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CM साय की पहल से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था होगी मजबूत, जशपुर समेत कई क्षेत्रों को बड़ी सौगात

रायपुर प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले सहित राज्य के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए व्यापक योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जशपुर जिले के 133 गांवों, नगरों और टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। इससे किसानों, छात्रों और लघु व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी दैनिक गतिविधियां अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी। प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत जशपुर जिले में उच्च स्तरीय परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो राज्य के प्रमुख उच्च क्षमता उपकेंद्रों में शामिल होगा। इसके अतिरिक्त सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित विभिन्न स्थानों पर नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के उच्च क्षमता सब-स्टेशन भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्रीय विद्युत वितरण प्रणाली और अधिक सशक्त होगी। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। प्रदेशवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को मिला संबल, जीवन स्तर में आया बड़ा सुधार

श्रम विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को संबल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से श्रमिकों के जीवन स्तर में आया व्यापक सुधार बिलासपुर  श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है।  जिले ने राज्य स्तर पर कई श्रेणियों में अग्रणी स्थान भी हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से 215 शिविरों के जरिए कुल 42 हजार 316 श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि 16 हजार 861 पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी कराया गया। महिला श्रमिकों के लिए संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5 हजार 296 महिलाओं को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रसव सहायता के रूप में लगभग 10 करोड़ 59 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति सहायता योजना के अंतर्गत 33 हजार 121 बच्चों को 6 करोड़ 43 लाख 62 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे जिले ने राज्य में पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 14 हजार 757 विद्यार्थियों को लगभग 1 करोड़ 99 लाख 21 हजार रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी सहायता योजना के तहत 283 मेधावी विद्यार्थियों को 15 लाख 48 हजार रुपये प्रदान किए गए। निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के अंतर्गत 669 निर्माण श्रमिकों एवं उनकी संतानों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कोचिंग सुविधा दी गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिला, संभाग, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 हजार से 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत 28 बच्चों को कुल 11.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे बिलासपुर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के सामान्य मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारियों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 2.5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत जिले में 370 मृतक श्रमिकों के परिजनों को कुल 3 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि वितरित की गई, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग की अविवाहित पुत्रियों, जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, को 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत जिले में 2 हजार 814 पुत्रियों को कुल 5 करोड़ 62 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे बिलासपुर जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 59 से 60 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिले में 413 श्रमिकों को कुल 82 लाख 60 हजार रुपये वितरित किए गए, जिससे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय हेतु अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना में जिले के 17 श्रमिकों को कुल 14 लाख 32 हजार रुपये प्रदान किए गए, जिससे बिलासपुर को प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त हुआ। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में इस योजना के अंतर्गत बृहस्पति बाजार, तिफरा फल-सब्जी मंडी, शनिचरी बाजार एवं एनटीपीसी क्षेत्र में कुल चार केंद्र संचालित हैं। वित्तीय वर्ष में 4 लाख 20 हजार 826 लोगों को लाभान्वित किया गया, जिससे बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत महिला एवं पुरुष श्रमिकों को क्रमशः 3706 रुपये एवं 3697 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। जिले में 1248 श्रमिकों को कुल 46 लाख 23 हजार 9 रुपये वितरित किए गए।मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 66 महिला श्रमिकों को 5 लाख 21 हजार 400 रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे जिले को प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 3443 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 20 लाख 9 हजार 98 रुपये प्रदान किए गए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 2634 श्रमिकों को कुल 39 लाख 51 हजार रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिलासपुर जिले ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अपनी मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। रचना//

विधायक ने ग्राम मथनीबेड़ा में ‘अस्मिता परियोजना’ का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

