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प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण

मिशन शक्ति 5.0: बालिकाओं ने सरकारी अस्पतालों का भ्रमण कर सीखी स्वास्थ्य सुरक्षा की बारीकियां  प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण 1,21,103 बालिकाओं को प्रशिक्षित सरकारी चिकित्साकर्मियों से मिले स्वास्थ्य टिप्स   स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब्स जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा – व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मिली महत्वपूर्ण जानकारी – सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव बालिकाओं को सशक्त बनाएगा: मोनिका रानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल के तहत 1,21,103 छात्राओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला/सरकारी अस्पतालों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष परिचय कराना और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का भ्रमण कर छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।  बता दें कि इस पहल को गतिशील बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को शुभारम्भ किए गए मिशन शक्ति 5.0 ने केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान लगातार सक्रिय और प्रभावशाली बनाते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर रहा है। ऐसे मिला प्रत्यक्षा अनुभव बालिकाओं को पंजीकरण काउंटर पर जाकर अपना ओपीडी पर्चा बनवाने का अनुभव कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पहला कदम सीखने को मिला। इसके साथ ही छात्राओं ने बारी-बारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुलाकात की और अपने सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नों पर परामर्श लिया। यह अनुभव उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाला तो रहा ही, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला रहा।। रोग, जांच और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की मिली जानकारी कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न जाँचों जैसे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा आदि की प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कई स्थानों पर छात्राओं को इन जाँचों के डेमो भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं बेटियां इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाएँ न केवल शिक्षित हुईं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं। छात्राओं ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास बढ़ाया और समझा कि सही जानकारी और प्रत्यक्ष अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार बना।  मिशन शक्ति 5.0 ने बालिकाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया और उन्हें स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। यह पहल न केवल उनके विश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ाती है, बल्कि समाज में सशक्त नारी की नींव भी मजबूत करती है। – मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

छात्रों के लिए खुशखबरी! इस सरकारी स्कॉलरशिप से हर महीने होगी कमाई, आवेदन प्रक्रिया शुरू

कासगंज राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की तिथि शासन स्तर से बढ़ा दी गई है। यह परीक्षा अब नौ अक्टूबर को होगी। इसके लिए आनलाइन आवेदन चार अक्टूबर तक किए जाएंगे। कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को अभी से तैयारियां में जाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृति योजना परीक्षा 2026-27 की लिखित परीक्षा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। परीक्षा की तिथि में परिवर्तन किया गया है। नौ अक्टूबर को परीक्षा का जिले में आयोजन होगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि चार अक्टूबर कर दी गई है। निर्धारित तिथि पर आनलाइन आवेदन किए जाएंगे। आवेदनों की जांच एवं संशोधन के लिए पांच से सात अक्टूबर तक तिथि का निर्धारण किया गया है। कक्षा सात की परीक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीण करने वाले विद्यार्थी पात्र माने जाएंगे। एससी और एसटी के लिए पांच प्रतिशत की छूट होगी। राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त स्थानीय निकाय के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा आठ के परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिन अभिभावकों की वार्षिक आय तीन लाख 50 हजार से अधिक होगी उन्हें अपात्र माना जाएगा। इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उत्तीर्ण प्रतिभागी को दिए जाएंगे। बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिक से अधिक आवेदन कराएं जा रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।

Gangotri और Yamunotri बंद होने वाली हैं, जानें आखिर कब समाप्त होगी चारधाम यात्रा

उत्तराखंड  उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के शीतकाल के लिए कपाट बंद होने की तिथियां पंचांग के अनुसार निर्धारित कर दी गई हैं। गंगोत्री धाम: 22 अक्तूबर को बंद होंगे कपाट गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए 22 अक्तूबर को बंद किए जाएंगे। कपाट अन्नकूट पर्व पर, सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में विधिविधान के साथ बंद होंगे।  कपाट बंद होने के बाद, मां गंगा की भोगमूर्ति को विग्रह डोली में आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना किया जाएगा। डोली 22 अक्तूबर की रात्रि में मार्कडेंय मंदिर में विश्राम करेगी और अगले दिन, 23 अक्तूबर को दोपहर में मुखबा गांव पहुंचेगी, जहां गंगा मंदिर में मूर्ति स्थापित की जाएगी।  गंगोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि कपाट बंद करने की तिथि और मूहूर्त नवरात्र के शुभ अवसर पर पंचांग के अनुसार निकाले गए हैं। यमुनोत्री धाम: भैयादूज पर 23 अक्तूबर को बंद होंगे कपाट यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के शुभ अवसर पर 23 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरूषोत्तम उनियाल ने बताया कि कपाट बंद करने का मूहूर्त दो अक्तूबर को विजयदशमी के पर्व पर पंचांग के अनुसार निकाला जाएगा। इन तिथियों की घोषणा के साथ ही, प्रशासन और मंदिर समितियों ने यात्रा के अंतिम चरण की तैयारियों को तेज कर दिया है। लाखों तीर्थयात्रियों की आस्था के केंद्र दोनों धामों के कपाट बंद होने के बाद, अगले छह माह तक श्रद्धालु मां गंगा और मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर कर सकेंगे।  

