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पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर बल

ग्राम पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, ग्रामीण विकास की आत्मा हैं: मुख्यमंत्री पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर बल स्थानीय कर एवं यूज़र चार्ज संग्रह की प्रक्रिया ऑनलाइन, पंचायतों की स्वनिधि बढ़ाने के लिए सुधारात्मक कदम जारी जिला पंचायतों में भवन मानचित्र स्वीकृति हेतु सिविल इंजीनियर या आर्किटेक्ट की तैनाती के निर्देश ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र खोलकर पंचायतों की आय वृद्धि और नागरिक सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी: मुख्यमंत्री तालाबों/पोखरों का हो समयबद्ध पट्टा, प्राप्त राशि से जल संरक्षण व ग्राम्य हित के कार्य: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्यों से नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया है। मंगलवार को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की आत्मा हैं। इन इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, पंचायतों की स्वनिधि बढ़ाने के लिए विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय कर एवं यूज़र चार्ज संग्रह की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। पंचायतों की आय वृद्धि के लिए विभिन्न नवाचारों पर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और तकनीकी उपयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों की राजस्व प्राप्ति और जनसेवा की गुणवत्ता दोनों में सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्राधिकरणों के अतिरिक्त जिला पंचायतों के अधीन क्षेत्रों में भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए जिला पंचायतों के पास दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता होनी चाहिए। इस हेतु प्रत्येक जिला पंचायत में सिविल इंजीनियर अथवा आर्किटेक्ट की तैनाती की व्यवस्था की जाए, जिससे स्थानीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड निर्माण, संशोधन, बायोमेट्रिक अपग्रेडेशन आदि कार्यों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे नागरिकों को सुविधा मिले और मिलने वाले शुल्क से ग्राम पंचायत की आय में भी वृद्धि हो। बैठक में यह भी बताया गया कि पंचायती राज विभाग द्वारा तालाबों/पोखरों की सूचीकरण और उपयोग नीति पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत तथा जिला पंचायत के अधीन तालाबों/पोखरों का समयबद्ध पट्टा किया जाए और इनसे प्राप्त राशि को हर घर नल, जल संरक्षण तथा ग्राम्य हित के कार्यों में ही उपयोग किया जाए। उन्होंने इस हेतु एक स्पष्ट नियमावली तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पास जितनी अधिक स्व-वित्तीय क्षमता होगी, उतनी ही तेजी से ग्रामीण विकास के कार्य आगे बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल सेवा वितरण और जनसुविधा संचालन के विषय में प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि “ग्राम पंचायतों की समृद्धि ही आत्मनिर्भर भारत की नींव है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत सेवा, स्वच्छता और स्वावलंबन की प्रतीक बने।”

सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर तेज की गई अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

