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सरकारी नौकरी सिर्फ नाम की? शिक्षकों और वैज्ञानिकों से नाराजगी जाहिर की राज्यपाल ने

मेरठ मेरठ में आयोजित दीक्षांत समारोह में पहुंची यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक बार फिर नाराज हो गईं। शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं चल रही हैं, लेकिन हम लोगों को इसका पता नहीं होता। ना ही हम अपने स्टूडेंट को बताना चाहते हैं। अभी असम में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की नींव रखी गई है, लेकिन इसका किसी को नहीं पता होगा। हम लोगों को सरकारी नौकरी चाहिए, लेकिन काम नहीं करेंगे, रिसर्च नहीं करेंगे। राज्यपाल ने इससे पहले कानपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में शिक्षकों और वैज्ञानिकों के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा, आप सभी शिक्षक, छात्र और वैज्ञानिक अपने कैंपस से निकले और गांव गांव जाकर वहां किसानों और महिलाओं से बात करें। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दें। यह हम सब की जिम्मेदारी है। जब हम 85 साल में काम कर सकते हैं तो आप क्यों नहीं। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के 18 वें दीक्षांत समारोह में पहुंची कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों से इसी अंदाज में बात की। इस समारोह में 583 उपाधियां और 26 मेडल प्रदान किए गए। कुलाधिपति ने कहा कि समाज में महिलाओं को सशक्त करना जरूरी है। महिला पर केवल घर की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि वह समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने सभी निजी स्कूलों को बुलाते हुए वहां पढ़ने वाली नौ से 15 साल की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगवाने को प्रेरित करने के लिए कहा। कुलाधिपति ने कृषि विश्वविद्यालय में उनकी टीम द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट भी पेश की। कहा कि यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी अच्छी है, लेकिन कई बिल्डिंग की छत पर पेड़ उगे हुए हैं। कई हॉस्टल में मैस नहीं चलता। सफाई अच्छी नहीं है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को बिल्डिंग पर जाकर सफाई करने को प्रेरित किया। कहा कि यह हम सब की जिम्मेदारी है कि हम अपने आसपास सफाई रखें। कुलाधिपति ने कहा कि वह दो दिन से इस क्षेत्र में है और यहां पर ड्रग्स की प्रयोग की जानकारी मिल रही है। आखिर हम अपने बच्चों को कैसे संस्कार दे रहे हैं। माता-पिता क्या कर रहे हैं। अभी तक तो केवल शराब का मामला था और अब ड्रग्स भी इसमें जुड़ गया है। लड़कियां भी ड्रग्स ले रही हैं जो अच्छा नहीं है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया । राज्यपाल ने वैज्ञानिकों और छात्रों से किसानों तक नवाचार को पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि नवाचारों को अपनाकर किसान सशक्त बनते हैं और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। कुलाधिपति के अनुसार आपकी उपलब्धि तभी सार्थक होगी जब वह सामूहिक रूप से देश के विकास में योगदान देते हैं।  