अश्लील गानों पर डांस ने रामलीला को बनाया विवाद का केंद्र

वाराणसी दशहरा से पहले यूपी के वाराणसी में रामलीला का आयोजन किया गया। लेकिन, इस रामलीला के मंच पर भव्यता की जगह अश्लीलता देखने को मिली। मंच पर अश्लील डांस किया गया और भोजपुरी के अश्लील गीतों पर ठुमके लगाए गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में बवाल मच गया।  वीडियो हुआ वायरल  बता दें कि यह घटना चेतगंज थाना क्षेत्र के श्री चेतगंज रामलीला मंच की है। यहां ताड़का वध के मंचन के दौरान भोजपुरी के अश्लील गानों पर डांसर के ठुमके वायरल हो गए। वीड‍ियो में देखा जा सकता है कि रामलीला के पात्रों के ठीक आगे काली साड़ी में ठुमके लगाती नृत्‍यांगना को देखकर मंच से ही मर्यादा तार तार होते नजर आ रही है। इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। रामलीला का यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, लेकिन इस बार मंच पर हुई अश्लीलता ने आयोजकों को शर्मिंदा कर दिया।  आयोजकों ने मांगी माफी  वीडियो के वायरल होने के बाद शहर में बवाल मच गया। सभी ने इसकी निंद की। जिसके बाद आयोजकों ने लोगों ने माफी मांगी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक गलती थी और भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी और इसे रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएगे। आयोजकों ने कहा कि रामलीला का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि धार्मिक शिक्षा और संस्कृति का प्रचार करना ही है। यह डांस नहीं होना चाह‍िए था। 

वार्षिक विवाद: बांके बिहारी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ा, गोस्वामी समाज ने किया साइन पर आपत्ति जताई

मथुरा  श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन स्थित विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर एक बार फिर विवादों में है। दर्शन समय बढ़ाने को लेकर जहां प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया गया, वहीं मंदिर से जुड़े गोस्वामी समाज के कुछ सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया है। मामला उस समय और गहराया जब गोस्वामी समाज के एक प्रमुख सेवायत ने आरोप लगाया कि उन पर मानसिक दबाव बनाकर जबरन सहमति ली गई। हाई पावर कमेटी ने लिया निर्णय, आज से नई समय सारणी लागू ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी की अब तक पांच बैठकें हो चुकी हैं। चौथी बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि दर्शन का समय बढ़ाया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक समय मिल सके और भीड़ का प्रबंधन बेहतर हो सके। पांचवीं बैठक, जो लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन, वृंदावन में आयोजित की गई, उसमें दर्शन समय में परिवर्तन को अंतिम रूप दिया गया। 30 सितंबर से नई व्यवस्था लागू हो गई, जिसके अनुसार अब मंदिर में दर्शन का समय पहले से अधिक होगा। विवाद की वजह: दबाव में सहमति? हालांकि, इस निर्णय को लेकर अब असहमति की आवाजें उठने लगी हैं। सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उन पर मानसिक दबाव डालकर सहमति ली गई। उनका कहना है कि वे शुरुआत से ही दर्शन समय में परिवर्तन के खिलाफ थे और विरोध दर्ज कराने के लिए लिखित पत्र भी लाए थे, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।  एक चैनल से बातचीत में शैलेंद्र गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कमेटी अध्यक्ष और पूर्व न्यायमूर्ति हाई पावर कमेटी को मनमानी तरीके से चला रहे हैं और सेवायतों की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है। सेवायतों की भूमिका और मतभेद मंदिर प्रबंधन में राजभोग और शयन भोग सेवायतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पैनल में शामिल चार सेवायतों में से शैलेंद्र गोस्वामी ने कहा कि वे कभी भी समय परिवर्तन के पक्ष में नहीं थे और बैठक में दबाव के चलते उनसे सहमति हस्ताक्षर कराए गए। क्या है आगे की राह? मामला अब केवल धार्मिक नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। गोस्वामी समाज के विरोध को लेकर अटकलें हैं कि सुप्रीम कोर्ट में फिर से कोई नई याचिका दाखिल की जा सकती है। फिलहाल, नए समय अनुसार दर्शन व्यवस्था जारी है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय शायद न्यायालय ही लेगा।  

पैर में लगी गोली के बाद बदमाश धराशायी, बरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बरेली बरेली बवाल में बारादरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 26 सितंबर को श्यामगंज पुल के पास पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले बदमाश को पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। जानकारी के मुताबिक, 30 सितंबर की दोपहर बारादरी थाना क्षेत्र के रुहेलखंड चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि श्यामगंज पुल फायरिंग का आरोपी हारुन नगला पुल के पास बिना नंबर की काली अपाचे बाइक से खड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी बाइक से भागने लगा। पीछा करने पर वह राधा माधव स्कूल के पास पानी टंकी के निकट मोटरसाइकिल छोड़कर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई और वह गिर पड़ा। मौके से पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा, खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और संदिग्ध अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।पकड़े गए आरोपी की पहचान ताजिम पुत्र हसीन निवासी काजी टोला थाना बारादरी, उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक ताजिम पर पहले से गो-कशी और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं। पूछताछ में सामने आया कि उसे मौलाना और सभासद अनीश ने दंगा भड़काने के लिए अवैध असलहे के साथ भीड़ में शामिल होने को कहा था। इसी ताजिम ने श्यामगंज पुल पर पुलिस पर फायरिंग की थी। फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।  

प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और केजीबीवी की बालिकाओं ने किया भ्रमण

स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब्स जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मिली महत्वपूर्ण जानकारी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव बालिकाओं को सशक्त बनाएगा: मोनिका रानी लखनऊ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत प्रदेशभर के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठी पहल के तहत 1,21,103 छात्राओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला/सरकारी अस्पतालों का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से प्रत्यक्ष परिचय कराना और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के विभिन्न विभागों जैसे ओपीडी, फार्मेसी, टीकाकरण कक्ष और पैथोलॉजी लैब का भ्रमण कर छात्राओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा।  बता दें कि इस पहल को गतिशील बनाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को शुभारम्भ किए गए मिशन शक्ति 5.0 ने केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में यह अभियान लगातार सक्रिय और प्रभावशाली बनाते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान कर रहा है। ऐसे मिला प्रत्यक्षा अनुभव बालिकाओं को पंजीकरण काउंटर पर जाकर अपना ओपीडी पर्चा बनवाने का अनुभव कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने का पहला कदम सीखने को मिला। इसके साथ ही छात्राओं ने बारी-बारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुलाकात की और अपने सामान्य स्वास्थ्य प्रश्नों पर परामर्श लिया। यह अनुभव उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने वाला तो रहा ही, संवाद कौशल और आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाला रहा।। रोग, जांच और स्वास्थ्य प्रक्रियाओं की मिली जानकारी कार्यक्रम में बालिकाओं को विभिन्न जाँचों जैसे रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा आदि की प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कई स्थानों पर छात्राओं को इन जाँचों के डेमो भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, एनीमिया से बचाव और महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं बेटियां इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाएँ न केवल शिक्षित हुईं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हुईं। छात्राओं ने सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास बढ़ाया और समझा कि सही जानकारी और प्रत्यक्ष अनुभव से ही स्वास्थ्य सेवाओं का पूर्ण लाभ लिया जा सकता है। इतना ही नहीं, मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार बना। 

संपत्ति देख उड़ जाएंगे होश! कानपुर के कानूनगो को योगी सरकार ने डिमोट कर लेखपाल बनाया

कानपुर  उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में राजस्व विभाग के एक अधिकारी आलोक दुबे के खिलाफ बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आमतौर पर कानूनगो पद पर काम करने वाले अधिकारी की सैलरी कम होती है और जीवन साधारण होता है, लेकिन जांच में पता चला कि आलोक दुबे करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। योगी सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे कानूनगो पद से डिमोट कर लेखपाल बना दिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। कैसे हुआ करोड़पति कानूनगो का खुलासा? मिली जानकारी के मुताबिक, आलोक दुबे का नाम लंबे समय से कानपुर के जमीन कारोबार में विवादित जमीनों पर वारासत और बैनामा करने के मामले में सुर्खियों में था। शिकायतें मिलीं कि वह गैरकानूनी तरीके से जमीनों पर कब्जा कर रहा है। इस मामले में प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए। एडीएम (न्यायिक), एसडीएम सदर और एसीपी कोतवाली की संयुक्त टीम ने जांच की तो पाया कि दुबे ने कानूनी रोक लगे हुए जमीनों पर फर्जी वारासत और बैनामा कर दिया था। इन जमीनों में से एक जमीन को एक निजी कंपनी को भी बेच दिया गया था, जिससे भ्रष्टाचार का खेल सामने आया। 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का मालिक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आलोक दुबे, उसकी पत्नी और बच्चों के नाम कानपुर, दिल्ली और नोएडा में करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। दुबे ने रिंग रोड परियोजना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद-फरोख्त की। अनुमान है कि उसने 56 संपत्तियों में निवेश किया है। सरकारी पद का दुरुपयोग कर उसने अपनी संपत्ति में भारी वृद्धि की। विभागीय जांच और डिमोशन मार्च 2025 में दुबे के खिलाफ कानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विभागीय जांच में उसे चार गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया। अगस्त 2025 में उसकी व्यक्तिगत सुनवाई भी हुई। जांच अधिकारी ने साफ कहा कि दुबे ने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति भूमि खरीदी और बेच दी। इसके बाद डीएम ने आदेश जारी कर उसे कानूनगो पद से घटाकर लेखपाल बना दिया। प्रशासन ने कहा कि अब भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   संदिग्ध साथियों की भी जांच जारी जांच में दुबे के साथ काम करने वाले कुछ अन्य राजस्व कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। विशेष रूप से क्षेत्रीय लेखपाल अरुणा द्विवेदी का नाम सामने आया है। प्रशासन ने कहा है कि उनकी संलिप्तता पाए जाने पर उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। जनता का भरोसा और प्रशासन की सख्ती डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों का काम जनता के अधिकार और जमीन की सुरक्षा से जुड़ा होता है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी जनता का विश्वास टूटने का कारण बनते हैं। योगी सरकार ने साफ कहा है कि जमीन माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी। जमीन माफिया के साथ सांठगांठ का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि आलोक दुबे सिर्फ सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि जमीन माफिया के लिए भी ‘सेटिंग मास्टर’ था। आरोप है कि वह माफिया को पहले से सूचना देता था कि कौन से इलाके में सड़क या रिंग रोड बन रही है, जिससे माफिया उस इलाके में जमीन खरीदकर भारी मुनाफा कमाते थे। बदले में दुबे को भी हिस्सा मिलता था। कानूनगो और लेखपाल पद की जानकारी राजस्व विभाग में लेखपाल सबसे निचले स्तर का अधिकारी होता है, जो ग्राम स्तर पर भूमि के रिकॉर्ड रखता है और छोटे विवाद सुलझाता है। वहीं कानूनगो लेखपालों की देखरेख करता है और उससे ऊपर का पद होता है। आलोक दुबे के डिमोशन से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।  

