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सुरक्षा एजेंसियों के खौफ से बस्तर में नक्सलियों के TCOC पर सन्नाटा

बस्तर. देश के सबसे बड़े नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में इस बार एक अलग स्थिति देखने को मिल रही है। करीब दो दशक में पहली बार ऐसा लग रहा है कि नक्सली अपने अहम सैन्य अभियान TCOC (Tactical Counter Offensive Campaign) की शुरुआत तय समय पर नहीं कर पाए हैं। आमतौर पर यह अभियान हर साल 8 मार्च के बाद शुरू होकर जून तक चलता है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करना और बस्तर जैसे क्षेत्रों में अपनी पैठ बढ़ाना होता है। यह अभियान उनके गुरिल्ला युद्ध का हिस्सा है, जिसमें वे सूखे और पतझड़ के मौसम का फायदा उठाते हैं। लेकिन इस बार शुरुआती दिनों में किसी बड़ी गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन पर बढ़ते दबाव और कमजोर होती संरचना का परिणाम मान रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगातार चलाए गए ऑपरेशन में कई बड़े कमांडर मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके साथ ही जंगलों में नए सुरक्षा कैंप, सड़कों का तेजी से विस्तार और ड्रोन सर्विलांस ने नक्सलियों की गतिविधियों को काफी सीमित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों के खौफ से अब नक्सली बड़ी संख्या में एकत्र होकर रणनीति बनाने में भी मुश्किल महसूस कर रहे हैं। ऐसे में बड़े हमलों की योजना बनाना उनके लिए पहले जितना आसान नहीं रह गया है।हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं। आशंका है कि नक्सली छोटे या मध्यम स्तर के हमलों के जरिए अभियान की शुरुआत कर सकते हैं। इसे देखते हुए बस्तर संभाग के सभी जिलों में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यदि इस साल भी टीसीओसी प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाता, तो यह नक्सली आंदोलन के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका साबित हो सकता है।

युवा किसान रत्ना की सफलता की कहानी: 21 की उम्र में आधुनिक खेती से लाखों की कमाई

सरगुजा सरगुजा के डिगमा गांव की रहने वाली रत्ना मजूमदार ने शादी के बाद अपने परिवार की खेती को नई दिशा दी। रत्ना ने नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन की महिला समूह से जुड़कर लोन लिया और दो एकड़ में गेंदे के फूल की खेती शुरू की। गेंदे के फूल की खेती में प्रति एकड़ करीब एक लाख रुपये की लागत आती है और उत्पादन करीब दो लाख रुपये तक पहुंच जाता है। यानी लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा होता है। खास बात यह है कि तीन महीने में एक फसल तैयार हो जाती है और साल में चार बार उत्पादन मिलता है। रत्ना मजूमदार का कहना है कि ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक तकनीक से खेती आसान हो गई है और युवाओं को भी खेती की ओर आना चाहिए। रत्ना मजूमदार ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि शादी के बाद जब मैं ससुराल आई तो देखा कि मेरे ससुराल वाले फूल की छोटी खेती करते थे। मैं मां महामाया समूह में जुड़ी तो देखा कि यहां से लोन लेकर सभी महिलाएं अपने काम को आगे बढ़ाती हैं। मैंने भी समूह से लोन लिया और इस काम को आगे बढ़ाया। पहले हम लोग छोटे पैमाने पर करते थे, अब हम लोग दो-तीन एकड़ में करते हैं। उन्होंने बताया कि हम लोगों की लागत डेढ़ से दो लाख रुपए लग जाती है और प्रॉफिट 50 प्रतिशत तक आ जाती है। उन्होंने बताया कि गेंदे के फूल की खेती के लिए पौधे कोलकाता से आते हैं। उन लोगों से हम पौधों को खरीदते हैं और अपने खेतों में लगाते हैं। पहले महीने में इसका फूल आ जाता है। ये फूल तीन महीने तक लगातार चलते हैं। फिर हम लोग इसको हटाकर नए पौधे लगाते हैं। उन्होंने पीएम मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि हम महिलाओं को लोन देकर आगे बढ़ाने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि आप भी समूह में जुड़िए। अपने छोटे-मोटे काम को आगे बढ़ाइए। यानी अगर आधुनिक तकनीक के साथ खेती की जाए तो खेती भी रोजगार का बड़ा जरिया बन सकती है। सरगुजा से यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।

बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं

रायपुर बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक श्री अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, सीआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष श्री नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, श्री रमेश ठाकुर, श्री भागीरथी यादव, श्री मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

क्षेत्र में बिछेगा सड़कों और पुल-पुलियों का जाल

रायपुर, भानपुरी में आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम हेल्थ एटीएम का शुभारंभ बस्तर के विकास और जन-सुविधाओं की दिशा में शुक्रवार को नई शुरुआत हुई, जहाँ आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम देखने को मिला। क्षेत्र के स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से बस्तर जिले में हेल्थ एटीएम सेवा का ऐतिहासिक शुभारंभ किया गया है।  वन मंत्री  केदार कश्यप ने भानपुरी स्थित सिविल अस्पताल में इस हाईटेक स्वास्थ्य सुविधा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।  उन्होंने क्षेत्रवासियों को 36.50 लाख रूपए के निर्माण कार्यों की सौगात देते हुए ग्राम राजपुर और खड़का में विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि यह हेल्थ एटीएम बस्तर के दूरस्थ अंचलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि अब ग्रामीणों को छोटी-बड़ी जांचों के लिए बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से नागरिक ब्लड प्रेशर, शुगर, ईसीजी और ऑक्सीजन लेवल सहित 100 से अधिक प्रकार की स्वास्थ्य जांचें तत्काल करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे क्रांतिकारी पहलू यह है कि यह मशीन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान करने में सक्षम है, जिससे समय रहते उपचार संभव हो सकेगा। इसके साथ ही, टेलीमेडिसिन सुविधा के जरिए मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर परामर्श ले सकेंगे और उनकी पूरी मेडिकल रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में इस डिजिटल क्रांति के साथ-साथ नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास का शंखनाद भी गूँजा। कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए वनमंत्री  कश्यप ने सालेमेटा और राजपुर सरगीगुड़ा में नई सीसी सड़कों की आधारशिला रखी गई, जो ग्रामीणों को कीचड़ और दुर्गम रास्तों से स्थायी निजात दिलाएंगी। इसके अलावा तिरथा, सुधापाल और खड़का में नई पुलियों के निर्माण से मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से बना रहेगा। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए घोटिया दुलारदई गुड़ी में एक नवीन सामुदायिक भवन के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इन सभी विकास कार्यों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के एकीकृत प्रयासों ने बस्तर में हर्ष और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है।  इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती वेदवती कश्यप, पूर्व सांसद  दिनेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी ग्रामीण उपस्थित थे।

सूरजपुर में स्कूल पर ताला, घंटों बाहर बैठे रहे छात्र; 6 शिक्षकों पर कार्रवाई

सूरजपुर  जिले के भैयाथान ब्लाक अंतर्गत सांवारांवा स्थित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला में गुरुवार को लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। स्कूल समय में विद्यालय का ताला नहीं खुलने के कारण छात्र-छात्राएं बाहर ही बैठे रहे। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधान पाठक सहित छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार पांच मार्च को सुबह 11 बजे तक सांवारांवा के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला बंद पाए गए। विद्यालय परिसर में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इस दौरान पढ़ने आए छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर बैठे रहे। शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण बच्चों को मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी मोबाइल के माध्यम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी भैयाथान को दी। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने निरीक्षण कराया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में भी बच्चे स्कूल के बाहर बैठे नजर आ रहे हैं और विद्यालय में ताला लटका दिखाई दे रहा है। छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने प्रधान पाठक सहित छह शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय समय में स्कूल बंद पाया जाना और शिक्षकों की अनुपस्थिति शासकीय दायित्व के प्रति गंभीर लापरवाही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनको मिला नोटिश जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें प्रधान पाठक संजय गुप्ता, संकुल समन्वयक रामजतन कुशवाहा, शिक्षिका इशा खलखो, प्रीति टोप्पो तथा शिक्षक अजित कुमार चन्द्रा और रमेश चेसकर शामिल हैं।

