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फर्जी MBBS डिग्री बनाकर करोड़ों की ठगी: दिल्ली से ‘लेडी फ्रॉड’ गिरफ्तार

रायपुर फर्जी मेडिकल डिग्री और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की आरोपित साक्षी सिंह (28), निवासी जानकीपुरम, लखनऊ व वर्तमान पता राजनगर-2, पालम, नई दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। जांच में राजफाश हुआ है कि आरोपित गिरोह के लिए फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार कर उपलब्ध कराती थी। पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी संजय निराला ने 17 फरवरी 2026 को सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे सहित अन्य लोगों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगवाने और मेडिकल डिग्री दिलाने का झांसा देकर उससे और उसके रिश्तेदारों से कुल 2.34 करोड़ रुपये ठग लिए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही कोई वैध प्रमाणपत्र। पुणे की यूनिवर्सिटी के नाम पर बनती थी डिग्रियां पुलिस ने पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसी दौरान मिले सुराग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साक्षी सिंह की भूमिका सामने आई। पुलिस टीम को उसके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद विशेष टीम भेजकर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर पुणे स्थित डीवाई पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार करती थी। इन डिग्रियों का उपयोग गिरोह लोगों को झांसा देने और मोटी रकम वसूलने में करता था। मोबाइल डेटा से बड़े नेटवर्क का राजफाश संभव पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है। मोबाइल डेटा की जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों, लेन-देन और नेटवर्क का और बड़ा राजफाश हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है, जिसे लेकर जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।  

नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत बोड़ला को विकास की नई दिशा देते हुए 6 करोड़ रुपए से अधिक से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की बड़ी सौगात दी। स्थानीय हॉकी खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन पहुंचकर कार्यों का लोकार्पण भी किया।  नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात         इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को सुविधाओं से सुसज्जित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सामुदायिक विकास को गति देने के उद्देश्य से किए जा रहे ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि यह सौगात बोड़ला के आने वाले वर्षों को विकास की दिशा प्रदान करेगी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पंचायत बोड़ला के अध्यक्ष  विजय पाटिल,  नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष नगर पंचायत  लव निर्मलकर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे,  नन्द वास,  मोहन धुर्वे,  राम किंकर वर्मा,  एम. डी. ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात          उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बोड़ला नगर में अब बांध से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जहां पानी फिल्टर प्लांट के माध्यम से शुद्ध होकर घर-घर तक पहुंचेगा। उन्होंने इसे नगरवासियों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग की पूर्ति बताया और कहा कि ग्रेविटी आधारित यह जल व्यवस्था न केवल सुविधाजनक है, बल्कि टिकाऊ और प्रभावी भी है। पेयजल की बेहतर व्यवस्था और नगर को उन्नत बनाना शासन की प्राथमिकता है। नगर पंचायत बोड़ला को 6 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात           उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में कभी नक्सली जंगलों में बंदूक लेकर घूमते थे, लेकिन अब नक्सल पुनर्वास नीति के तहत वे मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग पहले हिंसा के रास्ते पर थे, वे आज लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने के लिए विधानसभा तक पहुंच रहे हैं और वहां की कार्यवाही देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की घोषणा और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को प्रदेश में मजबूती से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस दिशा में कार्य करने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 600 से अधिक पुनर्वासित नक्सली विधानसभा का भ्रमण कर चुके हैं और लोकतंत्र की प्रक्रिया को करीब से समझ रहे हैं, जबकि ढाई हजार से अधिक नक्सली पुनर्वास योजना के तहत मुख्यधारा में लौट चुके हैं।            उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली बार बाहरी व्यक्ति की पहचान के लिए सुनियोजित प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स का गठन किया गया और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया। उन्होंने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर बाहरी व्यक्ति का चिन्हांकन कर उनकी पहचान सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।  5.12 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन          प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत बोड़ला में 512.56 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इनमें वार्ड क्रमांक 02 में 146.83 लाख रुपए की लागत से उन्नत (हॉकी) खेल मैदान निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 10 में विवेकानंद तालाब से निकासी नाला तक 48.95 लाख रुपए की आर.सी.सी. नाली एवं कांस कल्वर्ट निर्माण, 28.53 लाख रुपए की लागत से शौचालय निर्माण, 6.00 लाख रुपए से सामुदायिक भवन के पास प्रवेश द्वार निर्माण तथा 18.20 लाख रुपए से सामुदायिक भवन का अतिरिक्त निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य शामिल हैं। इसी क्रम में 97.42 लाख रुपए से राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्ग मंदिर से स्टेडियम तक सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण, 13.80 लाख रुपए से ओवरहेड टैंक निर्माण, 4.62 लाख रुपए से शेड निर्माण, 8.90 लाख रुपए से पेवर ब्लॉक (फुटपाथ) निर्माण, 6.40 लाख रुपए से विवेकानंद तालाब के पास हॉल निर्माण, 9.27 लाख रुपए से हाई मास्ट लाइट स्थापना, 72.74 लाख रुपए से एन.एच.-30 पुलिया से विवेकानंद सरोवर तक नाली एवं रोड चौड़ीकरण, 46.90 लाख रुपए से बाउंड्रीवाल निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 06 में 4.00 लाख रुपए से चौक निर्माण कार्य शामिल हैं। 90 लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण          उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने इस अवसर पर 90 लाख रुपए से अधिक की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इसके अंतर्गत 73.44 लाख रुपए से निर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्वसुविधायुक्त भवन का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 10.00 लाख रुपए की लागत से यादव समाज के पास निर्मित सामुदायिक भवन तथा 6.50 लाख रुपए से वार्ड क्रमांक 14 में साहू समाज के पास पानी टंकी के समीप निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया गया। इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर पंचायत बोड़ला में नागरिकों को बेहतर आधारभूत एवं सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

