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महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नारायणपुर से जारी करेंगे 24वीं किस्त

प्रदेश की 68.47 लाख महिलाओं के खातों में 641.34 करोड़ रुपए का होगा अंतरण रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 जनवरी को नारायणपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 68 लाख 39 हजार 592 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल 641 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। योजना के शुभारंभ से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 14 हजार 954.42 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। यह व्यवस्था वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 24वीं किस्त के रूप में 641.34 करोड़ रुपए की राशि जारी किए जाने के पश्चात महतारी वंदन योजना के अंतर्गत कुल वितरित राशि बढ़कर 15 हजार 595.77 करोड़ रुपए हो जाएगी। यह राज्य सरकार की महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा यह प्रमाणित करती है कि योजना से प्रदेश की लाखों महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही हैं।  

बिजली व्यवस्था की परख: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।    साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और  सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।  बैठक में मुख्य सचिव   विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

रायपुर. राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के भव्य आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री   राजेश अग्रवाल ने नए मेला मैदान पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को अंतिम निर्देश दिए। उन्होंने 30 जनवरी तक हर हाल में तैयारियां पूर्ण करने का आदेश दिया, ताकि 1 से 15 फरवरी तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो। कलेक्टर   बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक   वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री   अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और 30 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। राज्यपाल   रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया, जिसमें रात्रिकालीन बस परिचालन व त्वरित चिकित्सा सुविधा शामिल है। मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई के आदेश राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस व परिवहन विभाग को सतत गश्त, यातायात प्रबंधन व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर फ्लैक्स-रेट सूची अनिवार्य करने के आदेश दिए। शाही स्नान व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फोकस शाही स्नान के लिए नदी तट पर बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण व मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल आबंटन व दाल-भात केंद्र संचालन, पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनाती व क्रेन-फायर ब्रिगेड तत्पर रखने को कहा। मेला स्थल पर स्वच्छता, कचरा निस्तारण, धर्मशालाएं व दूरसंचार टावर क्षमता बढ़ाने पर बल दिया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ प्रदेश की आस्था, परंपरा व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पिछली कमियों को सुधारने व लापरवाही न बरतने पर जोर देते हुए सभी को तत्परता बरतने का आह्वान किया। उन्होनें आगे कहा कि यह आयोजन व्यवस्थित व ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री शर्मा और मंत्री नेताम ने दी शुभकामनाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों की सहभागिता रही। एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजेता छात्रों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। राष्ट्रीय विजेता दल से आज उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री   विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात कर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है। विद्यार्थियों ने ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, ग्रामीण समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान प्रस्तुत कर अपनी उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया है। उपमुख्यमंत्री   शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्रों द्वारा मॉक ग्राम सभा सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण विकास, निर्णय-प्रक्रिया तथा स्थानीय समस्याओं पर व्यावहारिक चर्चा की गई। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने इन विषयों पर गहन समझ और प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। विजेता दल को प्रशस्ति पत्र के साथ संस्थान के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। आदिम जाति विकास मंत्री   रामविचार नेताम ने भी इस उपलब्धि को जनजातीय अंचलों में शिक्षा के सशक्तिकरण का सकारात्मक परिणाम बताया। वहीं आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव   सोनमणि बोरा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सु  निहारिका बारिक तथा संचालक पंचायत विभाग सु  प्रियंका महोबिया ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव एवं सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।

