samacharsecretary.com

विकसित भारत की कल्पना साकार हो रही है, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ आसान

विकसित भारत की कल्पना हो रही है साकार, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से राह हुई आसान रायपुर गाँव में कभी बस की पहुँच नहीं थी, आज वहाँ बस के आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। सड़क पर बस दिखते ही बच्चे हाथ हिलाकर खुशी जाहिर करते हैं और हॉर्न की आवाज़ सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आते हैं—एक नई उम्मीद के साथ। यह उम्मीद अब शहर मुख्यालय, नगर मुख्यालय और विकासखंड मुख्यालय तक आसान पहुँच की है।             यात्री बस में बैठकर लोग उन दिनों को याद करते हैं, जब उन्हें पैदल या किसी निजी वाहन के सहारे दूसरे स्थानों तक जाना पड़ता था। अब हालात बदल चुके हैं। स्कूल के बच्चे समय पर स्कूल पहुँच रहे हैं, वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुँच पा रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ़ सुविधा का नहीं, बल्कि उन ग्रामीण परिवारों के सपनों का है जो विकसित भारत की कल्पना को अपने जीवन में साकार होते देख रहे हैं।             यह परिवर्तन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से संभव हो पाया है। इस योजना के तहत आज बसें उन गाँवों तक पहुँच रही हैं, जहाँ पहले कभी बस नहीं पहुँची थी। पहाड़ी अंचल की महिलाओं को मिली राहत            जशपुर जिला के बगीचा विकासखंड के सन्ना निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता निकुंज बताती हैं कि पहले उन्हें पास के गाँव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने के लिए किसी से लिफ्ट लेनी पड़ती थी, निजी वाहन या पैदल जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह बहुत कठिन था। अब ग्रामीण बस से उनकी यह समस्या दूर हो गई है। वे कहती हैं, “यह बस मेरे लिए बहुत बढ़िया साधन बन गई है।” ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान          बस में सफर कर रहे ग्राम मरंगी निवासी श्री दशरथ भगत हँसते हुए बताते हैं कि पहले इस सड़क पर बस नहीं चलती थी, इसलिए पैदल ही आना-जाना करना पड़ता था। बस का नाम लेते ही उसका चेहरा खिल गया l उन्होंने बताया कि “अब मुख्यमंत्री जी की पहल से बस शुरू हो गई है। हम आसानी से बगीचा जाते हैं और समय पर वापस भी लौट आते हैं।”        यात्री श्री मंगलराम बताते हैं कि पहले वे छिछली और चंपा जैसे बाजारों तक पैदल जाया करते थे। “अब बस आने से बहुत सुविधा हो गई है। हम सब बहुत खुश हैं।”            मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से न केवल यात्रा सुगम हुई है, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने में भी बड़ी सुविधा मिली है। यह योजना ग्रामीण जीवन को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है और जशपुर जैसे पहाड़ी व दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई राह खोल रही है।

विद्यार्थियों ने देखा लोकतंत्र का केंद्र, राज्यपाल रमेन डेका से की खास मुलाकात

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर प्रदेश के सर्वाेच्च संवैधानिक कार्यालय ‘‘लोकभवन‘‘ की कार्यप्रणाली से अवगत कराने और यहां की कार्यालयीन गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में आज डी.पी.एस. स्कूल के विद्यार्थियों ने आज लोकभवन का भ्रमण किया और राज्यपाल  रमेन डेका से आत्मीय मुलाकात की।  डेका ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें जरूरी मार्गदर्शन प्रदान किए।            डेका ने कहा कि विद्यार्थी जीवन बहुत सुंदर होता है। इसका सदुपयोग करें तभी सफलता मिलेगी। जीवन के सभी निर्णयों को सोच-समझकर ठंडे दिमाग से लेना चाहिए। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। हर विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर नहीं बन सकता बल्कि अनेक क्षेत्र हैं जहां अपना कैरियर बना सकते है।             डी.पी.एस. स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 51 छात्र और 25 छात्राओं की टोली ने अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ लोकभवन का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिक व कार्यालयीन महत्ता को जाना और समझा। उन्हें लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी, सचिवालय की विभिन्न शाखाओं और हरे-भरे उद्यान का भ्रमण कराया गया और इन स्थानों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।           भ्रमण एवं अवलोकन के बाद विद्यार्थियों ने बताया कि लोकभवन में आकर उन्हें नया अनुभव हो रहा है। पहली बार वे राज्यपाल से मिले हैं साथ ही यहां की संरचना, हरियाली देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई है।