मिशन शक्ति 5.0 :योगी सरकार की पुलिस ने अब तक 256 दुर्दांत अपराधियों को किया ढेर, मेरठ जोन अव्वल  सीएम योगी के मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर तेज की गई अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई  पिछले बीस दिनों में अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए एक दर्जन से अधिक एनकाउंटर की कार्रवाई हुई  – योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जारी है एनकाउंटर की कार्रवाई – सबसे अधिक मेरठ में 85 अपराधी किए गए ढेर, अपराधियों को ढेर करने में मेरठ जोन पहले स्थान पर    – एनकाउंटर की कार्रवाई में दूसरे नंबर पर है वाराणसी जोन और तीसरे नंबर पर है आगरा जोन  लखनऊ योगी सरकार की यूपी पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के तहत एक बार फिर अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पिछले बीस दिनों में एक दर्जन से अधिक एनकाउंटर की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान कई अपराधियों को यमलोक का रास्ता दिखाया जबकि कई को हॉफ एनकाउंटर में दबोचा। यूपी पुलिस ने बीते सोमवार को मेरठ में एक बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले में 25 हजार के इनामी बदमाश शहजाद उर्फ निक्की को ढेर किया जबकि कुछ दिन पहले बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले बदमाशों को करारा जवाब दिया।       एनकाउंटर में मेरठ जोन ने मारी बाजी, पूरे प्रदेश में एनकाउंटर में पहले स्थान पर योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में पिछले साढ़े आठ वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में 256 दुर्दांत अपरधियों को मुठभेड़ में ढेर कर यमलोक पहुंचाया है। इस दौरान पुलिस ने कुल 15,726 मुठभेड़ की कार्रवाइयां कीं, जिनमें 31,960 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एनकाउंटर की कार्रवाई में 10,324 अपराधी घायल हुए। वहीं अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हो गये जबकि 1,754 पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में दर्ज की गईं, जहां पुलिस ने 4,453 कार्रवाई की। इस कार्रवाई में 8,312 अपराधी दबोचे गये जबकि 3,131 अपराधी घायल हुए। वहीं, 85 कुख्यात अपराधियों को मौके पर ही मार गिराया गया। इस दौरान 461 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मी शहीद हो गये। एनकाउंटर कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में मेरठ जोन पहले स्थान पर रहा है। इसी तरह, वाराणसी ज़ोन में 1,108 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 2,128 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 27 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया। इस दौरान 688 अपराधी और 99 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन एनकाउंटर कार्रवाई में दूसरे स्थान पर है। वहीं, एनकाउंटर कार्रवाई में पूरे प्रदेश में आगरा जोन तीसरे स्थान पर है। यहां 2,374 एनकाउंटर की कार्रवाई की गईं, जिनमें 5,631 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 816 अपराधी घायल हुए जबकि 22 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 59 पुलिसकर्मी घायल हुए।  कमिश्नरेट में सबसे अधिक गाजियाबाद कमिश्नरी ने मारी बाजी, 13 अपराधी किये ढेर एनकाउंटर आंकड़ों पर नजर डालें तो लखनऊ ज़ोन में 846 मुठभेड़ के दौरान 17 दुर्दांत अपराधियों को मारा गया। वहीं प्रयागराज ज़ोन में 572 मुठभेड़ के दौरान 10 अपराधी मारे गए। बरेली ज़ोन में 2,059 मुठभेड़ में 17, कानपुर जोन में 717 मुठभेड़ में 12 और गोरखपुर जोन में 642 मुठभेड़ में 8 अपराधियों को मारा गया। इसी तरह, लखनऊ कमिश्नरी में 138 मुठभेड़ में 12, गौतमबुद्ध नगर में 1,117 मुठभेड़ में 9, वाराणसी कमिश्नरी में 131 मुठभेड़ में 7, कानपुर कमिश्नरी में 234 मुठभेड़ में 4, आगरा कमिश्नरी में 458 मुठभेड़ में 7, गाजियाबाद कमिश्नरी में 736 मुठभेड़ में 13 और प्रयागराज कमिश्नरी में 141 मुठभेड़ में 6 अपराधियों को ढेर किया गया। पुलिसिया एक्शन ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर किया मजबूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े आठ वर्षों में यूपी पुलिस ने अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश से बाहर के मंत्र को धरातल पर उतारा। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। यही वजह है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। योगी सरकार की नीति के तहत पुलिस ने संगठित अपराध, माफियागीरी और अवैध वसूली पर सख्त प्रहार किया है। मुठभेड़ के साथ ही संपत्ति कुर्की, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और एनएसए जैसे कानूनों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ चला यह साढ़े आठ वर्षीय अभियान न सिर्फ आंकड़ों में बल्कि जमीनी हकीकत में भी कानून का राज स्थापित करने में सफल रहा है। पुलिस की त्वरित, कठोर और साहसिक कार्रवाई ने अपराधियों को प्रदेश छोड़ने पर मजबूर कर दिया है और उत्तर प्रदेश अब भयमुक्त और सुरक्षित राज्य के रूप में अपनी पहचान को सशक्त कर रहा है।  

रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार पेश करेंगे श्रीराम की लीला

