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मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में दिखे अनोखे नजारे, सदस्यों का निराला अंदाज, सदस्यों ने दिखाए अजब-गजब रूप

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज 11 अगस्त से शुरू हो चुका है, ये सत्र 16 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से कई अहम विधायी मुद्दों पर चर्चा की तैयारी की गई है तो वहीं विपक्ष की ओर से भी सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी है। इस बार यूपी विधानसभा का सत्र बेहद खास होने जा रहा है, एक दिन सदन लगातार 24 घंटे तक चलेगा। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले दिन विधान भवन प्रांगण में सदस्य विभिन्न अंदाज में दिखे। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने पोस्टर के साथ विरोध जताना शुरु किया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनको देने उतरे। विपक्षी दल के सदस्यों ने किया हंगामा विधान भवन प्रांगण में सोमवार को समाजवादी पार्टी के साथ विपक्षी दल से सदस्यों ने हंगामा शुरु किया गया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनके विरोध में सामने आ गए। मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों में पोस्टर वार होने लगा। सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। निराले अंदाज में विधानसभा पहुंचे सदस्य समाजवादी पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य सोमवार को विधान भवन में विभिन्न रंग रूप में दिखे। कोई काले कपड़े पहने था तो कोई अलग स्टाइल के कपड़े धारण करके आया था। किसी ने तिरछी टोपी पहनी थी तो कोई अंगौछा धारण करके सरकार का विरोध कर रहा था। विधायक अतुल प्रधान का अलग अंदाज मेरठ की सरधना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सपा विधायक आज कांवड़ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। इस कांवड़ में एक तरफ लिखा था ‘हमें चाहिए पाठशाला’ और दूसरी तरफ था- ‘हमें नहीं चाहिए मधुशाला’। उत्तर प्रदेश में गांवों में बेसिक शिक्षा के स्कूल बच्चों की नींव हैं। स्कूल मर्जर पर उठाए सवाल अतुल प्रधान ने इस दौरान यूपी में स्कूल मर्जर को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने का नियम किसने बनाया है। 2019 में पहले बंद करने का काम किया। आखिर सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ता है। यहां गरीब-मजदूर छोटा-मोटा व्यापार करने व्यापार करने वालो के बच्चे पढ़ते हैं। A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल के लगे पोस्टर मानसून सत्र के पहले दिन पोस्टर वार देखने को मिला। सपा की पीडीए पाठशाला पर भाजपा हमलावर हुई। भाजपा एमएलसी व प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश ने भाजपा मुख्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाया। इसमें पीडीए पाठशाला में A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल पढ़ाने पर माफी मांगने को कहा। पोस्टर में लिखा सपा के पीडीए पाठशाला का काला सच।

