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कबीरधाम में उज्ज्वला 3.0 का असर, 1339 घरों में जले स्वच्छ ईंधन के चूल्हे

रायपुर स्वच्छ रसोई केवल सुविधा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और सम्मानजनक जीवनशैली की पहचान है। पारंपरिक चूल्हों के धुएँ से जूझ रही महिलाओं को राहत देने के लिए संचालित उज्ज्वला योजना 3.0 आज गरीब और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित रसोई का लाभ मिल रहा है। कबीरधाम जिला में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत 1339 नए गैस कनेक्शन पात्र हितग्राहियों को प्रदान किए गए हैं। इन कनेक्शनों से उन परिवारों को सबसे अधिक राहत मिली है, जो अब तक लकड़ी, उपले या कोयले से खाना बनाने को मजबूर थे। गैस कनेक्शन मिलने से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली है और रसोई का काम भी पहले से आसान व सुरक्षित हो गया है। यह योजना प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य की रक्षा हो रही है, बल्कि महिलाओं का समय भी बच रहा है, जिसे वे अब बच्चों की पढ़ाई, स्वरोजगार या अन्य उपयोगी कार्यों में लगा पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना ने सामाजिक बदलाव भी लाया है। पहले जहां महिलाओं को ईंधन के लिए जंगलों में घंटों भटकना पड़ता था, वहीं अब घर बैठे सुरक्षित और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध है। इससे महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ी है और जीवन स्तर में सुधार आया है। उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत दिए गए ये नए कनेक्शन केवल गैस सिलेंडर नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और सुविधाजनक जीवन की ओर बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह योजना वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उज्ज्वला योजना पात्रता के नए मापदंड उज्जवला योजना 3.0 के संबंध में ऐसे सभी व्यक्ति पात्रता होंगे जो 10 हजार रूपये प्रति माह से कम आय अर्जित करते हो, व्यावसायिक कर का भुगतान ना करते हो, आयकर का भुगतान ना करते हो, परिवार का कोई सदस्य शासकीय सेवा में ना हो, पंजीकृत गैर कृषि उद्यम वाला परिवार ना हो, 50,000 रूपये से अधिक की क्रेडिट सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड धारित ना हो, एक सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि का स्वामी ना हो, दो या अधिक फसल मौसमों के लिए 5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमिस्वामी धारक ना हो, कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ कम से कम 7.5 एकड़ या इससे अधिक भूमि का स्वमी ना हो, 30 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया (चटाई क्षेत्रफल) वाले घर का स्वामी ना हो (किसी भी सरकारी योजना से प्राप्त घर को छोड़कर), मोटर चालित 3/4 पहिया वाहन, मछली पकड़ने वाली नाव का स्वामी ना हो, यंत्रीकृत 3/4 पहिया कृषि उपकरण का स्वामी ना हो, पूर्व से एल.पी.जी. कनेक्शनधारी ना हो।

लखपति दीदी की प्रेरक कहानी: स्व-सहायता समूह से जुड़कर प्रीति पटेल बनी आत्मनिर्भर

रायपुर शासन की महत्वाकांक्षी ग्रामीण आजीविका मिशन योजना ने आज गांव-गांव की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। ऐसी ही प्रेरक मिसाल बेमेतरा जिला की  ग्राम धोबानी खुर्द की श्रीमती प्रीति पटेल हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बनाई। आज वे “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद बदली जिंदगी             श्रीमती प्रीति पटेल बताती हैं कि पूर्व में उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी और परिवार का भरण- पोषण करना कठिन हो रहा था। 01 जून 2018 को वे लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जिसके बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई। समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें सामुदायिक निवेश निधि (CIF) के रूप में 60 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही बैंक से ऋण लेकर उन्होंने सब्जी उत्पादन एवं बड़ी (पापड़-बड़ी) निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। नियमित आय आरंभ होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। स्वरोजगार से बढ़ी आय, अन्य महिलाओं को भी कर रहीं प्रेरित          प्रीति पटेल ने समूह की सहायता और शासन की योजनाओं के सहयोग से सब्जी उत्पादन के साथ-साथ बकरी पालन एवं गाय पालन का कार्य भी प्रारंभ की। आज वे एक सक्रिय सदस्य के रूप में गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और स्व-सहायता समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मविश्वास के साथ आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं। शासन की योजनाओं से मिला संबल              राज्य शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा लखपति दीदी अभियान के अंतर्गत महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं विपणन सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना तथा उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करना है। प्रीति पटेल ने इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन की दिशा बदल दी। आवास योजना से मिला पक्का घर             प्रीति पटेल को शासन की आवास योजना का भी लाभ प्राप्त हुआ। बैंक ऋण एवं शासकीय सहायता से उन्होंने अपना पक्का घर बनवाया। वे बताती हैं कि पहले वे कच्चे मकान में रहती थीं, किंतु आज उनके पास स्वयं का पक्का घर है। यह परिवर्तन उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में वृद्धि का प्रतीक है। महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल              प्रीति पटेल की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाएं संगठित होकर स्व-सहायता समूह से जुड़ें और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी यह यात्रा ग्रामीण महिलाओं के लिए आशा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की प्रेरक स्रोत है।

