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राशन कार्डधारकों के लिए अलर्ट: e-KYC पूरा किए बिना नहीं मिलेगा तीन महीने का अनाज

राजनांदगांव. अप्रैल से जून माह तक तीन माह का चावल एक साथ जारी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए हितग्राहियों को ई केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए जिले के 498 राशन दुकानो में ई केवासी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी ई केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए है। जानकारी अनुसार राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत आम नागरिकों और राशनकार्ड धारियों की सुविधा हेतु एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के तहत जिले के समस्त पात्र हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की लगभग सभी दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण कराया जा रहा है. ताकि हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खाद्य विभाग ने जिले के समस्त राशनकार्डधारियों से अपील की है कि, वे अपनी संबंधित उचित मूल्य दुकानों पर जाकर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। वितरण के दौरान यदि किसी भी हितग्राही को कोई समस्या आती है या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता बरती जाती है. तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के संबंधित खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एक राष्ट्र एक राशनकार्ड” योजना के तहत हितग्राहियों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत आवश्यक है। खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि, जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में एकाईसी की सुविधा उपलब्ध है, जो कि पूर्णतः निःशुल्क है। राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपनें अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ईकेवाईसी पूर्ण किया जा सकेगा। इसके आलावा फेस ईकेवाईसी एप्प जो कि गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है के माध्यम से शेष सदस्यों ई केवाईसी कराया जा सकता है।

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार  होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’ स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर   छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।  फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।  इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक … Read more

‘मैदान कप’ से चमकेगा Bastar, Sachin Tendulkar के साथ खेलेंगे हजारों बच्चे

जगदलपुर. बदलते बस्तर में आज भारत रत्न और क्रिकेट जगत के महानायक सचिन तेंदुलकर का आगमन हुआ है। पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का बस्तर पहुंचना सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि उस परिवर्तन की तस्वीर है, जहां डर की जगह अब सपनों ने ले ली है। सचिन यहां बच्चों के खेल भविष्य को संवारने के मिशन के साथ पहुंचे हैं। सचिन के साथ उनकी बहु सानिया चंदोक, बेटी सारा तेंदुलकर एवं सचिन फाउंडेशन के 5 सदस्य भी पहुंचे हैं। कभी नक्सलवाद की दहशत से पहचान बनाने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जिस धरती पर कभी गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां अब खेल और विकास की आवाज बुलंद हो रही है। मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन तेंदुलकर ने बताया कि बस्तर में 50 स्कूल मैदानों को विकसित किया जाएगा, जहां बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। सचिन ने बताया, ‘मैदान कप’ प्रतियोगिता के जरिए हजारों बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। इस पहल को मानदेशी और सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है। करीब 5 हजार से ज्यादा बच्चों को इस अभियान से सीधा लाभ मिलेगा। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों के जरिए बस्तर के युवाओं को नई पहचान की तैयारी है। बच्चों के बल्ले पर दिया ऑटोग्राफ इस दौरान स्थानीय क्रिकेट प्रेमी बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने सचिन का स्वागत किया। सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के बल्ले पर ऑटोग्राफ भी दिया, जिसे पाकर मासूम चेहरों पर खुशी झलक उठी। यह पल बच्चों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा बन गया। जो बस्तर कभी हिंसा की खबरों में रहता था, आज वही बस्तर खेल प्रतिभाओं की नई राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है। सचिन तेंदुलकर का यह दौरा साफ संदेश है कि अब बस्तर बंदूक नहीं, बल्ले और मेडल से पहचाना जाएगा। युवा क्रिकेटर द्रोण ने कहा – सचिन से मिलकर बहुत खुश हैं युवा क्रिकेटर द्रोण वर्मा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर से मिलना उनके लिए बेहद खास पल रहा। सचिन ने उनके बैट पर ऑटोग्राफ देते हुए “Best Wishes” लिखा और आगे भी अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया। द्रोण ने कहा कि वह काफी देर से उनका इंतजार कर रहे थे और मुलाकात के बाद बहुत खुश हैं। बच्चों ने भी सचिन तेंदुलकर को बस्तर मॉडर्न आर्ट भेंट कर सम्मान किया। फाउंडेशन के कार्यों का जायजा लेने आए हैं सचिन : एसपी बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि सचिन तेंदुलकर अपने फाउंडेशन के कार्यों का जायजा लेने बस्तर पहुंचे हैं। दौरे के दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की थी। उन्होंने कहा कि सचिन अपने निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस लौटने की योजना है।