बच्चों को गाली देते देख युवक हुआ हक्का-बक्का, आखिरकार सिर फोड़ दिया

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ राम राम बोलने को लेकर विवाद हो गया। इस घटना में दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए। दरअसल गांव जिरोली डोर के समीप राह चलते एक मौलवी से बच्चों ने राम राम कर दी। ये सुनकर मौलवी भड़क गया और वह बच्चों को गाली देने लगा। जिसका बच्चों के परिजनों ने विरोध किया। इसके बाद भी मौलवी के तेवर कम नहीं हुए। इस पर विवाद बढ़ता चला गया। देखते ही देखते एक युवक ने ईंट उठाकर मौलवी के सिर में मार दी। जिससे वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। मौलवी ने भी युवक को घायल कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौलवी को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया है। मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिहार के भागलपुर निवासी मुस्तकीम पुत्र दिलाबर लोधा के गांव भगवानपुर में बनी मस्जिद में मौलवी हैं। शनिवार की शाम को करीब चार बजे वह जिरोली डोर में बच्चों को पढ़ाने के लिए जा रहे थे, तभी गांव बुलाकगढ़ी के समीप कुछ बच्चों ने उनसे राम राम किया। आरोप है कि बच्चों के राम राम करने पर मौलवी भड़क गया। मौलवी ने जवाब में बच्चों को गाली देने शुरू कर दी।  बच्चों के परिजन ने गाली गलौच का विरोध किया। इस पर विवाद बढ़ गया। आसपास के लोगों की भीड़ गई। मामला पता चला तो एक युवक ने मौलवी के सिर में ईंट से प्रहार कर दिया। ईंट लगते ही मौलवी का सिर फट गया और बुरी तरह से वह लहूलुहान हो गया। इसके बाद मौलवी ने भी युवक से ईंट छीनकर मार दी। विवाद में दोनों घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए सीएचसी नहरा में भर्ती कराया है। जहां दोनों का उपचार चल रहा है।  

पिपरहवा अवशेषों की घर वापसी से उत्तर प्रदेश को मिला वैश्विक गौरव

127 साल बाद पवित्र अवशेषों की हुई घर वापसी जल्द होगा सार्वजनिक प्रदर्शन, सुदृढ़ होगा सांस्कृतिक पर्यटन शांति और करुणा का संदेश समेटे हैं पिपरहवा अवशेष प्रधानमंत्री मोदी ने बताया था राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण शाक्य वंश से जुड़ा है पिपरहवा स्तूप लखनऊ/नई दिल्ली उत्तर प्रदेश एक बार फिर वैश्विक बौद्ध धरोहर के केंद्र में आ गया है। 127 वर्षों बाद पवित्र पिपरहवा अवशेष, जो सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा स्तूप से 1898 में खोजे गए थे, भारत वापस लौट आए हैं। औपनिवेशिक काल में विदेश ले जाए गए ये अवशेष मई 2025 में हांगकांग की एक अंतरराष्ट्रीय नीलामी में रखे गए थे। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और गॉदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप के संयुक्त प्रयास से नीलामी रुकवाई गई और 30 जुलाई 2025 को इन्हें भारत वापस लाया गया। जल्द होगा सार्वजनिक प्रदर्शन पिपरहवा अवशेषों की वापसी सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की भूमि के उस गौरवशाली इतिहास की पुनः स्थापना है, जिसने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से पूरी दुनिया को आलोकित किया। इन अवशेषों का सार्वजनिक प्रदर्शन शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध धरोहर का केंद्र बनाने और राज्य की सांस्कृतिक पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। उत्तर प्रदेश: बुद्ध की धरोहर सिद्धार्थनगर का पिपरहवा स्तूप, जहां भगवान बुद्ध के अवशेष खोजे गए; वाराणसी का सारनाथ, जहां उन्होंने प्रथम उपदेश दिया और कुशीनगर, जहां उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया—यह पावन त्रिकोण उत्तर प्रदेश को विश्वभर के करोड़ों बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ा और अद्वितीय तीर्थस्थल बनाता है। उत्तर प्रदेश की पावन धरती भगवान बुद्ध की तपोभूमि है। पिपरहवा अवशेषों की घर वापसी न केवल भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक महत्ता को भी पुनः स्थापित करती है। यह प्रदेश आज भी पूरी दुनिया को शांति, करुणा और सहअस्तित्व का संदेश देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी 127 वर्षों बाद भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भारत वापसी का स्वागत किया था और इसे राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक गर्व का क्षण बताया था। अवशेषों का महत्व इन अवशेषों में भगवान बुद्ध की अस्थियां, क्रिस्टल की पेटिकाएं, स्वर्णाभूषण और रत्न, बलुआ पत्थर का संदूक शामिल हैं। ब्राह्मी लिपि के अभिलेख इन्हें सीधे शाक्य वंश से जोड़ते हैं। गॉदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष, पिरोजशा गॉदरेज ने कहा कि पिपरहवा अवशेषों की वापसी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति और करुणा का संदेश है।