रायपुर : ग्राफ्टेड बैगन से 16 लाख रूपए की आमदनी

रायपुर  रायपुर : ग्राफ्टेड बैगन से 16 लाख रूपए की आमदनी किसान वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और सही मार्गदर्शन के साथ खेती करें, तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड के ग्राम करही के किसान चिंतामणि बंजारे ने नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया है। उन्होंने परंपरागत सब्जी खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 10 एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर लगभग 1100 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उन्हें करीब 16 लाख रुपये की आमदनी हुई है।   कृषक चिंतामणी ने बताया कि सामान्य फसल की तुलना में ग्राफ्टेड बैगन में लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन अधिक मिलता है, परिणामस्वरूप आय दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। ग्राफ्टेड बैंगन की विशेषता इसकी मजबूत जड़ प्रणाली, रोग प्रतिरोधक क्षमता और अधिक उत्पादन है। पहले वे सामान्य सब्जियों की खेती करते थे, जिसमें लाभ सीमित और जोखिम अधिक था। किंतु उद्यान विभाग के प्रोत्साहन, तकनीकी सलाह और उन्नत पौध सामग्री के उपयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी। उचित सिंचाई प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और नियमित देखभाल से फसल की गुणवत्ता बेहतर रही, जिससे बाजार में उन्हें अच्छा मूल्य प्राप्त हुआ। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने उनके परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव में आधुनिक कृषि की नई सोच को भी प्रोत्साहित किया है।

जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर

रायपुर जांजगीर का रहस्यमयी विष्णु मंदिर, कलचुरी काल की अमर धरोहर छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कलचुरी काल की स्थापत्य विरासत इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है। अद्वितीय शिल्पकला और सूक्ष्म नक्काशी मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है। अधूरापन: रहस्य और किंवदंती मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था। आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो। विरासत जो अधूरी होकर भी पूर्ण है जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सौर ऊर्जा ने लगाई ऐतिहासिक छलांग

रायपुर : सौर ऊर्जा की ऐतिहासिक छलांग छत्तीसगढ के राजनांदगांव में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1340 घर हुए रोशन, हजारों को मिल रही बिजली बिल में राहत रायपुर भारत जैसे देश में सूरज की रोशनी बहुत है इसलिए यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश के हर कोने तक सस्ती और साफ़ बिजली पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों द्वारा वेंडर चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है तथा 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि वितरित की जा चुकी है।                प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकेंगें और केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना अब आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बन गई है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आसान आवेदन प्रक्रिया आसान है। इस सप्ताह भी रही तेज रफ्तार प्रगति           प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव जिले में केवल इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए तथा 96 इंस्टॉलेशन पूर्ण किए गए। यह आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाते हैं। बिजली बिल में कमी, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक         प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत के रूप में मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। कई घरों में बिल शून्य या नकारात्मक तक आ रहे हैं।  अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में आपूर्ति कर उपभोक्ता आय भी अर्जित कर रहे हैं          शासन की इस पहल से जहां परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। प्रशासन की सक्रिय निगरानी          जिला प्रशासन द्वारा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण तथा उपभोक्ताओं को सतत मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं।

