samacharsecretary.com

सकरी नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रेलर में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप

सकरी नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रेलर में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप  सकरी सकरी नेशनल हाईवे पर रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा ट्रेलर धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिससे आसपास के लोग सहम गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर हाईवे किनारे खड़ा था, तभी अचानक उसमें से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग भड़क उठी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में ट्रेलर का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अंदेशा शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास खड़े अन्य वाहनों और संपत्ति को नुकसान होने से बचाया जा सका। हादसे के दौरान ट्रेलर चालक और सहायक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, ट्रेलर में रखा सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने की घटना के कारण कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं और सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल में डिजिटल भुगतान की सुविधा सुचारु, नागरिकों को मिल रही त्वरित सेवा

रायपुर छत्तीसगढ़  राज्य के rtionline.cg.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) की सुविधा पोर्टल के प्रारंभ से ही उपलब्ध है। वर्ष 2023 में इस पोर्टल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एकीकृत करते हुए UPI भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया, जिससे नागरिकों को सरल, सुरक्षित एवं तेज भुगतान का विकल्प प्राप्त हुआ।  01 जनवरी 2023 से 18 अप्रैल 2024 तक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं UPI भुगतान द्वारा कुल 7 लाख 03 हजार 42 रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जो इस बात का प्रमाण है कि नागरिक डिजिटल माध्यमों का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। राज्य शासन द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पोर्टल में समय-समय पर तकनीकी उन्नयन भी किए जा रहे हैं, ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल (User Friendly) एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक सुधार किए जाते रहेंगे।

Illegal Mining पर बड़ा एक्शन: छत्तीसगढ़ में Drone Surveillance और 10 ई-चेक गेट से होगी सख्त निगरानी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में खदानों की निगरानी अब हाईटेक होने जा रही है. प्रदेश में अवैध खनन और ओवर माइनिंग पर लगाम के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा. प्रमुख खदानों और आसपास ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे. ये कैमरे एरियल सर्वे और 3डी मैपिंग के जरिए खदानों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. ड्रोन से खदानों का ऊपर से लगातार सर्वे किया जाएगा. इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि तय लीज क्षेत्र के भीतर ही खनन हो रहा है या सीमा से बाहर भी खुदाई की जा रही है. समय-समय पर मिलने वाले डेटा की तुलना कर ओवर माइनिंग यानी तय सीमा से अधिक खनिज निकालने की गतिविधियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा. फिलहाल विभाग शुरुआती चरण में पांच ड्रोन कैमरे तैनात करने जा रहा है. इन्हें सर्विस मोड पर लिया जाएगा और इनके संचालन के लिए विशेषज्ञों की टीम भी तैनात रहेगी. ड्रोन को खासतौर पर रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, बिलासपुर इत्यादि जिलों की खदानों में लगाया जाएगा, जहां अवैध खनन की शिकायतें ज्यादा सामने आती रही हैं. इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दुर्गम इलाकों जैसे जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में भी निगरानी आसान हो जाएगी. यहां फिलहाल पारंपरिक निरीक्षण में समय और संसाधन ज्यादा लगते हैं. ड्रोन से मिलने वाली हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरें और मैपिंग डेटा सीधे विभाग तक पहुंचेगा, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी. परिवहन गाड़ियों की डिजिटल निगरानी खनिज परिवहन को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए 10 प्रमुख परिवहन रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू करने जा रहा है. यह पूरी तरह डिजिटल एंट्री-एग्जिट सिस्टम होगा. इसमें खदान से निकलने वाले हर ट्रक या वाहन का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार होता है. जैसे ही वाहन चेक गेट से गुजरता है, उसकी जानकारी जैसे वाहन नंबर, खनिज का प्रकार, मात्रा और गंतव्य इत्यादि सिस्टम में दर्ज हो जाएगी. इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन पर रोक लगाई जा सकती है. पहले जहां कागजी दस्तावेजों के जरिए हेरफेर की गुंजाइश रहती थी, वहीं अब डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज होने से गड़बड़ी पकड़ना आसान हो जाएगा. ई-चेक गेट रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी देता है. अधिकारी किसी भी समय यह देख सकते हैं कि कौन सा वाहन कहां से निकला और कहां तक पहुंचा. इससे अवैध खनिज परिवहन और टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है. इन रूपों में होता है अवैध खनन 1. बिना लीज/परमिट के खनन : जमीन पर खनन शुरू कर दिया, लेकिन सरकार से अनुमति नहीं ली. 2. लीज एरिया से बाहर खनन : जहां तक खनन की इजाजत है, उससे बाहर खुदाई करना. 3. ओवर माइनिंग : तय सीमा से ज्यादा खनिज निकालना. 4. बिना रॉयल्टी/टैक्स के परिवहन : खनिज निकालकर बिना सरकारी शुल्क दिए बेच देना. 5. फर्जी कागजों से खनन : नकली परमिट या ट्रांजिट पास का इस्तेमाल. विभाग में अन्य कई प्रावधान खनिज नियमों में संशोधन कर रेत व गौड़ खनिजों के अवैध उत्खनन पर न्यूनतम 25 हजार रुपए जुर्माना माइनिंग सर्विलांस सिस्टम और सैटेलाइट मॉनिटरिंग से खदानों की रियल टाइम निगरानी कर कार्रवाई खनिज परिवहन में ऑनलाइन ट्रांजिट पास अनिवार्य किया गया, जिससे 5 साल में 84.47 करोड़ की वसूली सचिव खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सख्त कदम उठाए गए हैं. खदानों की निगरानी और अवैध परिवहन रोकने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी और ई-गेट चालान सिस्टम शुरू किया जा रहा है.

