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मुख्तार अंसारी का बेटा कानून के शिकंजे में, उमर अंसारी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर गाजीपुर पुलिस ने  पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. उमर को लखनऊ के दारुलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया गया. पुलिस टीम उन्हें गाज़ीपुर ले गई है. उमर अंसारी के खिलाफ गाज़ीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में गाजीपुर पुलिस को एक गंभीर अनियमितता की जानकारी मिली, जिसके अनुसार उमर अंसारी ने यूपी गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत जब्त संपत्ति को छुड़वाने के लिए अदालत में एक याचिका दायर की थी. ये संपत्ति उनके पिता और गैंगस्टर एक्ट के तहत मृत घोषित पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी से संबंधित थी. याचिका के साथ जो दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किया गया, उसमें उमर अंसारी ने अपनी मां अफशा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज प्रस्तुत किया. जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि हस्ताक्षर वास्तव में अफशा अंसारी के नहीं थे. इसके बाद गाज़ीपुर पुलिस ने उमर अंसारी पर जानबूझकर फर्जी दस्तावेज बनाने और न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया. उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर उनके भाई अब्बास अंसारी ने एक एक्स पोस्ट में बताया, "रात्रि 10:40 पर हमारे छोटे भाई उमर अंसारी को दारुल शिफ़ा स्थित आवास से कुछ पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गये हैं." रणनीति के तहत उमर अंसारी ने बनाए फर्जी दस्तावेज! गाजीपुर पुलिस के अनुसार, उमर अंसारी ने ये कार्य "सोची-समझी रणनीति" के तहत अवैध लाभ उठाने की नीयत से किया था. इस पूरे मामले में उमर अंसारी के साथ-साथ वकील लियाकत अली को भी नामजद किया गया है. पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस पुलिस ने बताया कि इस मामले में अपराध संख्या 245/2025 दर्ज की गई है, जिसमें धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS के तहत कार्रवाई की जा रही है. उमर अंसारी को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. गाजीपुर पुलिस ने कहा है कि इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी. यह गिरफ्तारी कई राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है.  

योगी सरकार की सख्ती जारी, दालमंडी के अतिक्रमण चिन्हित; कार्रवाई की तैयारी

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया हैं. इसमें सबसे प्रमुख  वाराणसी के चर्चित दाल मंडी बाजार को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के बाद सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू किया जाए. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर भी पैनी नजर रखने के साथ-साथ सख़्ती से निपटने का आदेश दिया है. बारिश के बाद शुरू होगा दालमंडी का चौड़ीकरण कार्य वाराणसी के सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि अराजकता फैलाने वाले और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा वाराणसी के सबसे बड़े थोक मार्केट दालमंडी पर होने वाले चौड़ीकरण कार्य को लेकर सीएम योगी ने दिशा निर्देश देते हुए कहा है कि – दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बारिश के बाद तत्काल शुरू किया जाए. दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काफी सुर्खियों में रहा है. दरअसल यहां पर सैकड़ो ऐसे दुकान मकान और धार्मिक स्थल हैं जो इस अभियान के जद में आ सकते हैं.  माहौल बिगड़ता वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए – सीएम योगी अधिकारियों संग बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए और उनसे पूरी तरह सख्ती से निपटा जाए. जातिगत विषय आधारित मुद्दों पर अराजकता फैलाने वाले, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कठोर कार्रवाई के लिए सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया है. इसके अलावा विकास परियोजनाओं को लेकर भी स्पष्ट किया कि 24 बड़ी परियोजनाएं गतिमान है जिनकी कीमत लगभग 15000 करोड रुपए है. वाराणसी के सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देश दिया है.  

