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छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट की शुरुआत, दुनियाभर के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

रायपुर  छत्तीसगढ़ को वैश्विक गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने के लिए जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट का आयोजन करने की तैयारी चल रही है। यह आयोजन नवा रायपुर में किया जाएगा। इसके लिए  वल्र्ड प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के सीईओ अमन दीप जोहल ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुबोध कुमार ङ्क्षसह से मुलाकात की और आयोजन के लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अंकित आनंद और छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य सचिव रजत कुमार भी मौजूद थे। गोल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर छत्तीसगढ़ में गोल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास करने पर जोर दिया गया। अमन दीप जोहल ने अधिकारियों को प्रोपीजीटीआई कैलेंडर के विस्तार और गोल्फ से पर्यटनए आतिथ्य और रोजगार के क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले अवसरों की जानकारी दी। राज्य को गोल्फ और इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने, स्पोट््र्स टूरिज्म को बढ़ावा देने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। राज्य में नए गोल्फ कोर्स अधोसंरचना के विकास से रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन का सफल आयोजन नवा रायपुर के भारतीय पेशेवर गोल्फ सर्किट पर एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरने को रेखांकित करता है, और यह खेल के अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़ते प्रसार को भी दर्शाता है। बैठक में राज्य में नए गोल्फ कोर्स और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई, जिससे खेल पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं, आतिथ्य और संबंधित क्षेत्रों को समर्थन मिल सकता है, और छत्तीसगढ़ को पेशेवर गोल्फ के लिए भविष्य के गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सकता है। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन का सफल आयोजन नवा रायपुर के भारतीय पेशेवर गोल्फ सर्किट पर एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरने को रेखांकित करता है, और यह खेल के अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़ते प्रसार को भी दर्शाता है। नवा रायपुर में ओपन गोल्फ चैंपियनशिप  रायपुर के फेयरवे गोल्फ एंड लैक रिज़ॉर्ट में छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन का आयोजन रायपुर में होने जा रहा है, जिसमें देश विदेश के 126 खिलाड़ी शामिल होंगे। यह टूर्नामेंट PGTI का 2026 सीजन का पहला टूर्नामेंट होगा, जो 3 से 6 फरवरी तक नया रायपुर के शानदार फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में खेला जाएगा।इस इवेंट के लिए प्राइज मनी जो पिछले साल पहले एडिशन में 1 करोड़ रुपये थी, इस साल दूसरे एडिशन के लिए बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। नवा रायपुर मेें वैश्विक गोल्फ टूर्नामेंट नवा रायपुर में आने वाले दिनों में गोल्फ का वैश्विक स्तर का टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इसके लिए यहां विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकसित की जाएगी। गुरुवार को प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के अध्यक्ष व पद्म भूषण कपिल देव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ चर्चा की और नवा रायपुर में विश्वस्तरीय गोल्फ सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। कविल देव ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में गोल्फ को आगे बढ़ाने के लिए एक अहम साझेदारी के तहत नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गोल्फ सुविधाएं विकसित करने का अनुरोध किया, जिससे आने वाले समय में यहां वैश्विक स्तर के टूर्नामेंट आयोजित किए जा सके। बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप स्तर का गोल्फ कोर्स विकसित करने के प्रस्ताव पर विशेष रूप से विचार किया गया। 

धमतरी का डंका: पंचायत विकास सूचकांक में मंदरौद ग्राम पंचायत प्रदेश में अव्वल

रायपुर       ​ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में धमतरी जिले ने एक नया इतिहास रचा है। राज्य सरकार द्वारा जारी पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, धमतरी जिले की ग्राम पंचायतों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि कुरूद विकासखंड की मंदरौद ग्राम पंचायत के नाम रही है, जिसने 'गरीबी मुक्त एवं आजीविका संवर्धन' (थीम-1) में 94.4 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ​सतत विकास के मॉडर्न मॉडल के रूप में उभरा धमतरी ​PDI रैंकिंग में केवल मंदरौद ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य पंचायतों ने भी अपनी छाप छोड़ी है। 'स्वस्थ पंचायत', 'जल संपन्न पंचायत' और 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' जैसी श्रेणियों में जिले की कई पंचायतों ने A+ और A ग्रेड प्राप्त कर यह साबित किया है कि यहाँ शासन की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं। ​"पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा"     ​ इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन ने हर्ष व्यक्त किया है।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री ​ विजय शर्मा  मंत्री ने मंदरौद पंचायत को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। मंदरौद की सफलता प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत और नवाचार का मॉडल बनेगी।विधायक ​ अजय चंद्राकर ने इस जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि बयह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और जागरूक ग्रामीणों की मेहनत का फल है। धमतरी विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को पारदर्शी प्रशासन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और यह रैंकिंग उसी दिशा में एक मील का पत्थर है। ​सफलता के पीछे के मुख्य कारक ​मंदरौद और धमतरी की अन्य पंचायतों की इस सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं। सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना। विकास कार्यों में ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित करना और ​आजीविका पर फोकस करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के साधनों का संवर्धन करना रहा।​धमतरी जिले की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास की एक नई इबारत लिख रही है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंच रहा सुशासन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में आज एक मई से सुशासन तिहार 2026 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 01 मई से 10 जून तक संचालित होने वाला यह अभियान शासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर पारदर्शी, त्वरित एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया, जहां मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह पहल वास्तव में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की  प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है।  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्राप्त 573 आवेदनों में से लगभग 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया गया और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 का तत्काल समाधान किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में कई हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। दिव्यांग हितग्राही  योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। शिविर में हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण, मत्स्य पालन सामग्री सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों को त्वरित राहत दी। सुशासन तिहार के माध्यम से न केवल शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

