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मूसलाधार बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल, सड़कें धंसी और बाजार डूबे

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी के बीच मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। कभी सौ की रफ्तार से तूफान तो कभी मूसलाधार बारिश होने लग रही है। ऐसा ही नजारा आगरा में दिखाई दिया है। यहां बारिश ने जबरदस्त कोहराम मचाया है। सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़क के बारिश में धंस जाने से इसमें 12 कारें और वैन पलट गईं। तीन से चार फुट तक धंसी सड़क के गड्ढों में यह वाहन फंस गए, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीन मंगाकर निकलवाया गया। गनीमत यह रही कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। नगर निगम सीएम ग्रिड (ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत शहर में पांच सड़कों को मॉडल रोड बनाने का काम हो रहा है। इनमें से एक बसई रोड से इंद्रापुरम रोड तक के हिस्से में 10 फीट गहराई पर यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। लाइनें बिछाकर मिट्टी और गिट्टी बिछा दी गई। पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि सोमवार रात की बारिश में सड़क पानी से लबालब हो गई। सुबह कार चालक यहां से निकले तो वह पानी भरा देखकर गड्ढों को भांप नहीं सके और इनमें फंसते चले गए। करीब 12 कारें और वैन इन गड्ढों में फंसने के बाद पलट गईं। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गए। उन्हें क्षेत्रीय लोगों ने जैसे-तैसे बाहर निकाला। पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई। टोरंट की मरम्मत वैन, कचरा उठाने वाली गाड़ी भी फंसी। कई दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हुए। कीचड़ होने की वजह से पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह देहली गेट से राजा मंडी स्टेशन की ओर चल रहे सीएम ग्रिड योजना के काम के चलते कीचड़ ही कीचड़ हो गई। उधर अमर होटल से विभव नगर रोड का भी कमो‌वेश यही हाल हो गया। यहां भी लोगों को परेशानी हुई। नगर निगम के दावों की खुली पोल मूसलाधार बारिश से नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत सामने आ गई, वहीं कई स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों और सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बारिश के कारण नाले उफान पर आ गए और कई बस्तियों में पानी भर गया। घरों, गलियों और बाजारों में जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और गलियों में सिल्ट के ढेर लग गए। सोमवार रात करीब 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। आसमान में घने बादल छा गए और रात करीब दो बजे तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मंगलवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर जलभराव, कीचड़ और गंदगी का नजारा दिखाई दिया। पार्षद राकेश कन्नौजिया ने बताया कि आगरा कैंट क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं सोहल्ला और आसपास की बस्तियों में घरों में पानी भर गया। उधर वार्ड संख्या तीन जगदीशपुरा में आंबेडकर वाटिका के पीछे नाला उफान पर आ गया। पार्षद प्रीति भारती का आरोप है कि लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में नाला सफाई के दावे हो रहे हैं मगर कुछ घंटों की बारिश ने ही सारी पोल खोल दी। इस बार भी ताजनगरी में जलभराव से बचाव के इंतजाम मुकम्मल नहीं हो पाए। सब कुछ वैसा ही नजर आया, जिसकी कल्पना से ही हर साल शहर के लोग डर जाते थे। फिर कह रहे हैं कि मानसून तो अभी आना बाकी है। बाजारों की बिगड़ी सूरत, 800 दुकानों में भरा पानी मूसलाधार बारिश ने शहर के प्रमुख बाजारों में भारी नुकसान पहुंचाया। सबसे अधिक असर बिजलीघर चौराहा और आसपास के बाजारों में देखने को मिला, जहां जलभराव के कारण 800 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। राजामंडी बाजार भी रातभर पानी में डूबा रहा। मंगलवार सुबह दुकानदारों ने दुकानों में भरे पानी, कीचड़ और सिल्ट को देखकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों के अनुसार बिजलीघर, मंटोला, काजीपाड़ा और बालूगंज नालों के ओवरफ्लो होने से पानी बाजारों में भर गया। इससे बिजलीघर, शिवाजी मार्केट और छीपीटोला रोड स्थित दुकानों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया है। उप नगर आयुक्त सरिता सिंह ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उधर राजामंडी बाजार में भी जलभराव से व्यापार प्रभावित हुआ। व्यापारी लिल्ली गोयल ने बताया कि सड़क, नाला निर्माण के बावजूद समस्या जस की तस है। सपा नेता राहुल चतुर्वेदी ने व्यापारियों को उचित मुआवजा देने और समाधान की मांग की है। टाइल्स की आवाज से जागे, घर गिरने से पहले भागे बारिश के बाद बालूगंज (रकाबगंज) क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रात करीब पौने तीन बजे एक के बाद एक चार मकान भरभराकर ढह गए। राहत की बात यह रही कि मकानों में टाइल्स टूटने और दीवारों से आवाज आने पर परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे 23 लोगों की जान बच गई। हादसे में अतीश कुमार सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार एसएन में कराया गया। स्थानीय निवासी शिवम ने बताया कि तेज बारिश के दौरान उनके घर सहित विनोद कुमार, मुकेश सोनकर और अशोक के मकानों में पानी भरने लगा था। मकानों से असामान्य आवाजें आने लगीं और टाइल्स टूटने लगीं। खतरा भांपकर सभी लोग घरों से बाहर निकल गए। कुछ ही क्षण बाद चारों मकान ढह गए। महिलाएं व बच्चे दहशत में आ गए। सूचना पर थाना रकाबगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के दो अन्य मकान भी एहतियातन खाली करा दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। दोपहर में नगर निगम ने जेसीबी लगाकर मलबा हटवाया और मार्ग को सुचारू कराया। हादसे में अतीश कुमार सोनकर पुत्र रामलाल, विनोद कुमार पुत्र किशोरी लाल, मुकेश सोनकर पुत्र किशोरीलाल और अशोक का मकान उजड़ गए। अपने भरे पूरे घर को मलबे में तब्दील देख घर की महिलाएं दहाड़ मार कर रो रही थी।