बिराजपाली में हर घर जल योजना से आई क्रांति, नल से जल से जीवन में आई सरलता

हर घर जल से बदली बिराजपाली की तस्वीर, हर घर में नल से जल पहुंचने से जीवन हुआ आसान रायपुर  महासमुंद जिलें के पिथौरा विकासखंड का ग्राम बिराजपाली आज “हर घर जल” के लक्ष्य का हासिल कर लिया है। कभी पेयजल के लिए हैंडपंप और दूरस्थ स्रोतों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीण अब घर बैठे स्वच्छ पानी का लाभ उठा रहे हैं। इस सुविधा ने न केवल उनकी दिनचर्या को सरल बनाया है, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। ग्राम बिराजपाली में 21 फरवरी 2026 को “हर घर जल” का सफल प्रमाणीकरण किया गया। योजना के तहत गांव के 182 घरों को नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे प्रत्येक परिवार तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 94.27 लाख रुपये की लागत से 40 किलोलीटर क्षमता की ओवरहेड टंकी का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही करीब 2270 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। गांव में 13 हैंडपंप और 3 पावर पंप भी उपलब्ध हैं, जो जल स्रोतों को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करते हैं। योजना के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल समिति का गठन किया गया है, जो प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर के रूप में संग्रहित कर रही है। इस उपलब्धि में सरपंच श्री एतराम साहू और सचिव श्रीमती पुष्पलता चौहान के नेतृत्व तथा ग्रामीणों के सहयोग की अहम भूमिका रही है। श्रीमती श्याम बाई बताती हैं कि अब पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। यह सुविधा उनके दैनिक जीवन में एक सुखद बदलाव बनी है।

मोदी सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और कूटनीतिक विफलता के कारण महंगाई चरम पर-कांग्रेस

मोदी सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और कूटनीतिक विफलता के कारण महंगाई चरम पर-कांग्रेस मनेन्द्रगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और कमजोर कूटनीति के कारण देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। प्रेस वार्ता में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 195 रुपये की बढ़ोतरी की है, जबकि पिछले तीन महीनों में कुल 525 रुपये तक की वृद्धि हो चुकी है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में हालिया 62 रुपये की बढ़ोतरी ने आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे अधिक असर गरीब एवं मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज घटाने का प्रचार केवल भ्रम फैलाने के लिए किया गया है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविकता में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि जारी है और कई स्थानों पर यह बढ़ोतरी 4 रुपये तक दर्ज की गई है। एविएशन फ्यूल महंगा होने से हवाई यात्रा भी आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। जिला महामंत्री रफीक मेमन ने कहा कि खाद्य तेल, दूध, मावा सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी के किचन का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर, जो कभी 400 रुपये में महंगा माना जाता था, आज 900–1000 रुपये तक पहुंच चुका है, वहीं कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1580 रुपये से बढ़कर 1691 रुपये हो गए हैं। जिला महामंत्री पूनम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है, जबकि आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों और सार्वजनिक उपक्रमों का लाभ सीमित लोगों तक केंद्रित किया जा रहा है, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। महंगाई का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है, जिससे घर चलाना कठिन होता जा रहा है। जिला प्रवक्ता भावेश जैन ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने हर परिवार का बजट बिगाड़ दिया है और सरकार इस पर नियंत्रण करने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शुरू की गई मनरेगा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह गरीबों के रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसे वर्तमान सरकार ने कमजोर कर दिया है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के कारण युवाओं का भविष्य संकट में है और सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई अब आम जनता के लिए “भाजपा निर्मित आपदा” बन चुकी है। रेलवे टिकट से लेकर स्कूल-कॉलेज फीस तक हर क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं बैंक भी विभिन्न सेवा शुल्क के माध्यम से खाताधारकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। अंत में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बढ़ती महंगाई पर तत्काल नियंत्रण किया जाए, पेट्रोल-डीजल एवं गैस की कीमतों में राहत दी जाए तथा आम जनता को आर्थिक राहत प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

केंद्र सरकार के फैसलों पर भड़की राधा सरकार: महंगाई से कराह रही जनता को मिला सिर्फ दिखावटी राहत

