samacharsecretary.com

नगर विकास विभाग के नेतृत्व में किया गया लोगों को जागरूक

स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई पहल लखनऊ सीएम योगी के निर्देश पर नगर विकास विभाग के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और जन-जागरूकता के लिए 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया गया। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप स्थानीय समस्याओं का समाधान करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई। यह अभियान न केवल लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने में सफल रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को भी मजबूत करता है। विभिन्न शहरों की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं : लखनऊ : कर वसूली शिविर लखनऊ नगर निगम ने सभी आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में तत्काल कर संग्रह की व्यवस्था की गई और वॉर रूम से निगरानी की गई। अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया और एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ। गोरखपुर : प्लास्टिक मुक्त अभियान गोरखपुर नगर निगम ने वेंडिंग जोन और बाजार क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए। इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया। वाराणसी : कचरा पृथक्करण पहल वाराणसी में नगर निगम की टीम ने भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में कचरा पृथक्करण को बढ़ावा दिया। घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाने के परिणामस्वरूप अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है, जिसे नगर निगम की गाड़ियों से ले जाया जाता है। मथुरा-वृंदावन : सौंदर्यीकरण और स्वच्छता मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के 15 साल पुराने कूड़ा ढलाव घर को पूरी तरह हटाकर उसका सौंदर्यीकरण किया गया, जिससे यह पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक बन गया। राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों को कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। गाजियाबाद: जलभराव समाधान गाजियाबाद नगर निगम ने भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव की समस्या को हल करने के लिए जलकल, स्वास्थ्य और निर्माण विभागों की संयुक्त कार्रवाई की। 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों ने संतुष्टि जताई। अयोध्या : कचरा संग्रहण में तेजी अयोध्या को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के तहत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिलेगी। प्रत्येक वार्ड में एक टिपर उपलब्ध होगा, जिसे जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित किया जाएगा। शाहजहांपुर : गीले कचरे का निस्तारण शाहजहांपुर नगर निगम ने निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे के ढेर को ट्रीटमेंट प्लांट भेजकर निस्तारित किया। इससे लंबे समय से चल रही एक पुरानी समस्या का समाधान हुआ। मुरादाबाद : कचरा निस्तारण मुरादाबाद नगर निगम ने विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया। यह क्षेत्र नगर निगम को हस्तांतरित नहीं होने के कारण लंबे समय से उपेक्षित था, जिससे यह एक बड़ा गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट बन गया था। 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से इसे साफ किया गया और निवासियों को कचरा नगर निगम की गाड़ियों में देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बरेली : बेहतर जल आपूर्ति बरेली नगर निगम ने वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति की समस्याओं का समाधान किया। रोहली टोला में 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया गया। आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में नलकूप की बोरिंग फेल होने के बाद 15 एचपी का नया नलकूप स्थापित किया गया, जिससे 260 परिवारों को शुद्ध पानी मिल रहा है। कानपुर : सिंगल यूज प्लास्टिक पर जागरूकता कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किए। प्रयागराज : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई प्रयागराज नगर निगम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया। वार्ड समिति सदस्यों और नागरिक समाज के साथ मिलकर अपशिष्ट पृथक्करण पर जोर दिया गया। इससे मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिली। मेरठ : गौशाला निरीक्षण मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण कर निराश्रित और अशक्त गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक संस्थाओं और स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। नगर आयुक्त ने कहा, गौ सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। फिरोजाबाद : जलभराव निवारण फिरोजाबाद नगर निगम ने दो दिन की बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया। नगर आयुक्त ने स्वयं कंट्रोल रूम और फील्ड में निगरानी की और नागरिकों के फीडबैक के आधार पर समस्याओं का समाधान किया। अलीगढ़ : जलभराव और खेल सुविधा अलीगढ़ नगर निगम ने बारिश से उत्पन्न जलभराव को कम करने के लिए निरंतर कार्य किया। सीएनडीएस परियोजनाओं की समीक्षा की गई और नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित करने की तैयारी पूरी की गई, जिससे शहर को नई खेल सुविधा मिलेगी।

राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, गोरखपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर      पिछले दस माह से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा अगस्त माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले दस माह से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 19,178 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की अगस्त माह की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में पूरे प्रदेश में कुल 3,69,293 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 19,178 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 10,693 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरे, गोरखपुर 9,560 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,779 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,615 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 612 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अगस्त माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 612 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 244.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 379 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 350 के सापेक्ष 400 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर आजमगढ़ है। इसी तरह अगस्त में मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 91 मामलों का निस्तारण कर 303.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और मऊ प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं बुलंदशहर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 79 मामले निस्तारित किये गये। वहीं जाैनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 68 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में बुलंदशहर दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 208 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 211 मामलों का निस्तारण कर 422 प्रतिशत हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि 105 मामले निस्तारित कर आजमगढ़ दूसरे और 80 मामले निस्तारित कर झांसी तीसरे स्थान पर है।  