नमो घाट के पास मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट का रास्ता साफ, हटाए गए अवैध कब्जे

वाराणसी वाराणसी में नमो घाट के पास बनने वाले मॉडल स्टेशन के लिए देर रात कब्रिस्तान और अवैध मस्जिद पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। आदमपुर थाना क्षेत्र के किला कोहना (भदऊं चुंगी) पर स्थित मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मलबा भी रात में ही हटा दिया गया। मस्जिद के पास के कब्रिस्तान से जुड़ी भूमि से भी अवैध कब्जे हटा दिए गए। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन और रेलवे की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। कार्रवाई के दौरान कई थानों की पुलिस भारी संख्या में अर्धसैनिक बल और पीएसी के जवानों को भी बुला लिया गया था। हालांकि किसी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है। उत्तर रेलवे की निर्माण परियोजनाओं से संबंधित इस भूमि को लेकर उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। रेलवे के पक्ष में फैसला आने के बाद कार्रवाई की गई। बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और विस्तार के तहत स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। धार्मिक स्थल की भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों में विवाद था। वाराणसी में बीती रात 200 साल पुरानी "अजगैब मस्जिद" बुलडोजरों से ढहा दी गयी. 2024 में हुई पैमाइश में यह खुलासा हुआ कि यह मस्जिद रेलवे और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है. नोटिस देने के बाद भी मस्जिद नही हटाई गयी. अब प्रशासन ने कई बुलडोजर लेकर मस्जिद जमीदोज कर दी है. हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार रात संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी। नमो घाट के पास काशी स्टेशन पर होंगी कई सुविधाएं वाराणसी में नमो घाट के ठीक ऊपर स्थित काशी स्टेशन पर कई सुविधाएं विकसित होने जा रही हैं। यहां प्रस्तावित एयर कॉनकोर्स (गलियारा) दोनों भवनों को जोड़ेगा। लगभग 200 मीटर लम्बा और 100 मीटर लम्बा वातानुकूलित कॉनकोर्स न सिर्फ यात्रियों के लिए पैदल पारपथ (एफओबी) होगा, बल्कि इसमें बैठने की सुविधा होगी। वेटिंग हॉल और लाउंज होंगे। खरीदारी के लिए फूड और मल्टीपरपज स्टॉल भी बनेंगे। प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ियां और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। काशी स्टेशन का तकरीबन 350 करोड़ से मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। अपग्रेडेशन होने के बाद राजघाट साइड में काशी स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार हो जाएगा, जबकि वर्तमान प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री (द्वितीय प्रवेश द्वार) हो जाएगा। इसके अलावा टिकट घर, रिजर्वेशन काउंटर, पार्किंग, अत्याधुनिक टॉयलेट, वेटिंग हॉल समेत कई अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। भविष्य में काशी स्टेशन की यार्ड रीमॉडलिंग की भी योजना है। इसके तहत पटरियों और प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान प्लेटफॉर्मों की लम्बाई भी बढ़ेगी। फिलहाल काशी स्टेशन पर दोनों तरफ के भवनों को जोड़ने के लिए एयर कॉनकोर्स बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लेने समेत अन्य बिंदुओं पर प्रस्ताव बन रहा है। लखनऊ जंक्शन (चारबाग) के बाद उत्तर रेलवे (लखनऊ मंडल) का यह दूसरा कॉनकोर्स होगा। यह भवनों की दूसरी मंजिल से जुड़ेगा। यह चौड़े पुल या छत की तरह प्लेटफॉर्म से काफी ऊंचाई पर स्थित होगा। उत्तर रेलवे के एडीआरएम बृजेश कुमार यादव के अनुसार काशी स्टेशन पर मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत नए भवनों और एयर कॉनकोर्स के निर्माण समेत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मार्च 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है।