यूपी विधानसभा में CM योगी का बयान: सपा की करतूतों से हर कोई वाकिफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार किया. सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा, "सपा और लोकतंत्र एक ही नदी के दो अलग-अलग छोर हैं. इन्हें लोकतंत्र पर भरोसा कब से हो गया? लोकतंत्र की बात करना इन्हें शोभा नहीं देता. संभल में इन्होंने क्या किया, ये सबको पता है. संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा की करतूतों से सब वाकिफ हैं. इन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया. अगर एनडीए सरकार विकास करना चाहती है, तो आपको (समाजवादी पार्टी) बुरा लग रहा है… हम पूरे प्रदेश के व्यापारियों को साथ लेकर काम कर रहे हैं." मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि सपा शासनकाल में व्यापारियों पर गुंडा टैक्स लगाया जाता था. इसी वजह से व्यापारी आपसे नाराज़ हैं और समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा बार-बार भुगतना पड़ रहा है. व्यापारियों के विकास के लिए कदम उठाने के बजाय इन्होंने (समाजवादी पार्टी ने) उनके रास्ते में रोड़े ही अटकाए हैं. समाजवादी पार्टी से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो सुरक्षा की बात करेगी और अच्छे विकास का समर्थन करेगी." वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने कहा था- "इस मानसून सत्र के दौरान बाढ़, जलभराव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. स्वास्थ्य, शिक्षा और इन सभी मुद्दों पर सरकार ने पिछले 8.5 वर्षों में जो कुछ भी किया है, उस पर भी चर्चा होगी. विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर 13-14 अगस्त को 24 घंटे की चर्चा होगी. चर्चा के बाद, हम सदन में एक विस्तृत कार्ययोजना की भी घोषणा करेंगे कि कैसे सरकार नीति आयोग के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की मदद से इस विजन डॉक्यूमेंट में आम जनता के साथ-साथ हर वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी और उस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना के साथ अपना विजन सदन के पटल पर रखेगी." सपा ने किया प्रदर्शन  वहीं, विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन किया. सपा विधायकों ने विधानसभा के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी की. उन्होंने बैनर-पोस्टर आदि के जरिए सरकार पर हमला बोला. इस बीच प्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर सतीश महाना ने 15 मिनट के लिए हाउस को स्थगित कर दिया.   दरअसल, सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने खुद गोरखपुर में व्यापारियों से मिलने के लिए पुलिस द्वारा रोके जाने का मुद्दा उठाया, इसके अलावा बहराइच और संभल में ना जाने को लेकर भी सीएम योगी के सामने सवाल रखा. इसके जवाब में सीएम योगी ने पूरी समाजवादी पार्टी को ही लपेट लिया और उसपर तीखा हमला बोला.  

फतेहपुर में मकबरे पर मंदिर विवाद, माहौल गरमाया, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन; मजारों में तोड़फोड़

