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युवा उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान, योगी सरकार के विजन को लखीमपुर के अब्दुल ने किया साकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा चलाई जा रहीं महत्वकांक्षी योजनाएं आज युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बन चुकीं हैं। सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी मिल रही है। लखीमपुर खीरी के ग्राम श्रीनगर के रहने वाले अब्दुल माबूद ने योगी सरकार के विजन को धरातल पर उतारा है।  अब्दुल माबूद ने अपनी मेहनत और सरकारी योजना के माध्यम से रेडीमेड गारमेंट का सफल व्यवसाय खड़ा किया है। उन्होंने साल 2021 में उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ के तहत 10 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद सरकारी योजना से मिली वित्तीय सहायता ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनें खरीदीं और अपने छोटे से काम को एक संगठित उद्योग का रूप दे दिया। उनके यूनिट में हर महीने करीब 5 से 6 हजार लोअर (ट्रैक पैंट) बनते हैं। अब्दुल माबूद का यह उद्यम केवल उनके लिए कमाई का साधन ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी रोजगार का साधन बना है। इस उद्योग से न सिर्फ 24 लोगों को रोजगार मिला, उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। लागत और खर्चों के बाद अब्दुल की शुद्ध मासिक आय 50 हजार रुपये से अधिक है। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन उत्तर प्रदेश में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है। ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करना है। पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करना है। इच्छुक युवा पूर्ण जानकारी प्राप्त करके आधिकारिक पोर्टल KVIC PMEGP e-Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

चैनपुर में ऐतिहासिक भूमि पूजन, जनभागीदारी के साथ विकास का नया अध्याय शुरू

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले के विकास इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय उस समय जुड़ गया, जब चैनपुर में 3 करोड़ 1 लाख 32 हजार रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक जिला पंचायत भवन का भव्य भूमि पूजन समारोह उत्साह, श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में भूमि पूजन कर इस महत्वपूर्ण परियोजना की नींव रखी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण बना दिया। भूमि पूजन के बाद राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन और छत्तीसगढ़ राज्य गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती यशवंती सिंह, जिला अध्यक्ष चंपादेवी पावले, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा सरजू यादव, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा सहित कई जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद रहे। सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। प्रशासनिक मजबूती का बनेगा केंद्र एसडीएम लिंगराज सिदार ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि 301.32 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा और विकास कार्यों को नई गति देगा। विकास योजनाओं की विस्तृत झलक मुख्य अतिथि श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे समय से जिला पंचायत भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे आज साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह भवन प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के समय अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को याद करते हुए कहा कि एमसीबी जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहां अपार विकास संभावनाएं हैं। कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर फोकस केवई नदी से 50 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा केल्हारी से कठौतिया तक डबल लाइन सड़क निर्माण प्रस्ताव स्वीकृत ‘वीबी रामजी’ योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार समय पर भुगतान न होने पर ब्याज सहित राशि देने का प्रावधान गरीबों और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत। हर घर में शौचालय सुविधा सुनिश्चित। दो वर्षों में कच्चे मकानों को पक्के मकानों में बदलने का लक्ष्य। कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाजों को बढ़ावा शिक्षा और स्वास्थ्य में विस्तार चिरमिरी में हॉर्टिकल्चर और पॉलीटेक्निक कॉलेज नर्सिंग कॉलेज की स्थापना मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्वीकृति नेतृत्व की सराहना और भविष्य की उम्मीदें जिला अध्यक्ष चंपादेवी पावले ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस भवन के निर्माण से जनसेवा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी नीतियों से गांव-गांव तक विकास पहुंच रहा है। कुल मिलाकर, चैनपुर में बनने वाला यह जिला पंचायत भवन न केवल प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देगा, बल्कि ग्रामीण विकास, जनसेवा और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

गोवा के मंत्री रमेश तावड़कर ने CM साय से की सौजन्य भेंट, जनजातीय कल्याण और खेल विकास पर चर्चा

CM साय से गोवा के मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट: जनजातीय कल्याण और खेल विकास को लेकर हुई सार्थक चर्चा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए। मुख्यमंत्री साय ने तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।

पुनर्वासित युवाओं के प्रशिक्षण का किया अवलोकन, वेलकम एवं इलेक्ट्रिकल टूल किट का किया वितरण

