यूपी को अनुकरणीय मॉडल के रूप में किया स्थापित राज्य में स्मार्ट गवर्नेंस के तहत डिजिटल प्रक्रियाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। विभिन्न सरकारी विभागों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डिजिटल फाइल ट्रैकिंग और डाटा-आधारित फैसलों ने प्रशासनिक दक्षता को नई ऊँचाई दी है। इन पहलों ने ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की सुगमता सुनिश्चित की है, जिससे यूपी देशभर में डिजिटल गवर्नेंस का एक उल्लेखनीय मॉडल बनकर उभरा है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और लाइव डैशबोर्ड से त्वरित समाधान सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्कूलों के प्रदर्शन, शिकायत निस्तारण और सेवा उपलब्धता की निगरानी में एसएमएस, व्हाट्सऐप और लाइव डैशबोर्ड का उपयोग निर्णायक साबित हुआ है। इन माध्यमों के जरिए स्कूलों में शैक्षिक गैप की पहचान, योजनाओं की डिलीवरी की पुष्टि और शिकायतों का तत्काल समाधान संभव हुआ है। त्वरित संचार और रियल-टाइम डाटा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जवाबदेह भी बनाया है। क्यूआर कोड व डिजिटल टूल्स से बढ़ी पारदर्शिता मिड-डे मील कार्यक्रम में क्यूआर कोड, गूगल शीट्स, एक्सेल, यूडीआईएससी, टेलीग्राफ तथा गूगल फॉर्म जैसे डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद हुई है। इन साधनों से भोजन वितरण की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और गुणवत्ता नियंत्रण का डाटा तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लगा है। तकनीकी नवाचारों ने यह सुनिश्चित किया है कि बच्चों को लाभ समय पर और सही रूप में मिल रहा है।

महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त, SIR की रणनीति पर बोले अखिलेश– यूपी में दोहराने नहीं देंगे

लखनऊ  बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार का ठीकरा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईआर पर फोड़ा है। उन्होंने दावा किया है कि बिहार में एसआईआर ने खेल कर दिया और अब यह बंगाल, यूपी समेत अन्य राज्यों में नहीं हो पाएगा। शुक्रवार सुबह से जारी बिहार चुनाव की गिनती में महागठबंधन काफी पिछड़ चुका है। रुझानों में एनडीए एकतरफा प्रचंड जीत की ओर है। दोपहर साढ़े 12 बजे तक, एनडीए 185 सीटों पर आगे चल रहा था, जबकि महागठबंधन महज 53 सीटों पर ही बढ़त बनाए हुए है। प्रशांत किशोर की जनसुराज का खाता भी नहीं खुल सका है। वहीं, अन्य तीन सीटों पर आगे है। हालांकि, अभी यह रुझान है और आने वाले घंटों में आंकड़े में तब्दीली आ सकती है। राज्य में तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन की करारी हार पर अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, ''बिहार में जो खेल एसआईआर ने किया है, वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, यूपी और बाकी जगह पर अब नहीं हो पाएगा, क्योंकि इस चुनावी साजिश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम यह खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। सीसीटीवी की तरह हमारा पीपीटीवी मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।'' कांग्रेस ने भी महागठबंधन की हार के पीछे एसआईआर को ही वजह बताया है। पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एएनआई से बात करते हुए कहा, ''शुरुआती रुझानों में लगता है कि ज्ञानेश गुप्ता (मुख्य चुनाव आयुक्त) बिहार की जनता पर भारी पड़ रहे हैं। आने वाले समय में स्पष्ट होगा कि बिहार के लोग भारी पड़ेंगे ज्ञानेश कुमार गुप्ता पर या ज्ञानेश गुप्ता पड़ेंगे। इंतजार करना होगा। बिहार की जनता को कम नहीं आंक सकता हूं, एसआईआर, वोट चोरी के बाद भी उन्होंने पूरी हिम्मत दिखाई है।'' वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक्स पर कहा कि जो मेरा शक था वही हुआ। 62 लाख वोट कटे 20 लाख वोट जुड़े उसमें से 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे बढ़ा दिए गए। अधिकांश वोट गरीबों के दलितों के अल्प संख्यक वर्ग के कटे। उस पर EVM पर तो शंका बनी हुई है। कांग्रेस को अपने संगठन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आज का चुनाव मतदान केंद्र पर सघन जनसंपर्क का है ना कि रैली व जनसभा का। विजयी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं।  

यमुना के तट पर नया पब्लिक प्लाजा पार्क: भारतीय और जापानी संस्कृति का बेजोड़ नमूना