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में पांच देशों के कलाकारों द्वारा अंतरराष्ट्रीय रामलीला का भव्य मंचन रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार पेश करेंगे श्रीराम की लीला नेपाल और श्रीलंका की पहली बार होगी लक्ष्मण और रावणेश्वरा की प्रस्तुति – दीपोत्सव 2025: लाखों दीपों की रोशनी में सांस्कृतिक महोत्सव का अनोखा अनुभव – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से अयोध्या बना अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र अयोध्या इस वर्ष नौवें संस्करण के दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र भी बनाएगी। इस बार कुल 90 विदेशी कलाकार अयोध्या की पावन भूमि पर अपनी कला और सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से रामकथा को जीवंत रूप में पेश करेंगे। अयोध्या के राम कथा पार्क में इस वर्ष विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा। रूस के कलाकार स्वयंवर की महिमा का अद्भुत मंचन रूस से आए 15 कलाकार रामलीला के दौरान स्वयंवर का दृश्य प्रस्तुत करेंगे। उनके मंचन में रूस की पारंपरिक रंगमंचीय तकनीक और भारतीय कथा का अनूठा मिश्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। रूस के कलाकारों ने इस प्रस्तुति के लिए महीनों की तैयारी की है और वे दर्शकों को राम और सीता के दिव्य मिलन की अनुभूति देंगे। थाईलैंड : तीन प्रमुख युद्धों का दृश्य थाईलैंड से आए 10 कलाकार रामलीला में शूर्पणखा और राम-लखन संघर्ष, मारीच से संघर्ष और राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। इन युद्धों के माध्यम से राम और रावण के बीच धर्म और अधर्म की कहानी दर्शकों के सामने प्रस्तुत होगी। थाईलैंड के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैली इस प्रस्तुति को और भी जीवंत बनाएगी। इंडोनेशिया : लंका दहन और अयोध्या वापसी इंडोनेशिया के 10 कलाकार रामलीला में लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्य को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत करेंगे। यह प्रस्तुति दर्शकों को राम के जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ों का अनुभव कराएगी और अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी। नेपाल : लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन की पहली प्रस्तुति नेपाल से आए 33 कलाकार इस बार रामलीला में पहली बार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले नेपाल की रामलीला मुख्य रूप से मां सीता पर केंद्रित होती थी। इस बार की प्रस्तुति अयोध्या में रामलीला के अंतरराष्ट्रीय स्तर को और भी प्रतिष्ठित बनाएगी और दर्शकों को रामकथा का नया दृष्टिकोण दिखाएगी। श्रीलंका : के रावणेश्वरा का अद्भुत दृश्य श्रीलंका से आए 22 कलाकार में से दो कलाकार पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। यह टीम रामेश्वर की भूमि पर रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेगी। श्रीलंका वासी आज भी रावण को ईश्वर की भूमिका में मानते हैं और इस भाव को मंच पर जीवंत रूप से दिखाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की भूमिका अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय रामलीला 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल रामलीला की परंपरा को जीवंत रखना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है। दीपोत्सव और अयोध्या की परंपरा अयोध्या के 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में यह रामलीला देखने वालों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगी। दीपोत्सव के दौरान रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को और भी उजागर करेगा। दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण इस अंतरराष्ट्रीय रामलीला का अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा, लाइटिंग और सेट डिजाइन, सभी दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा। विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति से न केवल भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव की भव्यता और आकर्षण भी दोगुना होगा।

गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम

यूपी में 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाएं तलशेगी योगी सरकार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई पहचान  गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम दीपावली पर गोबर से बने दीपों और मूर्तियों के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा  हर जिले में बनेगी एक आदर्श गोशाला, उन्हें बनाया जाएगा पर्यटन स्थल  गाय आधारित उत्पादों से बढ़ेगा स्वरोजगार, महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सहयोग – मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों को मिली कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी – आत्मनिर्भर गोशालाओं के जरिए “वोकल फॉर लोकल” को मिलेगा बल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। प्रदेश की सभी गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक जनपद में एक आदर्श गोशाला स्थापित की जाएगी, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा, जिससे गोशालाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकें बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आय का साधन उपलब्ध हो सके। सरकार की मंशा है कि गाय से प्राप्त पदार्थों, गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और मूत्रजनित उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देकर राज्य की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर गोबर से बने उत्पादों का उत्पादन और विपणन किया जा सके। इसके तहत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर्व पर गाय के गोबर से बने दीपों, मूर्तियों और अन्य उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और इनके प्रचार-प्रसार के लिए जनमानस में जागरूकता अभियान चलाया जाए।  पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार दीपावली के अवसर पर गोबर से बने दीप, मूर्तियां और सजावटी सामग्री के उपयोग को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की बाजारों में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम नागरिक भी इनका उपयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दे सकें।  प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम के अनुसार अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार की जाएं। उनके अनुसार, गोशालाओं की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में न केवल गोवंश संरक्षण को नई गति मिलेगी, बल्कि गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी।