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र दंतेवाड़ा में युवाओं से की मुलाकात उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने गुरुवार को दंतेवाड़ा स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को इलेक्ट्रिकल टूल किट एवं वेलकम किट का वितरण किया। नवरात्रि के अंतिम दिन उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने दंतेवाड़ा पहुंचकर उन्होंने माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।          इसके पश्चात वे पुनर्वास केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से चर्चा की और उनकी आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। युवाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने गृह ग्राम लौटकर खेती-किसानी करना चाहते हैं। इस पर  शर्मा ने आश्वस्त किया कि इच्छुक युवाओं को कृषि संबंधी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।          उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पुनर्वास नीति का उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने युवाओं से अपने अन्य साथियों को भी पुनर्वास के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया, ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर उज्ज्वल भविष्य बना सकें। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, भोजन व्यवस्था एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा की। युवाओं द्वारा स्वयं भोजन बनाने की इच्छा जताने पर उन्होंने अनुमति प्रदान करते हुए कहा कि इच्छुक युवा स्वेच्छा से भोजन बना सकते हैं।             शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी पुनर्वासित युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाए तथा केंद्र से बाहर जाने से पूर्व उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनाना भी सुनिश्चित किए जाएं। उपमुख्यमंत्री उनसे अपील की कि यदि उनके परिजन या पहचान के लोग जेल में निरुद्ध हैं तो वे उनसे मिल सकते हैं या वे पुनर्वास केंद्र में आकर साथियों से मुलाकात कर सकते हैं और यदि वे जेल से पुनर्वास करना चाहें तो भी शासन उनकी हर संभव मदद कर जेल से पुर्नवास कराने को तैयार है।         उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केंद्र में कुल 107 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 60 बीजापुर एवं 47 दंतेवाड़ा जिले के हैं। यहां इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, प्लंबिंग, सिलाई और ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक 7 युवाओं को ड्राइविंग के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 75 युवाओं को सिलाई मशीन का वितरण किया गया है।        सीआरपीएफ के जवानों का उपमुख्यमंत्री ने किया प्रोत्साहन         गुरुवार को उपमुख्यमंत्री  शर्मा बस्तर से कभी अति संवेदनशील क्षेत्र माने जाने वाले मारडूम घाटी मार्ग से होते हुए चित्रकूट, लोहंडीगुड़ा और बारसूर के रास्ते दंतेवाड़ा पहुंचे थे। इसके माध्यम से उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि कभी दुर्गम माने जाने वाले मार्ग भी अब सुगम हो गए हैं। अब लोग बिना किसी भय के रात हो या दिन निर्भय होकर इन पर सफर कर सकते हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ बटालियन कैंप पहुंच, जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारे सैन्य बलों के शौर्य का ही परिणाम है कि आज बस्तर संभाग में अब तक लोगों की नजरों से छुपे हुए नए नए पर्यटन केंद्रों में पहुंच कर लोग बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं और स्थानीय लोगों को इससे रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजर

रायपुर टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सपना अब भी उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में पदक अब तक उनसे दूर रहा है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 वर्ष की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। इसके बाद 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप की चोट ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया। 31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि – “एशियन गेम्स मेरे लिए बेहद खास है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, और यही इसे सबसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। मेरा सपना है कि मैं वहां पदक जीतूं।” हालांकि, इस लक्ष्य की राह आसान नहीं है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 किलोग्राम और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा। वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं 48 किलोग्राम में खेलूंगी, लेकिन एशियन गेम्स के लिए फिर से 49 किलोग्राम वर्ग में आना होगा, जो एक बड़ी चुनौती है। मीराबाई ने हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस अवसर पर उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है, खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों में जहां बहुत टैलेंट है, लेकिन मंच की कमी रहती है। मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, इन संस्थानों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, पोषण और सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

30 साल सेवा के बाद भी शून्य पेंशन, 1998 के शिक्षकों का फूटा गुस्सा, अब ‘करो या मरो’ आंदोलन की चेतावनी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के उपप्रांत अध्यक्ष दिनेश सिंह एवं संभाग अध्यक्ष हजरत अली ने संयुक्त रूप से शासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जताते हुए कहा है कि वर्ष 1998 के शिक्षकों के साथ शुरू से ही “सौतेला व्यवहार” किया गया है। संघ नेताओं ने बताया कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है, साल 2028 तक लगभग 90-92% शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, लेकिन उन्हें एक रुपए की भी पेंशन नहीं मिल रही। वहीं 2035 तक सभी शिक्षक रिटायर हो जाएंगे, जिनमें से अधिकांश को बेहद कम या नगण्य पेंशन मिलेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि 30 वर्षों तक सेवा देने के बाद 62 वर्ष की उम्र में एक शिक्षक बिना पेंशन के सम्मानजनक जीवन कैसे जी सकता है? नियुक्ति से लेकर सिविलियन तक उठाए सवाल संघ ने बताया कि उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग के रिक्त पदों पर हुई थी, वेतन भी शिक्षा विभाग द्वारा दिया जाता था, लेकिन पंचायत के माध्यम से भर्ती होने के कारण उन्हें पंचायत कर्मचारी माना गया। 2018 में “सिविलियन” किए जाने के बाद भी उनकी पूर्व सेवा को शून्य मान लिया गया, जिससे शिक्षकों को भारी नुकसान हुआ। संघ का कहना है कि जब कार्य और वेतन शिक्षा विभाग का था, तो उन्हें पंचायत कर्मचारी मानना अन्यायपूर्ण है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग संघ ने स्पष्ट किया कि वे सभी 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षक हैं, इसलिए उन्हें पेंशन सेवा अधिनियम 1976 के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। नेताओं ने यह भी बताया कि पूर्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थानीय निकाय कर्मचारियों को सिविलियन के बाद नियुक्ति तिथि से पेंशन दी गई थी, उसी आधार पर 1998 से सेवा गणना जोड़कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की जा रही है। आश्वासन बहुत, समाधान शून्य संघ का आरोप है कि उन्होंने कई बार विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं, ज्ञापन सौंपे और चर्चा की। कई बार आश्वासन भी मिले, लेकिन न तो मामला मंत्रिमंडल में लाया गया, न ही संघ को चर्चा के लिए बुलाया गया, और न ही कोई ठोस निर्णय लिया गया। अब आर-पार की लड़ाई की चेतावनी संघ नेताओं ने कहा कि अब स्थिति “करो या मरो” जैसी हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो शिक्षक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। “हमने कभी हड़ताल या आंदोलन का रास्ता नहीं चुना, लेकिन अब शासन की उदासीनता हमें सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।” सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार मांग रहे शिक्षक संघ ने अंत में कहा कि वे छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं और उन्हें भी समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। उनका आरोप है कि शासन की नीतियों के कारण उनके अधिकारों का हनन हो रहा है और अब वे अपने हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