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला में बोले सीएम योगी

आज प्रदेश के हर सेक्टर में दिख रहा विकास : मुख्यमंत्री विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लिए पीएम मोदी के पंच प्रण से जुड़ना होगा : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ पर काम कर रही है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित 12 सेक्टर्स में से किसी भी क्षेत्र में अपने सुझाव देकर राज्य का हर व्यक्ति यूपी को विकसित बनाने में योजक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ के क्यूआर कोड को मोबाइल में स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दे। सीएम योगी रविवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्व और वर्तमान दशा का विस्तार से उल्लेख किया और भावी दशा के लिए एक रोडमैप सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि आजादी मिलने के बाद 1947 के देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती गई। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी। इस वर्ष के अंत तक सरकार इसे 36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने जा रही है। यानी नौ सालों में तीन गुने की वृद्धि। इसी तरह राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी नौ सालों में 45000 रुपये से बढ़कर 1 लाख 20000 रुपये पर पहुंच रही है। आज प्रदेश में हरेक सेक्टर में विकास देखने को मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, हम सभी को उसके साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उन पंच प्रणों, गुलामी की मानसिकता को सर्वथा समाप्त करना, विरासत का सम्मान करना, सेना, अर्धसेना और यूनिफॉर्मधारी जवानों का सम्मान व उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना, जाति, क्षेत्र या किसी भी तरह के वाद से मुक्त होकर समतामूलक समाज के लिए एकता के सूत्र में बंधना और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। विकसित भारत के लिए यूपी ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने पितृ विसर्जन के पावन पर्व पर आजादी दिलाने वाले देश के पूर्वजों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत दुनिया की एक ताकत बने। पितृ विसर्जन पर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के लिए आयोजित यह कार्यशाला पूर्वजों के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान के तीन साल बाद जब किसी और जगह से आवाज नहीं आई तो विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत यूपी ने की। बताया कि अगस्त माह में विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक विजन बनाने को विधानसभा और विधान परिषद में लगातार 24 घण्टे चर्चा हुई। इस चर्चा ने उस धारणा को बदल दिया है जिसमें कहा जाता था कि विधायिका में काम नहीं होता है। और, उस चर्चा के बाद अब आमजन से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर में इस तरह की चर्चा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु यूपी में तीन सौ से अधिक बुद्धिजीवियों जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, शिक्षक, चिकित्सकों, उद्यमियों की सहभागिता है, को प्रदेश के सभी जिलो में भेजा जा रहा है। ये बुद्धिजीवी प्रदेश के विभिन्न अकादमिक संस्थाओं में जाकर विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर छात्रों व अन्य लोगों से चर्चा कर रहे है। अब तक प्रदेश के 110 से अधिक अकादमिक संस्थाओं में भ्रमण कर ये बुद्धजीवी छात्रों से, जनता से संवाद कर चुके हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बहुमूल्य विचारों को भी आमंत्रित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। यदि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का विचार सामने आया है तो मूर्त रूप अवश्य लेगा। इसी विश्वास के साथ आज हम सब आगे बढ़ रहे हैं।  पीएम मोदी द्वारा दिए संकल्पों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण के साथ 9 संकल्प की भी बात की थी। ये संकल्प बहुत छोटे हैं और हमारी दिनचर्या के हिस्से के रूप में भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए संकल्प की बात की है। एक संकल्प पर्यावरण संरक्षण है जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने तीसरा संकल्प स्वच्छता का दिया। स्वच्छता न होने के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी फैलती थी। आज यह क्षेत्र गंदगी मुक्त हुआ तो यहां इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हुआ। बताया कि 1977 से 2017 तक 50 हजार बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई थी। 2017 के बाद सरकार के प्रयासों के बाद इसे समाप्त करने में सफलता पाई गयी। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नही होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता का संकल्प हमें दिया है। इसके लिए हमें स्वदेशी मॉडल को अपनाना होगा। समय व मांग के अनुरूप हमें उसके मॉडल में परिवर्तन करना होगा। हमें वोकल फार लोकल की दिशा में आगे बढ़ना होगा।  भारत में आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने देश दर्शन का दिया है। हमारे यहां 4 धाम, 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योर्तिलिंग आदि आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र हैं। हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत सम्पन्न है। भारत ने आक्रान्ताओं के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी है। टूरिज्म के लिए हम विदेश क्यों जाएं, जब हमारे पास इतना वैभवपूर्ण टूरिज्म क्षेत्र है। इससे हमारा पैसा भी अपने देश में खर्च होगा। पीएम के संकल्पों को याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। रासायनिक उर्वरको से कैंसर जैसे अनेक रोग होते है। मधुमेह के रोगियों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती … Read more

