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योगी सरकार के नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को दी नई ऊंचाई

मिशन शक्ति-5  नीलम गुप्ता ने सैनिटरी पैड उद्यम से लिखी स्वावलंबन की कहानी  योगी सरकार के नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को दी नई ऊंचाई   नीलम ने सैनिटरी नैपकिन यूनिट से ग्रामीण महिलाओं को दिया रोजगार और सम्मान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं मिशन शक्ति के तहत आज नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक मिसाल बनकर उभर रही हैं। इसी के तहत भदोही जनपद में 33 वर्षीय नीलम गुप्ता चुपचाप एक क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। एक स्नातक, पूर्व ग्राम प्रधान और एक समर्पित स्वयं सहायता समूह (SHG) ‘प्रगति समूह’ की सदस्य के रूप में, नीलम की यात्रा ग्रामीण महिलाओं की उन उभरती आकांक्षाओं को दर्शाती है, जो अब केवल जीविका के लिए समझौता करने को तैयार नहीं हैं।  वर्ष 2020 में, जब उनके 'प्रगति समूह' में मासिक धर्म स्वास्थ्य और आजीविका के अंतर पर चर्चा हुई, तब नीलम को एक ऐसा रास्ता दिखाई दिया, जो दोनों समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करता था। गाँव की अधिकांश महिलाओं के पास न तो सुलभ और किफायती सैनिटरी पैड की पहुँच थी और न ही वे सामाजिक कलंक के चलते उन्हें खरीदने में सहज थीं। साथ ही, सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी सीमित थे। नीलम ने सोचा यदि एक उद्यम इन दोनों समस्याओं का हल बन सके तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। नीलम बताती हैं कि उनके लिए उद्यमिता केवल आय का साधन नहीं थी, बल्कि सामाजिक प्रभाव का एक माध्यम थी। आत्मनिर्भर क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) और स्वामी विवेकानंद शिक्षा समिति (SVSS) के सहयोग से डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स की पहल में भाग लेते हुए, महिलाओं द्वारा संचालित सैनिटरी नैपकिन उद्यम 'वंशिका लाइफकेयर' की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित एक निर्माता से थोक में सैनिटरी पैड मंगवाए, स्थानीय स्तर पर ब्रांडिंग और पैकेजिंग की व्यवस्था की इस मॉडल ने लागत को कम रखा और संचालन को गाँव के भीतर ही संभव बनाया। हालाँकि, किसी भी प्रथम-पीढ़ी की उद्यमी की तरह, नीलम की राह आसान नहीं रही। कच्चे माल की आपूर्ति, पैकेजिंग, ग्राहकों का आधार बनाना हर कदम पर नई चुनौतियाँ थीं। लेकिन हर सहकर्मी प्रशिक्षण, SHG बैठक और एक्सपोज़र विज़िट के साथ नीलम का आत्मविश्वास बढ़ता गया। 2024 तक, उन्होंने बड़ौदा यूपी बैंक से ₹10–12 लाख का ऋण प्राप्त कर लिया था।  SVSS द्वारा समर्थित वित्तीय नेटवर्किंग की मदद से और अपने स्वयं के कार्यबल का निर्माण शुरू किया। नीलम बताती हैं कि आज उनके साथ सात पूर्णकालिक कर्मचारी जुड़ी हैं जिसे वो रोजगार दी हैं। इसके अलावा अधिकतम माँग के समय में दस से अधिक अंशकालिक कर्मचारियों को इससे रोजगार मिलता है। उनकी टीम न केवल पैकेजिंग और वितरण का कार्य करती है, बल्कि मासिक धर्म स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान भी चलाती है। चार महिलाएँ घर-घर जाकर उत्पाद बेचती हैं, दो पुरुष कर्मचारी दुकानों तक आपूर्ति करते हैं और एक समर्पित प्रशिक्षक आस-पास के गाँवों और CLF में स्वास्थ्य सत्र आयोजित करता है। 'वंशिका लाइफकेयर' अब प्रति माह ₹40,000 से ₹60,000 तक का लाभ अर्जित कर रही है और पूरे समुदाय में सकारात्मक बदलाव की लहर फैला रही है। नीलम सिर्फ़ एक व्यवसाय नहीं चला रही हैं बल्कि वे एक सामाजिक व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। उनका कार्य मासिक धर्म से जुड़ी वर्जनाओं को तोड़ता है, ग्रामीण महिलाओं के लिए गरिमामयी रोजगार के अवसर पैदा करता है और यह दर्शाता है कि "गैर-पारंपरिक" उद्यम कैसा हो सकता है। वे डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स द्वारा "उच्च-विकास वाले जमीनी स्तर की उद्यमी" के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। एक ऐसी महिला जो समुदाय की ज़रूरतों और संरचनात्मक बदलाव के बीच सेतु बनाकर एक स्केलेबल एवं सामाजिक रूप से प्रासंगिक मॉडल चला रही है। उन्होंने अपने पहले ऋण का पुनर्भुगतान समय पर कर लिया है, जिससे उनका CIBIL स्कोर बेहतर हुआ है और अब वे अपने SHG तथा ग्राम संगठन की अन्य महिलाओं को सक्रिय रूप से मार्गदर्शन दे रही हैं। नीलम का अगला लक्ष्य है नवाचार। वे अब उन महिलाओं के लिए पुन: प्रयोज्य सूती पैड्स की एक नई श्रंखला शुरू करने जा रही हैं, जो डिस्पोज़ेबल विकल्प नहीं खरीद सकतीं। साथ ही, वे सरकारी स्कूलों के साथ मिलकर स्वच्छता किट वितरित करने की संभावनाएँ भी तलाश रही हैं।   नीलम आज आज प्रदेश की उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो वंचित महिलाओं को सहायता प्राप्तकर्ता से समाधान निर्माता बना रही हैं। वित्तीय पहुँच, कौशल, डिजिटल दृश्यता और बाज़ार संपर्क जब इन्हें सही पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन प्राप्त हो, तो नीलम जैसी ग्रामीण महिलाएँ यह सिद्ध करती हैं कि नवाचार केवल महानगरों या इनक्यूबेटरों से नहीं आता। कभी-कभी, यह एक ऐसी महिला से आता है, जिसके पास एक दृढ़ संकल्प, SHG का मज़बूत नेटवर्क और बदलाव का नेतृत्व करने का साहस होता है।

‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार, पीएम मोदी बोले – अब चिप से शिप तक सब भारत में बनेगा

नोएडा  पीएम मोदी ने नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट में गुरुवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ किया। उन्होंने कारोबारियों से कहा कि हम चिप से शिप तक भारत में बनाना चाहते हैं। इसलिए अपना बिजनेस मॉडल ऐसा बनाइए जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देता हो। बदलती हुई दुनिया में जो देश जितना ज्यादा दूसरों पर निर्भर रहेगा, उसकी ग्रोथ उतनी ही कॉम्प्रोमाइज रहने वाली है। इसलिए भारत को किसी पर निर्भर रहना अब मंजूर नहीं है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इससे पहले पीएम ने कारोबारियों से बात की। मोदी प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनके बेटे अर्जुन से भी मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान कहा कि इस ट्रेड शो का लक्ष्य देश को आत्मनिर्भर बनाना है. ‘मेक इन इंडिया’ पर हमारा जोर है. हम किसी भी चीज को लेकर दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहते. चिप से शिप तक भारत में ही बनाना चाहते हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. पीएम ने बताया कि इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस भारत का साझेदार होगा. स्टॉल में लगेगा एक जिले का एक उत्पाद आयोजकों ने बताया कि हॉल नंबर-9 में सजने वाला एक जिला एक उत्पाद पवेलियन 343 स्टॉल हर जिले का एक फेमस उत्पाद पेश करेगा, जिसमें भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की नक्काशी जैसे उत्पाद शामिल होंगे, जो ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने तक की यात्रा को नई दिशा देंगे. आयोजकों ने बताया कि यह पवेलियन न केवल शिल्प और हस्तकला को वैश्विक पहचान देगा, बल्कि स्टार्टअप, डिजाइनरों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए नेटवर्किंग, व्यापारिक सौदे और साझेदारी के अवसर भी खोलेगा. रूस होगा भागीदार देश इस ट्रेड शो में इस बार रूस बतौर भागीदार देश शामिल हो रहा है. 26 सितंबर को रूसइंडिया बिजनेस डायलॉग आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत और रूस के उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और सरकारी नीति-निर्माताओं के लिए एक साझा मंच उपलब्ध होगा. यह मंच उत्तर प्रदेश के उद्योगों और कारोबारियों के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा. हर संस्करण को मिली सफलता इस ट्रेड शो के पहले संस्करण का उद्घाटन 2023 में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने किया था. दूसरे संस्करण का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा किया गया. वहीं आज इस मेगा ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया. हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – 'आत्मनिर्भर भारत' पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत 2047 तक विकसित होने की लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। दुनिया में हो रहे विघटन और अनिश्चितता के बावजूद, भारत की वृद्धि आकर्षक है। विघटन हमें गुमराह नहीं करता; उस स्थिति में भी, हम नई दिशाएं खोजते हैं। इसलिए, इन विघटनों के बीच, आज भारत आने वाले दशकों की नींव को मजबूत कर रहा है। हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – आत्मनिर्भर भारत"। उन्‍होंने कहा, "आज सरकार मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग पर इतना जोर दे रही है। हम