एआई का उपयोग समस्या के समाधान के लिए करें विद्यार्थी: प्रभात मलिक

रायपुर. भारत बनेगा एआई में अग्रणी राष्ट्र: प्रो. ओ.पी. व्यास विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल इंडिया की प्रमुख पहलों से अवगत कराने के लिए आज यहाँ नवा रायपुर स्थित ट्रिपल आई.टी. के सभागार में एक दिवसीय डिजिटल इंडिया जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न हुई। यह कार्यशाला नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय भारत एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई। कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास, डायरेक्टर ट्रिपल आईटी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान युग में अत्यंत तीव्र गति से परिवर्तित टेक्नॉलॉजी के इस दौर में विद्यार्थियों को बदलती तकनीक से अवगत करना हमारे लिए चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि एआई सिर्फ चौट-बॉट तक सीमित नहीं रहेगा भविष्य में एआई एजेंट विकसित हो रहा है जो कि स्वतः निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान प्रदान करेगा। प्रोफेसर व्यास ने बताया कि वर्तमान में एआई का ज्यादातर उपयोग विकसित राष्ट्रों में किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत भारत एआई में अग्रणी राष्ट्र अवश्य बनेगा।  कार्यशाला को संबोधित करते हुए चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी   प्रभात मलिक ने कहा कि एआई का उपयोग अपने अध्ययन तक सीमित न करते हुए स्टार्टअप, इनोवेशन के लिए किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को अपने इनोवेशन स्किल से समस्या के समाधान नवीन उपाय मिले और नए तरीके से सोचने की क्षमता में वृद्धि हो। यह क्षमता अध्ययन उपरांत संबंधित इंडस्ट्रीज़ में सही फील्ड के चयन और प्रोफेशनल कैरियर के विकास में सहायता प्रदान करेगी।   प्रभात मलिक ने विद्यार्थियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि चिप्स में इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।  आईआईएसईआर डाटा साइंस सेंटर, मोहाली के सलाहकार   अतुल त्रिपाठी ने युवा इंजीनियर्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा देश को तकनीकी रुप से सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए नवीन सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि देश के डिफेंस सिस्टम मज़बूत बनाने के लिए नवीन प्रौद्योगिक के उपयोग द्वारा नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाएं।    उल्लेखनीय है कि यह कार्यशाला तीन सत्रों में आयोजित की गई। मुख्य अतिथि प्रोफेसर ओम प्रकाश व्यास और चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी   प्रभात मलिक के साथ-साथ ट्रिपल आईटी अकादमिक शाखा के डीन प्रोफेसर  निवास के. जी., चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी   मयंक अग्रवाल, एआई साइंटिस्ट   हर्षित कुमार, आईआईटी के डॉ. सौम्यजीत प्रमाणिक, चिप्स के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी   अनुपम आशीष टोप्पो और एन. ई. जी. डी. भारत सरकार के प्रतिनिधि डॉ. आशीष जायसवाल भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न तकनीकी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

शहर विकास की मजबूत नींव: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और महापौर संजूदेवी राजपूत ने किया भूमिपूजन

रायपुर.  02 करोड़ से वार्ड क्र. 56 में बनेगा नाला, 38 लाख रू. से सरदार पटेल चौक का होगा सौंदर्यीकरण नगर निगम  कोरबा के वार्ड क्र. 56 लाटा में 02 करोड रूपये से नाला का निर्माण किया जाएगा, तो वहीं दूसरी ओर 38 लाख रूपये की लागत से सरदार वल्लभभाई पटेल चौक में सौंदर्यीकरण का कार्य होगा। आज प्रदेश के  उद्योग,, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री   लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके द्वारा किया गया।       नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा दर्री जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 56 में पी.एम.ए.वाई. साईट से लाटा तालाब तक 02 करोड रूपये की लागत से आर.सी.सी. नाला का निर्माण तथा वार्ड क्र. 58 में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल चैक में सौदर्यीकरण का कार्य 38 लाख रूपये की लागत से कराया जाना हैं। आज पृथक-पृथक आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रमों में उक्त दोनों महत्वपूर्ण विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं शिलान्यास उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन व महापौर  संजूदेवी राजपूत के द्वारा किया गया। इस मौके पर सभापति   नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड पार्षदगण व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।  प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक निर्णयों से बढ़ा देश का सम्मान  इस अवसर पर उद्योग मंत्री    देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी देश के हित में लिए गए अपने ऐतिहासिक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं, उनके निर्णयों से विश्वस्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है तथा विश्व मंे भारत की प्रतिष्ठा व विश्वसनीयता में वृद्धि हुई है, उनके मार्गदर्शन में एक ओर जहाॅं देश के चहुमंुखी विकास को तेज गति मिली है, वहीं दूसरी ओर उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ो परिवार लाभांवित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री   देवंागन ने आगे कहा कि अपने सहज, सरल स्वभाव की छबि रखने वाले प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय की अगुवाई मंे छत्तीसगढ़ राज्य विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है, उन्होने कहा कि 15 वर्षो तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे डाॅ.रमन सिंह के द्वारा प्रारंभ कराई गई विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया था, अब इन योजनाओं को मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय के द्वारा पुनः प्रारंभ कराया गया है, साथ ही जनहित की नई योजनाएं क्रियान्वित कराई गई हैं, जिनसे प्रदेश के लाखों परिवार लाभांवित हो रहे हैं। उद्योग मंत्री   देवांगन ने कहा कि जहाॅं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो यहाॅं पर निगम के सभी 67 वार्डो मंे बिना किसी भेदभाव के लगातार विकास कार्य जारी हैं, विगत 02 वर्षो के दौरान यहाॅं 800 करोड़ रूपये के विकास कार्यो को स्वीकृत दी जा चुकी है, जिसमें अनेक कार्य प्रगतिरत या पूर्णता की ओर है तथा बडे़ पैमाने पर विकास कार्य प्रारंभ भी कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री   देवंागन ने वार्ड क्र. 56 में सार्वजनिक मंच निर्माण की घोषणा एवं सी.सी. रोड निर्माण की घोषणा भी की।  कोरबा की विकास यात्रा ने पकड़ ली है रफ्तार  इस अवसर पर महापौर  संजूदेवी राजपूत ने अपने  उद्बोधन  मे कहा कि विगत कुछ वर्षेा से रूकी हुई कोरबा की विकास यात्रा अब रफ्तार पकड़ चुकी है, वार्ड व बस्तियों में निरंतर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, क्षेत्र की जनता जनार्दन की विकास संबंधी जो भी मांग या आवश्यकता सामने लाई जाती है, उस पर त्वरित कार्यवाही हो रही है, जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है, और मुझे खुशी है कि कोरबा की इस विकास यात्रा में प्रदेश के मुख्यमंत्री   विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री   अरूण साव व उद्योग मंत्री तथा कोरबा के लोकप्रिय विधायक   लखनलाल देवांगन का पूरा-पूरा आशीर्वाद व मार्गदर्शन हम सबको प्राप्त हो रहा है।  जनता की उम्मीदों पर खरे उतर रहे उद्योग मंत्री व महापौर   इस अवसर पर सभापति   नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह हम सबके लिए गौरव का विषय है कि कोरबा की जनता ने जिस विश्वास व उम्मीद से उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन व महापौर   संजूदेवी राजपूत को अपना आशीर्वाद प्रदान किया था, उन पर अपना विश्वास दिखाया था, आज उद्योग मंत्री   देवांगन व महापौर   राजपूत जनता जनार्दन की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतर रहे हैं। उन्होने कहा कि मैं कामना करता हूॅं कि उद्योग मंत्री   देवांगन व महापौर    राजपूत को कोरबा की जनता का लगातार आशीर्वाद व स्नेह प्राप्त होता रहे।      भूमिपूजन कार्यक्रमों के दौरान पार्षद  नरेन्द्र देवंगन के साथ ही वार्ड पार्षद विनम्र तिवारी,   सुखविन्दर कौर, एम.आई.सी.सदस्य फिरतराम साहू, पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, किशन केंवट, जनक राजपूत, मण्डल  अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व पार्षद राधेलाल यादव, बुधवारसाय यादव, कविता राजपूत, संजय कुर्मवंशी, रतन सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर साहू, पूर्व एल्डरमेन तुलसी ठाकुर, नारायण सिंह ठाकुर, लक्ष्य चतुर्वेदी, नरेन्द्र पाटनवार, अनिल यादव, राज जायसवाल, किशोर साहू, विजय मिर्री, भूपेन्द्र साहू, विजय अग्रवाल, प्रमोद शुक्ला, नीलम दुग्गल, नीलम शुक्ला, उषा ठाकुर, गजाधर यादव, राकेश राय, टेकलाल वर्मा, करीम शेख, ओम यादव, उमेश साहू, पूर्णिमा महंत, बंधन महंत, विनय कुमारी तिवारी, रमेश जादूगर, सुबोध सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नंदनवन जंगल सफारी का किया निरीक्षण

