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56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी

अयोध्या दीपोत्सव 2025 जय श्रीराम के उद्घोष के साथ राम की पैड़ी के लिए रवाना हुए वालंटियर 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित, वालंटियर को मिलेगी टी-शर्ट व कैप -योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव रचेगा नया इतिहास अयोध्या में अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन और मार्गदर्शन में नौवें दीपोत्सव 2025 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चरम पर है। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन दीपोत्सव को भव्य और दिव्य स्वरूप देने में अपनी पूरी क्षमता के साथ जुटा हुआ है। गुरुवार को कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी पहुंचकर घाटों की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और समर्पण का प्रतीक है। इसे भव्य व दिव्य रूप देना हम सभी का सौभाग्य है। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रवाना हुए वालंटियर विश्वविद्यालय परिसर से गुरुवार प्रातः 10 बजे सात बसों में सवार होकर वालंटियर “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना हुए। दीपोत्सव यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार की देखरेख में राम की पैड़ी के घाटों पर दीए बिछाने का कार्य प्रारंभ हुआ। घाटों पर वालंटियरों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दीपों को सजा रहे युवा जय श्रीराम के जयघोष के साथ दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए जुटे दिखे। 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव की तैयारी अब अंतिम चरण में है। 56 घाटों पर दीयों की खेप पहुंच चुकी है और युद्धस्तर पर बिछाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “घाटों पर दीए बिछाने का कार्य 18 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दीपोत्सव के दिन 19 अक्टूबर को वालंटियर दीपों में तेल डालने, बाती लगाने और उन्हें प्रज्वलित करने का कार्य करेंगे। आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी वालंटियरों के लिए पहचान पत्र (आईकार्ड) अनिवार्य कर दिया है। बिना आईकार्ड घाटों पर प्रवेश वर्जित रहेगा। शुक्रवार तक सभी वालंटियरों को आईकार्ड, टी-शर्ट और कैप वितरित की जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि यह दीपोत्सव केवल अयोध्या की नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वैश्विक प्रदर्शन बने। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस तरह दीपोत्सव को विश्व स्तर पर पहचान दिला रही है, वह अभूतपूर्व है। इस बार 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों को प्रज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 28 लाख से अधिक दीपों को घाटों पर बिछाया जा रहा है। दीपोत्सव 2025: आस्था, सेवा और समर्पण का पर्व अवध विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियर दीपोत्सव की सफलता में अपना योगदान दे रहे हैं। घाटों पर कार्य करते युवाओं की ऊर्जा और समर्पण इस बात का प्रमाण है कि दीपोत्सव अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि “राममय अयोध्या” की आत्मा बन चुका है।

पांचों तहसीलों में 5 एसडीएम, दो नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट और एक टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व में बनी

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की सेहत पर प्रशासन की पैनी नजर, 08 टीमें तैनात पांचों तहसीलों में 5 एसडीएम, दो नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट और एक टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व में बनी सीएम योगी के निर्देश पर जिलाधिकारी ने गठित की टीम, रखी जाएगी चप्पे चप्पे पर नजर दीपोत्सव को लेकर टोटल 54 निरीक्षण, 34 जगह छापे पड़े, 76 नमूने लिए गए 19657 किलो सामग्री बरामद की गई है, जिनकी कीमत 33 लाख रुपए से ज्यादा है 35 हजार से अधिक की 167 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई प्रदेश के अन्य जिलों से खाद्यान्न सुरक्षा  अधिकारियों की अयोध्या में तैनाती 19 और 20 अक्तूबर को अयोध्या में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिहाज से खाद्य सामग्री की जांच करेंगे अयोध्या दीपोत्सव 2025 को लेकर अयोध्या प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 08 विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों का उद्देश्य है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो। पांच तहसीलों और दो नगर क्षेत्रों में निगरानी तंत्र सक्रिय अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के आदेश पर पांचों तहसीलों में पांच एसडीएम के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जबकि नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट की दो टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। इसके अलावा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम मुख्यालय स्तर पर गठित की गई है, जो जिलेभर में सक्रिय है। 54 निरीक्षण, 34 जगह छापे और 76 नमूने लिए गए दीपोत्सव से पहले खाद्य विभाग ने बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया है। अब तक कुल 54 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 34 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान खाद्य सामग्री के 76 नमूने लिए गए हैं, ताकि कोई भी मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थ श्रद्धालुओं तक न पहुंच सके। 33 लाख की खाद्य सामग्री बरामद, 167 किलो नष्ट सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीमों ने 19,657 किलो खाद्य सामग्री बरामद की है, जिसकी कीमत 33 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इनमें से 167 किलो खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिसका मूल्य 35 हजार रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के मद्देनजर यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य जिलों से भी आईं टीमें, 19-20 अक्तूबर को सघन जांच सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह ने बताया कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए अन्य जिलों से भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी अयोध्या में विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर खाद्य सामग्री की जांच करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की खाद्य अनियमितता की गुंजाइश न रहे। 19 और 20 अक्तूबर को बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं के लिहाज से सघन जांच की जाएगी। सख्ती और सतर्कता दोनों का संतुलन बनाएगा प्रशासन जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि दीपोत्सव जैसे विशाल आयोजन में खाद्य सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए जहां एक ओर विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है, वहीं व्यापारियों और भोजनालय संचालकों को भी साफ-सफाई और शुद्धता बनाए रखने की लगातार अपील की जा रही है।

लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या

दीपोत्सव-2025 योगी सरकार का दीपोत्सव-25 जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का बना प्रतीक लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने संभाली दीपोत्सव-25 की कमान सीएम योगी के इको-फ्रेंडली दीपोत्सव संकल्प को जनआंदोलन बना रहीं प्रदेश की महिलाएं प्रति दीया ₹5 की आय से महिलाओं ने अर्जित किए ₹1.25 लाख, दीपोत्सव बना आत्मनिर्भरता का अवसर दीपोत्सव-2025 से लौटा त्रेतायुगीन वैभव, मिट्टी और खुशबू से सजेगी रामनगरी गोबर और मिट्टी से बने प्राकृतिक दीये बिखेरेंगे रोशनी के साथ सकारात्मक ऊर्जा की खुशबू लखनऊ योगी सरकार के अयोध्या दीपोत्सव से न केवल भगवान श्रीराम की नगरी का त्रेतायुगीन वैभव पुनर्जीवित हुआ है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक भी बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘इको-फ्रेंडली दीपोत्सव’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश की आधी आबादी ने आगे आकर अपनी भूमिका निभाई है। अयोध्या में होने वाले नौवें दीपोत्सव-2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों ने अहम योगदान दिया है। इस वर्ष लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीये अयोध्या धाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। ये दीये खीरी की माटी और जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू से तैयार किए गए हैं, जो रामनगरी की फिजाओं में प्रकाश के साथ सकारात्मक सुगंध भी फैलाएंगे। इसके अलावा, प्रदेश के कई अन्य जिलों की महिलाओं ने भी दीपोत्सव-25 के लिए हजारों की संख्या में दीये भेजे हैं। 3 स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने बनाए 25 हजार दीये लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण बन गया है। इसी के तहत लखीमपुर की तीन स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने प्रभु श्रीराम की नगरी को आलोकित करने के लिए 25 हजार दीये तैयार किए। उन्होंने बताया कि “लखीमपुर की रौशनी से समृद्धि की दिवाली” की थीम पर अयोध्या में दीये भेजने की तैयारी जुलाई माह से ही प्रारंभ कर दी गई थी। इन दीयों को बनाने में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर इस पहल को आगे बढ़ाया गया। महिलाओं को प्रति दीया 5 रुपये का भुगतान किया गया, जिससे उन्होंने कुल ₹1.25 लाख की आय अर्जित की। “मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं, जो मुझे दीपोत्सव के लिए दीये बनाने का अवसर मिला” खीरी के धौरहरा ब्लॉक की ज्योति प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य ग्राम पंचायत गुदरिया की संजू देवी ने बताया कि उन्होंने पहली बार दीपोत्सव के लिए दीये तैयार किए हैं और वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि दीये बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आधुनिक चाक उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत हरदी की सुंदर प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य बिट्टू देवी ने बताया कि उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराई गई, जिससे न केवल उत्पादन में तेजी आई, बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दीये बनाने की यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है। ग्राम पंचायत हरदी की सीता प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी फूलमती ने कहा कि “रामनगरी के दीपोत्सव के लिए दीये तैयार करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इससे जहां एक ओर सांस्कृतिक परंपराएं पुनर्जीवित हुई हैं, वहीं आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।” ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल अब पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय बन गई है।