रायबरेली में भीषण हादसा: बस-डंपर टक्कर , एक मौत, कई घायल

रायबरेली जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है. प्रयागराज से लखनऊ जा रही एक रोडवेज बस सड़क किनारे खड़े डम्पर से जा टकराई. हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं घटना में 6 से अधिक लोग घायल हुए हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है. बता दें कि हादसा मिल एरिया थाना क्षेत्र के रतापुर चौराहे के पास हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के इलाके में तेज धमाके जैसी आवाज गूंजी, जिसके बाद स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े. हादसे में बस के ड्राइवर, 54 वर्षीय अंजनी कुमार शुक्ला की मौके पर ही मौत हो गई. बस में सवार लगभग आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त बस के पास पहुंचकर रेसक्यू ऑपरेशन शुरू किया. घायल यात्रियों और ड्राइवर को तुरंत निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया. जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ड्राइवर अंजनी कुमार शुक्ला को मृत घोषित कर दिया. घायल यात्रियों की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के लिए रेफर कर दिया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है. पुलिस ने मृतक की लाश का पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया है.

योगी आदित्यनाथ का हमला: 2017 से पहले नौकरियां बिकती थीं, मेरिट का नहीं था मूल्य

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में होने वाली भर्तियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हावी था। उस दौरान पैसों का लेन-देन, बोली और भेदभाव ने नौजवानों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 1,494 सहायक परिचालकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम ने चयनित कई अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र वितरित किए।  उन्होंने कहा कि 2017 के पहले दंगे, अराजकता, गुंडागर्दी और आतंकी घटनाएं बढ़ गयीं और जनता में असुरक्षा का माहौल बन गया। कभी अयोध्या, काशी और लखनऊ की कचहरी में हमले होते थे तो कभी आतंकी हमले। इस दौरान सीआरपीएफ कैंप रामपुर को भी निशाना बनाया गया। वहीं वर्ष 2017 में डबल इंजन की सरकार बनने पर सबसे पहले भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती बोर्ड का सुदृढ़ीकरण किया गया। इसी का परिणाम है कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक पुलिस की भर्ती और सरकारी नौकरी देने वाले राज्यों में पहले स्थान पर है। अब तक हमारी सरकार साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर चुकी है, जो पूरे देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में जो ऐतिहासिक बदलाव आए हैं, वे सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं हैं, बल्कि एक नई पहचान, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बन चुके हैं। वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस में 2 लाख 17 हजार 500 से अधिक कार्मिकों की निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की जा चुकी है, जो देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनी, तो सबसे पहले भर्ती बोर्ड को मजबूत करने का काम किया गया। यह तय किया गया कि यदि किसी ने नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ किया तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। आज पूरे देश में उत्तर प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया नजीर बन गयी है। सीएम ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आने के बाद निवेश भी बढ़ा, जिससे करीब 2 करोड़ युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के अवसर मिले। वही नहीं, आउटसोर्सिंग, टेक्नोलॉजी और नीति-निर्माण के सहयोग से उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2017-18 में पहली भर्ती हुई तो ट्रेनिंग क्षमता बेहद सीमित थी, लेकिन अब राज्य में 60,244 पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था उत्तर प्रदेश पुलिस के ही ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स में की जा रही है। पहले जहां सिर्फ 3,000 कार्मिकों की ट्रेनिंग हो पाती थी, आज वही संख्या 60 हजार के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी जिले में सबसे ऊंचा और बेहतर भवन पुलिस का बैरक होता है। प्रदेश के 10 जिलों में जहां पहले पुलिस लाइन नहीं थी, वहां नए पुलिस लाइन और मुख्यालय बनाए गए हैं।  वर्ष 1971-72 से लंबित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को डबल इंजन की सरकार ने लागू किया। अब तक 7 नए पुलिस कमिश्नरेट बनाए गए हैं, जिससे पुलिसिंग में आधुनिकता और जवाबदेही दोनों बढ़ी है। योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस एक मॉडल फोर्स बन चुकी है, जो दंगा मुक्त, अराजकता मुक्त और सुरक्षित प्रदेश की पहचान बन रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण महाकुंभ जैसे आयोजन में देखने को मिला, जहां पुलिस के समर्पण और व्यवहार ने इसे सफल बनाया। उन्होंने पुलिस बल को याद दिलाया कि जनता की नजर सिर्फ उनके कार्य नहीं, बल्कि उनके व्यवहार पर भी होती है।  वहीं पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल में 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है। इसी के तहत टेलीकॉम विभाग में चयनित 1,494 अभ्यर्थियों में करीब 300 बेटियों का चयन हुआ है। वहीं आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री याेगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में अग्निवीर को 20 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का निर्णय किया गया है। इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवा पुलिस बल का हिस्सा बन सकेंगे। सीएम ने महाकुंभ में दूरसंचार विभाग के उत्कृष्ट कार्यों का प्रशंसा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था किसी भी पुलिस फोर्स की रीढ़ होती है। 25 करोड़ की आबादी वाला प्रदेश में कम्युनिकेशन और टेलीकॉम पुलिस की जिम्मेदारी कहीं कम नहीं होती। उन्होंने कुंभ के दौरान टेलीकॉम पुलिस के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की और टेक्नोलॉजी को पुलिसिंग का अनिवार्य अंग बताया।