फतेहपुर   मकबरा मंदिर विवाद सोमवार को गहरा गया है। मठ मंदिर संघर्ष समिति के बैनर तले भाजपा जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल और पूर्व विधायक विक्रम सिंह की अगुआई में भाजपाइयों ने डाक बंगले से मकबरा स्थल तक जुलूस निकाला। हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने 300 भक्तों की टुकड़ी लेकर मकबरा के अंदर प्रवेश कर आरती पूजन किया। इस दौरान हिंदू पक्ष के लोगों ने मकबरा के अंदर बनी दो मजारों को डंडा मार कर तोड़ दिया है। वर्तमान में डीएम−एसपी मौके पर हैं। एक तरफ से 2000 की संख्या में हिंदू पक्ष व दूसरी तरफ से लगभग डेढ़ हजार की संख्या में मुस्लिम पक्ष मकबरा के दाहिने और बाएं और जुटे हुए हैं। मुस्लिम पक्ष की ओर से पथराव भी किया गया है हालांकि इस पथराव में कोई हताहत नहीं हुआ है। प्रशासन ने यहां पर सुरक्षा के इंतजाम और बढ़ा दिए हैं। भाजपाइयों का तर्क है, कि वह मकबरे के अंदर पूजा−अर्चना करेंगे तभी वापस जाएंगे।  मकबरे की जगह था शिव मंदिर? यह पूरा विवाद शिव मंदिर और मकबरे को लेकर है. हिंदू संगठनों ने मकबरे के शिव और श्रीकृष्ण मंदिर होने का दावा किया है. मौके पर फिलहाल हिंदू संगठन के लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है. हिंदू संगठन के लोग मकबरे में पूजा-पाठ करने के लिए यहां जुटे हैं. प्रशासन इन लोगों को रोकने की कोशिश में लगा हुआ है, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से सफलता नहीं मिली है.  मकबरे में बनी मजार पर तोड़फोड़ सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने मंदिर बताया था और इसी दावे के बाद से विवाद की शुरुआत हो गई. उन्होंने इस मकबरे को एक हज़ार साल पुराना ठाकुर जी और शिवजी का मंदिर बताया था. मंदिर के स्वरूप को बदलकर मकबरा बनाने का आरोप लगाया गया है.  हिंदू संगठनों ने मकबरे में कमल का फूल और त्रिशूल के निशान को मंदिर होने का सबूत बताया है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मंदिर में पूजा करने दें क्योंकि यह  हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. उसे मकबरे में बदलकर आस्था को ठेस पहुंचाई गई है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू ऐसा बर्दाश्त नहीं करेंगे और वहां कुछ भी होता है तो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी. जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लिया है और फिलहाल मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद है. मकबरा परिसर में हिंदू संगठन के लोग घुस चुके हैं और वहां बनी मजार पर तोड़फोड़ की गई है. इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई है. मुस्लिम पक्ष की तरफ से पथराव मकबरा परिसर में बनी मजार को हिंदू संगठनों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है. मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर जमा हो चुके हैं और दूसरी तरफ से पथराव भी हुआ है. इसके बाद डीएम और पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और कानून व्यवस्था बनाने की कोशिश में जुटे हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के सचिव मोहम्मद नसीम ने कहा कि यह घटना बहुत निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अब्दुल समद मकबरा सदियों पुराना है, जो सरकारी दस्तावेज में भी 753 नंबर खतौनी में दर्ज है. नसीम ने कहा कि फतेहपुर का माहौल खराब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्या अब हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा, यह लोकतंत्र नहीं है राजतंत्र है. फतेहपुर के आबूनगर रेड़इया मोहल्ले में अतिप्राचीन इमारत में मंदिर-मकबरा को लेकर मंदिर-मठ कमेटी जहां सोमवार को यहां पूजा-अर्चना और साफ-सफाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अडिग थी तो वहीं दूसरे पक्ष से भी इंटरनेट मीडिया में इसे मकबरा बताया जा रहा है। तनातनी के इस माहौल में प्रशासन ने रविवार को विवादित स्थल पर बैरिकेड्स लगवा दी है और पुलिस का सख्त पहरा लगा दिया है, ताकि किसी भी तरह से माहौल खराब न हो। ‘विवादित स्थल के लिए जब तक कोई कोर्ट आर्डर या फिर पुरातत्व विभाग का पत्र नहीं आ जाता है तब तक उसे जिस स्थिति में उसी स्थिति में रखा जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से सारे बंदोबस्त किए गए हैं, ड्रोन कैमरे से हर गतिविधि पर नजर भी रखी जाएगी।’–तारकेश्वर राय, शहर कोतवाल दरअसल, फतेहपुर के सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मंदिर होने का किया दावा किया है. उन्होंने इसे लगभग एक हजार वर्ष पुराना बताया है. इस मकबरे में ठाकुर जी/शिव मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति और बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों ने 11 अगस्त को पूजा-पाठ करने का किया ऐलान किया था. उन्होंने मंदिर के स्वरूप को बदलकर इसे मकबरा बनाने का आरोप लगाया है. हिंदू संगठनों का कहना है कि मकबरे में कमल के फूल व त्रिशूल बने हैं, इससे पुष्टि होती है ये एक प्राचीन मंदिर था, जिसे बाद में मकबरे में बदल दिया गया.  बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने कहा कि प्रशासन को मामले की पूरी जानकारी है. दूसरे समुदाय ने मंदिर को मस्जिद के स्वरूप में करने का काम किया है. ये हमारी आस्था का केंद्र है, इसलिए हम लोग हर कीमत में मंदिर में पूजा-पाठ करेंगे. अवैध कब्जा सनातनी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. कुछ भी होगा वो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी.  उलेमा काउंसिल ने कही ये बात  वहीं, राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के मोहम्मद नसीम ने कहा कि फतेहपुर की घटना बहुत निंदनीय है. सैकड़ों साल पुराना हमारा मकबरा है. सरकारी दस्तावेज में 753 नंबर खतौनी में ये जमीन दर्ज है. लेकिन मठ संघर्ष समिति और कुछ संगठनों ने अब उसकी भी खुदाई का ऐलान कर दिया है. उसे ठाकुर जी का मंदिर कहकर तमाशा किया जा रहा है. जिले का माहौल खराब किया जा रहा है. मेरी प्रशासन और सरकार से अपील है कि क्या हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा. ये लोकतंत्र नहीं, राजतंत्र है. हम लोग इसको लेकर आंदोलन करेंगे.  उधर, नगर पालिका परिषद के जेई अविनाश पांडेय ने बीते दिन कहा था कि जिला अधिकारी के आदेश पर हम लोग यहां पर बैरिकेडिंग कर रहे हैं, ताकि कोई भी भीड़ या कोई भी आदमी इसको क्रॉस ना कर सके. बाकी प्रशासन को भी … Read more

नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ

सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर : योगी आदित्यनाथ  मानसून सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर सीएम योगी की दो टूक  सीएम ने कहा- समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शोषण और गुंडा टैक्स को नहीं भूले हैं व्यापारी  नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर विरासत कॉरिडोर से जुड़े एक-एक व्यापारी से हमने की है बात, सभी को मिलेगा मुआवजा : मुख्यमंत्री   केवल राजनीति करने गोरखपुर गये थे नेता प्रतिपक्ष, व्यापारियों ने सम्मानजनक ढंग से किया उनका विरोध : सीएम योगी   संभल में सपा सरकार में हुआ था नग्न तांडव, आज हो रहा उसका शुद्धिकरण : सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तीखा हमला बोला। सपा के कार्यकाल में व्यापारियों पर हुए अत्याचार और गुंडा टैक्स की याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा का लोकतंत्र में विश्वास केवल दिखावा है। उन्होंने संभल, बहराइच और गोरखपुर में सपा की नकारात्मक राजनीति पर भी सवाल उठाए। माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर गरजे योगी सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को एक वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके कंधे पर बंदूक रखकर गोली चला रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय जी, आप वरिष्ठ हैं। आपको अनावश्यक रूप से मोहरा बनाकर कुछ लोग आपके कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं। आपको ऐसा होने नहीं देना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के मुद्दे पर सपा की राजनीति को नकारात्मक और विकास विरोधी करार दिया। गोरखपुर विरासत कॉरिडोर पर सीएम ने सपा को घेरा सीएम योगी ने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर गोरखपुर के सबसे पुराने बाजार, घंटाघर और गीताप्रेस जैसे ऐतिहासिक स्थानों को जोड़ने का काम करेगा। सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से तीन दिन पहले गोरखपुर विरासत कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। वहां के एक-एक व्यापारी से बात की। यह गोरखपुर का सबसे पुराना बाजार है, जहां कंजेशन और अवैध कब्जे की समस्या थी। हमने सड़क निर्माण और कंजेशन दूर करने का काम शुरू किया है। सीएम योगी ने बताया कि उन्होंने व्यापारियों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। सरकार सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों के दौरान किसी का नुकसान न हो। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सपा के समय में मासूम बच्चे हर साल इन्सेफेलाइटिस से मरते थे। हर साल 700 से 1500 बच्चों की मौत इन्सेफलाइटिस से होती थी। नेता प्रतिपक्ष के विधानसभा क्षेत्र और सिद्धार्थनगर जनपद में सैकड़ों बच्चे मरते थे, लेकिन आपने कुछ नहीं किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास आपका एजेंडा कभी नहीं रहा। सपा के प्रति व्यापारियों में है जबरदस्त आक्रोश सीएम ने कहा कि गोरखपुर के व्यापारियों ने माता प्रसाद पांडेय के दौरे का विरोध किया था, क्योंकि सपा के कार्यकाल में व्यापारियों को भय और गुंडा टैक्स का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी व्यापारी सपा के कार्यकाल में हुए शोषण को नहीं भूले हैं। व्यापारी इसलिए आशंकित और आक्रोशित थे कि आप बिना बुलाए वहां गए और उनके विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की। सीएम योगी ने आगे कहा कि व्यापारियों ने आपका सम्मान पूर्वक विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा से सुरक्षा और विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती। संभल में सपा ने किया था नग्न तांडव सीएम योगी ने संभल में सपा सरकार के दौरान हुए 'नग्न तांडव' का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार वहां शुद्धिकरण अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सपा ने संभल में जो नकारात्मकता फैलाई, आज हम उसे सुधार रहे हैं। लेकिन सपा अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आती और विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश करती है। सपा पर विकास विरोधी होने का सीएम ने लगाया आरोप सीएम योगी ने सपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा हर जगह नकारात्मक राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार विकास कराना चाहती है, लेकिन सपा को यह बुरा लगता है। 