राजनीतिक तकरार तेज: पाठक ने राहुल और अखिलेश पर साधा निशाना

बरेली  बरेली पहुंचे यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी सत्ता में जब भी आई, राज्य में जंगल राज कायम रहा। उप्र में पुलिस मुठभेड़ पर सपा प्रमुख के आरोपों पर करारा प्रहार करते हुए पाठक ने कहा कि जब-जब अखिलेश यादव की पार्टी सत्ता में आई, उनकी सत्ता में गुंडे माफिया फले फूले, लेकिन जब हम सत्ता में आए तब गुंडे माफिया प्रदेश छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। राहुल गांधी पर हमला बोलते हुये पाठक ने कहा कि राहुल गांधी को स्वयं ही नहीं पता है कि वह कहां खड़े हैं और क्या करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्म दिवस से लेकर महात्मा गांधी की जयंती तक सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाया जा रहा है और आज देश भर में मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया है। पाठक ने बताया कि मैराथन दौड़ में हजारों की तादाद में युवा अपनी भागीदारी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े में जन-जन की सेवा के तहत कार्य किया जा रहा है, जिसका फायदा सीधे तौर पर जनता को मिल रहा है। डिप्टी सीएम ने मैराथन दौड़ का किया शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा के तहत रविवार को बरेली में स्पोर्ट्स स्टेडियम में नमो मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। पांच किलोमीटर की इस मैराथन दौड़ का शुभारंभ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हरी झंडी दिखाकर किया। ‎भाजपा युवा मोर्चा महानगर के तत्वावधान में आयोजित नमो युवा रन के आयोजन में हजारों की संख्या में शामिल हुए बच्चों ने इस पांच किलोमीटर लंबी मैराथन में जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सुबह 6:30 बजे दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन स्टेडियम से शुरू होकर आईवीआरआई गेट तक गई और वहीं से वापस लौटकर स्टेडियम में समाप्त हुई। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 5100, 3100, 2100 के नकद पुरस्कार दिए गए। तीन अन्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार स्वरूप 1000-1000 की धनराशि दी गई। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और प्रतिभाग प्रमाणपत्र भी दिए गए। भाजयुमो महानगर अध्यक्ष अमन सक्सेना, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी चंचल मिश्रा के नेतृत्व में आयोजन की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। बच्चों के लिए चाय-नाश्ता, पानी और मेडिकल सुविधा की पूरी तैयारी पहले से की गई थी।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर नशामुक्त भारत के लिए नमो मैराथन का किया शुभारंभ