यूपी में ड्रोन पर कड़ा पहरा: प्रमुख सचिव और डीजीपी को कमान, NSA और गैंगस्टर एक्ट से होगी सख्ती

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ड्रोन के जरिये दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम योगी के कार्यालय ने दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (NSA)भी लगाया जाएगा। कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि बिना अनुमति के ड्रोन चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव और डीजीपी को हर जिले में ड्रोन संचालन की समीक्षा करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

वाराणसी में बाढ़ का खतरा गहराया: अस्सी घाट पर सड़क तक पानी, मंदिर की सीढ़ियाँ डूबीं

वाराणसी काशी में गंगा खतरे के निशान 71.26 को पार गई है। शनिवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.31 मीटर पहुंच गया। 84 घाटों को डुबोने के बाद अब गंगा शहर में प्रवेश कर चुकी हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से गंगा 14 सीढ़ी नीचे हैं। दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां बची हैं। शीतला घाट पर मंदिर पूरी तरह से पानी में समाहित हो चुका है और सिंधिया घाट पर रत्नेश्वर महादेव के मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। नमो घाट पर बने स्क्ल्पचर भी डूब गए हैं। लोग घरों में फंसे हैं। अस्सी घाट पर गंगा का पानी सड़क पर बह रहा है। जगन्नाथ मंदिर के गेट के पास पहुंच गया है।   काशी में गंगा खतरे के निशान 71.26 को पार गई है। शनिवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.31 मीटर पहुंच गया। 84 घाटों को डुबोने के बाद अब गंगा शहर में प्रवेश कर चुकी हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से गंगा 14 सीढ़ी नीचे हैं। दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां बची हैं। शीतला घाट पर मंदिर पूरी तरह से पानी में समाहित हो चुका है और सिंधिया घाट पर रत्नेश्वर महादेव के मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। नमो घाट पर बने स्क्ल्पचर भी डूब गए हैं। लोग घरों में फंसे हैं। अस्सी घाट पर गंगा का पानी सड़क पर बह रहा है। जगन्नाथ मंदिर के गेट के पास पहुंच गया है। इन इलाकों में बाढ़ पीड़ितों के लिए नक्खीघाट स्थित चित्रकूट कॉन्वेंट इंटर कॉलेज और दनियालपुर के नवोदय पब्लिक स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है। शिविरों में 147 शरणार्थी शनिवार तक शरण ले चुके थे। नक्खीघाट निवासी अनु देवी, जमाल अंसारी, सिमरन, हबीबा बीवी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर पास होने के बावजूद शिविर नहीं बना, जबकि राहत केंद्र उनके घरों से दूर हैं। लोग ऊंचे स्थानों पर निजी रूप से शरण लेने को विवश हैं।

प्रदेश को मिले नए रक्षक: पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए योगी ने की बड़ी घोषणा