चिप से लेकर जहाज तक, सब कुछ भारत में बनाना चाहते हैं, इसलिए हम आपके व्यापार में आसानी के लिए काम कर रहे हैं। सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, लेकिन सरकार की कुछ अपेक्षाएं भी हैं कि आप जो भी निर्माण कर रहे हैं, वह सर्वोत्तम गुणवत्ता का हो। आज देशवासियों के मन में ये बात है कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता निरंतर बेहतर हो, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।" भारत को आत्मनिर्भर बनाना ही होगा- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'हर वो प्रोडक्ट जो हम भारत में बना सकते हैं… वो हमें भारत में बनाना है। क्‍योंकि हमें हर हाल में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्‍होंने कहा, आज पूरे भारत में जितने मोबाइल फोन बनते हैं, उसमें से 55% मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। यूपी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। यहां से कुछ किलोमीटर दूर ही एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पर काम शुरू होने वाला है। यह ट्रेड शो 25 से 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें 75 से अधिक देशों के 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 1.25 लाख B2B विजिटर्स और 4.5 लाख B2C विजिटर्स हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नोएडा में कई रास्तों को डायवर्ट भी किया गया है। यूपी ट्रेड शो से जुड़े बड़े अपडेट जानने के लिए बने रहिए लाइव हिंदुस्तान के साथ। उन्‍होंने देशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि 'मैं आप सभी का आह्वान करता हूं — यूपी में निवेश कीजिए, यूपी में मैन्युफैक्चर कीजिए। यहां लाखों MSMEs का मजबूत नेटवर्क है, उनका सामर्थ्य इस्तेमाल कीजिए और एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं तैयार कीजिए। इसके लिए हर मदद के साथ यूपी सरकार और भारत सरकार आपके साथ है। सेनाएं भी चाहती हैं मेक इन इंडिया पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी चाहती हैं और दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए हम भारत में ही एक वाइब्रेंट डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहे हैं, पुर्जे पुर्जे पर मेड इन इंडिया की छाप हो, हम ऐसा एक इकोसिस्टम बना रहे हैं, और यूपी इसमें भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्‍होंने कहा, "आज, भारत रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की प्रतिबद्धता के साथ अपने उद्योग, व्यापारियों और नागरिकों के साथ खड़ा है। तीन दिन पहले GST में अगली पीढ़ी के सुधार लागू हुए। GST में ये बदलाव संरचनात्मक सुधार हैं जो भारत की विकास गाथा को नई उड़ान देंगे। ये GST पंजीकरण को सरल बनाएंगे, कर विवादों को कम करेंगे और एमएसएमई को तेजी से रिफंड सुनिश्चित करेंगे।" पहले और दूसरे आयोजन के दौरान यूपीआईटीएस ने आकार, संख्या और प्रभाव में दोगुना प्रगति की है. पहले आयोजन में लगभग 2 हजार प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार आए थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2 हजार से अधिक प्रदर्शक और 350 विदेशी खरीदार थे. इसके अलावा पांच लाख विजिटर्स भी शामिल हुए थे. इस मेगा ट्रेड शो के दौरान 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात ऑर्डर हुए थे, जिस वजह से निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया गया. उम्मीद लगाई जा रही है कि इस तीसरे संस्करण में 2,500 से ज्यादा प्रदर्शक, 500 … Read more

निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री

यूपी अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र है- पीएम मोदी – निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का किया शुभारंभ  – ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) के शुभारंभ पर सीएम योगी भी रहे मौजूद – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी के साथ प्रगति कर रहा है उत्तर प्रदेश- पीएम  – आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे- पीएम मोदी  – नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म से उपभोक्ताओं से लेकर व्यापार और उद्योग को भी मिली नई ऊर्जा- पीएम मोदी  – आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा- पीएम – पीएम मोदी ने कहा- यूपी अब निवेश और विकास का गढ़ है, यह अद्भुत संभावनाओं से भरा है – यूपी में बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है- पीएम गौतमबुद्ध नगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म को देश की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इस बदलाव से न केवल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि “जीएसटी सुधार आम परिवारों की जेब में हर महीने बचत का जरिया बन रहे हैं और यही बचत भारत की विकास गाथा को और मजबूत करेगी।” साथ ही उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के नेतृत्व में विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। यह अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और उनकी वैश्विक पहचान बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा। जो भारत में बन सकता है, उसे भारत में ही बनाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, क्योंकि दूसरों पर निर्भरता विकास को सीमित करती है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने बिजनेस मॉडल को इस तरह डिजाइन करें, जो आत्मनिर्भर भारत को बल दे। गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी मैन्युफैक्चर करें, वह उत्तम से उत्तम हो। यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे।  उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने यूपी को निवेश और विकास का गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है। बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, जिसने लॉजिस्टिक लागत को कम किया है। यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो यूपी को औद्योगिक केंद्र बनाते हैं। नमामि गंगे और वन जिला वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी पहलें क्रूज टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे यूपी वैश्विक मानचित्र पर उभर रहा है। पीएम ने बताया कि 55% मोबाइल फोन उत्पादन यूपी से होता है और जल्द ही यहां सेमीकंडक्टर फैसिलिटी शुरू होने वाली है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। अंत्योदय का मॉडल ही समावेशी विकास की नींव- पीएम पीएम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय के सिद्धांत को याद किया, जो गरीब से गरीब तक विकास पहुंचाने का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय में ही सामाजिक न्याय की मजबूती है और यही मॉडल भारत दुनिया को दे रहा है। फिनटेक क्रांति का उदाहरण देते हुए उन्होंने यूपीआई, आधार और डिजिलॉकर जैसे ओपन प्लेटफॉर्म्स का जिक्र किया, जो हर नागरिक चाहे मॉल में शॉपिंग करने वाला हो या सड़क पर चाय बेचने वाला सभी को समृद्धि का अवसर दे रहे हैं। गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए 25 लाख सेलर्स, जिसमें छोटे दुकानदार भी शामिल हैं, सरकार को सप्लाई कर रहे हैं। पीएम ने बताया कि GeM के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदा गया, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये लघु उद्योगों से है यही अंत्योदय का साकार रूप है। डिफेंस और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर हो रहा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम  मोदी ने कहा कि सेनाएं स्वदेशी उत्पाद चाहती हैं। यूपी में रूस के सहयोग से एके-203 राइफल्स का उत्पादन शुरू होने जा रहा है और डिफेंस कॉरिडोर अस्त्र-शस्त्र निर्माण का केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी यूपी बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि ग्रेटर नोएडा से कुछ किलोमीटर दूर एक बड़ी फैसिलिटी का निर्माण शुरू होने वाला है। यह कदम भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पीएम ने निवेशकों से अपील की कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स आर्थिक बचत और ग्रोथ का नया अध्याय है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने हाल ही में लागू नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को भारत की ग्रोथ स्टोरी का आधार बताया। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2014 से पहले 1000 रुपये की शर्ट पर 170 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी के बाद 50 रुपये और अब 35 रुपये हो गया। इसी तरह, हेयर ऑयल और फेस क्रीम पर 100 रुपये के सामान पर टैक्स 31 से घटकर 5 रुपये हो गया, जो 26 रुपये की बचत है। एक ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये से घटकर 30,000 रुपये, थ्री-व्हीलर पर 55,000 से 35,000 रुपये, और स्कूटर-मोटरसाइकिल पर 8000-9000 रुपये की बचत हुई। पीएम ने कहा कि इससे एक औसत परिवार की सालाना 25,000 रुपये की बचत होगी और कुल मिलाकर देश 2.5 लाख करोड़ रुपये बचा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित

अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शोः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत  दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी साधनों का बेहतर उपयोग ही प्रधानमंत्री का आह्वानः सीएम योगी  बोले सीएम- चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता, गरीब, श्रमिक, व्यापारी, किसान समेत हर तबके को मिला जीवनदान  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ: मुख्यमंत्री  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के मंच पर अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उन्हें याद किया। बोले कि उन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में 70 वर्ष पहले नया चिंतन दिया था। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है। यह अवसर केवल ट्रेड शो का नहीं, बल्कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी मॉडल व मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के पीएम मोदी के विजन का स्वरूप भी है। यूपीआईटीएस के तीसरे संस्करण में 80 देशों के साढ़े पांच सौ से अधिक बायर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। यूपी के सभी 75 जनपदों से 2250 से अधिक एग्जीबिटर्स सहभागी बने हैं। ब्रांड यूपी के उत्सव की चर्चा कर योगी ने कहा कि पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में आई औद्योगिक क्रांति, परंपरागत उद्यम को फिर से दिया गया जीवनदान यूपी की समृद्ध- सांस्कृतिक विरासत तथा सामाजिक विविधता को ट्रेड शो प्रतिबिंबित कर रहा है। इसके जरिए यूपी को देश व दुनिया के सामने शोकेस करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्राप्त हुआ है।  नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने फिरोजाबाद के शिल्पियों द्वारा बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की। सीएम ने पार्टनर कंट्री के रूप में रूस के साथ ही यूपीआईटीएस में आए 532 से अधिक फॉरेन बायर्स का भी स्वागत किया। सीएम ने कहा कि यह आयोजन नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा।   दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गरीब, किसान, महिला, युवा, मध्यम, व्यापारी, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित सभी वर्ग व समुदायों को दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए उन्होंने यूपी वासियों की तरफ से पीएम का आभार जताया। सीएम ने कहा कि अपैरल व टेक्सटाइल, लेदर उत्पाद, हस्तशिल्प व कॉरपेट्स में यूपी देश में शीर्ष पर है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिवेश की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने जीएसटी रिफॉर्म्स के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण व क्रांतिकारी कदम उठाया है।  चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता सीएम योगी ने कहा कि जुलाई 2017 में वन नेशन, वन टैक्स लागू हुआ था। टैक्स के अलग-अलग चार स्लैब थे, लेकिन नए सुधार के अंदर अब दो स्लैब ही जीएसटी रिफॉर्म के माध्यम से दिखेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पिछले चार दिनों के अंदर हम लोगों ने अहसास किया है कि मार्केट में नई जीवंतता आई है। उपभोक्ता का बाजार की तरफ तेजी से रूख हुआ है। गरीब, श्रमिक, व्यापाारी, किसान हर तबके को जीवनदान मिला है। इससे व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ-साथ यूपी जैसे राज्य के लिए ओडीओपी सेक्टर के उद्यमियों को नया जीवनदान प्राप्त हुआ है।  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ  मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने 10 वर्ष पहले कहा था कि भारत के युवा को अब जॉब सीकर नहीं,  बल्कि जॉब क्रिएटर बनना होगा। पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप योजना,  पीएम इंटर्नशिप समेत अनेक योजनाओं ने बैकबोन का कार्य किया है। यूपी में हम लोगों ने सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को नया उद्यमी बनने की तरफ कदम उठाया है। 24 जनवरी 2025 को यूपी स्थापना दिवस पर यह स्कीम लागू हुई थी। एक वर्ष से भी कम समय में अब तक 90 हजार से अधिक युवा इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं।  हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं पीएम   सीएम योगी ने कहा कि उद्यम पंक्ति में खड़े अंतिम हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए पीएम अत्यंत संवेदनशील हैं। परंपरागत कारीगरों व हस्तशिल्पियों को पीएम विश्वकर्मा योजना उपहार में दी गई है। राज्य सरकार की ओर से संचालित ओडीओपी के साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से चार लाख से अधिक हस्तशिल्पियों व कारीगरों को ट्रेनिंग देकर, वोकल फॉर लोकल मंत्र को स्वदेशी का संकल्प देकर हुनरमंद कारीगरों को नया बाजार उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बना है।   77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष कैपिटल बना, 75 नए उत्पादों के लिए करने जा रहे आवेदन मुख्यमंत्री ने कहा कि 77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बना है। 75 नए उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो, इसके लिए इस वर्ष आवेदन करने जा रहे हैं। धरोहर के रूप में मौजूद प्रदेश में हजारों वर्ष की विरासत को इसके माध्यम से सजाने, संवारने व संरक्षण करने का कार्य करने जा रहे हैं। यहां भी 60 से अधिक जीआई टैग के स्टाल देखने को मिलेंगे। यूपीआईटीएस में स्टार्टअप, ओडीओपी, उभरते एक्सपोर्टर्स, महिला, नए उद्यमी, हस्तशिल्पी, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, महिला स्वयंसेवी समूह, वन व पर्यावरण विभाग के उत्पाद व प्रयास भी प्रस्तुत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से फरवरी 2023 में यूपी ग्लोबल … Read more