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नए वित्त वर्ष की शुरुआत आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत नहीं, बल्कि महंगाई के नए झटके के रूप में सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती के दावे के बीच जमीनी हकीकत को लेकर महिला कांग्रेस की महामंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि श्रीमती राधा सरकार ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कदम को “सिर्फ दिखावटी राहत” करार देते हुए कहा कि आम लोगों को इसका कोई ठोस लाभ नहीं मिल रहा है। श्रीमती राधा सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार भले ही टैक्स में कटौती का दावा कर रही हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि तेल कंपनियों और राज्य सरकारों के विभिन्न करों के चलते उपभोक्ताओं तक राहत बेहद सीमित रह जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय केवल जनता को भ्रमित करने के उद्देश्य से लिया गया है, जबकि महंगाई से जूझ रही जनता को वास्तविक राहत देने के लिए व्यापक और प्रभावी कदमों की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर गहरा असर डाला है। परिवहन लागत में वृद्धि के कारण खाद्य पदार्थों सहित रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे महंगाई ने आम जीवन को कठिन बना दिया है। इसी बीच, नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (19 किलोग्राम) सिलेंडरों की कीमतों में ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। यह वृद्धि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते की गई है, जिससे व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। राधा सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए केवल प्रतीकात्मक कदमों से आगे बढ़कर ठोस और दीर्घकालिक नीतियां बनाई जाएं, ताकि आम जनता और व्यापारियों को वास्तविक राहत मिल सके।

जनसेवा के पुरोधा को नमन, बाबूजी बिसाहू दास महंत की प्रतिमा पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ की राजनीति के प्रेरणास्रोत और जनसेवा के पर्याय रहे स्वर्गीय बिसाहू दास महंत जी की स्मृति में मनेन्द्रगढ़ के सुरभि पार्क में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरो, डॉ. विनय जायसवाल, श्रीमती अंबिका सिंहदेव, वरिष्ठ कांग्रेसी रमेश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रभा पटेल, पूर्व उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार केसरवानी, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष रामनरेश पटेल, शहरी ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा में डॉ. चरणदास महंत ने भावुक शब्दों में कहा कि बाबूजी का पूरा जीवन संघर्ष, सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने न केवल राजनीतिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए, बल्कि समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया। उनके विचार और सिद्धांत आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने बाबूजी के योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे वातावरण में श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला, जहां हर आंख नम थी और हर दिल में उनके प्रति अपार आदर झलक रहा था। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बिसाहू दास महंत जी केवल एक नेता नहीं, बल्कि जन-जन के दिलों में बसने वाले युगपुरुष थे, जिनकी स्मृतियां सदैव अमर रहेंगी।

आस्था की अद्भुत परंपरा: रायपुर में भगवान को चिट्ठी चढ़ाकर मांगते हैं वरदान

रायपुर. राजधानी रायपुर में हनुमान जी का एक अद्भुत और अनोखा मंदिर है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं कागज पर लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। इसी कारण यह स्थान “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के नाम से प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि यहां लिखकर दी गई प्रार्थनाओं को हनुमान जी विशेष रूप से स्वीकार करते हैं और भक्तों की समस्याएं दूर करते हैं। बताया जाता है कि यहां चिट्ठी लिखने के एक साल के भीतर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। “चिट्ठी वाले हनुमान जी” मंदिर बूढ़ातालाब के पास कैलाशपुरी और टिकरापारा जाने वाले मोड़ पर स्थित है। मंदिर के पुजारी नरेंद्र चौबे के अनुसार, पिछले चार-पांच वर्षों से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंच रहे हैं और प्रसाद, फल-फूल के साथ अपनी चिट्ठियां भी अर्पित कर रहे हैं। मंदिर में आने वाले भक्त नौकरी, धन-समृद्धि, कर्ज से मुक्ति, परिवार में शांति और अन्य मनोकामनाएं एक कागज पर लिखकर हनुमानजी के चरणों में समर्पित करते हैं, जो सालभर के भीतर पूरी हो जाती है। कई श्रद्धालुओं ने यह अनुभव साझा किया है कि उनकी मनोकामनाएं सालभर में पूरी हुई है। रोज सुबह भक्तों की लगती है भीड़ मंदिर में रोजाना सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रहती है, खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष भीड़ देखने को मिलती है। स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर अब गहरी आस्था का केंद्र बन चुका है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग अपनी उम्मीदों और विश्वास के साथ “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के दरबार में हाजिरी लगाते हैं।