रायपुर राज्यपाल  डेका से धमतरी के सुदूर वनांचल क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों ने की आत्मीय मुलाकात राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में धमतरी जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल  विकासखंड नगरी के विशेष प्रतिभावान स्कूली बच्चों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों पर राज्यपाल ने  प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस समूह में शामिल 22 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए हुआ है, जबकि पांच बच्चों ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।  क्षेत्र की विशेष प्रतिभा   एआई वीडियो क्रिएटर सातवीं कक्षा की छात्रा कुमारी गरिमा साहू द्वारा तैयार  वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी राज्यपाल  डेका ने सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने इन बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है। लक्ष्य को सामने रखकर निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है। राज्यपाल ने उपस्थित सभी  बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करें। साथ ही, उन्हें गुल्लक भी प्रदान किए गए, ताकि उनमें नियमित बचत की आदत विकसित हो सके। इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव मती निधि साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक, शिक्षक उपस्थित थे।

धार्मिक आयोजन की धूम: हनुमान जयंती पर 5 दिन चलेगी रामकथा, बड़े नेता होंगे शामिल

रायपुर. हनुमान जयंती के अवसर पर राम जानकी मंदिर, नर्मदा कुंड, निर्वाणी अखाड़ा में इस वर्ष 5 दिवसीय भव्य रामकथा आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में शामिल होने राज्यपाल रमेन डेका के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी आमंत्रण पत्र सौंपा गया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए उपस्थित रहने की सहमति प्रदान की है. पांच दिवसीय भव्य आयोजन का निमंत्रण पत्र देने दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास एवं धर्म स्तंभ काउंसिल छत्तीसगढ़ के सभापति डॉ सौरव निर्वाणी राजभवन में राज्यपाल से भेंट की. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पहुँच मुख्यमंत्री साय को निमंत्रण पत्र सौंपा. बताया कि आयोजन के दौरान राजीव लोचन दास द्वारा रामकथा का वाचन किया जाएगा, वहीं प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के मानस मर्मज्ञ संत भी श्रद्धालुओं को प्रवचन देंगे. इसी क्रम में डॉ संदीप अखिल द्वारा राम रसायन का विशेष श्रवण भी कराया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से होगी, जिसमें मातृशक्ति नगर भ्रमण करेगी,मंदिर के महंत सुरेंद्र दास ने बताया कि प्रतिदिन कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी. हनुमान जयंती के दिन नर्मदा कुंड में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा. धर्म स्तंभ काउंसिल के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, निगम-मंडल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है. 

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक बदलाव, 67 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर, नई पोस्टिंग के आदेश जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी के निर्देश पर एक साथ 67 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस फैसले के बाद जिले के कई थानों और चौकियों में नई तैनाती हुई है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इस तबादला सूची में आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। खास बात यह है कि सुरेश ध्रुव को मरवाही थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि रामनिवास राठौर को कोटमी चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए शनिप रात्रे को साइबर सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार यह बदलाव सिर्फ रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए पदस्थापन से पुलिसकर्मियों में नई ऊर्जा आएगी और वे ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से न सिर्फ थानों की कार्यप्रणाली सुधरेगी, बल्कि आम जनता को भी तेज और बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर: GPM जिले में यह ट्रांसफर एक बड़े प्रशासनिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर कानून-व्यवस्था और साइबर क्राइम कंट्रोल पर पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ PSC में बड़ा अपडेट: प्री परीक्षा का रिजल्ट घोषित, 3921 अभ्यर्थी चयनित

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने CGPSC प्री परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें मेंस परीक्षा के लिए 3921 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, मेंस की परीक्षा 16 से 19 मई तक होगी। CGPSC प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी 2026 को किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न 20 सेवाओं के लिए कुल 265 पदों पर नियुक्ति की जानी है। विज्ञापित पदों के 15 गुना के अनुसार 3975 अभ्यर्थियों को चयनित किया जाना था, लेकिन वर्गवार/उपवर्गवार पात्र अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर कुल 3921 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित किया गया है। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। इसके अलावा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का परिणाम भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर जारी कर दिया गया है, जिसमें अभ्यर्थियों के अंक, कट-ऑफ और अन्य विवरण उपलब्ध हैं।