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सुरक्षित मातृत्व की दिशा में बड़ा कदम: बस्तर में शुरू हुआ ‘रेड कॉल सेंटर’, हर डिलीवरी होगी मॉनिटर

जगदलपुर. बस्तर जिले में सुरक्षित मातृत्व की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन और यूनिसेफ़ ने एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठी पहल की शुरुआत की है. सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में महारानी अस्पताल में ‘रेड (रिचिंग एवरी डिलिवरी) कॉल सेंटर’ का विधिवत शुभारंभ किया गया. इस गौरवपूर्ण क्षण को और भी विशेष बनाते हुए कलेक्टर ने स्वयं पहल की और अस्पताल में उपस्थित एक नवजात शिशु की माता को सादर आमंत्रित कर उनके हाथों से ही इस केंद्र का उद्घाटन करवाया. यह हृदयस्पर्शी दृश्य इस सशक्त संदेश का प्रतीक बना कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्त सरकारी योजनाएं वास्तव में माताओं के समर्पण के लिए हैं और उनकी सक्रिय सहभागिता ही इन प्रयासों को सफल बनाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत संचालित “हरिक मांय, हरिक पिला”(खुश मां, खुश बच्चा) पहल के माध्यम से अब बस्तर की हर गर्भवती महिला तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, जैसा कि इसके नाम ‘रेड’ यानी ‘रिचिंग एवरी डिलिवरी’ से स्पष्ट होता है. महारानी अस्पताल परिसर में स्थित इस हाई-टेक कॉल सेंटर के जरिए जिले की उन महिलाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनकी गर्भावस्था 7 से 9 माह के बीच है और जो उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं. सेंटर के प्रतिनिधि सप्ताह में एक से दो बार इन महिलाओं से सीधे फोन पर संपर्क साधेंगे, जिसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव के फायदों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित करने में हरसंभव सहायता प्रदान करना है. प्रशासन की यह दूरगामी योजना केवल प्रसव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जन्म के उपरांत भी सुरक्षा कवच की तरह कार्य करेगी. प्रसव के बाद के शुरुआती 30 दिनों तक माँ और नवजात शिशु की सेहत की बारीकी से निगरानी की जाएगी. इस दौरान कॉल सेंटर के माध्यम से नियमित फॉलो-अप लिया जाएगा ताकि प्रसव पश्चात होने वाली किसी भी संभावित स्वास्थ्य संबंधी जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके और त्वरित चिकित्सकीय समाधान सुनिश्चित किया जा सके. स्वास्थ्य और तकनीक के इस अनूठे संगम से बस्तर प्रशासन का विजन प्रत्येक प्रसव को सुरक्षित बनाना और जिले में स्वस्थ मातृ-शिशु परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है.

टेक्नोलॉजी और टीमवर्क का कमाल: ‘ऑपरेशन तलाश’ से 192 परिवारों को मिला अपना खोया सदस्य

भिलाई नगर. दुर्ग में गुम हुए 192 लोगों को पुलिस ने उनके परिवार से मिलाया। 13 दिन तक जिले और राज्य के अलग-अलग जगहों से ढूंढने की कार्रवाई चली। दुर्ग पुलिस के किए गए प्रयासों से न केवल जिले में बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों से भी गुम इंसान को खोज निकाला। इन लोगों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। इसके बाद कई घरों में खुशी लौट आई। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिला दुर्ग में 1 से 13 अप्रैल तक गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष अभियान ऑपरेशन तलाश चलाया। अभियान के दौरान जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में विशेष टीमों का गठन कर खोजबीन की। पुलिस ने इसके लिए तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया । सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर गुमशुदा लोगों तक पहुंच बनाई गई। कई मामलों में पुलिस को दूसरे जिलों और राज्यों की पुलिस से भी मदद लेनी पड़ी। बेहतर तालमेल के कारण इन मामलों में तेजी से कारवाई हो सकी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई लोग ऐसे थे जो किसी कारण से घर छोड़कर चले गए थे, जबकि कुछ मामलों में परिवार वालों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। ऐसे में पुलिस की टीमों ने लगातार कोशिश करते हुए उन्हें खोज निकाला। इस अभियान के दौरान कुल 192 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित बरामद किया गया। इनमें 05 बालक, 09 बालिकाएं, 127 महिलाएं एवं 51 पुरुष शामिल हैं। इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने न सिर्फ शहर में बल्कि आसपास के इलाकों और दूसरे राज्यों में भी जाकर तलाश की। हर सुराग को गंभीरता से लिया गया और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। गुमशुदा लोगों के मिलने के बाद जब उन्हें उनके परिवारों से मिलाया गया, तो कई भावुक पल भी देखने को मिले। दुर्ग पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी चलाए जाएंगे।

महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के लिए अलर्ट: 30 जून तक ई-केवाईसी जरूरी, चॉइस सेंटर पर हो रहा अपडेट

