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संस्कृति गौरव सम्मेलन में ऐतिहासिक घर वापसी, विधायक भावना बोहरा ने पैर पखारकर किया स्वागत

कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र में धर्म परिवर्तन के मुद्दे को लेकर राजनीति और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पंडरिया की विधायक भावना बोहरा इस विषय पर लगातार मुखर रुख अपनाए हुए हैं। रविवार को पंडरिया विकासखंड के आदिवासी ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 165 लोगों ने पुनः अपने मूल धर्म में वापसी की। बताया जा रहा है कि अब तक विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से 500 से अधिक लोग सनातन धर्म में लौट चुके हैं। ग्राम कुलहीडोंगरी में आयोजित ‘संस्कृति गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह’ में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम का माहौल पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। विधायक भावना बोहरा ने धर्म वापसी करने वाले सभी लोगों का पारंपरिक रीति-रिवाज से पैर पखारकर और नारियल भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार, इस पहल को क्षेत्र में सांस्कृतिक अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बोहरा ने धर्म परिवर्तन कराने में कथित रूप से सक्रिय एजेंटों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सीधे-साधे लोगों को लालच, प्रलोभन या अंधविश्वास में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराना स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ने किसी कारणवश अन्य धर्म अपनाया है, तो उनकी धर्म वापसी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें सामाजिक सम्मान के साथ पुनः जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।

टॉप माओवादी लीडर देवजी और मल्ला राजिरेड्डी ने किया सरेंडर

रायपुर. माओवादी संगठन को बड़ा झटका देते हुए उसके दो टॉप नेताओं ने सरेंडर कर दिया है। सेंट्रल माओवादी पार्टी के पूर्व सेक्रेटरी देवजी और माओवादी पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्ला राजिरेड्डी ने तेलंगाना की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) के सामने 18 माओवादियों के साथ सरेंडर कर दिया। दोनों नेताओं ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने लंबे समय से संगठन की स्ट्रेटेजिक एक्टिविटीज़ और बढ़ाने के प्लान में अहम भूमिका निभाई थी। उनके सरेंडर को माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर संगठन के सेंट्रल स्ट्रक्चर के लिहाज़ से। सूत्रों के मुताबिक, सिक्योरिटी एजेंसियों के बढ़ते दबाव, चल रहे ऑपरेशन और बदलते हालात के बीच, दोनों नेताओं ने 18 माओवादियों के साथ मेनस्ट्रीम में लौटने का फैसला किया। अपने सरेंडर के दौरान, उन्होंने हिंसक एक्टिविटीज़ से दूरी बनाई और डेमोक्रेटिक प्रोसेस में अपना भरोसा जताया। नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिक्योरिटी एजेंसियों का मानना ​​है कि इन दोनों सीनियर लीडर्स के सरेंडर से ऑर्गनाइज़ेशन की स्ट्रेटेजिक क्षमताएं कमज़ोर होंगी और दूसरे एक्टिव कैडर पर असर पड़ सकता है। तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) अब उनसे पूछताछ कर रहा है ताकि ऑर्गनाइज़ेशन के अंदरूनी स्ट्रक्चर, फंडिंग और नेटवर्क के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा सके। उन्हें सरकार की रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत फायदे मिलने की संभावना है, जैसा कि बताया गया है। इस बीच, सिक्योरिटी फोर्स इसे एंटी-नक्सल कैंपेन में एक बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।

विवाह भोज के बाद ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी, 44 लोग पड़े बीमार

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से फूड पॉइजनिंग का सनसीखेज मामला सामने आया है, जहां दो ग्राम पंचायतों के 44 ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण शादी के चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम में भोजन करने के बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि गांव वापस लौटने के बाद ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई। ग्राम पंचायत आमदी (द) के आश्रित मोहलाई के 17 ग्रामीण और ग्राम पंचायत दर्रीपारा के बोइरगांव के 27 ग्रामीण फूड पॉयजनिंग के शिकार हुए हैं। दोनों ग्रामों के कुल मिलाकर अब तक 44 ग्रामीण बीमार बताए जा रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। उपस्वास्थ्य केंद्र कोसमी में शिविर लगाकर सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार के साथ आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। सीएमओ वीएस नवरत्न ने बताया कि मामले की सूचना के बाद डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का दल कोसमी सेक्टर में ड्यूटी पर लगाया गया है। पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। अब तक 40 से ज्यादा लोगों का उपचार किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है।

राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार: ओपी चौधरी ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण, GSDP 11.57% बढ़ने का अनुमान

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57% बढ़ने का अनुमान जताया. उन्होंने GSDP 6.31 लाख करोड़ रुपए होेने की संभावना जताई. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53%, उद्योग क्षेत्र में 10.26%, सेवा क्षेत्र में 13.15% के साथ स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि का अनुमान जताया. उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76%, उद्योग में 9.91% और सेवा क्षेत्र में 10.08% की बढ़ोतरी हुई. वित्त मंत्री ने सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से अधिक है.

BBM डिवीजन के 15 नक्सली 3 मार्च तक करेंगे आत्मसमर्पण

रायपुर. छत्तीसगढ़ में लगातार जारी नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के दौरे के बीच, अब नक्सल संगठन के बीबीएम डिवीजन की ओर से गृहमंत्री विजय शर्मा को एक पत्र लिखा गया है. इसमें 3 मार्च तक 15 नक्सली हथियार के साथ सरेंडर करने की बात कही गई है. सभी को बलांगिर, बरगढ़ और महासमुंद इलाकों में सक्रीय बताया जाता है. यह पत्र पश्चिम सब ब्यूरो सचिव विकास ने जारी किया गया है.  पत्र में क्या-क्या लिखा? बीबीएम डिवीजन के नक्सलियों के पत्र में कहा गया है कि वह हथियार सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं. गृहमंत्री से रेडियो के माध्यम से सुरक्षा की गारंटी देने की अपील की है. आश्वासन मिलने के बाद 2 से 3 मार्च तक बाहर आने की बात कही है. नक्सलियों ने बताया कि वह  ओडिशा में है, लेकिन अधिकांश सदस्य बस्तर क्षेत्र के होने के कारण छत्तीसगढ़ में ही सरेंडर करने पर सहमत हुए हैं. एक टीम आगे बढ़कर संपर्क स्थापित कर रही है, जबकि बाकी सदस्य धीरे-धीरे पहुंच रहे हैं. 1 मार्च तक समय देने का आग्रह किया गया है. आत्मसमर्पण में देरी पर दी सफाई ? केंद्रीय कमेटी (CC) के निर्णय का इंतजार, आत्मसमर्पण करने वालों को बैरकों में रखने और बाद में केस में फंसाने की आशंका और कॉम्बिंग के दौरान मुठभेड़ का डर. इन कारणों से नक्सलियों कहना है कि कैडर में संशय है, इसलिए कुछ दिन इंतजार किया गया.  पत्र के अंत में लिखा गया है कि कुल 15 सदस्य – DVC-3, AC-5, PM-7, आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं और महासमुंद जिले में सरेंडर करने की योजना है. साथ ही मार्च 31 के लक्ष्य से 28 दिन पहले ही आत्मसमर्पण करने की बात कही गई है. सुरक्षा देने की अपील  पत्र में विशेष रूप से आग्रह किया गया है कि आत्मसमर्पण के लिए नक्सलियों के लिए पुलिस कॉम्बिंग और दबाव की कार्रवाई रोकी जाए, ताकि आने वाले नक्सली सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंच सकें. साथ ही ओडिशा पुलिस को भी सूचना देकर बलांगिर और बरगढ़ जिलों में सर्च ऑपरेशन रोकने का अनुरोध किया गया है. नक्सलियों का कहना है कि रास्ते में सुरक्षा बलों की मूवमेंट दिखने पर समूह के बिखरने का खतरा है. गृहमंत्री शर्मा करेंगे वीडियो जारी गृहमंत्री विजय शर्मा का नक्सलियों के पत्र को लेकर बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि पत्र जारी कर बलांगिर, बरगढ़ और महासमुंद डिवीजन के नक्सलियों ने पुनर्वास की इच्छा जताई है. उनकी संख्या 15 से अधिक है. नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेडियो से संदेश देने अपील की है. नक्सलियों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रशस्त करने को लेकर सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है. गृहमंत्री ने बताया कि वह नक्सलियों से वापस लौटने की अपील, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और उन्नति का पूरा ध्यान रखने के संदेश के साथ एक वीडियो जारी करेंगे.

राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बने अधिकारियों ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें. उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी. इस दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त तीर्थराज अग्रवाल, सुलीना कोसम, बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सुमित अग्रवाल, संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष कुमार टिकरिहा, ऋषभ पाराशर एवं तरुण किरण उपस्थित थे.

गुरु घासीदास की जन्मस्थली पर मुख्यमंत्री साय बोले- ‘होली में निरस्त नहीं होगा ड्राई डे’

बलौदा बाजार. छत्तीसगढ़ के पवित्र धार्मिक स्थल गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुगद्दी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया, और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की. इस दौरान उन्होंने गिरौदपुरी मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उन्हें अपने हाथों से प्रसाद भी खिलाया. मुख्यमंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में होली पर्व को लेकर ड्राई डे के सवाल पर स्पष्ट कहा कि होली में ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा. अपने निर्धारित नियमों के अनुसार ड्राई डे लागू रहेगा. गिरौदपुरी मेले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है, वहीं मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया.

छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज बादल बरसने के आसार हैं. लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्क्युलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है. इन मौसम तंत्र के प्रभाव से दो दिन के बाद रात में फिर ठंड बढ़ सकती है. लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिर सकता है. सोमवार को प्रदेश के बस्तर संभाग में बारिश हो सकती है. साथ ही बादल गरजने के साथ बिजली गिर सकती है. वहीं राजधानी में बादल छाए रहने की उम्मीद जताई गई है. प्रदेश में रविवार को मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इस दौरान कहीं बारिश की गतिविधि दर्ज नहीं हुई. मौसम का लेटेस्ट अपडेट मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और उसके बाद यह मुड़कर उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तरफ अगले 48 घंटे में जाने की संभावना है. एक द्रोणिका, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थत चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक, 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 23 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बस्तर संभाग के जिले संभावित है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है. अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं होने के आसार हैं. 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक गिरावट होने का दौर शुरू हो सकता है. न्यूनतम तापमान में गिरावट 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है. रायपुर में कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है.

मौसम का मिजाज बदलेगा: छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 23-24 फरवरी को हल्की बारिश के आसार

रायपुर लगातार बढ़ते तापमान के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन अगले 48 घंटों में कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का असर प्रदेश पर पड़ रहा है, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रवेश कर रही हैं। शनिवार को प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, हालांकि तापमान में तेजी दर्ज की गई। सुकमा में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नमी बढ़ने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से अति हल्की वर्षा हो सकती है। एक-दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्री-समर गतिविधियों की शुरुआत का संकेत हो सकता है। नमी और गर्मी के संयोजन से स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं, जिससे शाम या रात के समय छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, खासकर जिन क्षेत्रों में सब्जी और दलहन की फसल तैयार अवस्था में है। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। आगामी दिनों में तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है, लेकिन नमी के प्रभाव से वातावरण में हल्का बदलाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, फिर भी गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मिशन कनेक्ट से सुकमा में सुदृढ़ हुआ जनविश्वास : इमली के पेड़ तले सजी चौपाल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अंदरूनी इलाके के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन कनेक्ट के अंतर्गत गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पोंगाभेज्जी पहुंचकर  वहां की जमीनी हकीकत का मुआयना किया। इस मौके पर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मिशन कनेक्ट वास्तव में प्रशासन और ग्रामीणों के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।  पोंगाभेज्जी ग्राम पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों की टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं प्रगतिरत आवासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, शासकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। भ्रमण के दौरान ग्राम में इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों से रूबरू बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, नल-जल कनेक्शन, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत डबरी निर्माण एवं भूमि समतलीकरण कार्य, बकरी शेड एवं गौशाला शेड जैसी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने ग्राम में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की तथा निर्माणाधीन पुल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब अधिकांश घरों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण बेहद प्रसन्न नजर आए।  ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने आगामी शुक्रवार को ग्राम में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ग्राम पोंगाभेज्जी के पश्चात कलेक्टर ने सिरसट्टी, रवापारा एवं बड़ेसेट्टी ग्रामों का भी भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। मिशन कनेक्ट के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुँचे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की प्रक्रिया को गति मिले।