हैरान कर देने वाली घटना! आम तोड़ने पर गार्ड ने 12 साल के बच्चे को पीट-पीटकर किया अधमरा

बलौदाबाजार एक आम तोड़ने की मामूली-सी बात ने ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने ला दी, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। 12 वर्षीय दिनेश्वर साहू, जो बचपन की सहज शरारत में निजी सीमेंट कंपनी परिसर से आम तोड़ रहा था, उसे इस कदर सजा दी गई कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे की घटना में निजी सीमेंट कंपनी रवान के एक सुरक्षा गार्ड ने बच्चे को पकड़कर बेरहमी से जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मासूम का शरीर इस बर्बरता को सह नहीं सका—हड्डियों और अंदरूनी अंगों को गंभीर चोटें आईं, शरीर पर खून के निशान और खरोंच साफ नजर आए। घटना के बाद बच्चा करीब 24 घंटे तक बेहोश रहा, जिसकी हालत बेहद नाजुक बनी रही। फिलहाल उसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद मामला और भी भयावह हो गया जब कुछ लोगों ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए डराया-धमकाया। गाली-गलौज और “बुरा अंजाम भुगतने” की चेतावनी देकर दबाव बनाया गया। लेकिन समाज और ग्रामीणों के साथ आने के बाद परिवार ने हिम्मत जुटाई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। जिला साहू संघ के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चे का हाल जाना। संघ के अध्यक्ष सुनील साहू ने इसे “अमानवीय और शर्मनाक” बताते हुए कहा कि एक मासूम के साथ ऐसी क्रूरता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोपी गार्ड समेत दबाव बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। संरक्षक रेवाराम साहू ने भी सवाल उठाया—“आम तोड़ना क्या इतना बड़ा अपराध है कि बच्चे को मौत के मुंह में धकेल दिया जाए?” उन्होंने इसे गुंडागर्दी करार देते हुए कठोर कार्रवाई की जरूरत बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल विधायक संदीप साहू और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात कर पुलिस अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी कंपनी से जुड़े लोगों द्वारा एक अन्य बच्चे के साथ मारपीट हुई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने एक गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की जांच जारी है। लेकिन सवाल अब भी वही है—क्या एक आम की कीमत एक मासूम की जान से ज्यादा हो सकती है?  

