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योगी सरकार का उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा, लगातार चौथे महीने बिजली बिल में राहत

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने की नीति का असर बिजली उपभोक्ताओं के बिलों पर दिखाई दे रहा है। विद्युत क्रय लागत में कमी का लाभ प्रदेश के उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हुए अक्टूबर माह के बिजली बिल में 5.24 प्रतिशत की राहत दी जाएगी। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं। यूपीपीसीएल के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा ने बताया कि अक्टूबर माह के लिए ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) की दर (-)5.24 प्रतिशत निर्धारित की गई है। ऋणात्मक एफपीपीएएस का लाभ उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा। इससे प्रदेशभर के विद्युत उपभोक्ताओं को करीब 424 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि एफपीपीएएस के माध्यम से यह लगातार चौथा महीना है, जब बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। इससे पहले जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत और सितंबर में 7.93 प्रतिशत की राहत दी जा चुकी है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप यूपीपीसीएल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के साथ ही विद्युत क्रय लागत में होने वाले अनुकूल बदलाव का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहा है। एफपीपीएएस व्यवस्था के तहत बिजली और ईंधन की खरीद लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव का समयबद्ध समायोजन बिलों में किया जाता है। लागत घटने पर उसका लाभ भी इसी व्यवस्था के जरिए उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है।

फिर बढ़ेगी दिव्यांगजन की पेंशन धनराशि: सीएम योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति और असली पहचान ऊंची इमारतों से नहीं होती। समाज की प्रगति उस व्यवस्था में होती है, जहां शासन की योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव, अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मजबूती से पहुंचता है। यही सुशासन का पहला सूत्र है। उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार इसी सूत्र पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन की पेंशन धनराशि में जल्द ही फिर वृद्धि किए जाने की घोषणा की। उन्होंने सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम योगी बुधवार को सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 509 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ई-ट्राइसाइकिल, स्मार्टफोन, स्मार्टकेन, ब्रेल किट सहित विभिन्न प्रकार के 664 सहायक उपकरणों का वितरण किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में 12 वर्षों में देश में बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचा है। डबल इंजन सरकार ने किसी भी योजना में व्यक्ति, मत, मजहब, क्षेत्र, भाषा आदि का कभी भेदभाव नहीं किया। सिर्फ एक लक्ष्य रहा- सबका साथ और सबका विकास। सबका विश्वास और सबका प्रयास।  पीएम मोदी जैसा योजक तो कोई अयोग्य कैसे रह सकता मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कहा गया है, ‘अयोग्यो पुरुषो नास्ति’। यानी, हमारी संस्कृति में किसी भी व्यक्ति को अधूरा नहीं माना गया है। भारतीय मनीषा कहती है कि कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं होता। अगर कोई किसी को अयोग्य कहता है तो इसका मतलब यह है कि कोई योजक नहीं है। जब देश में प्रधानमंत्री मोदी जी जैसा योजक है तो कोई अयोग्य कैसे रह सकता है। उनके नेतृत्व में जरूरतमंदों को आवास, शौचालय, रसोई गैस कनेक्शन, पेंशन, युवाओं को रोजगार-नौकरी उपलब्ध कराई गई। केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति का स्वावलंबन और सबके जीवन में खुशी लाना है।  जल्द बढ़ेगी दिव्यांगजन की पेंशन राशि सीएम योगी ने दिव्यांगजन कल्याण के लिए किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि जल्द ही उनकी पेंशन धनराशि में एक बार फिर वॄद्धि की जाएगी। पहले दिव्यांगजन को 300 रुपये पेंशन मिलती थी। सरकार ने इसे पहले 500 और फिर 1000 रुपये किया। अब कुछ दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी की जाएगी।   सभी मंडलों में संचालित होंगे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में यह केंद्र शुरू हो चुका है। उन्होंने गोरखपुर में स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक एवं बालिका इंटर कॉलेज, संकेत राजकीय मूकबधिर विद्यालय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोविकास केंद्र और राजकीय कौशल विकास केंद्र का उल्लेख किया। कहा कि नॉर्मल कैंपस में आश्रय एवं प्रशिक्षण केंद्र, छात्रावास और बचपन डे केयर सेंटर भी संचालित हैं। दिव्यांगजन के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में शिविर सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर पेंशन से छूटे दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। दिव्यांगजन सशक्तीकरण की शुरुआत बचपन से होनी चाहिए। शुरुआती जांच, थेरेपी, अभिभावकों को मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता पर सरकार का जोर है। इसी क्रम में तीन से सात वर्ष के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने दिव्यांगजनों को सीएम युवा, पीएम स्वनिधि, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंडअप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही बताया कि प्रदेश सरकार कॉक्लियर इंप्लांट पर छह लाख रुपये तक के खर्च के साथ स्पीच थेरेपी में भी सहयोग करती है। प्रतिभा को दया नहीं, अवसर की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक चुनौती प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकती। प्रतिभा को दया नहीं, अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। सही साधन और प्रशिक्षण मिले तो प्रतिभा अपनी क्षमता की ऊंचाई तक पहुंच सकती है। उन्होंने महान ऋषि अष्टावक्र, महाकवि सूरदास, संगीतकार रवींद्र जैन और पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के साथ पैरालंपिक खिलाड़ियों दीपा मलिक, सुहास एलवाई, सुमित अंतिल, देवेंद्र, भाविना पटेल, वैभव गौतम, प्रवीण कुमार, प्रीति पाल आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि पदक केवल मजबूत भुजाओं से नहीं, बल्कि मजबूत हौसले से जीते जाते हैं। इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए। पीएम मोदी ने किया दृष्टि बदलने का प्रयास सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द का प्रयोग कर समाज की ‘दृष्टि’ बदलने का प्रयास किया। यह दृष्टि बताती है कि डबल इंजन सरकार दिव्यांगजन को अधिकार और सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दृष्टि से ब्रेल व ऑडियो सूचना, टैक्टाइल पाथ, सुलभ डिजिटल सेवाएं, सांकेतिक भाषा, कैप्शन और विजुअल अलर्ट जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा मुख्यमंत्री ने शिक्षा को सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां दिव्यांगजन के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं। लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं। साढ़े नौ वर्षों में आया अभूतपूर्व बदलाव: नरेंद्र कश्यप कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में साढ़े नौ वर्षों के दौरान दिव्यांगजन के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव आया है। उन्होंने दिव्यांगजन से जुड़ी हर योजना के लिए समुचित बजट देकर अपनी संवेदनाएं दिखाई हैं। पीडीए का ढिंढोरा पीटने वाली सपा जब सत्ता में थी तब दिव्यांगजन विभाग का बजट महज 665 करोड़ रुपये था। जबकि सीएम योगी की उदारता से वर्ष … Read more

36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी में कलाकारों को मिलेगा मौका, 1 अक्टूबर से आवेदन शुरू

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के कलाकारों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने का बड़ा मौका दे रही है। राज्य ललित कला अकादमी (संस्कृति विभाग) की ओर से '36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी 2026-27' का आयोजन किया जा रहा है। इसमें चित्र, रेखांकन, ग्राफिक यानी छापा कला, मूर्ति, पोर्ट्रेट यानी व्यक्ति चित्र-मूर्ति, वॉश और पारंपरिक कला विधाओं में कलाकार अपनी कृतियां भेज सकेंगे। प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए प्रविष्टि शुल्क और छायाचित्र जमा करने की प्रक्रिया पहली अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगी। अकादमी की ओर से प्रदर्शनी में चयनित अति विशिष्ट कृतियों के लिए 10 कलाकारों को 25-25 हजार रुपये, प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिए जाएंगे। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए 300 रुपये प्रवेश शुल्क देना होगा। शुल्क निदेशक राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के नाम नकद, मनीऑर्डर या लखनऊ में देय बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा किया जा सकता है। विवरण पत्र यानी शेड्यूल, छायाचित्र, जीवन परिचय और पोट्रेट से संबंधित सामग्री कलाकार स्वयं या उचित माध्यम से अकादमी के पते पर भेज सकते हैं। एक कलाकार केवल एक ही विधा में भाग ले सकेगा। आवेदन अकादमी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर ही करना होगा। चयन के पहले चरण में आवेदन के साथ भेजे गए छायाचित्रों के आधार पर कृतियों का चयन होगा और दूसरे चरण में चयनित कृतियों में से पुरस्कार के लिए चयन किया जाएगा। 1 अक्टूबर 2025 के बाद बनाई गई कृतियां ही इस प्रदर्शनी के लिए स्वीकार की जाएंगी। ऐसी कृति स्वीकार नहीं की जाएगी जो पहले किसी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित हो चुकी हो। छायाचित्र 5×7 इंच के दो-दो स्पष्ट रंगीन फोटो के रूप में भेजने होंगे। फोटो के पीछे केवल कृति का शीर्षक, माध्यम, मूल्य और निर्माण वर्ष लिखा जाना चाहिए। निर्धारित आकार से छोटा फोटो या अतिरिक्त जानकारी लिखे होने पर उसे अस्वीकार किया जा सकता है। चित्र का अधिकतम आकार 4×4 फीट और मूर्ति का अधिकतम आकार 4×4×4 फीट, जबकि मूर्ति का न्यूनतम आकार 2×2 फीट निर्धारित है। मूर्तियां धातु, लकड़ी, पत्थर और फाइबर ग्लास जैसे टिकाऊ पदार्थों की होनी चाहिए।  छायाचित्रों के चयन के बाद अकादमी की ओर से चयनित कृति भेजने के लिए कलाकारों को अलग से सूचना दी जाएगी। कलाकार अपनी ओर से सीधे कृति अकादमी को नहीं भेज सकेंगे, जब तक अकादमी की ओर से उसे आमंत्रित न किया जाए। निर्धारित समय में कृति अकादमी को नहीं पहुंचने पर उसे प्रदर्शनी और कैटलॉग में शामिल नहीं किया जाएगा। चयन एवं निर्णायक समिति का निर्णय अंतिम होगा। सभी पर ‘अन्तर्वस्तु 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी 2026-27, लखनऊ के लिए है’ लिखना होगा। प्रदर्शनी में शामिल सभी कलाकारों को एक-एक निशुल्क कैटलॉग भी दिया जाएगा। चयनित कृति को प्रदर्शनी समाप्त होने से पहले हटाने की अनुमति नहीं होगी। प्रदर्शनी से संबंधित आवेदन और पत्राचार राज्य ललित कला अकादमी, लाल बारादरी भवन, ललित कला अकादमी मार्ग, कैसरबाग, लखनऊ-226001 के पते पर किया जा सकता है। अकादमी का दूरभाष 0522-2616033 और ईमेल slka_up@yahoo.com है।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही कलाकारों को उचित मंच और प्रोत्साहन देना योगी सरकार की प्राथमिकता है। राज्य ललित कला अकादमी के माध्यम से युवा, उभरते, स्थापित और वरिष्ठ कलाकारों को प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर दिए जा रहे हैं। 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी प्रदेश के कलाकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा सामने लाने और राज्य स्तर पर पहचान बनाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले कलाकार भी कला गतिविधियों से जुड़ें और उन्हें प्रशिक्षण, प्रदर्शन, पुरस्कार व आर्थिक सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर मिलें।