रायपुर. छात्रों से साझा किए विद्यार्थी जीवन के अनुभव पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री   राजेश अग्रवाल ने नया रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी का दौरा कर पर्यटन सुविधाओं और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी भ्रमण में आए छात्रों से संवाद कर प्रेरणादायी अनुभव साझा किए। मंत्री   अग्रवाल ने नंदनवन जंगल सफारी के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर पर्यटन संभावनाओं का मूल्यांकन किया। यह स्थल न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को बेहतर प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं के निर्देश दिए। छात्रों के साथ आत्मीय संवाद इस अवसर पर जंगल सफारी भ्रमण पर आए पीएम   राजा सर्वेश्वरदास शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, राजनांदगांव और गुरुकुल विद्यालय, भाटापारा के छात्रों से संवाद किया। मंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन के रोचक किस्से सुनाए और सभी को मेहनत, अनुशासन व उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। मंत्री   अग्रवाल ने कहा कि नंदनवन जंगल सफारी राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा, जो राज्य में पर्यावरण जागरूकता और शैक्षिक यात्राओं को बढ़ावा देगा।

बस्तर के दुर्गम इलाकों में सालों से अधूरी 41 महत्वपूर्ण सड़कें अब हुई पूर्ण

रायपुर. ग्राम सचिवालय को पुनः प्रांरभ कर पंचायतों को किया जाएगा सशक्त उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा है कि ग्रामीण अंचल की समस्याओं की तेजी से निराकरण के लिए पुनः ग्रामीण सचिवालय प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में सबसे तेज गति से पीएम आवास बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। यहां प्रतिदिन सर्वाधिक पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण अंचलों में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रथम केबिनेट में ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए गए थे। इन आवासों को तेजी से पूर्ण कराया जा रहा है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने आज संवाद भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताई। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मोर आवास मोर अधिकार को लेकर पहले हमने संघर्ष किया था, अब परिणाम का समय है। चुनाव के बाद शासन ने 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी, जिसमें वर्षों से अधूरे, प्रतिक्षा सूची में शेष, आवास प्लस में शामिल एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के आवासों को स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि न सिर्फ आवासहीनों बल्कि 3 हजार से अधिक आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को आवास प्रदान किये गये हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 33 हजार से अधिक लोगों को पीएम जनमन तथा नियद नेल्ला नार के तहत नक्सल प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों में 9 हजार से अधिक लोगों के आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें 2 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। राज्य में आवास निर्माण को गति देने में स्वसहायता समूह की दीदीयों ने भी अहम भूमिका  निभाई है, आवास निर्माण के लिए गांव-गांव तक बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई के लिए कहीं डीलर दीदी बनीं तो कहीं सेंट्रिंग प्लेट निर्माण कर गांव में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। आवास हितग्राहियों को सेंटरिंग प्लेट एवं अन्य निर्माण सामाग्री की आपूर्ति के लिए 8000 से अधिक डीलर दीदी एवं घर बनाने के लिए आरसेटी द्वारा एवं प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से 5000 से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया गया है।  उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के समय गांव-गांव मंे वित्तीय लेनदेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का वादा किया था, आज प्रदेश में दो चरणों में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से लगभग 919 करोड़ रूपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन किया जा चुका है। अब लोगों को अपना पैसा निकालने और बैंकिंग कार्यों के लिए गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है।  इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थ पंचायत पोर्टल के द्वारा पंचायत करों का संग्रहण ऑनलाईन के माध्यम से भी प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सांकरा देश का पहला ग्राम पंचायत है जहां पर टैक्स का संग्रहण यूपीआई द्वारा किया गया। इस संबंध में विगत दिनों केन्द्रीय पंचायत मंत्रालय के सचिव के द्वारा भी इसकी सराहना करते हुए महराष्ट्र की पंचायतों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही थी। अब बम्बई भी रायपुर से सीखेगा किस प्रकार प्रदेश के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति को अपनाया जा रहा है।       प्रदेश में परिसंपत्तियों का भी ऑनलाईन अभिलेखीकरण ग्राम सम्पदा मोबाईल एप द्वारा किया जा रहा है ताकि गांव में निर्मित अधोसंरचना की जानकारी ऑनलाईन प्राप्त हो एवं ग्राम विकास के लिए बेहतर योजना बनाई जा सके। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में नवीन आरक्षण प्रावधान को लागू कर त्रिस्तरीय पंचायतों का चुनाव समय पर कराने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा है, जबकि महाराष्ट्र एवं तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों में अब तक यह संभव नहीं हो पाया है।      राज्य में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए राज्य में 368 महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है जिसमें से 137 महतारी सदन पूर्ण हो चुके है। सरकार ने घोषणा पत्र में किये गये वादे को पूरा करते हुए पंचायत सचिवों की नवीन वेतनमान के अंतर की एरियर्स राशि लगभग 49.30 करोड़ रूपए प्रदान किया है। पीएम जनमन सडकों के निर्माण में स्वच्छताग्रही दीदियों से प्राप्त वेस्ट प्लास्टिक का प्रयोग कर महासमुंद जिले में अमेटी से कमारडेरा, डूमरपाली से कमारडेरा, मामा भांचा से कमारडेरा, जोरातराई से कमारडेरा सड़के बनाई गई है। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों 41 ऐसी सड़कें थी, जो कई वर्षों से नहीं बन पायी थी आज उनका निर्माण पूर्ण हो गया है। आठ साल से लंबित सुकमा जिले की ताड़मेटला के तुमड़ीपारा सड़क, दंतेवाड़ा की 20 सालों से अधूरी कटेकल्याण कापानार रोड़ से नडेनार को पूर्ण किया  गया है।    उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार विशेष पिछड़ी जनजाति की बसाहटों को जोड़ने के लिए पीएम जनमन द्वारा 807 सड़कें बनाई जा रहीे है। जशपुर के मनोरा विकासखंड स्थित दुर्गम पहाड़ी में बसे बंधकोना बी के पहाड़ी कोरवा एवं कवर्धा के शंभुपीपर में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बसाहटों तक सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय के चौथें चरण में लगभग 2500 कि.मी. से अधिक लंबाई की सड़कें राज्य में बनाई जाएगी। इन सड़कों के निर्माण की मॉनिटरिंग इसरो एवं जियो इमेजिंग के माध्यम से कराने हेतु योजना का निर्माण किया गया है जिससे मुख्यालय से ही राज्य में कहीं भी बन रही सड़कों की मॉनिटरिंग किसी भी समय की जा सकेगी।  उन्होंने बताया कि राज्य की स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राज्य के महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ‘ का संचालन प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा हैै। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों का मानकीकरण कर उनकी मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए ‘छत्तीसकला‘ ब्रांड बनाया गया है। बस्तर की महिलाएं गांव में होने वाले वनोपजों का प्रसंस्करण एवं मार्केटिंग का कार्य भी स्वयं कर रही है। आने वाले समय में दिल्ली, मुम्बई जैसे बड़े शहरों में भी ये महिलाएं अपने उत्पाद बेचती नजर आएंगी।  स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अतंर्गत राज्य में 1.86 लाख परिवारों के लिए शौचालय निर्माण पूर्ण … Read more