‘लोकल टू वोकल’ को नई उड़ान: यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वदेशी मेले, कारीगरों की चमक बढ़ेगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए इस दीपावली कुछ खास होने वाला है। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत इस साल दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'स्वदेशी मेला' लगाया जाएगा। इन मेलों में स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी और छोटे उद्यमी अपने उत्पादों को सीधे जनता के सामने पेश कर सकेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के बैनर तले होगा, जिसकी थीम “स्वदेशी उत्पाद और लोकल से वोकल” होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को हरी झंडी दे दी है। सभी जिलों में 9-10 दिन तक चलेगा मेला MSME मंत्री राकेश सचान ने बताया कि पहले यह मेला सिर्फ 18 मंडलों में ही लगता था, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में फैलाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में यह मेला करीब 9 से 10 दिनों तक चलेगा और इसका उद्घाटन स्थानीय मंत्री या विधायक करेंगे। कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा मंच इस पहल का मकसद है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा बाजार मिले, ताकि वे अपने सामान बेचकर अच्छी कमाई कर सकें। खास बात ये है कि इन मेलों में हर जिले के ODOP (One District One Product) और GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल लोगों को अपने जिले के उत्पादों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अन्य जिलों और राज्यों के खास उत्पाद भी देख और खरीद सकेंगे। उपभोक्ताओं को मिलेगा सही दाम पर गुणवत्तापूर्ण सामान मेले में बिक्री होने वाले सभी उत्पादों की कीमतों में पारदर्शिता होगी। GST सुधारों की वजह से ग्राहक सही दाम में सामान खरीद पाएंगे। मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल कारीगरों की आय तो बढ़ाएगी ही, साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण और सस्ते उत्पाद मिलेंगे।   हर जिले में खुलेंगे 'यूनिटी मॉल' सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'यूनिटी मॉल' बनाए जाएंगे। फिलहाल लखनऊ, वाराणसी और आगरा में केंद्र सरकार की मदद से यूनिटी मॉल की स्थापना शुरू हो चुकी है। इन मॉल्स में हर जिले के खास उत्पादों के साथ-साथ देशभर के ODOP उत्पाद भी मिलेंगे। इसका मकसद है कि एक ही जगह पर देशी और विविधता भरे उत्पाद उपलब्ध हों, जिससे न सिर्फ बिक्री बढ़े बल्कि स्थानीय कारीगरों को पहचान भी मिले। 'वोकल फॉर लोकल' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'लोकल टू वोकल' अभियान को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी और लोगों को भी भारतीय उत्पादों के प्रति ज्यादा रुझान और भरोसा बनेगा। डिजिटल और सोशल मीडिया से होगा प्रचार इस बार मेलों के प्रचार-प्रसार में डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया जाएगा। इससे न केवल यूपी बल्कि पूरे देश के लोग इन मेलों के बारे में जान पाएंगे और ऑनलाइन खरीदारी का भी विकल्प उपलब्ध होगा। यह पहल छोटे और मध्यम व्यवसायियों को राष्ट्रीय और डिजिटल बाजार तक पहुंचने में मदद करेगी। अगले साल और भी भव्य होगा आयोजन UPITS 2025 का तीसरा संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसकी अगली कड़ी 25 से 29 सितंबर 2026 तक और भी बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस बार जो कमियाँ देखी गईं, उन्हें सुधार कर अगले आयोजन को और बेहतर और व्यवस्थित बनाया जाएगा।  

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जुड़ी 1,500 से अधिक बालिकाएं

मिशन शक्ति 5.0 कन्या पूजन समारोहों में शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर जोर, मिशन शक्ति की प्रतिबद्धता को मिली मजबूती लखनऊ नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आह्वान पर पूरे उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी तिथियों पर आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक कन्याओं का सम्मानजनक पूजन किया गया। साथ ही इन आयोजनों में 1,500 से अधिक बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा भी गया है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं का कन्या पूजन धार्मिक परंपरा का निर्वहन भर ही नहीं रह गया है, बल्कि समाज में कन्या जन्म को उत्सव के रूप में स्थापित करने वाली सामाजिक क्रांति का प्रतीक भी बना है। बीते 20 सितंबर को शुरु हुए मिशन शक्ति 5.0, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का व्यापक अभियान बन गया है। कन्या पूजन के माध्यम से योगी सरकार ने समाज को गहरा संदेश भी दिया, जिसके तहत बेटियों को परिवार और समाज की आधारशिला के रूप में बताया गया है। विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में महिला कल्याण बेबी रानी मोर्या, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ये कार्यक्रम आयोजित हुए।  बालिकाओं को दी गई महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी, कन्या सुमंगला योजना के फॉर्म भरवाए गए अष्टमी के दिन विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक कन्याओं का सम्मानजनक पूजन किया गया। इन आयोजनों का मूल उद्देश्य कन्या जन्म को बोझ न मानकर आशीर्वाद के रूप में देखने को प्रेरित किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोकगीतों और संवाद सत्रों के जरिए बालिकाओं को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया।  कार्यक्रम स्थल पर विशेष काउंटरों पर कन्या सुमंगला योजना के फॉर्म भरवाए गए, जो मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बालिकाओं को जन्म से उच्च शिक्षा तक 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। परिवारों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया गया। मिशन शक्ति के तहत बाल विवाह, शिक्षा वंचना और स्वास्थ्य उपेक्षा जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया गया, जो नारी सुरक्षा के मूल सिद्धांत को मजबूत करता है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि कन्या पूजन केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संदेश है कि बेटियां हमारी शक्ति और भविष्य की धरोहर हैं। मिशन शक्ति हर कन्या को सुरक्षित-सशक्त बनाने का संकल्प है। वहीं महिला कल्याण निदेशक संदीप कौर ने कहा कि यह समारोह कन्याओं के प्रति सकारात्मक सोच का विस्तार करेगा। आज हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर बेटी अपने साथ परिवार और समाज के लिए उज्ज्वल भविष्य की संभावना लेकर आती है। मिशन शक्ति बेटियों के सशक्तिकरण की यह लौ पूरे प्रदेश में प्रज्वलित कर रहा है।