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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में 31 मई तक नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के दिए हैं निर्देश

रायपुर.  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले नगरीय निकायों में नाले व नालियों की सफाई तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से परिपत्र जारी कर सभी निकायों को जलभराव रोकने, बाढ़ की स्थिति में आपदा प्रबंधन तथा बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने विगत 20-21 अप्रैल को नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा के दौरान आगामी 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए थे। बैठक में उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।  नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि वर्षा ऋतु में बारिश के पानी के निकासी के लिए निर्मित नालियों की समय पूर्व समुचित सफाई न होने तथा पानी निकासी के रास्तों के अवरोधों को दूर नहीं करने के कारण आकस्मिक वर्षा से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। इन स्थितियों से बचाव के लिए वर्षा ऋतु के पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लेवें।  विभाग ने इसके लिए शहरों के मुख्य मार्गों के साथ-साथ गलियों व चौराहों की अच्छी साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नाले व नालियों की पूर्ण एवं नियमित रूप से अंतिम छोर तक गहराई से साफ-सफाई कराने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नदी या अन्य जलस्रोत किसी भी प्रकार से प्रदूषित न हों। पानी के बहाव में निरंतरता के लिए निर्माणाधीन नाले व नालियों में पानी बहाव के रास्ते में से निर्माण सामग्रियों को हटाने तथा नाले-नालियों में निर्मित कच्चे एवं पक्के अतिक्रमित अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आवश्यक अमले, टूल, मशीन आदि के साथ नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा है। विभाग ने बाढ़ नियंत्रण कक्षों के 24 घंटे कार्यरत रहना सुनिश्चित करने के साथ ही इसके दूरभाष नम्बर आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। निचली बस्तियों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों व प्रभावितों का चिन्हांकन कर प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थलों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। अन्य क्षेत्रों में भी बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के प्रभाव के समाप्त होने पर संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इन स्थितियों में संबंधित विभागों को तत्परता से इसकी सूचना देने को कहा गया है। विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले पेड़ों में लगे सभी साइन-बोर्डों, विज्ञापनों, किसी भी प्रकार के अन्य बोर्ड या साइनेज, बिजली वायर, हाईटेंशन लाइन या अन्य सामग्रियों को हटाने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं।

एनएमडीसी के शीर्ष नेतृत्व ने दंतेवाड़ा के पंचायत प्रमुखों से मुलाकात की, जल, बिजली और सड़कों पर कार्रवाई का दिलाया भरोसा

छत्तीसगढ़   समावेशी विकास की दिशा में एक सक्रिय कदम के रूप में, एनएमडीसी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने वरिष्ठ नेतृत्व के साथ दंतेवाड़ा में एनएमडीसी की परियोजनाओं के आसपास के गांवों के पंचायत प्रमुखों के साथ एक बैठक की। बातचीत में जमीनी स्तर की समस्याओं को दूर करने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। गुमीयापाल, समालवार, कालेपाल, चोलनार, कदम्पाल, हिरोली, बेनपाल, कोडेनार, मदकामिरस और कुट्रेम गांवों सहित एक दर्जन से अधिक सरपंचों और उनके प्रतिनिधियों ने पेयजल, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य देखभाल, स्ट्रीट लाइटिंग, खेल सुविधाओं और समग्र ग्रामीण बुनियादी ढांचे से संबंधित रोजमर्रा की चुनौतियों के बारे में बात की। बैठक में श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) के साथ-साथ परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी के. श्रीधर कोडाली, मुख्य महाप्रबंधक (खनन), बचेली कॉम्प्लेक्स और श्री रबीन्द्र नारायण, अधिशासी निदेशक, किरंदुल कॉम्प्लेक्स शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए सीएमडी ने इस बात पर बल दिया कि एनएमडीसी न केवल एक प्रमुख खनन संगठन बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के एक जिम्मेदार उद्यम की भी भूमिका निभा रहा है जो क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की ताकत उन समुदायों के विश्वास में निहित है जिनकी वह सेवा करती है, और उनकी चिंताएं एनएमडीसी के कार्यों का मार्गदर्शन करती हैं। साथ ही, समुदायों की प्रगति एनएमडीसी की  सफलता को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा, "हम इन गांवों के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बस्तियों में बदला जा सके जो विकसित भारत की भावना को दर्शाती हैं।“ एनएमडीसी की बैलाडीला खदानों के आस-पास के ग्रामीणों ने बेहतर पानी, सड़कों और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सुविधाओं पर हुई चर्चा पर प्रसन्नता व्यक्त की। स्थानीय पंचायत के एक प्रतिनिधि ने कहा, "वरिष्ठ निदेशकों ने हमसे आमने-सामने बातचीत की और वास्तव में हमारी परेशानियों को सुना।“ कंपनी के वरिष्ठ निदेशकों की इस प्रत्यक्ष पहुंच ने ठोस बदलाव के लिए नई उम्मीद जगाई है। श्री कृष्ण कुमार ठाकुर, निदेशक (कार्मिक) ने आश्वासन दिया कि एनएमडीसी स्थानीय समुदायों के साथ निरंतर संवाद करता रहेगा और इस बातचीत में साझा की गई समस्याओं से आगामी विकास पहलों को दिशा मिलेगी। बैलाडीला में 1968 में परिचालन शुरू करने के बाद से, एनएमडीसी ने अपने बचेली और किरंदुल परिसरों के माध्यम से औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय प्रगति दोनों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन वर्षों में कंपनी दंतेवाड़ा में आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास के उत्प्रेरक के रूप में उभरी है। भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक के रूप में एनएमडीसी का दंतेवाड़ा में 68 वर्षों से गहन विश्वास सहज रूप से पनपा है। एनएमडीसी ने पेयजल परियोजनाएं, सड़कें, खेल के मैदान, क्लीनिक जैसे बड़े बदलाव किए हैं। आज जमीनी स्तर पर हुई बातचीत और आदिवासियों की मूलभूत समस्याओं के आलोक में कमियों को दूर करते हुए इन कार्यों को और आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रशासनिक एक्शन: राजस्व विभाग में 106 पटवारियों का ट्रांसफर, लंबे समय से एक ही जगह थे तैनात