लखनऊ राजधानी लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 1494 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में हो रहा है। कार्यक्रम में सीएम के साथ कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना समेत अन्य लोग मौजूद रहे। इससे पहले डीजीपी राजीव कृष्णा ने सीएम को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया। बताते चलें कि 60244 सिपाहियों की भर्ती के बाद उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रक्रिया के तहत दूरसंचार विंग में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराया था। इसके आधार पर ही सहायक परिचालकों और कर्मशाला कर्मचारियों का चयन किया गया है। जिन लोगों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, उनमें 1314 सहायक परिचालक और 120 कर्मशाला कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस को बेहतर आवासीय सुविधा दी जा रही है- सीएम योगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अभी और 30 हजार भर्ती के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके काम चल रहा है। हमने प्रदेश में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता बढ़ाई है। पहले मिलिट्री और अर्ध सैनिक बलों के ट्रेनिंग सेंटर लेने पड़ते थे। आज 60244 पुलिस के सिपाही अपने ही सेंटर पर ट्रेनिंग कर रहे हैं। किसी के ट्रेनिंग सेंटर को हायर नहीं किया गया। पुलिस को बेहतर आवासीय सुविधा दी जा रही है। कई जिलो में पुलिस लाइन नहीं थी। हम लोगों ने पुलिस लाइन बनाई। 1970-71 से यूपी में पुलिस कमिश्नरी बनाने की मांग की जा रही थी। इस पर भी हमने निर्णय लिया। आज सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था चल रही है।   पुलिस को आम नागरिक के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा सीएम ने आगे कहा आज यूपी पुलिस देशभर में उदाहरण बनी हुई है। हर भारतवासी आज स्वीकार करता है कि यूपी में कानून व्यवस्था सही हुई है। महाकुंभ जैसे आयोजन में यूपी पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और उसके व्यवहार से इतना भव्य आयोजन सफल हुआ। आज हम उस दौर में आ चुके हैं, जब देश स्वतंत्र है। पुलिस को आम नागरिक के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा। प्रदेश की आधी आबादी को किनारे करके हम विकास नहीं कर सकते, इसीलिए यूपी पुलिस में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने का सपना देखा था। आज वह भी सफल हुआ है। नवचयनित कर्मियों को सीएम ने दी ये नसीहत सीएम ने आगे कहा कि यूपी पुलिस में 20 फीसदी अग्निवीरों को भर्ती करेंगे। हमें ट्रेंड नौजवान मिलेंगे। जिस ट्रेड में वह जाना चाहेंगे, उसी ट्रेड में उन्हें भर्ती किया जाएगा। जिन लोगों को आज नियुक्ति पत्र मिला है उनको नसीहत देते हुए सीएम ने कहा कि आपका फार्म लेने से लेकर आज नियुक्ति पत्र मिलने तक सरकार ने आपको पारदर्शी तरीके से भर्ती किया गया है। आपको एक पैसा भी नहीं देना पड़ा है। सरकार को भी आपसे यही उम्मीद है कि आप अपने काम में पूरी ईमानदारी बरतें।  

राम मंदिर को उड़ाने की धमकी से हड़कंप, संदिग्ध मैसेज से मचा हंगामा

अयोध्या/बीड महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है जहां अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी बीड के शिरूर कसार इलाके के एक युवक को सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम पर मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को पाकिस्तान के कराची का निवासी बताया है और इस साजिश में शामिल होने के लिए एक लाख रुपये देने की पेशकश की है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ विवाद, फिर मिली धमकी शिरूर पुलिस के अनुसार यह घटना तब हुई जब युवक इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देख रहा था। इसी दौरान एक पाकिस्तानी अकाउंट से कमेंट में विवाद शुरू हुआ। बातचीत आगे बढ़ी तो संदिग्ध ने युवक से कहा कि वह अयोध्या के श्रीराम मंदिर को आरडीएक्स से उड़ाना चाहता है और इस काम के लिए उसे 50 लोगों की जरूरत है। धमकी देने वाले ने कहा कि जो भी इस काम में मदद करेगा उसे एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। उसने युवक को यह भी कहा कि अगर वह खुद यह काम नहीं कर सकता तो किसी और का नंबर दे सकता है। धमकी भरा ऑडियो भी आया सामने इस मामले में एक धमकी भरा ऑडियो क्लिप भी सामने आया है जिसमें संदिग्ध कहता है, 'सोच के बताओ, हमारे साथ दो, मुंह खोल तुझे अमाउंट चाहिए। हमें अयोध्या का मंदिर आरडीएक्स से उड़ाना है। पचास बंदे चाहिए। आरडीएक्स पहुंच जाएगा। एक-एक लाख मिल जाएंगे बंदे को काम करने का। अगर तू नहीं कर सकता तो किसी का नंबर दे सकता है…'। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क शिरूर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर प्रवीण जाधव ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की साइबर सेल सहित अन्य एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ने खुद को कराची का निवासी बताया है लेकिन वह सच में पाकिस्तान का नागरिक है या नहीं इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और सुरक्षा को देखते हुए इस धमकी को बेहद गंभीर माना जा रहा है। पुलिस ने धमकी भरे इंस्टाग्राम अकाउंट और ऑडियो क्लिप की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।  

