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मस्ती में दिखे RLD विधायक, वीडियो वायरल होते ही ट्रोल्स ने कहा– ‘मोदी जी को शुक्रिया बोलो’

शामली  उत्तर प्रदेश के जनपद शामली से RLD के सदर विधायक को प्रसन्न चौधरी का मस्ताना अंदाज इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ड्राइविंग सीट पर गाड़ी का स्टेयरिंग थाम कर उसे दौड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं और बारिश के मौसम में बॉलीवुड सॉन्ग पर मस्ती में झूमते हुए दिखाई दे रहे है। यह वीडियो उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शामली की जनता ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया और जनता बोली कि मोदी जी की बनाई हुई सड़क पर बारिश में मजा ले रहे हैं विधायक जी। मामला जनपद शामली का है, जहां पर सदर विधानसभा सीट से प्रसन्न चौधरी RLD से विधायक हैं और वह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय भी हैं। हाल ही में सदर विधायक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह गाड़ी का स्टेयरिंग थाम कर उसे दौड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं तो वहीं बाहर बारिश हो रही है। बारिश के सुहाने मौसम में विधायक जी बॉलीवुड सॉन्ग पर मस्ती में झूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक जी ने यह वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया है। जिसके बाद से ही शामली की जनता ने विधायक जी को ट्रोल करना शुरू कर दिया और तरह-तरह के कमेंट उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर आने लगे किसी ने उन्हें कमेंट में लिखा कि मोदी जी द्वारा बनाई गई सड़क पर मजा ले रहे हो विधायक जी। वहीं कुछ लोगों ने वीडियो में चल रहे सॉन्ग पर ही विधायक जी को घेर लिया और बोले कि विधायक जी देर करते नहीं देर हो जाती है।

रेल यात्रा में की ये छोटी सी गलती और पहुंच गए जेल, 1100 से ज्यादा यात्रियों पर हुई कार्रवाई

लखनऊ  रेलवे यात्रियों की सुविधाजनक यात्रा के लिए तमाम तरह के अभियान चला रही है। इसके तहत महिलाओं की सरक्षा का पूरा ध्यान भी रखा जा रहा है। महिला कोच में सवार पुरूषों को पकड़ कर जुर्माना वसूला गया। साथ ही पूर्व मध्य रेल द्वारा बिना पर्याप्त कारण अवैध रूप से चेन पुलिंग करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की गयी।  ऑपरेशन ‘समय पालन' के तहत 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम द्वारा पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों में बिना उचित कारण के चेन पुलिंग करने के आरोप में 612 यात्रियों को रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत गिरफ्तार किया गया। इसी तरह महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर ऑपरेशन ‘महिला सुरक्षा' के तहत महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों के खिलाफ भी 15 जून से 30 जून तक रेलवे सुरक्षा बल की टीम द्वारा पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों पर महिला कोच में यात्रा करने के आरोप में रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत 1176 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार किया गया। 

उत्तर प्रदेश में बजा पंचायत चुनाव का बिगुल, ऐसे बनेंगे वोटर, जानिए कब आएगी वोटर लिस्ट?

