samacharsecretary.com

अश्लील गानों पर डांस ने रामलीला को बनाया विवाद का केंद्र

वाराणसी दशहरा से पहले यूपी के वाराणसी में रामलीला का आयोजन किया गया। लेकिन, इस रामलीला के मंच पर भव्यता की जगह अश्लीलता देखने को मिली। मंच पर अश्लील डांस किया गया और भोजपुरी के अश्लील गीतों पर ठुमके लगाए गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में बवाल मच गया।  वीडियो हुआ वायरल  बता दें कि यह घटना चेतगंज थाना क्षेत्र के श्री चेतगंज रामलीला मंच की है। यहां ताड़का वध के मंचन के दौरान भोजपुरी के अश्लील गानों पर डांसर के ठुमके वायरल हो गए। वीड‍ियो में देखा जा सकता है कि रामलीला के पात्रों के ठीक आगे काली साड़ी में ठुमके लगाती नृत्‍यांगना को देखकर मंच से ही मर्यादा तार तार होते नजर आ रही है। इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। रामलीला का यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, लेकिन इस बार मंच पर हुई अश्लीलता ने आयोजकों को शर्मिंदा कर दिया।  आयोजकों ने मांगी माफी  वीडियो के वायरल होने के बाद शहर में बवाल मच गया। सभी ने इसकी निंद की। जिसके बाद आयोजकों ने लोगों ने माफी मांगी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक गलती थी और भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी और इसे रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएगे। आयोजकों ने कहा कि रामलीला का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि धार्मिक शिक्षा और संस्कृति का प्रचार करना ही है। यह डांस नहीं होना चाह‍िए था। 

वार्षिक विवाद: बांके बिहारी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ा, गोस्वामी समाज ने किया साइन पर आपत्ति जताई

मथुरा  श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन स्थित विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर एक बार फिर विवादों में है। दर्शन समय बढ़ाने को लेकर जहां प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया गया, वहीं मंदिर से जुड़े गोस्वामी समाज के कुछ सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया है। मामला उस समय और गहराया जब गोस्वामी समाज के एक प्रमुख सेवायत ने आरोप लगाया कि उन पर मानसिक दबाव बनाकर जबरन सहमति ली गई। हाई पावर कमेटी ने लिया निर्णय, आज से नई समय सारणी लागू ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी की अब तक पांच बैठकें हो चुकी हैं। चौथी बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि दर्शन का समय बढ़ाया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक समय मिल सके और भीड़ का प्रबंधन बेहतर हो सके। पांचवीं बैठक, जो लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन, वृंदावन में आयोजित की गई, उसमें दर्शन समय में परिवर्तन को अंतिम रूप दिया गया। 30 सितंबर से नई व्यवस्था लागू हो गई, जिसके अनुसार अब मंदिर में दर्शन का समय पहले से अधिक होगा। विवाद की वजह: दबाव में सहमति? हालांकि, इस निर्णय को लेकर अब असहमति की आवाजें उठने लगी हैं। सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उन पर मानसिक दबाव डालकर सहमति ली गई। उनका कहना है कि वे शुरुआत से ही दर्शन समय में परिवर्तन के खिलाफ थे और विरोध दर्ज कराने के लिए लिखित पत्र भी लाए थे, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।  एक चैनल से बातचीत में शैलेंद्र गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कमेटी अध्यक्ष और पूर्व न्यायमूर्ति हाई पावर कमेटी को मनमानी तरीके से चला रहे हैं और सेवायतों की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है। सेवायतों की भूमिका और मतभेद मंदिर प्रबंधन में राजभोग और शयन भोग सेवायतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पैनल में शामिल चार सेवायतों में से शैलेंद्र गोस्वामी ने कहा कि वे कभी भी समय परिवर्तन के पक्ष में नहीं थे और बैठक में दबाव के चलते उनसे सहमति हस्ताक्षर कराए गए। क्या है आगे की राह? मामला अब केवल धार्मिक नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। गोस्वामी समाज के विरोध को लेकर अटकलें हैं कि सुप्रीम कोर्ट में फिर से कोई नई याचिका दाखिल की जा सकती है। फिलहाल, नए समय अनुसार दर्शन व्यवस्था जारी है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय शायद न्यायालय ही लेगा।  

