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छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार निगम प्रबंधन एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य करार

रायपुर स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक  आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।       एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी।  इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष  चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष  चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी मती पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

हर गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम, जीपीएम जिले में 25 नए हैंडपंपों से ग्रामीणों को मिली राहत

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य मद से 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंची है और हजारों लोगों को घर के समीप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रत्येक परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसी सोच के अनुरूप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे गांवों और बस्तियों को प्राथमिकता दी गई, जहां पेयजल की आवश्यकता अधिक थी। नए हैंडपंपों के संचालन से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा उनके समय और श्रम की भी बचत होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रिया सोनी ने बताया कि जिले में गौरेला विकासखंड में 14, मरवाही विकासखंड में 7 तथा पेंड्रा विकासखंड में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इन हैंडपंपों के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां पेयजल की समस्या सबसे अधिक थी। नवस्थापित हैंडपंपों का लाभ बस्ती, लमना, कोटमीखुर्द, सधवानी, उमरखोही, धनगंवा, अंजनी, पीपरखुटी, खोडरी, तेंदुमुड़ा, धनौली, देवरगांव, पड़वनिया, ठाडपथरा, कोडगार, बम्हनी, अमारू, भर्रीडांड, बंधौरी, कटरा, निमधा, मड़वाही, दानिकुंडी सहित अनेक ग्राम पंचायतों तथा पेंड्रा नगर क्षेत्र में विद्यालय के समीप रहने वाले नागरिकों को मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को जनकल्याण का आधार मानते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग इन प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक पेयजल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रहा है। विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल जल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना भी है। जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में पेयजल संबंधी अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। नई जल सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीणों का विश्वास शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति और सुदृढ़ हुआ है। आने वाले समय में भी आवश्यकता आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से पेयजल संकट वाले अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के कार्य किए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी गांव स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित न रहे। ग्रामीणों ने नए हैंडपंप स्थापित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए हैंडपंपों के खनन से उनका दैनिक जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वस्थ हुआ है। साय सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, जनस्वास्थ्य और सुशासन के प्रति उसकी संवेदनशील एवं जनहितैषी सोच का प्रभावी उदाहरण है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली सोमारी बाई की जिंदगी

रायपुर अपने सिर पर पक्की छत होना हर परिवार का सपना होता है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के ग्राम पंचायत सिंगनपुर की रहने वाली सोमारी बाई के लिए यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। कभी कच्ची झोपड़ी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला उनका परिवार आज एक सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्के घर में सम्मान के साथ रह रहा है। हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च थी बड़ी परेशानी       अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखने वाली सोमारी बाई का पांच सदस्यीय परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में टपकती छत, गर्मी और सर्दी की मार के साथ हर वर्ष मकान की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च उनके लिए बड़ी परेशानी थी। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने 27 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अपना पक्का मकान तैयार किया। जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना अवसम स्वच्छ भारत मिशन का भी मिला लाभ           सोमारी बाई के घर को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से ‘पूर्ण घर’ के रूप में विकसित किया गया। जल जीवन मिशन के तहत नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण कराया गया। वहीं, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से मकान निर्माण के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया, जिससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला। बचत से हो रही बच्चों की पढ़ाई           नए पक्के घर ने सोमारी बाई के परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब उन्हें हर वर्ष मकान की मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता, जिससे होने वाली बचत का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं। सुरक्षित आवास मिलने से परिवार को मौसम की मार और बीमारियों से भी राहत मिली है, साथ ही सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।अपनी खुशी साझा करते हुए सोमारी बाई ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के जैविक उत्पाद को जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री हुई। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता आधारित उत्पादन और राज्य सरकार की आजीविका उन्मुख योजनाओं पर बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे चावल खरीदकर उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक  अटल वास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं स्थानीय निवासी  पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके इस कदम ने अन्य नागरिकों को भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) इस पहल की प्रमुख कड़ी बनकर उभरी है। महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, आकर्षक ब्रांडिंग, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और व्यवस्थित विपणन किया जा रहा है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ किसानों और महिला उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है। जिले में इस पहल को आगे बढ़ाने में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  मुकेश रावटे की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार विष्णुभोग चावल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक महिलाएं इस मॉडल से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक  दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि जिले में मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (कम्युनिटी मैनेज्ड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिले, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी अभियान के तहत आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकें। ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, जैविक खेती की गुणवत्ता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से अरपा-बिहान विष्णुभोग अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। जिस गति से इस उत्पाद को बाजार और उपभोक्ताओं का विश्वास मिल रहा है, उससे यह आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि पहचान के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विजयपुर में 16 करोड़ रुपये से बनेगा अत्याधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, डिजाइन में सुधार कर शीघ्र स्वीकृति भेजने के निर्देश

रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मंगलवार को रायगढ़ जिले में प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विजयपुर में प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, केलो नदी के खर्रा घाट पर विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव तथा पुराने जेल परिसर में प्रस्तावित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। विजयपुर में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने अधिकारियों को भवन की ड्राइंग एवं डिजाइन में आवश्यक सुधार कर इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संशोधित प्रस्ताव शीघ्र अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से रायगढ़ जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके बाद वित्त मंत्री ने केलो नदी के खर्रा घाट पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग दो किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्यादेश जारी हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह परियोजना रायगढ़ की नई पहचान बनेगी, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मैरीन ड्राइव परियोजना के अंतर्गत घाट का सौंदर्यीकरण, गज़ीबो, आरसीसी पाथवे, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, प्रोमेनेड, फूड कोर्ट, बाह्य विद्युतीकरण सहित विभिन्न आधुनिक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके पूर्ण होने से शहरवासियों को मनोरंजन, पर्यटन और सार्वजनिक उपयोग की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने पुराने जेल परिसर का भी अवलोकन किया, जहां जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, विजय अग्रवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

नवनियुक्त पदाधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को देंगे नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर वेदराम मनहरे एवं सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर तथा दयावंत धर बांधे की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल रायपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर श्रीमती सुमन मुथा एवं शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल

रायपुर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल लगातार प्रभावी परिणाम दे रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत संचालित लखपति दीदी अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य का 90 प्रतिशत प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में जिले की बड़ी सफलता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 10 हजार 124 लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध अब तक 9 हजार 95 महिलाएं लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल कर चुकी हैं। यह उपलब्धि राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति, बिहान मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिला प्रशासन के सतत मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का संकल्प है कि प्रदेश की महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार, समाज और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, विपणन सुविधा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। जिले में वर्तमान में 6 हजार 10 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों को औसतन 1 लाख 92 हजार रुपये प्रति समूह का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को नई गति मिली है। इससे हजारों ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के समन्वित प्रयासों से महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि उद्यमिता विकास, कौशल प्रशिक्षण, बैंकिंग सेवाओं से जुड़ाव तथा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि जिले की बड़ी संख्या में महिलाएं आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। लखपति दीदी अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान ने न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति का भी विकास किया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में मजबूत आधार तैयार हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पीएम आवास के संबंध में लिखा पत्र

रायपुर  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में  चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।            उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।           शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति  शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।

छात्राओं को साइकिल वितरित कर कहा – हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (अंग्रेजी माध्यम), ब्रम्हरोड अंबिकापुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ नए शैक्षणिक सत्र का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा को जीवन में सफलता का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने और बेटियों को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्राओं को साइकिल वितरण केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे बेटियों की विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी तथा वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन करें, अनुशासन और मेहनत को अपना जीवन मंत्र बनाएं तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और प्रदेश का नाम रोशन करें। आज का परिश्रम ही कल की सफलता का आधार बनेगा। मंत्री  अग्रवाल ने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक नवाचार कर रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के माध्यम से प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के बल पर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

उरला फैक्ट्री हादसे में 2 से 3 मजदूरों की मौत की आशंका

रायपुर राजधानी के उरला थाना क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3डी फैक्ट्री में मंगलवार शाम ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई अन्य मजदूरों के लापता होने की आशंका है। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस और बचाव दल राहत एवं सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। फैक्ट्री के भीतर अचानक हुआ तेज धमाका प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री के भीतर अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। धमाके के बाद कई मजदूर बाहर निकल आए, जबकि कुछ के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है और लापता मजदूरों की तलाश जारी है। परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उरला स्थित फैक्ट्री पहुंच गए और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन पहुंच गए, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। मौके पर परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल है। यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में जंगल के बीच चलती बस में गूंजी किलकारी, यात्रियों ने कराया प्रसव, चंदा देकर की मदद हादसे के कारणों की जांच शुरू प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के काफी देर बाद तक फैक्ट्री प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। पुलिस ने पूरे परिसर को घेर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।