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ट्राइबल टैलेंट का दम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से उभरी नई सितारों की फौज, कोमालिका से अंजलि तक छाए खिलाड़ी

रायपुर छत्तीसगढ़ में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ने देशभर के जनजातीय समुदायों के खिलाड़ियों को एक साझा मंच पर एकत्रित किया, जहाँ अलग-अलग स्तर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुछ के लिए यह बहु-खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का पहला अनुभव था, तो कुछ के लिए यह उनके उभरते हुए करियर का अगला महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस उद्घाटन संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 3800 खिलाड़ियों ने नौ खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा की। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर थे, जबकि पारंपरिक खेलों जैसे मल्लखंभ और कबड्डी को प्रदर्शन खेलों के रूप में शामिल किया गया। भारत जहां 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की संभावित मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहा है, ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने विविध जनजातीय पृष्ठभूमि के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और विभिन्न खेलों में भारत की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। ये खेल छत्तीसगढ़ के तीन शहरों—रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर—में आयोजित किए गए। यहाँ कुछ ऐसे खिलाड़ियों की झलक प्रस्तुत है जो पहले से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ रहे हैं, और कुछ ऐसे भी जिन्होंने भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन की संभावना दिखाई है। मणिकांता एल (तैराक) खेलों के सबसे सफल खिलाड़ी के रूप में उभरे मणिकांता एल ने तैराकी प्रतियोगिता में आठ स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर कर्नाटक को समग्र चैंपियन बनने की मजबूत नींव दी। 21 वर्षीय मणिकांता पहले भी खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में पदक जीत चुके हैं और आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी तैयारी के तहत उन्होंने कई स्पर्धाओं में भाग लिया। 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक विशेषज्ञ मणिकांता ने अधिकांश रेस में अपना दबदबा कायम रखा। उनका मानना है कि यहां का प्रदर्शन उन्हें एशियाई खेलों के क्वालिफिकेशन के लिए और अधिक फोकस के साथ तैयारी करने का आत्मविश्वास देगा। अंजलि मुंडा (तैराक) ओडिशा के जाजपुर जिले की 15 वर्षीय अंजलि मुंडा तैराकी प्रतियोगिता की सबसे चमकदार उभरती सितारों में से एक रहीं। उन्होंने 200 मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले, 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 50 मीटर बैकस्ट्रोक और 4×100 मेडले में कुल पांच स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने से कहीं अधिक उम्र के खिलाड़ियों को पछाड़ने की क्षमता भी दिखाई। कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की छात्रा अंजलि अपने पहले खेलो इंडिया गेम्स में हिस्सा ले रही थीं, लेकिन प्रतियोगिता के बड़े मंच के बावजूद वह बिल्कुल भी दबाव में नहीं दिखीं। उनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने की पूरी क्षमता नजर आती है। कोमालिका बारी (तीरंदाज) दीपिका कुमारी के बाद विश्व कैडेट और विश्व यूथ चैंपियन बनने वाली दूसरी भारतीय कोमालिका बारी 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की प्रबल दावेदारों में से एक हैं। वह पुणे में चयन ट्रायल की तैयारी कर रही थीं और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में