पैर में लगी गोली के बाद बदमाश धराशायी, बरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बरेली बरेली बवाल में बारादरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 26 सितंबर को श्यामगंज पुल के पास पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले बदमाश को पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर की दोपहर बारादरी थाना क्षेत्र के रुहेलखंड चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि श्यामगंज पुल फायरिंग का आरोपी हारुन नगला पुल के पास बिना नंबर की काली अपाचे बाइक से खड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी बाइक से भागने लगा। पीछा करने पर वह राधा माधव स्कूल के पास पानी टंकी के निकट मोटरसाइकिल छोड़कर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई और वह गिर पड़ा। मौके से पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा, खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और संदिग्ध अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।पकड़े गए आरोपी की पहचान ताजिम पुत्र हसीन निवासी काजी टोला थाना बारादरी, उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक ताजिम पर पहले से गो-कशी और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया कि उसे मौलाना और सभासद अनीश ने दंगा भड़काने के लिए अवैध असलहे के साथ भीड़ में शामिल होने को कहा था। इसी ताजिम ने श्यामगंज पुल पर पुलिस पर फायरिंग की थी। फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।  

प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण

स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब्स जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मिली महत्वपूर्ण जानकारी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव बालिकाओं को सशक्त बनाएगा: मोनिका रानी लखनऊ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल के तहत 1,21,103 छात्राओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला/सरकारी अस्पतालों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष परिचय कराना और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का भ्रमण कर छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।  बता दें कि इस पहल को गतिशील बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को शुभारम्भ किए गए मिशन शक्ति 5.0 ने केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान लगातार सक्रिय और प्रभावशाली बनाते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर रहा है। ऐसे मिला प्रत्यक्षा अनुभव बालिकाओं को पंजीकरण काउंटर पर जाकर अपना ओपीडी पर्चा बनवाने का अनुभव कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पहला कदम सीखने को मिला। इसके साथ ही छात्राओं ने बारी-बारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुलाकात की और अपने सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नों पर परामर्श लिया। यह अनुभव उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाला तो रहा ही, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला रहा।। रोग, जांच और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की मिली जानकारी कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न जाँचों जैसे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा आदि की प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कई स्थानों पर छात्राओं को इन जाँचों के डेमो भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं बेटियां इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाएँ न केवल शिक्षित हुईं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं। छात्राओं ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास बढ़ाया और समझा कि सही जानकारी और प्रत्यक्ष अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार बना। 

संपत्ति देख उड़ जाएंगे होश! कानपुर के कानूनगो को योगी सरकार ने डिमोट कर लेखपाल बनाया

कानपुर  उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में राजस्व विभाग के एक अधिकारी आलोक दुबे के खिलाफ बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आमतौर पर कानूनगो पद पर काम करने वाले अधिकारी की सैलरी कम होती है और जीवन साधारण होता है, लेकिन जांच में पता चला कि आलोक दुबे करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। योगी सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे कानूनगो पद से डिमोट कर लेखपाल बना दिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। कैसे हुआ करोड़पति कानूनगो का खुलासा? मिली जानकारी के मुताबिक, आलोक दुबे का नाम लंबे समय से कानपुर के जमीन कारोबार में विवादित जमीनों पर वारासत और बैनामा करने के मामले में सुर्खियों में था। शिकायतें मिलीं कि वह गैरकानूनी तरीके से जमीनों पर कब्जा कर रहा है। इस मामले में प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए। एडीएम (न्यायिक), एसडीएम सदर और एसीपी कोतवाली की संयुक्त टीम ने जांच की तो पाया कि दुबे ने कानूनी रोक लगे हुए जमीनों पर फर्जी वारासत और बैनामा कर दिया था। इन जमीनों में से एक जमीन को एक निजी कंपनी को भी बेच दिया गया था, जिससे भ्रष्टाचार का खेल सामने आया। 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का मालिक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आलोक दुबे, उसकी पत्नी और बच्चों के नाम कानपुर, दिल्ली और नोएडा में करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। दुबे ने रिंग रोड परियोजना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद-फरोख्त की। अनुमान है कि उसने 56 संपत्तियों में निवेश किया है। सरकारी पद का दुरुपयोग कर उसने अपनी संपत्ति में भारी वृद्धि की। विभागीय जांच और डिमोशन मार्च 2025 में दुबे के खिलाफ कानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विभागीय जांच में उसे चार गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया। अगस्त 2025 में उसकी व्यक्तिगत सुनवाई भी हुई। जांच अधिकारी ने साफ कहा कि दुबे ने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति भूमि खरीदी और बेच दी। इसके बाद डीएम ने आदेश जारी कर उसे कानूनगो पद से घटाकर लेखपाल बना दिया। प्रशासन ने कहा कि अब भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   संदिग्ध साथियों की भी जांच जारी जांच में दुबे के साथ काम करने वाले कुछ अन्य राजस्व कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। विशेष रूप से क्षेत्रीय लेखपाल अरुणा द्विवेदी का नाम सामने आया है। प्रशासन ने कहा है कि उनकी संलिप्तता पाए जाने पर उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। जनता का भरोसा और प्रशासन की सख्ती डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों का काम जनता के अधिकार और जमीन की सुरक्षा से जुड़ा होता है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी जनता का विश्वास टूटने का कारण बनते हैं। योगी सरकार ने साफ कहा है कि जमीन माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी। जमीन माफिया के साथ सांठगांठ का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि आलोक दुबे सिर्फ सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि जमीन माफिया के लिए भी ‘सेटिंग मास्टर’ था। आरोप है कि वह माफिया को पहले से सूचना देता था कि कौन से इलाके में सड़क या रिंग रोड बन रही है, जिससे माफिया उस इलाके में जमीन खरीदकर भारी मुनाफा कमाते थे। बदले में दुबे को भी हिस्सा मिलता था। कानूनगो और लेखपाल पद की जानकारी राजस्व विभाग में लेखपाल सबसे निचले स्तर का अधिकारी होता है, जो ग्राम स्तर पर भूमि के रिकॉर्ड रखता है और छोटे विवाद सुलझाता है। वहीं कानूनगो लेखपालों की देखरेख करता है और उससे ऊपर का पद होता है। आलोक दुबे के डिमोशन से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।  