टेंडर से अवॉर्ड तक पूरी प्रक्रिया की समय-सीमा तय करने के निर्देश

रायपुर सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने यह निर्देश आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों और गतिविधियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण केवल तकनीकी कार्य नहीं बल्कि आमजन की सुविधा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य है और इससे सरकार की छवि भी बनती है। यदि सड़क बनने के कुछ वर्षों के भीतर ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही बनी थी, लेकिन उसकी स्थिति तेजी से खराब हो गई है। यदि सड़क चार वर्ष भी नहीं चले तो इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस सड़क के निर्माण में हुई कमियों की गंभीरता से जांच की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो इसके लिए निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की सख्त निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, लेकिन आमजन को इन कार्यों की जानकारी नहीं मिल पाती जिससे सकारात्मक नैरेटिव नहीं बनता। उन्होंने निर्देश दिए कि बड़ी सड़क परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमिपूजन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के हाथों से कराए जाएं तथा उन्हें व्यापक रूप से आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण के टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर यानी बिलो रेट पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिसके कारण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यदि ठेकेदार बिलो रेट पर टेंडर लेता है तो यह उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह कार्य को निर्धारित गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उपयुक्त प्रावधान लागू किए जाएं। साथ ही टेंडर और डीपीआर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए एक अलग इकाई बनाने पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां बरसात के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार बीमार मरीजों को खाट में उठाकर ले जाना पड़ता है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। खाद्य विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर चिन्हित इन गांवों को सड़कों और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए। मुख्यमंत्री  साय ने लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी आबादी निवास करती है और यहां सड़क का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इस मार्ग के कुछ हिस्से में वन स्वीकृति की आवश्यकता होगी, लेकिन शेष हिस्सों में निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए। बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लगभग 353 किलोमीटर लंबाई वाली इस सड़क परियोजना की स्थिति पर चर्चा की गई।पत्थलगांव-कुनकुरी खंड में भू-अर्जन का मुआवजा दिए जाने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग, रायपुर–दुर्ग मार्ग तथा चिल्फी क्षेत्र की सड़कों सहित कई अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।  बैठक में बस्तर में पुल-पुलिया निर्माण सहित 17 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राज्य द्रुतगामी सड़क संपर्क मार्ग की आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन बहुत पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब समय आ गया है कि शासकीय भवनों का निर्माण आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि भवनों का डिजाइन उनकी उपयोगिता के अनुरूप होना चाहिए और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की जगह वर्टिकल संरचना को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को भी आधुनिक और गरिमामय स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और लोग सड़क की गुणवत्ता को बहुत महत्व देते हैं। अन्य कई विकास कार्य भले दिखाई न दें, लेकिन सड़कें सीधे लोगों को दिखाई देती हैं और सरकार की छवि भी उसी के आधार पर बनती है। इसलिए लोक निर्माण विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है और इसमें होने वाले कार्यों को समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए जिससे सड़कों में बनने वाले गड्ढों की जानकारी समय पर मिल सके और उन्हें तुरंत ठीक किया जा सके। बैठक में मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।।  

ड्रोन तकनीक से किसानों की मदद कर आत्मनिर्भर बनीं सीमा

रायपुर ड्रोन तकनीक से किसानों की मदद कर आत्मनिर्भर बनीं सीमा कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवन बिताने वाली बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत पौंड़ी, जनपद पंचायत मस्तूरी की सीमा वर्मा आज अपने साहस, मेहनत और नई तकनीक को अपनाने की लगन से सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने जीवन की दिशा बदली, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। गांव में आज ड्रोन दीदी कहलाती हैं। वर्ष 2014 में सीमा वर्मा ने जय मां गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई यात्रा की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने समूह के साथ बचत और छोटे-छोटे कार्यों के माध्यम से आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले और उन्होंने पैरा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी।    कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा ने सीमा को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद शासन की सहायता से उन्हें ड्रोन सेट, जनरेटर और ई-वाहन उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उन्होंने किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव करना शुरू किया। आज सीमा वर्मा ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों की खेती को आसान बना रही हैं और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। गांव में लोग उन्हें अब स्नेहपूर्वक ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पुकारते हैं। सीमा वर्मा की यह प्रेरक यात्रा साबित करती है कि सही अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने हौसले के दम पर नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। ‘बिहान’ योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी और उनके सपनों को नई उड़ान प्रदान की।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में बड़ा हादसा, ट्रक की टक्कर से 5 की जान गई; 17 गंभीर