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान गढ़ रही योगी सरकार – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर – महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को लेकर भी योगी सरकार ने की  अहम कई पहलें – निर्धन परिवारों की बेटियों का सहारा बनी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – योगी सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को भी किया मजबूत  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव आया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और जागरूकता के क्षेत्र में योगी सरकार की योजनाओं ने नारी सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों ने महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के साथ सुरक्षा और सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी सोच और दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है।  महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए सरकार के हर विभाग की तरफ से प्रतिदिन अलग अलग जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और अब कोई बेटी अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेगी। महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के क्रम में  पुलिस टीम द्वारा चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक किया जा रहा है।  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने उठाए ठोस और कारगर कदम  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने ठोस और कारगर कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गईं, जो महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करती हैं। बीते वर्ष इन हेल्प डेस्कों पर कुल 6,48,664 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6,47,095 का समाधान किया गया। इतना ही नहीं, महिलाओं को फोन पर परेशान करने से लेकर साइबर उत्पीड़न तक की शिकायतों को दर्ज करने के लिए वीमेन पावर लाइन-1090 को और सशक्त बनाया गया। जनवरी 2024 से अगस्त 2025 के बीच इस हेल्पलाइन पर 7.75 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं और लगभग 99 प्रतिशत मामलों का निस्तारण हुआ। महिला सुरक्षा को लेकर शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों तक किए विशेष इंतजाम महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रखा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष इंतजाम किए। महिला बीट प्रणाली और महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों की स्थापना ने गांव-गांव तक सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश में अब तक 9,172 महिला बीटों का गठन किया जा चुका है और करीब 19,839 महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 1.18 करोड़ से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई और 33 हजार से अधिक गिरफ्तारियाँ कीं। महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश ने देश में उदाहरण पेश किया है। अब तक 9,513 वादों में 12,271 अभियुक्तों पर दोष तय किए गए, जिनमें 12 अपराधियों को मृत्युदंड और 987 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आईटीएसएसओ पोर्टल के अनुसार महिला अपराधों के मामलों में 98.80 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। केंद्रों पर 3 से 5 वर्ष की अवधि के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र में एक प्रभारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक (प्राथमिकता महिला अधिकारी), 1 से 4 उपनिरीक्षक, 4 से 15 आरक्षी (जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं), 1 से 2 महिला होमगार्ड तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्शदाताओं की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर कर्मियों को 3 से 5 वर्ष की अवधि तक तैनात रखा जाएगा और प्रशिक्षित कर्मियों के स्थानांतरण का प्रावधान भी होगा। डीजीपी द्वारा जारी गाइडलाइन में थानों के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि मिशन शक्ति केन्द्र के लिए एक अलग कक्ष, कम्प्यूटर, अभिलेख, स्टेशनरी, महिला शौचालय और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाए। सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश की सभी 57,000 ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेंट सखी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 49,376 बीसी सखियों का प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। इनमें से लगभग 40 हजार महिलाएँ सरकार के साथ काम करते हुए अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर चुकी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है बल्कि ग्रामीण स्तर पर डिजिटल लेन-देन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 95 लाख से अधिक महिलाओं को 8,73,534 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों को स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन कर आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया गया है। लखपति महिला योजना के अंतर्गत अब तक 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन हो चुका है और इनमें से 2 लाख से अधिक महिलाएँ … Read more

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का 'महाकुम्भ' : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा – रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी  – पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत – ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता – रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी से युवा होंगे तकनीक से रूबरू – फर्स्ट एड और जीवन रक्षा कौशल से सीखेंगे व्यवहारिक जीवन प्रबंधन – खेल और टीमवर्क से बढ़ेगा अनुशासन और नेतृत्व का भाव – सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यूपी को मिली जम्बूरी मेजबानी – 29 सितंबर को होगा टेंट सिटी का भूमि पूजन, मंत्रीगण करेंगे शिरकत – आयोजन बनेगा युवा शक्ति और अनुशासन का महापर्व लखनऊ  राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है।  साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।  