15 दिन में शिकायत निस्तारण के निर्देश, सीएम योगी ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी

 गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। गोरखपुर प्रवास के तीसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि मामलों का निस्तारण 15 दिन के अंदर करें। इसके साथ ही पीड़ित से फीडबैक भी लें। कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जमीन विवाद को लेकर आए फरियादियों को सुन दबंगों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलाज के लिए आए लोगों को आश्वासन दिया कि सभी का इलाज होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि एस्टीमेट मंगवाएं ताकि धन उपलब्ध कराया जा सके। जनता दर्शन में सीएम ने 200 से अधिक लोगों की फरियाद सुनी और कहा कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं, हर समस्या का समाधान होगा। बता दें कि सीएम योगी जब कभी गोरखपुर में होते हैं तो वह गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते और समाधान के निर्देश देते हैं। मंगलवार को भी उन्होंने फरियादियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनशिकायतों के समाधान के निर्देश दिए थे। सीएम योगी ने कहा था कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनशिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सीएम योगी ने फरियाद लेकर आए लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का समाधान होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। समाज के हर जरूरतमंद के लिए आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई, विवाह से लेकर निराश्रित, बुजुर्ग के पेंशन तक सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमाफिया की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करें और केस दर्ज कर जेल भेजें। इलाज के लिए मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरपूर सहायता देने का आश्वासन दिया। इस संदर्भ में अधिकारियों से एस्टीमेट उपलब्ध कराने को कहा।