870 युवा अधिकारियों को दी बधाई, कहा – संवेदनशीलता, ईमानदारी और दक्षता से निभाएं जनसेवा का दायित्व

रायपुर कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण पूर्ण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और त्याग का प्रतीक है, जिसे धारण करने वाले प्रत्येक अधिकारी पर समाज की सुरक्षा और न्याय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात मंत्री  अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब एक सामान्य नागरिक निश्चिंत होकर सोता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस निभाती है। जब अंधेरे में कोई भयभीत होता है, तो उसे उम्मीद भी पुलिस से ही होती है। ऐसे में पुलिस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज के विश्वास का आधार है। उन्होंने आगे कहा कि आज 870 युवा प्रशिक्षु अधिकारी ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां से वे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा, शांति और न्याय व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनने जा रहे हैं। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विश्वास और अपेक्षाओं का प्रतीक है। राज्य में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले वर्षों में नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। उन्होंने इसके लिए देश के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस व समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब चुनौतियां बदल चुकी हैं। साइबर अपराध, संगठित अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के माध्यम से फैलती अफवाहें नई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष और संवेदनशील बनना होगा। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि इस बैच में लगभग एक चौथाई बेटियों की भागीदारी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने महिला अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई पहचान बताया। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार करें तथा अपने कार्य में ईमानदारी और निष्पक्षता को सर्वाेपरि रखें। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो अपनी टीम को साथ लेकर चलता है और संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है। साथ ही, जहां भी उनकी नियुक्ति हो, वहां की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाना चाहिए। अपने संबोधन के अंत में मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि “डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण कीजिए।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस दिन कोई नागरिक यह कहे कि “पुलिस है, इसलिए मैं सुरक्षित हूं”, उसी दिन एक पुलिस अधिकारी की वर्दी सार्थक होगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  अग्रवाल ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहस, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगत

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 600 छात्राओं को दिखाई द केरल स्टोरी 2 महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।  मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

बड़ी सौगात! लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से 30.41 करोड़ की सड़क योजना को हरी झंडी

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के बीरपुर (एनएच-43) से केवरा तक लगभग 18 किलोमीटर लंबाई की सड़क चौड़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य के लिए 3041.18 लाख रुपए (लगभग 30.41 करोड़ रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार उक्त सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, भूमि उपलब्धता, निविदा प्रक्रिया तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस सड़क परियोजना से बीरपुर से केवरा तक आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी । साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर सड़क सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। भटगांव विधानसभा के समग्र विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं और आगे भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे।

पंचायतों में धांधली का बड़ा खुलासा, सोशल ऑडिट रिपोर्ट में गबन उजागर- मंत्री सख्त

रायपुर. ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर प्रदेश के सरकारी खजाने की बंदरबांट और भारी वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है. सोशल ऑडिट रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, प्रदेश की पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर 151.07 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान किया गया है. यह वह राशि है, जिसे सरकारी गाइडलाइन्स और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर ठिकाने लगा दिया गया. राज्य की कुल 11,717 पंचायतों में से 11,302 का ऑडिट हो चुका है. इस सूक्ष्म जांच में 19.66 करोड़ के सीधे वित्तीय गबन के 6,331 मामले भी उजागर हुए हैं. इसके अतिरिक्त, रिकॉर्ड संधारण और टेंडर नियमों के उल्लंघन के 13,861 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनसे जुड़े लेनदेन की कुल राशि 20.49 करोड़ आंकी गई है. बिलासपुर में सबसे ज्यादा गड़बड़ी, कोरबा गबन में रिपोर्ट के मुताबिक, नियमों को ताक पर रखने के मामले में बिलासपुर जिला सबसे आगे है, जहां सर्वाधिक 14.33 करोड़ का वित्तीय गड़बड़ी हुई. वहीं, सीधे तौर पर राशि के दुरुपयोग या गबन के मामले में कोरबा जिला शीर्ष पर रहा, जहां 611 मामलों के जरिए 2.42 करोड़ की हेराफेरी रिपोर्ट की गई है. पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा में भी 3.85 करोड़ की गड़बड़ी मिली. उल्लंघन की 1800 से ज्यादा शिकायतें प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन के मामले में बालोदा बाजार जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां रिकॉर्ड 989 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं, जमीनी स्तर पर हो रही इन गड़बड़ियों के खिलाफ गांव के लोगों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि प्रदेशभर में आम जनता की ओर से कुल 1,863 आधिकारिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनमें राजनांदगांव जिला 225 शिकायतों के साथ सबसे ऊपर है. सबसे कम कोरिया में चार, बेमेतरा में पांच और जशपुर में 6 शिकायतें मिली हैं. कुल ऑडिटेड पंचायत 11302 श्रेणी                 मामले    फंसी राशि (करोड़ रु.) फर्जी भुगतान      4468     151.07 टेंडर में गड़बड़ी   13861    20.49 गबन                  6331     19.66 सख्ती से कर रहे हैं सोशल ऑडिट का काम – डिप्टी सीएम शर्मा पंचायतों के सोशल ऑडिट को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि इस बार ऑडिट का काम सख्ती से कर रहे हैं. ग्राम पंचायतों में पूरी औपचारिकता के साथ काम होना चाहिए. कोई हल्का काम पंचायतों में नहीं होना चाहिए. जो भी गड़बड़ी हो कार्रवाई कठोर होगी.