भयानक सड़क हादसा: ऑटो रिक्शा में भिड़ा पिकअप, चार महिलाएं समेत सात घायल

रामनगर(बाराबंकी)  यूपी के बाराबंकी में हादसा हो गया। गोंडा-बहराइच हाईवे पर गुरुवार को महिलाहमऊ गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप चालक ने विपरीत दिशा से आ रहे ऑटो रिक्शा में टक्कर दी। जिसमें ऑटो चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। क्षेत्र के ग्राम धौखरिया निवासी ऑटो चालक संजीत कुमार (30) पुत्र अनूप लाल ऑटो में सवारी बैठाकर बाराबंकी से रामनगर की ओर आ रहे थे। बताते हैं थाना क्षेत्र के गोंडा-बहराइच हाईवे पर स्थित ग्राम मलिहामऊ के निकट पहुंचे तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। जिसके चलते चालक की मौके पर ही मौत हो गई। आटो में बैठीं चार महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला मुन्नी देवी पत्नी जय प्रकाश व सात वर्षीय पुत्र रितेश निवासी भौका जवारीपुर, रीना पत्नी बृजेश ग्राम हजतपुर, शिवदेवी पत्नी आलोक ग्राम कटियारा को सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जबकि गम्भीर रूप से घायल पिंकू यादव पुत्र मनोहर ग्राम कुतलुपुर को सीएचसी बड़ागांव मे भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपयार के बाद पांचों की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जबकि दो अज्ञात लोगों ने निजी अस्पताल में इलाज कराया है। पुलिस ने मृत ऑटो चालक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।  

मुख्यमंत्री ने शिव शांति आश्रम पहुंचकर किया नमन, अनुयायियों के प्रति जताई संवेदना

सीएम योगी ने किए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन, अर्पित की श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने शिव शांति आश्रम पहुंचकर किया नमन, अनुयायियों के प्रति जताई संवेदना सीएम योगी बोले— सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु का निधन आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ स्थित शिव शांति आश्रम पहुंचे और आश्रम के पीठाधीश्वर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संत शिरोमणि के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित शोकाकुल श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के पार्थिव शरीर पर केसरिया अंग वस्त्र ओढ़ाया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। गौरतलब है कि संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी बुधवार को ब्रह्मलीन हो गए थे।  मुख्यमंत्री योगी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बुधवार को ही अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा था,“सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, पूज्य श्री शांति आश्रम के पीठाधीश्वर, संत शिरोमणि श्री सांईं चांडूराम साहिब जी का निधन अत्यंत दु:खद और आध्यात्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है। मेरी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त अनुयायियों के साथ हैं। भगवान झूलेलाल से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और अनुयायियों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!” मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुजन और अनुयायी संत शिरोमणि के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की बात करते दिखे।

अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव से रोशन हुए कुम्हारों के घर, अयोध्या में युवाओं को मिल रहा रोजगार अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार 2017 के बाद बदला हाल : कभी हजारों में कमाने वाले अब दीपोत्सव में कमा रहे लाखों दीपोत्सव से अयोध्या के सैकड़ों कुम्हार परिवारों को मिला रोजगार इलेक्ट्रिक चाक से बढ़ा उत्पादन, आधुनिकता और परंपरा का संगम योगी सरकार की पहल से मिट्टी के दीयों को मिली नई पहचान 26 लाख 11 हजार 101 दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया कीर्तिमान अयोध्या दीपोत्सव शुरू होने के बाद से अयोध्या के कुम्हार परिवारों के घरों में खुशहाली का उजाला फैल गया है। जो युवा कभी काम की तलाश में बाहर जाते थे, वे अब अपनी ही धरती पर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। योगी सरकार के प्रयासों से शुरू हुए दीपोत्सव ने न केवल अयोध्या की अर्थव्यवस्था को बल दिया है बल्कि पारंपरिक मिट्टी कला को भी नई पहचान दी है। नौवें दीपोत्सव में इस बार 26 लाख 11 हजार 101 दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दीपोत्सव की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। अवध विश्वविद्यालय के छात्र, अधिकारी और स्वयंसेवी संगठन भी इस महाउत्सव को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। जयसिंहपुर गांव के बृज किशोर प्रजापति बताते हैं कि जबसे दीपोत्सव मनाया जा रहा है, तब से वे और उनका परिवार लगातार दीए बना रहे हैं। इस बार उन्हें दो लाख दीए बनाने का ऑर्डर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की परंपरा शुरू कर हमारे जैसे परिवारों को रोजगार से जोड़ा है। अब हम आत्मनिर्भर हैं। आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादन क्षमता पुराने ढर्रे को छोड़कर अब कुम्हार आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन में तेजी आई है बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। जयसिंहपुर गांव के करीब 40 से अधिक कुम्हार परिवार दीपोत्सव के लिए दिन-रात मिट्टी के दीए बनाने में जुटे हैं। कभी हजारों में कमाते थे, अब बन रहे लखपति 2017 से पहले ये कुम्हार रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करते थे। दीपोत्सव शुरू होने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां ये परिवार महीने में 20 से 25 हजार रुपये कमाते थे, वहीं अब दीपोत्सव के दौरान ही लाखों रुपये की आमदनी हो जाती है। सोहावल की पिंकी प्रजापति बताती हैं कि इस बार उन्हें एक लाख दीए बनाने का ऑर्डर मिला है। उन्होंने कहा, पहले दीपावली के समय दीए सस्ते बिकते थे, अब सरकार के आह्वान से बाजार में अच्छा रेट मिल रहा है। दीपोत्सव ने दी नई पहचान और बाजार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दीपोत्सव में मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे स्थानीय कुम्हारों को बड़े स्तर पर ऑर्डर मिल रहे हैं। जयसिंहपुर, विद्याकुण्ड, सोहावल और आसपास के गांवों में इस समय उत्सव जैसा माहौल है।  अयोध्या के स्थानीय निवासी रामभवन प्रजापति, गुड्डू प्रजापति, राजू प्रजापति, जगन्नाथ प्रजापति, राम भवन प्रजापति, सुनील प्रजापति और संतोष प्रजापति समेत यहां सैकड़ों की संख्या में पूरा परिवार मिट्टी गूंथने, आकार देने और दीयों को सुखाने-बेचने में जुटा है। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25.12 लाख

ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक भागीदारी, दिखा विकास के प्रति उत्साह

विकसित यूपी @2047: 75 जिलों में जारी है जनसंवाद, अब तक मिले 41 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक भागीदारी, दिखा विकास के प्रति उत्साह  शिक्षा, कृषि और समाज कल्याण पर सबसे अधिक सुझाव प्राप्त – बलरामपुर के डॉ. अमित गौतम ने एआई व मशीन लर्निंग सेंटर की स्थापना का दिया सुझाव – फतेहपुर की अंकिता सिंह ने शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर दिया व्यावहारिक सुझाव – बांदा के धीरज कुमार ने पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया – प्रदेश की 40 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में हुई बैठकों और गोष्ठियों से बढ़ा जनसंपर्क – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प के अनुरूप विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया जारी लखनऊ उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ निरंतर गति पकड़ रहा है। इस जनसहभागिता आधारित अभियान के तहत अब तक लगभग 41 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक सुझाव आए हैं। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों द्वारा व्यापक जनसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघ और मीडिया प्रतिनिधि ने बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। सभी वर्गों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर अमूल्य सुझाव मिल रहे हैं। इन सुझावों में सर्वाधिक विषय कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, उद्योग, आईटी एवं टेक्नोलॉजी, पर्यटन और सुरक्षा से संबंधित रहे। शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई। फतेहपुर की अंकिता सिंह ने आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया। उन्होंने अभ्युदय कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों की अनिवार्य कक्षाओं की व्यवस्था और राजकीय विद्यालयों में महिला अधिकारियों के नियमित संवाद का सुझाव दिया। बलरामपुर के डॉ. अमित कुमार गौतम ने सुझाव दिया कि प्रदेश के हर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का अधिकतम उपयोग हो सके। बांदा के धीरज कुमार ने पशुधन विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण पशु चिकित्सा केंद्रों की स्थापना, आधुनिक डेयरी प्रबंधन और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। महाभियान के तहत अब तक प्रदेश की 40 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों, 200 से अधिक नगर पालिकाओं, 15 नगर निगमों, 500 से अधिक नगर पंचायतों, 600 से अधिक क्षेत्र पंचायतों और 50 से अधिक जिला पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न के अनुरूप, प्राप्त फीडबैक के आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।    