सेवा, संवेदना और सम्मान के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है सरकार: मुख्यमंत्री

सभी मंडल मुख्यालयों पर स्थापित होंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र: मुख्यमंत्री सेवा, संवेदना और सम्मान के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है सरकार: मुख्यमंत्री प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित होंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से वंचित न रहे। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र विकसित किए जाएं, जहां दिव्यांग व्यक्तियों को चिकित्सकीय, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक सहायता एक ही स्थान पर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'सेवा, संवेदना और सम्मान' के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में पहले से दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, उनकी सेवाओं को और सशक्त करते हुए मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। वहीं जहां केंद्र नहीं हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित किया जाए ताकि चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इनका सहज समन्वय बन सके। यदि सरकारी अस्पताल में स्थान पर्याप्त नहीं है तो अलग भवन की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, ऑर्थोटिक व प्रॉस्थेटिक सेवाएं, उपकरण वितरण आदि सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। बैठक में यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश के 37 जिलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं, इनमें 11 मंडल मुख्यालयों पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में तकनीकी संसाधन और विशेषज्ञ मानवबल को सुदृढ़ किया जाए। प्रत्येक केंद्र में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट, प्रॉस्थेटिस्ट, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट और काउंसलर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल पंजीकरण, और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए ताकि सेवाओं की पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे। बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में केंद्र संचालन समिति के स्वरूप पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र बनकर न रहें, बल्कि आत्मनिर्भर और योगदानकारी नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कुमार कश्यप सहित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

आईआईएलएम लखनऊ में कॉन्सिलियम एक्सआईआईएलएम मॉडल संयुक्त राष्ट्र 2025 का भव्य उद्घाटन समारोह सम्पन्न

लखनऊ  आईआईएलएम अकादमी ऑफ हायर लर्निंग, लखनऊ में कॉन्सिलियम एक्स आईआईएलएम मॉडल संयुक्त राष्ट्र 2025 का भव्य उद्घाटन समारोह 12 अक्तूबर 2025 को बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। यह सम्मेलन कॉन्सिलियम के सहयोग से आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, नीति-निर्माण और वैश्विक नेतृत्व के व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है। आईआईएलएम अकादमी ऑफ हायर लर्निंग एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान है, जो प्रबंधन और वाणिज्य के क्षेत्र में स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के माध्यम से भावी प्रबंधकों और उद्यमियों को तैयार कर रहा है। वहीं कॉन्सिलियम युवाओं को संवाद, नीति-विचार और वैश्विक सहयोग की भावना से जोड़ने वाला एक अग्रणी मंच है। उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अमिताभ कुमार, भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आई.आर.टी.एस.) के अधिकारी, लेखक एवं समाजसेवी व मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रशांत कुमार त्रिवेदी, मीडिया योजना और क्रियान्वयन के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ विशेषज्ञ, की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों को सम्मेलन के निदेशक जनरल एवं आईआईएलएम के छात्र श्री हितेश त्रिवेदी द्वारा सादर आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कुमारी मान्या श्रीवास्तव ने किया । कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके पश्चात दोनों अतिथियों ने अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए। तत्पश्चात समितियों की परिचयात्मक प्रस्तुति, कार्यकारी निदेशकों का परिचय तथा निदेशक जनरल का औपचारिक संबोधन हुआ। सम्मेलन का समापन 13 अक्तूबर 2025 को होगा, जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रतिनिधि, विशेष उल्लेख और सम्माननीय उल्लेख जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के साथ ही इस दो दिवसीय सम्मेलन की प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण शुरुआत हुई।