राज्यपाल डेका से यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता ने की सौजन्य भें

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में यूनीसेफ के इमेजिन वेंचर के प्रथम भारतीय पुरस्कार विजेता एवं एलियन इनोवेशन्स हैदराबाद के संस्थापक  रवि किरण ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए विकसित नवीनतम सहायक उपकरण का प्रदर्शन किया और इसकी विशेषताओं की जानकारी दी।             रवि किरण ने बताया कि यह उपकरण दृष्टिबाधित लोगों को दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनने में सहायता करेगा। भेंट के दौरान उन्होंने राज्य में  दृष्टिबाधितजनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी लॉन्च कार्यक्रम के लिए राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।           राज्यपाल ने इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर एलियन इनोवेशन्स की प्रमुख सु हर्षिता भी उपस्थित थी।

सीएम साय की दो टूक चेतावनी: अफीम उगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, चाहे कोई भी हो

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की अवैध खेती, विदेश नीति और नक्सलियों के आत्मसमर्पण जैसे मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सीएम साय ने कहा कि जब दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला सामने आया था, तभी सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए थे। कई जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई कर खेती को चिन्हांकित भी किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे कितने भी बड़े रसूखदार क्यों न हों, सरकार कार्रवाई जरूर करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर कलेक्टरों की बैठक भी ली गई थी और उनसे जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विदेश नीति पर विपक्ष को जवाब विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने पर सीएम साय ने पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के मजबूत नेता हैं और उनकी विदेश नीति प्रभावी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रास्ते खुले हैं और गैस व तेल की आपूर्ति भी सुगम हुई है। बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत नक्सलियों के सरेंडर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि देश से नक्सलवाद खत्म किया जाएगा। 31 मार्च की समय सीमा के बीच लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और पापाराव जैसे बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत है। सीएम साय ने इसे राज्य और देश के लिए अच्छी खबर बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट सख्त: CGPSC 2021 के चयनित उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग में देरी नहीं चलेगी

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने CGPSC 2021 के चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। इसकी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश के अनुसार चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने का निर्देश दिया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पेशल पिटिशन लीव (SLP) के जरिए CGPSC में डिप्टी कलेक्टर व डीएसपी के पद पर चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग देने के हाईकोर्ट के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता अपूर्व कुरुप व अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक नियुक्तियों को स्थगित रखा जाना चाहिए। नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जा सकता है। राज्य सरकार के तर्कों का विरोध करते हुए चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निखिल गोयल एवं अधिवक्ता अभ्युदय सिंह ने कहा, सीबीआई पहले ही अपनी अंतिम चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें 171 चयनित अभ्यर्थियों में से केवल 5 के नाम ही शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 125 अभ्यर्थियों को पहले ही जॉइनिंग दी जा चुकी है। शेष अभ्यर्थियों को तीन वर्षों से अधिक समय तक जॉइनिंग से वंचित रखने का कोई औचित्य नहीं है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एके प्रसाद ने अपने फैसले में राज्य सरकार को सीबीआई जांच के परिणाम के अधीन रहते हुए चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग देने का निर्देश दिया था। सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील पेश की थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराया था। डिवीजन बेंच से अपील खारिज होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए इसे बरकरार रखा है। CGPSC ने 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए। CBI जांच के चलते नियुक्ति आदेश रोक दिए गए हैं। 12 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी CBI ने 19 सितंबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, PSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं। इससे पहले 18 नवंबर को CBI ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 10 जनवरी को 5 और आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा, डिप्टी कलेक्टर चयनित), ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, CGPSC), शशांक गोयल, भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर चयनित) और साहिल सोनवानी (डीएसपी चयनित) शामिल हैं। ये सभी फिलहाल जेल में बंद हैं।