लखनऊ उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी है. 18 जुलाई 2025 से पंचायत चुनाव की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू होंगी. निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को होगा. इसके बाद मार्च 2026 में पंचायत चुनाव का महासंग्राम होगा. इस बीच चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. OSD राज्य निर्वाचन आयोग, IAS डॉ. अखिलेश मिश्रा ने इस संबंध में सभी ज़िलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है. वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य हो चुका है शुरू जून 2025 से वोटर लिस्ट में संशोधन का कार्य शुरू हो चुका है. जिसमें मृतकों के नाम हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम होगा. इसके साथ ही बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. यह चुनाव ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, और जिला पंचायत अध्यक्षों के चयन के लिए महत्वपूर्ण हैं नए परिसीमन के तहत यूपी में 512 ग्राम पंचायतें हुईं कम यूपी पंचायत चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल' के रूप में देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतों, 826 ब्लॉकों और 75 जिला पंचायतों में होने वाले ये चुनाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. हाल ही में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा किया है, जिसके तहत 512 ग्राम पंचायतें कम कर दी गई हैं, अब कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे. नए परिसीमन में प्रदेश के तीन जिलों में सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें कम हुई हैं, जो चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया हैं.   अगले साल यानी 2026 में यूपी पंचायत चुनाव होने हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। मतदाता पुनरीक्षण का कार्य 18 जुलाई से शुरू हो जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 15 जनवरी 2026 को जारी की जाएगी। मार्च-अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने अगले साल की पहली तिमाही में पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके पहले चरण में वोटर लिस्ट के व्यापक पुनरीक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। 18 जुलाई से इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। 14 अगस्त से बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर सर्वे करेंगे और अर्ह लोगों को वोटर बनाएंगे। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने  इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत के किसी हिस्से या पूरी ग्राम पंचायत के शहरी निकाय में शामिल होने की स्थिति में वहां की वोटर लिस्ट डिलीट करने से होगी। साथ ही BLO और पर्यवेक्षकों को इस अवधि में उनके कार्यक्षेत्र का आवंटन भी किया जाएगा। 1 जनवरी, 2026 को 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान छुट्टियों के दिन भी दफ्तर खुलेंगे। किसी भी स्थिति में अभियान की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आयोग की वेबसाइट https://sec.up.nic.in/OnlineVoters/ के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकेगा। BLO इन आवेदनों के आधार पर भी आवेदक के घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और उसके आधार पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज किया जाएगा। कब क्या होगा?     18 जुलाई-13 अगस्त : बीएलओ को कार्यक्षेत्र का आवंटन     14 अगस्त-29 सितंबर : घर-घर सर्वे, अर्ह वोटरों का नाम जोड़ना     14 अगस्त-22 सितंबर : ऑनलाइन आवेदन की अवधि     23 सितंबर-29 सितंबर : ऑनलाइन आवेदनों की घर जाकर जांच     30 सितंबर -24 नवंबर : वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी तैयार करना     25 नवंबर-04 दिसंबर : बूथों की नंबरिंग, मैपिंग     05 दिसंबर : वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी होगा     6-12 दिसंबर : दावे व आपत्तियां प्राप्त करना     13-19 दिसंबर : दावों व आपत्तियों का समाधान     15 जनवरी : फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन

लखनऊ में शुरू हुई कार्यशाला, CM योगी बोले– ‘पशुधन विकास से मिल सकती है पशुपालकों की समृद्धि’

लखनऊ  राजधानी लखनऊ में शनिवार को 'भारत में पशु नस्लों का विकास' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के हाल में किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य 'पशुधन में वृद्धि से पशुपालकों की समृद्धि' है। इस मौके पर योगी सरकार में पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बंघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन मौजूद रहे।  

सीएम योगी ने कहा- बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई, धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया है। छांगुर बाबा पर अलग-अलग वर्गों और जातियों के लोगों का अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर में सुनियोजित ढंग से धर्मांतरण की साजिश रची गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की है। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा– सीएम योगी सीएम योगी ने कहा, “बलरामपुर में धर्मांतरण की साजिश की गई। आरोपी ने धर्मांतरण के लिए अलग-अलग रेट तय किए थे। धर्मांतरण कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन लोगों का मकसद देश के सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप को बिगाड़ना है। सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि छांगुर बाबा ने हिंदू, ब्राह्मण, क्षत्रिय, सिख, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों के धर्मांतरण के लिए अलग-अलग दरें तय कर रखी थीं। इस काम के लिए विदेशों से बड़ी मात्रा में फंडिंग भी की जा रही थी। 100 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन और 40 बैंक अकाउंट  सीएम योगी ने आगे कहा कि “आप सोचिए, अब तक उसके 40 बैंक खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया है। वह लगातार इस धर्मांतरण अभियान को बढ़ावा दे रहा था। ये देश के स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश है।” सीएम योगी ने यह भी कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन ऐसे लोगों का उद्देश्य वही है – भारत की सामाजिक एकता और संस्कृति को नुकसान पहुंचाना। हालांकि, अब सरकार पूरी तरह सतर्क है और ऐसी किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी। सरकार की सख्त चेतावनी उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अवैध धर्मांतरण कराने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।  

सीएम योगी ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर संदेश यात्रा का शुभारंभ किया

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक के लिए निकली संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। सीएम योगी यात्रा में शामिल हुए और दिल्ली के लिए रवाना किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से निकली और सीएम आवास तक गई। सीएम योगी ने यात्रा का स्वागत पुष्पवर्षा के साथ किया। योगी अपने सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया। साथ ही शबद कीर्तन एवं कथा विचार के बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। गौरतलब हो कि यात्रा यूपी से दिल्ली जाएगी। लखनऊ के बाद यात्रा कानपुर, इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली के चांदनी चौक, शीशगंज स्थित गुरुद्वारा पहुंचेगी। सीएम योगी ने इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा की, औरंगजेब क्रूर शासक था, जिसने जबरन धर्म परिवर्तन की नीतियां अपनाईं। औरंगजेब ने भय, प्रलोभन और तरह-तरह के अत्याचार के जरिए गुरु तेग बहादुर जी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया। लेकिन गुरु तेग बहादुर जी ने उसका डटकर मुकाबला किया और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अपनी शहादत देकर आने वाली पीढ़ी को एक प्रेरणा दी। धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी भड़के और इसपर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम राष्ट्रविरोधी साजिशों का पर्दाफाश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी देश में धर्मांतरण की साजिशें चल रही हैं। बलरामपुर में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग हो रही थी। धर्मांतरण के लिए रेट तय किए गए थे। जांच में 100 करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। देश के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसे षड्यंत्रकारियों से सावधान रहने की जरूरत है और समाज को तोड़ने वाली ताकतों को नाकाम करें। सीएम योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने जिस बलिदान और त्याग की परंपरा की नींव रखी थी, उसे हमें आज भी जीवंत बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों के बीच फूट डालने के प्रयास कभी भी होते रहेंगे, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा और इन साजिशों को नाकाम करना होगा।

CBI कोर्ट का आदेश: इमरान मसूद को करना होगा सरेंडर, जारी हुआ गैर-जमानती वारंट

सहारनपुर उत्तर प्रदेश सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 2007 में हुए 40 लाख रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह वारंट तब जारी हुआ जब इमरान मसूद की डिस्चार्ज याचिका अदालत ने खारिज कर दी। यह मामला वर्ष 2007 का है, जब सहारनपुर नगर पालिका परिषद के ईओ (कार्यपालक अधिकारी) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि उस समय नगर पालिका के खाते से 40.12 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी, जिसमें इमरान मसूद की भूमिका सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद इसे सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई की जांच में मसूद पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई। कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद इमरान मसूद अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई 2025 तय की गई है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम से हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इमरान मसूद वर्तमान में एक सक्रिय और चर्चित राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं। सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि यदि आरोपी अगली तारीख पर भी उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इमरान मसूद की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐश्वर्य कुमार राय

छांगुर बाबा केस में बढ़ा विवाद, सामने आया मुस्लिम धर्म की बढ़ाई और हिंदू धर्म की आलोचना का दावा