भिलाई नगर. महतारी वंदन योजना के तहत जिन महिलाओं के खाते में राशि आ रही हो या नहीं आ रही हो अब सभी महिलाओं को 30 जून के पहले ई-केवाईसी करना अनिवार्य हो गया है। उक्त कार्य की जिम्मेदारी चॉइस सेंटर को दी है। 3 अप्रैल से इस कार्य की शुरुआत कर दी गई है। इस कार्य की मॉनिटरिंग कार्यालय परियोजना अधिकारी को सूची एवं आईडी दी गई है, जिसके तहत जिस महिलाओं के ऑनलाइन के दौरान किसी भी तरह की हुई त्रुटि सुधार के लिए बाल विकास परियोजना में जाकर सुधार किया जा सकता है। इस योजना को शुरू करने के दौरान भिलाई नगर निगम में ऑनलाइन के कार्य किए गए हैं। दिन रात कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्य में कई त्रुटियां हुई है। अब उन त्रुटियों के सुधार के साथ-साथ जिस महिला को योजना का लाभ दिया जाना है। उस महिला तक शासन की योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी भी पुष्टि शासन स्तर पर की जा रही है। 30 जून तक की समय सीमा 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की जाती है, तो लाभार्थी की अगली किश्त रोक दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 3 अप्रैल से इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

डिजिटल हुआ विधायक निधि प्रबंधन: पोर्टल के जरिए होंगे सभी काम, जिलों में दी जा रही ट्रेनिंग

दुर्ग. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमएलएएलएडीएस) की संपूर्ण प्रक्रिया को 1 अप्रैल से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने के लिए दुर्ग संभाग के सभी जिलों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) के राधाकृष्णन हॉल में दिया गया। संचालनालय योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक डी. एस. वर्मा एवं संतोष राय ने विधायक निधि की पारदर्शी डिजिटल रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि सांसद निधि के कार्यों के लिए ई साक्षी पोर्टल का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अनुशंसा प्राप्त करना, स्वीकृति जारी करना और आदेश करना जैसे कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब विधायक निधि के कार्यों को भी इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से रायपुर में इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा था और अब इसे सभी जिलों में लागू कर दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि नई प्रणाली लागू होने पर प्रारंभ में अनेक प्रकार की शंकाएं होती है, लेकिन ये बदलाव प्रशासनिक कार्यों को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए किए जाते हैं। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण देते हुए बताया कि इससे सभी विभागों में कार्यप्रणाली में तेजी और सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि की स्वीकृति और राशि जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी । उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रक्रिया को बारीकी से समझने को कहा, ताकि प्रणाली का क्रियान्वयन प्रभावी और सुचारू रूप से किया जा सके।

सक्ती हादसा: CM साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार की राहत राशि की घोषणा की

CM साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की  कमिश्नर बिलासपुर को जांच के  दिए आदेश रायपुर सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5  लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

वेदांता पावर प्लांट हादसे पर उद्योग मंत्री ने जताया गहरा शोक

रायपुर  वाणिज्य, उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना में जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मंत्री देवांगन ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उद्योग मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है तथा घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध श्रम क़ानून के अंतर्गत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट, 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 30 घायल

नई दिल्ली.  सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में 9 मजदूरों की मौत हो गई है।  जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। हादसे में करीब 30 से मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ की स्थिति बन गई थी, कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। बॉयलर के ट्यूब फटने हादसा- पुलिस पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ मजदूरों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।  

Fake Medicine Racket: खाद्य एवं औषधि विभाग की रेड, अवैध व्यापार करने वाले पकड़े गए

रायपुर. खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा राज्य में नकली दवाओं के अवैध व्यापार के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कुछ माह पूर्व नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगाँव से नकली दवाओं की जप्ती के प्रकरण में एक बड़ी कार्यवाही की गई थी। जांच के दौरान इस संगठित सप्लाई चेन में संलिप्त आरोपियों—रोचक अग्रवाल (बिजरासन मेडिकोज, इंदौर), सुरेंद्र कामनानी (प्रेम प्रकाश एजेंसी, भाटापारा) एवं खेमराज बानी (सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़) की भूमिका सामने आई, जिन्हें रायपुर में कल सोमवार को गिरफ्तार किया गया। उक्त प्रकरण की कड़ी में सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़ में दिनांक दिसंबर माह में  विभाग द्वारा विस्तृत जांच एवं जब्ती की कार्यवाही की गई थी । निरीक्षण के दौरान संदिग्ध एवं नकली औषधियों के भंडारण एवं वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए थे,  जिन्हें विधिवत जप्त कर जांच में सम्मिलित किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तथा इस अवैध व्यापार के अन्य राज्यों से जुड़े होने की संभावना के आधार पर विभागीय टीम द्वारा अंतरराज्यीय जांच एवं विवेचना भी की गई। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों एवं नेटवर्क की भूमिका का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। वर्तमान में प्रकरण में नियमानुसार अभियोजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभाग द्वारा प्रकरण से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं संस्थानों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि वे दवाओं की खरीद केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें। नकली दवाओं के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय बोले—संविधान की भावना हर नागरिक तक ले जाना हमारी जिम्मेदारी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर   आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।  इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा,  छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।