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई

मिशन शक्ति- 4 रेनू देवी ने दूध व्यवसाय से लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी  नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रतीक बनी रेनू ने महिला सशक्तीकरण को दी नई ऊंचाई  रेनू देवी साथ स्वरोजगार से जुड़कर 70 से अधिक महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर लखनऊ ग्राम धर्मपुर, ब्लॉक रुद्रपुर, जिला देवरिया की रेनू देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की अनुपम मिसाल पेश की है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) के सहयोग से संभव हुआ। आज रेनू न केवल अपनी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं, बल्कि अपने गाँव की 69 महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं, जो मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिख रही हैं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुहिम ने रेनू जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार दिया है। रेनू देवी का सफर तब शुरू हुआ जब वे चमेली स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जहाँ उन्हें सामूहिकता और बचत का पहला सबक मिला। हालांकि, समूह से होने वाली आय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस बीच, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था के दूध संकलन केंद्र (MPP) की स्थापना हुई। संस्था की बैठकों में जब रेनू ने सुना कि दूध की गुणवत्ता के लिए उचित मूल्य, व्यवस्थित संग्रह और सीधा बैंक भुगतान मिलेगा, तो उन्हें आत्मनिर्भरता का नया रास्ता दिखाई दिया। रेनू बताती हैं कि मैंने सोचा, यह मेरे लिए सम्मानजनक आजीविका और बचत का जरिया हो सकता है। संस्था से जुड़ने से पहले रेनू के पास सिर्फ 2 गाय थीं, जिनसे 4 लीटर दूध प्रतिदिन मिलता था, जो घरेलू उपयोग में चला जाता था। 7 दिसंबर 2023 को संस्था की सदस्य बनने के बाद उन्हें गुणवत्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिला। इस सहायता से प्रेरित होकर उन्होंने 3 और गायें खरीदीं और अब उनके पास 5 गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन 25 लीटर दूध प्राप्त होता है। यह दूध वे दूध संकलन केंद्र (MPP) पर जमा करती हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और अब तक उन्होंने 4.50 लाख रुपये से अधिक का सालाना व्यवसाय कर रही हैं। औसत मासिक आय 44 हजार रुपये से अधिक है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में आती है, जिससे वे नियमित बचत कर रही हैं। रेनू बताती हैं कि योगी सरकार की योजनाओं ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी। वे अपने तीन बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ा रही हैं और परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद कर रही हैं। कहती हैं कि संस्था का सहयोग और समय पर भुगतान ने मुझे आत्मविश्वास दिया। अब मैं सिर्फ अपनी नहीं, अपने गाँव की महिलाओं की प्रेरणा बनना चाहती हूं। उनकी प्रेरणा से अब तक 69 महिलाएं संस्था से जुड़ चुकी हैं, जो उनके मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने रेनू जैसी हजारों महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है। सीएम योगी की दूरदर्शी नीतियों ने रेनू जैसे ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ आर्थिक स्वावलंबन का अवसर दिया है। आज वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के चेहरे के रूप में उभरी हैं, जो न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को सशक्त कर रही हैं। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जबकि आजीविका मिशन ने उन्हें आर्थिक आजादी प्रदान की। रेनू की मेहनत और सरकार के सहयोग ने उन्हें लखपति दीदी बना दिया, जो अब गाँव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।

UP में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, 30 सितंबर से शुरू होगा MLC वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण

लखनऊ  विधान परिषद में खंड स्नातक व शिक्षक की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्र मतदाता ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य 30 सितंबर से शुरू होगा। वहीं विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। योजना भवन में  आठ मंडलों के मंडलायुक्तों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि छह दिसंबर को 11 शिक्षक व स्नातक एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। स्नातक की पांच व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह सीटों पर चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने में सावधानी बरती जाए। अर्हता तिथि एक नवंबर निर्धारित की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अभ्यर्थी ने अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक किया हो। वहीं अर्हता तिथि से पहले राज्य के माध्यमिक स्तर के शेक्षिक संस्थानों में विगत छह वर्षों में तीन वर्ष से शिक्षण कार्य पूर्ण किया हो। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ व इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र शामिल है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, एवं गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 दिसंबर को होगा। वहीं आगामी विधान सभा चुनाव के लिए एआईआर की तैयारी शुरू करने के निर्देश सभी मंडलायुक्तों को दिए गए। एमएलसी क्षेत्रों का विस्तार मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी एवं ललितपुर जनपद तक होगा। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर एवं संभल जनपद तक। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी एवं अंबेडकर नगर जनपद शामिल है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी तथा इलाहाबाद-झांसी के लिए मंडलायुक्त झांसी एवं लखनऊ होंगे। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद के लिए मंडलायुक्त बरेली एवं गोरखपुर-फैजाबाद के लिए मंडलायुक्त गोरखपुर है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलित समस्त जनपदों के जिलाधिकारी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली समस्त विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी होंगे।

