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राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश कर रही कांग्रेसः मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को खूब खरी-खरी सुनाई। अपने सरकारी आवास पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लोग भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर साजिश का हिस्सा रहे हैं। सीएम ने कहा कि देश का मुख्य विपक्षी दल व यूपीए गठबंधन से जुड़े अन्य दलों की हरकतें-बयानबाजी गैरजिम्मेदाराना हैं व लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसी हैं। इन्होंने एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया है। एसआईआर पहली बार नहीं हुआ है। देश में इससे पहले वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66, 2003 समेत अनेक बार एसआईआर हुआ है। कांग्रेस व विपक्षी दलों की हायतौबा दुर्भाग्यपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की एसआईआर की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत अन्य दलों ने जो हायतौबा मचाई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने तंज किया कि सपा, कांग्रेस, राजद आदि विपक्षी दल यदि चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ है परंतु भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति, अराजकतापूर्ण कार्यों के कारण यदि जनता इन्हें खारिज करे तो इसके लिए चुनाव आयोग और ईवीएम दोषी है। इन दलों को अपने बचकाने बयानों को लेकर चिंतन व आत्मावलोकन करना चाहिए। राहुल गांधी ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर कैंब्रिज में उठाया था सवाल मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों द्वारा हर संवैधानिक संस्था को लगातार कटघरे में खड़ा किया जाता है। यह लोग चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में कैग ने राफेल के मुद्दे पर अपना आब्जर्वेशन दिया था, इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। ईवीएम से हुए चुनाव में केंद्र व कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी, उस ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहकर भारत की चुनाव प्रणाली व दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस का संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। 25 जून 1975 को कांग्रेस ने जब देश के संविधान का गला घोंटने का पाप किया था, तब उनके नेतृत्व की सरकारों ने विपक्षी दलों की चुनी गई तमाम सरकारों को अनैतिक तरीके से गिराने का पाप किया था। अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली, आर्थिक कदाचार के कारण देश की आंतरिक-वाह्य सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया। बालाकोट की एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों के शौर्य-पराक्रम पर इनके द्वारा सवाल खड़ा करना देशभक्ति नहीं है। वर्तमान में ऐसी ही गैरजिम्मेदाराना हरकतें कांग्रेस व उनके सहयोगी दल कर रहे हैं। गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे कांग्रेस मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के बारे में पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म भरने की पूरी छूट है। फॉर्म-6 को लेकर उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया, फिर भी चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त व हर संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करके भारत की बदनामी कराना और सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्टा करने वाली कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। कांग्रेस अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ व दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस व उसके सहयोगी दल जनता से मांगें माफी सीएम ने कहाकि तीनों चुनाव आयुक्त ने मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं व फॉर्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते, लेकिन कांग्रेस, सपा व सहयोगी दलों द्वारा बाल की खाल उधेड़ने जैसी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश हो रही है। भारत ने हर वयस्क मतदाता को पहले दिन से जाति, क्षेत्र, भाषा, लिंग समेत बिना भेदभाव मतदान करने की स्वतंत्रता और चुनाव के एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाने का अधिकार दिया है। पूरी पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस व सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए आमजन व देश की संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।

अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दलों पर साधा निशाना

लखनऊ  एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला। अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस-सपा समेत विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग और ईवीएम को दोष देने लगते हैं। उन्होंने एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों को संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश बताते हुए विपक्ष को आत्मावलोकन की नसीहत दी।   मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद और अन्य विपक्षी दलों को निशाने पर रखते हुए कहा कि एसआईआर को लेकर भ्रम पैदा कर हाय-तौबा मचाई जा रही है। चुनाव आयोग की ओर से पूरी स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करती है।   पहले भी कई बार हो चुकी है एसआईआर एसआईआर को पहली बार की जा रही कवायद बताने पर मुख्यमंत्री योगी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी एसआईआर की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें ज्यादातर समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस, सपा, राजद और अन्य विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस आज चुनाव आयोग को ही कटघरे में खड़ा कर रही है। कांग्रेस, सपा और राजद चुनाव जीत जाएं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन अपनी नीतियों, भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार और अराजकता के कारण जनता उन्हें खारिज कर दे तो चुनाव आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को इस पर चिंतन और आत्मावलोकन करने की नसीहत दी।   न्यायपालिका से कैग तक का किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी ने चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों को विपक्ष की पुरानी कार्यप्रणाली से जोड़ा। राहुल गांधी के कैंब्रिज में दिए बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2019 में राफेल के मुद्दे पर कैग के ऑब्जर्वेशन पर भी सवाल उठाए गए। जिस ईवीएम से कांग्रेस की केंद्र और राज्यों में सरकारें बनीं, उसी को ब्लैक बॉक्स बताकर देश की चुनाव प्रणाली को कठघरे में खड़ा किया गया।   मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है और दुनिया में भारत की छवि पर भी असर पड़ता है।   आपातकाल, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर पर घेरा कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 25 जून 1975 के आपातकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर कितना विश्वास रहा है, इसे देश जानता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों पर विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को अनैतिक और अवैध तरीके से गिराने का भी आरोप लगाया।   बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर भारतीय जवानों के शौर्य और पराक्रम को कटघरे में खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना कहां की देशभक्ति है।   चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की, फिर सवाल क्यों मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त मीडिया के सामने आकर चुनाव आयोग की पूरी कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। छूटे हुए मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। इसके बाद भी चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।   मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक एसआईआर में जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें फॉर्म भरने का पूरा अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया है। इसके बाद कोई सवाल नहीं बचता, फिर भी कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दल बाल की खाल उधेड़ने में लगे हैं।   हिंसा और तोड़फोड़ की लोकतंत्र में जगह नहीं विरोध के तौर-तरीकों पर भी मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। प्रदर्शन और तोड़फोड़ के जरिए चुनाव आयोग से जुड़े मुख्यालयों और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना गैर जिम्मेदाराना है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत ने पहले दिन से हर वयस्क मतदाता को जाति, क्षेत्र, भाषा और लिंग के भेदभाव के बिना मतदान की स्वतंत्रता दी है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की व्यवस्था भी मौजूद है। ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है।   कांग्रेस और सहयोगी दल माफी मांगें मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपनी गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों को नियंत्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने, दुनिया में भारत की बदनामी कराने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर दुष्प्रचार करने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को देश की संवैधानिक संस्थाओं और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के इस आचरण की निंदा भी की।

