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टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को बताया गेम-चेंजर

रायपुर टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता सेखोम मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के उद्घाटन अवसर पर अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य, एशियन गेम्स पदक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सपना अब भी उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले एक दशक से भारतीय वेटलिफ्टिंग की अग्रणी खिलाड़ी रही मीराबाई ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई पदक जीते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में पदक अब तक उनसे दूर रहा है। उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 19 वर्ष की उम्र में पदार्पण किया था, जहां वे नौवें स्थान पर रहीं। इसके बाद 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकीं, जबकि 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में हिप की चोट ने उनका सपना अधूरा छोड़ दिया। 31 वर्षीय मीराबाई ने कहा कि – “एशियन गेम्स मेरे लिए बेहद खास है। वहां प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊंचा होता है, और यही इसे सबसे चुनौतीपूर्ण बनाता है। मेरा सपना है कि मैं वहां पदक जीतूं।” हालांकि, इस लक्ष्य की राह आसान नहीं है। नियमों में बदलाव के कारण उन्हें 48 किलोग्राम और 49 किलोग्राम वर्ग के बीच संतुलन बनाना होगा। वे 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में उतरेंगी, जबकि 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक नागोया (जापान) में आयोजित एशियन गेम्स में 49 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। उन्होंने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स तक मैं 48 किलोग्राम में खेलूंगी, लेकिन एशियन गेम्स के लिए फिर से 49 किलोग्राम वर्ग में आना होगा, जो एक बड़ी चुनौती है। मीराबाई ने हाल ही में राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 किलोग्राम वर्ग में तीन नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाते हुए कुल 205 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस अवसर पर उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलता है, खासकर उत्तर-पूर्व और जनजातीय इलाकों में जहां बहुत टैलेंट है, लेकिन मंच की कमी रहती है। मीराबाई ने नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE), खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और साई ट्रेनिंग सेंटर की भी प्रशंसा की। उनके अनुसार, इन संस्थानों में खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, पोषण और सुविधाएं मिल रही हैं, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

30 साल सेवा के बाद भी शून्य पेंशन, 1998 के शिक्षकों का फूटा गुस्सा, अब ‘करो या मरो’ आंदोलन की चेतावनी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के उपप्रांत अध्यक्ष दिनेश सिंह एवं संभाग अध्यक्ष हजरत अली ने संयुक्त रूप से शासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जताते हुए कहा है कि वर्ष 1998 के शिक्षकों के साथ शुरू से ही “सौतेला व्यवहार” किया गया है। संघ नेताओं ने बताया कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है, साल 2028 तक लगभग 90-92% शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाएंगे, लेकिन उन्हें एक रुपए की भी पेंशन नहीं मिल रही। वहीं 2035 तक सभी शिक्षक रिटायर हो जाएंगे, जिनमें से अधिकांश को बेहद कम या नगण्य पेंशन मिलेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि 30 वर्षों तक सेवा देने के बाद 62 वर्ष की उम्र में एक शिक्षक बिना पेंशन के सम्मानजनक जीवन कैसे जी सकता है? नियुक्ति से लेकर सिविलियन तक उठाए सवाल संघ ने बताया कि उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग के रिक्त पदों पर हुई थी, वेतन भी शिक्षा विभाग द्वारा दिया जाता था, लेकिन पंचायत के माध्यम से भर्ती होने के कारण उन्हें पंचायत कर्मचारी माना गया। 2018 में “सिविलियन” किए जाने के बाद भी उनकी पूर्व सेवा को शून्य मान लिया गया, जिससे शिक्षकों को भारी नुकसान हुआ। संघ का कहना है कि जब कार्य और वेतन शिक्षा विभाग का था, तो उन्हें पंचायत कर्मचारी मानना अन्यायपूर्ण है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग संघ ने स्पष्ट किया कि वे सभी 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षक हैं, इसलिए उन्हें पेंशन सेवा अधिनियम 1976 के तहत पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। नेताओं ने यह भी बताया कि पूर्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थानीय निकाय कर्मचारियों को सिविलियन के बाद नियुक्ति तिथि से पेंशन दी गई थी, उसी आधार पर 1998 से सेवा गणना जोड़कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की जा रही है। आश्वासन बहुत, समाधान शून्य संघ का आरोप है कि उन्होंने कई बार विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं, ज्ञापन सौंपे और चर्चा की। कई बार आश्वासन भी मिले, लेकिन न तो मामला मंत्रिमंडल में लाया गया, न ही संघ को चर्चा के लिए बुलाया गया, और न ही कोई ठोस निर्णय लिया गया। अब आर-पार की लड़ाई की चेतावनी संघ नेताओं ने कहा कि अब स्थिति “करो या मरो” जैसी हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो शिक्षक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। “हमने कभी हड़ताल या आंदोलन का रास्ता नहीं चुना, लेकिन अब शासन की उदासीनता हमें सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है।” सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार मांग रहे शिक्षक संघ ने अंत में कहा कि वे छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं और उन्हें भी समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। उनका आरोप है कि शासन की नीतियों के कारण उनके अधिकारों का हनन हो रहा है और अब वे अपने हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा

रायपुर राज्यपाल  डेका से धमतरी के सुदूर वनांचल क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों ने की आत्मीय मुलाकात राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में धमतरी जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल  विकासखंड नगरी के विशेष प्रतिभावान स्कूली बच्चों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों पर राज्यपाल ने  प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस समूह में शामिल 22 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए हुआ है, जबकि पांच बच्चों ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।  क्षेत्र की विशेष प्रतिभा   एआई वीडियो क्रिएटर सातवीं कक्षा की छात्रा कुमारी गरिमा साहू द्वारा तैयार  वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी राज्यपाल  डेका ने सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने इन बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है। लक्ष्य को सामने रखकर निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है। राज्यपाल ने उपस्थित सभी  बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करें। साथ ही, उन्हें गुल्लक भी प्रदान किए गए, ताकि उनमें नियमित बचत की आदत विकसित हो सके। इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव मती निधि साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक, शिक्षक उपस्थित थे।

धार्मिक आयोजन की धूम: हनुमान जयंती पर 5 दिन चलेगी रामकथा, बड़े नेता होंगे शामिल

रायपुर. हनुमान जयंती के अवसर पर राम जानकी मंदिर, नर्मदा कुंड, निर्वाणी अखाड़ा में इस वर्ष 5 दिवसीय भव्य रामकथा आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में शामिल होने राज्यपाल रमेन डेका के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी आमंत्रण पत्र सौंपा गया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए उपस्थित रहने की सहमति प्रदान की है. पांच दिवसीय भव्य आयोजन का निमंत्रण पत्र देने दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास एवं धर्म स्तंभ काउंसिल छत्तीसगढ़ के सभापति डॉ सौरव निर्वाणी राजभवन में राज्यपाल से भेंट की. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पहुँच मुख्यमंत्री साय को निमंत्रण पत्र सौंपा. बताया कि आयोजन के दौरान राजीव लोचन दास द्वारा रामकथा का वाचन किया जाएगा, वहीं प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के मानस मर्मज्ञ संत भी श्रद्धालुओं को प्रवचन देंगे. इसी क्रम में डॉ संदीप अखिल द्वारा राम रसायन का विशेष श्रवण भी कराया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से होगी, जिसमें मातृशक्ति नगर भ्रमण करेगी,मंदिर के महंत सुरेंद्र दास ने बताया कि प्रतिदिन कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी. हनुमान जयंती के दिन नर्मदा कुंड में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा. धर्म स्तंभ काउंसिल के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, निगम-मंडल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है. 

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक बदलाव, 67 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर, नई पोस्टिंग के आदेश जारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी के निर्देश पर एक साथ 67 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए गए हैं। इस फैसले के बाद जिले के कई थानों और चौकियों में नई तैनाती हुई है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इस तबादला सूची में आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। खास बात यह है कि सुरेश ध्रुव को मरवाही थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि रामनिवास राठौर को कोटमी चौकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए शनिप रात्रे को साइबर सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार यह बदलाव सिर्फ रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। नए पदस्थापन से पुलिसकर्मियों में नई ऊर्जा आएगी और वे ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से न सिर्फ थानों की कार्यप्रणाली सुधरेगी, बल्कि आम जनता को भी तेज और बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर: GPM जिले में यह ट्रांसफर एक बड़े प्रशासनिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर कानून-व्यवस्था और साइबर क्राइम कंट्रोल पर पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ PSC में बड़ा अपडेट: प्री परीक्षा का रिजल्ट घोषित, 3921 अभ्यर्थी चयनित