जीआरडी गोरखपुर में गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण के साथ संग्रहालय बनवाएगा संस्कृति विभाग

4 सितंबर को सीएम योगी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ करेंगे म्यूज़ियम का शिलान्यास गोरखपुर मां भारती की आन, बान व शान में सर्वस्व न्योछावर करने का जज्बा रखने वाले गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। इसके तहत प्रदेश का संस्कृति विभाग गोरखा रेजिमेंट के गोरखा भर्ती डिपो (जीआरडी) गोरखपुर में स्थित गोरखा युद्ध स्मारक का सौंदर्यीकरण कराने के साथ यहां एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) बनवाने जा रहा है। इसका शिलान्यास 4 सितंबर (गुरुवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के हाथों होने जा रहा है।  जनता पहली बार देख और जान सकेगी गोरखा रणबाकुरों की कहानी उल्लेखनीय है कि आम जनता के अवलोकनार्थ बनने वाला यह गोरखा रेजिमेंट का पहला संग्रहालय होगा। इस तरह देश विदेश में अपने शौर्य से खास पहचान बनाने वाले गोरखा रणबाकुरों की कहानी से आम लोग पहली बार रूबरू हो सकेंगे। उस तरह का यह देश का पहला संग्रहालय होगा। गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश जलनिगम नगरीय की सीएंडडीएस यूनिट 42 का चयन किया गया है। स्मारक के सौंदर्यीकरण और संग्रहालय के निर्माण पर 44 करोड़ 73 लाख 37 हजार रुपये की लागत आएगी। इसके तहत संग्रहालय, टॉयलेट ब्लॉक, टिकट काउंटर, वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार, वाटर बॉडी, चहारदीवारी, लिफ्ट आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा लाइट एंड साउंड शो, सेवन डी थिएटर, म्यूरल पेंटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी रहेंगी।  गोरखा सैनिक भारतीय सेना में अपने विशेष युद्ध कौशल के लिए विख्यात हैं। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक भारतीय सेना में गोरखा जवानों ने 2700 से अधिक वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। गोरखा जवानों ने प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। देश के आजाद होने के बाद गोरखा सैनिकों ने युद्ध के साथ ही शांति अभियानों में अतुलनीय भूमिका का निर्वहन किया है। वर्तमान समय में करीब 40000 गोरखा सैनिक भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।  सौ साल पुराना है गोरखा युद्ध स्मारक 1866 में स्थापित गोरखा भर्ती डिपो गोरखपुर, सबसे पुराना भर्ती डिपो है। यहां अभी जो युद्ध स्मारक है उसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध में गोरखा जवानों के योगदान की स्मृति में 1925 में हुई थी। इस स्मारक में अब तक आठ ऐसे रणबांकुरों की कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है जिन्होंने युद्धकाल में अपूर्व शौर्य का परिचय दिया और उल्लेखनीय पुरस्कार प्राप्त किए। इनमें पहले फील्ड मार्शल मानेकशॉ, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, कैप्टन4 मनोज पांडेय, अशोक चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिटनिस, लेफ्टिनेंट पुनीत नाथ दत्त, मेजर मान बहादुर राय और नायक नर बहादुर की प्रतिमा स्थापित है।

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की सख्ती, महोबा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने जिला आबकारी अधिकारी, महोबा को किया निलंबित  आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल की सख्ती, महोबा के जिला आबकारी अधिकारी निलंबित अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, महोबा के आबकारी अधिकारी पर गिरी गाज मंत्री नितिन अग्रवाल का बड़ा कदम, जिला आबकारी अधिकारी तुरंत प्रभाव से सस्पेंड रिश्वत लिए जाने का था आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ था वायरल  राजेंद्र प्रसाद वर्मा को जांच पर प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया, नियमानुसार कार्यवाही कर किया गया निलंबित  लखनऊ  भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम उठाते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने महोबा जनपद के जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जनपद महोबा में तैनात राजेंद्र प्रसाद वर्मा, जिला आबकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत लिए जाने से संबंधित वीडियो दिनांक 26/08/2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसका संज्ञान लेते हुए आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल द्वारा जिलाधिकारी महोबा द्वारा जांच कराई गई। जांच में जिला आबकारी अधिकारी, महोबा प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। उक्त क्रम में आबकारी मंत्री ने राजेंद्र प्रसाद वर्मा के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रही है। योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचारियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। जो भी भ्रष्टाचार करते हुए पाया जाएगा उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला, CM योगी ने तुरंत लिया एक्शन