SIR को लेकर भ्रम फैला रही कांग्रेस-सपा? सीएम योगी ने साधा निशाना

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि कहा चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) को लेकर देश में भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हार के लिए चुनाव आयोग को दोष देना ठीक नहीं है। लखनऊ में सीएम आवास पर बुलाई प्रेस कॉफ्रेन्स में मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर उस साजिश का हिस्सा रहे हैं जिससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सके। यह आश्चर्यजनक है कि देश का मुख्य विपक्षी दल और यूपीए गठबंधनसे जुड़े अन्य दलों की वर्तमान हरकतें और उनकी बयानबाजी अत्यंत ही गैरजिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसा है। एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया है। ऐसा नहीं कि पहली बार एसआईआर वर्तमान चुनाव आयोग ने किया है। सीएम योगी ने कहा कि जब देश में कांग्रेस नेतृत्व की सरकार थी तब 1952, 1957, 1961 और 1965-66 और साल- 2003 में भी एसआईआर की कार्यवाही हो चुकी है। इसके बावजूद, इस बार की एसआईआर की कार्यवाही को लेकर सपा-कांग्रेस ने हायतौबा मचाई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में सबसे अधिक समय तक शासन किया। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। इलेक्शन में यदि कभी सपा-कांग्रेस जीत जाएं तो इसे वे अपना पुरुषार्थ बताते हैं और यदि कहीं इनके भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार कुनीति, इनकी अराजकतापूर्ण कार्यवाहियों की वजह से इन्हें खारिज करती है तो ये चुनाव आयोग या ईवीएम को दोषी ठहराने लगते हैं। यह जायज नहीं है। दलों को इस बारे में आत्म अवलोकन करना चाहिए। सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा भारत की हर संवैधानिक संस्था को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग को लेकर लगातार हमलावर है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भी न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था। न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए थे। वर्ष 2019 में कैग ने राफेल के मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट दी थी तो कैग पर सवाल खड़े किए गए। जिस ईवीएम मशीन से कांग्रेस की केंद्र और कई राज्यों में सरकारें बनी हैं, उसे ब्लैक बाक्स कहकर चुनाव प्रणाली पर सवाल खड़े करती है। इन दलों को इस पर चिंतन करना चाहिए। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर इन दलों का कितना विश्वास है यह हर कोई जानता है। कांग्रेस का इतिहास कौन नहीं जानता। 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने देश के संविधान का गला घोंटने का काम किया था। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने विपक्षी दलों की कई सरकारों को गिराने का काम किया था। चुनी गई सरकारों को अनैतिक और अवैध तरीके से गिराने का पाप भी किया था। भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण इन्होंने आंतरिक और वाह्य सुरक्षा पर प्रश्न खड़ा किया। बालाकोट और आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों को कठघरे में खड़ा करना कहां की देशभक्ति है। वर्तमान में भी वही गैरजिम्मेदाराना हकरतें कांग्रेस और सहयोगी दल कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को कठघरे में खड़ा करना गलत सीएम योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने स्थिति स्पष्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यवाही को उचित ठहराया। इसके बावजूद मुख्य आयुक्त और आयोग को कठघरे में खड़ा करना, भारत की बदनामी कराना, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्टा करना हैरान करता है। कांग्रेस और सहयोगी दलों का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को नियंत्रित करना चाहिए। लेकिन ये प्रदर्शन करेंगे, तोड़फोड़ करेंगे, चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। इनके द्वारा लगातार तोड़फोड़ और दुष्प्रचार करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। बाल की खाल उधेड़ रहीं कांग्रेस-सपा सीएम योगी ने कहा कि छूटे हुए मतदाताओं और फार्म- 6 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते। लेकिन बाल की खाल उधेड़ने का प्रयास सपा और कांग्रेस कर रही हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। कांग्रेस और सपा को अपने कृत्य के लिए देश की संविधानिक संस्थाओं और जनता जनार्दन से माफी मांगनी चाहिए। भारत दुनिया के अंदर एकमात्र लोकतंत्र है, जिसने पहले दिन से हर वयस्क मतदाता तो मतदान करने की स्वतंत्रता दी है। कोई जाति, भाषा, क्षेत्र का भेद नहीं है। यहां तक कि एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाना का अधिकार दे रखा है। ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया को प्रश्न के घेरे में लाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला है। कांग्रेस और सपा देशवासियों से माफी मांगे। हम कांग्रेस और सहयोगी दलों के इस कृत्य की निंदा भी करते हैं।

यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते

ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का बड़ा मंच बना रहा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में चल रहे पांच दिवसीय ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों और प्रदेश के प्रतिभागी प्रदर्शकों के बीच शनिवार को करीब 4,700 बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 412 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका अनुमानित व्यावसायिक मूल्य करीब 54.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। दूसरे दिन के ये परिणाम उत्तर प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रुचि तथा प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में ट्रेड शो की भूमिका को रेखांकित करते हैं। रिवर्स बायर-सेलर मीट के माध्यम से विदेशी खरीदारों और प्रदेश के उद्यमियों को आमने-सामने संवाद का अवसर मिल रहा है, जिससे संभावित कारोबारी साझेदारियों को समझौतों में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। पहले दिन भी हुईं 2,800 से अधिक बी2बी बैठकें यूपीआईटीएस के पहले दिन हॉल नंबर-17 में बने विशेष बी2बी क्षेत्र में 2,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें हुई थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के करीब 500 एमएसएमई ने भाग लिया और लगभग 140 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई। विदेशी खरीदारों और भारतीय विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद से विभिन्न उत्पाद एवं सेवा क्षेत्रों में कारोबारी संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला। योगी सरकार की पहल से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार योगी सरकार द्वारा आयोजित यूपीआईटीएस का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, निर्यातकों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ प्रदेश में निवेश और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तैयार करना है। ट्रेड शो में भारतीय निर्माता, निर्यातक, एमएसएमई, निवेशक, वैश्विक खरीदार और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल एक ही मंच पर मौजूद हैं। सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में यह मंच प्रदेश के उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर दे रहा है। विशेष रूप से रिवर्स बायर-सेलर मीट और सुनियोजित बी2बी संवाद के जरिए उत्पादों के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कारोबारी संपर्क और संभावित निर्यात सौदों पर बातचीत हो रही है। 29 सितंबर तक जारी रहेगा कारोबार का सिलसिला यूपीआईटीएस-2026 आगामी 29 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बी2बी बैठकें जारी रहेंगी और अधिक व्यापारिक समझौतों तथा कारोबारी परिणामों की संभावना है।

भारी बारिश के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर योगी सरकार अलर्ट

लखनऊ प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी और स्थानीय फॉल्ट को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर सक्रिय गैंग तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य पूरा करें। स्थानीय फॉल्ट की जानकारी संचार माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं तक भी पहुंचाई जाए। बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा अनुरक्षण कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कराने के निर्देश दिए गए हैं। अप्रत्याशित भारी बारिश से प्रदेश में ब्रेकडाउन की घटनाएं बढ़ी हैं। अधिकांश फॉल्ट पेड़ या उनकी टहनियां गिरने के कारण हुए हैं। लखनऊ कंट्रोल रूम के अनुसार 11 केवी के 716 फीडर और 33 केवी के 173 सब-स्टेशनों के बंद होने की सूचना है, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। शक्ति भवन में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है, जहां छह अधीक्षण अभियंताओं की तैनाती की गई है। अधिकारी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम से समन्वय कर स्थानीय फॉल्ट, गैंग, सामग्री और 12 घंटे से अधिक समय से बाधित आपूर्ति की जानकारी ले रहे हैं। 1912 पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए हैं। बारिश से बिजली की मांग करीब 28 हजार मेगावाट से घटकर 16 हजार मेगावाट से नीचे आ गई है। मांग कम होने से प्रदेश को कटौती मुक्त कर महानगरों से गांवों तक 24 घंटे आपूर्ति दी जा रही है। अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज में बेची जा रही है। अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं से किसी भी घटना या ब्रेकडाउन की सूचना तत्काल 1912 पर देने की अपील की है। कंट्रोल रूम के नंबर शक्ति भवन – 0522-2288737, 2288738 टोल फ्री – 1912 मध्यांचल – 0522-4950397 केस्को – 8189045757 पूर्वांचल – 0542-2300137 दक्षिणांचल – 9412719627 पश्चिमांचल – 9412749313

भारी बारिश से प्रभावितों को तत्काल मिले राहत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और इससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बारिश के कारण जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें भी अनुमन्य मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए। मुख्यमंत्री ने फसल बर्बादी का तत्काल आकलन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार को कठिन परिस्थिति में तकलीफ न सहना पड़े। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को तत्काल बाढ़ राहत केंद्रों और शरणालय केंद्रों तक पहुंचाया जाए। इसी तरह जिन लोगों के घर गिरने से वे बेघर हुए हैं, उनके लिए भी राहत केंद्रों एवं शरणालयों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए उन्हें हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड में रहें वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों से संवाद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को तत्काल सुनकर उपलब्ध संसाधनों से समाधान कराया जाए। अतिवृष्टि से हुई जनहानि और पशुहानि के मामलों में मुआवजा वितरण में देरी न हो। बारिश से घर गिरने के कारण प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

ट्रेड शो में यूपी की महिला उद्यमियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सजाए अपने उत्पाद

ग्रेटर नोएडा कभी शौक के तौर पर शुरू हुआ काम आज कारोबार बन चुका है। किसी ने चित्रकारी को कपड़ों पर उतारकर अपना उद्यम खड़ा किया तो किसी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची महिला उद्यमियों की कहानियां महिला सशक्तीकरण की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है और महिलाएं अब उत्पाद बनाने के साथ उनकी ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार विस्तार की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं हैं। मेरठ के कंकरखेड़ा से आईं हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के माध्यम से पीतल से बनी विभिन्न कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कहना है कि योगी सरकार ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद अब दूसरे देशों के बाजार तक पहुंच बना रहे हैं। उनके अनुसार यह विस्तार प्रदेश सरकार की नीतियों से मिले अवसरों के कारण संभव हुआ है। शौक को बनाया कारोबार, सात महिलाओं को दिया रोजगार गाजियाबाद के बजरिया से आईं अंजली अंजली क्रिएशन के माध्यम से कपड़ों पर की गई चित्रकारी के उत्पाद लेकर पहुंची हैं। उन्हें चित्रकारी का शौक था, जिसे उन्होंने उद्यम का रूप दिया। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी का काम शुरू किया। आज उनके तैयार किए गए सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। अंजली के मुताबिक उनका कारोबार बढ़ने के साथ अब वह सात अन्य महिलाओं को नियमित रोजगार भी दे रही हैं। गाजियाबाद के वसुंधरा से आईं प्रतिभा त्यागी प्रतिभा डिजाइनर हब के जरिए हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट से बने विभिन्न तरह के बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंची हैं। उनका कारोबार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर केंद्रित है। ट्रेड शो में उन्हें नए ग्राहकों और बाजार से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा बेडशीट लेकर ट्रेड शो में आई हैं। वह आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं। उनके समूह में 13 महिलाएं जुड़ी हैं। सितारा का कहना है कि समूह की महिलाएं योगी सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनके लिए समूह केवल उत्पाद तैयार करने का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को आय का स्थायी जरिया देने का मंच भी बन रहा है। सहारनपुर के नांगल क्षेत्र से आईं सुधा सैनी विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के साथ ट्रेड शो में पहुंची हैं। वह चलोरी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं और लगातार चौथी बार नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में हिस्सा ले रही हैं। सुधा के मुताबिक इस मंच ने उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर निकालकर व्यापक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की इन कहानियों में एक समान बदलाव दिखाई देता है—महिलाएं अब केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं। वे कारोबार चला रही हैं, बाजार तलाश रही हैं और दूसरी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रही हैं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उनके लिए बिक्री का मंच होने के साथ अपने उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने और नए बाजार से जुड़ने का अवसर भी बन रहा है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और ऐसे बाजार उपलब्ध कराने वाले मंचों के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

यूपीआईटीएस में दिखी यीडा की 25 वर्षों की विकास यात्रा, औद्योगिक निवेश से वैश्विक सिटी तक रोडमैप प्रदर्शित

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 25 वर्षों की विकास यात्रा को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदर्शित किया जा रहा है। एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित ट्रेड शो में हॉल नंबर-3 में लगाए गए यीडा के स्टाल पर प्राधिकरण के वर्तमान विकास के साथ भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झलक भी देखने को मिल रही है। यीडा के स्टाल पर वर्ष 2041 के प्रथम चरण के मास्टर प्लान का मॉडल आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मॉडल के माध्यम से प्राधिकरण के विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों और कनेक्टिविटी नेटवर्क को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मॉडल भी यहां रखा गया है, जो क्षेत्र में विकसित हो रहे आधुनिक परिवहन और लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को दर्शाता है। स्टाल पर पोस्टरों के माध्यम से पिछले एक वर्ष में हुए प्रमुख औद्योगिक आवंटनों और प्राधिकरण क्षेत्र में आए निवेश की जानकारी दी जा रही है। वहीं इंटरनेशनल फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, अपैरल पार्क, टॉय पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, लॉजिस्टिक पार्क और हेरिटेज सिटी जैसी परियोजनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। भविष्य की योजनाओं में जापान सिटी सेक्टर-5ए, कोरियन सिटी सेक्टर-4ए, सिंगापुर सिटी सेक्टर-7, ताइवान सिटी सेक्टर-6, प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेडियम सेक्टर-23डी, आईएसबीटी सेक्टर-23सी तथा सेक्टर-13 और 14 में प्रस्तावित मेडिकल हब की योजनाएं भी स्टाल पर प्रदर्शित की गई हैं। एक ही मंच पर यीडा की पूरी तस्वीर ट्रेड शो के पहले दिन औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने यीडा के स्टाल का उद्घाटन किया और विकास मॉडल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों से संवाद कर प्राधिकरण की परियोजनाओं और निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार का स्टाल पर स्वागत करते हुए विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग एवं यीडा के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी यीडा स्टाल का भ्रमण किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार भी उपस्थित रहे। यीडा का स्टाल ट्रेड शो में आने वाले उद्योगपतियों, निवेशकों, मीडिया प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक तस्वीर के साथ यह भी प्रदर्शित किया जा रहा है कि योगी सरकार के नेतृत्व में निवेश, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और वैश्विक औद्योगिक साझेदारी को एकीकृत करते हुए यीडा क्षेत्र को भविष्य के आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

‘स्किल मंच’ पर युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स में दिखाई प्रतिभा, योगी सरकार की कौशल विकास की मुहिम को मिला वैश्विक मंच

ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के दूसरे दिन देखने को मिली। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के पवेलियन में ‘आओ करके सीखें’ थीम के तहत कौशल का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया गया, जहां दर्शक केवल हुनर को देखते ही नहीं, बल्कि खुद हाथ आजमाकर उसे सीखने का अनुभव भी ले रहे हैं। यूपीएसडीएम पवेलियन में 16 अलग-अलग कौशलों के लाइव प्रदर्शन और सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, पवेलियन का प्रत्येक स्टॉल दर्शकों को कुछ नया सीखने और उसे स्वयं आजमाने का अवसर दे रहा है। मिट्टी से कलाकृति तक, खुद करके सीख रहे दर्शक पवेलियन में आयोजित लाइव प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर दर्शक मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। वहीं चिकनकारी स्टॉल पर लोग सुई-धागे के जरिए बारीक कारीगरी को समझने और खुद करने का प्रयास कर रहे हैं। खास बात यह है कि यहां कौशल को केवल प्रदर्शन के रूप में पेश नहीं किया जा रहा, बल्कि ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ की अवधारणा के साथ लोगों को सीधे इससे जोड़ा जा रहा है। विभिन्न ‘डू इट योरसेल्फ’ गतिविधियों के माध्यम से बच्चों से लेकर युवाओं और अन्य आगंतुकों तक को अलग-अलग कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिल रहा है ‘स्किल मंच’ पर युवाओं की प्रतिभा ने बांधा समां यूपीआईटीएस-2026 के दूसरे दिन ‘स्किल मंच’ भी युवाओं की प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहां युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स समेत विभिन्न रचनात्मक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर आयोजित गतिविधियों में युवाओं ने रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार दिया। मंच पर प्रस्तुत प्रतिभाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया और युवाओं की रचनात्मक क्षमता को सामने रखा। पहली बार शुरू किए गए इस मंच का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ कौशल, करियर और रचनात्मक अवसरों से जोड़ना है। कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता यूपी योगी सरकार उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रही है। यूपीएसडीएम के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कौशल विकास को प्रदर्शित करने से प्रदेश के युवाओं के हुनर को व्यापक पहचान मिलने के साथ यह संदेश भी जा रहा है कि कौशल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की मजबूत नींव है। पारंपरिक हुनर और आधुनिक कौशल का संगम यूपीएसडीएम पवेलियन में एक ओर चिकनकारी, पॉटरी और टेराकोटा जैसे पारंपरिक कौशल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक कौशल से जुड़ी गतिविधियां युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की संभावनाओं से परिचित करा रही हैं। इस पहल के जरिए उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कारीगरी को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी और नए बाजार से जोड़ने का प्रयास भी दिखाई दे रहा है। यूपीएसडीएम पवेलियन की ‘आओ करके सीखें’ थीम ने कौशल विकास को देखने के बजाय उसे अनुभव करने का अवसर दिया है। यही वजह है कि दूसरे दिन पवेलियन में लगातार दर्शकों की आवाजाही बनी रही।

सीबीजी, वेस्ट टू एनर्जी और बायोफ्यूल से कचरे का होगा बेहतर उपयोग, शहरों की सुधरेगी क्वालिटी आफ लाइफ

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मैनेजमेंट आज एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी भी बन सकता है। सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग एवं री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपशिष्ट का उपयोग कर नए उद्योगों और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में ये बातें कहीं। उन्होंने नगरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने के लिए नवीनतम तकनीक के माध्यम से ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से हम शहरों को स्वच्छ रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। अब हमारा प्रयास है कि इस जनआंदोलन को और अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और स्थायी बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। शर्मा ने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है। यदि इसका वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाए तो यही अपशिष्ट एक बड़े अवसर में परिवर्तित हो सकता है।