डेयरी क्षेत्र में 22 कंपनियां करेंगी 695.18 करोड़ का निवेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर भी लेकर आया। ट्रेड शो में मिले प्रस्तावों के जरिए डेयरी क्षेत्र की 22 कंपनियां उत्तर प्रदेश में 695.18 करोड़ का निवेश करेंगी। कुल निवेश से 2500 से अधिक युवाओं को रोजगार व नौकरी मिलेगी। यहां डेयरी क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश ऐस इंटरनेशनल लि. की ओर से किया जाएगा। कंपनी हाथरस, अलीगढ़ व आगरा में 457 करोड़ का निवेश कर 1500 युवाओं को रोजगार/नौकरी देगी। वहीं केयरब्रो इनोवेटर्स प्रा. लि. की ओर से 100 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।  ऐस इंटरनेशनल लि. करेगी 457 करोड़ का निवेश, 1500 युवाओं को देगी रोजगार  ऐस इंटरनेशनल लिमिटेड के आदित्य गोयल उत्तर प्रदेश को निवेश का सबसे उपयुक्त गंतव्य मानते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी यहां 457 करोड़ का निवेश करेगी। उन्होंने हाथरस, अलीगढ़, आगरा में प्रस्तावित निवेश को लेकर विभाग से समन्वय किया है। वे लगभग 1500 से अधिक युवाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें समृद्धि के राह पर लाएंगे।  अयोध्या, लखनऊ, मेरठ व बरेली में 100 करोड़ का निवेश करेगी केयरब्रो इनोवेटर्स प्रा. लि.  केयरब्रो इनोवेटर्स प्रा. लि. की ओर से दुग्धशाला विकास विभाग को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। निवेशक अमित सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी अयोध्या, लखनऊ, मेरठ व बरेली में 100 करोड़ का निवेश करेगी। इसके जरिए 250 से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा।  सहकारी व निजी क्षेत्र के उद्यमियों को प्रदान किया गया प्रमाण पत्र  दुग्धशाला विकास विभाग की ओऱ से उप्र दुग्धशाला विकास व दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत यह निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। विभाग, सहकारी व निजी डेयरी उद्यमियों के स्टॉल पर लगभग काफी भीड़ भी रही। पराग-अमूल, नमस्ते इंडिया, पारस डेयरी, ज्ञान डेयरी, न्यू एरा डेयरी, अल्फा मिल्क फूड्स, सीपी मिल्क समेत अनेक कंपनियों ने हिस्सा लिया। वित्त नियंत्रक अरविंद कुमार सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी एपी सिंह, दुग्धशाला विकास अधिकारी आईबी सिंह आदि ने निवेशकों, आगंतुकों को विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।  विभाग को मिले शीर्ष 5 निवेश प्रस्ताव  कंपनी                  निवेश प्रस्ताव     रोजगार    प्रस्तावित जनपद  ऐस इंटरनेशनल लिमिटेड   457 करोड़   1500  हाथरस, अलीगढ़ व आगरा  केयरब्रो इनोवेटर्स प्रा. लि.    100 करोड़   250  अयोध्या, मेरठ, लखनऊ व बरेली अंजुम डेयरी         50 करोड़           40   मुरादाबाद, अमरोहा व रामपुर ग्विन व्हे प्रोटीन एलएलपी        27 करोड़    250   एटा, फिरोजाबाद व इटावा गौरी फूड एंड बेवरेजेज    14.65 करोड़      55   झांसी  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) में दुग्धशाला विकास विभाग को 695.18 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। निवेश से प्रदेश के अनेक जनपदों में यह प्रस्ताव धरातल पर उतरेंगे। इससे प्रदेश के 2500 से अधिक युवाओं को रोजगार/नौकरी भी मिलेगी। इसके अतिरिक्त विभाग अन्य निवेशकों को प्रदेश में आमंत्रित कर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कार्य कर रहा है।  धनलक्ष्मी के.  दुग्ध आयुक्त, उत्तर प्रदेश

गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, प्रभावितों तक शीघ्र पहुंच रही मदद