सदन में गर्मा-गर्मी: सीएम योगी का बयान बना चर्चा का विषय

लखनऊ यूपी विधानसभा का मानसून सत्र के सोमवार को शुरू होते ही सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे. विगत दिनों नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेये के गोरखपुर दौरे के दौरान उनके अपमान का मुद्दा बनाकर गुस्साए सपा विधायक नारेबाजी करने लगे. इस बीच माता प्रसाद पांडेय के आरोप पर सीएम योगी ने भी पलटवार किया. CM योगी ने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश के व्यापारियों में आपके (सपा) प्रति आक्रोश है. व्यापारी इसी बात को लेकर आशंकित थे कि उनके विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ है, व्यापारियों ने तो आपका सम्मान किया लेकिन यदि कोई और होता तो बहुत कायदे से जवाब देते. सपा से यह उम्मीद ही नहीं की जा सकती है कि वे सुरक्षा की बात करेगी और विकास का काम करेगी या लोकतंत्र की बात करेगी. विपक्ष को घेरते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर में विकास के लिए अतिक्रमण हटाकर सड़के बनाई जा रही हैं. समाजवादी पार्टी ने अपने समय में कोई कार्य विकास का नहीं किया है और कोई एजेंडा भी नहीं था. बाबजूद इसके भाजपा सरकार के विकास का भी विरोध कर रहे हैं. नेता विपक्ष गोरखपुर में राजनीति करने गए थे तब गोरखपुर के व्यापारियों ने आपका विरोध किया था. स्थानीय व्यापारियों में गुंडा टैक्स की वसूली को लेकर जो भय था यह उसका विरोध था, इसी का खामियाजा आपको भुगतना पड़ा.

कानपुर ढाबे में छिपकली मिलने से मचा हड़कंप, जांच के लिए आई टीम

कानपुर  कानपुर का एक ढाबा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के कारण सुर्खियों में है. वीडियो में दावा किया गया है कि यहां परोसी गई तंदूरी रोटी में एक छिपकली निकली. इस मामले की वैसे तो शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया और मौके पर जांच की, जहां ढेर सारी गंदगी और लापरवाही मिली. नतीजतन, ढाबे को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया. वीडियो में दिखी हैरान करने वाली तस्वीर वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ युवक ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे हैं. जब उनमें से एक युवक तंदूरी रोटी को तोड़ता है, तो उसमें से एक मरी हुई छिपकली दिखाई देती है. युवक यह रोटी तुरंत ढाबा मालिक को दिखाता है. वीडियो में मालिक यह कहते सुना जा सकता है, इस रोटी को बदल दो. युवक ने मौके पर उल्टी जैसा महसूस होने की बात भी कही. मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं दिलचस्प बात यह है कि वीडियो भले ही तेजी से फैल गया हो, लेकिन ढाबे पर खाना खाने पहुंचे किसी भी ग्राहक ने अभी तक पुलिस या खाद्य सुरक्षा विभाग में लिखित शिकायत नहीं दी. चौबेपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी उन्हें है, लेकिन शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराता है, तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी. खाद्य विभाग ने स्वत: संज्ञान लिया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना शिकायत के भी कार्रवाई का निर्णय लिया. कानपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, भले ही शिकायत नहीं आई, लेकिन वायरल वीडियो को देखते हुए हमारी टीम ने तुरंत ढाबे का निरीक्षण किया. मौके पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी. ढाबे की हालत बेहद गंदी मिली जांच के दौरान विभाग की दो सदस्यीय टीम राजेश यादव और अजीत सिंह ने ढाबे के रसोई क्षेत्र में भारी गंदगी पाई. बर्तनों और खाना बनाने की जगह पर स्वच्छता के मानक बिल्कुल भी पूरे नहीं किए जा रहे थे. तंदूरी पनीर और अन्य सब्जियों के नमूने मौके से लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ढाबे की रसोई में गंदगी के कारण खाना बनाने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. ढाबा मालिक को निर्देश दिया गया है कि जब तक सभी स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक ढाबा बंद रहेगा. पुलिस और विभाग में समन्वय हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन विभाग और पुलिस के बीच इस मामले पर समन्वय बना हुआ है. खाद्य विभाग की ओर से भी माना गया है कि वीडियो किस तारीख का है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. साथ ही, वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान भी नहीं हो सकी है. मालिक बोला रोटी बदल दाे  स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ढाबा सोनू बाजपेई का है. इस घटना पर ढाबा मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं आया है. हालांकि, वीडियो में उन्होंने रोटी बदलने की बात जरूर कही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उस समय स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई थी. सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं, बल्कि शहर की खाद्य स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं. कुछ लोगों ने विभाग की तत्परता की सराहना की, तो कुछ ने पूछा कि ऐसे ढाबों पर नियमित रूप से निगरानी क्यों नहीं होती. हो सकती है कार्रवाई  खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि रिपोर्ट में भोजन में किसी भी तरह की हानिकारक या अस्वच्छ सामग्री पाई जाती है, तो ढाबा मालिक पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