बोले, जीएसटी रिफॉर्म से नए रोज़गार का सृजन होगा और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने में मिलेगी मदद मिलेगी  गरीब को राहत देने के साथ हर उपभोक्ता को सभी सुविधाओं से आगे बढ़ाते हुए व्यापारी के कल्याण के मार्ग से भी जुड़ा है जीएसटी रिफॉर्म  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के उपहार के रूप में हर देशवासी और प्रदेशवासी को जीएसटी रिफॉर्म का गिफ्ट दिया है। इससे जहां एक ओर जरूरी चीजें छात्रों के लिए शिक्षण सामग्री, दूध, दही, घी, पनीर, खाने की वस्तुओं में भारी छूट दी गयी है, वहीं दूसरी ओर नशे और फिजूलखर्ची पर भारी टैक्स लगाया गया है। युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए बाइक, कार, घर, घर पर लगने वाले स्टील, सीमेंट आदि पर भी छूट दी गयी है। यह घोषणा 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल ने की थी, जिसे 22 सितंबर से पूरे देश में लागू किया जा रहा है। वहीं विजयदशमी पर हर गांव, हर कस्बे और हर जिले में युवाओं को बुराई के प्रतीक पाप, अत्याचार, भ्रष्टाचार, अन्याय और नशे का पुतला जलाना होगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर रविवार को नशामुक्त भारत के लिए नमो युवा रन का शुभारंभ करते हुए कही। नमो मैराथन कालिदास मार्ग से शुरू होकर 1090 चौराहे तक जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत माता की जय के जयकारों से युवाओं को हौसला बढ़ाया।  जीएसटी रिफॉर्म से हर व्यक्ति की खरीद की क्षमता और बाजार की ताकत बढ़ेगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से देश और प्रदेश का हर गरीब महंगाई से मुक्त और युवा सस्ते में शिक्षण सामग्री खरीद सकेगा। वहीं हर व्यक्ति की खरीद की क्षमता बढ़ेगी, बाज़ार की ताकत बढ़ेगी, नए रोज़गार का सृजन होगा, व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और रोज़गार के नये अवसर पर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह गरीब को राहत के साथ सामान्य उपभोक्ता को हर प्रकार की सुविधा से आगे बढ़ाते हुए व्यापारी के कल्याण के मार्ग से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में हर प्रदेशवासी को जीएसटी रिफॉर्म से अवगत कराना होगा। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 2 अक्टूबर यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती तक भारतीय जनता पार्टी पूरे देश भर में 'सेवा पखवाड़ा' मना रही है। इस सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के धार से “स्वस्थ नारी, सशक्त समाज” थीम के साथ किया। प्रधानमंत्री का स्पष्ट मानना है कि यदि नारी स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त होगा, समाज सशक्त होगा और राष्ट्र भी सशक्त बनेगा। इसी सोच के आधार पर सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम पूरे देश में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हर जनपद में रक्तदान शिविर आयोजित कर कार्यक्रम को नई ऊंचाई प्रदान की। रक्तदान के साथ-साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे देशभर में स्वच्छता अभियानों को भी गति दी। स्वास्थ्य शिविरों और स्वच्छता कार्यक्रमों के जरिए सेवा पखवाड़ा को “विकसित भारत” की संकल्पना से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। युवा शक्ति सेवा पखवाड़ा के तहत नमो मैराथन से जुड़ रही सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के अवसर पर देशवासियों से “विकसित भारत” का संकल्प लेने और पंच प्रण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि गुलामी के अंशों को समाप्त करना होगा, अपनी विरासत का सम्मान करना होगा, सेना व वर्दीधारी बलों के प्रति आदर रखना होगा, सामाजिक समता के निर्माण के लिए कार्य करना होगा और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। यही पंच प्रण भारतवासियों को विकसित भारत की यात्रा का सारथी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी प्रेरणा से उत्तर प्रदेश ने 'विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश' अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अभियान को प्रदेश में युवाओं, किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों और बुद्धिजीवियों का अपार समर्थन मिल रहा है। हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में योगदान देने को तैयार है। आत्मनिर्भरता को विकसित होने की कुंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर समाज स्वस्थ समाज से ही बनता है और ऐसे आयोजनों जैसे 'नमो मैराथन' से समाज को नई दिशा मिलती है।  वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री ने देश में स्वास्थ्य और युवा कल्याण से जुड़े कई अभियानों को गति दी। विश्व योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली, ‘खेलो इंडिया’, ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, ‘सांसद खेलकूद प्रतियोगिताएं’ जैसे अभियानों से युवाओं को प्रेरणा मिली। साथ ही ‘मिशन रोजगार’ के जरिए युवाओं के लिए अवसर सुनिश्चित किए गए। आज वही युवा शक्ति सेवा पखवाड़ा के तहत 'नमो मैराथन' से जुड़ रही है। युवा शक्ति आगे बढ़ती है तो राष्ट्र के लिए गौरव और यदि नशे की आेर बढ़ती है तो उसका पतन मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति अपार ऊर्जा का प्रतीक है। यदि यह सकारात्मक दिशा में बढ़ेगी तो राष्ट्र के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी, लेकिन यदि नशे की ओर मुड़ेगी तो उसका पतन निश्चित है। ‘नमो मैराथन’ के जरिए युवाओं से नशामुक्ति का आह्वान भी किया जा रहा है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर विशेष आयोजन होंगे। इसी क्रम में नमो मैराथन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें युवा मोर्चा के कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं। इस बार संयोग से 2 अक्टूबर को ही विजयादशमी भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर बुराइयों को समाप्त कर एक सशक्त और समर्थ भारत की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रतीक होगा। उन्होंने युवाओं से अनुशासन और शालीनता के साथ कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि अनुशासन ही युवा की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, मेयर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ला, डॉ. नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।   

पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में की जाएगी खरीद

धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में धान खरीद पहली नवंबर से होगी। इसके लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान खरीद होगी। सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर कराना होगा पंजीकरण धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण कराना होगा। धान की खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसी भी सहायता या जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। साथ ही अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं।  पश्चिम उत्तर प्रदेश व लखनऊ के इन जनपदों में पहली अक्टूबर से होगी खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली,आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।   करीब 10 हजार किसानों ने करा लिया पंजीकरण  धान खरीद के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो गया है। 20 सितंबर (दोपहर एक बजे) तक करीब 10 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान मोबाइल पर एसएमएस से मिले ओटीपी को भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं किसानों को भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों के बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। 

श्रीकृष्ण-कुब्जा मंदिर में राष्ट्रपति के दर्शन, धर्मस्थल की अनोखी मान्यता बनी चर्चा का विषय

मथुरा  राष्ट्रपति के मथुरा दाैरे के दाैरान सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही जगह-जगह जैमर लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। घरों की छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। श्रीबांकेबिहारी और जन्मभूमि के साथ-साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 सितंबर को होलीगेट के अंतापाड़ा में स्थित श्रीकृष्ण-कुब्जा मंदिर में भी दर्शन करेंगी। उनके आगमन पर अधिकारियों ने शुक्रवार को मंदिर की व्यवस्थाएं परखीं। मंदिर के महंत आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण-कुब्जा मंदिर परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, जहां भगवान कृष्ण राधा के स्थान पर कुब्जा के साथ विराजमान हैं। प्राचीन मंदिर की मान्यता है कि कुब्जा का उद्धार करने के बाद कृष्ण ने उन्हें सुंदर रूप दिया था। उनका शरीर टेढ़ा था। उनकी भक्ति से प्रसन्न होने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने उनके कुरूप को समाप्त कर सुंदर बनाया था। हालांकि वर्तमान में मंदिर खस्ता हाल में है। राष्ट्रपति के आने की सूचना के बाद शुक्रवार को डीएम चंद्रप्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार और नगर निगम के अधिकारी मंदिर की व्यवस्थाएं देखने पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मंदिर की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए और परिसर का सौंदर्यीकरण कराने को कहा है।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 सितंबर को वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के दर्शन कर निधिवन और सुदामा कुटी जाएंगी। फिर मथुरा में कुब्ज कृष्णा मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाएंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे से पूर्व ही वृंदावन नगरी को छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रपति की अगुवानी के लिए केंद्र और प्रदेश के शीर्ष स्तर के नेता भी आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति 25 सितंबर को सुबह 10 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। अपने वृंदावन दौरे के दौरान वे श्रीबांकेबिहारी मंदिर, निधिवन, सुदामा कुटी तथा मथुरा स्थित कुब्ज कृष्णा मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही जगह-जगह जैमर लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। घरों की छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। साथ ही गोल्फ कार्ट को विशेष रूप से सजाकर राष्ट्रपति के भ्रमण हेतु तैयार किया जाएगा। राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व ही खुफिया एजेंसियां पूरी तरह एक्टिव हो चुकी हैं। एसपीजी, एटीएस, स्थानीय पुलिस और बम डिस्पोजल यूनिट सहित तमाम एजेंसियां संयुक्त रूप से दौरे की तैयारी में जुटी हैं। राष्ट्रपति के दौरे के लिए जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तैयारियों में जुट गए हैं। रूट प्लान, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन मेडिकल सुविधा और वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़े हर पहलू पर मंथन किया जाएगा। एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि पुलिस प्रशासन अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोडे़गा। जहां उनका आगमन है, वहां सुरक्षा का ऐसा घेरा होगा कि कोई परिंदा भी पर न मार सके। 