कुशीनगर में बाढ़ राहत को युद्धस्तर पर किया गया सक्रिय, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ समेत टीमें तैनात गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, प्रभावितों तक शीघ्र पहुंच रही मदद बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 16 राहत शिविर और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय 13 हजार से अधिक लंच पैकेट और 2100 राशन किट बांटे, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे लोग प्रभावित गांवों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई सक्रिय, गांवों में पहुंचाई जा रही हर जरूरी राहत लखनऊ/कुशीनगर  उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को लेकर योगी सरकार की ओर से प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने प्राथमिकता पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही उन्हें समय पर भोजन, राशन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराया है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक 29 सितंबर को सुबह आठ बजे बड़ी गंडक नदी का जलस्तर 96.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के बिंदु 96 मीटर से 0.48 मीटर ऊपर था। वाल्मीकि नगर बैराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण खड्डा तहसील के 18 और तमकुहीराज तहसील के 14 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया राहत कार्यों के तहत प्रभावित गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 10 बाढ़ चौकियां और 16 राहत शिविर स्थापित किए हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी भी तैनात बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दलों की टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी नावों की व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्थानीय गोताखोरों की 66 सदस्यीय टीम भी सक्रिय है। 16 सामुदायिक रसोई से उपलब्ध कराया जा रहा भोजन प्रभावित लोगों को भोजन की समस्या न हो, इसके लिए खड्डा तहसील में 13 और तमकुहीराज तहसील में तीन सामुदायिक रसोई स्थापित की गई हैं। इन रसोइयों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को नियमित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से 13,030 लंच पैकेट और 2,100 राशन किट वितरित किए जा चुके हैं। राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की भी व्यवस्था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो मेडिकल टीमों को लगाया गया है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत आपूर्ति सहित संबंधित विभागों को भी राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय रखा गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार बचाव एवं राहत कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। योगी सरकार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था के तहत प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने दोषी माना

मेरठ मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है. कोर्ट ने दोनों को दोषी तो ठहराया, लेकिन अभी सजा का ऐलान नहीं किया है. अदालत के फैसले के बाद अब दोनों को मिलने वाली सजा पर फैसला होना बाकी है।  बता दें, यह मामला 3 मार्च 2025 का है. आरोप है कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत का मर्डर कर शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर ऊपर से सीमेंट भरकर सील कर दिया था.  करीब 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में केस का ट्रायल शुरू हुआ. पुलिस ने मामले में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस दौरान 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. लंबी सुनवाई और अंतिम बहस के बाद 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।  हत्या से कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने तक का पूरा घटनाक्रम सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटा था. अगले दिन 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में घर पर पार्टी रखी. इसके कुछ दिन बाद 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया. इसके बाद 3 मार्च को मामले ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे घटनाक्रम को हत्या के केस में बदल दिया. टाइमलाइन के मुताबिक, मुस्कान ने डिनर में सौरभ को नींद की दवा मिला दी. इसके बाद साहिल शुक्ला को फोन करके बुलाया गया. आरोप है कि सौरभ की हत्या करने के बाद उसके शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर दिया गया।  4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई. इसके बाद 17 मार्च को मुस्कान हिमाचल से वापस लौटी और मायके पहुंचकर अपने पिता-मां को घटना के बारे में बताया. 18 मार्च को पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची. वहां पुलिस को ड्रम में सौरभ की बॉडी मिली. इसके बाद पुलिस ने साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया. 19 मार्च को पुलिस ने साहिल और मुस्कान को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. इसी दौरान सौरभ के शव के चार टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया।  जांच आगे बढ़ी तो सामने आए कई अहम सुराग 12 मई को पुलिस ने 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में 34 गवाहों का जिक्र किया गया था. पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया गया. 17 जून को मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए. इसके बाद मामले में ट्रायल शुरू हुआ. 4 जुलाई को सौरभ के भाई बबलू की कोर्ट में गवाही हुई. इसके बाद जुलाई से नवंबर के बीच परिवार, पुलिस, डॉक्टर, डांसर और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए।  ड्रम और दूसरे सामान को बनाया गया सबूत 19 दिसंबर को कोर्ट में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किए गए. इन्हें मामले में महत्वपूर्ण सबूत बताया गया. इसके बाद 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कोर्ट में कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट पेश की. 21 अप्रैल को कोर्ट में मुस्कान और साहिल पर लगे आरोपों को लेकर सुनवाई हुई. दोनों ने अपने ऊपर लगे 32 साल की सजा वाले आरोपों को मानने से इनकार कर दिया।  इसके बाद 22 मई से 17 सितंबर के बीच मामले में अंतिम बहस चली. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अब इस मामले में 19 सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन कोर्ट ने फैसले की तारीख 30 सितंबर तय कर दी. यानी करीब सात महीने तक चली जांच, गवाहियों, सबूतों और अंतिम बहस के बाद अब मामले में फैसला आने का इंतजार है। 