विकास और संस्कृति का संगम बनेगा दीपोत्सव, झांकियों में दिखेगा नया उत्तर प्रदेश

अयोध्या भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस बार नौवां दीपोत्सव न केवल दीपों की जगमगाहट से, बल्कि प्रदेश के विकास और भारतीय संस्कृति की जीवंत झांकियों से भी सजेगा। योगी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए सूचना विभाग द्वारा 15 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जबकि पर्यटन संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीम पर झांकियां प्रस्तुत करेगा। जिसमें 22 झांकियां साकेत महाविद्यालय में तैयार हो रही हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य दीपोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे। जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग की झांकियां योगी सरकार के विकास कार्यों को दर्शाएंगी। इनमें उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। ये झांकियां प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का प्रतीक होंगी। दूसरी ओर, संस्कृति विभाग द्वारा रामायण के सात कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित झांकियां तैयार की जा रही हैं। ये झांकियां भगवान राम के जीवन और रामायण की शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।   झांकियों को आकर्षक व तकनीकी बनाने के लिए दिया जा रह विशेष ध्यान संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग द्वारा नामित की गई कम्पनी ने झांकियों को आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया है। ये झांकियां न केवल दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली होंगी, बल्कि इनमें आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा ताकि दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा। रामपथ, भक्ति पथ और अन्य प्रमुख स्थानों पर लाखों दीप जलाए जाएंगे, जो विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी शामिल होंगे। जानिए, कौन कौन से राज्य की दिखेंगी लोककलाएं इस बार दीपोत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया और पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश की लोक कलाएं अयोध्या के रामपथ पर अपनी छटा बिखेरेंगी। ये प्रस्तुतियां न केवल सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेंगी, बल्कि देश की एकता और विविधता को भी रेखांकित करेंगी। इस भव्य आयोजन में लगभग 500 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। सरकार की उपलब्धियों को ये झांकियां करेंगी प्रस्तुत इवेंट के लिए जिम्मेदार कंपनी विविद इंडिया के एक प्रतिनिधि के अनुसार दीपोत्सव में प्रयागराज महाकुंभ, काशी कॉरिडोर, कृषि पशु पालन, आयुष्मान कैशलेस, डिफेंस कॉरिडोर, उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाना हमारी प्रतिबद्धता, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसितअ भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा कराए गए कार्यों की झलक दिखाई पड़ेगी।  

त्योहारों में घर जाना हुआ आसान: यूपी में दीपावली और छठ के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें

बलरामपुर दीपावली एवं छठ पूजा को लेकर परिवहन निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली, कानपुर व प्रयागराज, समेत 14 मार्गाें पर बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। जिस मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी उस मार्ग पर और बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। दीपावली व छठ पूजा में यात्रियों की सुविधा को लेकर परिवहन निगम ने सभी रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बसों का संचालन करने की बात निगम के अधिकारी कह रहे है।   दिल्ली मार्ग पर 10 से बढ़ाकर 14 बसों का संचालन किया जाएगा। इसी तरह कानपुर मार्ग पर 22 से 30, बहराइच-लखनऊ मार्ग पर आठ से 10, गोंडा, लखनऊ मार्ग पर 10 से 12, अयोध्या मार्ग पर छह से 10, वाराणसी मार्ग पर दो से चार व प्रयागराज मार्ग पर चार बढ़ाकर पांच बसें कर दी गई हैं। वहीं, बस्ती मार्ग पर एक से दो, बलरामपुर,गोंडा-बढ़नी रूट पर पांच, बहराइच मार्ग पर 10 इसी तरह उतरौला मार्ग पर रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। इससे सफर करने वाले यात्रियों को आसानी होगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपीनाथ दीक्षित ने बताया कि वर्तमान में 101 बसाें का बेड़ा हैं। दीपावली व छठ पूजा को देखते हुए सभी मार्गों पर बसों का संचालन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बढ़ाई गई बसों का संचालन किया जाएगा।  

नोटिस का खेल? I Love योगी-मोदी क्यों बोलने लगे मुस्लिम परिवार? बरेली में एक नोटिस से मचा सियासी तूफान