कॉपी में लिखी ऐसी अपील, पढ़कर सोच में पड़ गए परीक्षक

रुहेलखंड नंबर बढ़ाने के लिए कॉपी में तरह-तरह की गुजारिशें लिखी मिलने का मामला नया नहीं है। दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा से लेकर यूनिवर्सिटी तक की परीक्षा में कई छात्र और छात्राओं की ऐसी अपीलें लिखी दिख जाती हैं। कई बार तो कॉपियों में रुपए रखे भी मिले हैं। ऐसी गुजारिशों को अक्सर परीक्षक मुस्कुराकर टाल जाते हैं लेकिन रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बीए थर्ड इयर की एक छात्रा ने अपनी कॉपी पर ऐसी बात लिख दी कि कॉपी जांचने वाले परीक्षक भी हैरान रह गए और थोड़ी देर के लिए सोच में पड़ गए। छात्रा ने अपनी आंसर कॉपी में बेहद संवेदना भरे मैसेज लिखकर शिक्षक से अपील की। छात्रा ने लिखा कि प्लीज मुझे बेहतर नंबर दे दीजिए, नहीं तो घर वाले मेरी शादी करा देंगे। उसने कॉपी में यह भी लिखा कि मुझे मालूम है कि ये गलत है पर भविष्य का सवाल है। मैं अभी शादी नहीं करना चाहती। छात्रा ने यह भी लिखा कि उसे मालूम है कि यह गलत है लेकिन वह अभी शादी नहीं करना चाहती है और ऐसी स्थिति में वह अच्छे नंबर देने की गुजारिश कर रही है। छात्रा द्वारा कॉपी में लिखी गई पूरी बात बता दें कि इस समय रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कॉपियों के मूल्यांकन का काम चल रहा है। ऐसे में बीए तृतीय वर्ष का छात्रा की आदरणीय मैम, सर को संबोधित यह मैसेज ऑनलाइन कॉपी चेकिंग के दौरान सामने आया। मुरादाबाद के एक केंद्र पर ऑनलाइन कॉपी चेकिंग के दौरान सामने आए इस मैसेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने कहा कि घर वाले मेरी शादी कराना चाहते हैं। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं। मैं अभी सिर्फ 21 साल की हूं। दो साल का रिजल्ट बहुत अच्छा नहीं हैं। किसी गर्वनमेंट यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए 60 प्रतिशत अंक चाहिए। इसे पूरा करने के लिए कम से कम 35 या 40 नंबर दे दीजिए, जिससे 60 प्रतिशत प्लस रिजल्ट बन जाए। कॉपी पर लिखे मैसेज में छात्रा ने 50 नंबर के पेपर में 40 नंबर की मांग की है। उसने यह भी लिखा कि ये गलत है मैं ये जानती हूं, पर प्लीज ज्यादा नंबर देकर मेरी मदद कीजिए।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार बढ़ रही भागीदारी, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कर रहे पंजीकरण

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में अवसर दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क आईएएस/ पीसीएस कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस योजना के माध्यम से अपने सपनों को नई उड़ान देना चाहते हैं। महंगी कोचिंग की बाधा दूर कर रही योगी सरकार सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में योगी सरकार की निःशुल्क कोचिंग योजना इन युवाओं के लिए राहत लेकर आई है। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाना है। 865 सीटों पर मिलेगा प्रशिक्षण, 25 प्रतिशत सीटें लेटरल एंट्री के लिए समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में आईएएस/ पीसीएस कोचिंग के लिए कुल 865 सीटें निर्धारित हैं। इनमें से 25 प्रतिशत सीटें ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित हैं जो लेटरल एंट्री के माध्यम से प्री परीक्षा क्वालीफाई कर चुके हैं। इससे उन अभ्यर्थियों को भी बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षा के प्रारंभिक चरण में सफलता प्राप्त कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन में युवाओं की बढ़ी भागीदारी योगी सरकार में युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून तक कुल 5513 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि 2848 अभ्यर्थियों ने अपनी आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए फाइनल लॉक किया है। वहीं इच्छुक अभ्यर्थी 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं इसके बाद 5 जुलाई को परीक्षा होगी। यह संख्या दर्शाती है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं। योगी सरकार में प्रतिभाओं को मिल रहा बेहतर मंच गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पूरी पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया और कक्षाएं संचालित करने की तैयारी कर रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सपनों के आड़े न आए। इसी उद्देश्य से निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। योगी सरकार की यह पहल न केवल युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक समावेशन को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुशीनगर का निरीक्षण