‘लोकल टू वोकल’ को नई उड़ान: यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वदेशी मेले, कारीगरों की चमक बढ़ेगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए इस दीपावली कुछ खास होने वाला है। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत इस साल दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'स्वदेशी मेला' लगाया जाएगा। इन मेलों में स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी और छोटे उद्यमी अपने उत्पादों को सीधे जनता के सामने पेश कर सकेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के बैनर तले होगा, जिसकी थीम “स्वदेशी उत्पाद और लोकल से वोकल” होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को हरी झंडी दे दी है। सभी जिलों में 9-10 दिन तक चलेगा मेला MSME मंत्री राकेश सचान ने बताया कि पहले यह मेला सिर्फ 18 मंडलों में ही लगता था, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में फैलाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में यह मेला करीब 9 से 10 दिनों तक चलेगा और इसका उद्घाटन स्थानीय मंत्री या विधायक करेंगे। कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा मंच इस पहल का मकसद है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा बाजार मिले, ताकि वे अपने सामान बेचकर अच्छी कमाई कर सकें। खास बात ये है कि इन मेलों में हर जिले के ODOP (One District One Product) और GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल लोगों को अपने जिले के उत्पादों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अन्य जिलों और राज्यों के खास उत्पाद भी देख और खरीद सकेंगे। उपभोक्ताओं को मिलेगा सही दाम पर गुणवत्तापूर्ण सामान मेले में बिक्री होने वाले सभी उत्पादों की कीमतों में पारदर्शिता होगी। GST सुधारों की वजह से ग्राहक सही दाम में सामान खरीद पाएंगे। मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल कारीगरों की आय तो बढ़ाएगी ही, साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण और सस्ते उत्पाद मिलेंगे।   हर जिले में खुलेंगे 'यूनिटी मॉल' सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'यूनिटी मॉल' बनाए जाएंगे। फिलहाल लखनऊ, वाराणसी और आगरा में केंद्र सरकार की मदद से यूनिटी मॉल की स्थापना शुरू हो चुकी है। इन मॉल्स में हर जिले के खास उत्पादों के साथ-साथ देशभर के ODOP उत्पाद भी मिलेंगे। इसका मकसद है कि एक ही जगह पर देशी और विविधता भरे उत्पाद उपलब्ध हों, जिससे न सिर्फ बिक्री बढ़े बल्कि स्थानीय कारीगरों को पहचान भी मिले। 'वोकल फॉर लोकल' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'लोकल टू वोकल' अभियान को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी और लोगों को भी भारतीय उत्पादों के प्रति ज्यादा रुझान और भरोसा बनेगा। डिजिटल और सोशल मीडिया से होगा प्रचार इस बार मेलों के प्रचार-प्रसार में डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया जाएगा। इससे न केवल यूपी बल्कि पूरे देश के लोग इन मेलों के बारे में जान पाएंगे और ऑनलाइन खरीदारी का भी विकल्प उपलब्ध होगा। यह पहल छोटे और मध्यम व्यवसायियों को राष्ट्रीय और डिजिटल बाजार तक पहुंचने में मदद करेगी। अगले साल और भी भव्य होगा आयोजन UPITS 2025 का तीसरा संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसकी अगली कड़ी 25 से 29 सितंबर 2026 तक और भी बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस बार जो कमियाँ देखी गईं, उन्हें सुधार कर अगले आयोजन को और बेहतर और व्यवस्थित बनाया जाएगा।  