जशपुर को मिलेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल बनने का अवसर

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के अंतर्गत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर जिला देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनेगा और किसानों को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी।  उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था से जल का अपव्यय रुकेगा, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं आएगी। अब तक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों को इस योजना से वर्षभर सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि कृषि को तकनीक आधारित, टिकाऊ और लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह परियोजना जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे अन्नदाताओं को समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।  उल्लेखनीय है कि यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। इसके तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित परियोजना है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि परियोजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और किसानों को स्थायी आय का आधार प्रदान करेगी। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने इसे किसानों के लिए “आने वाले समय का वरदान” बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर  आलोक अग्रवाल ने बताया कि एम-कैड कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अगले 6 माह में पूर्ण की जाएगी और इसके संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी प्रारंभिक 5 वर्षों तक ठेकेदार द्वारा तथा उसके बाद जल उपभोक्ता समिति द्वारा संभाली जाएगी। इस समिति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। परियोजना में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) और IoT (Internet of Things) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल का नियंत्रित और वैज्ञानिक उपयोग संभव होगा। डेटा आधारित प्रबंधन के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कब और कितनी मात्रा में पानी देना है। इस योजना का उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, प्रत्येक बूंद का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। साथ ही उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जाएगा।

कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में की टॉप

रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकामने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल कीहै। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों मेंप्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षाऔर जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों कीसफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यमसे राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वेराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।          मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियोंको शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीयअंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शनकर रहे हैं। मंत्री  नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा नेबताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मेंरहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेशके साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्यविद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीयविद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षाके साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाताहै। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों कीराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वाराउत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार,पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता मेंएकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इनविद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तरपर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान कीगई है।

कृषि मंत्री ने राज्य के 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8.2 करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण

रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  राम विचार नेताम ने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 3556 बीज उत्पादक किसानों को वित्तीय वर्ष 2024-25 का 8 करोड़ 01 लाख 97 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में ऑनलाईन अंतरित किया। यह राशि मंडी निधि के तहत हितग्राहियों को प्रदाय किया गया। इस मौके पर प्रदेश के सैकड़ों किसान प्रक्रिया केंद्रों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मंत्री  नेताम ने बीज उत्पादक किसानों से चर्चा कर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए उनका हौसला बढ़ाया साथ ही निगम के एक वर्ष के उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त मती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।   कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने अथक मेहनत एवं परिश्रम से बीज उत्पादन किया है। उनके इस मेहनत का फल उन्हें मिले इस उद्देश्य से प्रोत्साहन की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित किया गया। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन-तिलहन एवं मिलेट्स और सब्जी-भाजी व अन्य आय मूलक फसलें लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरमी के दिनों में धान की खेती से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें पानी अधिक लगता है। हमें पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धान की जगह किसानों को दलहन-तिलहन की खेती करनी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। वहीं पानी की खपत भी कम होती है।   मंत्री  नेताम ने कहा कि बीज की गुणवत्ता पर सरकार की साख जुड़ी होती है। उन्होंने बीज उत्पादक किसानों को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन बीज उत्पादन करने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रदेश किसानों के लगन और मेहनत से बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सरकार की प्रतिबद्धता किसानों के लिए प्राथमिकता पर है। उन्होंने मिल-जुलकर छत्तीसगढ़ को कृषि उत्पादक राज्यों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।   बीज निगम के अध्यक्ष  चन्द्रहास चंद्राकर ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और मंत्री  नेताम के मार्गदर्शन में निगम द्वारा समय पर बीज उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा रहा है। आगे भी प्रयास रहेगा कि समय पर किसानों के मेहनत का सम्मान हो। उन्होंनें कहा कि हमारी सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल 3100 रूपए प्रति क्विंटल की भाव से धान खरीद कर देश में किसानों का मान बढ़ाया है। उन्होंने इस मौके पर किसानों की ओर से कुछ मांगे भी रखी, जिसका मंत्री  नेताम ने गंभीरता के साथ विचार करने का आश्वासन दिया। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक  अजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। मंत्री  नेताम ने इस अवसर पर कवर्धा, अंबिकापुर और रायपुर जिले के किसानों से चर्चा कर हालचाल जाना। किसानों ने वर्ष 2024-25 प्रोत्साहन राशि प्रदान करने पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मंत्री  रामविचार नेताम और निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