जाम से राहत की तैयारी: Raipur में 19 सड़कों पर भारी वाहनों पर प्रतिबंध लागू

रायपुर. शहर में सुगम यातायात एवं आवागमन को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से रायपुर जिले में 19 प्रवेश मार्गों से शहर के भीतर भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध प्रातः 5 बजे से रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत रिंग रोड-01 एवं रिंग रोड-02 की सीमा से शहर की ओर आने वाले 19 प्रवेश मार्गों से मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ हो गया है, जो 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों और परिवहन व्यवसायियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। इन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित प्रतिबंधित प्रवेश मार्गों में तेलीबांधा थाना के सामने चौक, कैनाल रोड प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, महावीर नगर चौक रिंग रोड 01, राजेंद्र नगर चौक रिंग रोड 01, पचपेड़ी नाका चौक रिंग रोड 01, संतोषीनगर चौक रिंग रोड 01, भाठागांव चौक रिंग रोड 01, कुशालपुर चौक रिंग रोड 01, रायपुरा चौक रिंग रोड 01, कचना रेलवे क्रॉसिंग, डीडी नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, अरिहंत नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, टाटीबंध चौक, हीरापुर टर्निंग रिंग रोड, गोगांव तिराहा रिंग रोड नं. 02, गोंदवारा तिराहा रिंग रोड नं. 02, पाटीदार भवन के सामने तक भनपुरी, विधानसभा रोड स्थित व्हीआईपी तिराहा एवं एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे रिंग रोड मार्ग शामिल हैं। जानिए क्यों लिया गया फैसला शहर में पिछले कुछ समय से भारी वाहनों के कारण मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग रहा था। इससे स्कूल, ऑफिस और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही भीड़-भाड़ वाले इलाकों में दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से ट्रैफिक जाम कम होगा। सड़क हादसों में कमी आएगी। बाजार और रिहायशी इलाकों में सुरक्षा बढ़ेगी। इसके अलावा रायपुर शहर के भीतर यातायात सुगम होगा

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।   मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है। फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें। इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के  नारों से गूंज उठा।  इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी  फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया।   इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। … Read more

लिफ्ट फेलियर से हड़कंप: करंसी टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, नेता भी फंसे

रायपुर. राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर (Currency Tower) में लिफ्ट से जुड़ी लापरवाही का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। IAS ऋचा शर्मा के लिफ्ट में फंसने की घटना के बाद अब कांग्रेस प्रवक्ता नितिन भंसाली भी इसी तरह की स्थिति का शिकार हो गए। जानकारी के मुताबिक, नितिन भंसाली बुधवार को करेंसी टावर पहुंचे थे, जहां वे भी कुछ समय के लिए लिफ्ट में फंस गए। इस दौरान लिफ्ट का सपोर्ट सिस्टम काम नहीं कर रहा था। मदद के लिए कोई व्यवस्था न होने पर उन्होंने लिफ्ट का दरवाजा पीटना शुरू किया। आवाज सुनकर मौके पर मौजूद गार्ड ने किसी तरह दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला। 850 दुकानें, 4 में से सिर्फ 2 लिफ्ट है ठीक, 2 बंद इस घटना के बाद पूरे कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस बड़े कॉम्प्लेक्स में करीब 850 दुकानें और ऑफिस संचालित हैं, लेकिन यहां केवल 4 लिफ्ट हैं। उनमें से भी केवल 2 ही किसी तरह संचालित हो रही हैं, जबकि बाकी लिफ्ट बंद पड़ी हैं। जो लिफ्ट चालू हैं, वे भी बार-बार खराब हो जाती हैं, जिससे लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। लिफ्ट की सीमित उपलब्धता के कारण लोगों की लंबी कतारें लगती हैं और कई बार काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। स्थिति यह है कि रोजाना अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। सुरक्षा सिस्टम भी फेल सबसे चिंताजनक बात यह है कि लिफ्ट के अंदर न तो कोई हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित है और न ही इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है। ऐसे में लिफ्ट फंसने की स्थिति में लोगों को खुद ही किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करनी पड़ती है। पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब करेंसी टावर में लिफ्ट फंसी हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे ACS ऋचा शर्मा करीब 10 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। उस दौरान लिफ्ट के भीतर न पर्याप्त रोशनी थी और न ही हवा की समुचित व्यवस्था, जिससे उन्हें घबराहट का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह लापरवाही यूं ही जारी रहेगी।

महिलाओं के अधिकारों को लेकर गरमाई सियासत: बिलासपुर में कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

बिलासपुर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पारित नहीं होने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला बिलासपुर शहर द्वारा जिला मुख्यालय में जीडीसी कॉलेज के सामने अम्बेडकर चौक बिलासपुर में कांग्रेस का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया।    इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस पार्टी सहित पूरे विपक्ष का पुतला दहन किया और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष वैभव गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो मातृशक्ति के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आने वाली थी उसे कांग्रेस पार्टी समेत पूरी विपक्षी दल ने इस अधिनियम का विरोध करके उनके जीवन में आने वाली खुशहाली को छीन लिया है। महिलाओं को मिलने वाले अधिकार से उन्हें कांग्रेस पार्टी ने वंचित किया है। कांग्रेस पार्टी महिला विरोधी पार्टी है जो महिलाओं को अपमानित करती है। महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल के पारित नहीं होने से महिलाओं के सशक्तिकरण को नुकसान पहुंचेगा और वर्तमान समय में राजनीति और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। इस मौके पर बिलासपुर नगर निगम महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला मंत्री रितेश अग्रवाल, भाजयुमो जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता, प्रदेश मंत्री सन्नी केसरी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रोशन सिंह आलिंद तिवारी, नगर निगम पार्षद नितिन पटेल, सोशल मीडिया जिला संयोजक देवेश खत्री, भाजयुमो महामंत्री केतन वर्मा, राजकमल कश्यप, उपाध्यक्ष नीलेश सिंह, महर्षि बाजपेयी, अजय यादव, अंकित पाल, कोमल साहू, मोनू रजक, पंकज जायसवाल लक्ष्मी वैष्णव, शिवानी स्वर्णकार, गुलशन खांडेकर, साहिल कश्यप, अमर राजपूत, योगेश देवांगन, तनुज वोहरा, विवेक शर्मा, संदीप श्रीवास, किशन यादव, पृथ्वी श्रीवास, शुभम यादव, मीनाक्षी यादव, विवेक ताम्रकार, अनिल सूर्या, कैलाश वस्त्रकार, अरुण लास्कर, कृष्णा जोशी, आदर्श तिवारी, हिमांशु गुप्ता, बिट्टू रामानी, उमेश यादव सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

समिति गठन, प्रशिक्षण और पांडुलिपि ट्रेजर हंट जैसे नवाचारों पर जोर रायपुर मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करें । उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। यह अभियान पूरे देश के लिए ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान, बिना अनुमति स्थानांतरण न करने और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एडवेंचर का नया ठिकाना Kawardha: जंगल सफारी में 35 किमी सफर, 22 बार नदी क्रॉसिंग

कवर्धा. प्रकृति प्रेमियों के लिए सुकूनभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर क्षेत्र में अब भोरमदेव अभयारण्य के तहत जंगल सफारी की शुरुआत हो रही है। करीब 352 स्क्वायर वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में भोरमदेव रेंज के अंतर्गत 35 किलोमीटर लंबा सफारी रूट तैयार किया गया है। वन विभाग ने इसकी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इस महीने के अंत में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस जंगल सफारी का शुभारंभ करेंगे। जानिए जंगल सफारी की क्या है खासियत सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था भी की गई है। फिलहाल 3 सफारी वाहन उपलब्ध हैं, जिनमें एक वाहन में 6 पर्यटक, साथ में ड्राइवर और गाइड यात्रा करेंगे। इस रोमांचक सफारी के दौरान पर्यटक घने जंगल, पहाड़, झरने, नदी-नाले और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि इस सफारी रूट में एक संकरी नदी को लगभग 22 बार पार करना पड़ेगा, जो इसे और भी रोमांचक बनाता है। इसके अलावा कैंपिंग की भी सुविधा विकसित की जा रही है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खास है जगह डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव अभयारण्य में टाइगर, तेंदुआ, हिरण, हाथी, नीलगाय, वन भैंसा, रंग बिरंगे तीतिलिया और सांभर , भालू, जैसे वन्य प्राणी विचरण करते हैं( अभी हाल में 3 टाइगर और 3 तेंदुआ शिकार करते कैमरे में कैद हुए हैं, जिससे वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह जगह बेहद खास बन जाती है। स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर डीएफओ ने कहा, जंगल सफारी शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सफारी पूरी करने के बाद पर्यटकों को उसी मार्ग से वापस करियाआमा गेट तक लाया जाएगा, जहां पार्किंग, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। कुल मिलाकर, भोरमदेव अभयारण्य की जंगल सफारी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण जोड़ने जा रही है।

लापरवाही पर गिरी गाज: Rajnandgaon में राजस्व निरीक्षक निलंबित

राजनांदगांव. शासकीय कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण खैरझिटी राजस्व निरीक्षक मंडल के राजस्व निरीक्षक अवधराम ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने की है। कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजनांदगांव द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक ने अपने क्षेत्र के सीमांकन प्रकरणों को लंबे समय तक बिना किसी प्रगति के लंबित रखा। इस संबंध में जनसामान्य से शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अवधराम ठाकुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई, जिसके तहत निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, भू-अभिलेख शाखा, राजनांदगांव निर्धारित किया गया है।