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली शहर की फिजा अब बदल चुकी है, जहां पहले आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर तनाव फैला हुआ था. वहीं अब कुछ परिवार आई लव योगी और आई लव मोदी कह रहे हैं. बीते 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से शासन-प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है, जिसका असर शहर में देखने को मिल रहा है. दरअसल,  बरेली में 27 अवैध कब्जेदारों को नोटिस दी गई है. नोटिस में नगर निगम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर 15 दिन में अवैध कब्जा नहीं हटाया तो मकान-दुकान पर बुलडोजर चलेगा. अब इस नोटिस के मिलने के बाद से मुस्लिम परिवार सीएम योगी से न्याय की गुहार लगा रहा है. नगर निगम की नोटिस से बदला हाल बता दें कि बरेली में अवैध कब्जेदारों पर पुलिस और प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब मुस्लिम परिवारों ने आई लव योगी और आई लव मोदी कहकर रहम की गुहार लगाई है. मुस्लिम परिवारों का कहना है कि उनके बच्चों ने जो गलती की है उन्हें माफ कर दिया जाए और उनके घरों को ना तोड़ा जाए. तो वहीं नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि यह जमीन नगर निगम की संपत्ति है. 8 अक्टूबर को की गई स्थलीय और अभिलेखीय जांच में यह अतिक्रमण पुख्ता पाया गया. पुलिस पर पेट्रोल बम मारने वाला पकड़ा गया उन्होंने कहा कि कब्जेदारों को नोटिस देकर 15 दिन की मोहलत दी गई है. तय समय में कब्जा नहीं हटाने पर निगम खुद कार्रवाई करेगा. खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. बरेली पुलिस ने 26 सितंबर को शाहमत गंज में हिंसा के दौरान पुलिस टीम पर पेट्रोल बम से हमला करने के मुख्य आरोपी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. मौलाना तौकीर के कहने पर फैली थी हिंसा पुलिस के अनुसार इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान की अपील पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी. पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरिफ ने हिंसा में अहम भूमिका निभाई और उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं. विवाद ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टरों को लेकर शुरू हुआ था, जिसका कथित तौर पर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए इस्तेमाल किया गया था. बाद में दंगाइयों ने पथराव किया, गोलीबारी की, दुकानों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंकी, जिससे अफरा-तफरी मच गई.  

सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत शुरू हुआ संवाद महिलाओं और बेटियों को आ रहा काफी पसंद

लखनऊ, योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” की पहल महिलाओं और बेटियों को काफी पसंद आ रही है। यही वजह है कि देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए होने वाले “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच से अपनी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं-बेटियां पहुंच रहीं हैं। मिशन शक्ति के तहत आयोजित “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में सोमवार को 21 महिलाओं ने विस्तार से मंडलायुक्त को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मंडलायुक्त ने सभी को जल्द से जल्द शिकायत के निस्तारण का आवश्वासन दिया। बता दें कि पिछले सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जिसमें 45 महिलाओं ने समस्याएं बताईं थीं। इनमें से एक हफ्ते के अंदर 40 महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण किया गया। इनमें से 36 महिलाओं ने शिकायत के निस्तारण पर संतोषजनक फीडबैक भी दिया। यही वजह है कि कार्यक्रम मंडल की महिलाओं को काफी पसंद आ रहा है।    शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का रखा जाए विशेष ध्यान देवीपाटन के मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि सोमवार को मंडल मुख्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंडल के चारों जिलों से 21 महिलाअों ने भाग लिया। संवाद कार्यक्रम में मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। शिकायतकर्ता की शिकायत का निस्तारण मेरिट के आधार किया जाये। समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी। प्रत्येक शिकायत का समाधान निश्चित समयावधि में किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत मिल सके। समस्या के निस्तारण में मिली लापरवाही तो होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि निस्तारण की प्रक्रिया केवल औपचारिक न हो, यह गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी भी होनी चाहिए, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट हों। सभी शिकायतों की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाए। किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न हो। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संवाद कार्यक्रम में रंजना पाण्डेय, श्यामकली, शबनम, रिचा, मंजू, रूचि तिवारी, अनारकली, मीना, अनीता, रामवती, कांति देवी सहित 21 महिलाओं ने अपनी समस्याएं बताईं। आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर सभी मामलों का समाधान कराया जाएगा। 45 में से 40 शिकायतों का हुआ निस्तारण अपर आयुक्त (प्रशासन) कमलेश चंद्र ने बताया कि पिछले सोमवार को महिला जनसुनवाई के दौरान आये 45 में से 40 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। इसमें से 36 महिलाओं ने निस्तारण के लिए संतोषजनक फीडबैक भी दिया है, जबकि चार शिकायतों में रिमाइंडर भेज कर संतोषजनक कार्रवाई करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए हैं। इस दौरान महिला अधिकारी के रूप में अपर आयुक्त (न्यायिक) देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त (खाद्य) विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। इस विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बात रखने के लिए सशक्त मंच मिल गया है।