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने CGPSC प्री परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें मेंस परीक्षा के लिए 3921 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, मेंस की परीक्षा 16 से 19 मई तक होगी। CGPSC प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी 2026 को किया गया था। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत विभिन्न 20 सेवाओं के लिए कुल 265 पदों पर नियुक्ति की जानी है। विज्ञापित पदों के 15 गुना के अनुसार 3975 अभ्यर्थियों को चयनित किया जाना था, लेकिन वर्गवार/उपवर्गवार पात्र अभ्यर्थियों की उपलब्धता के आधार पर कुल 3921 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित किया गया है। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। इसके अलावा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का परिणाम भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर जारी कर दिया गया है, जिसमें अभ्यर्थियों के अंक, कट-ऑफ और अन्य विवरण उपलब्ध हैं।

एग्जाम कॉपी जांच का दूसरा फेज: 25 हजार उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचीं, 300 टीचर कर रहे मूल्यांकन

राजनांदगांव. जिला मुख्यालय स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल इन दिनों दसवीं तथा बारहवीं बोर्ड के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. दूसरे चरण में भी मूल्यांकन के लिए 25000 उत्तर पुस्तिकाएं पहुंची है, जिनका मूल्यांकन आज से शुरू कर दिया गया है. मूल्यांकन कार्य में 300 से अधिक शिक्षक संलग्न किए गए हैं. स्कूल प्रबंधन की माने तो अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह तक मूल्यांकन का कार्य पूर्ण कराया जाना है. जिसके कारण मूल्यांकन कार्य में काफी तेजी देखने को मिल रही है. ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय स्थित स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल को ही एकमात्र मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की गई दसवीं तथा बारहवीं बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्टेट हाई स्कूल में ही सुनिश्चित किया जा रहा है. 16 मार्च से मूल्यांकन का कार्य शुरू हुआ है प्रथम चरण में 61000 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए भेजी गई थी , जिसका मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है. आज से दूसरे चरण में भेजी गई 25000 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी शुरू कर दिया गया है. प्रतिदिन 8000 से 10000 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है. स्कूल प्रबंधन की माने तो अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह तक मूल्यांकन का कार्य पूर्ण किया जाना है. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देश के कारण मूल्यांकन सुनिश्चित कराया जा रहा है.

अधूरे पड़े PM आवास पर कार्रवाई: अब लाभार्थियों से होगी रकम की वसूली

राजनांदगांव. प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के बीएलसी के पात्र हितग्राही जिन्होने किस्त की राषि लेने के उपरांत भी अपने आवास निर्माण कार्य को आगामी स्तर तक नही पहुँचाए है उनपर अब प्रशासन देय राशि वसूलने की कार्यवाही कर रही है. नगर पालिक निगम राजनांदगांव में योजना अंतर्गत बी. एल. सी. के तहत 7956 आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई थी. उस स्वीकृति के विरूद्ध 7778 पूर्ण एवं 178 आवास अलग अलग स्तरो पर बाहर के विभिन्न वार्डो में निर्माणाधीन है. इन्ही निर्माणाधीन आवासो में से 145 आवास पिछले चार वर्शो से अपने निर्माण की गती को आगे नही बढ़ाने के कारण निकाय की प्रगति धूमिल भी हो रही है. राषि लेकर आवास निर्माण कार्य नहीं करने वाले हितग्राहियों पर अब प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विभागीय प्रक्रिया कराकर आवास निर्माण की गति को आगे नही बढ़ाने वाले हितग्राहियों से राशि वसूलने या निर्माण काम मे गति लाने उन्हे नोटिस जारी कर तहसील कार्यालय में उपस्थित होने 145 हितग्राहियों से कहा गया. जिस पर 17 हितग्राही तहसील कार्यालय में उपस्थित हुए. एसडीएम गौतम चंद पाटिल ने 24 मार्च को अपने कार्यालय में योजना का लाभ लेकर लापरवाही बरतने वाले, शासकीय धन का दुरूपयोग करने वाले 17 हितग्राहियो की विशेष पेशी ली और दो टूक शब्दों में उन्हें चेतावनी दी कि आवास निर्माण कार्य में गति लावे या राशि निगम कोष में जमा करे. यदि राशि अन्य कार्यो में खर्च किया तो कड़ाई से वसूली की जावेगी और संपत्ति की नीलाम की जायेगी. पेशी के दौरान यह बात सामने आई की बहुत से हितग्राहियों ने प्रथम किस्त की राशि प्राप्त तो कर ली, लेकिन अपने आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा कर अन्य निजी कार्यो में खर्च कर दिया. एसडीएम ने इसे शासकीय राशि का दुरूपयोग मानते हुए सख्त निर्देश दिए है कि 10 अप्रैल 2026 तक अगर आवास निर्माण स्तर आगे नहीं बढ़ाते तो इनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने कि बात पेशी के दौरान संबंधित हितग्राहियो से की गयी. आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि योजना का उद्देष्य निकाय के सभी गरीब जरूरतमंद परिवारो को उनकी स्वमं की पक्का आवास निर्माणा में सहयोग भूमि पर करना है . निकाय स्तर पर 145 ऐसे हितग्राही है जो पिछले 2 से 3 वर्षों से आवास निर्माण कार्य को आगे नही बढ़ा रहे, ऐसे सभी हितग्राहियों को लगातार निकाय स्तर पर समझाइस एंव नोटिस दी गयी पर वे इस पर गंभीर नहीं थे. इस कारण अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से नोटिस प्रदान कर लापरवाही करने वाले हितग्राहियों पर ये कार्यवाही की गयी.

एनएचएम फंड पर उठे सवाल, आरटीआई से मांगा गया पूरा हिसाब-किताब

एनएचएम फंड पर उठे सवाल, आरटीआई से मांगा गया पूरा हिसाब-किताब मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े खर्चों को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है। मनेन्द्रगढ़ निवासी दीपक सोनी ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्यौरा मांगा है। आवेदक ने अपने आवेदन में वर्ष 2025-26 के दौरान एनएचएम के तहत स्वीकृत कुल राशि, मदवार आवंटन और अब तक हुए खर्च की विस्तृत जानकारी की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। बताया जा रहा है कि इस आवेदन के जरिए स्वास्थ्य विभाग में हुए फंड के उपयोग और पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा किया गया है। यदि जानकारी सामने आती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी राशि का उपयोग किस प्रकार और किन मदों में किया गया। स्थानीय स्तर पर इस आरटीआई आवेदन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन की वास्तविक स्थिति उजागर हो सकती है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग निर्धारित समयसीमा में कितनी पारदर्शिता के साथ जानकारी उपलब्ध कराता है।

सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 8 स्वर्ण सहित 26 पदकों से गूंजा संभाग

सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी का ऐतिहासिक प्रदर्शन  8 स्वर्ण सहित 26 पदकों से गूंजा संभाग मो.कासिम जिला प्रतिनिधि एमसीबी  मनेन्द्रगढ़/एमसीबी संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक में एमसीबी जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 21 से 23 मार्च तक अंबिकापुर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जिले ने 8 स्वर्ण, 14 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर कुल 26 पदकों के साथ अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट की प्रेरणादायक मौजूदगी ने खिलाड़ियों में नया उत्साह भरा, वहीं समापन समारोह में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर भाइचुंग भूटिया की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। एमसीबी के खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड, कुश्ती, कराते और कबड्डी सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 100 मीटर दौड़ में टी. होमेश्वर राव ने शानदार गति दिखाई, भाला फेंक में कुमारी अनिता सिंह ने सटीकता का परिचय दिया, ऊंची कूद में आनंद कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि कराते में कुमारी आराधना मार्को और 62 किलोग्राम कुश्ती में सीमा सिंह ने स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। कबड्डी में भी एमसीबी का दबदबा कायम रहा, जहां जूनियर बालक, जूनियर बालिका और सीनियर बालक वर्ग की टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर टीम वर्क और रणनीति का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। कांस्य पदक विजेताओं में सुरेंद्र सिंह (कराते 67 किग्रा), शनि लुइश (कुश्ती 57 किग्रा), कंचन सिंह (ऊंची कूद) तथा तीरंदाजी में शिवम, मुकेश और चंदन ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर जिले की उपलब्धियों में योगदान दिया। इस ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर डी. वेंकट राहुल ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं और उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। जिला खेल अधिकारी विनोद जायसवाल ने भी इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता भविष्य में और बड़े लक्ष्यों की दिशा में प्रेरणा बनेगी। एमसीबी की इस उपलब्धि ने न केवल सरगुजा संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में जिले को एक मजबूत खेल शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है।