शिक्षा और कला का उत्सव: इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का भव्य दीक्षांत समारोह

रायपुर. राज्यपाल  रमेन डेका के हाथों 5 को डी.लिट्, 64 को शोध उपाधि तथा 236 विद्यार्थियों को मिला पदक राज्यपाल  रमेन डेका आज इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के 17 वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल  डेका ने विभिन्न संकायों के सफल विद्यार्थियों को उपाधियाँ एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि कला, संगीत और संस्कृति समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कला का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा, धरसींवा विधायक डॉ. अनुज शर्मा उपस्थित रहे। समारोह में  5 शोधार्थियों को डी.लिट् की उपाधि प्रदान की गई। 64 शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान की गई। 236 विद्यार्थियों को पदक वितरण किया गया जिसमें 232 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं 4 विद्यार्थियों को रजत पदक दिया गया। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते राज्यपाल ने कहा कि खैरागढ़ का यह संगीत विश्वविद्यालय राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय के नाम से जाना जायेगा। इसके लिये उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कहा।  डेका ने कहा कि भारतीय संस्कृति की बहुमूल्य धरोहर ललित कलाओं के विकास में इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का अविस्मरणीय योगदान है। लघु भारत का स्वरूप इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय दानवीर राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह एवं रानी पद्मावती देवी के दान का प्रतिफल है। अपनी राजकुमारी इन्दिरा की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए अपने महल को दान देकर उन पुण्यात्माओं ने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। कला राष्ट्र के जीवन का एक मुख्य अंग है। संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, स्थापत्य और साहित्य का सम्बन्ध प्रत्यक्ष रूप से जीवन और समाज से रहा है। आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य यंत्रवत और संवेदनहीनता की ओर बढ़ रहा है, इसे हमें रोकना है। ललित कलाओं के माध्यम से हम मानव जीवन में सरसता ला सकते हैं। कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के सत्रहवें दीक्षान्त समारोह में पदक प्राप्तकर्ताओं एवं उपाधि धारकों को उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना करते हुये उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि किसी भी देश अथवा समाज को सभ्य और सुसंस्कृत बनाने के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुये  कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने कहा कि  दीक्षांत समारोह केवल प्रमाण-पत्र बांटने की रस्म नहीं है, यह अपनी उपलब्धियों के सिंहावलोकन और भविष्य के संकल्प का दिन है। मुझे गर्व है कि हमारे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।  कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने राजकुमारी शारदा देवी सिंह बावली नामपट्टिका का अनावरण किया। विश्वविद्यालय प्रांगण में स्थित यह बावली प्राचीन धरोहर है, जिसका संरक्षण किया जा रहा है। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचार एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा: ई-ऑफिस में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को मुख्य सचिव विकासशील का सम्मान