हाईकोर्ट सख्त: जग्गी केस में अमित जोगी को तीन सप्ताह में आत्मसमर्पण करना होगा

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी करार दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच ने यह अहम फैसला सुनाया है। इससे पहले कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले को हाईकोर्ट में रीओपन किया गया। मामले की जांच करने वाली एजेंसी सीबीआई ने कोर्ट में 11 हजार पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी। इसी विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर अमित जोगी पर भी चार्ज लगाए गए थे और आज अंतिम सुनवाई के बाद उन्हें दोषी माना गया है। अब उन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करना होगा, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान स्व. रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की हत्या एक राजनीतिक साजिश थी। सीबीआई ने 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें हत्या से जुड़े पर्याप्त सबूत शामिल हैं। इधर हाईकोर्ट के फैसले पर अमित जोगी ने कहा कि कोर्ट ने बिना पूरी सुनवाई का मौका दिए दोषी करार दिया, जो उनके लिए अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। 2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है वहीं इस मामले में अमित जोगी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि आज उच्च न्यायालय ने बिना सुनवाई का अवसर दिए मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया। मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है। अमित जोगी ने कहा, अदालत ने मुझे 3 सप्ताह के अंदर सरेंडर करने का समय दिया है। मुझे लगता है कि मेरे साथ गंभीर अन्याय हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुझे न्याय अवश्य मिलेगा। मैं न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखता हूं। मैं पूर्ण शांति, आस्था और धैर्य के साथ आगे बढ़ रहा हूं। सत्य की जीत अवश्य होगी। प्रिय मित्रों और शुभचिंतकों 🙏 आज माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे विरुद्ध CBI की अपील को मात्र 40 मिनट में स्वीकार कर लिया- बिना सुनवाई का अवसर दिए। मुझे खेद है कि जिस व्यक्ति को अदालत ने दोषमुक्त किया था, उसे बिना सुनवाई का एक भी अवसर दिए दोषी करार दिया गया। यह अप्रत्याशित है।… – 𝐀𝐦𝐢𝐭 𝐀𝐣𝐢𝐭 𝐉𝐨𝐠𝐢 (@AmitJogi) April 2, 202

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा अभियान: जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचेंगे

रायपुर. भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 6 से 14 अप्रैल तक “गांव चलो अभियान” चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और सांसद गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे। अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनके साथ डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे। पार्टी की योजना के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 गांवों का चयन किया गया है, जहां जनप्रतिनिधि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के प्रयास करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है। तीन से चार गांवों में हर सांसद-विधायक जाएगा हर सांसद और विधायक को तीन से चार गांवों में जाना होगा। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर तैयारी बैठक, उसमें अपेक्षित श्रेणी सहित अन्य तमाम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह देश में विकास की राजनीति का आगाज किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाना है। भाजपा का राजनीति मॉडल शोध का विषय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी का 46वां स्थापना दिवस हम सबको पूरे जोश के साथ मनाना है। इस मौके पर कार्यालयों से लेकर अन्य स्थानों पर पार्टी के झंडे फहराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने विकास की राजनीति का जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वो वैश्विक स्तर पर शोध का विषय है। हर जिले में होंगे सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे और ग्रामीण प्रतिभाओं का सम्मान होगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। भाजपा ने बुधवार को 5 से 12 अप्रैल तक अपना 46वां स्थापना दिवस भव्य पैमाने पर मनाने का फैसला किया। 5 से 7 अप्रैल तक, पार्टी के पदाधिकारी दफ़्तरों को सजाएंगे और 6 अप्रैल को सभी दफ़्तरों में एक 'विकास यात्रा' निकाली जाएगी। बताया जा रहा है कि स्थापना दिवस कार्यक्रमों को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, कई जोनों में क्षेत्रवार कार्यक्रम प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है। इस पहल के तहत, पंचायत स्तर और उससे ऊपर के जन प्रतिनिधियों सहित पार्टी कार्यकर्ता, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख गांवों का दौरा करेंगे ताकि लोगों के साथ संबंधों को मज़बूत किया जा सके।

निरीक्षण में खुली लापरवाही: राज्य खाद्य आयोग का विभागों पर कड़ा रुख

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं. इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं. आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई. निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था. बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई. 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें. आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति पोषण ट्रैकर में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया. उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए. मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई. आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है. इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को मेस प्रभारी बनाने का सुझाव दिया गया. साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं. वहां जल्द सुधार करना जरूरी है. बैठक में आयोग के सदस्य राजेंद्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.