अंबिकापुर सेक्शन में ट्रेन सेवा प्रभावित, 3 और 10 मई को पांच ट्रेनें रहेंगी निरस्त

बिलासपुर  बोरीडांड-अंबिकापुरी रेलखंड में अधोसंरचना विकास के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-कम-पावर ब्लाक लिया जा रहा है। इसके चलते तीन और 10 मई को इस रूट की पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में बोरीडांड–अंबिकापुर सेक्शन पर चल रहे दोहरीकरण कार्य के तहत महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किया जा रहा है। कटोरा–बैकुंठपुर रोड के बीच स्थित रोड ओवरब्रिज-172 और शिवप्रसाद नगर–कटोरा के बीच स्थित आरओबी-195 पर डी-लान्चिंग कार्य के लिए ट्रैफिक-सह-पावर ब्लाक लिया जाएगा। यह कार्य बोरीडांड–सूरजपुर रोड डबल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेल यातायात को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। हालांकि इस दौरान परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व सूचना जारी कर दी है। ब्लाक के चलते तीन और 10 मई को इस रूट पर संचालित पांच मेमू पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है। इनमें शहडोल–अंबिकापुर, अंबिकापुर–अनूपपुर, अनूपपुर–मनेन्द्रगढ़, मनेन्द्रगढ़–अंबिकापुर और अंबिकापुर–शहडोल के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर ही यात्रा करें। रद्द ट्रेनों की सूची (तीन व 10 मई को निरस्‍त) गाड़ी संख्या रूट 68749 शहडोल – अंबिकापुर 68758 अंबिकापुर – अनूपपुर 68759 अनूपपुर – मनेन्द्रगढ़ 68757 मनेन्द्रगढ़ – अंबिकापुर 68750 अंबिकापुर – शहडोल

रायपुर में छत्तीसगढ़ की दोहरी सफलता, फाइलेरिया और मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में हुई सराहना

रायपुर : राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना फाइलेरिया उन्मूलन में BIHAN मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहना रायपुर जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित “National Summit on Innovation and Inclusivity – Best Practices Shaping India’s Future” में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है। BIHAN मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में BIHAN (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। Mission Steering Group–Human Resource (MSG–HR) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें PCI India का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74% लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया। ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ ने दुर्गम क्षेत्रों में दिखाई प्रभावशीलता सम्मेलन में ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और Day-7 व Day-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया। इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (Asymptomatic) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं- राज्य का API वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया। अन्य राज्यों के लिए प्रेरक मॉडल- राष्ट्रीय मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ के BIHAN आधारित सामुदायिक मॉडल और ‘मलेरिया मुक्त बस्तर’ अभियान को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली ये पहलें यह साबित करती हैं कि जनभागीदारी और स्थानीय रणनीतियों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान संभव है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समुदाय आधारित, नवाचारयुक्त और क्षेत्र विशेष रणनीतियों को प्राथमिकता देते हुए जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा

छत्तीसगढ़ में RTO अधिकारियों के तबादलों से बढ़ी हलचल, सरकार ने दिया सख्त संदेश: लापरवाही नहीं चलेगी

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग ने प्रशासनिक कसावट लाने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। महानदी भवन से जारी आदेश के तहत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) समेत कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करें।  प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम परिवहन विभाग का यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लिया गया है। विभाग का मानना है कि समय-समय पर अधिकारियों के स्थानांतरण से कार्यक्षमता में सुधार होता है और स्थानीय स्तर पर लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आती है। इन जिलों में हुआ बड़ा फेरबदल जारी आदेश के अनुसार, कोरबा, धमतरी, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बेमेतरा, सूरजपुर, गरियाबंद और जशपुर सहित कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस व्यापक फेरबदल से साफ है कि विभाग ने पूरे राज्य स्तर पर प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है। 10 दिन में जॉइनिंग के सख्त निर्देश परिवहन विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अधिकतम 10 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यप्रणाली में तेजी लाने की कवायद सूत्रों के अनुसार, यह तबादला सूची केवल औपचारिक बदलाव नहीं, बल्कि विभागीय कार्यों में गति लाने की रणनीति का हिस्सा है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के स्थानांतरण से पारदर्शिता बढ़ने और जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है। जनसेवा पर पड़ेगा सीधा असर परिवहन विभाग से जुड़े कार्य- जैसे वाहन पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और प्रवर्तन—सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं। ऐसे में अधिकारियों के इस फेरबदल का असर सेवाओं की गुणवत्ता और गति पर भी देखने को मिल सकता है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाएं और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करें। सख्ती के साथ सुधार का संकेत राज्य सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या ढिलाई को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समयबद्ध जॉइनिंग और व्यापक स्तर पर किए गए तबादले यह दर्शाते हैं कि शासन व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए गंभीर है।