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। अब तक की बड़ी कार्रवाई CO हर्षित चौहान सस्पेंड कर दिए गए हैं। नगर कोतवाली इंस्पेक्टर और गदिया चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। IG अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। अयोध्या मंडलायुक्त को रामस्वरूप यूनिवर्सिटी की डिग्री वैधता की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। क्या हुआ था बाराबंकी में? बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में LLB कोर्स की मान्यता रद्द हो चुकी थी, लेकिन फिर भी वहां एडमिशन जारी थे। इसको लेकर छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हो गई और हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए। राजनीतिक असर और सरकार की सख्ती छात्रों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखी गई। सरकार के एक मंत्री खुद घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने तुरंत एक्शन लिया और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की। वहीं योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों पर अत्याचार या पुलिस की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं होगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

468 अस्थायी शिक्षणेतर और 480 आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती करेगी योगी सरकार

योगी सरकार का उच्च शिक्षा में बड़ा कदम : तीन विश्वविद्यालयों में 948 नए पदों को मंजूरी 468 अस्थायी शिक्षणेतर और 480 आउटसोर्सिंग पदों पर भर्ती करेगी योगी सरकार  भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और कार्यात्मक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी  शैक्षिक गुणवत्ता में भी होगी वृद्धि और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकता  लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के तीन नवगठित विश्वविद्यालयों—गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (मुरादाबाद), मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय (मिर्जापुर) और मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय (बलरामपुर) में कुल 948 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसमें 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद और 480 आउटसोर्सिंग पद शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन पदों के सृजन से विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक और कार्यात्मक व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यूपी बढ़ रहा आगे  उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। यह निर्णय विश्वविद्यालयों को मजबूत बनाने के साथ-साथ प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार स्पष्ट किया है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापरक शिक्षा और रोजगार दोनों उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों में नए पदों का सृजन इसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो उच्च शिक्षा को सशक्त और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। 468 अस्थायी शिक्षणेतर पद प्रत्येक विश्वविद्यालय में 156 अस्थायी शिक्षणेतर पद सृजित किए गए हैं, जो 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेंगे और आवश्यकतानुसार समाप्त भी किए जा सकते हैं। इन पदों में फार्मासिस्ट, इलेक्ट्रिशियन, अवर अभियंता, आशुलिपिक, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव, वैयक्तिक सहायक, लेखाकार, प्रधान सहायक, चिकित्साधिकारी और स्टाफ नर्स जैसे पद शामिल हैं। इन पदों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया से की जाएगी। 480 आउटसोर्सिंग पद इसके अलावा, प्रत्येक विश्वविद्यालय में 160 पद वाह्य सेवा प्रदाता (आउटसोर्सिंग) के माध्यम से पूरे किए जाएंगे, जिससे कुल 480 पद बनते हैं। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, स्वच्छकार, चौकीदार, माली, चपरासी, वाहन चालक और पुस्तकालय परिचर जैसे पद शामिल हैं। आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। साथ ही, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, श्रम विभाग और कार्मिक विभाग द्वारा जारी शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी नियुक्तियों में आरक्षण से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य होगा।

‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से बदले प्रदेश के स्कूलों के हालात