बलरामपुर ATS ने छांगुर बाबा के करीबी नवीन रोहरा के सात बैंक खातों की जानकारी ED को शेयर की है. बलरामपुर से गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के चार करीबी पूर्वांचल के जिलों में अवैध धर्मांतरण कराते थे. जो त्रिशूल लगाकर मजार पर कव्वाली गाकर अवैध धर्मांतरण के कार्य को आगे बढ़ाते थे. इनके खिलाफ दो वर्ष पूर्व आजमगढ़ में अवैध धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था. इसी बीच एक और दावा किया गया है. बताया जाता है कि छांगुर गैंग धर्मांतरण के लिए हिंदू धर्म की बुराई करता था. जबकि अन्य की मुस्लिम धर्म की तारीफ करता था. छांगुर की करतूतों का खुलासा करते हुए एसटीएफ को चारों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले थे. इसके बाद एटीएस थाने में एसटीएफ द्वारा दर्ज कराई गई. एफआईआर में इन चारों को नामजद किया गया. आजमगढ़ के देवगांव थाने में 25 मई 2023 को अवैध धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज हुआ था. 2023 में भी पुलिस कर रही थी जांच मुकदमे में 18 लोग नामजद हुए थे, जिनमें छांगुर के करीबी बलरामपुर निवासी मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और गोंडा निवासी रमजान शामिल थे. इसके अलावा आजमगढ़ निवासी अवधेश सरोज उर्फ वकील, ऊषा देवी, पन्ना लाल गुप्ता, सिकंदर, हसीना, कुंदन बेनवंशी, आकाश सरोज, मऊ निवासी मोहम्मद जावेद, परवेज आलम, इरफान अहमद, साबिर अली, जावेद अहमद और जौनपुर निवासी फैयाज भी नामजद किए गए थे. इस प्रकरण की जांच के दौरान आजमगढ़ पुलिस छांगुर के अवैध धर्मांतरण रैकेट तक नहीं पहुंच सकी थी. बाद में जब छांगुर की जांच एसटीएफ ने शुरू की तो बलरामपुर के चारों युवकों का नाम भी सामने आया. नवंबर 2024 में छांगुर समेत नौ नामजद आरोपियों की सूची में मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और रमजान को भी शामिल किया गया. त्रिशूल लगाकर, कव्वाली कराकर कराते थे धर्मांतरण आजमगढ़ के देवगांव क्षेत्र के ग्राम चिरकिहिट में पुलिस को अवैध धर्मांतरण की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां कई गाड़ियों से आए लोग मजारनुमा जगह पर त्रिशूल लगाकर, उस पर फूल-माला चढ़ाकर कव्वाली गा रहे थे और तकरीरें पढ़ रहे थे. वे मुस्लिम धर्म की तारीफ और हिंदू धर्म की मान्यताओं को पाखंड और झूठ बता रहे थे. जांच में पता चला कि वहां प्रलोभन देकर हिंदुओं का मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण कराया जा रहा था. पुलिस ने सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन विवेचना के दौरान अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर तक नहीं पहुंच सकी. जिसके बाद अब गिरफ्तारी हुई है. गैंग के 30 से 40 लोग अब भी फरार छांगुर बाबा मामले में आजतक ने बड़ा खुलासा किया है. पीड़िता का दावा कि छागुर बाबा के अलावा 30-40 लोग अब भी बाहर, जो पुलिस की गिरफ्त से दूर रहकर धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहे हैं. बरेली और आजमगढ़ में धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क फैला है. जिसमें कई डॉक्टर और रसूखदार लोग शामिल हैं. बरेली में कई ऐसे डॉक्टर भी इस गैंग में शामिल हैं, जो हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर खतना जैसे खतरनाक करते थे. पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित महिलाओं की मदद नहीं कर रही, महिलाएं खुद को बचाने में असहाय हैं.

सीएम योगी करेंगे पांच बहुमंजिला भवनों का लोकार्पण—KGMU में स्वास्थ्य संरचना को और मिलेगा बल