गोरखपुर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं करीब 150 लोगों की समस्याएं

सुनिश्चित होगा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री गोरखपुर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं करीब 150 लोगों की समस्याएं मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से कराएं समस्याओं का निराकरण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने समस्या/शिकायत लेकर आए लोगों से कहा कि चिंता मत करिए, सरकार हर व्यक्ति की समस्या का समाधान प्रतिबद्धता से कराएगी। इस अवसर पर सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।  गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। बुधवार को भी जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार विवेकाधीन कोष से धन उपलब्ध कराएगी।  गुरु पूजा करने के बाद सीएम योगी ने की गोसेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर होते हैं तो प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद अपने पूज्य गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाना, आशीर्वाद लेना उनकी दिनचर्या में शामिल होता है। पर, इस बुधवार उनके लिए गुरु की विशेष पूजा का अवसर था। बुधवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी विशेष पूजा अर्चना की। मंदिर प्रवास के दौरान पारंपरिक दिनचर्या के अनुसार मुख्यमंत्री गोसेवा करने गोशाला में भी पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। गोशाला में मुख्यमंत्री के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संतजन भी उपस्थित रहे।

लखनऊ में उद्योग बंधु की बैठक, जलभराव-सड़क की बदहाली पर डीएम ने अफसरों को लगाई फटकार

 लखनऊ  औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों की समस्या पर जिलाधिकारी विशाख जी ने नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में अमौसी-नादरगंज और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी और सड़कों की बदहाली व अन्य सुविधाओं को लेकर समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित विभागों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर मार्ग के किनारे एनएचएआई की ओर से बनाए जा रहे ड्रेन का लेवल औद्योगिक क्षेत्र के ड्रेन से ऊंचा होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने का मामला बैठक में उठा। पूर्व में गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट शासन को बजट स्वीकृति के लिए भेजी गई थी। नगर निगम ने बताया कि ड्रेनेज व्यवस्था के विकास का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। इसका कार्य सीएंडडीएस की ओर से कराया जाएगा। एसटीपी के दौरान खराब हुई सड़क, जांच के आदेश उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की समस्या उठाई। इससे माल ढुलाई और औद्योगिक इकाइयों के कामकाज पर असर पड़ने की बात कही गई। यूपीसीडा ने बताया कि एसटीपी निर्माण के लिए पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस पर डीएम ने कहा कि एसटीपी निर्माण के स्वीकृत बजट में ही सड़क रेस्टोरेशन का प्रावधान किया जाना था। मामले की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम को एसटीपी के मूल बजट में सड़क रेस्टोरेशन के लिए स्वीकृत धनराशि और जल निगम द्वारा अब तक सड़क की मरम्मत पर खर्च की गई राशि का विवरण जुटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। नादरगंज-अमौसी औद्योगिक क्षेत्र से सुनहरा रोड होते हुए रिंग रोड तक जाने वाली 5.7 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का मामला भी बैठक में उठा। लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़क को कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। बैठक में चर्चा हुई कि तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में नाली निर्माण का काम अभी शेष है। इसके अलावा निवेश मित्र पोर्टल 2.0 और 3.0 पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा करने और निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खासकर हाउसिंग, फिल्म बंधु, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, प्रदूषण और विद्युत विभाग से जुड़े समय सीमा पार कर चुके मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

राजभर ने अखिलेश से पूछा- ‘राज्यसभा के तीनों प्रत्याशी आपके PDA वाले होंगे या परिवार, दौलतमंद और अपराधी जाएंगे?’