18 व 19 अक्टूबर को होगा ड्रोन व लेजर शो

जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां होंगी शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नई ऊंचाई छू रहा दीपोत्सव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीपों की आभा जहां भक्ति-उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ड्रोन शो और लेजर शो की प्रस्तुतियों को दो दिन (18 व 19 अक्टूबर) कराने का निर्णय लिया है।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी। 18 को भी आयोजित होगा एक अतिरिक्त ड्रोन शो उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो किया गया था।  दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव से पहले 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है।  शो में 'त्रेता युग से नव अयोध्या' की प्रतीकात्मक झांकी भी दिखेगी संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी कई मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।

घर जाने की टेंशन खत्म! दिवाली स्पेशल ट्रेनों में मिलेगी तुरंत सीट

आगरा ताजनगरी आगरा से कई लोग दिवाली और छठ को लेकर अपने-अपने गांव-शहर की ओर कूच करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। यात्रियों को वेटिंग की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते आगरा रेल मंडल ने 10 और स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए बीते दिनों आगरा से करीब 38 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। अब जिले से कुल 48 स्पेशल ट्रेनें संचालित हो रही हैं। ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रियों ने राहत की सांस ली है।  किया जा रहा ये काम आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर रेलवे ट्रेनों की संख्या को बढ़ा सकता है। अधिकतर वेटिंग बिहार, कोलकाता, बनारस और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिल रही है। भीड़ और वेटिंग की लगातार निगरानी की जा रही है।  इन ट्रेनों में ज्यादा मारामारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने आगे बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अत्यधिक भीड़ और वेटिंग कोटा-पटना एक्सप्रेस, मरुधार एक्सप्रेस और अन्य इस रूट की ट्रेनों में थोड़ी ज्यादा चल रही है। इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनों को शुरू किया गया है। 

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब इस शहर में भी शुरू होगी मेट्रो सेवा

वाराणसी  यूपी के वाराणसी में लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कैंट रेलवे स्टेशन तक मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी। इसके लिए विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य विमान से उतरने के बाद यात्री मेट्रो से शहर तक पहुंच जाएं। इससे यात्रियों को सुविधा होने के साथ किराये में बचत होगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 80 विमानों का संचालन होता है। इन उड़ानों से 10,000 से 12,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस समय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एयरोब्रिज के साथ पांच हजार यात्री क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन, रनवे के नीचे अत्याधुनिक सुविधा और सुरक्षा युक्त टनल निर्माण शामिल है। इससे यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या बढ़ जाएगी। यात्री संख्या भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता की छाप भी होगी ताकि यात्रियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने का अहसास हो। एयरपोर्ट से कैंट स्टेशन की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। यहां से यात्री टैक्सी, ऑटो और ई-बस से गंतत्व को जाते हैं। इस दूरी को तय करने में खासकर टैक्सी और ऑटो चालक अच्छा-खासा किराया यात्रियों से वसूल लेते हैं। इसको देखते हुए मेट्रो सेवा कारगर साबित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए भेजा प्रस्ताव: निदेशक एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विस्तारीकरण के बाद विमानों के बढ़ने से यात्रियों का आवागमन भी बढ़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर हवाई अड्डे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन होकर शहर तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा के लिए फिजिबिलिटी सर्वे के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।