कुशीनग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुशीनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 450 करोड़ से बनने वाला यह विश्वविद्यालय पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली लाने और उनकी आय बढ़ाने में मील का पत्थऱ साबित होगा। सरकार की मंशा है कि विश्वविद्यालय समय पर बने और चले। इस प्रोजेक्ट को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। उम्मीद है कि सितंबर-अक्टूबर में इसके उद्घाटन के लिए आएंगे। उससे पहले कृषि मंत्री सत्र प्रारंभ करने के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करने यहां आएंगे, जिससे कुशीनगर में भी कृषि विश्वविद्यालय प्रारंभ हो सके।  इस सत्र से प्रारंभ करेंगे प्रवेश  मुख्यमंत्री योगी ने कृषि विश्वविद्यालय के निरीक्षण के उपरांत कहा कि सत्र शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस सत्र से यहां प्रवेश प्रारंभ करेंगे। दो-तीन महीने के लिए किराए पर भवन या स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन के सहयोग से वैकल्पिक व्यवस्था देंगे। यह विश्वविद्यालय न केवल किसान को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने, बल्कि लागत कम-उत्पादन अधिक के साथ ही उसकी आमदनी को कई गुना बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।  कुशीनगर अब विकास के नए प्रतिमान को स्थापित कर रहा है मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर अब पिछड़ा जनपद नहीं है, बल्कि यह बीमारी, उपद्रव, अराजकता से मुक्त है। यहां आपराधिक गतिविधियां व माफियागिरी बंद हुई है। यहां इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह समाप्त किया जा चुका है। कुशीनगर अब उत्सवपूर्ण माहौल में विकास के नित नए प्रतिमान को स्थापित कर रहा है।  अनंत संभावनाओं को लेकर चल रहा कुशीनगर  मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मेडिकल कॉलेज, प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना, नए हाईवे, फोरलेन-टूलेन सड़कों का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर-सिलीगुड़ी मार्ग भी कुशीनगर होते हुए निकल रहा है। कुशीनगर विकास की अनंत संभावनाओं को लेकर चल रहा है। देवरिया-कुशीनगर फोरलेन को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत पडरौना से लेकर केवल कसया व देवरिया ही नहीं, बल्कि प्रयागराज व उससे आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है। लखनऊ की दूरी भी अब कम हो चुकी है।  कुशीनगर में है अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट  सीएम योगी ने कहा कि जब गोरखपुर-सिलीगुड़ी मार्ग जुड़ेगा तो गोरखपुर से शामली तक भी इकॉनामिक कॉरिडोर का निर्माण होगा। प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने के साथ ही यहां सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहतरीन स्थिति हुई है। यहां पहले ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उपलब्ध कराया जा चुका है। नए एयरक्राफ्ट आने के साथ ही यहां वायुसेवा भी प्रारंभ होगी।  पत्रकारवार्ता के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, विधायक मोहन वर्मा, विवेकानंद पांडेय आदि मौजूद रहे।

हाईकोर्ट में जज साहब क्यों भड़के? बोले- अदालत के आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

प्रयागराज  कोर्ट की अवमानना से जुड़े एक मामले में की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अदालत पर मामलों के बोझ की बात कही है। कोर्ट का कहना है कि कार्यवाहियों को पूरा होने में समय लगता है, लेकिन इस दौरान पक्षों को अदालत के आदेशों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने इसके खिलाफ सीधी चेतावनी दे दी है। याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र ने कहा है कि कई बार अदालतों में एक दिन में 800 से ज्यादा केस आते हैं। जस्टिस शैलेंद्र ने कहा, '“इलाहाबाद उच्च न्यायालय जैसे अत्यधिक बोझ से दबे संवैधानिक न्यायालयों में जहां हर दिन प्रत्येक न्यायाधीश के समक्ष लगभग 400, 500, 600 और कभी कभी 800 से अधिक मामले सूचीबद्ध होते हैं, न्यायिक कार्यवाही के निपटारे में काफी समय लग सकता है। कभी-कभी वर्ष और कभी-कभी दशक भी। फिर भी लोग ऐसे अत्यधिक कार्यभार वाले न्यायाधीशों से हमेशा काम करने वाले सुपर रोबोट, सुपर कंप्यूटर या सुपरह्यूमन बनने की उम्मीद करते हैं।' दे दी चेतावनी उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यवाही के निपटारे में समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि इस लंबित प्रक्रिया के दौरान कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। जज ने कहा, 'कानून ऐसी हिम्मत को बर्दाश्त नहीं करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति की अनुमति दी गई, तो न्याय प्रशासन अराजकता में चला जाएगा। क्या था मामला दरअसल, कोर्ट एक अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोप थे कि शिक्षक की सैलरी से जुड़े आदेश को लागू नहीं किया गया था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, गाजीपुर जिला विद्यालय निरीक्षक ने 18 अप्रैल 2022 को जारी एक आदेश को लागू नहीं किया था। इसपर राज्य ने कहा कि उनकी तरफ से कोर्ट के आदेश के खिलाफ एक आवेदन दिया गया है, जिसके चलते आदेश का पालन नहीं हुआ। भड़क गया कोर्ट अब राज्य की तरफ से मिले इस जवाब पर अदालत ने कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा है कि संवैधानिक अदालत का आदेश सिर्फ एडवाइजरी नहीं है और न ही सिर्फ कागज का टुकड़ा है, जिसे नजरअंदाज कर दिया जाए। कोर्ट ने कहा, 'इसके साथ संविधान की पूरी शक्ति और कानून के शासन का गंभीर आदेश जुड़ा होता है। जिस पल मुकदमों में शामिल पक्षों को अदालती आदेशों को अपनी मर्जी या विकल्प के तौर पर मानने की छूट दे दी जाएगी, उसी पल संवैधानिक शासन की बुनियाद कमजोर होने लगेगी।' कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी हुई है, वह तय नहीं कर सकता कि इसका पालन करना है या नहीं। बेंच ने कहा कि इस तरह के आवेदन अदालत के आदेश को कमजोर नहीं कर सकते। महात्मा गांधी का किया जिक्र कोर्ट ने कहा कि यह न्यायपालिका की अथॉरिटी पर हमला करने जैसा है। इ दौरान अदालत ने महात्मा गांधी 'My Experiments with Truth' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'महात्मा गांधी की एक मशहूर बात है, जो उन्होंने अपनी किताब 'सत्य के साथ मेरे प्रयोग' में लिखी थी कि 'आपकी इजाजत के बिना कोई आपका अपमान नहीं कर सकता।' यह बात कोर्ट की अवमानना के मामले में भी पूरी तरह लागू होती है। एक बड़े कोर्ट ने जो आदेश दे दिया, जब तक वह लागू है और रद्द नहीं हुआ है, तब तक उसे मानना ही पड़ेगा और उसका पूरा सम्मान करना होगा। अगर ऐसे आदेश को खुलेआम ताक पर रख दिया जाए और कोर्ट सिर्फ इसलिए चुप रह जाए या कोई कार्रवाई न करे क्योंकि उस आदेश को बदलने या हटाने की कोई अर्जी अभी कोर्ट के सामने पेंडिंग है, तो इससे कोर्ट की जो साख और ताकत कम होगी, उसके लिए सिर्फ आदेश तोड़ने वाला ही जिम्मेदार नहीं माना जाएगा।' क्या हुआ फैसला चार सालों तक आदेश लागू नहीं होने के मद्देनजर अदालत ने विद्यालय निरीक्षक को कोर्ट की अवमानना का दोषी पाया। साथ ही 8 जुलाई को आरोप तय किए जाने की बात कही है। कोर्ट ने कहा कि वह चाहें तो अभी भी साल 2022 के अदालती आदेश का पालन कर सकता है। वह ऐसा करके खुद को कोर्ट की अवमानना के आरोप से बचा सकता है।

पिछले पांच वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण, ग्रामीण प्रशासन हुआ और मजबूत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में ग्रामीण विकास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों की स्थापना कर ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पिछले पांच वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण कर पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ग्राम सचिवालयों की स्थापना से ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाओं की जानकारी, मनरेगा संबंधी सेवाएं, जन्म-मृत्यु पंजीकरण समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब बार-बार तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।      पिछले 5 वर्षों में 24,311 पंचायत भवनों का निर्माण किया गया है। ग्राम सचिवालयों में फर्नीचर, कम्प्यूटर, इंटरनेट, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती की गई है। कुल 1875 रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट और कन्सल्टिंग इंजीनियर(सिविल) का इम्पैनलमेंट किया गया है।  राज्य स्तरीय कॉल सेन्टर एवं आनलाइन अटेण्डेन्स सिस्टम किया गया लागू      विभाग द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायतों को भेजी जाने वाली समस्त धनराशि का भुगतान ग्राम सचिवालय में स्थापित कम्प्यूटर से किये जाने के लिए जिओ फेन्स्ड एंड क्यू आर कोड तकनीक (Geo fenced and QR Code technique) लागू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से धनराशि के व्यय में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित किया गया है। एआई मॉडल का प्रयोग कर व्यय का अनुश्रवण किया जा रहा है। समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं संचार हेतु राज्य स्तरीय कॉल सेन्टर एवं आनलाइन अटेण्डेन्स सिस्टम लागू किया गया है।    प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इन भवनों में पंचायत बैठकों, जनसुनवाई, डिजिटल सेवाओं और विकास योजनाओं की निगरानी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पंचायत भवनों के निर्माण से ग्राम पंचायतों को स्थायी कार्यालय मिले हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।     ग्राम सचिवालय और पंचायत भवनों का यह व्यापक नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को नई गति देने के साथ-साथ गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हुई है। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में यह उपलब्धि प्रदेश के गांवों को सशक्त, डिजिटल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ करने का प्रस्ताव, अब यह भगवान महावीर जी के नाम पर जाना जाएगा: मुख्यमंत्री