रायपुर : विधायक ने ग्राम मथनीबेड़ा में 'अस्मिता परियोजना' का शुभारंभ, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का सशक्त अवसर रायपुर आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले के ग्राम मथनीबेड़ा में  शाम बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुलता उसेंडी द्वारा नीति आयोग मद से महत्वाकांक्षी पहल “अस्मिता परियोजना” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक ने कहा कि गांव के हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह कार्ययोजना बनाई गई है। “अस्मिता परियोजना” का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को व्यक्तिगत पोल्ट्री शेड प्रदान कर स्थायी एवं दीर्घकालिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। परियोजना के तहत महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में सम्मानजनक पहचान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही गांव को पक्की सड़क की सुविधाएं मिलेगी और सरकार के मंशानुरूप गांव में सभी आवश्यक मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।  कलेक्टर ने कहा कि अस्मिता प्रोजेक्ट के तहत पायलेट प्रोजेक्ट मथनीबेड़ा गांव को चयनित किया गया है और पहले चरण में 07 महिला हितग्राहियों का चयन किया गया है और जल्द ही गांव के अन्य हितग्राहियों को भी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य नंदलाल राठौर सहित अन्य जनप्रतिनधियों ने भी संबोधित करते हुए इस पहल को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदई नाग, दीपेश अरोरा, प्रेम सिंह नाग सहित जनपद पंचाय सीईओ उत्तम महोबिया एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।  अस्मिता परियोजना यह परियोजना एक त्रिपक्षीय मॉडल पर आधारित है, जिसमें जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन एवं निगरानी, महिला लाभार्थियों द्वारा संचालन एवं प्रबंधन तथा एबिस फूड एंड प्रोटीन्स द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले इनपुट, तकनीकी सहयोग एवं बाजार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अस्मिता परियोजना के अंतर्गत महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं निरंतर फील्ड सपोर्ट प्रदान किया जाएगा, जिससे उत्पादन में वृद्धि एवं जोखिम में कमी सुनिश्चित हो सके। इस मॉडल से महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। परियोजना के तहत प्रति महिला लाभार्थी को वार्षिक लगभग 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय का लक्ष्य रखा गया है, वहीं मासिक औसत आय 12 से 13 हजार रुपये तक होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पोषण सुधार एवं प्रोटीन उपलब्धता बढ़ाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा भविष्य में सुकर पालन और मछली पालन को भी शामिल किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में बड़ा एग्री स्कैम: Bastar के खाद-बीज घोटाले में अफसरों पर शक, करोड़ों की जांच तेज

बकावंड. बस्तर जिले के बकावंड क्षेत्र में कृषि योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। किसानों को मिलने वाले खाद, बीज और कृषि किट में भारी अनियमितता सामने आई है। शिकायत के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कागजों में खरीदी दिखाई गई। विभिन्न जनपद पंचायतों के अफसरों और एजेंसियों की भूमिका जांच में है। दस्तावेजों में वितरण दिखाकर सरकारी राशि निकालने का आरोप लगाया गया है। जमीनी स्तर पर कई किसानों तक सामग्री पहुंची ही नहीं बताई जा रही है। अब बिल, वाउचर और स्टॉक रिकॉर्ड विभागों से तलब किए गए हैं। भौतिक सत्यापन के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। स्थानीय किसानों ने कहा योजना का लाभ उन्हें कभी नहीं मिला। प्रशासन ने गड़बड़ी साबित होने पर वसूली की चेतावनी दी है।कृषि सहायता योजना अब भ्रष्टाचार के कटघरे में खड़ी नजर आ रही है।

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगरीय निकायों के कार्यों की करेंगे समीक्षा राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव राजधानी रायपुर में दो दिनों तक मैराथन बैठक कर राज्य के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे इस दौरान सभी निकायों में विकास कार्यों की प्रगति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निगम आयुक्तों तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने वरिष्ठ अभियंताओं के साथ बैठक में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस कन्वेंशन-हॉल में 20 अप्रैल को सवेरे 10 बजे से प्रदेश के सभी नगर निगमों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे दोपहर ढाई बजे से नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा करेंगे। साव अगले दिन 21 अप्रैल को दिनभर संभागवार सभी नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।  इन कार्यों और योजनाओं की होगी समीक्षा उप मुख्यमंत्री अरुण साव दो दिवसीय मैराथन बैठक के दौरान नगरीय निकायों में राजस्व वसूली, विद्युत देयकों के भुगतान, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास व 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नालंदा परिसरों, नगरोत्थान योजना, जलप्रदाय योजनाओं, आपदा प्रबंधन, गोधाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, आई-गॉट (I-got) कर्मयोगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

डिजिटल Bastar: Bastar के जंगलों में पहुंचेगी AI तकनीक, 10 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ

जगदलपुर. बस्तर की शिक्षा व्यवस्था अब तकनीक के नए दौर में प्रवेश कर रही है। जिला प्रशासन ने 10 हजार छात्रों को एआई शिक्षा से जोड़ने की तैयारी की है। धरमपुरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित हुई। 15 से 17 अप्रैल तक शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स सिखाए गए। चॉक-डस्टर की जगह अब स्मार्ट शिक्षण मॉडल पर जोर दिया गया। प्रशिक्षक नयन सोरी ने एआई को पढ़ाई से जोड़ने के तरीके बताए। गणित और विज्ञान शिक्षकों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण भी लिया। कार्यक्रम में 21वीं सदी के तकनीकी कौशलों पर विशेष फोकस रहा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण अंचल के बच्चों में तकनीकी रुचि बढ़ाने की योजना है। अब छात्र सिर्फ किताब नहीं, कोडिंग भी सीखेंगे। बस्तर का विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा। कोंडागांव तेंदूपत्ता सीजन तैयार, 31 हजार परिवारों को मिलेगा सहारा वनमंडल कोंडागांव में तेंदूपत्ता संग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है। संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान मिलेगा। करीब 31 हजार परिवार इस कार्य से जुड़े हुए हैं। मौसम अनुकूल रहा तो 25 अप्रैल से खरीदी शुरू हो सकती है। पत्तों की गुणवत्ता को देखते हुए तिथि तय की जाएगी। व्यवस्था संभालने 3 गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी लगाए गए हैं। 7 जोनल अधिकारी और 13 प्रबंधक भी तैनात किए गए हैं। 245 फड़ अभिरक्षक और 245 फड़ मुंशी मैदान में रहेंगे। वन विभाग समेत अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। गोदाम प्रभारी और उड़नदस्ता दल भी सक्रिय रहेंगे। तेंदूपत्ता सीजन से हजारों परिवारों की आय में राहत आने वाली है।

