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भयंकर अग्निकांड: कपड़ा दुकान में लगी आग से भारी नुकसान

सरगुजा बतौली थाना क्षेत्र के शांतिपारा स्थित ‘अमित क्लॉथ’ नामक दुकान में देर रात भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा और कीमती सामान जलकर खाक हो गया. स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल दमकल की टीम और बतौली पुलिस मौके पर पहुँची, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. दुकानदार के अनुसार इस अग्निकांड में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. गनीमत रही कि दमकल की सक्रियता से आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी इलाके में फैलने से पहले ही बुझा ली गई.

सीएम साय बोले—छत्तीसगढ़ के जनजीवन पर कबीरपंथ का गहरा प्रभाव

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपए करने की घोषणा की। इस अवसर पर सीएम साय ने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब, पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है, जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब ​मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक भावना बोहरा, ईश्वर साहू, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

भोरमदेव जंगल में बाघों की वापसी: कैमरा ट्रैप में दिखे बाघ और बाघिन, जल्द शुरू होगी सफारी

कवर्धा वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है. कबीरधाम जिले के भोरमदेव की सुरम्य पहाड़ियों और सघन जंगलों में एक बार फिर बाघों की दहाड़ गूंजने लगी है. वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ-बाघिन और उनके शावकों की बेखौफ विचरण करती तस्वीरें कैद हुई हैं. यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भोरमदेव अभ्यारण्य अब बाघों के लिए एक सुरक्षित और पसंदीदा ठिकाना बन चुका है. कान्हा नेशनल पार्क में बढ़ती संख्या का असर वन मंडल अधिकारी (DFO) निखिल अग्रवाल के मुताबिक, वर्तमान में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में चार से अधिक बाघ और बाघिन सक्रिय हैं. इनकी हलचल प्रभूझोल, चिल्फी, बेंदा, झलमला और भोरमदेव अभ्यारण्य के आंतरिक हिस्सों में दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण, बाघ अब शांत आवास की तलाश में भोरमदेव का रुख कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस बार बाघिनें शावकों के साथ यहाँ लंबे समय से डेरा डाले हुए हैं, जो यहाँ के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम बाघों की मौजूदगी ने वन विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है. प्रभूझोल से लेकर जामुनपानी मार्ग तक बाघों के पगमार्क (पैरों के निशान) मिले हैं. सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विभाग ने उनकी सटीक लोकेशन को गोपनीय रखा है, हालांकि निगरानी के लिए गश्त बढ़ा दी गई है. जंगल में बाघों का शावकों के साथ शिकार करना यह संकेत देता है कि यहां वन्यजीवों के लिए भोजन और प्राकृतिक चक्र पूरी तरह संतुलित है. पर्यटकों के लिए खुशखबरी: अप्रैल-मई से शुरू होगी सफारी बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग अब भोरमदेव में जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी में है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, अप्रैल या मई के महीने से इसे आम पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है. सफारी के संचालन का जिम्मा गुजरात की एक अनुभवी कंपनी को सौंपा गया है. पर्यटकों के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी. इस पहल से न केवल इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. भोरमदेव में बाघों की स्थायी वापसी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है. यह साबित करता है कि यदि संरक्षण के प्रयास ईमानदारी से किए जाएं, तो प्रकृति अपनी खोई हुई रौनक दोबारा हासिल कर लेती है.

परीक्षा तनाव से राहत: बोर्ड एग्जाम से पहले शुरू हुई छात्र हेल्पलाइन सेवा

रायपुर  बोर्ड परीक्षाओं के सुचारु आयोजन और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है। यह हेल्पलाइन हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी एवं हायर सेकेंडरी व्यावसायिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित की जा रही है। हेल्पलाइन सेंटर से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक फोन कर सहायता ली जा सकती है। हेल्पलाइन में प्रतिदिन मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक अभिप्रेरक तथा मण्डल के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो परीक्षा से जुड़े तनाव, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करेंगे। खास बात यह है कि यह सेवा रविवार के दिनों में भी कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेगी। माशिमं ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या तनाव की स्थिति में हेल्पलाइन का लाभ उठाएं, ताकि परीक्षाएं तनावमुक्त माहौल में संपन्न हो सकें।

Epstien Files विवाद: दीपक बैज ने PM मोदी का नाम आने का किया दावा, जवाब की मांग

रायपुर जेफ्री एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी 2017 की इजरायल यात्रा के दावों पर पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स मामले में केंद्र सरकार चुप क्यों हैं? सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए. हालांकि इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि इजरायल दौरे के अलावा कही गई बातें एक दोषी की बकवास और निरधार कल्पनाएं है. इसे पूरी तरह तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए. गरियाबंद हिंसा मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है. गरियाबंद के फिंगेश्वर में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर कहा कि सरकार कहां है, कौन इसका जिम्मेदार है. लॉ एंड ऑर्डर कहां है, सरकार ने आग में झोंक दिया है. समय पर रोक कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती. बैज ने लॉ एंड ऑर्डर खराब होने के चलते घटना घटी की बात कहते हुए न्यायिक जांच की मांग की है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार की तीन नाकामियों को लेकर पीसी कर रहे हैं. धान खरीदी को लेकर किसान परेशान हैं. उन्होंने बताया कि सरकार का घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था. पिछले साल से 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया. कई किसानों का पंजीयन हुआ, लेकिन टोकन नहीं दिया गया है. सरकार का रवैया किसानों के प्रति सही नहीं है. बैज ने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सरकार लगातार षड्यंत्र कर रही है. 29 जिलों में धान की खरीदी कम हुई है. दीपक बैज ने कहा कि कम धान खरीदी पर सरकार ने जश्न भी मनाया. सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों से माफी मांगे. धान खरीदी की तारीख की मांग को दोहराते हुए कहा कि किसानों के लिए कांग्रेस ने सड़को पर उतरकर प्रदर्शन किया, बचे हुए किसानों का टोकन काटने की मांग की. लेकिन गूंगी बहरी सरकार आंख बंद कर चुप रही. किसान परेशान और चिंतित है. बैज ने कहा कि यह हटधर्मिता और किसान विरोधी सरकार है. सरकार का इतना जिद्द ठीक नहीं है. सरकार को एक सर्कुलेशन जारी कर बचे हुए किसानों का धान खरीदना चाहिए. धान खरीदी में सरकार फेल है. पीसीसी चीफ दीपक बैज ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ को इस बार के बजट में भी ठगा गया. माइनिंग का विशेष कॉरिडोर बनाने का निर्णय हुआ. चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट है. बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है.

साय सरकार का मतांतरण विरोधी विधेयक कानूनी बाधाओं से जूझ रहा, बजट सत्र में पेश होने का आसार धुंधला

रायपुर  विष्णु देव साय सरकार के कड़े मतांतरण विरोधी कानून लाने के संकल्प पर फिलहाल कानूनी अड़चनों के बादल मंडरा रहे हैं। शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने की घोषणा के बाद अब 23 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में भी इसके पेश होने की उम्मीद कम नजर आ रही है। मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसने विधेयक की राह कठिन कर दी है। दरअसल, देश के विभिन्न राज्यों में लागू मतांतरण विरोधी कानूनों की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, झारखंड और राजस्थान को नोटिस जारी करके जवाब दाखिल करने कहा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी तक टाल दी है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार चूंकि मूल कानून की वैधता पर ही सवालिया निशान है, इसलिए राज्य सरकार नए संशोधन विधेयक को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। प्रस्तावित कानून: 10 साल की सजा का प्रविधान सूत्रों के अनुसार साय सरकार जिस नए विधेयक पर काम कर रही है, वह ''छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968'' का स्थान लेगा। इसमें सजा के कड़े प्रावधान शामिल हैं। प्रलोभन या जबरन मतांतरण पर 10 साल तक की कैद, मतांतरण से 60 दिन पहले जिला प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य होना, वर्तमान में मात्र 5,000 रुपये जुर्माने का प्रविधान है, जिसे कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। राज्य सरकार का कहाना है कि जबरन मतांतरण और प्रलोभन की परिभाषा को और अधिक व्यापक बनाया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा में बढ़े मामले एक अनुमान के मुताबिक राज्य में पिछले दो वर्षों में मतांतरण से जुड़ी 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। हिंदू संगठनों का आरोप है कि विशेषकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों (बस्तर और सरगुजा) में भोले-भाले ग्रामीणों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का कहना है कि मंत्रिमंडलीय उप-समिति इस पर काम कर रही है, लेकिन उन्होंने विधेयक पेश करने की निश्चित तिथि पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालिया घटनाएं: राज्य में तनाव की स्थिति     केस 01: राजनांदगांव में प्रार्थना सभा पर हंगामा एक फरवरी 2026 को राजनांदगांव के मोतीपुर में एक घर के भीतर चल रही ईसाई प्रार्थना सभा को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप था कि वहां मतांतरण कराया जा रहा है। पुलिस के दखल के बाद मामला शांत हुआ।     केस 02: सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार 29 जनवरी 2026 को सरगुजा पुलिस ने चंगाई सभा की आड़ में मतांतरण कराने के आरोप में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार किया। उनके निवास पर 50-60 लोग मौजूद थे, जहां कथित तौर पर मतांतरण की प्रक्रिया चल रही थी।     केस 03: कांकेर में प्रलोभन का आरोप पांच जनवरी 2026 को कांकेर में एक प्रार्थना सभा को लेकर ग्रामीणों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का दावा था कि आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों का मतांतरण कराया जा रहा है, जिससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था।  