प्रतिस्पर्धा के स्तर को देखते हुए उन्हें लगा कि यहां भाग लेना उनके लिए मूल्यवान मैच प्रैक्टिस साबित होगा। और उनका यह निर्णय सही साबित हुआ। हालांकि वह व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम रिकर्व में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं, लेकिन झारखंड की इस तीरंदाज को हर मुकाबले में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। महिला टीम स्पर्धा में उन्हें फाइनल में नागालैंड से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। किरण पिस्दा (फुटबॉल) छत्तीसगढ़ महिला फुटबॉल टीम की कप्तान किरण पिस्दा ने सामने से नेतृत्व किया और सेमीफाइनल में पेनल्टी शूटआउट के दौरान गोलकीपर के रूप में दस्ताने पहनकर अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। किरण न सिर्फ अपनी टीम की सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं, बल्कि उन्होंने युवा टीम का शानदार नेतृत्व करते हुए यह भी दिखाया कि बेहतरीन नेतृत्व कैसे किसी टीम को बदल सकता है। किरण पहले ही सैफ प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और क्रोएशियाई लीग में भी खेल चुकी हैं। 24 वर्षीय यह खिलाड़ी अब भारतीय राष्ट्रीय टीम में नियमित स्थान बनाने की उम्मीद कर रही हैं, क्योंकि वह किसी भी पोजीशन पर खेलने में सक्षम हैं। बाबूलाल हेम्ब्रम (वेटलिफ्टर) झारखंड के 19 वर्षीय बाबूलाल हेम्ब्रम 2024 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले अपने राज्य के पहले वेटलिफ्टर बने थे। वह अपने राज्य के पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर भी हैं जिन्होंने IWF वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप और एशियन यूथ चैंपियनशिप में पदक जीता है। रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव के रहने वाले बाबूलाल अब जूनियर से सीनियर सर्किट में कदम रख रहे हैं और साई पटियाला के नेशनल कैंप में प्रशिक्षण ले रहे हैं। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता गया रजत पदक उन्हें अब सीनियर खिलाड़ियों को चुनौती देने का आत्मविश्वास देता है। शिव कुमार सोरेन (स्प्रिंटर) झारखंड के धावक शिव कुमार सोरेन ने 100 मीटर और 200 मीटर दोनों स्पर्धाओं में आसानी से स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 100 मीटर में 10.58 सेकंड और 200 मीटर में 21.51 सेकंड का समय दर्ज किया। बोकारो के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रशिक्षु शिव का मजबूत शारीरिक गठन है और उनमें भविष्य में और तेज दौड़ने की क्षमता दिखाई देती है। झिल्ली दलाबेहरा (ओडिशा) ओडिशा की सबसे सफल वेटलिफ्टरों में से एक झिल्ली दलाबेहरा ने 2020 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 45 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक और 2021 कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था। भारतीय रेलवे की कर्मचारी झिल्ली ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 53 किलोग्राम वर्ग में भाग लिया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भार्गवी भगोरा (तीरंदाज) गुजरात की 21 वर्षीय भार्गवी भगोरा ने रायपुर में रिकर्व व्यक्तिगत फाइनल में कोमालिका बारी से हार का सामना किया, लेकिन जिस तरह उन्होंने अधिक अनुभवी प्रतिद्वंद्वी को अंत तक कड़ी टक्कर दी, उससे उन्हें जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम के चयन ट्रायल से पहले काफी आत्मविश्वास मिलेगा। अरावली जिले से आने वाली भार्गवी खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के विभिन्न संस्करणों में तीन पदक जीत चुकी हैं और वर्तमान में भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा समर्थित नडियाद हाई परफॉर्मेंस … Read more