छत्तीसगढ़ के Gariaband में चिंता बढ़ी: 3 युवाओं की आत्महत्या के बाद पुलिस का बड़ा कदम, लगेगा गाइडेंस कैंप

गरियाबंद. जहां 15 दिनों में 3 युवाओं ने आत्महत्या कर ली, उसी थाना क्षेत्र में प्रभारी एसपी ने थाना कैम्पस में करियर गाइडेंस कैंप लगाया. कैंप के जरिए 100 से ज्यादा ग्रामीण युवकों को बताया कि मुश्किल की घड़ी में मोबाइल नहीं, परिवार को सहारा बनाएं. सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं, संतुष्टि है. नशा से दूर रहेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने देवभोग थाना कैम्पस में करियर गाइडेंस कैंप का आयोजन किया, जिसमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से 100 से ज्यादा युवा पहुंचे। चंद्राकर ने मार्गदर्शन की शुरुआत एक ऐसे छात्र के किस्से से शुरू किया, जिसने इंटर की पढ़ाई में अधिकतम 44 प्रतिशत अंक प्राप्त किया, समाज और परिवार के नजरिए वो असफल था, पर अपनी अन्य सकारात्मक रुचियों के चलते छात्र पढ़ाई क्षेत्र में अपने आप को सफल मानता रहा। समय के साथ लक्ष्य निर्धारित किया, विषम परिस्थितियों का डट कर मुकाबला किया पिता के बताए आदर्शों का पालन किया और पहली प्रयास में यूपीएसी एक्जाम में सफल हो गया। कहानी के अंत में बताया कि वो छात्र कोई और नहीं बल्कि स्वयं हैं। प्रभारी एसपी ने कहा कि सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं बल्कि संतुष्टि से है।सफलता के मूल मंत्र को बताते हुए कहा कि सबसे पहले अपने सबसे प्रिय वस्तु का त्याग करना है जो आज के परिवेश में मोबाइल है।नशा पान से दूर रहना,जरूरत पूरा करने के लिए गलत रस्ते पर नहीं चलना, परेशानी में पड़े तो परिवार को समाधान का माध्यम बनाने की सलाह दिया ।ग्रुप स्टडी, डिस्कशन,डाइट,गाइड और स्वास्थ्य कैरियर की सफलता के लिए जरूरी है। युवाओं से सार्थक संवाद कर एसपी चंद्राकर ने कहा कि हर काम में सकारात्मक सोच के साथ मन की संतुष्टि लाए तो सफल पीछे पीछे भाग आएगी।आयोजन में मंचस्थ नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी, उपाध्यक्ष सुशील यादव, आप नेता मनोज मिश्रा ने पुलिस की इस पहल की सराहना किया।पत्रकार जयविलास शर्मा ने मंच का संचालन किया।थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह ने आयोजन को सफल बनाने उपस्थिति कॉलेज प्रोफेसर,गणमान्य नागरिक एवं मौजूद युवाओं का आभार व्यक्त किया। युवाओं की आत्महत्या पर कहा… 31 मार्च से 16 अप्रैल तक खुटगांव पंचायत में ही तीन युवकों ने फांसी पर लटक आत्महत्या कर लिया, तीनों की उम्र 17 से 21 साल के बीच थी। इससे पहले भी दिसंबर में इसी पंचायत से एक युवक ने आत्महत्या किया था। संवाद के दरम्यान एक युवक ने इन पर सवाल केंद्रित किया। प्रभारी एसपी ने कहा कि सभी मौत के पीछे लगभग एक ही कारण कॉमन पाए गए। मौत को गले लगाने वाले युवाओं पर परिवार ने कोई लक्ष्य तय कर नहीं दिया था। मोबाइल में व्यस्तता भी कॉमन थी। यही अगर परेशान होने की स्थिति में अपनी बाते मोबाइल के बजाए परिवार का सहयोग लेकर मन हल्का करते तो ये नौबत नहीं आती। युवाओं को इन घटनाओं से सबक लेकर सदैव परिवार के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने की सलाह भी अफसर ने दिया। निशुल्क पीएससी कोचिंग की ली जिम्मेदारी प्रभारी एसपी ने संवाद के दरम्यान ही मंच से ऐलान किया कि अगर कोई रायपुर में पीएससी कोचिंग ज्वाइन करना चाहे तो उन्हें मै निःशुल्क कोचिंग दिलाने की जवाबदारी लूंगा। युवाओं से भरे मंच में पीएससी करने के सवाल पर कोई हाथ नहीं खड़ा किया। तभी उन्हें मोटिव कर बढ़ावा देने प्रभारी एसपी ने यह ऐलान किया है। छात्रों ने भी जल्द मन बना कर संपर्क करने की बात कही। पुलिस भर्ती में जाने के इच्छुक छात्र को पुलिस परीक्षा की तैयारी, फिजिकल तैयारी कराने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव से डॉ वर्णिका शर्मा आयोग की भेंट, उप मुख्यमंत्री की मानवीय संवेदनशीलता पर आभार

रायपुर   माननीय उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी से आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है । डॉ वर्णिका शर्मा ने माननीय अरुण साव जी को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है । ननीय अरुण साव उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की । उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए । डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अट्ठारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है । डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से माननीय उपमुख्यमंत्री जी की इस सार्थक और संवेदनशील  पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है । इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने ,आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की । उपमुख्यमंत्री जी ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

परशुराम जयंती पर खास पहल: आज शोभायात्रा का आयोजन, बिना हथियारों के शामिल होंगे भक्त

करगीरोड कोटा/रायपुर. भगवान परशुराम का जन्मोत्सव 19 अप्रैल को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. कोटा ब्राम्हण समाज द्वारा 19 अप्रैल को शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है. शोभायात्रा रेलवे स्टेशन से शिव मंदिर नाका चौक तक निकालना सुनिश्चित हुआ है. इस दौरान भक्तिमय संगीत एवं मंत्रोचारण का समावेश होगा. समाज द्वारा पुरुषों के लिए पीला, लाल या सफेद रंग का परिधान निर्धारित किया गया है. मातृशक्ति अपने वस्त्रों का चयन स्वयं करेंगी. समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा है कि शोभायात्रा में बिना अस्त्र शस्त्र के निकालने पर विशेष ध्यान दिया जाए और जिसका पालन सभी विप्रजनों को करना है. समाज के सभी लोगों से इस शोभा यात्रा में शामिल होकर भगवान परशुराम के जन्मोत्सव को महोत्सव का स्वरूप देने का आग्रह किया गया है. शोभायात्रा के पश्चात भगवान की महाआरती एवं महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा.

बच्चों की कलम से:सोशल मीडिया और हम

बच्चों की कलम से:सोशल मीडिया और हम रायपुर  आज के दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है—क्या यह लाभदायक है या केवल हानिकारक? और क्या यह वास्तव में आवश्यक है? आइए, इन सभी प्रश्नों पर विचार करें।सोशल मीडिया का प्रचलन दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग घंटों इसका उपयोग करते हैं। स्थिति यह है कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब युवा पीढ़ी इसे ही अपना सच्चा मित्र मानने लगे। इंस्टाग्राम या यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कोई भी इन्फ्लुएंसर कुछ नया करता है, तो वह तुरंत वायरल हो जाता है। विशेषकर बच्चों को ऐसी चीजें बहुत आकर्षित करती हैं। धीरे-धीरे सोशल मीडिया उनके मनोरंजन का मुख्य साधन बनता जा रहा है। लेकिन यह स्थिति चिंताजनक भी हो सकती है, क्योंकि यदि युवा केवल मनोरंजन में ही उलझ जाएं, तो यह उनके भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करता है। इसके साथ ही, कई लोगों में घबराहट, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं। इसलिए इसका संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलू भी हैं। इसके माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ी है और विश्वभर की घटनाओं की जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह शिक्षा, शोध कार्यों और नई जानकारी प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इसके अलावा, कई लोग सोशल मीडिया का उपयोग आत्मविकास और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए भी कर रहे हैं। यह आत्मविश्वास बढ़ाने और सही-गलत की समझ विकसित करने में भी सहायक साबित हो सकता है। अंततः, सोशल मीडिया का प्रभाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। गलत उपयोग इसे बोझ और नुकसानदायक बना सकता है, जबकि सही उपयोग से यह सफलता की राह भी खोल सकता है। आज के समय में सोशल मीडिया आवश्यक तो है, लेकिन इसके प्रति सजग रहना और संतुलन बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। यदि युवा इसका सही दिशा में उपयोग करें, तो वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जान्हवी सिंह ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल