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BBM डिवीजन के 15 नक्सली 3 मार्च तक करेंगे आत्मसमर्पण

रायपुर. छत्तीसगढ़ में लगातार जारी नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के दौरे के बीच, अब नक्सल संगठन के बीबीएम डिवीजन की ओर से गृहमंत्री विजय शर्मा को एक पत्र लिखा गया है. इसमें 3 मार्च तक 15 नक्सली हथियार के साथ सरेंडर करने की बात कही गई है. सभी को बलांगिर, बरगढ़ और महासमुंद इलाकों में सक्रीय बताया जाता है. यह पत्र पश्चिम सब ब्यूरो सचिव विकास ने जारी किया गया है.  पत्र में क्या-क्या लिखा? बीबीएम डिवीजन के नक्सलियों के पत्र में कहा गया है कि वह हथियार सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं. गृहमंत्री से रेडियो के माध्यम से सुरक्षा की गारंटी देने की अपील की है. आश्वासन मिलने के बाद 2 से 3 मार्च तक बाहर आने की बात कही है. नक्सलियों ने बताया कि वह  ओडिशा में है, लेकिन अधिकांश सदस्य बस्तर क्षेत्र के होने के कारण छत्तीसगढ़ में ही सरेंडर करने पर सहमत हुए हैं. एक टीम आगे बढ़कर संपर्क स्थापित कर रही है, जबकि बाकी सदस्य धीरे-धीरे पहुंच रहे हैं. 1 मार्च तक समय देने का आग्रह किया गया है. आत्मसमर्पण में देरी पर दी सफाई ? केंद्रीय कमेटी (CC) के निर्णय का इंतजार, आत्मसमर्पण करने वालों को बैरकों में रखने और बाद में केस में फंसाने की आशंका और कॉम्बिंग के दौरान मुठभेड़ का डर. इन कारणों से नक्सलियों कहना है कि कैडर में संशय है, इसलिए कुछ दिन इंतजार किया गया.  पत्र के अंत में लिखा गया है कि कुल 15 सदस्य – DVC-3, AC-5, PM-7, आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं और महासमुंद जिले में सरेंडर करने की योजना है. साथ ही मार्च 31 के लक्ष्य से 28 दिन पहले ही आत्मसमर्पण करने की बात कही गई है. सुरक्षा देने की अपील  पत्र में विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि आत्मसमर्पण के लिए नक्सलियों के लिए पुलिस कॉम्बिंग और दबाव की कार्रवाई रोकी जाए, ताकि आने वाले नक्सली सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंच सकें. साथ ही ओडिशा पुलिस को भी सूचना देकर बलांगिर और बरगढ़ जिलों में सर्च ऑपरेशन रोकने का अनुरोध किया गया है. नक्सलियों का कहना है कि रास्ते में सुरक्षा बलों की मूवमेंट दिखने पर समूह के बिखरने का खतरा है. गृहमंत्री शर्मा करेंगे वीडियो जारी गृहमंत्री विजय शर्मा का नक्सलियों के पत्र को लेकर बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि पत्र जारी कर बलांगिर, बरगढ़ और महासमुंद डिवीजन के नक्सलियों ने पुनर्वास की इच्छा जताई है. उनकी संख्या 15 से अधिक है. नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेडियो से संदेश देने अपील की है. नक्सलियों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रशस्त करने को लेकर सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है. गृहमंत्री ने बताया कि वह नक्सलियों से वापस लौटने की अपील, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और उन्नति का पूरा ध्यान रखने के संदेश के साथ एक वीडियो जारी करेंगे.

राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बने अधिकारियों ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें. उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी. इस दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त तीर्थराज अग्रवाल, सुलीना कोसम, बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सुमित अग्रवाल, संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष कुमार टिकरिहा, ऋषभ पाराशर एवं तरुण किरण उपस्थित थे.

गुरु घासीदास की जन्मस्थली पर मुख्यमंत्री साय बोले- ‘होली में निरस्त नहीं होगा ड्राई डे’

बलौदा बाजार. छत्तीसगढ़ के पवित्र धार्मिक स्थल गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुगद्दी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया, और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की. इस दौरान उन्होंने गिरौदपुरी मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उन्हें अपने हाथों से प्रसाद भी खिलाया. मुख्यमंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में होली पर्व को लेकर ड्राई डे के सवाल पर स्पष्ट कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी मेले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है, वहीं मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया.

छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज बादल बरसने के आसार हैं. लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्क्युलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है. इन मौसम तंत्र के प्रभाव से दो दिन के बाद रात में फिर ठंड बढ़ सकती है. लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर सकता है. सोमवार को प्रदेश के बस्तर संभाग में बारिश हो सकती है. साथ ही बादल गरजने के साथ बिजली गिर सकती है. वहीं राजधानी में बादल छाए रहने की उम्मीद जताई गई है. प्रदेश में रविवार को मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इस दौरान कहीं बारिश की गतिविधि दर्ज नहीं हुई. मौसम का लेटेस्ट अपडेट मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उसके बाद यह मुड़कर उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तरफ अगले 48 घंटे में जाने की संभावना है. एक द्रोणिका, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थत चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक, 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 23 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग के जिले संभावित है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं होने के आसार हैं. 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक गिरावट होने का दौर शुरू हो सकता है. न्यूनतम तापमान में गिरावट 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है.

मौसम का मिजाज बदलेगा: छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 23-24 फरवरी को हल्की बारिश के आसार

रायपुर लगातार बढ़ते तापमान के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन अगले 48 घंटों में कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का असर प्रदेश पर पड़ रहा है, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रवेश कर रही हैं। शनिवार को प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, हालांकि तापमान में तेजी दर्ज की गई। सुकमा में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नमी बढ़ने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से अति हल्की वर्षा हो सकती है। एक-दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्री-समर गतिविधियों की शुरुआत का संकेत हो सकता है। नमी और गर्मी के संयोजन से स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं, जिससे शाम या रात के समय छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, खासकर जिन क्षेत्रों में सब्जी और दलहन की फसल तैयार अवस्था में है। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। आगामी दिनों में तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है, लेकिन नमी के प्रभाव से वातावरण में हल्का बदलाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, फिर भी गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मिशन कनेक्ट से सुकमा में सुदृढ़ हुआ जनविश्वास : इमली के पेड़ तले सजी चौपाल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अंदरूनी इलाके के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन कनेक्ट के अंतर्गत गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पोंगाभेज्जी पहुंचकर  वहां की जमीनी हकीकत का मुआयना किया। इस मौके पर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मिशन कनेक्ट वास्तव में प्रशासन और ग्रामीणों के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।  पोंगाभेज्जी ग्राम पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों की टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं प्रगतिरत आवासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, शासकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। भ्रमण के दौरान ग्राम में इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों से रूबरू बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, नल-जल कनेक्शन, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत डबरी निर्माण एवं भूमि समतलीकरण कार्य, बकरी शेड एवं गौशाला शेड जैसी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने ग्राम में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की तथा निर्माणाधीन पुल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब अधिकांश घरों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण बेहद प्रसन्न नजर आए।  ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने आगामी शुक्रवार को ग्राम में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ग्राम पोंगाभेज्जी के पश्चात कलेक्टर ने सिरसट्टी, रवापारा एवं बड़ेसेट्टी ग्रामों का भी भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। मिशन कनेक्ट के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुँचे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की प्रक्रिया को गति मिले।

अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव

रायपुर अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ सुनिधि प्रधान, एसडीपीओ परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे। 

बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, उपकेंद्र अपग्रेड से उपभोक्ताओं को राहत

रायपुर ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है।  पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी। बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

तेज रफ्तार का कहर! ट्रक पलटने से कार सवारों पर टूटा मौत का मंजर

रायपुर रायपुर में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में धान से लदी ट्रक कार के ऊपर पलट गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पट्टा टूटने से अनियंत्रित होकर कार पर गिरा ट्रक घटना विधानसभा थाना क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक और कार दोनों बलौदाबाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चलती ट्रक का पट्टा (हुक/लॉकिंग सिस्टम) अचानक टूट गया, जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर बगल से गुजर रही कार पर जा गिरी। क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया। यह भी पढ़ें- धमतरी में फर्जी CID अधिकारी बनकर युवक जमा रहा था धौंस, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा, कार और मोबाइल जब्त एक की मौत, चार गंभीर और चालक हिरासत में एक व्यक्ति को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि चार अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।  

एसआईएचएम नया रायपुर में ब्रोशर प्रतियोगिता और पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी

रायपुर राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में  इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक  मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सु पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी  समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य  विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। राज्य और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को मिला सम्मान समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम  केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम  केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम  केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम  केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया। पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में करियर अवसरों की जानकारी कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा। युवाओं में पर्यटन जागरूकता की सशक्त पहल ‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।