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जुड़ी 1,500 से अधिक बालिकाएं

मिशन शक्ति 5.0 कन्या पूजन समारोहों में शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर जोर, मिशन शक्ति की प्रतिबद्धता को मिली मजबूती लखनऊ नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आह्वान पर पूरे उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी तिथियों पर आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक कन्याओं का सम्मानजनक पूजन किया गया। साथ ही इन आयोजनों में 1,500 से अधिक बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा भी गया है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं का कन्या पूजन धार्मिक परंपरा का निर्वहन भर ही नहीं रह गया है, बल्कि समाज में कन्या जन्म को उत्सव के रूप में स्थापित करने वाली सामाजिक क्रांति का प्रतीक भी बना है। बीते 20 सितंबर को शुरु हुए मिशन शक्ति 5.0, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का व्यापक अभियान बन गया है। कन्या पूजन के माध्यम से योगी सरकार ने समाज को गहरा संदेश भी दिया, जिसके तहत बेटियों को परिवार और समाज की आधारशिला के रूप में बताया गया है। विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में महिला कल्याण बेबी रानी मोर्या, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ये कार्यक्रम आयोजित हुए।  बालिकाओं को दी गई महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी, कन्या सुमंगला योजना के फॉर्म भरवाए गए अष्टमी के दिन विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक कन्याओं का सम्मानजनक पूजन किया गया। इन आयोजनों का मूल उद्देश्य कन्या जन्म को बोझ न मानकर आशीर्वाद के रूप में देखने को प्रेरित किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोकगीतों और संवाद सत्रों के जरिए बालिकाओं को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया।  कार्यक्रम स्थल पर विशेष काउंटरों पर कन्या सुमंगला योजना के फॉर्म भरवाए गए, जो मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बालिकाओं को जन्म से उच्च शिक्षा तक 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। परिवारों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया गया। मिशन शक्ति के तहत बाल विवाह, शिक्षा वंचना और स्वास्थ्य उपेक्षा जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया गया, जो नारी सुरक्षा के मूल सिद्धांत को मजबूत करता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि कन्या पूजन केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संदेश है कि बेटियां हमारी शक्ति और भविष्य की धरोहर हैं। मिशन शक्ति हर कन्या को सुरक्षित-सशक्त बनाने का संकल्प है। वहीं महिला कल्याण निदेशक संदीप कौर ने कहा कि यह समारोह कन्याओं के प्रति सकारात्मक सोच का विस्तार करेगा। आज हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर बेटी अपने साथ परिवार और समाज के लिए उज्ज्वल भविष्य की संभावना लेकर आती है। मिशन शक्ति बेटियों के सशक्तिकरण की यह लौ पूरे प्रदेश में प्रज्वलित कर रहा है।

राष्ट्रीय खिलाड़ी से प्रशिक्षक तक का सफर, मिशन शक्ति अभियान से मिली नई उड़ान

मिशन शक्ति- 5.0 – सम्मान, उपलब्धियों और समर्पण से नारी सशक्तीकरण की नई इबारत लिख रही ज्योति सिंह लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने वाला मिशन शक्ति 5.0 अभियान नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। महिला सुरक्षा की दिशा में इस अभियान की भावना को साकार कर रही हैं वाराणसी की रहने वाली ज्योति सिंह। मार्शल आर्ट्स के माध्यम से लाखों बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ज्योति सिंह महिला सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत बनी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की गरिमा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 20 सितंबर को मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। सीएम की मंशानुरूप ज्योति जैसी महिलाएं इस दिशा में जमीनी स्तर पर क्रांति ला रही हैं। महिला सुरक्षा की दिशा में ज्योति सिंह के कार्य और उपलब्धियां नारी शक्ति की उस ताकत की गवाही है, जो सुरक्षा से लेकर स्वावलंबन तक का सफर तय करती है। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग ने दिया अवसर मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग से जुड़कर ज्योति सिंह आज एक समर्पित मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक और समाजसेवी के रूप में जानी जाती हैं। वर्ष 2012 में झांसी में ब्लैक बेल्ट प्राप्त करने के बाद उन्होंने लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण देना शुरू किया, लेकिन उन्हें 2020 में शुरु हुए मिशन शक्ति के पहले फेस में ब्रेक मिला। आज वे थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट धारक हैं और अपनी संस्था ‘मानव एकडमी ऑफ मार्शल आर्ट’ के जरिए लाखों बच्चों व महिलाओं को आत्मविश्वासी बनाने का कार्य कर रही हैं। मिशन शक्ति 5.0 के उद्देश्यों यानि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को ज्योति ने अपनी जिंदगी का मूलमंत्र बना लिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने यूपी की महिलाओं और बालिकाओं में नया आत्मविश्वास जगाया है। आज वे अपने अधिकारों को समझ रही हैं और खुद की सुरक्षा के लिए सक्रिय हो रही हैं। सेल्फ डिफेंस अब उनके लिए सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि जीवन की कुंजी बन गई है। खेल जगत में ज्योति की उपलब्धियां असाधारण हैं खेल जगत में ज्योति की उपलब्धियां असाधारण हैं, जो मिशन शक्ति के स्वावलंबन को और मजबूती प्रदान कर रही है। वे नेशनल लेवल पर लगातार चार वर्षों 24वीं, 25वीं, 26वीं और 27वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता रहीं। 2018 और 2019 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी धाक जमाई। 2020 से 2024 तक मानव वंदनसेवी ऑफ मार्शल आर्ट्स द्वारा उन्हें बेस्ट कोच चुना गया, जबकि 2023 में भारतीय कराटे संघ ने उन्हें मान्यता प्राप्त कोच के रूप में सम्मानित किया। वर्ष 2025 में भारतीय कराटे संघ से थर्ड डैन ब्लैक बेल्ट की उपाधि प्राप्त कर ज्योति ने एक नया मुकाम हासिल किया। ये उपलब्धियां न केवल व्यक्तिगत सफलता हैं, बल्कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं को खेलों में बढ़ावा देने वाले प्रयासों का हिस्सा हैं, जहां 1.5 लाख से अधिक लड़कियां विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में भाग ले रही हैं। विभिन्न स्तरों पर योगी सरकार द्वारा किया गया सम्मानित महिलाओं की सुरक्षा में योगदान देने के लिए समय-समय पर ज्योति को विभिन्न स्तरों पर योगी सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है। 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सम्मानित किया, जबकि उसी वर्ष मानव वंदनसेवी ऑफ मार्शल आर्ट्स ने बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब दिया। 2024 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने उन्हें सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया। 2025 में जिला प्रशासन झांसी ने खेल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें एक दिन के लिए अधिकारी नियुक्त कर विशेष सम्मान दिया। ये सम्मान मिशन शक्ति के सम्मान के पहलू को दर्शाते हैं, जहां महिलाओं की गरिमा को बढ़ावा दिया जा रहा है। फीमेल सेफ्टी के क्षेत्र में ज्योति का योगदान 2021 से अब तक अत्यंत सराहनीय रहा है। उन्होंने झांसी और आसपास के जिलों में बालिकाओं को व्यावहारिक सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण दिया। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी या फिर बाल सुधार गृह ज्योति योगी सरकार की मदद से हर जगह जाकर बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाती हैं। 'बेटी है तो बचेगी' और 'पावर एंजल्स' जैसे अभियानों से जुड़कर वे महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। ज्योति का दृष्टिकोण स्पष्ट है। ज्योति कहती हैं कि हर लड़की और महिला केवल शिक्षा में ही आगे न बढ़े, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बने। आत्मरक्षा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की कुंजी है। ज्योति कहती हैं कि बालिकाएं सेल्फ डिफेंस को लेकर सकारात्मक हैं और बड़े जुनून के साथ अपनी रक्षा के गुर सीख रही हैं।  मिशन शक्ति 5.0 ने उत्तर प्रदेश को महिलाओं के सशक्तिकरण में अग्रणी राज्य बना दिया है। ज्योति सिंह जैसी महिलाएं इस अभियान की रीढ़ हैं, जो नारी सुरक्षा से लेकर स्वावलंबन तक की राह पर चलकर लाखों जीवन बदल रही हैं। उनकी सफलता की कहानी न केवल प्रेरणा देती है, बल्कि साबित करती है कि योगी सरकार का विजन जमीनी हकीकत में बदल रहा है।

