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चमड़ा उद्योग बना स्वास्थ्य संकट! कानपुर में 157 लोगों के खून में मिला खतरनाक क्रोमियम

गोरखपुर चमड़ा उद्योग से निकलने वाला प्रदूषण कानपुर के लोगों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। लेदर में इस्तेमाल क्रोमियम की चपेट में आने वालों की संख्या में और इजाफा हुआ है। 24 जून को शहर के छह इलाकों के 157 लोगों के खून में भी क्रोमियम तय मानक से अधिक निकला है। शुक्रवार को सैंपल की जारी रिपोर्ट में 20 लोगों में मर्करी (पारा) भी तय मानक से ज्यादा पाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर 24 जून को स्वास्थ्य विभाग ने रूमा, जाजमऊ व पनकी औद्योगिक क्षेत्र, तेजाब मिल का हाता, राखी मंडी, नौरेयाखेड़ा में शिविर लगाया गया था। छह जगह के 177 लोगों का ब्लड सैंपल राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ जांच के लिए भेजा गया था। इनमें महिलाएं 102 और पुरुषों की संख्या 75 थी। सीएमओ ने कहा-शासन के आदेश पर आगे बढ़ाएंगे कदम : सीएमओ डॉ. उदयनाथ ने 24 जून को छह जगह में शिविर लगाकर 177 लोगों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राममनोहर लोहिया अस्पताल में जांच के लिए सभी ब्लड सैंपल भेजे गए थे। 157 लोगों में क्रोमियम मानक से अधिक पाया गया है। वहीं 20 लोगों के ब्लड में मर्करी भी तय मानक से अधिक मिला है। अब इन इलाकों को लेकर क्या योजनाएं बननी हैं, इसको लेकर शासन के आदेश का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। क्या बोले विशेषज्ञ जीएसवीएम मेडिसिन के विभागाध्यक्ष बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि ब्लड में क्रोमियम या मर्करी स्तर से अधिक होना खतरनाक है। इससे शरीर के तमाम अहम अंगों के पूरी तरह खराब होने व गंभीर रोगों की चपेट में आने की आशंका काफी बढ़ जाती है। अगर क्रोमियम अधिक तो इन रोगों का हो सकता है खतरा -लिवर, किडनी के लिए बेहद खतरनाक -नसों को नुकसान पहुंचने से सुन्नता और दर्द -पेट में जलन, मतली, और उल्टी की परेशानी -हार्ट, त्वचा संबंधी रोग, कैंसर की भी आशंका हालिया सैंपलिंग रिपोर्ट में खुलासा -एनजीटी के आदेश पर 6 इलाकों से एकत्र किए थे ब्लड सैंपल -पारा भी तय मानक से ज्यादा मिला, अब शासन के आदेश का हो रहा इंतजार -मर्करी का स्तर अधिक होने से इस तरह की दिक्कतें आ सकतीं -मर्करी जमा होने से गुर्दा फेल होने का डर -मानसिक रोग को बढ़ावा, याददाश्त कम -सांस संबंधी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत -गर्भावस्था में स्तर अधिक तो शिशु को दिक्कत  

धार्मिक यात्राओं के लिए योगी सरकार की योजना, पात्र लोगों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

लखनऊ यूपी की योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। प्रदेश के धार्मिक स्थलों के लिए पहले ही खजाना खोला जा चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के अलावा तमाम हिंदू धर्मस्थलों को सजाया और संवारा जा रहा है। अब इसी क्रम में बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लेकर आई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सरकार दो तीर्थ यात्राएं शुरू करने जा रही है। तीर्थ यात्रियों को दस-दस हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया भी जाएगा। शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशष्टि तीर्थ यात्राओं हेतु 'बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना' और सिख श्रद्धालुओं के लिए 'पंच तख्त यात्रा योजना' प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वह अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पाँच पवित्र 'तख्त साहिब' स्थल की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में 'श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,' शामिल हैं। प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए। दोनो ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को और सशक्त करेंगी। प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी। इसके साथ ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी।  

वन विभाग पौधारोपण अभियान: इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा

फरीदाबाद पूरे शहर में इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा। सामाजिक संस्थाओं, पंचायतों, आरडब्ल्यूए, निजी व राजकीय स्कूलों तथा कालेजों की सहायता से वन विभाग पौधारोपण अभियान को सफल बनाएगा। इसके लिए लोगों को सूचित किया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर दस पौधे निश्शुल्क दिए जाएंगे। वन विभाग की नर्सरी से कोई भी व्यक्ति पौधे प्राप्त कर सकता है। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून में वन विभाग की ओर से पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। वन विभाग ने इस वर्ष पूरे शहर में एक लाख 250 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। जबकि वर्ष 2024 में एक लाख 63 हजार, वर्ष 2023 में करीब दो लाख पौधे लगाए गए थे। वन विभाग के कर्मचारी पौधारोपण कर इसकी देखभाल करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि जगह चिन्हित करके पौधे लगाए जाते हैं। अरावली वन क्षेत्र के अलावा अलग-अलग हिस्सों में बरगद, पीपल, नीम, कनेर, पापड़ी, अमरूद, गुड़हल, जामुन सहित अन्य फल व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह से होगी। हालांकि विभाग लोगों को 25 जून से बाद से पौधे वितरित करने शुरू कर दिए हैं। एक दिन में तीन हजार से 15 हजार तक पौधे लोग लेकर जाते हैं। सामाजिक संस्थाएं और निजी तथा सरकारी स्कूल सबसे ज्यादा पौधे लेकर जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि लोग शुरू में पौधे तो लेकर चले जाते हैं लेकिन उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। जिसकी वजह से पौधे सूख जाते हैं। वर्ष वर्ष ऐसे 40 हजार से अधिक पौधे सूखते हैं। इस वर्ष यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि जो पौधे लगाए गए वह बचे हैं या नहीं। पौधे लेकर जाने वाले लोगों और संगठनों को पौधारोपण की लोकेशन विभाग के साथ साझा करनी होगी। साथ ही हर महीने पौधों की अपडेट रिपोर्ट भी ली जाएगी। लोगों को नर्सरी से पौधे लेते समय अपना फोन नंबर और आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करनी है। इसके बाद ही पौधे दिए जा रहे हैं। वन विभाग के उपाधीक्षक राजवीर का कहना है कि वन विभाग की ओर से अगले सप्ताह से शहर के विभिन्न हिस्सों में पौधे लगाए जाएंगे। इसमें सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कालेजों की सहायता ली जाएगी। शहर मेें हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।  

रामभुआल निषाद पर कोर्ट सख्त, गैरहाजिरी पर SSP को भेजी चिट्ठी

गोरखपुर  यूपी की सुल्तानपुर सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रामभुआल निषाद फिर मुश्किल में हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद सांसद के उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ ही रामभुआल को कोर्ट में पेश करने के लिए एसएसपी को पत्र भी लिखा है। बड़हलगंज क्षेत्र के दवनाडीह निवासी रामभुआल निषाद 2024 में सपा के टिकट पर सुल्तानपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं। राम भुआल के खिलाफ आयुध लिपिक (असलहा बाबू) सुनील कुमार गुप्ता ने जिला मजिस्ट्रेट के 25 जनवरी 2020 के आदेशानुसार मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे के मुताबिक, आरोपित रामभुआल निषाद द्वारा गलत ढंग से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लाइसेंस संख्या 3912 डीबीबीएल गन का उपयोग किया जा रहा है। यह लाइसेंस 19 जुलाई 1996 को बेचू यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी मुंडेरा बाबू थाना बड़हलगंज के नाम से जारी हुआ है। लाइसेंसी बेचू यादव की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया है। न्यायालय ने पिछली कई तिथियों पर आरोपित के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बावजूद रामभुआल न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। जिसके बाद न्यायालय ने रामभुआल के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा है। कोर्ट इससे पहले थानेदार और फिर एसपी नार्थ को भी पत्र लिख चुका है। जिलाधिकारी से दारा निषाद ने की थी शिकायत मामला तब खुला जब दारा निषाद ने रामभुआल के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की और बताया कि उनके पास मौजूद राइफल का लाइसेंस फर्जी है। वह लाइसेंस बेचू यादव के नाम से डीबीबीएल गन के लिए जारी है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने इसकी तस्दीक कराई तो शिकायत सही मिली। इसके बाद डीएम ने असलहा बाबू को रामभुआल निषाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। 14 अगस्त को खुला था फर्जी शस्त्र का मामला गोरखपुर में 14 अगस्त 2019 को शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। उसी क्रम में जांच शुरू हुई रामभुआल निषाद के लाइसेंस का भी मामला सामने आया था। जांच के दौरान शस्त्र अनुभाग में काम करने वाले दो बबुओं का नाम सामने आया था। पुष्टि होने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ और उन्हें जेल भेज दिया गया।  

अखिलेश यादव का BJP पर निशाना: JPNIC बर्बाद, अब बंद स्कूलों में मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपी एनआईसी को लेकर एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। जेपीएनआईसी और स्कूलों के मर्जर को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सभी बंद स्कूलों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने का भी ऐलान किया। अखिलेश ने कहा कि समाजवाद और देश के बचाने के लिए जयप्रकाश नारायण जी बाहर निकले थे। उनके साथ पूरा देश था। संपूर्ण क्रांति आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि राजनीति में बदलाव आ गया। कई पार्टियां बन गईं। अब वही लोग जिन्होंने जेपी के नाम पर बने जेपी एनआईसी को बर्बाद कर दिया, वही लोग बिहार में जाकर वोट मांगेंगे। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि जेपी एनआईसी कमेटी के हम लोग मेम्बर थे। उसे भंग कर दिया गया। जय प्रकाश नारायण के नाम पर बनाया गया संस्थान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत था। सरकार इसे चला नहीं पाई। अब एलडीए को दे दिया। क्या वह चला पाएगी। हमने पहले भी कहा है कि अगर जेपीएनआईसी को बेचना ही है तो हम लोग चंदा लगाकर लेने के लिए तैयार हैं। अखिलेश ने कहा कि जेपी एनआईसी की बर्बादी मीडिया को वहां जाकर देखनी चाहिए। जेपी एनआईसी को बर्बाद कर बिहार में किस आधार पर भाजपा वाले वोट मांगेगे। अखिलेश ने कहा कि लोग राजनितिक लाभ के लिए भाषा विवाद हो रहा है। महाराष्ट्र मे गुजरात के लोगो को पीटा गया। कहा कि सरकार को जेपी एनआईसी के हर फ्लोर को एक-एक भारतीय भाषा के प्रचार के लिए आवंटित कर देना चाहिए। हिंदी समेत किसी भाषा का अपमान न हो। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने हारने वाले बूथ चिह्नित कर लिए हैं। उनके संबंधित स्कूल बंद किए जा रहे हैं। 15 अगस्त को सपा कार्यकर्ता बंद हो रहे 5000 स्कूलों मे जाकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे। वहां पर तिरंगा झंडा फहराएंगे। उत्तर भारतीयों का अपमान बर्दाश्त नहीं महाराष्ट्र में हिंदी भाषा के मामले में मारपीट की निंदा करते हुए अखिलेश ने कहा कि देश की सभी भाषाओं का सम्मान होना चाहिए मगर हिंदी भाषी लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र में हिंदी भाषा का विरोध सही नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है जो गलत है। भाजपा की मंशा समाज में खाई पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को मराठी, गुजराती, कन्नड़, उर्दू और तमित समेत सभी प्रांतों की भाषाओं के उत्थान और प्रचार प्रसार के लिये बड़े बजट का प्रावधान करना चाहिये। बड़ी संख्या में लोग रोजगार और पर्यटन के लिये एक से दूसरे राज्य में जाते है। भाषा और संस्कृति की आपसी समझबूझ से देश में सदभावना का माहौल बनेगा और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश के लाखों युवक विदेशों में रोजगार के लिए जाते हैं। हाल ही में अमेरिका से कई भारतीय जंजीरों में बांधकर वापस भेजे गये। यह सरकार की विफलता का प्रमाण है। इस अवसर पर उन्होंने लखीमपुरखीरी में 23 जून को तेंदुए से लोहा लेने वाले वीर श्रमिक और उसके परिवार का सम्मान किया।  

अयोध्या में नई पहल: सरयू स्नान के बाद श्रीराम मंदिर के पास ध्यान-योग कर सकेंगे श्रद्धालु

अयोध्या अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य राम मंदिर को अब सरयू रिवरफ्रंट से जोड़ने की तैयारी है। सरयू नदी के तट पर बन रहा सरयू रिवरफ्रंट अयोध्या की खूबसूरती और सुविधाओं को और बढ़ाने जा रहा है। यह रिवरफ्रंट श्रीराम मंदिर से जुड़कर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। फिलहाल इसे मंदिर परिसर के उत्तरी गेट से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। यूपी के पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 23.46 करोड़ रुपये की लागत से सरयू रिवरफ्रंट का निर्माण कराया जा रहा है। सरयू रिवरफ्रंट के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, जिसमें सीढ़ियों पर पत्थर लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त, छतरियों के फाउंडेशन का कार्य भी प्रगति पर है, जो इस परियोजना को और भव्यता प्रदान करेगा। ये निर्माण कार्य जल्द खत्म करने के लिए काम तेजी से जारी है। सुविधाजनक स्थल के रूप में उभरकर आएगा सामने सरयू रिवरफ्रंट का निर्माण न केवल सरयू नदी के तट को सुंदर बनाने के लिए है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक स्थल के रूप में भी उभरेगा। इस रिवरफ्रंट पर श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान के साथ-साथ ध्यान, योग और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। डीएम, निखिल टीकाराम फुडे ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राम मंदिर से जल्द जुड़ने वाले सरयू रिवरफ्रंट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लक्ष्य के अनुरूप इसे तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसमें 24 इंटरप्रिटेशन वाल, शिलालेख, साइनेज एवं 100 मीटर घाट की सीढ़ियों पर पत्थर लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। 9 नग छतरी के फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा अयोध्या में अन्य पर्यटन सुविधाओं को भी बेहतर किया जा रहा है।  