आज से यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र, सदन में nonstop 24 घंटे की बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो सिर्फ 4 दिनों तक चलेगा. इस बार का सत्र बेहद खास होगा क्योंकि एक दिन लगातार 24 घंटे तक विधानसभा की कार्यवाही चलेगी. इस दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र से पहले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया.विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने सभी नेताओं से संसदीय मर्यादा के भीतर रहकर अपने विचार रखने की अपील की. सीएम की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपनी तकनीकी नवाचारों के कारण अन्य राज्यों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली विधानसभा होगी जिसमें 'विजन डॉक्यूमेंट' पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दलों के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक साझा खाका होगा. विपक्ष ने दिया आश्वासन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है. अब तक सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की बात करते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य को दिशा देगी. विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.  कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'विजन डॉक्यूमेंट' पर लंबी और गंभीर चर्चा की मांग की, ताकि अधिक से अधिक सुझाव एकत्र किए जा सकें. इस सत्र में मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. विपक्ष स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकता है. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा होगी.

यूपी सरकार के रक्षाबंधन पर बस सेवा ने रचा इतिहास, 2 दिन में 50 लाख यात्रियों ने किया सफर

लखनऊ  यूपी में रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए शुरू की गई निशुल्क बस यात्रा योजना ने इस बार यात्री संख्या के नए कीर्तिमान बनाए हैं. तीन दिनों तक चलने वाली इस सुविधा को देखते हुए रात 12 बजे तक इसके 75 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बनाने की संभावना है. परिवहन निगम के अनुसार इसमें 70 प्रतिशत तक वह यात्री हो सकते हैं, जिन्हें सरकार की ओर से निशुल्क यात्रा का लाभ दिया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन के पर्व पर प्रदेश की माताओं और बहनों को बड़ी सौगात देते हुए 8 से 10 अगस्त तक परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया है. इसमें महिलाओं के साथ एक सहयात्री को भी यह सुविधा दी जा रही है.  3 दिनों में 75 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान यूपी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार सामान्य दिनों में निगम की बसों में प्रतिदिन 14-15 लाख यात्री सफर करते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर्व के शुरुआती दो दिनों में ही यह आंकड़ा 50 लाख से अधिक पहुंच गया. इनमें लगभग 70 प्रतिशत महिला यात्री थीं, जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी की ओर से दिए गए 66 घंटे के ‘सम्मान के तोहफे’ का लाभ लिया. एमडी सरवर ने बताया कि 8 अगस्त की सुबह 6 बजे से ही बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही.  पहले दिन यानी 8 अगस्त को 19.5 लाख से ज्यादा लोगों ने यात्रा की, जो सामान्य दिनों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक था. रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को तो यह संख्या 31.7 लाख के पार पहुंच गई, जो सामान्य दिनों की तुलना में 210 प्रतिशत से अधिक रही. तीसरे दिन 10 अगस्त को दोपहर 12.50 बजे तक ही 13 लाख यात्री सफर कर चुके थे और रात 12 बजे तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है. इस तरह तीन दिनों में 75 लाख से अधिक लोग बसों में यात्रा करेंगे, जो परिवहन निगम के इतिहास में अभूतपूर्व संख्या है. चलाई गईं अतिरिक्त बसें, तैनात रहे सभी कर्मचारी उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त मध्यरात्रि 12 बजे तक महिलाओं और बेटियों के लिए सभी श्रेणी की रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई. इस अवधि में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई गईं और समस्त अनुबंधित बसों को भी संचालन में लगाया गया. प्रमुख बस स्टेशनों- गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, लखनऊ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं इटावा- पर यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई.  उन्होंने यह भी बताया कि चालक-परिचालकों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू की गई है, जिसमें 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर ₹1200 का भुगतान और 6 दिनों तक लगातार कार्य करने पर अतिरिक्त ₹0.55 प्रति किलोमीटर दिया जाएगा. वहीं तकनीकी कर्मचारियों को भी प्रतिदिन उपस्थित रहने पर एकमुश्त ₹500 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है. संचालन व्यवस्था बेहतर बनाए रखने वाले कार्मिकों और पर्यवेक्षकों को भी ₹5000 प्रति स्टेशन के हिसाब से सम्मानित किया जाएगा.  बहनों ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद  इस सुविधा का लाभ पाने वाली प्रदेश की लाखों महिलाओं ने इस तोहफे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक यात्री सुविधा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है, जिससे न केवल रक्षाबंधन पर्व की खुशियां बढ़ी हैं, बल्कि करोड़ों महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक यात्रा का भरोसा भी मिला है.  विगत 8 वर्षों में 1.23 करोड़ बहनों को मिला मुफ्त सफर का लाभ 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुई रक्षाबंधन पर माताओं-बहनों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की योजना बीते आठ वर्षों में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गई है. इन 8 वर्षों में 1,23,30,194 महिलाओं को इसका लाभ मिला है, जिसके लिए सरकार ने ₹101.42 करोड़ का आर्थिक बोझ वहन किया. इन वर्षों में 2023 में सर्वाधिक 29 लाख से अधिक महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की.