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को हरी झंडी: छत्तीसगढ़ में नया कानून लागू, राज्यपाल ने किए हस्ताक्षर

रायपुर. छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण रोकने बनाए गए नए विधेयक पर आज राज्यपाल रमेन डेका ने हस्ताक्षर किया। अब आज से प्रदेश में नया धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू हो गया है। धर्मांतरण पर नए विधेयक के अनुसार अब सख्त कार्रवाई होगी। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा है कि हम उम्मीद करते हैं कि इस कानून का उपयोग किसी निर्दोष पर नहीं होगा। हम मांग करते हैं कि पिछले साढ़े 3 साल से आरक्षण विधेयक राजभवन में पेंडिंग है, जिसमें OBC और अनुसूचित जाति के लिए कानून बनाए थे, इस पर भी हस्ताक्षर किया जाए, लेकिन राजयपाल ने हस्ताक्षर नहीं किया। बीजेपी जो कानून लाती है उसमें राज्यपाल हस्ताक्षर करते हैं, ये दोहरा मापदंड क्यों? वहीं छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण स्वातंत्र्य कानून पारित होने पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने शुभकामाएं दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा का आभार जताते हुए कहा, धर्मांतरण कानून लाए और पारित हो गया। लोगों को भ्रमित करने वाली बात का आज द एंड हो गया। मिश्रा ने कहा, बीजेपी सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन कोई प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराएगा तो स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर धर्मांतरण करने का आरोप लगाते हुए कहा, कांग्रेस नहीं चाहती कि भारत विश्वगुरु बने।धर्मांतरण अब रुकेगा। विदेशी ताकत भारत को विश्वगुरु बनने नहीं देना चाहते, वो धर्मांतरण करवाते हैं। कांग्रेस के शासनकाल में 500 चर्च बने। जानिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक- 2026 में क्या है प्रावधान – छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक- 2026 में अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है. यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो सजा 10 से 20 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान है. सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और कठोर होगी, जिसमें 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और कम से कम 25 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है. विधेयक के तहत आने वाले अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होंगे, मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी. विधेयक के मुताबिक, महिमामंडन कर, झूठ बोलकर, बल, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, दबाव, मिथ्या जानकारी या कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराना अवैध माना जाएगा और प्रतिबंधित होगा. यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम प्राधिकारी को पहले सूचना देनी होगी. प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी, और 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का प्रावधान होगा. विधेयक में प्रलोभन, प्रपीड़न, सामूहिक धर्मांतरण और डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण जैसे शब्दों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा. एक धर्म का व्यक्ति अगर दूसरे धर्म में शादी करता है, तो ऐसे विवाह को सम्पन्न करवाने वाले फादर, प्रीस्ट, मौलवी या ऐसे विवाह को करवाने वाला जिम्मेदार व्यक्ति विवाह की तारीख से आठ दिन पहले घोषणापत्र सक्षम प्राधिकारी के सामने प्रस्तुत करेगा. सक्षम प्राधिकारी ये तय करेगा कि विवाह कहीं धर्मांतरण के उद्देश्य से तो नहीं किया जा रहा है, ऐसा हुआ तो अवैध घोषित किया जा सकेगा. शिक्षा व्यवस्था को ख़त्म कर रही सरकार : PCC चीफ RTE को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, सरकार की नाकामियों की वजह से नर्सरी में बच्चों के एडमिशन का सिस्टम खत्म हुआ। गरीब के बच्चे अब शिक्षा नहीं ले पाएंगे। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। गरीब बच्चों को नर्सरी से शिक्षा मिलनी चाहिए। यह सरकार शिक्षा व्यवस्था को ख़त्म कर रही है। हम मांग करते हैं कि गरीब बच्चों को नर्सरी से एडमिशन मिलना चाहिए। बीजेपी के गांव चलो अभियान पर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा, कांग्रेस ने गांव चलो अभियान की शुरुआत की है, बीजेपी इसी का नकल कर रही है। दो साल में बीजेपी ने सरकार में क्या किया, 1 लाख युवाओं को नौकरी मिली क्या? किसानों का पूरा धान सरकार ने खरीदा क्या? प्रदेश की आम जनता इस समय परेशान है। इन सब मुद्दों से प्रदेश की जनता आक्रोशित हैं।