जम्बूरी बनेगा युवाओं की ऊर्जा का ‘महाकुम्भ’ : साहसिक, रोमांचकारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होंगे प्रतिभागी

हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियां होंगी शामिल लोक नृत्य, नाटक, गीत, ग्लोबल विलेज और जीवन रक्षा कौशल की दी जाएगी शिक्षा रोबोटिक्स, विज्ञान प्रदर्शनी और तकनीकी अनुभव प्राप्त करेंगे प्रतिभागी पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक प्रोजेक्ट्स और खेलकूद से अनुशासन व टीमवर्क की भावना होगी मजबूत  ग्लोबल विलेज में दिखेगी भारत और दुनिया की सांस्कृतिक विविधता लखनऊ,   राजधानी में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी सिर्फ एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा का महाकुंभ बनने जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को ऐसे अनुभव मिलेंगे, जो जीवनभर उनकी स्मृतियों में अंकित रहेंगे। स्काउटिंग की परंपरा के साथ यह शिविर युवाओं को साहस, अनुशासन, संस्कृति, विज्ञान और समाजसेवा से जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेजबानी में आयोजित होने जा रहा यह महा आयोजन युवा शक्ति के लिए अनुशासन का महापर्व बनने जा रहा है। साहसिक गतिविधियों से होगा रोमांच का संचार राजधानी के वृंदावन योजना में भारत स्काउट एंड गाइड्स की ओर से आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों का आयोजन होगा। इनसे युवाओं को आत्मविश्वास और साहस का नया अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी खुद को परखेंगे और अपने डर को चुनौती देंगे। बिखरेगी सांस्कृतिक रंगों की छटा नेशनल जम्बूरी में ग्लोबल विलेज, लोकनृत्य, नाटक और गीत-संगीत जैसे कार्यक्रम पूरे परिसर को सांस्कृतिक रंगों से भर देंगे। यहां न केवल भारत की विविधता झलकेगी, बल्कि दुनिया की बहुरंगी परंपराओं से भी युवाओं का परिचय होगा। यह आयोजन आपसी भाईचारे और वैश्विक संस्कृति का संगम बनेगा। शिक्षा और विज्ञान की प्रयोगशाला भी होगी इसके साथ ही फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा कौशल जैसी स्काउटिंग की मूल विधाएं युवाओं को व्यवहारिक जीवन जीने की कला सिखाएंगी। वहीं रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी उन्हें तकनीक और नवाचार की नई दुनिया से जोड़ेंगी। मिलेगा समाजसेवा का सबक नेशनल जम्बूरी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट्स युवाओं को दायित्वबोध और संवेदनशीलता सिखाएंगे। इन गतिविधियों से प्रतिभागी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर अग्रसर होंगे। युवाओं में बलवति होगी खेल और टीमवर्क की भावना साथ ही साथ खेलकूद और टीम गेम्स अनुशासन और टीमवर्क की भावना को मजबूत करेंगे। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता और जीवन प्रबंधन कौशल विकसित करने का माध्यम बनेगा। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी का अवसर मिला है। इस आयोजन के लिए लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है। यहां पर 23 से 29 नवंबर तक नेशनल जम्बूरी का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जबकि समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रस्तावित है।   29 सितंबर को होगा भूमि पूजन आयोजन स्थल पर बनने वाली अस्थायी टेंट सिटी का भूमि पूजन 29 सितंबर को होगा। इसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण शामिल होंगे। इसी परिसर में 35 हजार प्रतिभागियों के रहने और विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले टेंट सिटी की व्यवस्था की जाएगी। यह जम्बूरी न केवल युवाओं को जीवन मूल्यों से जोड़ने का मंच बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की मेजबानी क्षमता और विश्वस्तरीय आयोजन की तैयारी को भी प्रदर्शित करेगी।

ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को देखने मेदांता अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने राजभर की तबीयत के बारे में जानकारी ली. इस दौरान योगी के साथ मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे. मुलाकात के दौरान सुभासपा अध्यक्ष के दोनों बेटे अरुण राजभर और अरविंद राजभर भी मौजूद थे. इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का हालचाल जाना था. साथ में कैबिनेट मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम और दारा सिंह चौहान भी मौजूद थे. जानकारी के मुताबिक ओपी राजभर माइनर ब्रेन स्ट्रोक की वजह से अस्पताल में भर्ती है. 21 सितंबर को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी थी. जानकारी लगते ही डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद उन्हें राम मनोहर लोहिया में भर्ती कराया था. जिसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया.