samacharsecretary.com

सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बना भव्य उत्सव

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और जनकल्याण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 8 मई को प्रदेशभर में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, जहां एक साथ गूंजती शहनाइयों ने पूरे प्रदेश को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन सामाजिक एकता, समानता और मानवीय संवेदनाओं का विराट उत्सव बनकर सामने आया। राजधानी रायपुर से लेकर सुदूर वनांचल तक हर जिले में आयोजित इन समारोहों में हजारों परिवारों की सहभागिता देखने को मिली। पारंपरिक रीति-रिवाजों, सादगी और गरिमा के साथ सम्पन्न हुए इन विवाहों ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की वर्षों पुरानी चिंता को दूर किया है।  महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि विवाह को गरिमामय, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक स्वरूप भी प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं, जिसमें सुसज्जित विवाह स्थल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि हर नवदंपति और उनके परिजनों को एक सुखद अनुभव मिल सके। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पूर्व में संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई के राज्यव्यापी आयोजन में 1385 विवाह संपन्न हुए। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध चुके हैं, जो लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बन गया। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के साथ कर सकें। इसके साथ ही विवाह के दौरान आवश्यक सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाएं भी शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती हैं। उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे, जिसने सामाजिक समरसता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। प्रदेशभर में आयोजित यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण है कि संवेदनशील नेतृत्व, प्रभावी योजनाएं और जनभागीदारी मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना महिला सम्मान, सामाजिक समानता और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बनकर छत्तीसगढ़ के विकास की नई गाथा लिख रही है।

5 वर्षों में रोपे गए 27 लाख से अधिक पौधे, 951 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हरित आवरण

रायपुर पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र का विस्तार सतत भविष्य के लिए अनिवार्य है। इसमें वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और जन जागरूकता प्रमुख हैं। शहरी क्षेत्रों में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, प्लास्टिक प्रतिबंध और जल प्रदूषण कम किया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य, समृद्धि और पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है। वनों की रक्षा, बंजर भूमि का पुनरुद्धार और सामुदायिक उद्यान विकसित करना है।               छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के बिलासपुर जिले के (कोटा परियोजना मंडल)  पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विगत पांच वर्षों (2021 से 2025-26) के दौरान निगम ने जिले के विभिन्न अंचलों में योजनाबद्ध तरीके से 27 लाख 14 हजार 350 पौधों का रोपण कर 951.980 हेक्टेयर क्षेत्र को हरा-भरा कर दिया है। वृक्षारोपण के प्रमुख आंकड़े और प्रजातियां            852 हेक्टेयर के 66 कक्षों में 21.30 लाख पौधे लगाए गए, जिनमें मुख्य रूप से बेशकीमती सागौन का रोपण किया गया। सघन और त्वरित वृद्धि के लिए नीलगिरी और सागौन के उन्नत क्लोनल पौधों का रोपण किया गया। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में 3.16 लाख से अधिक पौधे लगाकर ग्रीन कवर बढ़ाया गया। अरपा नदी का संरक्षण- एक विशेष पहल        नदी पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने के लिए वर्ष 2025-26 में अरपा नदी के तटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत कम जगह में घने जंगल विकसित करने के लिए अरपा किनारे 3.620 हेक्टेयर में 20,300 पौधे रोपे जाएंगे। नदी के किनारों पर सघन ब्लॉक वृक्षारोपण और रामसेतु क्षेत्र में विशेष हरियाली विकसित की जाएगी, जिससे भू-क्षरण रुकेगा। दूरगामी प्रभाव वन विकास निगम के ये सतत प्रयास न केवल बिलासपुर के स्थानीय जलवायु संतुलन को बनाए रखने में मददगार साबित हो रहे हैं, बल्कि इससे भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के संरक्षण का एक मजबूत आधार भी तैयार हो रहा है। निगम का यह अभियान प्रदेश की हरित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 62 जोड़ों ने लिए सात फेरे, नवदंपत्तियों को मिली शासकीय सहायता

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशानुसार रायपुर जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत आज तीन विभिन्न स्थलों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कुल 62 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नए जीवन की शुरुआत की। टाऊन हॉल, आरंग में 16 जोड़ों का विवाह कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्री गुरू खुशवंत साहेब के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष  टाकेश्वरी मुरली साहू, जनपद सदस्य  पद्मिनी साहू एवं जनपद उपाध्यक्ष  रविन्द्र चंद्राकर उपस्थित रहे। डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन, सासाहोली, तिल्दा-नेवरा में 31 जोड़ों का विवाह जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष  टीकेश्वर मनहरे, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रकला वर्मा, जिला पंचायत सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास सभापति  शैल महेन्द्र साहू, जनपद सदस्य एवं महिला एवं बाल विकास सभापति  सरोज मुकेश भारद्वाज, नगर पालिका उपाध्यक्ष  पलक सुखवानी एवं समस्त पार्षदगण तिल्दा की उपस्थिति में संपन्न कराया गया। मंगल भवन, धरसीवां में 15 जोड़ों का विवाह जिला पंचायत सदस्य  सरोज चंद्रवंशी एवं जनपद अध्यक्ष  शकुंतला सेन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। शासन द्वारा सभी नवविवाहित जोड़ों को योजनांतर्गत निर्धारित सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नवदंपत्तियों को सुखमय एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन हेतु शुभकामनाएं दीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बेटियों का सम्मान और सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब परिवारों को संबल मिल रहा है और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिल रहा है। इस दौरान विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने राज्य में स्वीकृत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन और फारेस्ट क्लीयरेंस जैसी प्रक्रियाओं को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए ताकि परियोजनाओं का लाभ किसानों को जल्द मिल सके। बैठक की प्रमुख उपलब्धियां और परियोजनाएं            पैरी-कोडार लिंक नहर (गरियाबंद) सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय तक पाइपलाइन लिंक नहर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से महानदी की सहायक पैरी नदी के अतिरिक्त जल का उपयोग पेयजल, निस्तारी और औद्योगिक कार्यों के लिए होगा। इससे गरियाबंद और महासमुंद जिले के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई सुविधा विकसित होगी।              मोहमेला-सिरपुर बैराज (रायपुर)-आरंग विकासखंड में महानदी पर प्रस्तावित इस बैराज से 1800 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्वहन सिंचाई सुनिश्चित होगी। यह क्षेत्र में पर्यटन, नौका विहार और सुगम आवागमन को भी बढ़ावा देगा।              मटनार बहुउद्देशीय परियोजना (बस्तर) इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित यह योजना बस्तर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उद्वहन प्रणाली पर आधारित होने के कारण इसमें कोई विस्थापन या पुनर्वास की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी सुरक्षित रहेगी। देउरगांव उद्वहन बैराज (बस्तर) जगदलपुर के समीप इंद्रावती नदी पर बनने वाली यह परियोजना बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। निविदा और प्रशासनिक अनुमोदन           बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के निविदा प्रारूपों  पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, ऊर्जा सचिव  सारांश मित्तर, वित्त विभाग की विशेष सचिव मती शीतल शाश्वत वर्मा सहित विभिन्न परियोजनाओं के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मानवता की सेवा में रेडक्रॉस की भूमिका सराहनीय- मुख्यमंत्री साय

रायपुर विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ शाखा के चेयरमेन  तोमन साहू जी चेयरमेन एवं अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को रेडक्रॉस का बैज पहनाकर एवं  स्मृति चिन्ह भेंट कर विश्व रेडक्रॉस दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों को इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानवता की सेवा के साथ ही आपदा के समय में रेडक्रॉस संस्था की भूमिका सराहनीय है। इस अवसर पर वाइस चेयरमेन  रुपेश पाणिग्रही,कोषाध्यक्ष  संजय पटेल,राज्य प्रबंध समिति सदस्य  प्रदीप साहू, संरक्षक सदस्य  दिनेश तापड़िया उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत रायगढ़ जिले में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

रायपुर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने शुक्रवार को रायगढ़ के पटेलपाली कृषि उपज मंडी में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 150 नवदंपतियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। आयोजन में सामाजिक समरसता, सादगी, संस्कार और पारिवारिक सौहार्द का भाव देखने को मिला। जिले में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के तहत रायगढ़ में 45, खरसिया विकासखंड में 15, बंजारी धाम खरसिया में 30, लैलूंगा विकासखंड में 30 तथा धरमजयगढ़ में 30 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। सभी आयोजन स्थलों पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आकर्षक एवं सुव्यवस्थित तैयारियां की गई थीं। विवाह मंडपों को पारंपरिक सजावट से सजाया गया था तथा वर-वधू एवं उनके परिजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल विवाह संपन्न कराने की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी संदेश देते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन की प्राथमिकता है कि किसी भी परिवार को आर्थिक अभाव के कारण बेटी के विवाह में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।  चौधरी ने शासन की पारदर्शी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अंतरित किए जा रहे हैं, ताकि बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि शेष राशि वर-वधू के परिधान, आवश्यक सामग्री एवं विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय की जाती है। राज्य सरकार की यह पहल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर वित्त मंत्री  चौधरी ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी “रानी दुर्गावती योजना” का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बेटियों के सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत बेटी के जन्म के बाद पंजीयन कराने पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर शासन की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। उन्होंने आयोजन में सहभागी गायत्री परिवार की सराहना करते हुए कहा कि गायत्री परिवार समाज में संस्कार, शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक सुधार के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहा है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रायगढ़ महापौर  जीवर्धन चौहान  सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित थे।

सड़क विकास में तेजी, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन की निविदा प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में पूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क अधोसंरचना को मजबूती, कांसाबेल-बगीचा मार्ग उन्नयन कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कांसाबेल से बगीचा मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।     लगभग 29 करोड़ 08 लाख 06 हजार रुपए की लागत से 39 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।     कांसाबेल-बगीचा मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी और व्यापारी आवागमन करते हैं। समय के साथ सड़क की स्थिति प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ बनेगी।     इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय में कमी आएगी तथा व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अधोसंरचनात्मक सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

बंगाल में भाजपा की जीत सुशासन पर जनता की मुहर है- अंजय शुक्ला

रायपुर 7 मई 2026 को धरसींवा मण्डल द्वारा मण्डल की मासिक बैठक धरसींवा विश्राम गृह में रखा गया था ,जिसमे शीर्ष नेतृत्व द्वारा दिये गए निर्देशों के सम्बंध में चर्चा किया गया, जिसमें मण्डल का प्रत्येक माह के 1 से 7 तारीख के बीच में मण्डल बैठक करने एवं हर माह के किसी रविवार को जिसमे प्रधानमंत्री जी का मन की बात कार्यक्रम हो उस तिथि में शक्तिकेंद्र की बैठक होना सुनिश्चित करना एवं बुथ स्तर की बैठक एवं 25 सदस्य सूची बनने के लिए शक्तिकेंद्र स्तर पर बैठक मण्डल पदाधिकारीयो द्वारा करने के विषय मे चर्चा किया गया साथ ही विभिन्न समस्याओं के निदान कार्यकर्ताओ का कार्य सहित कार्यलय आदि विषयों पर सकारात्मक चर्चा किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख  रूप से  अंजय शुक्ला जी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने अपने उद्बोधन में कहा कि बंगाल में भाजपा की जीत सुशासन पर जनता की मुहर है, साथ ही असम एवं पांडिचेरी मे भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत की बधाई दिया ,एवं उन्होंने अपने उद्बबोधन मे कहा पश्चिम बंगाल में पहले बहुत ज्यादा अराजकता, गुंडागर्दी महिलाओं के ऊपर अत्याचार होता था , लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के सरकार बन गई है पश्चिम बंगाल में संपूर्ण विकास होगा, सभी वर्ग के लोगों को सरकार की सभी योजनाओं को का लाभ दिया जाएगा, देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी,गृह मंत्री  अमित शाह , राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन सहित छत्तीसगढ़ का पूरा संगठन मंत्रिमंडल एक कार्यकर्ता के रूप में पश्चिम बंगाल में जाकर गली ,मोहले जाकर संपर्क किया लोगों की समस्याएं सुना ।पहले 500 साल तक राम मंदिर नहीं बना था लेकिन भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार बनने से आज राम मंदिर भी बन गया। यह विचार और यह कार्य सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में हो सकता है, हमारे प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की दूर दृष्टि और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी की सुशासन के कारण प्रदेश और देश विकास कर रहा है। हमें भी भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते संगठित होकर सरकार की सभी योजनाओं को सभी वर्गों तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।  कार्यक्रम में प्रदेश पदाधिकारी  चन्द्रशेखर शुक्ला जी ,जिला पदाधिकारी डॉ  कृष्णकुमार वर्मा जी , पुरुषोत्तम यादव जी, मति संगीता साहू सहित मण्डल के अध्यक्ष महामंत्री उपाध्यक्ष मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गण महामंत्री,युवा मोर्चा ,महिला मोर्चा के पदाधिकारी सहित शक्तिकेंद्र प्राभारी एवं कार्यकर्तागण की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर ने कसी कमर, एक माह के भीतर कार्य पूर्ण करने की डेडलाइन

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भीषण पेयजल संकट को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहाड़ी कोरवा (विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह) की बस्तियों और सुदूर वन क्षेत्रों में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल स्थापित किए जा रहे हैं। सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को घर के पास शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना और पारंपरिक दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता कम करना। दूरदराज के वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना कि कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से आवश्यक सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिणाम       विगत दिनों मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सरगुजा दौरे के दौरान पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश थे कि वनांचल में रहने वाले ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें। कलेक्टर ने दी एक माह की समय-सीमा       मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सरगुजा कलेक्टर एवं डीएमएफ (क्डथ्) अध्यक्ष  अजीत वसंत ने प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने संबंधित विभागों और जनपद पंचायत सीईओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी 113 हैंडपंप और बोरवेल खनन का कार्य एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। कहां कितने हैंडपंप लगेंगे?              जिला खनिज संस्थान न्यास (क्डथ्) मद से स्वीकृत इन कार्यों का स्थलीय सर्वे पूर्ण हो चुका है। जिला खनिज निधि के कोष का उपयोग करके विभिन्न विकास खंडों में कार्य किया जाएगा, जिनमें लुण्ड्रा में 34, बतौली में छह, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर में चार नए हैंडपंप शामिल हैं। उच्च स्तरीय बैठक में मिली स्वीकृति             24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल और लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की थी। इस पहल से जिले के सैकड़ों गांवों के हजारों निवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवा परिवारों को पारंपरिक झरिया और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भरता से मुक्ति मिलेगी और उन्हें उनके घर के पास ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।

पुष्पा साहू बनीं माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव, रोक्तिमा यादव को कोरिया कलेक्टर की कमान

रायपुर राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल करते हुए नई नियुक्तियां जारी की हैं। इस आदेश के तहत शिक्षा और जिला स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।  वर्ष 2012 बैच की आईएएस अधिकारी  पुष्पा साहू को सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के पद पर नियुक्त किया गया है। ज्ञातव्य है कि 6 मई 2026 को जारी आदेश के तहत  पुष्पा साहू को कलेक्टर जिला-कोरिया पदस्थ किया गया था, जिसमें जिसमें आंशिक संशोधन करते हुए सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के पद पर पदस्थ किया गया है।            वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव को जिला-कोरिया का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे आगामी आदेश तक अस्थाई रूप से इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगी।  6 मई 2026 को जारी आदेश के तहत श्रीमती रोक्तिमा यादव, द्वारा आयुक्त, उच्च शिक्षा के पद पर पदस्थ किया गया था, जिसमें आंशिक संशोधित करते हुए कलेक्टर जिला-कोरिया पदस्थ किया गया है।          वर्ष 2019 बैच की आईएएस अधिकारी श्रीमती रीता यादव को आयुक्त, उच्च शिक्षा के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनके पदभार संभालते ही इस पद को वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष माना जाएगा।