मंत्री लखन लाल के मुख्य आतिथ्य में गोपालपुर में नए औद्योगिक क्षेत्र का भूमिपूजन

मंत्री लखन लाल के मुख्य आतिथ्य में गोपालपुर में नए औद्योगिक क्षेत्र का हुआ भूमिपूजन 27 एकड़ में विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र: कोरबा के विकास को मिलेगा नया आयाम गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे : मंत्री लखन लाल नई औद्योगिक नीति से उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया हुई सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रायपुर वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह का आयोजन हुआ। मंत्री देवांगन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, विधायक कटघोरा प्रेमचंद्र पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, कलेक्टर कुणाल दुदावत, प्रबंध निदेशक सीएसआईडीसी रायपुर विश्वेश कुमार, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।   इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।  मंत्री देवांगन ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं, जिससे निवेशकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसी संकल्प के साथ “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” और “विकसित कोरबा 2047” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति युवाओं और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे नए उद्योग स्थापित हों और व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हों। गोपालपुर के इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, पात्र इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से कुल निवेश का लगभग 65 प्रतिशत तक सहायता/अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा अब केवल कोयला और विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विविध उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी उद्यमियों को शुभकामनाएँ दीं। एमडी कुमार ने लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया नवीन औद्योगिक एरिया विकास की प्रस्तावना से लेकर टेंडर कार्य प्रक्रिया में है। कार्यों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई, नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्योगों को स्थापित करने में सहायता मिलेगी और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही, “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुगम बनाया गया है,  ताकि निवेशकों और उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

महिला मुद्दों पर BJP का बड़ा कदम: CM साय और Arun Singh आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, निकलेगी जनआक्रोश पदयात्रा

रायपुर. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद भाजपा ने  कांग्रेस के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर ली है. आज प्रदेश, संभाग और जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. दोपहर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. कल रायपुर में भाजपा की महिला जनआक्रोश पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसकी शुरुआत दोपहर 3 बजे इंडोर स्टेडियम से होगी और सुभाष स्टेडियम पहुंचकर सम्मेलन व समापन होगा. इसके अलावा 20–21 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला पदयात्राएं और 23–24 अप्रैल को जनआक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे. आज डीसीपी नार्थ करेंगे फेसबुक-इंस्टा पर लोगों से बात रायपुर. डीसीपी नार्थ कमिश्नरेट (आईपीएस) मयंक गुर्जर रविवार को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाइव हैं. पहले वह आम लोगों के बीच अपने कार्यक्षेत्र उत्तर कमिश्नरेट की पुलिसिंग की जानकारी देंगे. इसके बाद वे लोगों के सवालों का जवाब भी देंगे. उनसे नार्थ कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह थाना क्षेत्र में पुलिसिंग को लेकर बात की जा सकती है. आम लोग अपने सुझाव भी दे सकते हैं और शिकायतें भी कमेंट्स बॉक्स में बता सकते हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हर सुझाव और फीडबैक उनके लिए महत्वपूर्ण हैं.

बस्तर में क्रिकेट का जश्न: 22 अप्रैल को पहुंचेंगे Sachin Tendulkar, बच्चों संग बिताएंगे खास पल

रायपुर. क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर जल्द ही सपरिवार छत्तीसगढ़ आने वाले हैं. वह 22 अप्रैल को दंतेवाड़ा के प्रवास पर रहेंगे. इस दौरान वह अबूझमाढ़ से सटे इंद्रावती नदी के तटीय इलाके में बसे ग्राम छिंदनार में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. सचिन बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते भी नजर आएंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहेंगे. तेंदुलकर फाउंडेशन ने छिंदनार में ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने और बच्चों को खेल के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा में तब प्रयास प्रारंभ किया था, जब यहां नक्सली समस्या गंभीर थी. अब जब बस्तर के नक्सल मुक्त होने की घोषणा हो चुकी है तो स्वयं सचिन सपरिवार दंतेवाड़ा पहुंचेंगे और स्थानीय बच्चों से संवाद भी करेंगे. बता दें कि हाल ही में सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की टीम हाल ही में दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आई थी. इस दौरान उन्होंने जन स्वास्थ्य सहयोग (गनियारी) संस्था का दौरा किया. पहले दिन मुंगेली स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के सुदूर वनांचल ग्राम बम्हनी में पहुंचकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली. डॉ. अंजली तेंदुलकर और सारा तेंदुलकर ने दौरे के दूसरे दिन बिलासपुर में गनियारी जन स्वास्थ्य केंद्र का भी दौरा किया. इस दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत कर उन्होंने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझा. उन्होंने यहां भी फुलवारी केंद्र और बालवाड़ी पहुंचकर आदिवासी बच्चों से मुलाकात की थी. साथ ही बच्चों के रहन-सहन, खान-पान और वन क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को लेकर स्थानीय समिति के सदस्यों से विस्तृत चर्चा भी की थी.

राज्यभर में विश्व रेडक्रॉस दिवस पर मनाए जाएंगे विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्यभर में रंगारंग कार्यक्रम  वालंटियर्स की सहभागिता से जागरूकता अभियान को मिलेगा बल रायपुर      विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर आगामी 8 मई को राज्य स्तर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में रेडक्रॉस राज्य शाखा, रायपुर के चेयरमैन तोमन साहू की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में बैठक आयोजित की गई।      बैठक में निर्णय लिया गया कि इस विशेष अवसर पर समूह नृत्य, प्रहसन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के रेडक्रॉस वालंटियर्स भाग लेंगे। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।        इस दौरान रेडक्रॉस की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार कर जारी की गई। योजना में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विशेष अवसरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है। साथ ही, रक्तदान शिविरों का व्यापक आयोजन कर रक्त की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित करने और “रक्तदान महादान” के संदेश को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।      जूनियर रेडक्रॉस एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है, जिससे उनमें मानवीय मूल्यों और सेवा भाव का विकास हो सके। जिला शिक्षा अधिकारियों को माहवार गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए गए हैं।      कार्ययोजना में शैक्षणिक भ्रमण, प्राकृतिक अध्ययन, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, काउंसलर प्रशिक्षण, ट्रैकिंग कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, रक्तदाता दिवस, विश्व योग दिवस, जनसंख्या दिवस, साक्षरता दिवस, अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस, दिव्यांग दिवस, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सहित विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों को नई दिल्ली में लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी प्रस्तावित है। बैठक में चेयरमैन तोमन साहू, कोषाध्यक्ष संजय पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर:महतारी वंदन योजना से पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर बदल रही है

रायपुर : महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर बकरी पालन बना आजीविका का सशक्त माध्यम, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार रायपुर प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप ’महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक संबल, बल्कि स्वावलंबन का नया आधार बन रही है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की श्रीमती करियो के जीवन में आई खुशहाली लेकर आई है। अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम रामनगर की रहने वाली श्रीमती करियो ने योजना से प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग कर न केवल अपना भविष्य संवारा है, बल्कि अपने पूरे परिवार की स्थिति को बेहतर बनाया है। योजना की राशि को बनाया आत्मनिर्भरता माध्यम श्रीमती करियो बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। दैनिक खर्चों के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के लागू होने के बाद, जब उनके खाते में राशि आनी शुरू हुई, तो उन्होंने इसे घरेलू खर्चों में लगाने के बजाय निवेश का रास्ता चुना। उन्होंने इस राशि को सहेज कर बकरियां खरीदीं और पशुपालन शुरू किया। बकरी पालन से मिली आर्थिक मजबूती अपनी सफलता साझा करते हुए श्रीमती करियो ने बताया कि मैंने योजना के पैसों से बकरियां खरीदीं और साल भर उनकी देखभाल की। अब मेरे पास छह बकरियां हैं। बकरियां समय-समय पर बच्चे देती हैं, जिससे उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। अब मुझे इनसे निरंतर लाभ मिल रहा है और मैंने अपना गुजारा इन्हीं के माध्यम से सुरक्षित कर लिया है। परिवार की खुशहाली और बेहतर खान-पान आर्थिक स्थिति सुधरने से श्रीमती करियो अब अपने पति और नाती-पोतों की बेहतर देखभाल कर पा रही हैं। वे कहती हैं कि पहले और अब के जीवन में बड़ बड़ा बदलाव आ गया है। अब घर में अच्छा खान-पान है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, यह सब सरकार की मदद से संभव हो पाया है, वरना हमारे लिए यह सब सोच पाना भी कठिन था। योजना के लिए जताया आभार अपनी और अपने परिवार की बदलती तस्वीर देख श्रीमती करियो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें समाज में सम्मान से जीने का अवसर दिया है। उनके अनुसार, यह योजना ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे : मंत्री लखन लाल

रायपुर.  वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह का आयोजन हुआ। मंत्री देवांगन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, विधायक कटघोरा प्रेमचंद्र पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, कलेक्टर कुणाल दुदावत, प्रबंध निदेशक सीएसआईडीसी रायपुर विश्वेश कुमार, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।   इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।  मंत्री देवांगन ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं, जिससे निवेशकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसी संकल्प के साथ “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” और “विकसित कोरबा 2047” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति युवाओं और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे नए उद्योग स्थापित हों और व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हों। गोपालपुर के इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, पात्र इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से कुल निवेश का लगभग 65 प्रतिशत तक सहायता/अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा अब केवल कोयला और विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विविध उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी उद्यमियों को शुभकामनाएँ दीं। एमडी कुमार ने लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया नवीन औद्योगिक एरिया विकास की प्रस्तावना से लेकर टेंडर कार्य प्रक्रिया में है। कार्यों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई, नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्योगों को स्थापित करने में सहायता मिलेगी और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही, “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुगम बनाया गया है,  ताकि निवेशकों और उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सम्मान निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर.  भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा दिनांक 17 एवं 18 अप्रैल 2026 को पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित चिंतन शिविर में देश के सभी राज्यों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को योजना के प्रभावी संचालन, सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था तथा पारदर्शी क्लेम प्रबंधन प्रणाली के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ को Best Performing Large State के रूप में निम्नलिखित श्रेणियों में चयनित किया गया— हाई ट्रिगर एफिकेसी: इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध क्लेम की पहचान एवं उनके प्रभावी विश्लेषण में उल्लेखनीय दक्षता प्रदर्शित की है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा सुदृढ़ ऑडिट व्यवस्था के माध्यम से अनियमितताओं की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित की गई है। टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पेसियस क्लेम्स: इस श्रेणी में राज्य ने संदिग्ध दावों के त्वरित निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लेम की जांच, निर्णय एवं निष्पादन सुनिश्चित कर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत किया गया है। राज्य में क्लेम ऑडिट तंत्र को सशक्त बनाने, ट्रिगर-आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के कारण संदिग्ध प्रकरणों के निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इसके परिणामस्वरूप क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे योजना के लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के  राज्य को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से हम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। यह पुरस्कार हमारे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयास का प्रतिफल है। हम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।