हर शनिवार लगेगा तहसील स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर

बिलासपुर बिलासपुर में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दीर्घकालिक योजना और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निजी स्कूलों में मान्यता प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने, साप्ताहिक जनसमस्या निवारण शिविर शुरू करने और जल संरक्षण सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।       जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी स्कूलों को अपने परिसर में मान्यता संबंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट रूप से लिखने को कहा गया कि स्कूल सीबीएसई या छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को सही जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका न रहे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह शनिवार को तहसील स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में वे स्वयं उपस्थित रहेंगे। यह अभियान इसी माह से प्रारंभ होकर लगभग दो माह तक संचालित किया जाएगा। अधिकारियों को इसकी समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।           बैठक में कलेक्टर ने इस वर्ष के बजट में प्रावधानित कार्यों के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय स्थल का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए और केवल अल्पकालिक नहीं, बल्कि आगामी 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी सरकारी योजना के तहत भवन या आवास निर्माण से पहले वहां तक पहुंचने के लिए सड़क सुविधा सुनिश्चित की जाए, अन्यथा निर्माण की उपयोगिता प्रभावित होती है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने सरकारी निर्माण एजेंसियों को सूखे तालाबों से मिट्टी एवं मुरूम उठाने के निर्देश दिए, ताकि तालाबों की गहराई बढ़े और जल संचयन में मदद मिले। साथ ही उन्होंने अनियमित रूप से अन्य स्थानों से मिट्टी उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सोखता गड्ढे बनाकर जल रिचार्ज करने, कच्चे नाला बांध बनाकर वर्षा जल को रोकने के उपाय अपनाने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जनदर्शन में सुनीं गई लोगों की समस्याएं अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और एडीएम शिव कुमार बनर्जी ने ग्रामीणों की  समस्याएं गंभीरता से सुनीं। अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।           जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयपुर के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला विजयपुर के प्रधान अध्यापक भरत ध्रुव को पद से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान अध्यापक द्वारा शराब का सेवन कर शाला में दुर्व्यवहार एवं विद्यार्थियों को पढ़ाने में कोताही बरती जा रही है। पूर्व में भी प्रधान अध्यापक की शिकायत की गई परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीईओ को मामले की जांच कर शीघ्र ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। रतनपुर की अंकिता कमलसेन एवं सिंघरी की प्रतिभा कोशले ने स्वयं का रोजगार स्थापित करने शासन की योजना अंतर्गत लोन दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह एक शिक्षित महिला है और सिलाई कार्य जानती है। उन्हें सिलाई मशीन एवं अन्य सामग्री खरीदने रूपयों की आवश्यकता है। लीड बैंक मैनेजर को आवश्यक कार्यवाही करने कहा। मेण्ड्रा के सूरज सूर्यवंशी सहित ग्रामवासियों ने ग्राम मेण्ड्रा के वार्ड 4 एवं 5 में हो रही पेयजल की समस्या से अवगत कराया। पीएचई विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।        बेलतरा तहसील के बाम्हू निवासी परसराम ने जपदर्शन में आवेदन देकर बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, किन्तु दूसरे एवं तीसरे किश्त की राशि आज दिनांक तक नहीं मिलने के कारण उनके आवास का कार्य अधूरा है। उन्होंने शेष बची किश्त की राशि दिलाने की मांग की है। प्रकरण को बिल्हा के जनपद पंचायत सीईओ को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। ग्राम ऊनी की किरण वैष्णव ने बताया कि कुंआ की सफाई करने के दौरान उनके पति एवं पुत्र विद्युत तार की चपेट में आ गए जिससे उनकी मृत्यु हो गई। श्रीमती किरण ने इस संबंध में उचित मुआवजा राशि दिलाने गुहार लगाई गई।  विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा है। सिंद्यरी के दिनेश कुमार ने गांव के दूजराम के द्वारा किये गये अवैध कब्जे की शिकायत कलेक्टर से की है। उन्होंने बताया कि दूजराम द्वारा पक्का मकान बनाकर रास्ता अवरूद्ध कर बंद कर दिया गया है। रास्ता बाधित होने के कारण आवाजाही में उन्हें एवं ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मामले को संबंधित अधिकारी को सौंपते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

BSP में टर्बाइन ब्लास्ट: 8 मजदूर जख्मी, पीछे के रास्ते से सुरक्षित निकाले गए कर्मचारी

दुर्ग. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट में आज आग लगने से मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना में 8 मजदूरों को चोटें आई है। घटना की सूचना पर आधा दर्जन से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची है। उच्च अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टर्बाइन में ब्लास्ट हुआ, फिर आग फैलती गई। इसकी चपेट में कुछ कर्मचारी आए हैं। पीछे के रास्ते से बीएसपी कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल सके। दो बीएसपी कर्मचारी और तीन ठेका श्रमिक को हल्की चोट आई है। एक बीएसपी कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हुआ है। घालयों का प्राथमिक उपचार मेन मेडिकल पोस्ट में करने के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। यहां एक्सरे, ईसीजी आदि किया जा रहा है। केबल के सहारे उतकर मजदूरों ने बचाई जान पीबीएस 2 में आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल सका है। आग की चपेट में 2 नियमित कर्मचारी और 8 ठेका मजदूर आए थे। चारों तरफ से आग ने घेर लिया था। किसी तरह जान बचाने के लिए ऊपर-नीचे भागते रहे, लेकिन रास्ता नहीं मिला। छत पर भी गए, लेकिन वहां धुआं से कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद केबल को खोलकर विंडो में बांधा गया। इसके सहारे सबको बारी-बारी से नीचे टीन शेड पर उतारा गया। इस तरह सबकी जान बच सकी। सेक्टर 9 हॉस्पिटल में चल रहा घायलों का इलाज केबल से हथेली रगड़ खाने से छिल गई है, जिससे कर्मचारी जख्मी हुए हैं। एक कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया है। घायलों का प्राथमिक उपचार मेन मेडिकल पोस्ट में करने के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल लाया गया है। घायलों में कीर्ति कुमार भगत, महेंद्र कुशवाहा, महेंद्र जायसवाल, वैभव, ओमेंद्र कुमार तिस्दा, सुशांत, मनीष, अवधेश और शिव मोहन त्रिपाठी शामिल हैं।

बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण: ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर पीएम मोदी से चर्चा

बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण : ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से चर्चा प्रधानमंत्री से मुलाकात में नक्सलवाद समाप्ति पर आभार, बस्तर के समग्र विकास की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से भेंट कर बस्तर के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संकल्प और मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद राज्य सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार सृजन और जनजीवन को सशक्त बनाने पर है। इसके तहत बस्तर रोडमैप 2.0 में एग्रो एवं एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना की सफलता पर प्रधानमंत्री ने जताई प्रसन्नता मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बस्तर में अब तक किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज की रणनीति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इससे गंभीर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत किए गए कार्यों का नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। सर्वे के अनुसार 93 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं, जहाँ 97 प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश एवं पुस्तकें मिल रही हैं। 97 प्रतिशत गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि अधिकांश गांव आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े हैं और 89 प्रतिशत ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। मार्च 2026 तक राशन कार्ड एवं आधार कार्ड का संतृप्तिकरण 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। कनेक्टिविटी, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत ‘नियद नेल्ला नार योजना’ का विस्तार करते हुए अब इसमें 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें बस्तर के 7 जिलों के साथ गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना प्रारंभ की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर संचालित है। साथ ही, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। नक्सल-मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपए तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई के क्षेत्र में तेजी से विस्तार मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी अब सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिससे कृषि और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। आजीविका उन्नयन और आय वृद्धि पर केंद्रित रणनीति मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और हितग्राहियों को एनआरएलएम, सहकारी समितियों, एफपीओ एवं वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा। साथ ही, ‘बस्तर मुन्ने’ नामक संतृप्तता शिविर कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री को बस्तर आने का दिया न्यौता मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी  से विशेष स्नेह रखती है और प्रधानमंत्री का भी इस क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए रेल एवं सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह भेंट अत्यंत उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।

CG में स्वाइन फीवर अलर्ट: 200 सूअरों की मौत के बाद हड़कंप, संक्रमित फार्म को किया गया सील