वर्ल्ड पुलिस गेम्स में जीता सिल्वर मेडल, यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल अनीसा ने अमेरिका में लहराया तिरंगा

गाजियाबाद अमेरिका में आयोजित हुई वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर की बेटी अनीसा असवाल ने ताइक्वांडो में उम्दा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत जिले का मान बढ़ाया है। वसुंधरा में रहने वाली अनीसा यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। अनीसा की इस उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर है। अमेरिका के बर्मिंघम में 30 जून से एक जुलाई तक वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनियाभर के पुलिस खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें भारत की तरफ से गाजियाबाद जिले से कई खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसी प्रतियोगिता में वसुंधरा में रहने वाली यूपी पुलिस की अनीसा असवाल ने ताइक्वांडो खेल में अंडर 57 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीत अमेरिका में तिरंगा फहराया है। अनीसा वसुंधरा में ही स्थित एमडब्लूएस एकेडमी में अपने खेल की नियमित प्रैक्टिस करती हैं। एकेडमी के कोच संदीप चौहान ने बताया कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए अनीसा ने काफी मेहनत की थी। वह नियमित प्रैक्टिस करती थीं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इतने खिलाड़ियों के बीच पदक जीतना अपने आप में ही खास उपलब्धि है। अनीसा ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। अनीसा वर्तमान में सहारनपुर में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। अनीसा की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेल और सेवा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। अनीसा का अब अगला लक्ष्य आगे की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना है। दूसरे खिलाड़ियों ने भी पदक हासिल किया वसुंधरा स्थित एकेडमी में अनीसा के साथ अभ्यास कर रहे यूपी पुलिस के तीन अन्य खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पदक जीता है। इनमें ऋषि राय ने 68 किलो भार वर्ग में गोल्ड, तेजस मिश्रा ने अंडर-58 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके अलावा एकेडमी में ही अभ्यास करने वाले राजस्थान पुलिस के खिलाड़ी जरनैल सिंह ने अंडर-80 किलोभार वर्ग में स्वर्ण झटका।

कांवड़ यात्रा में नया नियम: दुकानों के नाम हटेंगे, क्यूआर कोड से मिलेगी पहचान

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के नियम को लागू कर दिया है। इसी को लेकर एफएसडीए ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दुकानदारों को अपना नाम नहीं लिखना होगा। केवल दुकान का नाम ही लिखा जाएगा। हालांकि, क्यूआर कोड में दुकानदार से जुड़ी जानकारी होगी तो कांवड़ियों के लिए मददगार होगी। कहा जा रहा है कि यह निर्णय पारदर्शिता और जन कल्याण सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। निर्देश के अनुसार दुकानदार को अपनी दुकान पर क्यूआर कोड युक्त प्रपत्र लगाना होगा। इसमें क्यूआर कोड स्कैन करने पर दुकानदार का नाम, पता, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी मिलेगी। क्यूआर कोड स्कैन कर हिंदू संगठन पूछ रहे नाम-धर्म कांवड़ यात्रा को लेकर विहिप और हिंदू संगठन के लोगों ने हरिद्वार-दिल्ली हाइवे और कांवड़ मार्ग पर आने वाले होटलों पर सख्ती की मांग की है। खुद ही टीम बनाकर हर होटल-ढाबे पर पहुंच रहे हैं और इनके क्यूआर कोड को स्कैन करके नाम पता कर रहे हैं। साथ ही यदि होटल का नाम अन्य धर्म का लिखा हुआ है तो पुलिस-प्रशासन से शिकायत की जा रही है। हिंदू संगठन के सदस्यों ने अब कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम कांवड़ मार्गों पर होटल पर मालिकों की पहचान उजागर करने और नाम लिखने की मांग की है। अभियान चलाया सुभारती चौकी से अभियान शुरू करके गाजियाबाद तक कार्रवाई की गई है। इस संबंध में कई वीडियो भी वायरल हो रही हैं, जिसमें हिंदू संगठन के लोग होटल पर मालिक का नाम लिखने की मांग कर रहे हैं। यदि दूसरे धर्म के लोगों द्वारा अन्य नाम से होटल संचालित किया जा रहा है, तो पुलिस प्रशासन से शिकायत की जा रही है। सभी ने यूपी सरकार को उत्तराखंड शासन के आदेश का हवाला देते हुए नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की।  

सीएम योगी का बड़ा फैसला: लेखपाल की रिपोर्ट पर नहीं होगा अंतिम निर्णय

लखनऊ  यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब इन मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम नहीं माना जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान आने वाली शिकायतों के मद्देनजर लेखपाल स्तर की जांच पर रोक लगा दी गई है। अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं,नायब तहसीलदार करेंगे। अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। अंतिम निर्णय और समाधान उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर होगा। जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर रूप अपनाते हुए सीएम कार्यालय ने यह निर्णय लिया है। अब किसी रिपोर्ट से नहीं सुनवाई से न्याय होगा। राजस्व मामलों की जांच की प्रक्रिया में किए गए इस महत्वपूर्ण बदलाव से उम्मीद है कि इन मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। पहले ऐसी शिकायतों की जांच लेखपाल करते थे। अब लेखपाल की बजाए नायब तहसीलदार ऐसे मामलों की जांच करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद राजस्व मामलों की जांच में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर नकेल कसना है। कहा जा रहा है कि ऐसे मामलों को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही थीं। ऐसी कुछ शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में भी पहुंंची थीं। ऐसी शिकायतों पर सीएम योगी ने पूर्व में भी अधिकारियों को अधिक सतर्कता बरतने और जनता की शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से हल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि शिकायतकर्ताओं की समस्या के समाधान के बाद उनका फीडबैक भी लिया जाए। सीएम जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अक्सर अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि जांच प्रक्रिया में बदलाव से जांच में जवाबदेही बढ़ेगी। इससे शिकायतों का निपटारा अधिक गुणवत्तापूर्ण ढंग से होगा।  

सम्पर्क क्रांति में बम की अफवाह बन गई 1700 यात्रियों की टेंशन, झांसी पहुंचकर खुला पूरा मामला

 झांसी  मध्य प्रदेश के झांसी में हजरत निजामुद्दीन से चलकर दुर्ग जाने वाली छत्तीसगढ़ सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस (12824) में शुक्रवार रात बम रखे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। ट्रेन में बम रखे होने की सूचना लखनऊ कंंट्रोल रूम को मिली थी। तत्काल झांसी को इस बारे में सूचित किया गया। सूचना मिलते ही रेलवे का अमला अलर्ट हो गया और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी समेत लोकल पुलिस ने स्टेशन पर डेरा डाल लिया। ट्रेन के रेलवे स्टेशन पर आते ही पुलिस ने पूरी ट्रेन को खाली करा लिया और यात्रियों को उतारकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। लगभग 40 मिनट तक की गई गहन तलाशी के बाद ट्रेन में कुछ नहीं मिला, जिस पर रात लगभग 12:24 बजे ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से चलने के बाद सीधे झांसी में रुकती है। शुक्रवार की रात किसी ने लखनऊ के रेलवे कंट्रोल रूम नम्बर 139 को सूचना दी कि हजरत निजामुद्दीन से चलकर दुर्ग जाने वाली छत्तीसगढ़ सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस में बम रखा है। रेलवे को बम मिलने की सूचना की जानकारी दी गई तो तत्काल सुरक्षा बल अलर्ट हो गया। उसने स्टेशन पर मोर्चा संभाल लिया। प्लैटफॉर्म नंबर 2-3 खाली कराए गए ट्रेन के झांसी आने का समय रात 11 बजे है, लेकिन वह कुछ देर रात 11:32 बजे झांसी आई। एसपी जीआरपी विपुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह भी सिविल पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। रेल कमांडेंट ट्रेन विवेकानंद नारायण ने बताया कि ट्रेन को झांसी आने पहले ही रेलवे पुलिस ने प्लैटफॉर्म नंबर 2 और 3 खाली कराकर यात्रियों को दूसरे प्लैटफॉर्म की ओर डायवर्ट कर दिया। ट्रेन जैसे ही झांसी रेलवे स्टेशन पर खड़ी हुई, तत्काल इंजन के बाद वाले कोच से तलाशी अभियान शुरू हो गया। ट्रेन से उतरने वाले सभी यात्रियों की तलाशी ली जाने लगी। कोच के अंदर भी तलाशी शुरू हुई। यह क्रम तब तक चला जब तक कि पूरी ट्रेन की तलाशी नहीं हो गई। पूरी ट्रेन की तलाशी के बाद ही ट्रेन को गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया गया।