सिमगा बलौदाबाजार जिले के भाटापारा-सिमगा क्षेत्र में रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर ग्राम दरचुरा के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार आरबीएस कंपनी की बस (क्रमांक सीजी 07 सीआर 7112) रायपुर से बिलासपुर जा रही थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बस दरचुरा चौक के पास यात्रियों को बैठाने के लिए रुकी थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक (क्रमांक एमएच 37 टी 1821) के चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और सिमगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। कुल 29 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा लाया गया, जहां से 17 गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान हादसे में जान गंवाने वालों में त्रिवेणी साहू (62), दशरथ साहू (80) और खुशी साहू (2 वर्ष) निवासी ग्राम बाबा मोहतरा, राधिका निर्मलकर (24) निवासी बेमेतरा तथा एक अन्य युवती शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मर्ग कायम कर लिया है। प्रार्थी की शिकायत पर ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है।  

शासकीय स्कूलों के बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही विष्णु देव सरकार

रायपुर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे  कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर ंमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।      भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं। इसी तरह इसी तरह  कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा  कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत और भारतीयता के प्रति, एक नागरिक के रूप में उन कर्तव्यों का बोध कराने, सुयोग्य नागरिक बनाने हेतु अपने राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन कर रहा है। शिक्षा के साथ संस्कार भी आज बच्चों को दिए जा रहे हैं। यहां से निकले हुए छात्र आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समाज को नेतृत्व देकर 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ जुड़कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान दे रहे हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे विकास कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।    इस अवसर पर मध्य क्षेत्र विद्या भारती के उपाध्यक्ष  जुडावान सिंह ठाकुर,   अशोक तिवारी,  कैलाश नाहक, नगर   मृगेश यादव,  अमृतलाल,  नागेंद्र सिंह,  धीरेंद्र सिंह, स्कूल के व्यवस्थापक  जोगेश लांबा, पार्षद  अशोक चावलानी,  पंकज देवांगन,  नरेंद्र देवांगन,  हीतानंद अग्रवाल,  राकेश वर्मा,  चंद्रलोक सिंह, मती ममता यादव,  राम कुमार साहू, स्कूल के प्राचार्य  राजकुमार देवांगन, अध्यक्ष  नानजी भाई पटेल,  सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद  विन्रम तिवारी,  मुकुंद सिंह कंवर,  सरोज शांडिल्य ,  फिरत साहू,  रतन कंवर,  अजय चंद्रा, सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे. विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतर रही सरकार: महापौर मती संजू देवी राजपूत इस अवसर पर महापौर ंमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि विष्णुदेव सरकार आज विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतरते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व और उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन  के मार्गदर्शन में मूलभूत सुविधाओं सीसी रोड, नाली, पेयजल, सफाई, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन के निर्माण तेजी से हो रहे हैं। शहर के 10 नालों को जोड़कर एसटीपी प्लांट से पानी को ट्रीटमेंट करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।  क्षेत्र वासियों ने की विष्णु सरकार के प्रयासों की  सराहना भूमि पूजन कार्यक्रम में स्थाईजनों ने भी विष्णुदेव सरकार एवं मंत्री  देवांगन के इस पहल को लेकर आभार व्यक्त किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों ने कहा कि शौचालय नहीं होने से स्कूली बच्चों को बहुत परेशानी हो रही थी।  लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाओं को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्र के बच्चों को सर्व सुविधा स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा। इन कार्यों का भूमि पूजन नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए), कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अथिति स्वरूप भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल है। शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे  कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने  आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर ंमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।      भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री  देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं। इसी तरह इसी तरह  कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री  देवांगन ने कहा  कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत … Read more

जशपुर में भीषण दुर्घटना, घर में जा घुसी बस; 5 की मौत, 20 घायल

जशपुरनगर जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार झारखंड के सिमडेगा जिले के कुरडेग से जशपुर के कुनकुरी के बीच चलने वाली यात्री बस अनमोल शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे कुरडेग से कुनकुरी के लिए रवाना हुई थी। बस जब कुनकुरी से लगभग 14 किलोमीटर दूर हल्दीमुंड पंचायत के आश्रित ग्राम गोड़अम्बा के पास पहुंची, तभी एक पुल के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। बस के नीचे दबे कुछ यात्रियों को निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। दुर्घटना का प्रारंभिक कारण बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह मौके पर पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई। घायलों को तपकरा और कुनकुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना तपकरा थाना क्षेत्र के गोड़अम्बा में हुई बस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। दुर्घटना के बाद सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने भी सक्रियता दिखाते हुए घायलों की सहायता के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उपचार की व्यवस्था की निगरानी की।