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से कई सूअरों की मौत की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, नारधा-मुड़पार गांव के एक सूअर फार्म में इस खतरनाक वायरस के कारण लगभग 200 से अधिक सूअरों की मौत हो गई। संक्रमण की पुष्टि होते ही पशुपालन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बचे करीब 150 सूअरों को भी इंजेक्शन देकर मार दिया और सभी को वैज्ञानिक तरीके से दफना दिया। दरअसल 29 मार्च को सभी सुअरों के सैंपल लिए गए थे और एक अप्रैल से सूअरों की मौत शुरू हो गई थी। 6 अप्रैल तक अधिकांश सूअर मर चुके थे। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग की टीम पीपीई किट पहनकर मौके पर पहुंची और पूरे फार्म को खाली कराकर सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई। संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक अत्यंत घातक वायरल बीमारी है, जिसमें सूअरों की मृत्यु दर लगभग 100 प्रतिशत होती है। इसका कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि यह इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन संक्रमित मांस के सेवन से बचने की सलाह दी गई है। आसपास इलाके में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी यह फार्म क्षेत्र में पोर्क सप्लाई का प्रमुख केंद्र था, जहां से अन्य जिलों और राज्यों में मांस भेजा जाता था। जिला प्रशासन ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अन्य जिलों में भी सतर्कता जारी कर दी गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

सीएम साय ने पीएम मोदी को भेंट की ‘माता कौशल्या के राम’ बेल मेटल कलाकृति, श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित छत्तीसगढ़

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार सेवा, संस्कार और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

अप्रैल में राशनकार्डधारियों को मिलेगा केरोसिन, 528 किलोलीटर का आबंटन जारी

रायपुर  प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के तहत अप्रैल 2026 के लिए केरोसिन का आबंटन जारी कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केंद्र सरकार से प्राप्त प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के कोटे में से 528 किलोलीटर केरोसिन राशनकार्डधारियों के लिए आवंटित किया है। यह केरोसिन उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के सभी राशनकार्डधारियों को इसका लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर और ग्रामीण क्षेत्रों (अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित) में अधिकतम 2 लीटर केरोसिन दिया जाएगा। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि केरोसिन का समय-सीमा में उठाव और वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार कर हितग्राहियों को उनकी पात्रता की जानकारी देने को कहा गया है। जिन उचित मूल्य दुकानों में केरोसिन की मांग कम है, वहां शेष स्टॉक को जरूरत वाले दुकानों में पुनः आबंटित किया जाएगा। इससे किसी भी क्षेत्र में केरोसिन की कमी न हो और सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा मिल सके। अप्रैल माह के लिए आवंटित केरोसिन का उठाव 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से करना होगा। वहीं, ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लैप्स कोटा की जानकारी 30 अप्रैल तक विभाग को उपलब्ध कराएं। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले कोे सर्वाधिक 36 किलोलीटर, बस्तर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, रायपुर और जशपुर जिले को 24-24 किलोलीटर तथा राज्य के अन्य शेष जिलों को 12-12 किलोलीटर केरोसिन आबंटित किया गया है।

जाम से मिलेगी छुटकारा: छत्तीसगढ़ में बनेंगे 9 बायपास, 448 करोड़ की योजना स्वीकृत

रायपुर. मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा तेज व सुव्यवस्थित यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ बायपास सड़कों के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने स्थानीय लोगों की मांगों व जरूरतों को देखते हुए इन बायपास सड़कों के लिए प्राथमिकता से राशि मंजूर करने के निर्देश दिए थे। रायगढ़ जिले में 6 किमी का बायपास लोक निर्माण विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में तमनार बायपास मार्ग के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 6 किमी बायपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास मार्ग) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपये मंजूर किए हैं। खरसिया के बायपास क्रमांक-3 कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। धमतरी जिले में 4 किमी का बायपास विभाग ने धमतरी जिले में 4 किमी लंबाई के भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपये तथा 1.50 किमी लंबाई के नारी बायपास मार्ग के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपये मंजूर किए हैं। बलौदाबाजार में लटुवा, पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बलौदाबाजार बायपास सड़क के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपये एवं 7 किमी लंबे रिसदा बायपास मार्ग के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। बिलासपुर में 13.40 किमी का बायपास लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपये और बेमेतरा जिले में 1.20 किमी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपये की भी मंजूरी दी है। ट्रैफिक का दबाव कम करने निर्माण उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि, “राज्य शासन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, तेज और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे आवागमन और अधिक स्मूथ, तेज एवं व्यवस्थित होगा। हम प्रदेश के समग्र विकास के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क अधोसंरचना लगातार विकसित कर रहे हैं।”