राजभर का अखिलेश पर हमला- ‘PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को राज्यसभा भेजने की जुगत में लगे हैं’ राजभर ने अखिलेश से पूछा- ‘राज्यसभा के तीनों प्रत्याशी आपके PDA वाले होंगे या परिवार, दौलतमंद और अपराधी जाएंगे?’ ‘पहला प्रोफेसर साहब, ये PDA वाले परिवार से हो गए; अब D और A से कौन होगा?’ राजभर का अखिलेश पर तंज अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर राजभर का सवाल- ‘D से दौलतमंद और A से कोई अपराधी होगा क्या?’ ‘पिछड़े, दलित और मुसलमान जानना चाहते हैं’, राजभर बोले- ‘PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को संसद भेजने की जुगत कैसे?’ राजभर की अखिलेश को सीधी सलाह- ‘तीन राज्यसभा प्रत्याशियों के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा’ लखनऊ  उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से तीन प्रत्याशी उतारने की चर्चा के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के ‘PDA’ फॉर्मूले पर सवाल उठाते हुए राज्यसभा के प्रत्याशियों को लेकर सीधे निशाना साधा। राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए की। उन्होंने लिखा, ‘अखिलेश जी, सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके ‘पीडीए’ वाले होंगे या नहीं?’ ‘पहला तो प्रोफेसर साहब हैं, ये आपके PDA वाले परिवार से हो गए’ राजभर ने आगे सपा के संभावित प्रत्याशियों में प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नाम की चर्चा का हवाला देते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा, ‘पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले ‘परिवार’ से हो गए। अब ‘डी’ और ‘ए’ से कौन होगा?’ इसके बाद राजभर ने PDA की व्याख्या को लेकर तंज कसते हुए सवाल किया कि ‘डी से कोई ‘दौलतमंद’ होगा क्या? ए से कोई ‘अपराधी’?’ ‘पिछड़े, दलित और मुसलमान जानना चाहते हैं PDA में परिवार-दौलतमंद-अपराधी कैसे?’ राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को सीधे पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज से जोड़ते हुए लिखा कि ‘सभी पिछड़े वर्ग के लोग, दलित भाई और मुसलमान भाई जानना चाह रहे हैं कि आपके पीडीए में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को कैसे आप संसद के ऊपरी सदन भेजने की जुगत में लगे हैं।’ ‘तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा’ राजभर ने अपनी पोस्ट के आखिर में अखिलेश यादव को राज्यसभा चुनाव के गणित को लेकर भी सलाह दी। उन्होंने लिखा, ‘आख़िर में एक और सलाह है। तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा।’

सीएम योगी बोले- सनातन के बिना भारत की कल्पना अधूरी

लखनऊ  युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यस्मृति के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा के विराम पर बोले मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के विराम सत्र को संबोधित करते हुए सनातन धर्म और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सनातन भारत का मूल धर्म है और देश की पहचान उसकी धर्मनगरी अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज की परंपराओं से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गोवंश संरक्षण, प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया तथा प्रदेश में गोशालाओं के संचालन और गोवंश संरक्षण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज का किया उल्लेख दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण और व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश की सनातन धर्मनगरियों के मर्म को नहीं पहचानते, वे उत्तर प्रदेश और भारत को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या की मर्यादा, काशी की चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और कुंभनगरी प्रयागराज की सामाजिक समरसता को समझे बिना उत्तर प्रदेश और भारत को समझना संभव नहीं है। गोमाता में सनातन धर्म की पहचान: योगी मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म में गोमाता की प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन की पहचान गोमाता में है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में पहला ग्रास गोमाता का माना गया है। उनके अनुसार, यदि हर सनातनी इस परंपरा का पालन करता तो गोमाता सड़कों पर नहीं विचरतीं। उन्होंने कहा कि इसी तरह अंतिम ग्रास श्वान का माना गया है। यदि इस परंपरा का पालन किया जाता तो सड़क पर निराश्रित कुत्ते राहगीरों को शिकार नहीं बनाते। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में लोगों ने अपने ऋषि-मुनियों की परंपरा का अनुसरण नहीं किया। गोमाता के संरक्षण पर दिया जोर सीएम योगी ने कहा कि धरती माता का एक नाम गोमाता भी है और धरती माता को बचाने के लिए गोमाता को भी बचाना होगा। उन्होंने कहा कि गोमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार अपने स्तर से प्रयास कर रही है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सात हजार से अधिक गोशालाओं के माध्यम से 16 लाख से अधिक गोवंश का लालन-पालन किया जा रहा है। उन्होंने गोवंश संरक्षण के लिए नागरिकों की सहभागिता पर भी जोर दिया। भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य मुख्यमंत्री ने बताया कि गोमाता और गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार निराश्रित गोवंश को रखने पर किसानों को प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता भी देती है। इसी तरह निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण पोषण की धनराशि दी जाती है। सीएम ने कहा कि देसी भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य होता है। आमजन भी गोशाला के संचालन में भागीदार बनकर पुण्य लाभ ले सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि गोशाला में गोवंश को गोद लीजिए। उसके अनुरूप व्यवस्था करिए और गोपाष्टमी पर तिलक लगाकर उनका पूजन करिए। ऐसा करने पर आपका घर धन-धान्य से पूर्ण होगा, जीवन सुखमय होगा, सभी प्रकार की आरोग्यता की प्राप्ति होगी और गोमाता के आशीर्वाद से दुख, दरिद्रता नहीं रहेगी। हर बीमारी का रामबाण उपचार है देसी गाय मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी जैसी बीमारियों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सब सिस्टम की गलती का नतीजा है, जिसने रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक दवाओं के इस्तेमाल से हर खाद्यान्न को प्रभावित कर दिया है। इसका समाधान सिर्फ उपचार नहीं है। इस समस्या का समाधान भारतीय गोमाता आधारित प्राकृतिक खेती में है। गाय के गोबर से की गई प्राकृतिक खेती से उपजा अन्न उपयोग किया जाएगा तो कैंसर, किडनी व लीवर की खराबी, डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होगी और तनाव भी नहीं होगा। गंभीर बीमारियों का रामबाण उपचार भारतीय नस्ल की गोमाता हैं, इसलिए हमें गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से इलाज के अतिरिक्त, गरीबों की गंभीर बीमारियों के इलाज में उन्होंने अपने विवेकाधीन कोष से 1400 करोड रुपये अलग से दिए हैं। कथा व्यास की मुक्त कंठ से सराहना की सीएम योगी ने कथा व्यास मलूकपीठाधीश्वर, वृंदावन से पधारे स्वामी श्री राजेंद्रदास द्वाराचार्य की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वामी जी ने अत्यंत सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। इस कथा के मध्य में देश के कई राज्यों में भीषण आपदा ने जन जीवन को प्रभावित किया। पर, गोरखपुर में शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की पावन भूमि पर कथा व्यास के मुखारविंद से पावन कथा अनवरत श्रद्धाभाव से चलती रही। आपदा भी इसके मार्ग में बाधक नहीं बनी और यही भारत की पहचान है। आपदाओं का सामना करके भी कथा अनवरत ससमय प्रारंभ होती रही और सभी श्रद्धालुओं ने मर्यादा, समता, भक्ति और जीवंतता से कथा का आनंद लिया। कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन व यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के जलशक्तमंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मस्तनाथ पीठ अस्थल बोहर रोहतक हरियाणा के महंत एवं राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, वाराणसी से आए डॉ. रामकमल दास वेदांती, अयोध्या से आए स्वामी रामदिनेशाचार्य, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित कई साधु संत, यजमानगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। निराश्रित गोवंश के लिए 1500 रुपये की सहायता मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार निराश्रित गोवंश को रखने वाले किसानों को प्रति गोवंश प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसी तरह निराश्रित गोआश्रय स्थलों से कुपोषित परिवारों के लिए बियाही गाय और उसके भरण-पोषण की धनराशि दी जाती है। सीएम ने कहा कि देसी भारतीय नस्ल की गोमाता का दूध अमृततुल्य होता है। उन्होंने आमजन से गोशालाओं के संचालन में भागीदार बनने और गोवंश को गोद लेने का आह्वान किया। प्राकृतिक खेती को बताया समाधान मुख्यमंत्री ने कैंसर, किडनी और लिवर की खराबी जैसी बीमारियों पर चिंता जताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और खतरनाक दवाओं के इस्तेमाल से खाद्यान्न प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसका समाधान केवल उपचार नहीं, बल्कि भारतीय गोमाता आधारित प्राकृतिक खेती में है। … Read more