बुनियादी सुविधाओं से स्मार्ट क्लास तक यूपी बना शिक्षा के कायाकल्प का साक्षी  ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ से बदले प्रदेश के स्कूलों के हालात योगी सरकार की पहल से प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालय तक बने आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों में 19 मानकों पर 97 प्रतिशत संतृप्तिकरण हुआ पूरा  प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से 2295 माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति सुधारने को की गई है मैपिंग  2017 से पहले तक स्कूलों में टॉयलेट, पानी, बिजली और फर्नीचर तक का था अभाव  आज स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान से उज्ज्वल हो रहा देश का भविष्य  लखनऊ शिक्षक दिवस पर स्पेशल   उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक में व्यापक बदलाव करते हुए प्रदेश के शैक्षिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ ने परिषदीय विद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों को नई पहचान दी है। ऑपरेशन कायाकल्प वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसका लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना था। आज इस अभियान के तहत 97 प्रतिशत तक बुनियादी सुविधाओं का विकास पूरा हो चुका है। पहले जहां स्कूलों में टॉयलेट, पानी, बिजली और फर्नीचर तक का अभाव था, वहीं आज वे गेट युक्त बाउंड्री वॉल, टाइल्स युक्त शौचालय, पेंटेड परिसर और सोलर लाइट्स से युक्त विद्यालयों में तब्दील हो चुके हैं। नीति आयोग ने भी इसे देशभर के लिए अनुकरणीय मॉडल माना है। इसी तरह, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ की शुरुआत की है, जिसके तहत 27 मापदंडों पर 2295 विद्यालयों की मैपिंग की अवस्थापना स्थिति को बेहतर बनाने का कार्य चल रहा है।  ऑपरेशन कायाकल्प ने बदली तस्वीर योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के सुधार लिए ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के बाद प्रदेश में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुए हैं। सभी विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, बालक, बालिका और दिव्यांग बच्चों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय और मूत्रालय का निर्माण कराया गया है। मल्टीपल हैंड वाशिंग, कक्षा-कक्षों में टाइल्स, आधुनिक बोर्ड्स, स्वच्छ रसोई घर, भवनों का रंग रोगन, रैंप एवं रेलिंग की व्यवस्था, स्कूलों में विद्युत की व्यवस्था, वाटर सप्लाई, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, लाइब्रेरी, फर्नीचर और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं से इन विद्यालयों को लैस किया गया है।  प्रोजेक्ट अलंकार से जर्जर भवन हुए आधुनिक इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत शैक्षणिक, सह शैक्षणिक, मूल अवस्थापना के लिए व्यापक पैमाने पर कार्य किया है। विद्यालयों में कक्षा-कक्ष, लैब, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, वाई-फाई, स्मार्ट क्लास और फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। वहीं खेल का मैदान, ओपन जिम, बहुउद्देशीय हॉल, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, व्यावसायिक शिक्षा कक्ष और बैंड तथा साउंड सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। मूलभूत अवस्थापना में प्रिंसिपल रूम, स्टाफ कक्ष, पेयजल, बालक, बालिका शौचालय, चहारदीवारी और कार्यालय कक्ष का निर्माण कराया गया है। अन्य अवस्थापना में बजली, बायोमेट्रिक मशीन, सीसीटीवी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर पैनल स्थापना, फायर इंस्ट्रूमेंट और साइकिल स्टैंड से सुसज्जित किया गया है।  2017 से पहले जर्जर थी पूरी शिक्षा व्यवस्था  2017 से पहले की स्थिति पर नज़र डालें तो अधिकांश विद्यालयों की हालत बेहद खराब थी। भवन जर्जर हो चुके थे और बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही थीं। इसके चलते विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही थी और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। लेकिन योगी सरकार की प्राथमिकता शिक्षा को सर्वोच्च स्थान देने की रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों को गुणवत्ता आधारित, समान और समावेशी शिक्षा देना सरकार का दायित्व है। इसी दृष्टि से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ जैसी योजनाएं न केवल स्कूलों को नया रूप दे रही हैं बल्कि करोड़ों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव भी रख रही हैं। आज गांवों के ये स्कूल केवल सरकारी भवन नहीं, बल्कि ग्राम सभा के सबसे सुंदर, सुरक्षित और सर्वसुविधा युक्त केंद्र बन चुके हैं। ग्रामीण अभिभावकों का भरोसा अब इन विद्यालयों पर और बढ़ा है। शिक्षा का यह कायाकल्प केवल स्कूलों की दीवारें नहीं बदल रहा, बल्कि प्रदेश का भविष्य गढ़ रहा है।    

सपा नेता गुलशन यादव पर बड़ी कार्रवाई, ₹1 लाख का इनाम घोषित

प्रतापगढ़ यूपी के प्रतापगढ़ के सपा नेता गुलशन यादव पर एडीजी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. यह कार्रवाई एसपी डॉ. अनिल कुमार की सिफारिश पर हुई है. गुलशन यादव पर कुल 53 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. ये मुकदमे प्रतापगढ़ और प्रयागराज के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. गुलशन पिछले एक साल से फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.  करोड़ों की संपत्ति हुई कुर्क गुलशन यादव पर इनाम घोषित होने से पहले ही पुलिस उनकी कई संपत्तियां कुर्क कर चुकी है. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक गुलशन यादव की 7 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. ये कार्रवाई उनकी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त करने के तहत की गई है.  गौरतलब है कि कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद से ही गुलशन यादव लगातार सुर्खियों में रहे हैं. चुनाव में उन्हें राजा भैया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इस दौरान दोनों ओर से सियासी वार-पलटवार हुए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था.  53 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे सपा के कार्यवाहक ज़िलाध्यक्ष गुलशन यादव के खिलाफ 53 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इन मुकदमों में हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे संगीन आरोप शामिल हैं. ये सभी मुकदमे प्रतापगढ़ और प्रयागराज के थानों में दर्ज हैं. एक साल से ज्यादा समय से फरार चल रहे गुलशन यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. 

अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर FIR, लेखपाल-नायब तहसीलदारों ने धरना दिया

लखनऊ  सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर ही FIR लाद दी गई । सरकारी कर्मचारियों पर हुई एफआईआर के विरोध में नगर निगम मुख्यालय पर लेखपालों और नायब तहसीलदारों ने धरना दिया । मांग रखी गई है कि एफआईआर निरस्त कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने चेतावनी भी दी कि जब तक एफआईआर वापस नहीं होगी, तब तक सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई भी नहीं करेंगे। पूरा मामला 25 अगस्त को अर्जुनगंज क्षेत्र के मस्तेमऊ गांव में करीब डेढ़ करोड़ की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान बत्तमीजी करने पर नायब तहसीलदार ने किसान को धक्का मार दिया था। इस मामले में 28 अगस्त को नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार और लेखपाल सुभाष कौशल पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने से नगर निगम में तैनात लेखपाल और नायब तहसीलदार लामबंद हो गए और सोमवार दोपहर एक से शाम पांच बजे तक मुख्यालय पर धरना दिया। इसमें निगम संपत्ति विभाग के साथ-साथ चकबंदी संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए। नायब तहसीलदार रत्नेश ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमों के अनुसार हुई थी। फरवरी में कब्जेदार राममिलन को नोटिस जारी किया गया था। अप्रैल में भी कब्जा हटाने के लिए पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन विरोध और गाली-गलौज के कारण लौटना पड़ा। आखिरकार 25 अगस्त को पुलिस बल के साथ कार्रवाई करनी पड़ी। धरने में रखी गईं यह प्रमुख मांगें – डीसीपी दक्षिणी, एसीपी गोसाईंगंज और सुशांत गोल्फ सिटी के थानाध्यक्ष का ट्रांसफर किया जाए। – अतिक्रमण हटाने के दौरान नगर निगम टीम को पुलिस पूरी सुरक्षा दे। – एफआईआर तत्काल निरस्त की जाए और उच्चस्तरीय जांच टीम गठित हो। – कब्जा हटाते वक्त जब टीम से गाली-गलौज हुई तो पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसकी जांच हो।

इन रूटों पर दौड़ेंगी नई मिनी बसें, नोएडा-ग्रेनो के यात्रियों को बड़ी राहत

नोएडा  उत्तर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब जल्द ही मिनी बसें दौड़ती नजर आएंगी. नोएडा शहर को इसी महीने 10 मिनी बसें मिलने वाली हैं. ये मिनी बसें शहर के 10 रूटों पर चलेंगी. ये बसें जिन रूटों पर चलेंगी उनका निर्धारण किया जा चुका है. इन 10 मिनी बसों के चलने से शहर और गांवों की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी. उत्तर प्रदेश परिवाहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इसी महीने में ही 10 मिनी बसें निगम को मिलने जा रही हैं. शहर में कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के मकसद के साथ ये मिनी बसें लाई जा रही हैं, ताकि लास्ट माइल तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके. इन 10 मिनी बसों के चलने से जिले की करीब दो करोड़ की आबादी को फायदा मिलेगा. मिनी बसों के लिए रूटों का निर्धारण किया जा चुका है. इन रूटों पर चलेंगी मिनी बसें ये 10 मिनी बसें नोएडा-ग्रेटर नोएडा-रुबुरपूरा-झांझर-रन्हैरा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-जेवर कट-जहांगीरपुर-लौदाना, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-बिलासपुर-दनकौर-झाझर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-झुप्पा, नोएडा-परिचौक-रबुपुरा-तिर्थली-कौली-गोविंदगढ़-कोठरा-झुप्पा, नोएडा-खेड़मोड़-तकीपुर-अनवरपुर-चांदपुर-मोहद्दीनपुर, नोएडा-सुरजपुर-दादरी-महावर, नोएडा-बदौली-सुरजपुर-दादरी-कलौंदा, नोएडा-डेहरा-झाल और नोएडा-छायसा तक संचालित की जाएंगी. लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण लोगों की जेबों पर असर बता दें कि लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण ही ग्रामीण इलाकों के लोग विशेषतौर पर या तो प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा उनकी निर्भरता ऑनलाइन कैब, बाइक और टैक्सी चालकों पर होती है. ये सब ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए महंगे होते हैं. इसका सीधा असर लोगों की जेबों पर दिखाई देता है. हालांकि इनमें से कुछ रूटों पर निगम अपनी बसें चलाता था. गौरतलब है कि यूपी में कई जिलों में मिनी बसें चल रही हैं.