कुशीनगर   कुशीनगर की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास बनाम अराजकता के मुद्दे पर कहा कि पहले की सरकारों के समय उत्तर प्रदेश कट्टा-बम बनाने वालों की पहचान से जुड़ा था, जबकि आज वही उत्तर प्रदेश देश की सुरक्षा के लिए ब्रह्मोस मिसाइल बना रहा है। पिछली सरकारें निर्दोष लोगों, व्यापारियों को लूटने के लिए कट्टा-बम बनाती थीं। बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाती थीं, लेकिन हमने इन शोहदों को ठीक किया है। जो ठीक नहीं हुआ, बोली से नहीं माना वो गोली से जरूर मान गया है। मंगलवार को कुशीनगर में ₹424+ करोड़ की 278 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की विकृत मानसिकता ने कुशीनगर को बीमारी, भुखमरी और बेरोजगारी दी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने इंसेफेलाइटिस और माफिया, दोनों पर प्रभावी प्रहार करते हुए विकास, सुरक्षा और रोजगार का नया वातावरण तैयार किया है। कुशीनगर अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि बुलेट स्पीड से आगे बढ़ते नए उत्तर प्रदेश का प्रतीक बन रहा है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से कुशीनगर की तस्वीर बदल गई मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के पुत्र कुश, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की तपोभूमि कुशीनगर आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जबकि 9-10 वर्ष पहले यह जनपद पहचान के संकट, इंसेफेलाइटिस, माफिया राज, भूख, बेरोजगारी और अव्यवस्था से जूझ रहा था। खनन माफिया का आतंक था, किसान शोषण का शिकार था, उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता था, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं बदहाल थीं तथा फाजिलनगर व कसया क्षेत्र में मुसहर समुदाय के लोगों की भूख से मौत की खबरें आती थीं। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने नया रास्ता चुना और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से कुशीनगर की तस्वीर बदल गई। आज जिले में लगभग 90 हजार गरीबों को आवास, 3.14 लाख से अधिक परिवारों को शौचालय, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा सहित अनेक जनकल्याणकारी सुविधाएं मिल रही हैं। पहले दंगे, अपराध और अराजकता प्रदेश की पहचान बन गए थे, जबकि आज सुरक्षा, विकास और गरीब कल्याण नई पहचान है। बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। मच्छर व माफिया, दोनों समस्याओं का किया समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कुशीनगर में कभी मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और एयरपोर्ट की कल्पना तक नहीं की जा सकती थी, आज वहां अपना मेडिकल कॉलेज, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसी सुविधाएं साकार रूप ले चुकी हैं। इसी सत्र से कृषि विश्वविद्यालय का संचालन शुरू होगा और बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा। किसानों को गन्ने का मूल्य 315 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है तथा भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस की बीमारी लगभग समाप्त हो चुकी है, ठीक वैसे ही जैसे उत्तर प्रदेश से माफिया राज समाप्त हुआ है। मच्छर बीमारी लाता था और माफिया बेरोजगारी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने दोनों समस्याओं का समाधान किया है। आज कुशीनगर की बेटियां व युवा पुलिस समेत विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयनित हो रहे हैं तथा निवेश से पैदा हो रहे नए रोजगारों का लाभ भी उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसका श्रेय जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को देते हुए कहा कि पहले तमकुही राज और फाजिलनगर विकास नहीं, उपेक्षा और मजाक का विषय बने हुए थे, जबकि आज विधायक और सांसद के प्रयासों से विकास परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे यह क्षेत्र भगवान महावीर की विरासत से जुड़कर वैश्विक पहचान प्राप्त करेगा। अच्छे जनप्रतिनिधि विकास, सुरक्षा, रोजगार और खुशहाली लेकर आते हैं तथा डबल इंजन सरकार हर किसान को उचित मूल्य, हर युवा को अवसर, हर बेटी को सुरक्षा और हर परिवार को बेहतर जीवन देने के संकल्प के साथ सतत कार्य कर रही है। समाजवादी पार्टी घोषित रूप से रामद्रोही मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण सदियों के संघर्ष, आस्था और संकल्प की विजय का प्रतीक है। 