उत्तर प्रदेश हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, परिवार में कोहराम, सीएम योगी ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में भीषण हादसा हो गया। यहां एक बोलेरो अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, एक लापता है। जबकि, तीन लोगों को बचा लिया गया है। मरने वालों में नौ लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसा इटियाथोक के बेलवा बहुता नहर पुल पर हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग पृथ्वीनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। ये लोग मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव के रहने वाले थे। गाड़ी में 15 लोग सवार थे। पानी में डूबने से 11 की मौत हो गई। जबकि, एक लापता है। सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. एक्स पर शेयर एक पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा, 'जनपद गोंडा में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. इस दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.' बारिश बनी काल बताया जा रहा है कि हादसे के समय हल्की बारिश हो रही थी। नहर के किनारे की सड़क फिसलन भरी थी और बेहद संकरी भी। बोलेरो को साइड से गुजारने की कोशिश के दौरान अचानक वाहन फिसलकर नहर में पलट गया। वाहन पानी में पूरी तरह डूब गया। इससे सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। चश्मदीदों ने बताया भयावह मंजर स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 6.00 बजे एक जोर की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि बोलेरो नहर में समा चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। बाद में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला।   मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ की टीम, पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों ने शवों की तलाश शुरू की। अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है, जबकि तीन लोग किसी तरह बाहर निकलकर बच गए। मृतकों की पहचान के प्रयास जारी घटना में मृत श्रद्धालुओं की शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। गांव में पसरा मातम सीहागांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। एक ही गांव के 11 लोगों की मौत से हर आंख नम है। परिवारों में चीख-पुकार मची है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के घरों में रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह उमड़ रही है। डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। राहत व बचाव कार्य जारी है। मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। लापता व्यक्ति की खोज के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय टीम लगातार प्रयास कर रही है। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। हादसे की जांच कराई जा रही है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के कारणों की सही जानकारी मिल सके।  

अखिलेश यादव का बीजेपी पर वार – ‘शिक्षा से दुश्मनी कर रही है सरकार’

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव स्कूलों के मर्जर को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है. अखिलेश यादव ने शुक्रवार को करारा हमला बोला था. अखिलेश यादव ने कहा था कि शिक्षा का अधिकार अखंड होता है और रहेगा. प्राइमरी स्कूलों को बंद करने जा रही भाजपा सरकार का नया फरमान उसकी शिक्षा विरोधी नीति की नैतिक हार है. यह पीडीए पाठशाला आंदोलन की महाजीत है. अब अखिलेश ने एक बार फिर से भाजपा पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा है कि ‘उत्तर प्रदेश की जनता समझ गई है कि स्कूल बंद करना दरअसल पीडीए समाज के खिलाफ भाजपा की एक बहुत बड़ी साजिश है. जिससे एकतरफ पीडीए समाज के लोग पढ़ न पाएं और मानसिक रूप से भाजपा का विरोध न कर पाएं, दूसरी तरफ इन स्कूलों में बनने वाले बूथ न बन पाएं. जिससे पीडीए समाज वोट न डाल सके. भाजपा का ये सामाजिक-मानसिक और राजनीतिक षड्यंत्र हम कभी सफल नहीं होने देंगे. भाजपा जाए तो शिक्षा आए.’ बता दें कि अखिलेश यादव पहले भी कह चुके हैं कि भाजपा चाहती है कि गरीब, पिछड़े, दलित शिक्षा से दूर रहें. अगर वे पढ़ लिख जाएंगे तो भाजपा की गलत नीतियों का विरोध करेंगे और सवाल पूछेंगे. भाजपा सवालों से डरती है. लोगों को शिक्षित करने के बजाय उन्हें अशिक्षित बनाए रखना चाहती है.