बरेली में कार्रवाई का बिगुल, IMC प्रवक्ता कार्यालय समेत 74 दुकानों पर ताला, बुलडोजर चलाने की धमकी

बरेली  बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मस्थल के पास स्थित आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस के ऑफिस और 74 दुकानों को सील कर दिया है। ये सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले के ऊपर किए गए हैं, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की तैयारी चल रही है। बुलडोजर ऐक्शन हो सकता है। सिविल लाइंस में नावल्टी चौराहे के पास स्थित धर्मस्थल के पास एक ही इमारत में आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का ऑफिस और 74 दुकानें बनी हुई हैं। वक्फ संपत्ति बताकर डॉ. नफीस ही इन दुकानों से किराया वसूलता था, जो बवाल के मुख्य आरोपियों में भी शामिल है। निगम के मुताबिक यह सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले पर अतिक्रमण कर किए गए हैं। कई बार दुकानदारों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट, पुलिस की मौजूदगी में निगम अफसरों ने सभी दुकानें खाली करा लीं और उन्हें सील कर दिया गया। साथ ही, डॉ. नफीस का ऑफिस भी टीम ने सील कर दिया। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे। लूटे वायरलेस से नदीम जान रहा था पुलिस मूवमेंट नदीम खां की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया वायरलेस हैंडसेट बरामद किया है। बवाल के दौरान इस हैंडसेट से वह पुलिस की गतिविधियों और फोर्स के मूवमेंट पर नजर रख रहा था। शिकारपुर चौधरी निवासी उपद्रवी जफरुद्दीन के कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद हुआ है। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका

पुलिस की मुस्तैदी और स्मार्ट पुलिसिंग से जीरो इंसिडेंट इवेंट बना यूपीआईटीएस 2025 उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 को दिव्य और भव्य बनाने में यूपी पुलिस की रही अहम भूमिका यूपी पुलिस ने ड्रोन, सीसीटीवी और कंट्रोल कमांड सेंटर की मदद से पूरे आयोजन को जीरो-इंसिडेंट इवेंट बनाया 9 जोन और 20 सेक्टर में रहा सख्त सुरक्षा कवच, 550 सीसीटीवी कैमरों और 24×7 एक्टिव कंट्रोल रूम ने आयोजन स्थल और आसपास की सुरक्षा को बनाया अभेद्य महिला सुरक्षा पर रहा खास ध्यान, 150 महिला कांस्टेबल और 40 महिला सब-इंस्पेक्टर की तैनाती ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित की हैसल-फ्री ट्रैफिक मैनेजमेंट किया एक्टिव, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, टीएसआई और 450 ट्रैफिक कांस्टेबल की तैनाती से आगंतुकों को बिना जाम परेशानी के पहुंचने का मिला अवसर एंटी-ड्रोन सिस्टम और डिजिटल डायवर्जन प्लान से विदेशी डेलीगेट्स और लाखों आगंतुकों के लिए बनी सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था ग्रेटर नाेएडा   उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 (UPITS-2025) को सफल, सुरक्षित और भव्य बनाने में उत्तर प्रदेश पुलिस का योगदान भी काफी सराहनीय रहा। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने में यूपी पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की। पुलिस अधिकारियों की तैनाती और आधुनिक सुरक्षा उपायों ने इस कार्यक्रम को न सिर्फ व्यवस्थित बल्कि दिव्य और भव्य भी बना दिया। इस बड़े आयोजन में आने वाले फॉरेन और वीआईपी डेलीगेट्स की सुरक्षा हो या फिर प्रतिदिन लाखों की संख्या में पहुंच रहे आगंतुकों की सुरक्षा और ट्रैफिक की जिम्मेदारी, हर मोर्चे पर पुलिस चौकन्नी रही। किसी तरह की मिसहैपनिंग न हो, इसके लिए 24 घंटे कंट्रोल कमांड सेंटर से पूरे वेन्यू की मॉनीटरिंग की गई। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से आयोजन को जीरो इंसिडेंट इवेंट बनाने में सफलता प्राप्त की गई। बड़े पैमाने पर तैनात की गई फोर्स एडिशनल पुलिस कमिश्नर ग्रेटर नोएडा राजीव नारायण मिश्र ने आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिए किए गए व्यापक इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए, पुलिस विभाग ने सुरक्षा के लिए सात डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), चौदह एडीसीपी (एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), 38 एसीपी (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस), 80 इंस्पेक्टर, तीन सौ सब इंस्पेक्टर, चालीस महिला सब इंस्पेक्टर, कुल एक हजार चार सौ कांस्टेबलों को तैनात किया। इसके साथ ही, महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, एक सौ पचास महिला कांस्टेबल भी तैनात की गई थीं। सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए, सात कंपनियां पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) और एक कंपनी आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) को भी तैनात किया गया था। ट्रैफिक रहा चुस्त दुरुस्त यूपी पुलिस के इस बड़े प्रयास में ट्रैफिक प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा गया था। ट्रैफिक जाम और भीड़-भाड़ से बचने के लिए, दस ट्रैफिक इंस्पेक्टर, बीस टीएसआई (ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर), चार सौ पचास ट्रैफिक कांस्टेबल और तीन एसीपी ट्रैफिक को नियुक्त किया गया। इन सभी कर्मचारियों ने सुनिश्चित किया कि ट्रैफिक सुचारु रूप से चले और यात्री बिना किसी परेशानी के इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। इसका असर भी देखने को मिला और हर कोई हैसल फ्री ट्रैफिक के माध्यम से आयोजन स्थल पर पहुंच सका।  9 जोन और 20 सेक्टर्स में बांटा गया आयोजन स्थल आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए शहर को नौ जोन और बीस सेक्टरों में बांट दिया गया था। इसके अलावा, एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था, जो पूरे समय 24 घंटे एक्टिव था और सुरक्षा के सभी पहलुओं की निगरानी करता था। इस कंट्रोल रूम में 550 सीसीटीवी कैमरों द्वारा पूरे क्षेत्र की पल-पल की निगरानी की जाती थी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। 15 हजार की रही पार्किंग क्षमता पार्किंग की व्यवस्था भी इस इवेंट की अहम जरूरत थी। इसके लिए सात पार्किंग स्थल बनाए गए, जहां पंद्रह हजार से अधिक गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसमें सर्वाधिक क्षमता नासा पार्किंग की रही, जहां 10 हजार वाहन एक साथ खड़े किए जा सकते थे। यही नहीं, यहां से लोगों को आयोजन स्थल तक ले जाने के लिए शटल बसों की भी व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था इवेंट में आने वाले आगंतुकों को आसानी से पार्किंग का विकल्प प्रदान कर रही थी। फिर दिखी स्मार्ट पुलिसिंग  स्मार्ट पुलिसिंग के तहत पुलिस ने एक डिजिटल दृष्टिकोण अपनाया था। इवेंट में आने वाले लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से डायवर्जन प्लान की जानकारी दी गई, ताकि वे इवेंट स्थल तक सही मार्ग पर पहुंच सकें। यह स्मार्ट पुलिसिंग की प्रणाली दर्शाती है, जहां टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर जनता तक सटीक जानकारी पहुंचाई गई और यातायात व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया गया। शहर भर में लगाए गए साइन बोर्ड  आगंतुकों, विशेषकर विदेशी डेलीगेट्स और गेस्ट्स के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्हें इवेंट स्थल तक पहुंचने के लिए होटल से यूपीआईटीएस स्थल तक सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन की व्यवस्था की गई। साथ ही, इवेंट स्थल और शहरभर में साइन बोर्ड लगाए गए, ताकि लोग आसानी से इवेंट स्थल तक पहुंच सकें। एंटी ड्रोन भी किया गया तैनात  इसके अलावा, सुरक्षा के और भी कड़े उपाय किए गए थे। ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया था ताकि आसमान से भी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। यह आधुनिक तकनीकी उपाय इस बात का प्रमाण हैं कि यूपी पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग को पूरी तरह से अपनाया और इस इवेंट को एक सुरक्षित और व्यवस्थित अनुभव बनाने में अहम भूमिका निभाई।