498 वर्ष पूर्व भगवान राम की जन्मभूमि पर विदेशी आक्रांता द्वारा मंदिर ध्वस्त किए जाने के बाद अनेक पीढ़ियां इसके पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष करती रहीं, लेकिन राम मंदिर निर्माण को वास्तविक गति डबल इंजन की भाजपा सरकार के कार्यकाल में मिली। कांग्रेस आजादी के बाद चाहती तो राम मंदिर बना सकती थी, लेकिन उसने नहीं बनने दिया। समाजवादी पार्टी तो घोषित रूप से रामद्रोही रही है। ये लोग लगातार बाधाएं खड़ी करते रहे, लेकिन हमारा संकल्प अटूट था। आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है और आधुनिक अयोध्या अपने वैभव, विकास और आध्यात्मिक भव्यता से त्रेता युग की अनुभूति कराती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा था और उस अवसर पर लोगों की आंखों में खुशी के आंसू थे। एक वोट की ताकत से बना अयोध्या में भव्य राममंदिर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के एक वोट की ताकत का परिणाम अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली तक दिखाई देता है। इसी जनादेश की ताकत से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त हुई और उत्तर प्रदेश ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण केंद्र बन रहा है। जब भारत का बहादुर जवान दुश्मन की छाती पर ब्रह्मोस दागता है, तो पाकिस्तान “बचाओ-बचाओ” चिल्लाने लगता है। कुशीनगर के लोगों को अब विकास की राह पर पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि डबल इंजन सरकार विकास के लिए धन की कमी नहीं आने देगी और एक-एक पैसे का हिसाब रखते हुए हर क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। कुशीनगर कभी पिछड़ा नहीं था, बल्कि पिछली सरकारों की विकृत नीतियों ने इसे बीमारी, भुखमरी और बेरोजगारी के संकट में धकेल दिया था। अब यह जनपद विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के बल पर बुलेट स्पीड से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर कुशीनगर के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, सांसद देवरिया शशांक मणि, गोरखपुर के सांसद रविकिशन, विधायक तमकुही राज डॉ. असीम कुमार, विधायक फाजिलनगर सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा, जिला पंचायत … Read more

जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले सीएम योगी

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। आवास से लेकर इलाज तक, बिटिया की पढ़ाई व विवाह से लेकर निराश्रितों व बुजुर्गों की पेंशन तक, समाज के हर जरूरतमंद के लिए सरकार की अनेक योजनाएं हैं। सभी पात्र लोगों से आवेदन कराकर इन योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाया जाए। सीएम योगी मंगलवार को जनता दर्शन में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। सोमवार देर शाम गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन जरूर करें। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि हर पात्र व्यक्ति का संबंधित योजना में आवेदन कराकर लाभ दिलाया जाए।  सीएम योगी ने जनता दर्शन में आए लोगों के प्रार्थना पत्रों को निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। अधिकारी जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। जनता दर्शन में इस बार भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  जनता दर्शन में जौनपुर जिले से आई एक महिला ने एक एनजीओ पर फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ जांच की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामले में जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाए। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन पर कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए चॉकलेट दीं। मंदिर की गोशाला में सीएम योगी ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।