Chhattisgarh Board Exam 2026 की शुरुआत 20 फरवरी से, शिक्षकों के हड़ताल पर ‘एस्मा’ लागू

 रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होंगी। परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर राज्य सरकार ने शिक्षकों और परीक्षा कार्य से जुड़े कर्मचारियों पर एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लागू कर दिया है। एस्मा के तहत 15 फरवरी से 30 अप्रैल तक शिक्षक और कर्मचारी किसी भी प्रकार का अवकाश नहीं ले सकेंगे। इस दौरान हड़ताल, धरना या किसी भी तरह के आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी शिक्षकों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। उपस्थिति दर्ज होने के बाद ही उनकी ई-पुस्तिका अपडेट की जाएगी। 2,514 परीक्षा केंद्र, कंट्रोल रूम से निगरानी प्रदेशभर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 2,514 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन की निगरानी के लिए मंडल स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस वर्ष लगभग सात लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। ड्यूटी से इन्कार पर होगी कार्रवाई गृह विभाग के निर्देशानुसार परीक्षा अवधि में न तो छुट्टियां स्वीकृत होंगी और न ही सामूहिक अवकाश लिया जा सकेगा। यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी से इन्कार करता है, तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने परीक्षा संचालन, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम से जुड़े कार्यों को अत्यावश्यक सेवा की श्रेणी में रखा है। क्या है एस्मा? निवारण अधिनियम, 1979 के तहत एस्मा लागू होने पर अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी कार्य से इन्कार नहीं कर सकते। अधिनियम की धारा 4 (1) के अनुसार कोई भी कर्मचारी पूर्ण या आंशिक हड़ताल, कार्य बहिष्कार या किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकता। नियमों का उल्लंघन दंडनीय अपराध है, जिसमें कानूनी कार्रवाई का प्रविधान है।  

भिलाई में सफाई कर्मचारी की बेटी से गैंगरेप, 7 साल तक कई बार मिटाई हवस, दो गिरफ्तार, 4 की तलाश जारी

भिलाई  छतीसगढ़ से भिलाई से सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक सफाई कर्मचारी के बेटी के साथ गैंगरेप जैसे जघन्य घटना को अंजाम दिया दिया गया। करीब 7 साल तक आरोपियों ने युवती को अपनी हवस का शिकार बनाया और रेप करते रहे। पुलिस ने इस संगीन मामले में विभाग के दो कर्मचारी, होटल मैनेजर, ठेकेदार और सांसद कार्यालय में अटैच रहे कर्मचारी के साथ ही  6  आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है नियमित करने का झांसा देकर करके रहे दुष्कर्म दरअसल सरकारी कार्यालय में सफाई का काम करने वाली लड़की के साथ ये खेल खेला गया। लड़की को नियमित नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ सालों तक हद पार की गई। सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभाग के ही दो कर्मचारियों, के साथ  होटल मैनेजर, ठेकेदार और सांसद कार्यालय में अटैच रहे कर्मचारी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। आपको बता दें कि यह मामला अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के बीच का है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के साथ जब ये शुरु हुआ तो वो नाबालिग थी और फिर कई साल तक ये चलता रहा । आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 65(1), 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 12 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जबकि बाकी चारों की तलाश अभी भी जारी है। लड़की का वीडियो बनाने का भी है आरोप पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि आरोपियों ने उसके अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए थे। इनको वायरल करने की धमकी दी जाती थी जिससे वो चुप रही। जानकारी के मुताबिक लड़की को आश्वासन दिया जाता रहा कि उसकी स्थायी नौकरी लगवाई जाएगी लेकिन इस दौरान शोषण होता रहा । जब स्थाई  नौकरी नहीं लगी तो उसने पूरी घटना अपनी मां को बताई। लिहाजा छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो को गिरफ्तार कर लिया गया है, और बाकियों की तलाश जारी है।