रायपुर: नक्सल प्रभावित क्षेत्र से छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन हब

रायपुर : छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वार रायपुर कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।  इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।

रायगढ़ में हुड़दंगियों पर ड्रोन की नजर, होली के लिए 16 चेकिंग पॉइंट सक्रिय

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में होली शालीनता पूर्वक मनाने के लिए इस बार ड्रोन कैमरों से हुड़दंगियों पर नजर रखी जाएगी। रायगढ़ पुलिस अलर्ट मोड में है। शहर में चार सौ पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। वहीं शहर में 16 चेकिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। रायगढ़ जिले में पिछले 48 घंटे से पुलिस जवान तैनात हैं। बीती रात होलिका दहन शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। होली की चौक-चौबंद व्यवस्था को लेकर एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने आज पुलिस कार्यालय से जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की वर्चुअल बैठक लेकर होली ड्यूटी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान पुलिस का रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण रहेगा और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा को सौंपी गई है। सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि अगले 48 घंटे लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग पॉइंट्स पर सघन जांच और बाइकर्स गैंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल और कोतरारोड़ क्षेत्रों में बनाए गए 16 चेकिंग पॉइंट्स पर यातायात टीम द्वारा ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। एसएसपी के निर्देश पर इस बार थाना कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतरारोड़ और खरसिया क्षेत्र में 5 ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। पेट्रोलिंग यूनिट्स की लाइव लोकेशन के साथ एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय किया गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पेट्रोलिंग टीम तत्काल सहायता प्रदान कर सके। ड्रोन, व्हाट्सएप ग्रुप और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष मॉनिटरिंग रूम बनाया गया है, जहां एक्सपर्ट टीम रियल टाइम मॉनिटरिंग कर किसी भी घटना या दुर्घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देगी। सुरक्षा प्रबंधन के तहत शहर के चार थाना क्षेत्रों में 27 पेट्रोलिंग, 16 चेकिंग पॉइंट्स तथा कोतवाली क्षेत्र में 24, कोतरारोड़ में 12 और जूटमिल व चक्रधरनगर में 10-10 फिक्स पिकेट पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एडी स्क्वॉड की टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाना और महिला थाना की टीम सादी वर्दी में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखेगी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही अनुविभाग के थानों में एसडीओपी, थानों और पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल मुस्तैद रहेंगे। होली के दौरान जिले में पुलिस बल के साथ छठवीं बटालियन और मैनपाट बटालियन से प्राप्त बल सहित लगभग 400 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए समय पर भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के वाटर एरिया पर विशेष निगरानी रखने, प्रशिक्षित होमगार्ड गोताखोरों की तैनाती करने तथा फायर ब्रिगेड को विभिन्न स्थानों पर तैयार रखने को कहा गया है। रायगढ़ पुलिस आज शाम सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को संदेश देगी कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एसएसपी ने आगामी दो दिनों की ड्यूटी के लिए सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समन्वय और सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, हुड़दंग, छेड़छाड़, शराब पीकर वाहन चलाना या शांति भंग करने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार की आड़ में कानून तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

BJP की नई लिस्ट जारी: 9 नामों का ऐलान, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा मैदान में

रायपुर  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने रणनीतिक बदलाव करते हुए बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से कुल नौ चेहरों पर दांव लगाया है। इस सूची में अनुभवी संगठनकर्ताओं और क्षेत्रीय क्षत्रपों को प्राथमिकता दी गई है। नितिन नवीन और शिवेश कुमार पर भरोसा बिहार की खाली हो रही पांच सीटों में से भाजपा ने दो उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। पार्टी ने अपने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और पटना की बांकीपुर सीट से पांच बार के विधायक नितिन नवीन को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। उनके साथ ही युवा नेता शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया गया है। नितिन नवीन की स्वच्छ छवि और सांगठनिक पकड़ को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न प्रदेशों में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। pic.twitter.com/38I3mo5KMb — BJP (@BJP4India) March 3, 2026 अनुभवी चेहरों को तरजीह     हरियाणा: भाजपा ने यहां से संजय भाटिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले भाटिया की गिनती मुख्यमंत्री के करीबियों और पार्टी के रणनीतिकारों में होती है। छत्तीसगढ़: महिला मोर्चा की सक्रिय नेता लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। राज्य में भाजपा सरकार होने के कारण लक्ष्मी वर्मा की जीत लगभग तय मानी जा रही है। असम,ओडिशा और बंगाल का समीकरण भाजपा ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इन नामों पर मुहर लगाई है: असम: राज्य सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को टिकट दिया गया है। असम की तीन खाली सीटों पर भाजपा अपनी बढ़त बनाए रखना चाहती है।      ओडिशा: वरिष्ठ नेता मनमोहन समल और सुजीत कुमार को मैदान में उतारा गया है। राज्य की सत्ता में होने के कारण भाजपा के लिए यहाँ की राह आसान है।      पश्चिम बंगाल: पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। बंगाल में संगठन को धार देने के लिए सिन्हा को उच्च सदन भेजा जा रहा है। जीत का गणित और आगामी चुनौती राज्यसभा में देशभर की कुल 37 खाली सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में भाजपा ने अपने कोर वोट बैंक और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों में भाजपा की अपनी सरकारें हैं, जिससे पार्टी के उम्मीदवारों का उच्च सदन पहुंचना तय माना जा रहा है।  

धान की अंतर राशि को लेकर कांग्रेस पर बरसे साव, राज्यसभा प्रत्याशी और असम चुनाव पर कसा तंज

रायपुर छत्तीसगढ़ में धान की अंतर राशि को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने जहां इसे को किसानों के साथ 'प्रति एकड़ 3000 रुपए का चूना' करार दिया, वहीं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर किसानों को ठगने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने अपने कार्यकाल में किसानों से किए वादे पूरे नहीं किए, उसे इस मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किसानों को दो साल का बोनस देने का वादा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं किया। इसके विपरीत राज्य सरकार ने कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी के बाद अंतर की पूरी राशि एकमुश्त किसानों के खातों में जारी की है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है। राज्यसभा प्रत्याशी चयन को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी के नाम पर चल रही अटकलों के बीच अरुण साव ने कहा कि पार्टी में चयन की प्रक्रिया जारी है और तय समय पर नाम की घोषणा तथा नामांकन किया जाएगा। स्थानीय प्रत्याशी की मांग के सवाल पर उन्होंने कांग्रेस पर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा योग्य और सक्रिय कार्यकर्ता को अवसर देती है तथा अंतिम निर्णय पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड करता है। असम में चुनावी जिम्मेदारी मिलने पर भी उन्होंने अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पार्टी के निर्देशानुसार वे असम में संगठनात्मक कार्य कर रहे हैं और उन्हें लखीमपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहां स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर चुनावी रणनीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि असम में भाजपा ऐतिहासिक प्रदर्शन करेगी।

पुनर्वास केंद्र पहुंचे अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, सुविधाओं और योजनाओं की समीक्षा

रायपुर अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने आज मंगलवार को कोंडागांव जिले के प्रवास के दौरान देव खरगांव स्थित पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित व्यक्तियों से संवाद कर उनकी दैनिक गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही केंद्र में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने पुनर्वास केंद्र के व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए प्रशिक्षण के साथ-साथ उनकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने को कहा ताकि पुनर्वासित व्यक्तियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने कृषि संबंधी स्वरोजगार पर विशेष ध्यान देने को कहा और सुबह शाम नियमित प्रार्थना कराने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टरमती नूपुर राशि पन्ना एवं पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने पुनर्वासित व्यक्तियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। इस मौके पर 01 पुनर्वासित व्यक्ति को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और 01 व्यक्ति को स्मार्टफोन भी प्रदाय किया। साथ ही सभी को प्रेरणा लेने हेतु प्रेरित किया।  गारमेंट फैक्ट्री का भी किया अवलोकन अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने जिला मुख्यालय स्थित कोंडानार गारमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण कर वहां संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया तथा प्रबंधन से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।  इस अवसर पर एसडीएम अजय उरांव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश दांडे, डीएसपी सतीश भार्गव तथा केंद्र प्रभारी पुनेश्वर वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।