रायपुर. मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने मंत्रालय सहित राज्य शासन के सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अनिवार्य रूप से निर्धारित समय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए है।उन्होंने ऐसा नहीं करने वालों को सचेत करते हुए कार्यालय में निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने कहा है।    मुख्य सचिव ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नही करना स्वीकार नही होगा। मुख्य सचिव ने राज्य शासन के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस से ही फाईल संचालन  करने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएग। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य शासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में ऑनबोर्ड हो जायें। मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी वर्ष से अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश आवेदन ई-ऑफिस प्रणाली से ही स्वीकार किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि अचल सम्पत्ति का विवरण और एसीआर भी प्रतिवर्ष ई-ऑफिस से ही दर्ज किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य करें और पूरे देश में छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के रूप में दर्ज करायें। मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों को विभागवार ई-ऑफिस का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनके कार्यों की स्थिति की जानकारी एसएमएस द्वारा दी जायें।      मुख्य सचिव ने सभी से ई-ऑफिस में दक्षता से कार्य करने की अपेक्षा की है। उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए कि अधिकारी-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का प्रशिक्षण देने कहा है। मंत्रालय में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है उनमें ई-ऑफिस से फाईल वर्क करने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव मती जयश्री जैन, आदिवासी विकास विभाग के संयुक्त सचिव  भूपेन्द्र कुमार राजपुत और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव  प्रणय मिश्रा को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है। उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव  दुरदेशी राम संतापर, सीएम सचिवालय के उप सचिव  तीरथ प्रसाद लाड़िया और सामान्य प्रशासन विभाग-1 के उप सचिव  किशोर कुमार भूआर्य को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। अवर सचिव श्रेणी में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव स्वर्गीय रणबहादुर ग्वाली, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव  अरूण कुमार मिश्रा और गृह विभाग के अवर सचिव  पूरनलाल साहू को ई फाईल के लिए प्रशंसा पत्र दिया गया। अनुभाग अधिकारियों में गृह विभाग के अनुभाग अधिकारी  पी.नागराजन, सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी  नंदकुमार मेश्राम और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुभाग अधिकारी  भोलेनाथ सारथी को प्रशंसा पत्र दिया गया। इसी तरह से ई-फाईल में अच्छा कार्य करने के लिए खनिज संसाधन विभाग के कनिष्ठ सहायक  प्रदीप कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग-3 के कनिष्ठ सहायक  दीनानाथ साहू और सामान्य प्रशासन विभाग-7 के कनिष्ठ सहायक  प्रदीप कुमार राय को प्रशंसा पत्र देकर ई-ऑफिस में ई-फाईल कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।    मंत्रालय में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में मुख्य सचिव ने समय पर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया है। इसमें प्रथम 10 में प्रथम स्थान करने वालों में अवर सचिव  राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त सचिव  भूपेन्द्र कुमार राजपूत, स्टेनोग्राफर  नवीन नाग, सहायक अनुभाग अधिकारी  योगेन्द्र कुर्रे, अतिरिक्त सचिव  चंद्रकुमार कश्यप, संयुक्त सचिव  अनुपम त्रिवेद्वी, अवर सचिव  मनोज कुमार जायसवाल, सहायक अनुभाग अधिकारी  पवन कुमार साहू, स्टेनोटायपिस्ट भावना यादव और अतिरिक्त सचिव  भूपेन्द्र कुमार वासनिकर को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है।