रायपुर में धान खरीदी घोटाला, 104 बोरी को 850 बताकर समिति प्रभारी ने सरकार को 7 लाख का नुकसान पहुंचाया, FIR दर्ज

रायपुर जिला रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हारी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। समिति प्रभारी पर 850 बोरी धान की फर्जी एंट्री कर करीब सात लाख छह हजार 909 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में उरला थाने में आरोपित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुम्हारी (पंजीयन क्रमांक 1383) में जनवरी 2025 से पदस्थ प्राधिकृत अधिकारी जागेश्वर प्रसाद वर्मा ने उरला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि समिति में ग्राम कुम्हारी, चिखली, पठारीडीह और कन्हेरा के किसानों से धान खरीदी की जाती है। धान खरीदी के दौरान बोरी की गिनती, पावती बनाना और रजिस्टर में एंट्री करने की जिम्मेदारी समिति प्रभारी कृष्णा साहू की थी, जबकि कंप्यूटर आपरेटर आनलाइन एंट्री कर किसानों के खातों में भुगतान करता है। नोडल अधिकारी की सूचना से खुलासा 20 जनवरी 2026 को कंप्यूटर आपरेटर और शासन से नियुक्त नोडल अधिकारी श्रृंखला शर्मा (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) ने लिखित सूचना दी कि समिति में 746 बोरी धान की हेराफेरी की गई है। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धरसींवा के प्रबंधक एवं विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में समिति के दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान धान खरीदी पंजी, कैश बुक, हमाली पंजी, टोकन पर्ची और तौल पत्रक का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। 104 की जगह 850 बोरी की एंट्री जांच में पाया गया कि किसान आलोक शर्मा केवल 104 बोरी धान (28 बोरी मोटा धान और 76 बोरी सरना धान) बिक्री के लिए लाया था, लेकिन समिति प्रभारी ने तौल पत्रक और रिकार्ड में 850 बोरी धान की एंट्री कर दी। इस फर्जी एंट्री के आधार पर किसान के खाते में 7,06,909.60 रुपये का भुगतान आनलाइन ट्रांसफर कर दिया गया। इससे समिति को 850 बोरी धान और सात लाख से अधिक की आर्थिक क्षति हुई। किसान और कर्मचारियों के बयान किसान आलोक शर्मा ने लिखित बयान में कहा कि उसने केवल 104 बोरी धान ही बेचा था और यदि खाते में अतिरिक्त राशि आई है तो वह राशि लौटाने को तैयार है। समिति में कार्यरत कर्मचारियों और हमालों के बयान भी हेराफेरी की पुष्टि करते हैं। समिति प्रभारी ने स्वीकार की गलती पूछताछ के दौरान आरोपित समिति प्रभारी कृष्णा साहू ने बयान में स्वीकार किया कि उससे 104 की जगह 850 बोरी की पावती दर्ज हो गई। इन धाराओं में मामला दर्ज उरला थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318 (4), 337, 338, 339 और 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक रामनाथ चंद्रवंशी को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, धान खरीदी प्रक्रिया में शामिल अन्य कर्मचारियों और बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

सोते-सोते हिल उठा मकान! फर्श चीरकर निकला पानी का फव्वारा, इलाके में हड़कंप

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। यहां एक घर में अचानक जमीन फटी और चारों तरफ पानी ही पानी फैल गया। पानी की धारा इतनी तेज फूटी की वहां खड़ा शख्स डर गया और मौके से भाग गया। यह घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्या है वायरल वीडियो में वायरल वीडियो एक घर के अंदर का है घर के हॉल में एक शख्स जा रहा था होता है। इस दौरान अचानक पानी आने लगता है और थोड़ी ही देर में घर की फर्श फाड़कर जमीन की तेज धार निकल आती है। जमीन से निकली तेज धार से शख्स खौफ में आ जाता है और घर के अंदर भाग जाता है। क्या थी वजह बताया जा रहा है कि घर के बगल में ही एक प्लांट में बोरिंग का काम चल रहा था। बोरिंग के चलते तेज प्रेशर बना और इसका असर बगल के घर में भी देखने को मिला। घर में फर्श फट गई और तेज पानी की धार से पूरा घर पानी-पानी हो गया।