सूरजपुर. जिले के राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 106 पटवारियों का एक साथ तबादला किया गया है। जानकारी के अनुसार, कई वर्षों से एक ही ब्लॉक और तहसीलों में पदस्थ पटवारियों को अब अन्य ब्लॉकों में भेजा गया है। लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाकर प्रशासन ने पारदर्शिता और कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में यह कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की बढ़ती कार्रवाई को देखते हुए यह सख्त फैसला लिया गया है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर जारी इस तबादला सूची को राजस्व विभाग में ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। ACB की कार्रवाई से मचा था हड़कंप प्रतापपुर तहसील में तैनात पटवारी सौरभ गोस्वामी को ACB ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. शिकायत सामने आने के बाद ACB ने पहले सत्यापन किया और फिर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया. आरोप है कि पटवारी ने नामांतरण और नौकरी से जुड़े प्रतिवेदन के बदले घूस की मांग की थी. इस कार्रवाई ने एक बार फिर जिले के राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा किया. अगले ही दिन बड़े पैमाने पर तबादले ACB की कार्रवाई के महज एक दिन बाद कलेक्टर एस. जयवर्धन ने राजस्व विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 106 पटवारियों और 9 राजस्व निरीक्षकों (RI) के तबादले का आदेश जारी कर दिया. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में तबादला सूची जारी होना अपने आप में असामान्य माना जा रहा है. आदेश जारी होते ही यह सवाल उठने लगे कि क्या यह महज संयोग है या फिर भ्रष्टाचार के बाद उठाया गया त्वरित प्रशासनिक कदम.

बाल विवाह पर सख्ती: Manendragarh में प्रशासन ने तीन शादियां रुकवाईं, परिवारों को चेतावनी

मनेन्द्रगढ़. जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम कोडांगी (थाना खड़गवां), ग्राम पंचायत केलुआ एवं ग्राम पंचायत दुगला थाना केल्हारी में होने वाले बाल विवाह को समय रहते रोका गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल संयुक्त टीम का गठन किया। ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में गठित इस टीम में सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, थाना केल्हारी एवं थाना खड़गवां का पुलिस बल, विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर के सदस्य, सरपंच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे। बाल विवाह पर जानिए क्या है सजा का प्रावधान टीम ने तीनों स्थानों पर पहुंचकर बाल विवाह की प्रक्रिया को रुकवाया और संबंधित परिवारों को समझाइश दी। अधिकारियों ने मौके पर ही बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत जानकारी देते हुए बताया गया कि इस प्रकार के विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति जैसे पंडित, पुरोहित, टेंट संचालक, रिश्तेदार या अन्य सहयोगी को 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि विवाह की वैधानिक आयु बालक के लिए 21 वर्ष और बालिका के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है। बाल विवाह हाेने पर टोल फ्री नंबर 1098 पर दें सूचना कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रकरणों में पंचनामा एवं प्रतिवेदन भी तैयार किया गया। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं और ऐसी किसी भी सूचना को तत्काल टोल फ्री नंबर 1098 पर साझा करें। इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल तीन बाल विवाहों को रोककर नाबालिगों के भविष्य को सुरक्षित किया है, बल्कि समाज में एक सशक्त संदेश भी दिया है कि कानून के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

छात्रों के लिए राहत: Chhattisgarh Swami Vivekanand Technical University का डिजिवर्सिटी पोर्टल खुला, 5 मई तक लेट फीस से फॉर्म भरें

भिलाई नगर. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने डिजिवर्सिटी पोर्टल ओपन कर दिया है। वहीं डिप्लोमा इंजीनियरिंग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। इस तरह से डिप्लोमा इंजीनियरिंग के पहले, तीसरे, पांचवें और तासवें सेमेस्टर के रेगुलर व बैकलॉग तथा डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीटीडीसी) के दूसरे, चौथे, छठवें तथा आठवें सेमेस्टर के बैकलॉग छात्र छात्राएं परीक्षा फॉर्म 5 मई तक भर सकेंगे। बिना लेट फीस के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है, जबकि इसके बाद क्रमशः 30, 120 और 200 रुपये प्रतिदिन लेट फीस के साथ 5 मई तक आवेदन किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म केवल डिजिवर्सिटी पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि वे पोर्टल पर छात्रों के नामों की जांच सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके। प्रैक्टिकल परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल समाप्त होने परीक्षाएं मुख्य परीक्षा के 4 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी। वहीं प्रैक्टिकल मार्क्स 10 दिनों के भीतर और सेशनल मार्क्स 20 दिनों के अंदर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। एबीसी आईडी अनिवार्य, नहीं तो एडमिट कार्ड अटकेगा तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने उल्लेख किया है कि सभी छात्रों के लिए एबीसी आईडी बनाना अनिवार्य है। जिन छात्रों की आईडी नहीं होगी, उनके एडमिट कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे, जिससे उनकी परीक्षा में शामिल होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पोर्टल खुलते ही फॉर्म भरें, ताकि लेट फीस से बचा जा सके। साथ ही परीक्षा फॉर्म की स्वीकृति की अंतिम तिथि 6 मई निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी पहल: मुख्यधारा में लौटे युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और नई उम्मीद आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें। आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा— प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई। युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।

गांव में पत्नी का सिर काटकर घूमता रहा पति, चरित्र पर शक के चलते किया खौफनाक कृत्य

कोरबा  छत्तीसगढ़ में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र पर शंका करने पर एक आदमी ने अपनी पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया। उसके बाद एक हाथ में कटा सिर और दूसरे हाथ में हथियार लेकर गांव में घूमता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है पुलिस ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक गांव में 58 साल के एक आदमी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का सिर काट दिया और फिर कटा हुआ सिर लेकर घूमता रहा। यह घटना बुधवार शाम को राजगमार पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत आने वाले बुंदेली गांव में हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सालिक राम यादव एक स्थानीय पोल्ट्री फार्म में चौकीदार है। मांस काटने वाले धारदार हथियार से वार उसने कथित तौर पर शराब के नशे में झगड़े के बाद मांस काटने वाले एक धारदार हथियार से अपनी 50 साल की पत्नी पर हमला कर दिया। उसने अपनी पत्नी का सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद उस आदमी को गांव में घूमते हुए देखा गया। उसके एक हाथ में कटा हुआ सिर था और दूसरे हाथ में हथियार। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद उसने कथित तौर पर कटे हुए सिर और हथियार को एक प्लास्टिक के बोरे में रख दिया और धड़ को वहीं मौके पर छोड़ दिया। उसके बाद वह राजगामर पुलिस चौकी पहुंच गया। पत्नी को उसके चरित्र पर शक था उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने यह अपराध अपनी पत्नी के साथ बार-बार होने वाले झगड़ों के बाद किया। पत्नी को कथित तौर पर उसके चरित्र पर शक था। यह जोड़ा मूलरूप से कोरबा ब्लॉक के अजगरबहार हल्दीमाड़ा गांव का रहने वाला था। दोनों पिछले तीन सालों से एक पोल्ट्री फार्म में काम कर रहे थे। इस दंपचि के चार बच्चे हैं। आरोपी को गिरफ्तार किया गया अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

Agniveer Exam Prep Free: लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण, ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

दुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया 2027 के अंतर्गत पंजीकृत युवाओं के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा (सी.ई.ई.) का आयोजन 1 जून से 15 जून के मध्य होना संभावित है। परीक्षार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन द्वारा निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित केंद्र दुर्ग किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आगामी 4 मई से 3 जून तक प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। अग्निवीर भर्ती 2026-27 के लिए आवेदन कर चुके इच्छुक अभ्यर्थी इस प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए रोजगार विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से ई-मेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी से 10 अप्रैल तक संचालित की गई थी। जिसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर द्वारा लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मई से 4 जून 2026 तक आयोजित की जा रही है। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को रोजगार विभाग के वेब पोर्टल ई रोजगार डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन या मोबाइल पर उपलब्ध छत्तीसगढ़ रोजगार एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला एवं विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रदान किया जाएगा। ये निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आयोजित किया जा रहा है, जिसका लाभ जिला और विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अभ्यर्थियों को मिलेगा। किसी भी दिक्कत या परेशानी के लिए आवेदक अभ्यर्थी रोजगार कार्यालय रायपुर से कॉन्टेक्ट कर सकते हैं।

बच्चों के लिए स्कूल बंद: निजी स्कूलों ने एंट्री रोकी, 15 जून तक छुट्टी घोषित

दुर्ग. दुर्ग. ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा के बावजूद चुनिंदा निजी स्कूलों द्वारा पिछले दरवाजे से बच्चों की पढ़ाई कराए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस पर तत्परता दिखाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी होते ही प्रबंधकों द्वारा स्पष्टीकरण भेजकर विद्यार्थियों की स्कूल में किसी प्रकार की गतिविधि नहीं होना बताया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर स्कूल प्रबंधकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा को स्पष्ट किया गया है कि उनकी मंशा शासन के आदेश की अवहेलना की कतई नहीं है। कुछ स्कूल प्रबंधकों ने कहा है कि शाला के विद्यार्थियों को जो कक्षा दसवीं एवं बारहवी में है। उनका ब्रिज कोर्स द्वारा सहयोग करने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही सीबीएसई के दसवीं के विद्यार्थी कंपार्टमेंट/ इंप्रूवमेंट परीक्षा में नाम आया है उनको रजिस्ट्रेशन के लिए बुलाया गया था। उसी प्रकार समर कैंप विद्यार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक समय निर्धारित कर संचालन करने की रूपरेखा बनाई जा रही थी । जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार इस तरह की सभी गतिविधियों का संचालन निरस्त कर दिया गया है। प्रदेश में बच्चों की गर्मी छुट्टी शुरू हो गई है। स्कूूल शिक्षा विभाग के इस फैसले से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। पारा 40 के पार जा रहा है। ( CG Holiday) मौसम विभाग ने आज से लू की चेतावनी जारी की है। ऐसे में बच्चों के सेहत को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 दिन पहले ही स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है। साय सरकार ने भीषण गर्मी के चलते समय से पहले स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। यह आदेश किसी एक क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए है। सभी सरकारी स्कूल (Government Schools) बंद रहेंगे। प्राइवेट यानी अशासकीय स्कूलों को भी छुट्टी रखनी होगी। अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर भी यह आदेश सख्ती से लागू होगा। वहीं नए आदेश के अनुसार अब 20 अप्रैल से 15 जून तक प्रदेशभर के स्कूल बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। दोपहर की भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि इस बार छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे अभिभावक भी काफी चिंतित थे।

राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: e-KYC पूरा किए बिना नहीं मिलेगा तीन महीने का अनाज

राजनांदगांव. अप्रैल से जून माह तक तीन माह का चावल एक साथ जारी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हितग्राहियों को ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जिले के 498 राशन दुकानो में ई केवासी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी ई केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए है। जानकारी अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत आम नागरिकों और राशनकार्ड धारियों की सुविधा हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत जिले के समस्त पात्र हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की लगभग सभी दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण कराया जा रहा है. ताकि हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य विभाग ने जिले के समस्त राशनकार्डधारियों से अपील की है कि, वे अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकानों पर जाकर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। वितरण के दौरान यदि किसी भी हितग्राही को कोई समस्या आती है या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता बरती जाती है. तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एक राष्ट्र एक राशनकार्ड” योजना के तहत हितग्राहियों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत आवश्यक है। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि, जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में एकाईसी की सुविधा उपलब्ध है, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है। राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपनें अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ईकेवाईसी पूर्ण किया जा सकेगा। इसके आलावा फेस ईकेवाईसी एप्प जो कि गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है के माध्यम से शेष सदस्यों ई केवाईसी कराया जा सकता है।