योगी सरकार की अनोखी पहल: पोषण पाठशाला से बच्चों की सेहत में सुधार

  – सतत विकास के लक्ष्यों के तहत स्टंटिंग को कम करने के लिए योगी सरकार का संकल्प – पोषण पाठशाला के माध्यम से माता-पिता को जागरूक कर रही योगी सरकार – प्रदेश में स्टंटिंग के खिलाफ खास रणनीति पर काम कर रही प्रदेश सरकार – 75 जिलों में 9.80 लाख से अधिक माप, स्टंटिंग उन्मूलन की दिशा में बड़ी शुरुआत लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग (नाटापन) और कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार 'संभव अभियान 5.0' के माध्यम से 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत स्टंटिंग को कम करने का संकल्प लिया है। इस बार इस अभियान का केंद्र बिंदु स्टंटिंग के उन्मूलन को बनाया गया है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधक है। बीते जुलाई माह से शुरू हुए इस अभियान ने पिछले एक माह में राज्यव्यापी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। साथ ही, 'पोषण पाठशाला' कार्यक्रम ने विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) की थीम 'स्तनपान में निवेश, भविष्य में निवेश' को साकार करते हुए माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। स्टंटिंग के खिलाफ खास रणनीति पर काम कर रही योगी सरकार योगी सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों के तहत स्टंटिंग को कम करना है, जिसके लिए ठोस नीतियां बनाई जा रही हैं। पोषण पाठशाला के माध्यम से योगी सरकार माता-पिता और अन्य अभिभावकों को जागरुक कर रही है। बच्चों के जीवन के पहले 1000 दिनों में अपर्याप्त पोषण के कारण स्टेंटिंग की समस्या होती है। इसे कम करने के लिए योगी सरकार ने 'छह माह, सात बार' रणनीति अपनाई है। इसके तहत छह माह से कम आयु के शिशुओं की नियमित निगरानी, बीमारी प्रबंधन, और माताओं को स्तनपान सहायता प्रदान की जा रही है। पहले छह माह में केवल स्तनपान और बाद में संतुलित आहार बच्चों के विकास को मजबूत करता है। इस दिशा में, 75 जिलों के 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों में 0-5 वर्ष की आयु के अविकसित बच्चों की माप के लिए कुल 9.80 लाख से अधिक कार्य किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार एक साथ स्टंटिंग मापन अभियान चलाया गया इन केंद्रों में अविकसित बच्चों की निगरानी के लिए 7,500 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो सघन ग्रोथ मॉनिटरिंग और न्यूट्रिशन ट्रैकिंग सुनिश्चित कर रहे हैं। बीते 14-15 जुलाई को पूरे प्रदेश में पहली बार एक साथ स्टंटिंग मापन अभियान चलाया गया, जिसमें नोडल अधिकारियों ने बच्चों के एंथ्रोपोमेट्रिक माप (लंबाई, वजन) का सत्यापन किया। स्टंटिंग की वास्तविक स्थिति को समझने और डेटा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए राज्यव्यापी स्टंटिंग वैलिडेशन अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में सभी विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास सेवा के संयुक्त प्रयासों से चयनित गांवों में बच्चों की निगरानी की गई हैं। यह पहल समय रहते हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। बीते वर्षों में स्टंटिंग के आंकड़ों में सुधार दर्ज हुआ है। 'पोषण पाठशाला' के माध्यम से मिला प्रशिक्षण विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) के अवसर पर शुरू की गई 'पोषण पाठशाला' ने माताओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने माताओं को स्तनपान और पोषक आहार के बारे में प्रशिक्षित किया। बताया गया कि पहले 1000 दिन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं संतुलित पोषण से स्टंटिंग को रोका जा सकता है। सघन निगरानी से संभव हो रहा स्टंटिंग की स्थिति का आकलन प्रत्येक जनपद में ब्लॉक और जनपद स्तर के 100 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आंगनबाड़ी केंद्रों की सघन निगरानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहे हैं, जिसमें स्टंटिंग की स्थिति का आकलन किया जाता है। 'संभव अभियान 5.0' का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों में अतिगंभीर कुपोषण का चिन्हांकन, चिकित्सीय उपचार, और स्टंटिंग में कमी लाना है। इस अभियान ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के प्रवेश द्वार के नए गुंबद का किया लोकार्पण

– सीएम ने विधान भवन के नये सभा मंडप, सभा कक्ष संख्या-15 और अतिविशिष्ट जलपानगृह का किया उद्धाटन – सीएम योगी ने मानूसन सत्र से पहले की सर्वदलीय बैठक, बैठक में सभी दल के विधायक रहे मौजूद – बैठक में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, बसपा और कांग्रेस विधायक समेत कई लोग रहे उपस्थित लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले रविवार को विधान भवन के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण किया। इसके अलावा नवीनीकृत सभा कक्ष संख्या-15 और अतिविशिष्ट जलपान गृह भी का उद्धाटन किया। साथ ही उन्होंने मानसून सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधान सभा अध्यक्ष ने सतीश महाना ने रविवार को मानूसन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ पक्ष और विपक्ष के तमाम नेता उपस्थित थे। इस दौरान कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, मंत्री संजय निषाद, आेम प्रकाश राजभर, कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह, विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" आदि मौजूद रहे।