मिशन शक्ति का शुभारंभ: योगी सरकार ने त्योहारों में सुरक्षा कड़ा करने का लिया निर्णय

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन, मिशन शक्ति केंद्रों से संबंधित SOP की पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया। सीएम विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के इस अभियान नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन के साथ जोड़ा गया है। आज इसके परिणाम हम सबके सामने हैं। यूपी पुलिस में आजादी के बाद से 2017 तक महिला कार्मिकों की संख्या मात्र 10 हजार थी। 2017 के बाद से अब तक जो भर्ती हुई है उसके चलते यूपी पुलिस में आज 44 हजार से अधिक महिला कार्मिक हैं। हर भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य रूप से करनी है। उधर, आने वाले दिनों पर पड़ने वाले त्योहारों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। कल यानी शुक्रवार 19 सितम्बर 2025 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक में आदेश दिया था कि आगामी पर्व-त्योहार पर लोगों की सुरक्षा, सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। माहौल खराब करने वाले अराजक तत्वों के साथ पुलिस कठोरता से निपटे। इसके बाद शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में त्योहारों को लेकर पुलिस की तैयारी नजर आई। अयोध्या में एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया एएनआई से बातचीत में बताया कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। कांस्टेबल से लेकर सभी अधिकारी, सभी जगह का निरीक्षण कर रहे हैं। आयोजन समितियों के साथ विस्तृत बैठकें की गई हैं। त्योहारों को उत्साह के साथ सुरक्षित रूप से मनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

देवीपाटन की यात्रा आसान! नवरात्र में रोडवेज चलाएगी 40 स्पेशल बसें

बलरामपुर 22 सितंबर से शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पर शारदीय नवरात्र मेला शुरू हो रहा है। नवरात्र में श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचाने व लाने के लिए परिवहन निगम ने 40 बसों का संचालन करने की तैयारी की है। साथ ही वहां यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए चेकपोस्ट व पूछताछ केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपी नाथ दीक्षित ने बताया कि शारदीय नवरात्र में शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में दर्शनार्थी जुटते हैं। इसे देखते हुए बसें संचालित की जाएगी। इससे दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।   बताया कि 40 बसों का संचालन तुलसीपुर से किया जाएगा। बलरामपुर चौराहे पर अस्थाई चेकपोस्ट भी बनाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र भी खोला जाएगा। इसके लिए 10 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। बताया कि पूछताछ केंद्र पर तीन चरण में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर्मचारी करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर बसों का फेरा भी बढ़ाया जाएगा। बताया कि इस बार निकटतम जिले में संचालन की जा रही बसों का भी फेरा तुलसीपुर तक किया जाएगा।