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर रोगियों को सुविधाओं की साैगात देंगे। इसके तहत दो भवनों का लोकार्पण और तीन का शिलान्यास होना है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि सोमवार को शाम 4.00 बजे मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और शिलान्यास के लिए समय दिया है। इसके तहत कार्डियोलाॅजी भवन और ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही जनरल सर्जरी के नए भवन, नए प्रशासनिक भवन और ट्रामा-2 का शिलान्यास किया जाएगा। 300 बेड का होगा जनरल सर्जरी विस्तार भवन केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग का नया भवन बनाया जाना है। 9.62 एकड़ में 37,128.76 वर्ग मीटर में बनने वाले इस विस्तार भवन के निर्माण में करीब 315 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इस भवन में कार पार्किंग के लिए दो मंजिला अंडर ग्राउंड बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर समेत कुल 11 मंजिला भवन बनाया जाएगा। नए भवन में कुल 300 बेड की क्षमता होगी। 12 ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें एक एडवांस रोबोटिक सर्जरी की ओटी, 11 माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें छह ओटी लैप्रोस्कोप सिस्टम से लैस होंगी। भवन में ऑडिटोरियम समेत अन्य सुविधाएं होंगी। दोगुनी हो जाएगी कार्डियोलाॅजी भवन की क्षमता केजीएमयू के लारी कार्डियोलाॅजी विभाग में छह महीने से नया भवन बनकर तैयार है। इसकी शुरुआत होने पर दिल के रोगियों का इलाज करने की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी। यहां आईसीयू के बेड की क्षमता 84 से बढ़कर 180 हो जाएगी। इस 10 मंजिला भवन के छह मंजिलों पर मरीजों को भर्ती, इलाज की सुविधा मिलेगी। प्रशासनिक भवन भी होंगे। नीचे की चार मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा रहेगी। इसकी शुरुआत होने पर कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में मचने वाला घमासान कम हो जाएगा। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में होगे 340 बेड केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में हड्डी रोग के तीन विभाग आर्थोपेडिक सर्जरी, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक शिफ्ट किए जाएंगे। नए भवन में 340 बेड पर मरीज भर्ती करने की क्षमता है। ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भवन में सभी जांचों की सुविधा एक ही भवन में मिल जाएगी। यहां एमआरआई, खून की जांच, सीटी स्कैन और एक्सरे जांच की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। यहां 24 प्राइवेट रूम, 24 आईसीयू, 340 बेड, आठ ओटी, आठ ओपीडी रूम, एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, खून की जांच, हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड की सस्ती दर की दुकान, डॉक्टरों के कमरे, बेसमेंट में पार्किंग, कैंटीन की सुविधा मिलेगी।   ट्राॅमा-2 के निर्माण से मिलेगी गंभीर मरीजों को राहत केजीएमयू में ट्रॉमा सेंटर फेज-2 का निर्माण होने पर गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इस पर करीब 296 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। नए भवन में पांच सौ बेड पर भर्ती की सुविधा मिलेगी। ट्रॉमा सेंटर फेज-2 के नए भवन में सड़क दुर्घटना वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जबकि पुराना भवन गंभीर रोगियों के लिए आरक्षित रहेगा। इस समय ट्रॉमा सेंटर में घायल और अन्य प्रकार के रोगी एक ही साथ भर्ती किए जा रहे हैं। वर्तमान ट्राॅमा सेंटर की क्षमता 466 बेड की है। लखनऊ ही नहीं, यहां पूरे प्रदेश से गंभीर मरीज लाए जाते हैं। क्षमता के मुकाबले ज्यादा मरीज आने से रोजाना 30 से 40 मरीज वापस किए जाते हैं। इसको देखते हुए नया भवन बनाया जा रहा है। नया प्रशासनिक भवन केजीएमयू में माैजूदा कुलसचिव कार्यालय के बगल में नया प्रशासनिक भवन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसकाशिलान्यास करेंगे। इससे यहां कामकाज में आसानी होगी।  

सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट में जालौन जिला फिर पहले स्थान पर आया

लखनऊ  सीएम डैशबोर्ड रिपोर्ट में जालौन जिला फिर पहले स्थान पर आया। टॉप फाइव जिलों में शाहजहांपुर, अंबेडकरनगर, महाराजगंज और श्रावस्ती ने जगह बनाई।    उत्तर प्रदेश में सीएम डैशबोर्ड की जून की रिपोर्ट में जालौन ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं शीर्ष पांच जिलों में शाहजहांपुर, अंबेडकरनगर, महाराजगंज और श्रावस्ती को स्थान मिला है। जालौन लगातार छह महीने से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर पहले स्थान पर बना हुआ है।  सीएम डैशबोर्ड से जनसुनवाई, कानून व्यवस्था, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की निगरानी की जाती है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिलती है। हर महीने जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट जारी की जाती है। डैशबोर्ड द्वारा सभी जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है।    पांच जिलों ने प्रशासनिक कसौटियों पर खुद को साबित किया सीएम डैशबोर्ड की जून की रिपोर्ट के अनुसार एक बार फिर जालौन ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों, और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। शीर्ष पांच जिलों ने प्रशासनिक कसौटियों पर खुद को साबित किया है।