प्रयागराज   संगम नगरी प्रयागराज की पहचान धार्मिक ,साहित्यिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में जानी जीती है। योगी सरकार द्वारा महाकुंभ 2025 के भव्य और दिव्य आयोजन ने इसकी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को दुनिया भर में पहुंचाया। इस भव्य आयोजन के बाद अब कुंभ नगरी में जापानी और सनातन संस्कृति का मेल भी होगा।  हजारों किलोमीटर की दूरी और भाषा का अंतर होने के बावजूद भारत की सनातन संस्कृति और जापान की पारंपरिक शिन्तो संस्कृति में अद्भुत समानताएँ दिखाई देती हैं। दोनों ही सभ्यताएं प्रकृति को देवतुल्य मानती हैं, आत्मसंयम को सर्वोच्च मूल्य और शांति को जीवन का आधार मानती हैं। इन दोनों संस्कृतियों के मेल की झलक की साक्षी बनने जा रही है कुंभ नगरी प्रयागराज। यहां जापानी स्थापत्य और सांस्कृतिक प्रतीकों से प्रेरित पब्लिक प्लाजा पार्क का निर्माण किया जा रहा है। नगर विकास की तरफ से इसका निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस है। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राणा बताते हैं कि प्रयागराज में यमुना किनारे अरैल क्षेत्र में शिवालय पार्क के नजदीक 3 हेक्टेयर में इसका निर्माण किया जाएगा। नगर निगम प्रयागराज को इसका आकलन भेजा गया है। इसमें भारतीय और जापानी संस्कृति के साझा स्थापत्य के प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रयागराज महाकुंभ के समय धार्मिक और आध्यात्मिक पार्कों का हब बनकर सामने आया। अरैल क्षेत्र में पहले शिवालय पार्क और अब साहित्य पार्क के निर्माण के क्रम में एक नई उपलब्धि जुड़ने जा रही है। यमुना नदी के किनारे पब्लिक प्लाजा पार्क का निर्माण हो रहा है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राणा का कहना है कि पार्क में 5 जोन बनाए जाएंगे। पार्क के चप्पे-चप्पे में जापान की शिंटो संस्कृति और भारतीय सनातन संस्कृति के साझा मूल्यों की झलक मिलेगी। पार्क में प्रवेश द्वार के स्थान पर टोरी गेट का निर्माण किया जाएगा जो शिंटो संस्कृति का प्रतीक है। पार्क में जापानी गार्डन बनेगा जिसमें मियावाकी वन भी विकसित किया जाएगा। पार्क में योग और भारतीय मंदिर वास्तुकला, नृत्य और संगीत की तरह जापान की टी सेरेमनी, इकेबाना और ज़ेन गार्डन में भी आध्यात्मिक भाव झलकता है। इस पार्क के अंदर भी जेन पार्क का निर्माण किया जायेगा। दोनों देशों की कला केवल सजावट नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और साधना का माध्यम है। समरसता, शांति और विश्व बंधुत्व भारत के “वसुधैव कुटुम्बकम्” और जापान के “वा” दर्शन में एक ही संदेश निहित है जिसकी झलक भी यहां स्थापित होने वाले प्रतीकों में दिखेगी।

सामूहिक विवाह समारोह: सभी धर्मों के जोड़ों ने बांधे सात फेरे, अफसरों ने निभाया अहम किरदार

 बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह एक अद्वितीय मिसाल बन गया, जहां मानवता और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस भव्य आयोजन में एक ही मंडप के नीचे सैकड़ों जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की. यह समारोह सिर्फ एक सरकारी योजना का क्रियान्वयन नहीं था, बल्कि सामाजिक सौहार्द, प्यार और बराबरी का उत्सव बन गया. बागपत की डीएम अस्मिता लाल के अनुसार, इस भव्य आयोजन में 300 जोड़ों की शादी करवाई गई. योगी के अफसर बने 'अभिभावक' इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकारी अधिकारी की जगह परिवार के बड़े की भूमिका निभाई. जिलाधिकारी अस्मिता लाल खुद वहां हर जोड़े की 'अभिभावक' बनकर मौजूद थीं. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 'एक फैमिली टच जैसा अहसास' था. जिले के तमाम अफसरों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया, गठबंधन बांधा और नवविवाहित जोड़ों को उनकी जरूरत का सामान देकर विदा किया. नववधू ने किया CM और प्रशासन का धन्यवाद सामूहिक विवाह में शामिल हुई दूल्हा-दुल्हनों ने इस आयोजन की सराहना की. दुल्हन छवि शर्मा ने कहा, "मैं इस शादी से बहुत खुश हूं, यहां शादी में सब समान दिया जा रहा है. मैं योगी जी (मुख्यमंत्री) का और प्रशासन का धन्यवाद करती हूं." DM अस्मिता लाल ने बताया कि सभी अधिकारियों ने गठबंधन बांधा और दुल्हन को उसकी जरूरत का सामान देकर विदा किया गया है, जिससे यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच रिश्ते की नई परिभाषा रच गया.